गुरु का धनु में गोचर

ज्ञान, विज्ञान, बुद्धि, पिता, गुरु, धर्म और आध्यात्म के साथ-साथ भाग्य वृद्धि, विवाह तथा सन्तान सुख आदि के कारक बृहस्पति ने 11 अक्टूबर 2018 को वृश्चिक राशि में प्रस्थान किया था | गुरु एक ही राशि में लगभग एक वर्ष तो विश्राम करते ही हैं, किन्तु वक्री अथवा मार्गी होने के कारण इस अवधि में कुछ अन्तर भी आ जाता है | इस बार भी ऐसा ही हो रहा है | लगभग साढ़े पाँच माह वृश्चिक में भ्रमण करने के बाद गुरुदेव कल शुक्रवार चैत्र कृष्ण नवमी यानी 29 मार्च को रात्रि आठ बजकर सात मिनट के लगभग गर करण और शिव योग में अपनी स्वयं की राशि धनु तथा मूल नक्षत्र पर प्रस्थान कर जाएँगे लगभग एक माह के लिए | इस बीच 10 अप्रेल से वक्री होता हुआ गुरु 23 अप्रेल को पुनः वृश्चिक राशि और ज्येष्ठा नक्षत्र पर पहुँच जाएगा | यहाँ लगभग साढ़े छह माह भ्रमण करने के बाद पाँच नवम्बर को पुनः वापस धनु राशि और मूल नक्षत्र में आ जाएगा |

किन्तु ध्यान रहे, ये परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु किसी योग्य Astrologer द्वारा उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है |

मेष : आपका नवमेश और द्वादशेश होकर गुरु आपकी राशि से भाग्य स्थान में गोचर कर रहा है | यह समय आपके कार्य में प्रगति का समय प्रतीत होता है | कार्यक्षेत्र में तथा समाज में मान सम्मान के संकेत हैं | इस लगभग एक माह के समय में आप अपने समस्त रुके हुए कार्य भी पूर्ण कर सकते हैं | परिवार में विवाह अथवा किसी शिशु के जन्म के कारण नए सदस्य का आगमन भी सम्भव है | कुछ मनोरंजक यात्राओं के अथवा तीर्थ यात्राओं के योग भी प्रतीत होते हैं | धार्मिक तथा आध्यात्मिक गतिविधियों में रुझान बढ़ सकता है | यदि आप किसी प्रकार की रहस्य विद्याओं के ज्ञाता हैं, कोई शोध कार्य कर रहे हैं, किसी प्रकार की Alternative Healing Therapy से सम्बन्ध रखते हैं तो आपके लिए यह गोचर विशेष रूप से अनुकूल प्रतीत होता है | आपकी सन्तान के लिए भी यह गोचर अनुकूल फल देने वाला प्रतीत होता है | किन्तु स्वास्थ्य की ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है |

वृषभ : आपका अष्टमेश और एकादशेश होकर गुरु का गोचर आपकी राशि से नवम भाव में हो रहा है | पैसे के लेन देन में सावधानी बरतने की आवश्यकता है | आप यदि कहीं पैसा Invest करना चाहते हैं तो उसके लिए समय अभी अनुकूल नहीं प्रतीत होता | यदि किसी कारणवश करना भी पड़ जाए तो बहुत सोच विचार के बाद ही आगे बढें | अपना स्वयं का व्यवसाय है तो उसमें किसी प्रकार का व्यवधान भी सम्भव है | किसी से नई नई मित्रता हुई है तो उस पर विश्वास करना आपके हित में नहीं रहेगा | नौकरी में हैं तो बॉस से किसी प्रकार की बहस आपके लिए हानिकारक सिद्ध हो सकती है | किन्तु साथ ही किसी अप्रत्याशित स्थान अथवा माध्यम से आपके लिए अर्थलाभ की भी सम्भावना है | पेट से सम्बन्धित कोई समस्या हो सकती है, अतः इस ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है |

मिथुन : गुरु आपका योगकारक ग्रह है और आपकी राशि से सप्तम भाव में विचरण कर रहा है | यदि आपका कार्य पार्टनरशिप में है तो आपके लिए यह गोचर विशेष रूप से अनुकूल प्रतीत होता है | कार्य के अनेक नवीन अवसर आपके समक्ष उपस्थित हो सकते हैं – यदि आपने समझदारी से निर्णय लिया तो बहुत समय तक आप इन कार्यों में व्यस्त रहते हुए धनलाभ कर सकते हैं | सामाजिक गतिविधियों तथा मान सम्मान में वृद्धि के साथ ही कार्यस्थल पर भी वातावरण अनुकूल बना रहेगा | परिवार में भी सौहार्दपूर्ण वातावरण बना रहने की सम्भावना है | अविवाहित हैं तो जीवन साथी की खोज भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है | विवाहित हैं तो दाम्पत्य जीवन में माधुर्य बना रहेगा, किन्तु जीवन साथी के स्वास्थ्य का ध्यान रखने की विशेष रूप से आवश्यकता है |

