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शुक्र का कुम्भ में गोचर

आज दिन में सभी ने रंग और उत्साह का पर्व होली धूम धाम से मनाया | सभी को एक बार पुनः इस रंगपर्व की रंगभरी उल्लासभरी हार्दिक शुभकामनाएँ |

आज फाल्गुन कृष्ण प्रतिपदा है, और आज अर्द्धरात्र्योत्तर तथा कल 22 मार्च को सूर्योदय से पूर्व तीन बजकर पैंतालीस मिनट के लगभग कौलव करण और वृद्धि योग में समस्त सांसारिक सुख, समृद्धि, विवाह, परिवार सुख, कला, शिल्प, सौन्दर्य, बौद्धिकता, राजनीति तथा समाज में मान प्रतिष्ठा में वृद्धि आदि का कारक शुक्र अपने परम मित्र शनि की एक राशि मकर से निकल कर दूसरी राशि कुम्भ में प्रस्थान कर जाएगा | अपने इस प्रस्थान के समय शुक्र धनिष्ठा नक्षत्र पर होगा | कुम्भ राशि में भ्रमण करते हुए 27 मार्च को शतभिषज नक्षत्र पर तथा सात अप्रेल को पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र पर विचरण करते हुए अन्त में बारह अप्रेल को मीन राशि में प्रस्थान कर जाएगा | शुक्र की अपनी राशि वृषभ से कुम्भ राशि दशम भाव तथा तुला से चतुर्थ भाव बनती है अतः इन दोनों राशियों के लिए सामान्य तौर पर यह गोचर शुभ होने की सम्भावना है | साथ ही कुम्भ राशि के जातकों के लिए शुक्र योग कारक ग्रह है |  इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखकर जानने का प्रयास करते हैं कि शुक्र के कुम्भ राशि में गोचर के समस्त राशियों पर सम्भावित परिणाम क्या रह सकते हैं…

किन्तु ध्यान रहे, ये समस्त फल सामान्य हैं | व्यक्ति विशेष की कुण्डली का व्यापक अध्ययन करके ही किसी निश्चित परिणाम पर पहुँचा जा सकता है | अतः कुण्डली का विविध सूत्रों के आधार पर व्यापक अध्ययन कराने के लिए किसी Astrologer के पास ही जाना उचित रहेगा |

मेष : आपका द्वितीयेश और सप्तमेश होकर शुक्र का गोचर आपके लाभ स्थान में गोचर कर रहा है | आपके स्वयं के लिए तथा आपके जीवन साथी दोनों के लिए यह गोचर अत्यन्त महत्त्वपूर्ण प्रतीत होता है | कार्य तथा आय में वृद्धि की सम्भावना है | रुके हुए कार्य पूर्ण होने की सम्भावना है | जो लोग अभी तक आपकी बात नहीं समझ पा रहे थे वे अब आपके सुझावों का अनुमोदन कर सकते हैं, जिसका लाभ आपको अपने कार्य में निश्चित रूप से प्राप्त हो सकता है | मित्रों तथा सहकर्मियों का सहयोग उपलब्ध रहेगा | अविवाहित हैं तो जीवन साथी की तलाश भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है | प्रेम सम्बन्ध विवाह में परिणत हो सकता है अथवा कोई नया प्रेम सम्बन्ध भी स्थापित हो सकता है | स्वास्थ्य की दृष्टि से भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | सन्तान की ओर से कोई शुभ समाचार इस अवधि में प्राप्त हो सकता है |

वृषभ : आपका राश्यधिपति तथा षष्ठेश होकर शुक्र का गोचर आपके कर्म स्थान में हो रहा है | कार्य की दृष्टि से तथा आर्थिक दृष्टि से आपके लिए उत्साह में वृद्धि के संकेत हैं जिसके कारण आप अपना कार्य समय पर पूर्ण करने में सक्षम रहेंगे | आप कलाकार हैं, कवि हैं, डेंटिस्ट हैं, केमिस्ट हैं, ब्यूटीशियन हैं अथवा किसी प्रकार के सौन्दर्य प्रसाधनों के व्यवसाय से सम्बन्ध रखते हैं, टूर और ट्रेवल से सम्बन्धित व्यवसाय में, वक्ता हैं तो आपके लिए विशेष रूप से कार्य में उन्नति तथा अर्थ लाभ की सम्भावना की जा सकती है | नया घर अथवा वाहन भी इस अवधि में खरीद सकते हैं अथवा खरीदने की योजना बना सकते हैं | अपने सौन्दर्य को निखारने में आपकी रूचि इस अवधि में बढ़ेगी | स्वास्थ्य की ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है |

मिथुन : आपका पंचमेश और द्वादशेश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से नवम भाव में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आपके पराक्रम में वृद्धि का समय प्रतीत होता है | कुछ नया कार्य आप इस अवधि में आरम्भ कर सकते हैं | जो लोग किसी प्रकार की प्रतियोगिता की तैयारी कर रहे हैं उनके लिए भी यह गोचर अनुकूल फल देने वाला प्रतीत होता है | आपकी सन्तान या आप स्वयं भी यदि उच्च शिक्षा के लिए प्रयासरत हैं तो उसमें सफलता की सम्भावना की जा सकती है | आप कलाकार हैं और कोई रिसर्च आदिद करना चाहते हैं तो उसके लिए भी आपका नामांकन इस अवधि में हो सकता है | परिवार में किसी के विवाह आदि माँगलिक कार्य के कारण सम्बन्धियों तथा मित्रों के साथ आमोद प्रमोद का समय भी प्रतीत होता है |

कर्क : आपका चतुर्थेश और एकादशेश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से अष्टम भाव में हो रहा है | इस अवधि में एक ओर जहाँ आपके लिए अप्रत्याशित लाभ की सम्भावना की जा सकती है, किसी ऐसे स्थान से प्रॉपर्टी के लाभ की सम्भावना की जा सकती है जहाँ की आपने कल्पना भी नहीं की होगी, वहीं दूसरी ओर किसी प्रकार से भी गुप्त विरोधियों की ओर से सावधान रहने की भी आवश्यकता है | आप स्वयं भी इस दौरान ऐसा कोई कार्य न करें जिसके कारण आपकी मान प्रतिष्ठा को किसी प्रकार की हानि होने की सम्भावना हो | कार्य में अकस्मात् ही किसी प्रकार का व्यवधान उपस्थित हो सकता है अतः सावधान रहने की आवश्यकता है | Opposite Sex की ओर इस अवधि में आपका झुकाव बढ़ सकता है | आगे बढ़ने से पूर्व पार्टनर के सम्बन्ध में पूरी जानकारी अवश्य हासिल कर लें | यदि आप महिला हैं तो आपको विशेष रूप से स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहने की आवश्यकता है | आपकी सन्तान के लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है |

