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via बुध का मीन में गोचर

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बुध का मीन में गोचर

आज सोमवार 25 फरवरी फाल्गुन कृष्ण सप्तमी को प्रातः आठ बजकर 53 मिनट के लगभग विष्टि करण और ध्रुव योग में बुध ने मीन राशि में प्रवेश किया है | बुध इस समय पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र पर है | 28 फरवरी को यह उत्तर भाद्रपद नक्षत्र पर चला जाएगा | उसके बाद 15 मार्च को वक्री होकर पुनः पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र और कुम्भ राशि में आ जाएगा | यहाँ 12 अप्रेल तक भ्रमण करने के बाद फिर से मार्गी होकर मीन राशि में गोचर करेगा | मीन राशि में भ्रमण करते हुए 15 अप्रेल को उत्तर भाद्रपद नक्षत्र और 25 अप्रेल को रेवती नक्षत्र पर भ्रमण करते हुए अन्त में तीन मई को सायं पाँच बजकर तीन मिनट एक लगभग मेष राशि और अश्विनी नक्षत्र में प्रस्थान कर जाएगा | इस बीच आठ मार्च से 21 मार्च तक बुध अस्त भी रहेगा | मीन राशि के लिए बुध सप्तमेश और दशमेश होकर योगकारक भी बन जाता है | बुध की अपनी उच्च राशि कन्या से मीन राशि सप्तम भाव है तथा मिथुन से दशम भाव है | साथ ही वर्तमान में वृश्चिक राशि से बुध की राशियों के लिए और मीन राशि के लिए योगकारक गुरु की पञ्चम दृष्टि भी बुध को प्राप्त हो रही है | निश्चित रूप से मिथुन, कन्या, धनु और मीन राशियों के लिए बुध का यह गोचर अनुकूल रहने की सम्भावना है | तो जानने का प्रयास करते हैं कि बुध के मीन राशि में गोचर के विभिन्न राशियों पर क्या सम्भावित प्रभाव हो सकते हैं…

मेष : आपका तृतीयेश और षष्ठेश का गोचर आपकी राशि से बारहवें भाव में हो रहा है | कार्य के सिलसिले में अथवा उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए विदेश जा सकते हैं | किन्तु सम्भव है ये यात्राएँ आपके लिए मनोनुकूल न रहे | नौकरी में हैं तो किसी अधिकारी के रिटायर होने के कारण आपकी उसके स्थान पर पदोन्नति के साथ ही किसी दूर के शहर में आपका ट्रांसफर भी हो सकता है | लेखकों के लिए, बैंकिंग अथवा कॉमर्स के क्षेत्र से सम्बन्ध रखने वाले लोगों के लिए तथा दस्तकारों के लिए यह गोचर अधिक अनुकूल प्रतीत होता है | किसी मित्र को पैसा उधार देना इस अवधि में उचित नहीं रहेगा | साथ ही आपके स्वयं के स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं पर पैसा भी खर्च हो सकता है |

वृषभ : आपका द्वितीयेश और पंचमेश का गोचर आपकी राशि से एकादश भाव में हो रहा है | उत्साह में वृद्धि के साथ ही आपके कार्य तथा आय में वृद्धि की सम्भावना है | कुछ ऐसे नवीन कार्य भी आपको प्राप्त हो सकते हैं जिनके कारण व्यस्त रहते हुए अर्थलाभ कर सकते हैं | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की भी सम्भावना है | आपकी वाणी इस समय अत्यन्त प्रभावशाली तथा प्रखर बनी रहेगी, जिसका लाभ आपको अपने कार्य में भी प्राप्त होगा | अधिकारी वर्ग तथा पिता और बड़े भाई का सहयोग प्राप्त होता रहेगा | विद्यार्थियों के लिए भी यह गोचर अनुकूल फल देने वाला प्रतीत होता है | सन्तान की ओर से कोई शुभ समाचार इस अवधि में प्राप्त हो सकता है | पॉलिटिक्स में यदि आप हैं तो आपके लिए भी यह गोचर अनुकूल सिद्ध हो सकता है |