कर्क : आपके लिए गुरु षष्ठेश तथा भाग्येश है और आपके छठे भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए विरोधियों में वृद्धि की सम्भावना है | किन्तु आपके पराक्रम और निर्णायक क्षमता में वृद्धि का समय होने के कारण आप अपने विरोधियों को परास्त करने में भी सक्षम हो सकते हैं | किसी कोर्ट केस अथवा स्वास्थ्य के कारण मानसिक तनाव की भी सम्भावना है | स्वास्थ्य अथवा लीगल समस्याओं के कारण पैसा भी अधिक खर्च हो सकता है | कार्यस्थल पर सहकर्मियों के साथ किसी प्रकार की बहस से बचने का प्रयास करें | कार्य से सम्बन्धित दूर पास की यात्राओं के भी संकेत हैं, किन्तु सम्भव है इन यात्राओं में आपको स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं का भी सामना करना पड़ जाए | अपने साथ अथवा अपने घर या ऑफिस में कार्य कर रहे लोगों पर ध्यान रखने की भी आवश्यकता है | अन्धविश्वास हानिकारक भी सिद्ध हो सकता है | यदि आप किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं अथवा नौकरी की तलाश में हैं तो आपके लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है |

सिंह : आपका पंचमेश और अष्टमेश होकर गुरु आपकी राशि से पंचम भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | सामाजिक गतिविधियों में वृद्धि के साथ ही नवीन सम्पर्क भी बनेंगे जिनके कारण आपको अपने कार्य में लाभ की सम्भावना भी की जा सकती है | ज्ञान में वृद्धि के साथ ही दार्शनिक तथा आध्यात्मिक गतिविधियों में भी आपका रुझान बढ़ सकता है | सम्भव है आप बहुत दिनों से कोई नया घर अथवा वाहन खरीदने की योजना बना रहे हों, इस एक माह की अवधि में आप इस योजना को क्रियान्वित भी कर सकते हैं | परिवार में किसी शिशु के जन्म की भी सम्भावना है | आप अथवा आपकी सन्तान उच्च शिक्षा के लिए भी किसी अच्छे संस्थान में एडमीशन ले सकते हैं | किन्तु सन्तान के साथ व्यर्थ की बहस अथवा उसके प्रति सन्देह के स्वभाव की आपको त्यागना होगा | अविवाहित हैं इस अवधि में आपका विवाह सम्बन्ध भी कहीं निश्चित हो सकता है |

कन्या : आपके लिए गुरु योगकारक ग्रह है तथा आपकी राशि से चतुर्थ भाव में गोचर कर रहा है | शनि तथा केतु-राहु के प्रभाव के कारण इस अवधि में आपको मिश्रित फल प्राप्त होने की सम्भावना है | एक ओर आप अपने लिए नया घर अथवा वाहन खरीद सकते हैं | कार्य का जहाँ तक प्रश्न है तो आपको कुछ नवीन प्रोजेक्ट्स भी इस अवधि में प्राप्त हो सकते हैं जिनसे आपको बहुत समय तक अर्थलाभ भी होता रह सकता है | वहीं दूसरी ओर परिवार में – विशेष रूप से अपनी माता जी अथवा किसी बुज़ुर्ग महिला के कारण अथवा कार्य स्थल पर किसी प्रकार के विरोध का सामना भी करना पड़ सकता है | अच्छा यही रहेगा कि जो लोग आपसे सहमत न हों या जिनसे आप सहमत न हों उनसे एक दूरी बनाकर रहें | विवाहित हैं तो दाम्पत्य जीवन में माधुर्य बना रहने की सम्भावना है | अविवाहित हैं तो इस अवधि में जीवन साथी की खोज भी पूर्ण हो सकती है |

तुला : आपका तृतीयेश और षष्ठेश होकर गुरु का गोचर आपके तीसरे भाव में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर बहुत अधिक अनुकूल नहीं प्रतीत होता | छोटी छोटी यात्राओं की सम्भावना है | ये यात्राएँ आपके कष्टकारी भी सिद्ध हो सकती हैं | यदि आपका अपना व्यवसाय है तो उसमें किसी प्रकार का व्यवधान सम्भव है | इस अवधि में आप अपना निवास स्थान भी बदल सकते हैं अथवा नौकरी में हैं तो आपका ट्रांसफर भी सम्भव है | किन्तु जहाँ भी आप शिफ्ट करें सम्भव है वह स्थान आपके लिए अनुकूल न सिद्ध हो | छोटे भाई बहनों के साथ भी किसी प्रकार का विवाद सम्भव है | समय रहते यदि यह विवाद नहीं सुलझाया गया तो बात कोर्ट तक भी पहुँच सकती है | हाँ यदि आप किसी नौकरी की तलाश में हैं वह तलाश आपकी पूर्ण हो सकती है | यह नौकरी भी सम्भव है आपके मन के अनुकूल न मिले | लेकिन इस समय इस Job को Accept करना ही आपके लिए उचित रहेगा |

