Category Archives: गोचर

कन्या और तुला राशि के जातकों के लिए शनि का मकर में गोचर

कल के लेख में शनि के मकर राशि में गोचर के सिंह राशि के जातकों पर सम्भावित प्रभावों के विषय में चर्चा की थी, आज कन्या और तुला राशि के जातकों पर शनि के मकर में गोचर के सम्भावित प्रभावों पर संक्षेप में दृष्टिपात…

किन्तु ध्यान रहे, ये सभी परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है…

कन्या राशि : आपके लिए पंचमेश तथा षष्ठेश होकर शनि का गोचर आपके पञ्चम भाव में ही हो रहा है जहाँ से आपके सप्तम भाव, एकादश भाव तथा द्वितीय भाव पर इसकी दृष्टियाँ हैं | इस गोचर के साथ ही पिछले ढाई वर्षों से चली आ रही ढैया भी समाप्त होने जा रही है – जिसने सम्भव है आपको हिला कर रख दिया होगा | लेकिन अब धीरे धीरे परिस्थितियों के सामान्य होने की सम्भावना की जा सकती है | यदि आपने कोई कोर्स बीच में छोड़ दिया है तो दोबारा से आप उसे आरम्भ कर सकते हैं और आपको उसमें सफलता भी प्राप्त होगी | आपकी गम्भीरता में वृद्धि होगी और आप कोई महत्त्वपूर्ण निर्णय इस अवधि में ले सकते हैं | किन्तु यदि वाहन अथवा घर खरीदना चाहते हैं तो उसके लिए मई 2020 से सितम्बर 2020 तक का समय अनुकूल नहीं रहेगा |

पञ्चम भाव से सन्तान का विचार किया जाता है | आपकी सन्तान के लिए यह गोचर अनुकूल रहने की सम्भावना है |कन्या आपकी सन्तान का हर क्षेत्र में प्रदर्शन उत्तम रहने की सम्भावना है | सन्तान की ओर से सन्तोष और सुख दोनों ही प्राप्त होने की सम्भावना है | सन्तान का विवाह भी इस अवधि में सम्भव है | किन्तु आपके लिए ससुराल अथवा ननसाल पक्ष के साथ सम्बन्धों में कुछ दरार उत्पन्न हो सकती है | विद्यार्थियों तथा प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र छात्राओं के लिए शनि का यह गोचर अनुकूल फल देने वाला प्रतीत होता है | विद्यार्थियों को उनके मनपसन्द विद्यालयों में एडमीशन भी मिल सकता है |

स्वास्थ्य का जहाँ तक प्रश्न है तो मिश्रित फलों की सम्भावना की जा सकती है | एक ओर किसी पुरानी बीमारी से मुक्ति प्राप्त हो सकती है, तो वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य सम्बन्धी कोई नवीन समस्या भी उत्पन्न हो सकती है | नियमित चेकअप तथा खान पान में नियन्त्रण के साथ ही योग व्यायाम और ध्यान प्राणायाम का अभ्यास आपके लिए आवश्यक है |

अविवाहित हैं तो इस अवधि में आपका विवाह सम्बन्ध कहीं निश्चित हो सकता है अथवा प्रेम सम्बन्ध स्थापित हो सकता है, किन्तु विवाह में शीघ्रता उचित नहीं रहेगी | विवाहित हैं तो जीवन साथी के साथ ईमानदार तथा सहृदय रहने की आवश्यकता है, अन्यथा सम्बन्धों में दरार पड़ते देर नहीं लगेगी |

तुला राशि : आपके लिए चतुर्थेश और पंचमेश होकर शनि योगकारक बन जाता है तथा आपके चतुर्थ भाव में ही गोचर कर रहा है जहाँ से आपके छठे भाव, दशम भाव तथा आपकी लग्न पर इसकी दृष्टि रहेगी | एक ओर तो आपके लिए यह शुभ संकेत है, किन्तु दूसरी ओर आपकी शनि की ढाई साल की ढैया भी आरम्भ हो रही है – जो चिन्ता का विषय हो सकती है – विशेष रूप से मई 2020 से सितम्बर 2020 के मध्य – जब शनि वक्री होगा | उस समय आपको अपने स्वास्थ्य पर विशेष रूप से ध्यान देने की आवश्यकता होगी | साथ ही आपका अहम आपके बनाते बनाते कार्यों में आड़े आ सकता है, अतः इस ओर से भी सावधान रहकर अपने व्यवहार को सन्तुलित रखने की आवश्यकता होगी | शनि के वक्री होने पर माता जी के साथ भी विवाद सम्भव है | यदि ऐसा लगे तो अच्छा यही रहेगा कि आप इतने समय के लिए दूरी बना लें ताकि विवाद अधिक बढ़ने न पाए |