सिंह : आपका तृतीयेश और दशमेश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से सप्तम भाव में होने जा रहा है | आपके और आपके जीवन साथी के लिए कार्य तथा अर्थलाभ की दृष्टि से अनुकूल समय प्रतीत होता है | यदि आप कलाकार हैं तो आपको अपनी कला के प्रदर्शन के अनेकों अवसर इस अवधि में उपलब्ध हो सकते हैं, जिनके कारण आपके मान सम्मान में वृद्धि तथा आपको किसी प्रकार का पुरूस्कार आदि भी प्राप्त हो सकता है | Cosmetic और Medicine के क्षेत्र में कार्यरत लोगों के लिए भी यह समय अत्यन्त लाभप्रद प्रतीत होता है | आय के नवीन स्रोत आपके तथा आपके जीवन साथी के समक्ष उपस्थित हो सकते हैं | आपका कोई घनिष्ठ मित्र अथवा आपका कोई सहकर्मी आपकी ओर आकर्षित हो सकता है और आप उसके साथ विवाह बन्धन में बंध सकते हैं | दाम्पत्य जीवन में प्रगाढ़ता के संकेत प्रतीत होते हैं |

कन्या : आपका द्वितीयेश और भाग्येश होकर शुक्र आपकी राशि से छठे भाव में हो रहा है | आपके लिए उत्साह में वृद्धि के योग प्रतीत होते हैं जिसके कारण आप अपने कार्य समय पर पूर्ण करने में समर्थ होंगे | आप इस समय कार्य से सम्बन्धित नवीन चुनौतियाँ भी स्वीकार करने का साहस रखते हैं, जो आपके कार्य की दृष्टि से हित में ही रहेगा | किसी महिला मित्र के माध्यम से कोई नवीन प्रोजेक्ट आपको प्राप्त हो सकता है जिसके कारण आप दीर्घ समय तक व्यस्त रहकर अर्थलाभ भी कर सकते हैं | किन्तु साथ ही उन मित्रों को पहचानकर उनसे दूर होने की आवश्यकता है जो आपसे प्रेम दिखाते हैं लेकिन मन में ईर्ष्या का भाव रखते हैं | किसी कोर्ट केस का निर्णय आपके पक्ष में आ सकता है और उसके माध्यम से आपको अर्थलाभ भी सम्भव है | साथ ही विदेश यात्राओं के भी योग प्रतीत होते हैं | इन यात्राओं के दौरान अपने स्वास्थ्य के प्रति विशेष रूप से सावधान रहने की आवश्यकता है | साथ परिवार की किसी बुज़ुर्ग महिला के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखने की आवश्यकता है |

तुला : लग्नेश और अष्टमेश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से पंचम भाव में होने जा रहा है | सन्तान के साथ यदि कुछ समय से किसी प्रकार की अनबन चल रही है तो उसके दूर होने की सम्भावना इस अवधि में की जा सकती है | मान सम्मान तथा आय में वृद्धि के संकेत हैं | नौकरी के लिए इन्टरव्यू दिया है तो उसमें भी सफलता की सम्भावना है | सन्तान प्राप्ति के भी योग प्रतीत होते हैं | सन्तान के लिए भी यह गोचर समय अनुकूल प्रतीत होता है | आपके व्यक्तित्व में सकारात्मक परिवर्तन होने की सम्भावना है | आपके कार्यों के कारण आपको किसी प्रकार का पुरूस्कार आदि भी इस अवधि में प्राप्त हो सकता है | धार्मिक तथा आध्यात्मिक गतिविधियों की ओर रुझान में वृद्धि की भी सम्भावना की जा सकती है | आपकी सन्तान की ओर से कोई ऐसा शुभ समाचार आपको प्राप्त हो सकता है जिसकी आपको बहुत समय से प्रतीक्षा थी |

वृश्चिक : आपके लिए आपका सप्तमेश और द्वादशेश होकर शुक्र आपके चतुर्थ भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए यह गोचर अनुकूल फल देने वाला प्रतीत होता है | सम्भव है आप इस अवधि में नया घर अथवा वाहन खरीद लें अथवा खरीदने की योजना बना लें | किन्तु ड्राइविंग के समय सावधानी बरतने की आवश्यकता है | किसी वसीयत के माध्यम से प्रॉपर्टी के लाभ के भी संकेत हैं | किन्तु सम्बन्धित Documents का भली भाँती निरीक्षण अवश्य कर लीजिये – कहीं ऐसा न हो ये प्रॉपर्टी किसी प्रकार के विवाद में फँसी हुई हो | यों परिवार में आनन्द का वातावरण रहेगा | मान सम्मान और पुरूस्कार आदि का लाभ भी हो सकता है | सुख सुविधाओं के साधनों में वृद्धि के संकेत हैं | कार्य के लिए अथवा यों ही मनोरंजन के लिए भी यात्राओं पर भी जा सकते हैं | पॉलिटिक्स से जिन लोगों का सम्बन्ध है उनके लिए यह गोचर अधिक अनुकूल प्रतीत होता है | अपनी माता जी के स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है |

धनु : आपके लिए आपका षष्ठेश और एकादशेश होकर शुक्र का गोचर आपके तीसरे भाव में हो रहा है | आपके लिए उत्साह तथा निर्णायक क्षमता में वृद्धि के संकेत प्रतीत होते हैं | साथ ही, विरोधियों के स्वर मुखर हो सकते हैं, किन्तु आप स्वयं अपने ही बुद्धिबल से समस्त विरोधों को शान्त करने में समर्थ हो सकते हैं | हाँ भाई बहनों के साथ किसी प्रकार का विवाद कोर्ट तक पहुँच सकता है अतः इस ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है | आपके किसी घनिष्ठ मित्र के माध्यम से आपकी भेंट किसी प्रभावशाली व्यक्ति से हो सकती है और उसके कारण आपको अपने कार्य में भी लाभ प्राप्त हो सकता है तथा आपके मान सम्मान में भी वृद्धि के संकेत हैं | रुके हुए कार्य भी इस अवधि में पूर्ण होने की सम्भावना है | कहीं पेमेण्ट रुकी हुई है तो वह भी वापस प्राप्त हो सकती है | किसी कोर्ट केस का निर्णय भी आपके पक्ष में आ सकता है |