वृश्चिक : आपका द्वितीयेश और पंचमेश होकर गुरु का गोचर आपके दूसरे भाव में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | इस लगभग एक माह की अवधि में परिवार में किसी मांगलिक कार्य के सम्पन्न होने की सम्भावना है | कार्य में प्रगति तथा आर्थिक स्थिति में दृढ़ता की सम्भावना भी इस अवधि में की जा सकती है | कार्य की कुछ नवीन Opportunities इस अवधि में आपके समक्ष प्रतुत हो सकती हैं, इस अवधि में यदि आप उन्हें स्वीकार कर लेते हैं तो बहुत समय तक व्यस्त रहते हुए अर्थलाभ भी कर सकते हैं | कोई शोध कार्य कर रहे हैं तो वह भी पूर्ण होकर प्रकाशन के लिए जा सकता है | पॉलिटिक्स से यदि आपका सम्बन्ध है तो आपके लिए भी यह गोचर अत्यन्त अनुकूल प्रतीत होता है | आपकी सन्तान का प्रदर्शन प्रत्येक क्षेत्र में अच्छा रहने की सम्भावना है | यदि आप अविवाहित हैं तो इस अवधि में जीवन साथी की तलाश भी पूर्ण हो सकती है | विवाहित हैं तो दाम्पत्य जीवन में भी माधुर्य बने रहने की सम्भावना है | आपको अपनी वाणी और Temperament को नियन्त्रण में रखने की आवश्यकता है |

धनु : आपका राश्यधिपति और चतुर्थेश होकर गुरु आपके लिए योगकारक ग्रह है और आपकी राशि में ही गोचर कर रहा है | आपके लिए आत्मविश्वास में वृद्धि तथा कार्य में प्रगति का समय प्रतीत होता है | आपका अपना व्यवसाय है तो उसमें उन्नति तथा नौकरी में हैं तो उसमें पदोन्नति के अवसर प्रतीत होते हैं | इस अवधि में आप कुछ नया कार्य भी आरम्भ कर सकते हैं | यह कार्य आपके लिए लाभदायक सिद्ध हो सकता है | परिवार में आनन्द का वातावरण बना रहने की सम्भावना है | उच्च शिक्षा के लिए प्रयासरत हैं तो उसमें भी आशानुरूप सफलता की सम्भावना की जा सकती है | अविवाहित हैं तो इस अवधि में आपका विवाह सम्बन्ध भी कहीं निश्चित हो सकता है | विवाहित हैं तो दाम्पत्य जीवन में भी मधुरता बनी रहेगी | किन्तु, ध्यान रहे, आपके स्वभाव में क्रोध में वृद्धि हो सकती जो सम्बन्धों के लिए हानिकारक सिद्ध हो सकती है – अतः इस ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है | पॉलिटिक्स से सम्बन्धित लोगों के लिए यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | सन्तान के स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है |

मकर : आपका द्वादशेश और तृतीयेश होकर गुरु का गोचर आपके बारहवें भाव में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर कुछ अधिक अनुकूल नहीं प्रतीत होता | यदि आपका कार्य विदेश से सम्बन्ध रखता है तो विदेश यात्राओं में वृद्धि के साथ ही खर्च भी अधिक होने की सम्भावना है | छोटे भाई बहनों के साथ विवाद के कारण भी धन का अपव्यय सम्भव है | अच्छा यही रहेगा इस समय अपने मन की शान्ति बनाए रखने के लिए बहुत सी अप्रिय बातों पर ध्यान ही न दें | प्रॉपर्टी से सम्बन्धित कोई ऐसा कोर्ट केस भी इस अवधि में खुल सकता है जो बहुत समय से आपको लगता है बन्द पड़ा था | साथ ही किसी पुरानी बीमारी के भी फिर से उभर आने की सम्भावना है | अच्छा यही रहेगा कि समय पर अपना पूरा चेकअप कराएं और डॉक्टर के दिशा निर्देशों का पूर्ण रूप से पालन करें | परिवार में अकारण ही क्लेश की स्थिति उत्पन्न हो सकती है | यदि ऐसा होता है तो किसी बुज़ुर्ग व्यक्ति की मध्यस्थता से उस विवाद को समय पर सुलझाने का प्रयास करें |

कुम्भ : आपके लिए द्वितीयेश और एकादशेश होकर गुरु का गोचर आपकी राशि से लाभ स्थान में होने जा रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | व्यवसाय में उन्नति तथा आर्थिक स्थिति में दृढ़ता की सम्भावना इस अवधि में की जा सकती है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की सम्भावना भी है | आपको अपने पिताम बड़े भाई तथा अधिकारी वर्ग का सहयोग प्राप्त रहेगा जिसके कारण आप अपने समस्त कार्य सुचारू रूप से करने में समर्थ हो सकेंगे | यदि कहीं पैसा Invest करना चाहते हैं तो उसके लिए भी यह समय अनुकूल प्रतीत होता है | यदि कुछ समय से स्वास्थ्य ठीक नहीं चल रहा है तो इस अवधि में उसमें भी सुधार की सम्भावना की जा सकती है | आपकी सन्तान के लिए भी यह गोचर भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | सन्तान का विवाह भी इस अवधि में सम्भव है | किन्तु इसके साथ ही आपको अपनी वाणी पर नियन्त्रण रखने की भी आवश्यकता है | साथ ही अकारण ही बॉस से पंगा लेना आपके हित में नहीं रहेगा |

