बुध का मीन में गोचर

आज सोमवार 25 फरवरी फाल्गुन कृष्ण सप्तमी को प्रातः आठ बजकर 53 मिनट के लगभग विष्टि करण और ध्रुव योग में बुध ने मीन राशि में प्रवेश किया है | बुध इस समय पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र पर है | 28 फरवरी को यह उत्तर भाद्रपद नक्षत्र पर चला जाएगा | उसके बाद 15 मार्च को वक्री होकर पुनः पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र और कुम्भ राशि में आ जाएगा | यहाँ 12 अप्रेल तक भ्रमण करने के बाद फिर से मार्गी होकर मीन राशि में गोचर करेगा | मीन राशि में भ्रमण करते हुए 15 अप्रेल को उत्तर भाद्रपद नक्षत्र और 25 अप्रेल को रेवती नक्षत्र पर भ्रमण करते हुए अन्त में तीन मई को सायं पाँच बजकर तीन मिनट एक लगभग मेष राशि और अश्विनी नक्षत्र में प्रस्थान कर जाएगा | इस बीच आठ मार्च से 21 मार्च तक बुध अस्त भी रहेगा | मीन राशि के लिए बुध सप्तमेश और दशमेश होकर योगकारक भी बन जाता है | बुध की अपनी उच्च राशि कन्या से मीन राशि सप्तम भाव है तथा मिथुन से दशम भाव है | साथ ही वर्तमान में वृश्चिक राशि से बुध की राशियों के लिए और मीन राशि के लिए योगकारक गुरु की पञ्चम दृष्टि भी बुध को प्राप्त हो रही है | निश्चित रूप से मिथुन, कन्या, धनु और मीन राशियों के लिए बुध का यह गोचर अनुकूल रहने की सम्भावना है | तो जानने का प्रयास करते हैं कि बुध के मीन राशि में गोचर के विभिन्न राशियों पर क्या सम्भावित प्रभाव हो सकते हैं…

मेष : आपका तृतीयेश और षष्ठेश का गोचर आपकी राशि से बारहवें भाव में हो रहा है | कार्य के सिलसिले में अथवा उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए विदेश जा सकते हैं | किन्तु सम्भव है ये यात्राएँ आपके लिए मनोनुकूल न रहे | नौकरी में हैं तो किसी अधिकारी के रिटायर होने के कारण आपकी उसके स्थान पर पदोन्नति के साथ ही किसी दूर के शहर में आपका ट्रांसफर भी हो सकता है | लेखकों के लिए, बैंकिंग अथवा कॉमर्स के क्षेत्र से सम्बन्ध रखने वाले लोगों के लिए तथा दस्तकारों के लिए यह गोचर अधिक अनुकूल प्रतीत होता है | किसी मित्र को पैसा उधार देना इस अवधि में उचित नहीं रहेगा | साथ ही आपके स्वयं के स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं पर पैसा भी खर्च हो सकता है |

वृषभ : आपका द्वितीयेश और पंचमेश का गोचर आपकी राशि से एकादश भाव में हो रहा है | उत्साह में वृद्धि के साथ ही आपके कार्य तथा आय में वृद्धि की सम्भावना है | कुछ ऐसे नवीन कार्य भी आपको प्राप्त हो सकते हैं जिनके कारण व्यस्त रहते हुए अर्थलाभ कर सकते हैं | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की भी सम्भावना है | आपकी वाणी इस समय अत्यन्त प्रभावशाली तथा प्रखर बनी रहेगी, जिसका लाभ आपको अपने कार्य में भी प्राप्त होगा | अधिकारी वर्ग तथा पिता और बड़े भाई का सहयोग प्राप्त होता रहेगा | विद्यार्थियों के लिए भी यह गोचर अनुकूल फल देने वाला प्रतीत होता है | सन्तान की ओर से कोई शुभ समाचार इस अवधि में प्राप्त हो सकता है | पॉलिटिक्स में यदि आप हैं तो आपके लिए भी यह गोचर अनुकूल सिद्ध हो सकता है |

मिथुन : आपका लग्नेश तथा चतुर्थेश होकर बुध आपके लिए योगकारक है और दूसरे योगकारक गुरु की मीन राशि में आपकी राशि से कर्म स्थान में गोचर कर रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त अनुकूल प्रतीत होता है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की भी सम्भावना है | आपका अपना कार्य है तो उसमें भी प्रगति की समभावना है | परिवार के लोगों का तथा कार्यस्थल पर सहकर्मियों का सहयोग आपको उपलब्ध रहेगा | कोई नया कार्य आरम्भ करना चाहते हैं अथवा अपने स्टाफ में नवीन नियुक्तियाँ करना चाहते हैं तो उसके लिए यह समय विशेष रूप से अनुकूल प्रतीत होता है | मित्रों का सहयोग आपको प्राप्त रहेगा | परिवार में किसी सदस्य का विवाह भी इस अवधि में सम्भव है |