इस अवधि में आपके समक्ष व्यापार के अनेक नवीन अवसर उपस्थित हो सकते हैं | किन्तु यदि किसी प्रोजेक्ट में तुलापैसा Invest करना हो सोच समझकर तथा सम्बन्धित कार्यों के जानकारों से अच्छी तरह सलाह मशविरा करके है आगे बढें | किसी के कहने मात्र से पैसा कहीं Invest न करें | कार्य से सम्बन्धित छोटी छोटी विदेश यात्राओं के भी अवसर उपलब्ध हो सकते हैं | आप नया घर अथवा वाहन अथवा दोनों ही खरीद सकते हैं और ये आपके लिए शुभ भी रह सकते हैं | कोर्ट कचहरी के मामलों से बचने की आवश्यकता है |

स्वास्थ्य का जहाँ प्रश्न है तो यों सामान्य रूप से स्वास्थ्य ठीक ही रहने की सम्भावना है | किन्तु इसके लिए आपको आलस्य का त्याग करके व्यायाम और योग का अभ्यास करते रहना होगा | साथ ही किसी भी प्रकार की ऐसी स्थिति से बचने का प्रयास करें जिनके कारण आपको मानसिक तनाव हो सकता है | अपनी माता जी तथा सन्तान के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखने की आवश्यकता होगी |

अनुकूल जीवन साथी की खोज में हैं तो वह खोज इस अवधि में पूर्ण हो सकती है | सम्भव है किसी सहकर्मी अथवा किसी निकट के सम्बन्ध में ही आपका विवाह सम्पन्न हो जाए | विवाहित हैं तो जीवन साथी के साथ व्यर्थ के विवाद बचने का प्रयास करें | साथ ही जीवन साथी के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखने की आवश्यकता है |

अन्त में बस इतना ही कि यदि कर्म करते हुए भी सफलता नहीं प्राप्त हो रही हो तो किसी अच्छे ज्योतिषी के पास दिशानिर्देश के लिए अवश्य जाइए, किन्तु अपने कर्म और प्रयासों के प्रति निष्ठावान रहिये – क्योंकि ग्रहों के गोचर तो अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं, केवल आपके कर्म और उचित प्रयास ही आपको जीवन में सफल बना सकते हैं…

आगे वृश्चिक राशि पर शनि के मकर में गोचर के सम्भावित प्रभावों पर बात करेंगे…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2020/01/15/saturn-transit-in-capricorn-7/

कर्क राशि के लिए शनि के मकर में गोचर के सम्भावित प्रभाव

शनि का मकर में गोचर

कल के लेख में शनि के मकर राशि में गोचर के मिथुन राशि के जातकों पर सम्भावित प्रभावों के विषय में चर्चा की थी, आज कर्क राशि के जातकों पर शनि के मकर में गोचर के सम्भावित प्रभावों पर संक्षेप में दृष्टिपात…

किन्तु ध्यान रहे, ये सभी परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है | अस्तु, आज कर्क राशि