मकर : आपके लिए आपका पंचमेश और दशमेश होकर शुक्र आपके लिए योगकारक बनता है और आपकी राशि से दूसरे भाव में गोचर कर रहा है | पराक्रम तथा निर्णायक क्षमता में वृद्धि के संकेत हैं | आर्थिक रूप से स्थिति में दृढ़ता आने के साथ ही कुछ नवीन प्रोजेक्ट्स इस अवधि में प्राप्त होते रह सकते हैं जिनके कारण आप बहुत समय तक व्यस्त रहकर अर्थ लाभ भी कर सकते हैं | आपकी वाणी तथा व्यक्तित्व का प्रभाव दूसरों पर पड़ेगा और जिसके कारण आपकी प्रशंसा भी होगी तथा आपको किसी प्रकार का पुरूस्कार आदि भी प्राप्त हो सकता है | सामाजिक गतिविधियों में वृद्धि के साथ ही मान सम्मान में वृद्धि के भी संकेत हैं | आपकी वाणी अत्यन्त प्रभावशाली है, उसका लाभ आपको अपने कार्यक्षेत्र में अवश्य प्राप्त होगा, किन्तु ऐसा कुछ मत बोलिए जिसके कारण किसी विवाद में फँसने की सम्भावना हो |

कुम्भ : आपके लिए भी आपकी राशि से चतुर्थेश और नवमेश होकर शुक्र आपका योगकारक बनता है और आपकी लग्न में ही गोचर कर रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आप इस अवधि में अपने शारीरिक सौन्दर्य के साथ ही अपनी Intellect को निखारने का भी प्रयास करेंगे, जो आपके हित में ही रहेगा | आपके आकर्षक व्यक्तित्व से लोग प्रभावित होंगे और उसका लाभ आपको अपने कार्य तथा पारस्परिक सम्बन्धों में अवश्य प्राप्त होगा | Romantically यदि कहीं Involve हैं तो उस सम्बन्ध में अन्तरंगता के संकेत प्रतीत होते हैं | आपका प्रेम सम्बन्ध विवाह सम्बन्ध में भी परिणत हो सकता है | विवाहित हैं तो दाम्पत्य जीवन में भी माधुर्य तथा अन्तरंगता बने रहने के संकेत हैं | Opposite Sex के प्रति आपका रुझान इस अवधि में बढ़ सकता है | राजनीति से यदि आप सम्बद्ध हैं तो आपके लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है |

मीन : आपके लिए तृतीयेश और अष्टमेश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से बारहवें भाव में हो रहा है | आपके लिए उच्च शिक्षा, कला के प्रदर्शन अथवा अन्य किसी व्यावसायिक कार्य के निमित्त विदेश यात्राओं में वृद्धि के संकेत प्रतीत होते हैं | इन यात्राओं से आपके कार्य तथा मान सम्मान में प्रगति की तथा आर्थिक स्थिति में दृढ़ता आने की सम्भावना है | इन यात्राओं के कारण आपके कुछ नए मित्र भी बन सकते हैं | साथ ही इन यात्राओं के दौरान अपने स्वास्थ्य तथा Important Documents का भी ध्यान रखने की भी आवश्यकता है | परिवार में किसी प्रकार के माँगलिक आयोजन की भी सम्भावना इस अवधि में की जा सकती है | परिवार में आनन्द का वातावरण बना रह सकता है | महिलाओं को अधिक रक्तस्राव की समस्या हो सकती है अतः अपनी Gynaecologist से नियमित चेकअप अवश्य कराती रहें | आपके छोटे भाई बहनों के लिए यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है |

अन्त में, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं – यह एक ऐसी खगोलीय घटना है जिसका प्रभाव मानव सहित समस्त प्रकृति पर पड़ता है | वास्तव में सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2019/03/21/venus-transit-in-aquarius/

 

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सूर्य का कुम्भ राशि में संक्रमण

बुधवार 13 फरवरी माघ शुक्ल अष्टमी को प्रातः आठ बजकर 49 मिनट के लगभग बव करण और ब्रह्म योग में सूर्यदेव मकर राशि में अपना भ्रमण पूर्ण करके कुम्भ राशि में प्रस्थान कर जाएँगे | जहाँ वे शुक्रवार 15 मार्च को प्रातः 5:40 तक विचरण करने के बाद मीन राशि में प्रस्थान कर जाएँगे | अपनी इस यात्रा के दौरान भगवान भास्कर 19 फरवरी तक धनिष्ठा नक्षत्र पर, उसके बाद 5 मार्च तक शतभिषज पर और अन्त में पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र पर भ्रमण करेंगे | इस यात्रा के दौरान सूर्य पर निरन्तर अपने राश्यधिपति शनि की दृष्टि रहेगी | सूर्य का गोचर इस समय सूर्य की अपनी उच्च राशि मेष से ग्यारहवें भाव में हो रहा है – जो मेष राशि के लिए लाभ स्थान है, तथा अपनी राशि सिंह से सप्तम भाव में गोचर करेंगे | इन दोनों राशियों के जातको के लिए निश्चित रूप से यह अवधि शुभ फल देने वाली कही जा सकती है | आइये जानने का प्रयास करते हैं सूर्य के कुम्भ में गोचर के सभी राशियों के जातकों पर क्या सम्भावित प्रभाव हो सकते हैं…