मीन : आपके लिए योगकारक गुरु का गोचर आपके कर्म स्थान में हो रहा है | निश्चित रूप से बड़ा भाग्यशाली समय प्रतीत होता है | इस अवधि में आपका अपना व्यवसाय है तो उसमें प्रगति के साथ ही अर्थलाभ की सम्भावना भी है | नौकरी में हैं तो उसमें सहकर्मियों का सहयोग आपको उपलब्ध रहेगा | कार्य क्षेत्र में यद्यपि कुछ विरोध के स्वर मुखर हो सकते हैं, किन्तु आप अपने बुद्धिबल से स्वयं ही उस विरोध को शान्त करने में समर्थ हो सकते हैं | आप नया घर खरीद कर उसमें शिफ्ट हो सकते हैं | किन्तु यदि कहीं पैसा Invest करना हो भली भाँती सोच समझकर ही आगे बढें | घर परिवार में सुख शान्ति का वातावरण बना रह सकता है | मित्रों तथा परिवारजनों के साथ आमोद प्रमोद में समय ब्यतीत हो सकता है | परुवार में किसी का विवाह भी इस अवधि में सम्भव है | किसी पुराने रोग से मुक्ति की सम्भावना है, किन्तु साथ ही कोई अन्य नवीन समस्या भी स्वास्थ्य के सम्बन्ध में उत्पन्न हो सकती है | अपने खान पान पर नियन्त्रण तथा जीवन शैली में बदलाव आपके लिए अत्यन्त आवश्यक है |

अन्त में, ग्रहों के गोचर तथा उनके मार्गी, वक्री अथवा अतिगामी होने का क्रम तो अपने नियत समय पर चलता ही रहेगा | सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2019/03/28/jupiter-transit-in-sagittarius/

 

 

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गुरु का वृश्चिक में गोचर

वृश्चिक में गुरु के गोचर का मीन राशि पर सम्भावित प्रभाव

सर्वप्रथम सभी को विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएँ…

उपासना ज्ञान, विज्ञान, बुद्धि, धर्म और आध्यात्म के साथ-साथ भाग्य वृद्धि, विवाह तथा सन्तान सुख की प्राप्ति, यश और धन आदि के कारक देवगुरु बृहस्पति 11 अक्टूबर को अपने शत्रु ग्रह शुक्र की राशि तुला से निकल कर मित्र ग्रह मंगल की वृश्चिक राशि में प्रस्थान कर चुके हैं | वृश्चिक राशि में गोचर करते हुए गुरु वृश्चिक राशि को तो प्रभावित करेगा ही, साथ ही गुरु की दृष्टियाँ वृश्चिक राशि से पञ्चम भाव यानी स्वयं अपनी राशि मीन पर, वृश्चिक से सप्तम भाव यानी वृषभ राशि और वृश्चिक राशि से भाग्य स्थान यानी कर्क राशि पर रहेंगी | इस प्रकार गुरु अपने इस गोचर में वृश्चिक, मीन, वृषभ तथा कर्क राशियों को सीधे रूप से प्रभावित करेगा | निश्चित रूप से इन राशियों के लिए यह गोचर भाग्यवर्द्धक रहने की सम्भावना की जा सकती है | जानने का प्रयास करते हैं कि मीन राशि के जातकों पर गुरु के वृश्चिक राशि में गोचर के क्या सम्भावित प्रभाव हो सकते हैं…

गुरु आपका राश्यधिपति भी है और आपके दशम भाव का अधिपति भी है और आपके भाग्य स्थान में गोचर कर रहा है | जहाँ से गुरु की दृष्टियाँ आपकी लग्न को, तृतीय भाव को तथा पंचम भाव को प्रभावित कर रही हैं | आपके लियेः गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आपके लिए उत्साह और आत्म विश्वास में वृद्धि के संकेत प्रतीत होते हैं | यदि आप किसी नौकरी में हैं तो आपकी पदोन्नति के साथ ही आपकी आय में भी वृद्धि की सम्भावना है | साथ ही आप अपने भाई बहनों के लिए भी सहायक सिद्ध हो सकते हैं | आपको अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए पूर्ण अवसर इस अवधि में उपलब्ध हो सकता है और इसके लिए आपको दूसरों से सहयोग भी प्राप्त होता रह सकता है | इस अवधि में आपकी आरती स्थिति में दृढ़ता के कारण आप भविष्य के लिए भी योजनाएँ बनाने में सफल हो सकते हैं | मान सम्मान में वृद्धि तथा उपहार आदि की प्राप्ति के योग भी बन रहे हैं |

आप मित्रों के साथ भ्रमण का कार्यक्रम भी बना सकते हैं | किन्तु अपने खर्चों पर रोक लगाने की आवश्यकता है | बजट बनाकर नहीं चलेंगे तो किसी प्रकार की समस्या भी हो सकती है – विशेष रूप से 28 अक्टूबर से 27 दिसम्बर के मध्य | आपकी सन्तान के लिए भी यह गोचर भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | सन्तान की ओर से कोई शुभ समाचार प्राप्त होने की सम्भावना है | पॉलिटिक्स से सम्बद्ध लोगों के लिए भी यह गोचर भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | नौकरी की तलाश में हैं तो मनोनुकूल नौकरी भी इस अवधि में प्राप्त हो सकती है | दाम्पत्य जीवन में भी मध्र्ता और प्रगाढ़ता बनी रह सकती है | आप वंश वृद्धि के लिए भी इस अवधि में सफल प्रयास कर सकते हैं |