मिथुन : आपका लग्नेश तथा चतुर्थेश होकर बुध आपके लिए योगकारक है और दूसरे योगकारक गुरु की मीन राशि में आपकी राशि से कर्म स्थान में गोचर कर रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त अनुकूल प्रतीत होता है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की भी सम्भावना है | आपका अपना कार्य है तो उसमें भी प्रगति की समभावना है | परिवार के लोगों का तथा कार्यस्थल पर सहकर्मियों का सहयोग आपको उपलब्ध रहेगा | कोई नया कार्य आरम्भ करना चाहते हैं अथवा अपने स्टाफ में नवीन नियुक्तियाँ करना चाहते हैं तो उसके लिए यह समय विशेष रूप से अनुकूल प्रतीत होता है | मित्रों का सहयोग आपको प्राप्त रहेगा | परिवार में किसी सदस्य का विवाह भी इस अवधि में सम्भव है |

कर्क : आपके लिए द्वादशेश और तृतीयेश होकर बुध आपकी राशि से नवम भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए भाग्यवर्द्धक समय प्रतीत होता है | कार्य के सिलसिले में अथवा दस्तकार हैं तो किसी प्रदर्शनी आदि के सिलसिले में यात्राओं में वृद्धि की भी सम्भावना है | इन यात्राओं से आपके कार्य में आपको लाभ होगा किन्तु यात्राओं की अधिकता के कारण आप कुछ शारीरिक थकान का भी अनुभव कर सकते हैं – विशेष रूप से जोड़ों और माँसपेशियों में दर्द की समस्या हो सकती है | बीच बीच में कुछ योग के अभ्यास करते रहेंगे तो इस समस्या से बचे रह सकते हैं | तीर्थयात्रा आदि का कार्यक्रम भी बना सकते हैं | परिवार में भाई बहनों के साथ व्यर्थ के विवाद से बचने की आवश्यकता है |

सिंह : आपके लिए द्वितीयेश और एकादशेश होकर बुध का गोचर आपकी राशि से अष्टम भाव में गोचर कर रहा है | एक ओर आपके लिए कार्य में वृद्धि, पदोन्नति तथा प्रचुर अर्थलाभ की सम्भावना है तो वहीं दूसरी ओर गुप्त शत्रुओं की ओर से भी सावधान रहने की आवश्यकता है | आपके घनिष्ठ मित्रों की ओर से ही अकारण ही आपके लिए कुछ अनिष्ट हो सकता है, अतः अपने कान और आँख खुले रखने की आवश्यकता है | अपने पिता की सलाह पर चलेंगे तो आपके हित में रहेगा | आपकी वाणी अत्यन्त प्रभावशाली बनी रहेगी, जिसका लाभ आपको अपने कार्य में प्राप्त होगा | रुकी हुई पेमेण्ट भी इस अवधि में प्राप्त हो सकती है | स्वास्थ्य की ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है |

कन्या : आपका राश्यधिपति तथा दशमेश होकर बुध आपके लिए योगकारक बन जाता है और आपके दूसरे योगकारक ग्रह गुरु की राशि मीन में आपके सप्तम भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त अनुकूल प्रतीत होता है | कार्य की अधिकता होने के साथ ही आर्थिक स्थिति में भी दृढ़ता की सम्भावना की जा सकती है | पार्टनरशिप में कोई कार्य आरम्भ करना चाहते हैं तो उसके लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | बैंकिंग तथा कॉमर्स के क्षेत्र से सम्बन्ध रखने वालों के लिए, वैद्यों के लिए, कम्प्यूटर, आई टी, मैनेजमेंट इत्यादि के क्षेत्र से सम्बद्ध लोगों के लिए यह गोचर विशेष रूप से अनुकूल प्रतीत होता है | साथ ही यदि अविवाहित हैं तो इस अवधि में अपने किसी मित्र अथवा किसी सहकर्मी के साथ आप Romantically Involve हो सकते हैं, जो समय आने पर विवाह सम्बन्ध में भी परिणत हो सकता है |