कर्क राशि के जातकों के लिए उनका सप्तमेश और अष्टमेश होकर शनि का गोचर उनके सप्तम भाव में हो रहा है, जहाँ से उनके नवम भाव, लग्न और चतुर्थ भाव पर शनि की दृष्टियाँ रहेंगी | यदि आपने अपने आलस्य का त्याग कर दिया तो आपको अपने कार्यों में सफलता की सम्भावना की जा सकती है | आप इसी वर्ष यानी 2020 में ही अपने व्यापार से सम्बन्धित कुछ महत्त्वपूर्ण निर्णय ले सकते हैं जो आपके लिए लाभदायक भी सिद्ध हो सकते हैं | यदि आपका कार्य किसी प्रकार भी विदेश से सम्बन्ध रखता है तो उसमें भी आपके लिए लाभ की सम्भावना की जा सकती है | किसी महिला मित्र के माध्यम से आपको कोई महत्त्वपूर्ण प्रोजेक्ट प्राप्त हो सकता है जिसके कारण आप दीर्घ समय तक व्यस्त रहते हुए अर्थ लाभ कर सकते हैं | किसी नई नौकरी की तलाश में हैं तो वह भी इस अवधि में आपको प्राप्त हो सकती है | आपके स्वभाव में भी इस अवधि में गम्भीरता आने की सम्भावना है जिसके कारण आप स्वयं ही समस्त निर्णय और कार्य सोच समझ कर ही करेंगे तथा लक्ष्य के प्रति एकाग्र रहेंगे |

आप अपने लिए नया घर अथवा वाहन भी खरीद सकते हैं | ऐसा भी सम्भव है आप जिस घर में अभी रहते हैं उसे ही Renovate करा लें | इस कार्य में आपके परिवार का सहयोग भी आपको उपलब्ध रह सकता है | कार्यस्थल पर सहयोग का वातावरण बना रहने की सम्भावना है | परिवार में बच्चे के जन्म की भी सम्भावना है | ड्राइविंग के समय सावधान रहने की आवश्यकता है | किसी के साथ भी व्यर्थ के विवाद में न उलझें अन्यथा धनहानि की सम्भावना से भी इन्कार नहीं किया जा सकता |

अपने तथा अपनी माता जी के स्वास्थ्य की ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है | कोई पुरानी बीमारी फिर से उभर सकती है अतः नियमित चेकअप आपके लिए आवश्यक है | यदि आप गर्भवती महिला हैं तो आपके लिए तो निश्चित रूप से नियमित चेकअप तथा डॉ के दिशा निर्देशों का पालन करने की आवश्यकता है |

शनि का गोचर आपके सप्तम भाव में हो रहा है और सप्तम भाव विवाह तथा जीवन साथी के लिए देखा जाता है | यदि आप अविवाहित हैं और जीवन साथी की तलाश में हैं तो आपको अनुकूल जीवन साथी मिलने की सम्भावना है – किन्तु माता पिता तथा परिवार की सहमति से ही यह कार्य करेंगे तो आपके हित में रहेगा | विवाहित हैं तो दाम्पत्य जीवन में माधुर्य तथा हर्षोल्लास बना रहने की सम्भावना है | जीवन साथी के साथ देश विदेश घूमने का भी आनन्द ले सकते हैं |

अन्त में बस इतना ही कि यदि कर्म करते हुए भी सफलता नहीं प्राप्त हो रही हो तो किसी अच्छे ज्योतिषी के पास दिशानिर्देश के लिए अवश्य जाइए, किन्तु अपने कर्म और प्रयासों के प्रति निष्ठावान रहिये – क्योंकि ग्रहों के गोचर तो अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं, केवल आपके कर्म और उचित प्रयास ही आपको जीवन में सफल बना सकते हैं…

आगे सिंह राशि पर शनि के मकर में गोचर के सम्भावित प्रभावों पर बात करेंगे…

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बुध का मकर में गोचर

माघ कृष्ण तृतीया यानी सोमवार तेरह जनवरी को प्रातः 11:35 के लगभग विष्टि करण और आयुष्मान योग में बुध का गोचर मकर राशि में हो जाएगा | बुध इस समय उत्तराषाढ़ नक्षत्र पर है तथा अस्त है | यहाँ से 19 जनवरी को बुध श्रवण नक्षत्र और 27 जनवरी को धनिष्ठा नक्षत्र पर भ्रमण करता हुआ अन्त में तीस जनवरी को 26:54 (अर्द्धरात्र्योत्तर दो बजकर चौवन मिनट) के लगभग अस्त अवस्था में ही कुम्भ राशि में प्रस्थान कर जाएगा | मकर राशि के लिए बुध षष्ठेश और नवमेश है तथा बुध की मिथुन राशि के लिए मकर राशि अष्टम भाव है और कन्या राशि के लिए पञ्चम भाव है | इन्हीं सब तथ्यों के आधार पर आइये जानने का प्रयास करते हैं कि बुध के मकर राशि में गोचर के विभिन्न राशियों पर क्या सम्भावित प्रभाव हो सकते हैं…