कर्क : आपके लिए द्वादशेश और तृतीयेश होकर बुध आपकी राशि से नवम भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए भाग्यवर्द्धक समय प्रतीत होता है | कार्य के सिलसिले में अथवा दस्तकार हैं तो किसी प्रदर्शनी आदि के सिलसिले में यात्राओं में वृद्धि की भी सम्भावना है | इन यात्राओं से आपके कार्य में आपको लाभ होगा किन्तु यात्राओं की अधिकता के कारण आप कुछ शारीरिक थकान का भी अनुभव कर सकते हैं – विशेष रूप से जोड़ों और माँसपेशियों में दर्द की समस्या हो सकती है | बीच बीच में कुछ योग के अभ्यास करते रहेंगे तो इस समस्या से बचे रह सकते हैं | तीर्थयात्रा आदि का कार्यक्रम भी बना सकते हैं | परिवार में भाई बहनों के साथ व्यर्थ के विवाद से बचने की आवश्यकता है |

सिंह : आपके लिए द्वितीयेश और एकादशेश होकर बुध का गोचर आपकी राशि से अष्टम भाव में गोचर कर रहा है | एक ओर आपके लिए कार्य में वृद्धि, पदोन्नति तथा प्रचुर अर्थलाभ की सम्भावना है तो वहीं दूसरी ओर गुप्त शत्रुओं की ओर से भी सावधान रहने की आवश्यकता है | आपके घनिष्ठ मित्रों की ओर से ही अकारण ही आपके लिए कुछ अनिष्ट हो सकता है, अतः अपने कान और आँख खुले रखने की आवश्यकता है | अपने पिता की सलाह पर चलेंगे तो आपके हित में रहेगा | आपकी वाणी अत्यन्त प्रभावशाली बनी रहेगी, जिसका लाभ आपको अपने कार्य में प्राप्त होगा | रुकी हुई पेमेण्ट भी इस अवधि में प्राप्त हो सकती है | स्वास्थ्य की ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है |

कन्या : आपका राश्यधिपति तथा दशमेश होकर बुध आपके लिए योगकारक बन जाता है और आपके दूसरे योगकारक ग्रह गुरु की राशि मीन में आपके सप्तम भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त अनुकूल प्रतीत होता है | कार्य की अधिकता होने के साथ ही आर्थिक स्थिति में भी दृढ़ता की सम्भावना की जा सकती है | पार्टनरशिप में कोई कार्य आरम्भ करना चाहते हैं तो उसके लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | बैंकिंग तथा कॉमर्स के क्षेत्र से सम्बन्ध रखने वालों के लिए, वैद्यों के लिए, कम्प्यूटर, आई टी, मैनेजमेंट इत्यादि के क्षेत्र से सम्बद्ध लोगों के लिए यह गोचर विशेष रूप से अनुकूल प्रतीत होता है | साथ ही यदि अविवाहित हैं तो इस अवधि में अपने किसी मित्र अथवा किसी सहकर्मी के साथ आप Romantically Involve हो सकते हैं, जो समय आने पर विवाह सम्बन्ध में भी परिणत हो सकता है |

तुला : आपका द्वादशेश और भाग्येश का गोचर आपकी राशि से छठे भाव में हो रहा है | इस अवधि में आपकी निर्णायक क्षमता स्पष्ट बनी रहेगी जिसका लाभ आपको अपने कार्यक्षेत्र में प्राप्त हो सकता है | आप अपने लक्ष्य के प्रति दृढ संकल्प रहेंगे | कार्यस्थल पर सहकर्मियों का सहयोग आपको प्राप्त रहेगा | किसी पुराने मित्र से फिर से सम्पर्क हो सकता है, जो आपके कार्य की दृष्टि से अनुकूल सिद्ध हो सकता है | किन्तु साथ ही अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की भी आवश्यकता है | सरदर्द, जोड़ों तथा माँसपेशियों में दर्द की समस्या हो सकती है | डॉक्टर के बताए विटामिन्स आदि समय पर लेते रहेंगे और व्यायाम को अपनी दिनचर्या का अंग बना लेंगे तो बहुत सी समस्याओं से बचे रह सकते हैं | यात्राओं में वृद्धि की सम्भावना है |