तुला : आपका द्वादशेश और भाग्येश का गोचर आपकी राशि से छठे भाव में हो रहा है | इस अवधि में आपकी निर्णायक क्षमता स्पष्ट बनी रहेगी जिसका लाभ आपको अपने कार्यक्षेत्र में प्राप्त हो सकता है | आप अपने लक्ष्य के प्रति दृढ संकल्प रहेंगे | कार्यस्थल पर सहकर्मियों का सहयोग आपको प्राप्त रहेगा | किसी पुराने मित्र से फिर से सम्पर्क हो सकता है, जो आपके कार्य की दृष्टि से अनुकूल सिद्ध हो सकता है | किन्तु साथ ही अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की भी आवश्यकता है | सरदर्द, जोड़ों तथा माँसपेशियों में दर्द की समस्या हो सकती है | डॉक्टर के बताए विटामिन्स आदि समय पर लेते रहेंगे और व्यायाम को अपनी दिनचर्या का अंग बना लेंगे तो बहुत सी समस्याओं से बचे रह सकते हैं | यात्राओं में वृद्धि की सम्भावना है |

वृश्चिक : आपका एकादशेश और अष्टमेश आपकी राशि से आपके पंचम भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए कार्य की दृष्टि से तथा आर्थिक दृष्टि से यह गोचर अत्यन्त अनुकूल प्रतीत होता है | आप इस अवधि में अपने कार्य से सम्बन्धित किसी प्रकार का Short Term Advance Course भी कर सकते हैं | इसके अतिरिक्त अपनी सन्तान को भी किसी कोर्स के लिए भेज सकते हैं | साथ ही यदि आप लेखक अथवा वक्ता हैं तो आपको सिमेनार्स आदि में अपना शोध पत्र प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त हो सकता है | आपके रुके हुए कार्य इस अवधि में पूर्ण होकर आपको उनका अनुकूल पारिश्रमिक भी इस अवधि में प्राप्त होने की सम्भावना है | अचानक ही किसी ऐसे स्थान से कार्य का निमन्त्रण प्राप्त हो सकता है जहाँ के विषय में आपने कल्पना भी नहीं की होगी |

धनु : आपके लिए सप्तमेश और दशमेश होकर बुध आपका योगकारक बन जाता है तथा आपके चतुर्थ भाव में गोचर कर रहा है | आपको अपने कार्य में अपने माता पिता का सहयोग निरन्तर प्राप्त रहेगा | आपके कार्य में तथा आर्थिक स्थिति में लाभ और वृद्धि की सम्भावना इस अवधि में की जा सकती है | आपके लिए इस समय अपने कार्य पर एकाग्रचित्त रहने का समय है जिसका भविष्य में भी आपको लाभ हो सकता है | आपके प्रभावशाली व्यक्तित्व का लाभ आपको अपने कार्य में मिलने की सम्भावना है | परिवार तथा कार्यस्थल पर सौहार्दपूर्ण वातावरण बना रहने के कारण आप अपने कार्य समय पर पूर्ण कर सकने में समर्थ होंगे | अविवाहित हैं तो इस अवधि में आपकी जीवन साथी की खोज भी पूर्ण हो सकती है | किसी सहकर्मी के साथ Romantically involve भी हो सकते हैं |

मकर : आपका षष्ठेश और भाग्येश आपके तीसरे भाव में गोचर कर रहा है | सम्भव है आपको अपने कार्य में किसी प्रकार के व्यवधान का अनुभव हो, किन्तु यह अस्थाई है | आपके उत्साह में वृद्धि का समय प्रतीत होता है, इसका लाभ उठाना आप पर निर्भर करता है | यदि आप दस्तकार हैं अथवा लेखक हैं तो आपके लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आपकी कला की तथा आपके लेखन की प्रशंसा होगी और इसका लाभ भी आपको प्राप्त होगा | धार्मिक गतिविधियों में वृद्धि की सम्भावना है, किन्तु पोंगा पण्डितों तथा व्यर्थ के अन्धविश्वासों के चक्कर में पड़कर आप अपना नुकसान भी कर सकते हैं, अतः इस ओर से सावधना रहने की आवश्यकता है | छोटे भाई बहनों से व्यर्थ का विवाद आपके हित में नहीं रहेगा |

कुम्भ : आपकी राशि से पंचमेश और अष्टमेश का गोचर आपकी राशि से दूसरे भाव में हो रहा है | आपकी निर्णायक तथा प्रतियोगी क्षमताओं में वृद्धि के साथ ही आपके कार्य की दृष्टि से भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आप यदि मीडिया या किसी प्रकार की Alternative Therapy से सम्बन्ध रखते हैं अथवा लेखन के क्षेत्र में हैं या वक्ता हैं तो आपके लिए आर्थिक लाभ तथा पुरूस्कार आदि प्राप्त होने के संकेत हैं | आपके कार्यों की सराहना होगी और आपकी योजनाओं को क्रियान्वित भी किया जा सकता है | नौकरी में पदोन्नति के भी संकेत हैं | राजनीति से जुड़े लोगों के लिए भी यह गोचर भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | किन्तु वाणी जहाँ प्रभावशाली बनी हुई है वहीं उस पर नियन्त्रण रखने की भी आवश्यकता है |