किन्तु ध्यान रहे, ये समस्त परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को देखकर भ्रम में पड़ जाना उचित नहीं होता, अपितु उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है |

मेष : आपका तृतीयेश और षष्ठेश का गोचर आपके कर्म स्थान में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर मिश्रित फल देने वाला प्रतीत होता है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की भी सम्भावना है | उत्साह में वृद्धि का समय भी प्रतीत होता है | किन्तु परिवार के लोगों विशेषकर छोटे भाई बहनों के साथ किसी प्रकार का विवाद भी सम्भव है | अच्छा रहेगा यदि अपने पिता अथवा परिवार के अन्य किसी बुज़ुर्ग की मध्यस्थता से इस विवाद को आपस में ही सुलझा लें | पॉलिटिक्स से सम्बद्ध लोगों के लिए यह गोचर विशेष रूप से अनुकूल प्रतीत होता है | माँसपेशियों तथा जोड़ों में दर्द की समस्या हो सकती है अतः योग का अभ्यास नियमित रूप से करने की आवश्यकता है |

वृषभ : आपका द्वितीयेश और पंचमेश आपकी राशि से नवम भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए विशेष रूप से भाग्यवर्द्धक समय प्रतीत होता है | आपकी निर्णायक क्षमता में वृद्धि के साथ ही कार्य में प्रगति की तथा आर्थिक स्थिति में दृढ़ता की सम्भावना भी है | आप इस अवधि में तीर्थयात्रा आदि का कार्यक्रम भी बना सकते हैं | परिवार के लोगों का सहयोग आपको प्राप्त रहेगा | उच्च शिक्षा के लिए भी प्रयास कर सकते हैं | आपकी सन्तान के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | सन्तान यदि नौकरी की तलाश में है तो उसके मन के अनुकूल कोई नौकरी भी उसे प्राप्त हो सकती है |

मिथुन : आपका लग्नेश तथा चतुर्थेश आपकी राशि से अष्टम भाव में गोचर कर रहा है | एक ओर जहाँ आपके लिए एक और उत्साह में वृद्धि के योग हैं, आपकी निर्णायक और प्रतियोगी क्षमताओं में वृद्धि के योग प्रतीत होते हैं, वहीं पारिवारिक स्तर पर कुछ समस्याओं अथवा विवादों का सामना भी इस अवधि में करना पड़ सकता है – विशेष रूप से सन्तान के साथ व्यर्थ के विवाद से बचने की आवश्यकता है, अन्यथा इसका विपरीत प्रभाव आपके स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है | स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है | आपकी सन्तान और जीवन साथी के लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है |

कर्क : आपके लिए द्वादशेश और तृतीयेश होकर बुध आपकी राशि से सप्तम भाव में गोचर कर रहा है | परिवार में प्रेम और सौहार्द का तथा आनन्द का वातावरण विद्यमान रहने की सम्भावना है | यदि अविवाहित हैं तो इस अवधि में कहीं आपका विवाह सम्बन्ध भी निश्चित हो सकता है | विवाहित हैं तो जीवन साथी के साथ सम्बन्धों में माधुर्य बना रह सकता है | आप अपने लिए नया घर खरीदने की योजना भी बना सकते हैं | परिवार में किसी नवीन सदस्य के आगमन के कारण परिवार में उत्साह तथा मंगलकार्यों का वातावरण बना रह सकता है जिसके कारण बहुत से सम्बन्धियों और मित्रों के साथ मिलना हो सकता है | आपके लिए भी यात्राओं में वृद्धि की सम्भावना है |