मेष : जैसा ऊपर ही लिखा है, मेष राशि के जातकों के लिए सूर्य का यह गोचर शुभ फलदायी प्रतीत होता है | मेष सूर्य की उच्च राशि है और कुम्भ राशि वहाँ से ग्यारहवें भाव में आती है | ग्यारहवाँ भाव लाभ का भाव कहलाता है | इस अवधि में आपको इस प्रकार के लाभ हो सकते हैं जिनके लिए आप बहुत समय से प्रतीक्षारत थे | आपको कुछ नए प्रोजेक्ट्स प्राप्त हो सकते हैं जिनके कारण आपकी आर्थिक स्थति भी पहले से मज़बूत हो सकती है | आपके मित्र, अधिकारीगण आपके अनुकूल रहेंगे तथा उनका सहयोग आपको प्राप्त होता रहेगा | आपकी पदोन्नति भी हो सकती है और किसी प्रकार का सम्मान, पुरूस्कार आदि भी इस अवधि में प्राप्त हो सकता है | सिंह आपका पंचम भाव है सन्तान के विवाह के लिए चिन्तित हैं तो इस अवधि में उस चिन्ता से भी मुक्ति प्राप्त हो सकती है | साथ ही धार्मिक तथा आध्यात्मिक गतिविधियों में आपकी रूचि बढ़ सकती है | आपके पिता के लिए भी यह गोचर भाग्यशाली प्रतीत होता है |

वृषभ : आपका चतुर्थेश होकर सूर्य आपके दशम भाव में गोचर कर रहा है | सूर्य के इस गोचर के दौरान वृषभ राशि के जातकों के पारिवारिक जीवन में कुछ महत्त्वपूर्ण परिवर्तन हो सकते हैं | आप जिस घर में हैं उसे बेचकर कोई नया घर ख़रीद सकते हैं | यदि आप प्रॉपर्टी से सम्बन्धित किसी व्यवसाय में तो उसमें भी आपके लिए लाभ की आशा की जा सकती है | आपके जीवन साथी के लिए भी यह समय आर्थिक दृष्टि से अनुकूल प्रतीत होता है | विदेशों से भी धनलाभ की आशा की जा सकती है | हाँ स्वास्थ्य की दृष्टि से सावधान रहने की आवश्यकता है | पेट अथवा लिवर आदि से सम्बन्धित किसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है |

मिथुन : मिथुन राशि के जातकों के लिए भी सूर्य का यह गोचर भाग्यवर्धक प्रतीत होता है | आपके लिए आपका तृतीयेश होकर सूर्य भाग्य स्थान में गोचर कर रहा है | यदि आप किसी नौकरी में हैं तो इस दौरान आपकी योजनाओं का लाभ आपको प्राप्त हो सकता है | साथ ही धार्मिक गतिविधियों में आपकी रूचि बढ़ सकती है | किन्तु अष्टमेश शनि के प्रभाव को भी नकारा नहीं जा सकता | आपको कुछ गुप्त शत्रुओं से सावधान रहने के लिए अपनी आँखें और कान खुले रखकर कार्य करना होगा | कोई ऐसा व्यक्ति आपके साथ धोखा कर सकता है जिस पर आप बहुत अधिक विश्वास रखते हैं | इसके अतिरिक्त पिता के साथ भी किसी प्रकार का मतभेद हो सकता है अथवा पिता का स्वास्थ्य आपके लिए चिन्ता का विषय हो सकता है | छोटे भाई बहनों के लिए समय अनुकूल प्रतीत होता है | सम्भव है इस अवधि में आपके छोटे भाई बहनों में सी किसी का विवाह सम्बन्ध भी पक्का हो जाए |

कर्क : आपके लिए सिंह द्वितीय भाव है और वहाँ का स्वामी होकर सूर्य अष्टम भाव में गोचर कर रहा है | आपके लये यह गोचर उतना अनुकूल नहीं प्रतीत होता | आपके लिए किसी प्रकार की आर्थिक हानि होने की सम्भावना प्रतीत होती है | इस स्थिति में आपके जीवन साथी के पिता की ओर से आपको सहायता प्राप्त हो सकती है | साथ ही परिवार में किसी प्रकार का विवाद भी उत्पन्न हो सकता है जिसके कारण आपकी मानसिक शान्ति भंग हो सकती है | परिवार का कोई बुज़ुर्ग व्यक्ति आपके विरुद्ध हो सकता है और उसे मनाने के लिए आपको कोई ऐसा कार्य करना पड़ सकता है जिसके कारण आपके सम्मान को ठेस पहुँच सकती है | अकारण ही यात्रा करनी पड़ सकती है | खान पान में सावधानी नहीं रखेंगे तो स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता है | किन्तु इस सब बातों से घबराने की आवश्यकता नहीं है | अपने विचार सकारात्मक रखेंगे और भगवान भास्कर को प्रतिदिन अर्घ्य समर्पित करेंगे तो बहुत सी समस्याओं से बच सकते हैं |

सिंह : आपके लिए लग्न का अधिपति होकर सूर्य आपके सप्तम भाव में गोचर कर रहा है | लाभदायक समय प्रतीत होता है | इस अवधि में आर्थिक लाभ की सम्भावना प्रतीत होती है | रुके हुए कार्य भी इस अवधि में पूर्ण होने की सम्भावना है | कोई नया कार्य भी आप आरम्भ कर सकते हैं जो भविष्य में आपके लिए लाभदायक सिद्ध हो सकता है | आपके सम्मान में वृद्धि तथा कुछ पुरूस्कार आदि प्राप्त होने की भी सम्भावना है | यदि अविवाहित हैं तो कोई ऐसा व्यक्ति आपको मिल सकता है जिसके साथ आप जीवन व्यतीत करने का निश्चय कर लेंगे और आपका विवाह सम्बन्ध पक्का हो सकता है | किन्तु साथ ही यदि विवाहित हैं तो दामपत्य जीवन में आपके बढे हुए क्रोध के कारण तनाव की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है | साथ ही आपके जीवन साथी का स्वास्थ्य भी चिन्ता का विषय हो सकता है | यदि पार्टनरशिप में कोई कार्य करना चाहते हैं तो उसके लिए समय अभी अनुकूल नहीं है, अतः उस विचार को कुछ समय के लिए स्थगित करना ही हित में होगा | अपने स्वभाव की उग्रता पर नियन्त्रण रखने के लिए नित्य सूर्य को अर्घ्य प्रदान करें तथा ध्यान और प्राणायाम आदि का नियमित अभ्यास करें |