स्वास्थ्य की दृष्टि से गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | किन्तु 28 अक्टूबर से 27 दिसम्बर के मध्य स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है | योगाभ्यास और प्राणायाम तथा ध्यान को अपनी दिनचर्या का अंग बना लेंगे तथा खान पान पर ध्यान देंगे तो बहुत सी समस्याओं से बचे रह सकते हैं |

अन्त में, उपरोक्त परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु इसके लिए किसी योग्य ज्योतिषी – Astrologer – के द्वारा उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन कराना आवश्यक है | साथ ही, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं | सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें तथा माँ भगवती की कृपा दृष्टि सभी पर बनी रहे, यही कामना है…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2018/10/19/jupiter-transit-in-scorpio-for-pisces/

 

 

 

गुरु का वृश्चिक में गोचर

वृश्चिक में गुरु के गोचर का कुम्भ राशि पर सम्भावित प्रभाव

आज सभी ने अन्तिम नवरात्र – रामनवमी – के अवसर पर माँ दुर्गा के नौ दिवसीय आराधन का समापन किया – सर्वप्रथम सभी को रामनवमी की हार्दिक शुभकामनाएँ…

इस वर्ष 11 अक्टूबर को देवगुरु बृहस्पति अपने शत्रु ग्रह शुक्र की राशि तुला से निकल कर मित्र ग्रह मंगल की वृश्चिक राशि में प्रस्थान कर चुके हैं | हम विभिन राशियों के जातकों पर इस गोचर के सम्भावित प्रभावों के विषय में बात कररहे हैं | अब तक मेष राशि से मकर राशि तक के जातकों के विषय में बात कर चुके हैं | आज कुम्भ राशि के जातकों पर इस गोचर के सम्भावित प्रभावों को संक्षेप में जानने का प्रयास करते हैं |

आपकी राशि से द्वितीयेश और एकादशेश होकर गुरु का गोचर आपके दशम भाव में हो रहा है | जहाँ से इसकी दृष्टियाँ आपके द्वितीय भाव, चतुर्थ भाव और छठे भाव पर आ रही हैं | निश्चित रूप से आपके लिए कार्य की दृष्टि से और आर्थिक दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | परुशराम करना होगा आपको, किन्तु उसके अनुकूल परिणाम भी आपको प्राप्त होंगे | आपकी निर्णायक और प्रतियोगी क्षमताओं में इस अवधि में वृद्धि होने की सम्भावना है जिसके कारण आप कार्य से सम्बन्धित कोई भी चेलेंज स्वीकार कर सकते हैं | नौकरी में हैं तो आय में वृद्धि के साथ पदोन्नति की सम्भावना है | अपना स्वयं का व्यवसाय है तो उसमें भी निरन्तर उन्नति की सम्भावना प्रतीत होती है | कोई इण्डस्ट्री है आपकी तो आप अपनी कोई नई ब्रांच भी खोल सकते हैं | साथ ही अपने व्यवसाय का विस्तार करके नौकरी की तलाश में हैं तो आपको अपने मन के अनुकूल ही कोई अच्छी नौकरी भी मिल सकती है | ऑफिस में अधिकारी वर्ग की प्रशंसा तथा सहकर्मियों का सहयोग आपको प्राप्त रहेगा तथा आपकी योजनाओं पर विचार भी किया जाएगा |

परिवार में आनन्द का वातावरण रहने की सम्भावना है | कोई माँगलिक कार्य भी इस अवधि में हो सकता है | परिवार के सदस्यों तथा मित्रों के साथ मौज मस्ती में समय व्यतीत होगा | आप अपने लिए नया ऑफिस अथवा घर भी खरीद सकते हैं | इसके अतिरिक्त प्रॉपर्टी में Invest करने के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | धार्मिक तथा आध्यात्मिक गितिविधियों की ओर आपकी रूचि में वृद्धि हो सकती है |

यदि कोई कोर्ट केस चल रहा है तो उसके माध्यम से भी आपको लाभ हो सकता है | आपकी यदि किसी प्रेम सम्बन्ध में हैं तो उसमें प्रगाढ़ता इस अवधि में बढ़ सकती है | दाम्पत्य जीवन में भी माधुर्य बना रहने की सम्भावना है | आप इस अवधि में वंश वृद्धि के लिए भी प्रयास कर सकते हैं | यदि आप योग, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास निरन्तर करते रहे तो आपका स्वास्थ्य भी इस अवधि में उत्तम रह सकता है |

अन्त में, उपरोक्त परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु इसके लिए किसी योग्य ज्योतिषी – Astrologer – के द्वारा उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन कराना आवश्यक है | साथ ही, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं | सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें तथा माँ भगवती की कृपा दृष्टि सभी पर बनी रहे, यही कामना है…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2018/10/18/jupiter-transit-in-scorpio-for-aquarius/

 

 

 

गुरु का वृश्चिक में गोचर

वृश्चिक में गुरु के गोचर का मकर राशि पर सम्भावित प्रभाव

आप सभी जानते हैं कि 11 अक्टूबर को देवगुरु बृहस्पति अपने शत्रु ग्रह शुक्र की राशि तुला से निकल कर मित्र ग्रह मंगल की वृश्चिक राशि में प्रस्थान कर चुके हैं | जानने का प्रयास करते हैं कि मकर राशि के जातकों पर गुरु के वृश्चिक राशि में गोचर के क्या सम्भावित प्रभाव हो सकते हैं…