सिंह : आपके लिए द्वितीयेश और एकादशेश होकर बुध का गोचर आपकी राशि से छठे भाव में हो रहा है | इस अवधि में आपकी वाणी प्रभावशाली बनी रहेगी और आपकी निर्णायक क्षमता स्पष्ट बनी रहेगी जिसका लाभ आपको अपने कार्यक्षेत्र में प्राप्त हो सकता है | आप अपने लक्ष्य के प्रति दृढ संकल्प रहेंगे | किन्तु साथ ही आपकी पेमेण्ट कहीं रुक सकती है, जिसके लिए आपको अधिकारी वर्ग के साथ कुछ विवाद भी करना पड़ सकता है | किन्तु कुछ देर से ही सही, आपकी पेमेण्ट आपको प्राप्त अवश्य हो जाएगी | साथ ही अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की भी आवश्यकता है | सरदर्द, जोड़ों तथा माँसपेशियों में दर्द की समस्या हो सकती है | डॉक्टर के बताए विटामिन्स आदि समय पर लेते रहेंगे और व्यायाम को अपनी दिनचर्या का अंग बना लेंगे तो बहुत सी समस्याओं से बचे रह सकते हैं |

कन्या : आपका राश्यधिपति तथा दशमेश बुध का गोचर आपकी राशि से पंचम भाव में हो रहा है | आपके लिए कार्य की दृष्टि से तथा आर्थिक दृष्टि से यह गोचर अत्यन्त अनुकूल प्रतीत होता है | आप इस अवधि में अपने कार्य से सम्बन्धित किसी प्रकार का Short Term Advance Course भी कर सकते हैं | इसके अतिरिक्त अपनी सन्तान को भी किसी कोर्स के लिए भेज सकते हैं | सन्तान की ओर से कोई शुभ समाचार भी इस अवधि में प्राप्त हो सकता है | साथ ही यदि आप लेखक अथवा वक्ता हैं तो आपको सिमेनार्स आदि में अपना शोध पत्र प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त हो सकता है | आपके रुके हुए कार्य इस अवधि में पूर्ण होकर आपको उनका अनुकूल पारिश्रमिक भी इस अवधि में प्राप्त होने की सम्भावना है |

तुला : आपका द्वादशेश और भाग्येश आपके चतुर्थ भाव में हो रहा है | आपको अपने कार्य में अपने पिता का सहयोग निरन्तर प्राप्त रहेगा | आपके कार्य में तथा आर्थिक स्थिति में लाभ और वृद्द्धि की सम्भावना इस अवधि में की जा सकती है | कार्य से सम्बन्धित व्यस्तताओं के कारण सम्भव है आप परिवार पर अधिक ध्यान न दे पाएँ | किन्तु आपके लिए इस समय अपने कार्य पर एकाग्रचित्त रहने का समय है जिसका भविष्य में भी आपको लाभ हो सकता है | आपके प्रभावशाली व्यक्तित्व का लाभ आपको अपने कार्य में मिलने की सम्भावना है | कार्य से सम्बन्धित विदेश यात्राओं में भी वृद्धि की सम्भावना है | परिवार में किसी प्रकार के तनाव की सम्भावना है |

वृश्चिक : आपका एकादशेश और अष्टमेश आपकी राशि से तीसरे भाव में गोचर रहा है | आपके लिए कार्य की दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आप कोई नया कार्य भी इस अवधि में आरम्भ कर सकते हैं | साथ ही आप अपने छोटे भाई बहनों की भी किसी प्रकार की सहायता कर सकते हैं | आपका कार्य यदि किसी प्रकार विदेश से सम्बन्ध रखता है तो आपके लिए कार्य से सम्बन्धित विदेश यात्राओं में वृद्धि के भी योग हैं | किसी ऐसे स्थान से भी कार्य और अर्थ का लाभ हो सकता है जहाँ के विषय में आपने कल्पना भी नहीं की होगी | किन्तु इन यात्राओं के दौरान आपको अपने Important Documents को सम्भाल कर रखने की आवश्यकता होगी | आपके भाई बहनों के लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | धार्मिक गतिविधियों में वृद्धि की सम्भावना है |

धनु : आपका सप्तमेश और दशमेश दूसरे भाव में गोचर कर रहा है | आपके तथा आपके जीवन साथी के लिए कार्य की दृष्टि से यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्धक प्रतीत होता है | आप यदि मीडिया या किसी प्रकार की Alternative Therapy से सम्बन्ध रखते हैं, प्रॉपर्टी से सम्बन्धित किसी व्यवसाय से सम्बन्ध रखते हैं अथवा लेखन के क्षेत्र में हैं या वक्ता हैं तो आपके लिए आर्थिक लाभ तथा पुरूस्कार आदि प्राप्त होने के संकेत हैं | आपके कार्यों की सराहना होगी और आपकी योजनाओं को क्रियान्वित भी किया जा सकता है | नौकरी में पदोन्नति के भी संकेत हैं | राजनीति से जुड़े लोगों के लिए भी यह गोचर भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है |