कन्या : आपका द्वादशेश होकर सूर्य आपके छठे भाव में गोचर कर रहा है | आपके विरोधियों के लिए समय प्रतिकूल जान पड़ता है | सूर्य के प्रभाव से आप अपने विरोधियों पर भारी पड़ सकते हैं | यदि किसी प्रकार का कोई कोर्ट केस चल रहा है तो उसमें भी प्रगति की अथवा अनुकूल परिणाम प्राप्त होने की सम्भावना की जा सकती है | किसी प्रकार की प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं अथवा नौकरी के लिए इंटरव्यू की तैयारी में हैं तो उसमें भी अनुकूल परिणाम प्राप्त होने की सम्भावना है | स्पोर्ट्स के क्षेत्र से सम्बद्ध लोगों के लिए भी समय अनुकूल प्रतीत होता है | इस अवधि में आप अपने लक्ष्य को बड़ी सहजता से प्राप्त कर सकते हैं | विदेश यात्राओं में आपको लाभ प्राप्त होने की सम्भावना है तथा कुछ नए सम्बन्ध भी स्थापित हो सकते हैं जिनके कारण आपको निरन्तर नवीन प्रोजेक्ट्स प्राप्त होते रह सकते हैं और उनसे आपकी आर्थिक स्थिति भी निरन्तर दृढ़ होती रह सकती है | स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहने की आवश्यकता है | किसी प्रकार के इन्फेक्शन अथवा ज्वर आदि से पीड़ित हो सकते हैं |

तुला : आपका एकादशेश होकर सूर्य आपके पंचम भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त लाभकारी तथा अनुकूल प्रतीत होता है | आपकी आय में वृद्धि की सम्भावना है | आपकी पदोन्नति के भी अवसर प्रतीत होते हैं जिसके कारण आपको आर्थिक लाभ भी प्राप्त होगा | आपके अधिकारी गण आपसे प्रसन्न रहेंगे | आपका अपना व्यवसाय है तो उसमें भी प्रगति की सम्भावना है | आप अपनी बुद्धि तथा उचित दिशा में किये गए प्रयासों के बल से अपने लक्ष्य को इस अवधि में प्राप्त कर सकते हैं | किन्तु छात्रों के लिए समय अधिक अनुकूल नहीं प्रतीत होता | उन्हें सफलता प्राप्ति के लिए परिश्रम अधिक करना पड़ेगा | नौकरी की खोज में हैं तो उसमें सफलता प्राप्त होने की सम्भावना है | आपके उग्र स्वभाव के कारण आपके दाम्पत्य जीवन में तनाव हो सकता है अतः अपने स्वभाव के प्रति सावधान रहें | किसी के साथ प्रेम सम्बन्ध है तो वहाँ भी सम्बन्धों में कटुता उत्पन्न हो सकती है | ध्यान रहे अकारण ही सन्देह सम्बन्धों में दरार उत्पन्न करता है | आपकी सन्तान की शिक्षा आदि के लिए एक ओर जहाँ लाभ का समय प्रतीत  होता है वहीं उसके स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहने की आवश्यकता है |

वृश्चिक : आपके लिए सूर्य दशमेश होकर चतुर्थ भाव में प्रवेश कर रहा है | कार्य क्षेत्र में आपके लिए अनुकूलता का समय प्रतीत होता है | आपके प्रोजेक्ट्स समय पर पूर्ण होते रहने की सम्भावना है जिनके कारण आपका यश में भी वृद्धि की सम्भावना है | अपने सहकर्मियों का साथ आपको प्राप्त होता रहेगा | साथ ही ऐसा भी हो सकता है कि आपको कई लोगों सलाह देने वाले मिल जाएँ और उनके कारण आपके मन में असमंजस अथवा द्विविधा की स्थिति बन जाए | अतः बहत अधिक लोगों से अपने काम के विषय में सलाह न करें | आप कोई नया घर भी ख़रीद सकते हैं अथवा इसी घर को रेनोवेट भी करा सकते हैं | किन्तु इस सबमें मानसिक तनाव में भी वृद्धि हो सकती है | प्रॉपर्टी के व्यवसाय से सम्बन्धित लोगों के लिए लाभदायक समय प्रतीत होता है | आपके जीवन साथी के लिए भी आर्थिक तथा कार्य की दृष्टि से समय अनुकूल प्रतीत होता है | परिवार में किसी प्रकार का तनाव उत्पन्न हो सकता है | साथ ही अपनी माता जी के स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है |

धनु : आपका नवमेश होकर सूर्य आपके तृतीय भाव में गोचर कर रहा है | आप जो भी कार्य इस अवधि में करेंगे भली भाँती सोच समझ कर ही करेंगे क्योंकि आपकी निर्णय क्षमता में स्पष्टता की सम्भावना है | सामाजिक स्तर पर आपके सम्मान में वृद्धि की सम्भावना है | आप दूर पास की यात्राओं पर भी भ्रमण हेतु जा सकते हैं | साथ ही धार्मिक कार्यों के प्रति भी आपकी रूचि बढ़ेगी | आपके किसी भाई अथवा बहन का विवाह सम्बन्ध भी इस अवधि में पक्का हो सकता है | किन्तु भाई बहनों के स्वास्थ्य के लिए समय अनुकूल नहीं प्रतीत होता |

मकर : आपका अष्टमेश आपके द्वितीय भाव में गोचर कर रहा है | अचानक ही किसी ऐसे स्रोत से धनलाभ हो सकता है जिसके विषय में आपने सोचा भी नहीं होगा | आपमें से कुछ जातकों को पैतृक सम्पत्ति का लाभ भी हो सकता है | दर्शन शास्त्र, आत्म चिन्तन तथा आध्यात्मिकता की दिशा में आपकी रूचि में वृद्धि हो सकती है | आपके कार्य में प्रगति की सम्भावना है | लेकिन यदि आपने अपनी वाणी पर संयम नहीं रखा तो आपके व्यावसायिक और पारिवारिक दोनों स्तरों पर आपको नुकसान पहुँच सकता है | अतः संयमित भाषा का प्रयोग करें | यदि परिवार मीब किसी के साथ कुछ अत्भेद हो जाए तो परिबार के किसी बुज़ुर्ग व्यक्ति से उस विषय पर राय लेकर उस विवाद को सुलझाने का प्रयास कीजिए | पित्त, सरदर्द जैसी समस्याओं से बचने के लिए खान पान भी सन्तुलित रखने की आवश्यकता है | किसी बुज़ुर्ग का स्वास्थ्य भी चिन्ता का विषय हो सकता है |

