गुरु का वृश्चिक में गोचर

वृश्चिक में गुरु के गोचर का मकर राशि पर सम्भावित प्रभाव

आप सभी जानते हैं कि 11 अक्टूबर को देवगुरु बृहस्पति अपने शत्रु ग्रह शुक्र की राशि तुला से निकल कर मित्र ग्रह मंगल की वृश्चिक राशि में प्रस्थान कर चुके हैं | जानने का प्रयास करते हैं कि मकर राशि के जातकों पर गुरु के वृश्चिक राशि में गोचर के क्या सम्भावित प्रभाव हो सकते हैं…

आपकी राशि के लिए द्वादशेश और तृतीयेश होकर गुरु का गोचर आपके लाभ स्थान में हो रहा है जहाँ से उनकी दृष्टियाँ आपके तीसरे भाव, पंचम भाव और सप्तम भाव पर आ रही हैं | कार्य की दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | किसी नौकरी में हैं तो पदोन्नति के साथ ही किसी मनचाहे स्थान पर ट्रांसफर होने की भी सम्भावना है | यह स्थानान्तरण आपके लिए भाग्यवर्द्धक सिद्ध हो सकता है | भाई बहनों के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | साथ ही आपको अपने भाई बहनों का तथा अधिकारी वर्ग का सहयोग भी प्राप्त होता रहने की सम्भावना है | आपका अपना व्यवसाय है तो उसमें भी उन्नति की सम्भावना की जा सकती है | नौकरी की तलाश में हैं तो आपको अपने परिश्रम का लाभ प्राप्त होने की सम्भावना है और कोई मनोनुकूल नौकरी आपको प्राप्त हो सकती है | विदेश से यदि आपका कार्य सम्बद्ध है तो उसमें भी लाभ की सम्भावना है | आय के नवीन स्रोत आपके समक्ष उपस्थित हो सकते हैं और आर्थिक स्थिति पहले से अधिक सुदृढ़ हो सकती है | किन्तु साथ ही खर्चों में भी वृद्धि की सम्भावना है | आप मित्रों के साथ सैर सपाटे और मनोरंजन में अधिक पैसा खर्च कर सकते हैं |

आपकी सन्तान के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है और उसकी ओर से कोई शुभ समाचार आपको प्राप्त हो सकता है | साथ ही यदि सन्तान प्राप्ति का प्रयास कर रहे हैं तो उसमें भी सफलता इस अवधि में प्राप्त हो सकती है | विद्यार्थियों के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | यदि उच्च शिक्षा के लिए कहीं एडमीशन के प्रयास में हैं उसमें भी सफलता प्राप्त होने की सम्भावना है |

अविवाहित हैं और कहीं प्रेम सम्बन्ध चल रहा है तो इस अवधि में वह सम्बन्ध भी विवाह बन्धन में परिणत हो सकता है | प्रेम सम्बन्धों और विवाह आदि के लिए गोचर भाग्यवर्धक प्रतीत होता है | विवाहित हैं तो दाम्पत्य जीवन में माधुर्य तथा अन्तरंगता बनी रहने की भी सम्भावना है |

स्वास्थ्य की दृष्टि से भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | किन्तु स्वास्थ्य को अच्छा बनाए रखने के लिए नियमित डॉक्टर से चेकअप तथा सन्तुलित आहार और व्यायाम आदि की आवश्यकता भी होती है इतना अवश्य स्मरण रखिये |

अन्त में, उपरोक्त परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है | साथ ही, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं | सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2018/10/17/jupiter-transit-in-scorpio-for-capricorn/

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