वृश्चिक : आपका एकादशेश और अष्टमेश आपकी राशि से आपके पंचम भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए कार्य की दृष्टि से तथा आर्थिक दृष्टि से यह गोचर अत्यन्त अनुकूल प्रतीत होता है | आप इस अवधि में अपने कार्य से सम्बन्धित किसी प्रकार का Short Term Advance Course भी कर सकते हैं | इसके अतिरिक्त अपनी सन्तान को भी किसी कोर्स के लिए भेज सकते हैं | साथ ही यदि आप लेखक अथवा वक्ता हैं तो आपको सिमेनार्स आदि में अपना शोध पत्र प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त हो सकता है | आपके रुके हुए कार्य इस अवधि में पूर्ण होकर आपको उनका अनुकूल पारिश्रमिक भी इस अवधि में प्राप्त होने की सम्भावना है | अचानक ही किसी ऐसे स्थान से कार्य का निमन्त्रण प्राप्त हो सकता है जहाँ के विषय में आपने कल्पना भी नहीं की होगी |

धनु : आपके लिए सप्तमेश और दशमेश होकर बुध आपका योगकारक बन जाता है तथा आपके चतुर्थ भाव में गोचर कर रहा है | आपको अपने कार्य में अपने माता पिता का सहयोग निरन्तर प्राप्त रहेगा | आपके कार्य में तथा आर्थिक स्थिति में लाभ और वृद्धि की सम्भावना इस अवधि में की जा सकती है | आपके लिए इस समय अपने कार्य पर एकाग्रचित्त रहने का समय है जिसका भविष्य में भी आपको लाभ हो सकता है | आपके प्रभावशाली व्यक्तित्व का लाभ आपको अपने कार्य में मिलने की सम्भावना है | परिवार तथा कार्यस्थल पर सौहार्दपूर्ण वातावरण बना रहने के कारण आप अपने कार्य समय पर पूर्ण कर सकने में समर्थ होंगे | अविवाहित हैं तो इस अवधि में आपकी जीवन साथी की खोज भी पूर्ण हो सकती है | किसी सहकर्मी के साथ Romantically involve भी हो सकते हैं |

मकर : आपका षष्ठेश और भाग्येश आपके तीसरे भाव में गोचर कर रहा है | सम्भव है आपको अपने कार्य में किसी प्रकार के व्यवधान का अनुभव हो, किन्तु यह अस्थाई है | आपके उत्साह में वृद्धि का समय प्रतीत होता है, इसका लाभ उठाना आप पर निर्भर करता है | यदि आप दस्तकार हैं अथवा लेखक हैं तो आपके लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आपकी कला की तथा आपके लेखन की प्रशंसा होगी और इसका लाभ भी आपको प्राप्त होगा | धार्मिक गतिविधियों में वृद्धि की सम्भावना है, किन्तु पोंगा पण्डितों तथा व्यर्थ के अन्धविश्वासों के चक्कर में पड़कर आप अपना नुकसान भी कर सकते हैं, अतः इस ओर से सावधना रहने की आवश्यकता है | छोटे भाई बहनों से व्यर्थ का विवाद आपके हित में नहीं रहेगा |

कुम्भ : आपकी राशि से पंचमेश और अष्टमेश का गोचर आपकी राशि से दूसरे भाव में हो रहा है | आपकी निर्णायक तथा प्रतियोगी क्षमताओं में वृद्धि के साथ ही आपके कार्य की दृष्टि से भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आप यदि मीडिया या किसी प्रकार की Alternative Therapy से सम्बन्ध रखते हैं अथवा लेखन के क्षेत्र में हैं या वक्ता हैं तो आपके लिए आर्थिक लाभ तथा पुरूस्कार आदि प्राप्त होने के संकेत हैं | आपके कार्यों की सराहना होगी और आपकी योजनाओं को क्रियान्वित भी किया जा सकता है | नौकरी में पदोन्नति के भी संकेत हैं | राजनीति से जुड़े लोगों के लिए भी यह गोचर भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | किन्तु वाणी जहाँ प्रभावशाली बनी हुई है वहीं उस पर नियन्त्रण रखने की भी आवश्यकता है |

मीन : आपकी राशि से चतुर्थेश और सप्तमेश होकर बुध आपके लिए योगकारक बन जाता है तथा आपकी लग्न में ही गोचर कर रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | एक ओर पारिवारिक स्तर पर आपके लिए सौहार्दपूर्ण वातावरण बना रहने के संकेत हैं वहीं दूसरी ओर आपके कार्य की दृष्टि से भी उन्नति की सम्भावना प्रतीत होती है | नौकरी की तलाश में हैं तो वह भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है | आप अपने लिए नया घर भी इस अवधि में खरीद सकते हैं | सामाजिक गतिविधियों में वृद्धि के साथ ही मान सम्मान में भी वृद्धि की सम्भावना है | अविवाहित हैं तो जीवन साथी की खोज भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है | पॉलिटिक्स से यदि आपका सम्बन्ध है तो आपके लिए विशेष रूप से यह गोचर अनुकूल फल देने वाला प्रतीत होता है |

किन्तु अन्त में, उपरोक्त परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है |

साथ ही, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं | सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2019/02/25/mercury-transit-in-pisces/

 

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