बुध का वृश्चिक में गोचर

कल यानी 26 अक्टूबर को आश्विन कृष्ण तृतीया, वणिज करण, व्यातिपत योग और विशाखा नक्षत्र में 20:44 के लगभग बुध का प्रवेश वृश्चिक राशि में हो जाएगा | जहाँ पहली जनवरी को 09:50 तक भ्रमण करने के पश्चात गुरु की धनु राशि में प्रविष्ट हो जाएगा | यहाँ भ्रमण करते हुए 29 अक्टूबर को अनुराधा, 10 नवम्बर को ज्येष्ठा, 17 नबम्बर से वक्री होते हुए 22 नबम्बर को पुनः अनुराधा, 5 दिसम्बर को पुनः विशाखा, 7 दिसम्बर से पुनः मार्गी होते हुए 8 दिसम्बर को अनुराधा और अन्त में 22 दिसम्बर को ज्येष्ठा नक्षत्र पर चला जाएगा | इनमें ज्येष्ठा नक्षत्र का स्वामी भी बुध स्वयं ही है | इस मध्य 22 नवम्बर से 3 दिसम्बर तक बुध अस्त भी रहेगा | इन समस्त तथ्यों के आधार पर आइये जानने का प्रयास करते हैं कि बुध के वृश्चिक राशि में गोचर के विभिन्न राशियों पर क्या सम्भावित प्रभाव हो सकते हैं…

मेष : आपका तृतीयेश और षष्ठेश आपके अष्टम भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए एक और उत्साह में वृद्धि के योग हैं, आपकी निर्णायक और प्रतियोगी क्षमताओं में वृद्द्द्धि के योग प्रतीत होते हैं, वहीं पारिवारिक स्तर पर कुछ समस्याओं अथवा विवादों का सामना भी इस अवधि में करना पड़ सकता है – विशेष रूप से छोटे भाई बहनों के साथ | जिसका विपरीत प्रभाव आपके स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है | प्रयास करें बात कोर्ट तक न पहुँचने पाए | स्वास्थ्य का ध्यान रखने की विशेष रूप से आवश्यकता है |

वृषभ : आपका द्वितीयेश और पंचमेश आपकी राशि से सप्तम भाव में गोचर कर रहा है | इस अवधि में आपकी वाणी प्रभावशाली बनी रहेगी और आपकी निर्णायक क्षमता स्पष्ट बनी रहेगी | आर्थिक दृष्टि से तथा कार्य की दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आप अपने लक्ष्य के प्रति दृढ संकल्प रहेंगे | आपकी सन्तान के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | किसी ऐसे स्रोत से धनलाभ की संभावना है जिसके विषय में आपने कल्पना भी नहीं की होगी |

मिथुन : आपका लग्नेश तथा चतुर्थेश आपकी राशि से छठे भाव में गोचर कर रहा है | एक और आपको अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है तो वहीं दूसरी और पारिवारिक स्तर पर किसी प्रकार के विवाद से भी इनकार नहीं किया जा सकता | किन्तु एक योगकारक दूसरे योगकारक के साथ गोचर कर रहा है इसलिए आप अपने बुद्धिबल से किसी भी विवाद को सुलझाने में समर्थ भी हो सकते हैं | स्वास्थ्य का जहाँ तक प्रश्न है तो सरदर्द, जोड़ों तथा माँसपेशियों में दर्द की समस्या हो सकती है | डॉक्टर के बताए विटामिन्स आदि समय पर लेते रहेंगे और व्यायाम को अपनी दिनचर्या का अंग बना लेंगे तो बहुत सी समस्याओं से बचे रह सकते हैं |

कर्क : आपके लिए द्वादशेश और तृतीयेश होकर बुध आपकी राशि से पंचम भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त अनुकूल प्रतीत होता है | आप कहीं विदेश अथवा कीड़ी दूर के शहर जाकर अपने कार्य से सम्बन्धित किसी प्रकार का Advance Course इस अवधि में कर सकते हैं | साथ ही यदि आप लेखक हैं तो आपको सिमेनार्स आदि में अपना शोध पत्र प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त हो सकता है | परिवार में किसी प्रकार के माँगलिक कार्य की भी सम्भावना प्रतीत होती है | आपकी सन्तान भी अपने कार्य अथवा उच्च शिक्षा के लिए विदेश प्रस्थान कर सकती है | किन्तु यात्राओं के दौरान अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की विशेष रूप से आवश्यकता है |

सिंह : आपके लिए द्वितीयेश और एकादशेश होकर बुध का गोचर आपकी राशि से चतुर्थ भाव में हो रहा है | आपको अपने कार्य में बड़े भाई अथवा माता-पिता का सहयोग निरन्तर प्राप्त रहेगा | आपके कार्य में तथा आर्थिक स्थिति में लाभ और वृद्द्धि की सम्भावना इस अवधि में की जा सकती है | कार्य से सम्बन्धित व्यस्तताओं के कारण सम्भव है आप परिवार पर अधिक ध्यान न दे पाएँ | किन्तु आपके लिए इस समय अपने कार्य पर एकाग्रचित्त रहने का समय है जिसका भविष्य में भी आपको लाभ हो सकता है | आपकी वाणी बहुत प्रभावशाली है और उसका प्रभाव दूसरों पर होता है, जिसका लाभ भी आपको प्राप्त होगा |