आपकी राशि के लिए द्वादशेश और तृतीयेश होकर गुरु का गोचर आपके लाभ स्थान में हो रहा है जहाँ से उनकी दृष्टियाँ आपके तीसरे भाव, पंचम भाव और सप्तम भाव पर आ रही हैं | कार्य की दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | किसी नौकरी में हैं तो पदोन्नति के साथ ही किसी मनचाहे स्थान पर ट्रांसफर होने की भी सम्भावना है | यह स्थानान्तरण आपके लिए भाग्यवर्द्धक सिद्ध हो सकता है | भाई बहनों के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | साथ ही आपको अपने भाई बहनों का तथा अधिकारी वर्ग का सहयोग भी प्राप्त होता रहने की सम्भावना है | आपका अपना व्यवसाय है तो उसमें भी उन्नति की सम्भावना की जा सकती है | नौकरी की तलाश में हैं तो आपको अपने परिश्रम का लाभ प्राप्त होने की सम्भावना है और कोई मनोनुकूल नौकरी आपको प्राप्त हो सकती है | विदेश से यदि आपका कार्य सम्बद्ध है तो उसमें भी लाभ की सम्भावना है | आय के नवीन स्रोत आपके समक्ष उपस्थित हो सकते हैं और आर्थिक स्थिति पहले से अधिक सुदृढ़ हो सकती है | किन्तु साथ ही खर्चों में भी वृद्धि की सम्भावना है | आप मित्रों के साथ सैर सपाटे और मनोरंजन में अधिक पैसा खर्च कर सकते हैं |

आपकी सन्तान के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है और उसकी ओर से कोई शुभ समाचार आपको प्राप्त हो सकता है | साथ ही यदि सन्तान प्राप्ति का प्रयास कर रहे हैं तो उसमें भी सफलता इस अवधि में प्राप्त हो सकती है | विद्यार्थियों के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | यदि उच्च शिक्षा के लिए कहीं एडमीशन के प्रयास में हैं उसमें भी सफलता प्राप्त होने की सम्भावना है |

अविवाहित हैं और कहीं प्रेम सम्बन्ध चल रहा है तो इस अवधि में वह सम्बन्ध भी विवाह बन्धन में परिणत हो सकता है | प्रेम सम्बन्धों और विवाह आदि के लिए गोचर भाग्यवर्धक प्रतीत होता है | विवाहित हैं तो दाम्पत्य जीवन में माधुर्य तथा अन्तरंगता बनी रहने की भी सम्भावना है |

स्वास्थ्य की दृष्टि से भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | किन्तु स्वास्थ्य को अच्छा बनाए रखने के लिए नियमित डॉक्टर से चेकअप तथा सन्तुलित आहार और व्यायाम आदि की आवश्यकता भी होती है इतना अवश्य स्मरण रखिये |

अन्त में, उपरोक्त परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है | साथ ही, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं | सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2018/10/17/jupiter-transit-in-scorpio-for-capricorn/

गुरु का वृश्चिक में गोचर

वृश्चिक में गुरु के गोचर के धनु मिथुन राशि पर सम्भावित प्रभाव

देवगुरु बृहस्पति 11 अक्टूबर को अपने शत्रु ग्रह शुक्र की राशि तुला से निकल कर मित्र ग्रह मंगल की वृश्चिक राशि में प्रस्थान कर चुके हैं | लगभग एक वर्ष का गुरु का गोचर होता है | इस बार वृश्चिक राशि में गोचर के दौरान 29 मार्च 2019 को अपनी स्वयं की राशि धनु में प्रविष्ट हो जाएँगे कुछ समय के लिए, जहाँ से 10 अप्रेल 2019 से वक्री होते हुए 23 अप्रेल 2019 को पुनः वृश्चिक में वापस लौट आएँगे | धनु गुरु की अपनी राशि है | अब तक मेष राशि से लेकर वृश्चिक राशि तक के जातकों पर गुरु के इस गोचर के सम्भावित प्रभावों के विषय में बात कर चुके हैं, अब जानने का प्रयास करते हैं कि गुरु के इस गोचर के धनु राशि के जातकों पर क्या सम्भावित प्रभाव हो सकते हैं…

जैसा कि ऊपर लिखा, धनु की गुरु की अपनी राशि है | अर्थात आपके राश्यधिपति होकर गुरुदेव आपकी राशि से बारहवें भाव में गोचर कर रहे हैं | जहाँ से इनकी दृष्टियाँ आपके चतुर्थ भाव, छठे भाव तथा अष्टम को प्रभावित कर रही हैं | यदि आपका कार्य कहीं विदेश से सम्बन्धित है तो आपके लिए यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्धक प्रतीत होता है | आप अपना निवास भी बदलने की योजना बना सकते हैं | किसी दूसरे शहर में भी शिफ्ट हो सकते हैं | आपके माता पिता भी किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट हो सकते हैं | अचानक ही किसी ऐसे स्थान से कार्य का प्रस्ताव प्राप्त हो सकता है जहाँ आप जाने नहीं चाहते | खर्चों में वृद्धि की सम्भावना प्रतीत होती है | आप कहीं भ्रमण के लिए भी जा सकते हैं और व्यर्थ की यात्राएँ भी करनी पड़ सकती हैं | साथ ही पैसे के लेन देन में सावधानी रखने की आवश्यकता है | परिवार में व्यर्थ के तनाव भी हो सकते हैं | किन्तु यदि आपने धैर्य और संयम से कम लिया तो किसी भी तनाव अथवा विवाद को सुलझाने में स्वयं ही सफल भी हो सकते हैं | परिवार के किसी सदस्य की ओर से किसी दुखद समाचार की प्राप्ति की सम्भावना भी है |