मीन : आपकी राशि से चतुर्थेश और सप्तमेश होकर बुध आपके लिए योगकारक बन जाता है तथा आपकी लग्न में ही गोचर कर रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | एक ओर पारिवारिक स्तर पर आपके लिए सौहार्दपूर्ण वातावरण बना रहने के संकेत हैं वहीं दूसरी ओर आपके कार्य की दृष्टि से भी उन्नति की सम्भावना प्रतीत होती है | नौकरी की तलाश में हैं तो वह भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है | आप अपने लिए नया घर भी इस अवधि में खरीद सकते हैं | सामाजिक गतिविधियों में वृद्धि के साथ ही मान सम्मान में भी वृद्धि की सम्भावना है | अविवाहित हैं तो जीवन साथी की खोज भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है | पॉलिटिक्स से यदि आपका सम्बन्ध है तो आपके लिए विशेष रूप से यह गोचर अनुकूल फल देने वाला प्रतीत होता है |

किन्तु अन्त में, उपरोक्त परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है |

साथ ही, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं | सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2019/02/25/mercury-transit-in-pisces/

 

शुक्र का मकर राशि में गोचर

कल फाल्गुन कृष्ण षष्ठी को वणिज करण और ध्रुव योग में रात्रि 22:46 के लगभग समस्त सांसारिक सुख, समृद्धि, विवाह, परिवार सुख, कला, शिल्प, सौन्दर्य, बौद्धिकता, राजनीति तथा समाज में मान प्रतिष्ठा में वृद्धि आदि का कारक शुक्र धनु राशि से निकल कर अपने परम मित्र ग्रह शनि की मकर राशि में प्रस्थान कर जाएगा | अपने इस प्रस्थान के समय शुक्र उत्तराषाढ़ नक्षत्र में होगा | यहाँ निवास करते हुए पाँच मार्च को श्रवण नक्षत्र पर तथा सोलह मार्च को धनिष्ठा नक्षत्र पर विचरण करते हुए 22 मार्च को कुम्भ राशि में प्रस्थान कर जाएगा | शुक्र की अपनी दोनों राशियों वृषभ और तुला के लिए सामान्य तौर पर यह गोचर शुभ होने की सम्भावना है – क्योंकि वृषभ से कर्म स्थान और तुला से चतुर्थ भाव में शुक्र का गोचर होगा | साथ ही मकर राशि के जातकों के लिए शुक्र योग कारक ग्रह है |  इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखकर जानने का प्रयास करते हैं कि शुक्र के मकर राशि में गोचर के समस्त राशियों पर सम्भावित परिणाम क्या रह सकते हैं…

मेष : आपका द्वितीयेश और सप्तमेश होकर शुक्र का गोचर आपके दशम भाव में हो रहा है | कार्य की दृष्टि से तथा आर्थिक दृष्टि से यह गोचर आपके लिए अत्यन्त अनुकूल प्रतीत होता है | आप कलाकार हैं, कवि हैं, डेंटिस्ट हैं, केमिस्ट हैं, ब्यूटीशियन हैं अथवा किसी प्रकार के सौन्दर्य प्रसाधनों के व्यवसाय से सम्बन्ध रखते हैं, टूर और ट्रेवल से सम्बन्धित व्यवसाय में, वक्ता हैं तो आपके लिए विशेष रूप से कार्य में उन्नति तथा अर्थ लाभ की सम्भावना की जा सकती है | नया घर अथवा वाहन भी इस अवधि में खरीद सकते हैं अथवा खरीदने की योजना बना सकते हैं | अपने सौन्दर्य को निखारने में आपकी रूचि इस अवधि में बढ़ेगी | आपकी वाणी से लोग प्रभावित होंगे तथा अपने कार्य में आपको उसका लाभ भी प्राप्त होगा |