कन्या : आपका राश्यधिपति तथा दशमेश बुध का गोचर आपकी लग्न से तीसरे भाव में हो रहा है | आपके लिए कार्य की दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आप कोई नया कार्य भी इस अवधि में आरम्भ कर सकते हैं | आपके पिता अथवा बड़े भाई का पूर्ण सहयोग आपको प्राप्त रहेगा | आपकी लेखन प्रतिभा में निखार इस अवधि में आने की सम्भावना है जिसका लाभ आपको अपने कार्य में प्राप्त हो सकता है | आपके लेखन के कारण आपको समाज में प्रतिष्ठा, मन सम्मान तथा किसी प्रकार के पुरूस्कार की भी उपलब्धि की सम्भावना भी है | साथ ही आप अपने छोटे भाई बहनों की भी किसी प्रकार की सहायता कर सकते हैं |

तुला : आपका द्वादशेश और भाग्येश आपके दूसरे भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए कार्य की दृष्टि से यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्धक प्रतीत होता है | आप यदि मीडिया या किसी प्रकार की Alternative Therapy से सम्बन्ध रखते हैं अथवा लेखन के क्षेत्र में हैं तो आपके लिए आर्थिक लाभ तथा पुरूस्कार आदि प्राप्त होने के संकेत हैं | साथ ही यदि आपका कार्य विदेश से सम्बन्ध रखता है तो आपके लिए यह गोचर विशेष रूप से भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | विदेश यात्राओं में वृद्धि के भी योग प्रतीत होते हैं | नौकरी में पदोन्नति के साथ ट्रांसफर के भी संकेत हैं |

वृश्चिक : आपका एकादशेश और अष्टमेश आपकी लग्न में ही गोचर कर रहा है | आपका अपना व्यवसाय है तो उसमें उन्नति के संकेत हैं | नौकरी में हैं तो उसमें भी पदोन्नति की सम्भावना की जा सकती है | किसी अप्रत्याशित स्थान से भी आर्थिक लाभ की सम्भावना प्रतीत होती है | नौकरी की तलाश में हैं तो वह भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है | किन्तु साथ ही विरोधियों की और से भी सावधान रहने की आवश्यकता है | नौकरी में हैं तो बॉस से पंगा आपके हित में नहीं होगा अतः अपने स्वभाव को संयमित रखने की आवश्यकता है | सामाजिक गतिविधियों में वृद्धि की सम्भावना है |

धनु : आपका सप्तमेश और दशमेश आपकी राशि से बारहवें भाव में गोचर कर रहा है | आपके तथा आपके जीवन साथी के लिए कार्य के सिलसिले में विदेश यात्राओं में वृद्धि तथा अर्थ लाभ के भी संकेत हैं | नौकरी में हैं तो किसी अधिकारी के रिटायर होने के कारण आपकी उसके स्थान पर पदोन्नति के साथ ही किसी दूर के शहर में आपका ट्रांसफर भी हो सकता है | किसी मित्र को पैसा उधार देना इस अवधि में उचित नहीं रहेगा | साथ ही आपके स्वयं के अथवा आपके जीवन साथी के स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं पर पैसा भी खर्च हो सकता है |

मकर : आपका षष्ठेश और भाग्येश आपकी राशि से एकादश भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आपके कार्य तथा आय में वृद्धि की सम्भावना है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की भी सम्भावना है | सहकर्मियों अथवा व्यावसायिक पार्टनर का और पिता तथा जीवन साथी का सहयोग आपको निरन्तर प्राप्त रहेगा | पॉलिटिक्स में यदि आप हैं तो आपके लिए विशेष रूप से यह गोचर भाग्यवर्द्धक सिद्ध हो सकता है | अविवाहित हैं तो आपके किसी सहकर्मी की ओर से प्रणय निवेदन भी आपको प्राप्त हो सकता है | किन्तु विवाह में अभी देर लग सकती है |

कुम्भ : पंचमेश और अष्टमेश का गोचर आपके दशम भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए यह गोचर मिश्रित फल देने वाला प्रतीत होता है | कार्य स्थल में किसी प्रकार के विरोध का सामना इस अवधि में करना पड़ सकता है | किसी कोर्ट केस के कारण भी किसी प्रकार का मानसिक तनाव आपको अनुभव हो सकता है | इस अवधि में शान्ति पूर्वक व्यवहार करना आपके हित में रहेगा | किसी भी विवाद को बढ़ने देना भी आपके हित में नहीं रहेगा | धार्मिक गतिविधियों में वृद्धि की सम्भावना है | आपकी सन्तान के लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है |

मीन : चतुर्थेश और सप्तमेश का गोचर आपकी राशि से नवम भाव में हो रहा है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की भी सम्भावना है | उत्साह में वृद्धि का समय भी प्रतीत होता है | आप इस अवधि में कोई नया घर भी खरीद सकते हैं | किन्तु परिवार के लोगों के साथ किसी प्रकार का विवाद भी सम्भव है | अच्छा रहेगा यदि अपने पिता अथवा परिवार के अन्य किसी बुज़ुर्ग की मध्यस्थता से इस विवाद को आपस में ही सुलझा लें | दाम्पत्य जीवन में माधुर्य बना रहने की सम्भावना है | वंश वृद्धि का विचार भी आप इस अवधि में कर सकते हैं | पॉलिटिक्स से सम्बद्ध लोगों के लिए यह गोचर विशेष रूप से अनुकूल प्रतीत होता है | धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में वृद्धि की सम्भावना है |

किन्तु अन्त में, उपरोक्त परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है |

साथ ही, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं | सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2018/10/25/mercury-transit-in-scorpio/

 

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