आपको अपने आत्मविश्वास में भी कमी का अनुभव हो सकता है | यदि नौकरी की खोज में हैं तो उसमें सम्भव है सफलता न प्राप्त हो, या फिर बहुत अधिक परिश्रम के बाद सफलता प्राप्त हो | स्पोर्ट्स से सम्बन्धित व्यक्तियों के लिए यात्राओं में वृद्धि की सम्भावना है | किन्तु इन यात्राओं एक दौरान आपको दुर्घटना आदि के प्रति सावधान रहने की आवश्यकता है |

अविवाहित हैं तो विवाह के लिए अभी अनुकूल समय नहीं प्रतीत होता | कहीं कोई प्रेम सम्बन्ध चल रहा है तो उसमें भी तनाव की सम्भावना है | वैवाहिक जीवन में भी किसी प्रकार का विवाद सम्भव है | अच्छा यही रहेगा कि आप संयम से काम लें |

स्वास्थ्य की ओर से भी सावधान रहने की आवश्यकता है | बहुत अधिक तनाव से बचने के लिए ध्यान और प्राणायाम का अभ्यास अवश्य करें | अन्यथा मानसिक रूप से किसी डिप्रेशन आदि के शिकार भी हो सकते हैं |

अन्त में, उपरोक्त परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है | साथ ही, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं | सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2018/10/16/jupiter-transit-in-scorpio-for-sagittarius/

 

 

गुरु का वृश्चिक में गोचर

वृश्चिक में गुरु के गोचर का तुला राशि पर सम्भावित प्रभाव

अभी 11 अक्टूबर को गुरुदेव का गोचर वृश्चिक राशि में हुआ है | विभिन्न राशियों के जातकों पर इस गोचर के सम्भावित प्रभावों के विषय में चर्चा करते हुए अब तक मेष से कन्या राशि तक के जातकों की बात कर चुके हैं | आज जानने का प्रयास करते हैं कि तुला राशि के जातकों पर गुरु के वृश्चिक राशि में गोचर के क्या सम्भावित प्रभाव हो सकते हैं…

तुला राशि के जातकों के लिए गुरु उनका तृतीयेश और षष्ठेश होकर उनके दूसरे भाव में गोचर कर रहा है | जहाँ से गुरु की दृष्टियाँ आपके छठे भाव पर, अष्टम भाव पर तथा दशम भाव पर रहेंगी | आर्थिक दृष्टि से तथा कार्य की भी दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | यदि कहीं आपकी पेमेण्ट रुकी हुई है अथवा किसी को उधार दिया हुआ है तो वह इस अवधि में वापस मिलने की सम्भावना है | नौकरी की तलाश में हैं तो वह भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है | किन्तु ज़ल्दबाज़ी में निर्णय लेना उचित नहीं रहेगा | किसी कोर्ट केस के माध्यम से भी आर्थिक लाभ की सम्भावना की जा सकती है | आपकी प्रतियोगी और निर्णायक क्षमताओं में वृद्धि के कारण आपके उत्साह में भी वृद्धि की सम्भावना की जा सकती है | आप अपने कार्य के सम्बन्ध में कोई भी चेलेंज इस अवधि में स्वीकार कर सकते हैं | विरोधी अपना सर उठा सकते हैं, किन्तु अपने बुद्धिबल से आप किसी भी विरोध को समाप्त करने में सक्षम हो सकते हैं | आपकी वक्तव्यता इस अवधि में प्रभावपूर्ण रहने की सम्भावना है जिसके कारण आपकी बात का दूसरों पर प्रभाव पड़ेगा | मान सम्मान में वृद्धि के भी संकेत हैं | धार्मिक गतिविधियों में वृद्धि की भी सम्भावना है |

किसी प्रकार के उत्तरदायित्व में इस अवधि में वृद्धि हो सकती है | सम्भव है बीच बीच में आपको ऐसा भी लगे कि किसी कारणवश आपके कार्य में कुछ बाधा उत्पन्न हो रही है | किन्तु उसके लिए चिन्ता करने की आवश्यकता नहीं है | थोड़े से प्रयास से ही सारी बाधाएँ समाप्त हो सकती हैं | कार्यक्षेत्र में वातावरण सौहार्दपूर्ण बना रहने की सम्भावना है | आपके सहयोगी तथा आपके अधीनस्थ लोग आपके प्रस्तावों को स्वीकार करके उन्हें क्रियान्वित भी करने के प्रयास कर सकते हैं | यदि आप किसी प्रतियोगी परिक्षा की तैयारी कर रहे हैं तो उसमें अनुकूल परिणाम प्राप्त हो सकता है |