वृषभ : आपका राश्यधिपति तथा षष्ठेश होकर शुक्र का गोचर आपके नवम भाव में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आपके पराक्रम में वृद्धि का समय प्रतीत होता है | कुछ नया कार्य आप इस अवधि में आरम्भ कर सकते हैं | किसी कोर्ट केस में अनुकूल दिशा में प्रगति भी सम्भव है | जो लोग किसी प्रकार की प्रतियोगिता की तैयारी कर रहे हैं उनके लिए भी यह गोचर अनुकूल फल देने वाला प्रतीत होता है | परिवार में सौहार्द का वातावरण बना रहेगा | परिवार में किसी के विवाह आदि माँगलिक कार्य के कारण सम्बन्धियों तथा मित्रों के साथ आमोद प्रमोद का समय भी है |

मिथुन : आपका पंचमेश और द्वादशेश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से अष्टम भाव में हो रहा है | इस अवधि में एक ओर जहाँ किसी प्रकार से भी गुप्त विरोधियों की ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है | आप स्वयं भी इस दौरान ऐसा कोई कार्य न करें जिसके कारण आपकी मान प्रतिष्ठा को किसी प्रकार की हानि होने की सम्भावना हो | कार्य में अकस्मात् ही किसी प्रकार का व्यवधान उपस्थित हो सकता है अतः सावधान रहने की आवश्यकता है | Opposite Sex की ओर इस अवधि में आपका झुकाव बढ़ सकता है | आगे बढ़ने से पूर्व पार्टनर के सम्बन्ध में पूरी जानकारी अवश्य हासिल कर लें | यदि आप महिला हैं तो आपको विशेष रूप से स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहने की आवश्यकता है | आपकी सन्तान के लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है |

कर्क : आपका चतुर्थेश और एकादशेश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से सप्तम भाव में होने जा रहा है | परिवार में आनन्द का वातावरण बना रहने के साथ ही आपका व्यक्तित्व भी इस अवधि में प्रभावशाली बना रहेगा | आपके और आपके जीवन साथी के लिए की दृष्टि से तथा अर्थलाभ की दृष्टि से भी अनुकूल समय प्रतीत होता है | यदि आप कलाकार हैं तो आपको अपनी कला के प्रदर्शन के अनेकों अवसर इस अवधि में उपलब्ध हो सकते हैं, जिनके कारण आपके मान सम्मान में वृद्धि तथा आपको किसी प्रकार का पुरूस्कार आदि भी प्राप्त हो सकता है | Cosmetic और Medicine के क्षेत्र में कार्यरत लोगों के लिए भी यह समय अत्यन्त लाभप्रद प्रतीत होता है | आय के नवीन स्रोत आपके तथा आपके जीवन साथी के समक्ष उपस्थित हो सकते हैं | आपका कोई घनिष्ठ मित्र आपकी ओर आकर्षित हो सकता है और आप उसके साथ विवाह बन्धन में बंध सकते हैं |

सिंह : आपका तृतीयेश और दशमेश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से छठे भाव में हो रहा है | एक ओर आपके लिए उत्साह में वृद्धि के योग प्रतीत होते हैं तो वहीं दूसरी ओर आपके लिए यह गोचर चुनौतियों से भरा हुआ भी हो सकता है | उन मित्रों को पहचानकर उनसे दूर होने की आवश्यकता है जो आपसे प्रेम दिखाते हैं लेकिन मन में ईर्ष्या का भाव रखते हैं | यदि नौकरी में हैं तो विशेष रूप से महिला अधिकारी से पंगा आपके हित में नहीं होगा | यदि आप कलाकार अथवा वक्ता हैं तो आपके कार्य की दृष्टि से अनुकूल समय प्रतीत होता है | किसी कोर्ट केस का निर्णय आपके पक्ष में आ सकता है | साथ ही विदेश यात्राओं के भी योग प्रतीत होते हैं | परिवार में किसी प्रकार के तनाव की आशंका भी की जा सकती है | इन यात्राओं के दौरान अपने स्वास्थ्य के प्रति विशेष रूप से सावधान रहने की आवश्यकता है |