कुम्भ : आपके लिए तो आपका सप्तमेश लग्न में गोचर कर रहा है | कार्यस्थल में आपका प्रदर्शन सन्तोषजनक रहेगा जिसके कारण आपके पदोन्नति की भी आशा की जा सकती है | राजनीति से जुड़े लोगों के लिए भी समय अनुकूल प्रतीत होता है | सम्भव है कोई नया पदभार भी आपको सौंप दिया जाए जिसके कारण आपकी व्यस्तताएँ भी बढ़ सकती है | सामाजिक रूप से आप काफ़ी सक्रिय तथा प्रभावशाली बने रह सकते हैं | ऐसा करना आपके कार्य के लिए भी अच्छा रहेगा और इसके दूरगामी अनुकूल परिणाम भी प्राप्त होने की सम्भावना है | प्रेम सम्बन्ध चल रहा है तो वहाँ भी सम्बन्धों में अन्तरंगता बढ़ सकती है | दाम्पत्य जीवन में भी सम्बन्धों में मधुरता की सम्भावना की जा सकती है | किन्तु इस गोचर के कारण आपके क्रोध में वृद्धि भी हो सकती है जिसके कारण सम्बन्धों में तनाव भी उत्पन्न हो सकता है | अतः अपने अकारण क्रोध पर संयम रखने के लिए ध्यान प्राणायाम आदि का अभ्यास अवश्य करते रहें और सूर्य को अर्घ्य प्रदान करते रहें | सरदर्द, ज्वर अथवा किसी प्रकार के इन्फेक्शन के कारण आपका स्वास्थ्य ख़राब हो सकता है अतः इस ओर से सावधान रहें |

मीन : सूर्य आपकी राशि के लिए षष्ठेश होकर द्वादश भाव में गोचर कर रहा है | जो लोग किसी नौकरी में हैं, विशेष रूप से सरकारी नौकरी में – उनके लिए समय विशेष रूप से अनुकूल जान पड़ता है | कोई शुभ समाचार भी इस अवधि में प्राप्त हो सकता है | पदोन्नति के साथ कहीं ट्रांसफर भी हो सकता है | सम्भव है लम्बे समय तक विदेश में प्रवास करना पड़ जाए | आप किहीं बैंक आदि से किसी आवश्यक कार्य के लों लेने पर विचार कर सकते हैं | यदि कोई कोर्ट केस चल रहा है तो उसमें भी प्रगति की सम्भावना है | सम्भव है किसी कोर्ट केस का फैसला भी आपके पक्ष में ही हो जाए | आपको अपनी माता के स्वास्थ्य का विशेष रूप से ध्यान रखने की आवश्यकता है | साथ ही यात्रा आदि के समय अपने Documents को भी सम्भाल कर रखने की आवश्यकता | यात्राओं में अपने भी स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहने की आवश्यकता है |

किन्तु अन्त में, उपरोक्त परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है |

साथ ही, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं | सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2019/02/12/sun-transit-in-aquarius/

 

 

 

बुद्ध का कुम्भ में गोचर

कल यानी गुरूवार सात फरवरी को प्रातः दस बजकर ग्यारह मिनट के लगभग माघ शुक्ल द्वितीया को तैतिल करण और परिघ योग में बुध का गोचर कुम्भ राशि में होने जा रहा है | बुध इस समय धनिष्ठा नक्षत्र पर है तथा अस्त है | कुम्भ राशि में निवास करते हुए बुध 11 फरवरी को शतभिषज नक्षत्र पर और 18 फरवरी को पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र पर भ्रमण करता हुआ 25 फरवरी को प्रातः 8:53 के लगभग मीन राशि में प्रस्थान कर जाएगा | इस बीच 18 फरवरी को बुह मार्गी भी हो जाएगा | कुम्भ राशि में स्थित बुध पर शनि की दृष्टि भी है तथा कुम्भ राशि बुध की अपनी उच्च राशि कन्या से छठा भाव है तथा मिथुन राशि से नवम भाव है | आइये जानने का प्रयास करते हैं कि बुध के कुम्भ राशि में गोचर के विभिन्न राशियों पर क्या सम्भावित प्रभाव हो सकते हैं…

मेष : आपका तृतीयेश और षष्ठेश का गोचर आपकी राशि से एकादश भाव में हो रहा है | उत्साह में वृद्धि के साथ ही आपके कार्य तथा आय में वृद्धि की सम्भावना है | कुछ ऐसे नवीन कार्य भी आपको प्राप्त हो सकते हैं जिनके कारण व्यस्त रहते हुए अर्थलाभ कर सकते हैं | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की भी सम्भावना है | किन्तु साथ ही छोटे भाई बहनों अथवा किसी मित्र के कारण कार्य में व्यवधान की सम्भावना से भी इन्कार नहीं किया जा सकता | जो लोग आपसे ईर्ष्या रखते हैं उनसे एक निश्चित दूरी बनाकर चलने में ही भलाई होती है | पॉलिटिक्स में यदि आप हैं तो आपके लिए विशेष रूप से यह गोचर अनुकूल सिद्ध हो सकता है |

वृषभ : आपका द्वितीयेश और पंचमेश आपकी राशि से कर्म स्थान में गोचर कर रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त अनुकूल प्रतीत होता है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की भी सम्भावना है | उत्साह में वृद्धि का समय भी प्रतीत होता है | परिवार के लोगों का तथा कार्यस्थल पर सहकर्मियों का सहयोग आपको उपलब्ध रहेगा | आपका अपना कार्य है तो उसमें उन्नति के साथ ही आप कोई अन्य कार्य भी आरम्भ कर सकते हैं | मित्रों का सहयोग आपको प्राप्त रहेगा | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की सम्भावना भी है | सन्तान के स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है |

मिथुन : आपका लग्नेश तथा चतुर्थेश आपकी राशि से नवम भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए विशेष रूप से भाग्यवर्द्धक समय प्रतीत होता है | आपकी निर्णायक क्षमता में वृद्धि के साथ ही कार्य में प्रगति की तथा आर्थिक स्थिति में दृढ़ता की सम्भावना भी है | आप इस अवधि में तीर्थयात्रा आदि का कार्यक्रम भी बना सकते हैं | परिवार के लोगों का सहयोग आपको प्राप्त रहेगा | आप अपने लिए कोई नया घर भी इस अवधि में खरीद सकते हैं अथवा खरीदने की योजना बना सकते हैं | अध्ययन अध्यापन तथा बेंकिंग अथवा मेडिकल के क्षेत्र से सम्बन्ध रखने वालों के लिए गोचर अनुकूल प्रतीत होता है |