अविवाहित हैं तो कहीं प्रेम सम्बन्ध भी बन सकता है | किन्तु उसे विवाह में परिणत करने से पूर्व उस व्यक्ति के विषय में पूरी जानकारी अवश्य ले लें तथा परिवार के लोगों के साथ भी विचार विमर्श कर लें | विवाहित हैं तो दाम्पत्य जीवन में माधुर्य बना रहने की सम्भावना है | आप इस अवधि में वंश वृद्धि के लिए भी प्रयास कर सकते हैं |

अपने स्वयं के तथा अपने पिता के स्वास्थ्य की ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है | अपने खान पर ध्यान रखें अन्यथा पेट से सम्बन्धित कोई समस्या लम्बे समय तक परेशान कर सकती है | साथ ही इस अवधि में कहीं से ऋण लेने से भी बचने की आवश्यकता है |

अन्त में, उपरोक्त परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है | साथ ही, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं | सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2018/10/14/jupiter-transit-in-scorpio-for-libra/

 

 

 

 

गुरु का वृश्चिक में गोचर

वृश्चिक में गुरु के गोचर का सिंह राशि पर सम्भावित प्रभाव

कल 11 अक्टूबर को देवगुरु बृहस्पति अपने शत्रु ग्रह शुक्र की राशि तुला से निकल कर मित्र ग्रह मंगल की वृश्चिक राशि में प्रस्थान कर चुके हैं | अब तक हम इस गोचर के मेष, वृषभ, मिथुन और कर्क राशियों पर सम्भावित प्रभावों के विषय में लिख चुके हैं | आज जानने का प्रयास करते हैं कि एक Astrologer के अनुसार सिंह राशि के जातकों पर गुरु के वृश्चिक राशि में गोचर के क्या सम्भावित प्रभाव हो सकते हैं…

सिंह राशि से पंचमेश और अष्टमेश होकर गुरु का गोचर आपकी राशि से चतुर्थ भाव में हो रहा है | आपके चतुर्थ भाव से गुरु की दृष्टियाँ आपके अष्टम भाव, दशम भाव तथा बारहवें भाव पर आ रही हैं | ये गोचर आपके लिए मिश्रित फल देने वाला प्रतीत होता है | कार्य की दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | यदि आप किसी नौकरी में हैं तो आपका कहीं ट्रांसफर भी सम्भव है | किन्तु हो सकता है जिस स्थान पर आपका ट्रांसफर हो वह स्थान आपके लिए स्वास्थ्य की दृष्टि से अनुकूल न रहे | यदि आपका अपना व्यवसाय है तो व्यवसाय से सम्बन्धित यात्राओं में वृद्धि भी हो सकती है | यात्राओं के दौरान आपको अपने स्वास्थ्य और अपने आवश्यक Documents की ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है | साथ ही यात्राओं पर पैसा भी अधिक खर्च हो सकता है | परिवार में कोई शुभ कार्य सम्पन्न हो सकता है उसमें भी आवश्यकता से अधिक धन का व्यय हो सकता है | साथ ही कार्य स्थल में विरोधियों की ओर से भी सावधान रहने की आवश्यकता है | इसके लिए आपको अपना स्वयं का Temparament नियन्त्रित रखने की आवश्यकता होगी | परिवार में वातावरण सौहार्दपूर्ण रहने की सम्भावना है | यदि आपक नया वाहन, नया घर अथवा ऑफिस खरीदना चाहते हैं तो उसके लिए भी समय अनुकूल प्रतीत होता है | घर बनाना भी आरम्भ कर सकते हैं और सम्भावना ऐसी भी है कि इसी अवधि में आप उस घर में प्रविष्ट भी हो सकते हैं |

सामाजिक गतिविधियों में वृद्धि के ही साथ मान सम्मान में वृद्धि की भी सम्भावना है | नौकरी की तलाश भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है | नौकरी बदलना चाहते हैं तो उसके लिए भी समय अनुकूल प्रतीत होता है | विद्यार्थियों तथा प्रतियोगी परीक्षा के छात्रों के लिए यह गोचर भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | पॉलिटिक्स से यदि आपका सम्बन्ध है तो आपको कोई नया पद भी प्राप्त हो सकता है, किन्तु उसके साथ ही कार्यभार में भी वृद्धि की सम्भावना है | धार्मिक गतिविधियों में भी वृद्धि की सम्भावना है |

प्रेम सम्बन्धों के लिए यह गोचर अनुकूल फल देने वाला प्रतीत होता है | यदि अविवाहित हैं तो आपके कार्यक्षेत्र में ही आपको कोई व्यक्ति Prapose कर सकता है | विवाहित हैं तो दाम्पत्य जीवन में माधुर्य बना रहने की भी सम्भावना है |

स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है – विशेष रूप से यात्राओं के दौरान | स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं पर अधिक धन खर्च करना पड़ सकता है | 28 अक्टूबर से 27 दिसम्बर के मध्य विशेष रूप से सावधान रहने की आवश्यकता है |

अन्त में, उपरोक्त परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है |

साथ ही, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं | सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2018/10/12/jupiter-transit-in-scorpio-for-leo/