मकर : आपका षष्ठेश और भाग्येश आपकी लग्न में ही गोचर कर रहा है | आपका अपना व्यवसाय है तो उसमें उन्नति के संकेत हैं | कोई नया कार्य भी इस अवधि में आरम्भ कर सकते हैं | पार्टनरशिप में कार्य आरम्भ करने के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | नौकरी में हैं तो उसमें भी पदोन्नति की सम्भावना की जा सकती है | नौकरी की तलाश में हैं तो वह भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है | सामाजिक गतिविधियों में वृद्धि की भी सम्भावना है | लोग आपके कार्यों की प्रशंसा करेंगे और अपने कार्य के लिए आपको किसी प्रकार का पुरूस्कार और सम्मान आदि भी प्राप्त हो सकता है | आपके जीवन साथी के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है |

कुम्भ : आपकी राशि से पंचमेश और अष्टमेश का गोचर आपकी राशि से बारहवें भाव में हो रहा है | कार्य के सिलसिले में अथवा उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए विदेश जा सकते हैं | किन्तु सम्भव है ये यात्राएँ आपके लिए मनोनुकूल न रहे | नौकरी में हैं तो किसी अधिकारी के रिटायर होने के कारण आपकी उसके स्थान पर पदोन्नति के साथ ही किसी दूर के शहर में आपका ट्रांसफर भी हो सकता है | किसी मित्र को पैसा उधार देना इस अवधि में उचित नहीं रहेगा | साथ ही आपके स्वयं के स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं पर पैसा भी खर्च हो सकता है | अचानक ही किसी ऐसे स्थान पर जाने का कार्यक्रम बन सकता है जहाँ आप बहुत पहले जाना चाहते थे किन्तु जा नहीं पा रहे थे |

मीन : आपकी राशि से चतुर्थेश और सप्तमेश का गोचर आपके एकादश भाव में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त अनुकूल प्रतीत होता है | आपके कार्य तथा आय में वृद्धि की सम्भावना है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की भी सम्भावना है | पॉलिटिक्स में यदि आप हैं तो आपके लिए विशेष रूप से यह गोचर भाग्यवर्द्धक सिद्ध हो सकता है | आप इस अवधि में कोई नया घर भी खरीद सकते हैं | दाम्पत्य जीवन में माधुर्य बना रहने की सम्भावना है | वंश वृद्धि का विचार भी आप इस अवधि में कर सकते हैं |

अन्त में, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं | सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

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मिथुन राशि के लिए शनि का मकर में गोचर

कल के लेख में शनि के मकर राशि में गोचर के वृषभ राशि के जातकों पर सम्भावित प्रभावों के विषय में चर्चा की थी, आज मिथुन राशि के जातकों पर शनि के मकर में गोचर के सम्भावित प्रभावों पर संक्षेप में दृष्टिपात…

किन्तु ध्यान रहे, ये सभी परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है | अस्तु, आज मिथुन राशि

आपके लिए आपका अष्टमेश और नवमेश होकर शनि का गोचर आपके अष्टम भाव में ही हो रहा है जहाँ से आपके कर्म स्थान यानी दशम भाव, वाणी और धन भाव यानी दूसरे भाव तथा सन्तान भाव यानी पञ्चम भाव पर इसकी दृष्टियाँ हैं | आपके लिए यह गोचर अनुकूल नहीं प्रतीत होता | अष्टम भाव आयु और मृत्यु का भाव भी कहा जाता है | साथ ही मिथुन राशि वालों के लिए अष्टम की मिथुन राशि वालों के लिए ढाई वर्ष की अष्टम भाव की ढैया भी आरम्भ हो जाएगी | यदि आपने अपनी वाणी पर नियन्त्रण नहीं रखा तो आपके बनते बनते कार्य भी रुक सकते हैं | कार्य में सफलता प्राप्त उच्च अधिकारियों के साथ व्यर्थ का विवाद भी जन्म ले सकता है जिसका विपरीत प्रभाव आपके कार्य पर पड़ सकता है | अचानक ही कार्य में व्यवधान का अनुभव भी हो सकता है | इसलिए आप जो भी कार्य करें सोच समझकर ही करें |