कर्क : आपके लिए द्वादशेश और तृतीयेश होकर बुध आपकी राशि से अष्टम भाव में गोचर कर रहा है | जिन लोगों का कार्य किसी भी प्रकार से विदेशों से सम्बन्ध रखता है उनके लिए यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | उनके लिए में प्रगति तथा उसके माध्यम से अर्थलाभ की सम्भावना प्रतीत होती है | यात्राओं में वृद्धि की भी सम्भावना है | तुकी हुई पेमेण्ट भी इस अवधि में प्राप्त हो सकती है | नौकरी में पदोन्नति के साथ ही ट्रांसफर की सम्भावना भी है | किन्तु साथ ही छोटे भाई बहनों के कारण किसी प्रका का तनाव भी सम्भव है जिसके कारण स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है |

सिंह : आपके लिए द्वितीयेश और एकादशेश होकर बुध का गोचर आपकी राशि से सप्तम भाव में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | कार्य की अधिकता होने के साथ ही आर्थिक स्थिति में भी दृढ़ता की सम्भावना की जा सकती है | किसी मित्र के माध्यम से आपको कुछ नवीन कार्य प्राप्त हो सकते हैं जो आपके लिए हित में रहेंगे | साथ ही यदि अविवाहित हैं तो इस अवधि में अपने किसी मित्र अथवा किसी सहकर्मी के साथ आप Romantically Involve हो सकते हैं, जो समय आने पर विवाह सम्बन्ध में भी परिणत हो सकता है | किन्तु आपको अपने स्वभाव और वाणी पर नियन्त्रण रखने की आवश्यकता है | साथ ही दूसरों के मामलों में हस्तक्षेप का आपका स्वभाव आपके सम्बन्धों के लिए हानिकारक सिद्ध हो सकता है |

कन्या : आपका राश्यधिपति तथा दशमेश बुध का गोचर आपकी राशि से छठे भाव में हो रहा है | इस अवधि में आपकी निर्णायक क्षमता स्पष्ट बनी रहेगी जिसका लाभ आपको अपने कार्यक्षेत्र में प्राप्त हो सकता है | आप अपने लक्ष्य के प्रति दृढ संकल्प रहेंगे | कार्यस्थल पर सहकर्मियों का सहयोग आपको प्राप्त रहेगा | किसी पुराने मित्र से फिर से सम्पर्क हो सकता है, जो आपके कार्य की दृष्टि से अनुकूल सिद्ध हो सकता है | किन्तु साथ ही अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की भी आवश्यकता है | सरदर्द, जोड़ों तथा माँसपेशियों में दर्द की समस्या हो सकती है | डॉक्टर के बताए विटामिन्स आदि समय पर लेते रहेंगे और व्यायाम को अपनी दिनचर्या का अंग बना लेंगे तो बहुत सी समस्याओं से बचे रह सकते हैं |

तुला : आपका द्वादशेश और भाग्येश आपके पंचम भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए कार्य की दृष्टि से तथा आर्थिक दृष्टि से यह गोचर अत्यन्त अनुकूल प्रतीत होता है | आप इस अवधि में अपने कार्य से सम्बन्धित किसी प्रकार का Short Term Advance Course भी कर सकते हैं | इसके अतिरिक्त अपनी सन्तान को भी किसी कोर्स के लिए भेज सकते हैं | साथ ही यदि आप लेखक अथवा वक्ता हैं तो आपको सिमेनार्स आदि में अपना शोध पत्र प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त हो सकता है | आपके रुके हुए कार्य इस अवधि में पूर्ण होकर आपको उनका अनुकूल पारिश्रमिक भी इस अवधि में प्राप्त होने की सम्भावना है | धार्मिक गतिविधियों में वृद्धि की समभावना है |

वृश्चिक : आपका एकादशेश और अष्टमेश आपकी राशि से चतुर्थ भाव में गोचर कर रहा है | आपको अपने कार्य में अपने माता पिता का सहयोग निरन्तर प्राप्त रहेगा | आपके कार्य में तथा आर्थिक स्थिति में लाभ और वृद्द्धि की सम्भावना इस अवधि में की जा सकती है | कार्य से सम्बन्धित व्यस्तताओं के कारण सम्भव है आप परिवार पर अधिक ध्यान न दे पाएँ | किन्तु आपके लिए इस समय अपने कार्य पर एकाग्रचित्त रहने का समय है जिसका भविष्य में भी आपको लाभ हो सकता है | आपके प्रभावशाली व्यक्तित्व का लाभ आपको अपने कार्य में मिलने की सम्भावना है | साथ ही स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है |

धनु : आपका सप्तमेश और दशमेश आपके तीसरे भाव में गोचर कर रहा है | सम्भव है आपके कार्य में किसी प्रकार के व्यवधान का अनुभव आपको हो, किन्तु यह अस्थाई है | बुध के मार्गी होने पर कार्य क्षेत्र में भी सफलता की सम्भावना की जा सकती है | किन्तु यदि आप दस्तकार हैं अथवा लेखक हैं तो आपके लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आपकी कला की तथा आपके लेखन की प्रशंसा होगी और इसका लाभ भी आपको प्राप्त होगा | साथ ही आपके जीवन साथी के लिए यह गोचर भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आप अपने जीवन साथी के साथ कहीं भ्रमण के लिए भी जा सकते हैं |

मकर : आपका षष्ठेश और भाग्येश आपके दूसरे भाव में गोचर कर रहा है | आपकी निर्णायक तथा प्रतियोगी क्षमताओं में वृद्धि के साथ ही आपके कार्य की दृष्टि से भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आप यदि मीडिया या किसी प्रकार की Alternative Therapy से सम्बन्ध रखते हैं अथवा लेखन के क्षेत्र में हैं या वक्ता हैं तो आपके लिए आर्थिक लाभ तथा पुरूस्कार आदि प्राप्त होने के संकेत हैं | आपके कार्यों की सराहना होगी और आपकी योजनाओं को क्रियान्वित भी किया जा सकता है | नौकरी में पदोन्नति के भी संकेत हैं | राजनीति से जुड़े लोगों के लिए भी यह गोचर भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | वाणी पर नियन्त्रण रखने की आवश्यकता है |