कन्या : आपका द्वितीयेश और भाग्येश होकर शुक्र आपकी राशि से पंचम भाव में होने जा रहा है | सन्तान के साथ यदि कुछ समय से किसी प्रकार की अनबन चल रही है तो उसके दूर होने की सम्भावना इस अवधि में की जा सकती है | मान सम्मान तथा आय में वृद्धि के संकेत हैं | नौकरी के लिए इन्टरव्यू दिया है तो उसमें भी सफलता की सम्भावना है | सन्तान प्राप्ति के भी योग प्रतीत होते हैं | सन्तान के लिए भी यह गोचर समय अनुकूल प्रतीत होता है | आपके व्यक्तित्व में सकारात्मक परिवर्तन होने की सम्भावना है | आपके कार्यों के कारण आपको किसी प्रकार का पुरूस्कार आदि भी इस अवधि में प्राप्त हो सकता है | धार्मिक तथा आध्यात्मिक गतिविधियों की ओर रुझान में वृद्धि की भी सम्भावना की जा सकती है |

तुला : लग्नेश और अष्टमेश होकर शुक्र आपकी राशि से चतुर्थ भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए यह गोचर मिश्रित फल देने वाला प्रतीत होता है | सम्भव है आप इस अवधि में नया घर अथवा वाहन खरीद लें अथवा खरीदने की योजना बना लें | किन्तु ड्राइविंग के समय सावधानी बरतने की आवश्यकता है | किसी वसीयत के माध्यम से प्रॉपर्टी के लाभ के भी संकेत हैं | किन्तु सम्बन्धित Documents का भली भाँती निरीक्षण अवश्य कर लीजिये – कहीं ऐसा न हो ये प्रॉपर्टी किसी प्रकार के विवाद में फँसी हुई हो | यों परिवार में आनन्द का वातावरण रहेगा | मान सम्मान और पुरूस्कार आदि का लाभ भी हो सकता है | सुख सुविधाओं के साधनों में वृद्धि के संकेत हैं | साथ ही यदि राजनीति से आपका सम्बन्ध है तो आपको विरोधियों की ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है |

वृश्चिक : आपके लिए आपका सप्तमेश और द्वादशेश होकर शुक्र आपके तीसरे भाव में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर कुछ अधिक अनुकूल नहीं प्रतीत होता | एक ओर जहाँ भाई बहनों के साथ किसी कारण से तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है वहीं यात्राओं आदि के दौरान भी आपको सतर्क रहने की आवश्यकता है | आपके दाम्पत्य जीवन में भी आपके भाई बहनों के कारण किसी प्रकार का तनाव सम्भव है | जिन लोगों पर आप बहुत अधिक विश्वास रखते हैं उन्हीं की ओर से आपको किसी प्रकार का विश्वासघात भी सम्भव है | अतः अच्छा यही रहेगा कि अपनी योजनाओं के विषय में किसी से इस अवधि में बात न करें | तनाव के कारण आपके स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव पड़ सकता है | महिलाओं को अधिक रक्तस्राव की समस्या भी हो सकती है |

धनु : आपका षष्ठेश और एकादशेश होकर शुक्र आपके दूसरे भाव में गोचर कर रहा है | पराक्रम तथा निर्णायक क्षमता में वृद्धि के संकेत हैं | आर्थिक रूप से स्थिति में दृढ़ता आने के साथ ही कुछ नवीन प्रोजेक्ट्स इस अवधि में प्राप्त होते रह सकते हैं जिनके कारण आप बहुत समय तक व्यस्त रहकर अर्थ लाभ भी कर सकते हैं | आपकी वाणी तथा व्यक्तित्व का प्रभाव दूसरों पर पड़ेगा और जिसके कारण आपकी प्रशंसा भी होगी तथा आपको किसी प्रकार का पुरूस्कार आदि भी प्राप्त हो सकता है | सामाजिक गतिविधियों में वृद्धि के साथ ही मान सम्मान में वृद्धि के भी संकेत हैं | आपकी वाणी अत्यन्त प्रभावशाली है, उसका लाभ आपको अपने कार्यक्षेत्र में अवश्य प्राप्त होगा, किन्तु ऐसा कुछ मत बोलिए जिसके कारण किसी विवाद में फँसने की सम्भावना हो |

मकर : आपका योगकारक आपकी लग्न में ही गोचर कर रहा है | आप इस अवधि में अपने शारीरिक सौन्दर्य के साथ ही अपनी Intellect को निखारने का भी प्रयास करेंगे, जो आपके हित में ही रहेगा | आपके आकर्षक व्यक्तित्व से लोग प्रभावित होंगे और उसका लाभ आपको अपने कार्य तथा पारस्परिक सम्बन्धों में अवश्य प्राप्त होगा | Romantically यदि कहीं Involve हैं तो उस सम्बन्ध में अन्तरंगता के संकेत प्रतीत होते हैं | आपका प्रेम सम्बन्ध विवाह सम्बन्ध में भी परिणत हो सकता है | विवाहित हैं तो दाम्पत्य जीवन में भी माधुर्य तथा अन्तरंगता बने रहने के संकेत हैं | Opposite Sex के प्रति आपका रुझान इस अवधि में बढ़ सकता है | राजनीति से यदि आप सम्बद्ध हैं तो आपके लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है |

कुम्भ : आपका योगकारक शुक्र आपकी राशि से बारहवें भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए उच्च शिक्षा, कला के प्रदर्शन अथवा अन्य किसी कार्य के निमित्त विदेश यात्राओं में वृद्धि के संकेत प्रतीत होते हैं | इन यात्राओं से आपके कार्य तथा मान सम्मान में प्रगति की तथा आर्थिक स्थिति में दृढ़ता आने की सम्भावना है | इन यात्राओं के कारण आपके कुछ नए मित्र भी बन सकते हैं | साथ ही इन यात्राओं के दौरान अपने स्वास्थ्य तथा Important Documents का भी ध्यान रखने की भी आवश्यकता है | परिवार में किसी प्रकार के माँगलिक आयोजन की भी सम्भावना इस अवधि में की जा सकती है | परिवार में आनन्द का वातावरण बना रह सकता है | महिलाओं को अधिक रक्तस्राव की समस्या हो सकती है अतः अपनी Gynaecologist से नियमित चेकअप अवश्य कराती रहें |

मीन : आपके लिए तृतीयेश और अष्टमेश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से लाभ स्थान में गोचर कर रहा है | उत्साह तथा कार्य में वृद्धि के साथ ही धनलाभ के भी संकेत हैं | कार्य तथा आय में वृद्धि की सम्भावना है | रुके हुए कार्य पूर्ण होने की सम्भावना है | जो लोग अभी तक आपकी बात नहीं समझ पा रहे थे वे अब आपके सुझावों का अनुमोदन कर सकते हैं, जिसका लाभ आपको अपने कार्य में निश्चित रूप से प्राप्त हो सकता है | अविवाहित हैं तो जीवन साथी की तलाश भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है | प्रेम सम्बन्ध विवाह में परिणत हो सकता है अथवा कोई नया प्रेम सम्बन्ध भी स्थापित हो सकता है | स्वास्थ्य की दृष्टि से भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | किन्तु परिवार की महिला सदस्यों के साथ भी अनायास ही किसी प्रकार का विवाद भी इस अवधि में सम्भव है |

किन्तु ध्यान रहे, ये समस्त फल सामान्य हैं | व्यक्ति विशेष की कुण्डली का व्यापक अध्ययन करके ही किसी निश्चित परिणाम पर पहुँचा जा सकता है | अतः कुण्डली का विविध सूत्रों के आधार पर व्यापक अध्ययन कराने के लिए किसी Astrologer के पास ही जाना उचित रहेगा |

अन्त में, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं – यह एक ऐसी खगोलीय घटना है जिसका प्रभाव मानव सहित समस्त प्रकृति पर पड़ता है | वास्तव में सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2019/02/23/venus-transit-in-capricorn/

 

Alvida Depression

Alvida Depression (Full Video)

People often complain that they are depressed, OR they are feeling sad and stressed. It is important to understand depression, anxiety and stress and as well emotions responsible for sadness. It’s also important to differentiate  between all these feelings. Depression may also be the root cause of many types of body pains.

At Life Care Centre, DGF (Delhi Gynecologist Forum) and WOW (Well Being of Women) India organized a workshop to address this issue.

In this video, Swasti Shree Sharma, CMS-CHt FIBH (USA) ( Past Life Regression Therapist & Medical Support Clinical Hypnotherapist – Certified by International Board of Hypnotherapy) covered all these topics and suggested simple exercises to deal with depression.

To book your appointment with Swasti Shree Sharma, you may call: 7042321200, or visit www.lifebeforelives.com for more information.