कुम्भ : आपकी राशि से पंचमेश और अष्टमेश का गोचर आपकी लग्न में ही गोचर कर रहा है | आपका अपना व्यवसाय है तो उसमें उन्नति के संकेत हैं | कोई नया कार्य भी इस अवधि में आरम्भ कर सकते हैं | पार्टनरशिप में कार्य आरम्भ करने के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | नौकरी में हैं तो उसमें भी पदोन्नति की सम्भावना की जा सकती है | नौकरी की तलाश में हैं तो वह भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है | सामाजिक गतिविधियों में वृद्धि की भी सम्भावना है | लोग आपके कार्यों की प्रशंसा करेंगे और अपने कार्य के लिए आपको किसी प्रकार का पुरूस्कार और सम्मान आदि भी प्राप्त हो सकता है | किन्तु साथ ही विरोधियों की ओर से सावधान रहने की भी आवश्यकता है |

मीन : आपकी राशि से चतुर्थेश और सप्तमेश का गोचर आपके बारहवें भाव में हो रहा है | कार्य के सिलसिले में अथवा उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए विदेश जा सकते हैं | किन्तु सम्भव है ये यात्राएँ आपके लिए मनोनुकूल न रहे | नौकरी में हैं तो किसी अधिकारी के रिटायर होने के कारण आपकी उसके स्थान पर पदोन्नति के साथ ही किसी दूर के शहर में आपका ट्रांसफर भी हो सकता है | किसी मित्र को पैसा उधार देना इस अवधि में उचित नहीं रहेगा | साथ ही आपके स्वयं के स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं पर पैसा भी खर्च हो सकता है | अचानक ही किसी ऐसे स्थान पर जाने का कार्यक्रम बन सकता है जहाँ आप बहुत पहले जाना चाहते थे किन्तु जा नहीं पा रहे थे | पारिवारिक कलह की ओर से साबधान रहने की आवश्यकता है |

किन्तु अन्त में, उपरोक्त परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है |

साथ ही, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं | सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2019/02/06/mercury-transit-in-aquarius/

 

 

अर्द्धकुम्भ प्रयागराज

चौदह जनवरी से मकर संक्रान्ति के स्नान के साथ ही प्रयागराज में अर्द्धकुम्भ मेला आरम्भ होने जा रहा है | जो चार मार्च को सम्पन्न होगा | कुम्भ मेला हर बारह वर्ष में आता है यह तो सभी जानते हैं | कुम्भ के आयोजन में नवग्रहों में से सूर्य, चन्द्र, गुरु और शनि की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है | इसलिए इन्हीं ग्रहों की विशेष स्थिति में कुम्भ का आयोजन होता है | कुम्भ का सम्बन्ध भागवद पुराण, विष्णु पुराण, महाभारत तथा रामायण आदि अनेक पुराणों में वर्णित समुद्र मन्थन की कथा से माना जाता है | जैसी कि कथा सभी को विदित है – देवों और दानवों द्वारा समुद्र मन्थन से अमृत का जो कलश उपलब्ध हुआ उस पर एक समान सश्रम प्रयास करने के कारण देव और दानव दोनों ही अपना अधिकार समझते थे, किन्तु देव वह अमृत दानवों को नहीं देना चाहते थे | इसलिए इन्द्र का पुत्र जयन्त उस अमृत के घट को लेकर वहाँ से भागने लगा, किन्तु दानवों ने उसका पीछा किया | घट लेकर भागने तथा दानवों के हाथ में पड़ने से बचाने के इस संघर्ष में उस अमृत की कुछ बूँदें छलक कर पहले हरिद्वार, फिर प्रयागराज, उसके बाद उज्जैन और अन्त में नासिक की नदियों में गिर पड़ीं | तभी से इन चार स्थानों पर हर बारह वर्षों में कुम्भ मेला का आयोजन किया जाता है |

अमृत की खींचा तानी के समय चन्द्रमा ने अमृत को बहने से बचाया | गुरूदेव बृहस्पति ने कलश को छुपा कर रखा | भगवान भास्कर ने कलश को फूटने से बचाया और शनि ने इन्द्र के कोप से रक्षा की | इसलिए जब इन ग्रहों का संयोग एक राशि में होता है – जो कि लगभग बारह वर्ष की अवधि में होता है – तब कुम्भ का अयोजन किया जाता है | प्रयागराज, नासिक, उज्जैन और हरिद्वार में हर बारह वर्ष बाद कुम्भ मेले का आयोजन किया जाता है | इन्हीं बारह वर्षों के मध्य की अवधि में अर्द्ध कुम्भ आता है | विद्वानों तथा Astrologers के अनुसार वर्ष 2019 के अर्द्ध कुम्भ के मुख्य स्नान तथा पर्वों की सूची निम्नवत है…अर्द्धकुम्भ प्रयागराज 2019

सोमवार 15 जनवरी – मकर संक्रान्ति – प्रथम शाही स्नान

सोमवार 21 जनवरी – पौष पूर्णिमा

सोमवार 4 फरवरी – मौनी अमावस्या – द्वितीय शाही स्नान

रविवार 10 फरवरी – वसन्त पञ्चमी – तृतीय शाही स्नान

मंगलवार 19 फरवरी – माघी पूर्णिमा

सोमवार 4 मार्च – महा शिवरात्रि

वास्तविक रूप में यदि देखा जाए तो कुम्भ मेला अनेकता में एकता तथा सामूहिक एकता का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है | इस मेले में भाग लेने के लिए जो लोग भी आते हैं वे सभी अपनी जाति, पन्थ, भाषा, क्षेत्र, समुदाय, धर्म आदि सब कुछ भुलाकर केवल एक सार्वभौम परम आत्मा का अंग बन जाते हैं | हम सभी कुम्भ की इस मूलभूत भावना का सम्मान करते हुए इसका पालन करें – चार दिन बाद आरम्भ हो रहे अर्द्ध कुम्भ के अवसर पर इसी कामना के साथ सभी को मकर संक्रान्ति, पोंगल, लोहड़ी तथा माघ बीहू की हार्दिक शुभकामनाएँ…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2019/01/12/ardh-kumbh-prayagraj-2019/