आर्थिक मामलों से सम्बन्धित कोई महत्त्वपूर्ण निर्णय यदि लेना हो तो सम्बन्धित व्यक्तियों से अच्छी तरह सलाह करके ही लें | हाँ, जिन लोगों के कार्य विदेश से सम्बन्ध रखते हैं उनके लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | साथ ही यदि प्रॉपर्टी से सम्बन्धित कोई केस चल रहा है तो उसमें भी आपके पक्ष में निर्णय आ सकता है | धार्मिक गतिविधियों में वृद्धि तथा धार्मिक स्थलों की तीर्थ यात्राओं के योग भी प्रतीत होते हैं | आपके लिए शनि के मन्त्र का जाप अनुकूल रहेगा | सन्तान के साथ व्यर्थ की बहस सम्बन्धों में दरार उत्पन्न कर सकती है, अतः सावधान रहे |

स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है अन्यथा अचानक ही किसी गम्भीर बीमारी के कारण आपके कार्य में मिथुनव्यवधान भी उपस्थित हो सकता है | खान पान पर नियन्त्रण रखने की बहुत आवश्यकता है | तनाव से बचने का प्रयास करें अन्यथा ब्लड प्रेशर सम्बन्धी समस्या हो सकती है | यदि आप गर्भवती महिला हैं तो आपको विशेष रूप से सावधान रहने की आवश्यकता है |

अविवाहित हैं तो प्रेम सम्बन्ध स्थापित हो सकता है, किन्तु आपके अपने स्वभाव के कारण उसमें दरार भी उत्पन्न हो सकती है | विवाहित हैं तो भी अपने स्वभाव और वाणी पर ध्यान देने की आवश्यकता है | जीवन साथी के साथ ईमानदार रहने की भी आवश्यकता है |

अन्त में बस इतना ही कि यदि कर्म करते हुए भी सफलता नहीं प्राप्त हो रही हो तो किसी अच्छे ज्योतिषी के पास दिशानिर्देश के लिए अवश्य जाइए, किन्तु अपने कर्म और प्रयासों के प्रति निष्ठावान रहिये – क्योंकि ग्रहों के गोचर तो अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं, केवल आपके कर्म और उचित प्रयास ही आपको जीवन में सफल बना सकते हैं…

आगे कर्क राशि पर शनि के मकर में गोचर के सम्भावित प्रभावों पर बात करेंगे…

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वृषभ राशि के जातकों के लिए शनि का मकर में गोचर

कल के लेख में शनि के मकर राशि में गोचर के मेष राशि के जातकों पर सम्भावित प्रभावों के विषय में चर्चा की थी, आज वृषभ राशि के जातकों पर शनि के मकर में गोचर के सम्भावित प्रभावों पर संक्षेप में दृष्टिपात…

किन्तु ध्यान रहे, ये सभी परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है | अस्तु, आज वृषभ राशि

आपकी अष्टम भाव की ढैया समाप्त हो रही है जो आपके लिए राहत की बात हो सकती है | बहुत सी समस्याओं के समाप्त होने की सम्भावना की जा सकती है | आपके लिए नवम और दशम भाव का स्वामी होकर शनि योगकारक बन जाता है और इस समय आपके नवम भाव यानी भाग्य स्थान में ही गोचर करेगा जहाँ से आपके एकादश भाव, तृतीय स्थान तथा छठे भावों पर शनि की दृष्टियाँ रहेंगी | नवम भाव पिता का स्थान भी माना जाता है | सम्भव है आरम्भ में पिता के साथ किसी प्रकार का मतभेद हो किसी बात पर, किन्तु धीरे धीरे अनुकूलता की सम्भावना भी की जा सकती है, क्योंकि शनि आपके लिए योगकारक है | आपके लिए कार्य की दृष्टि से यह गोचर भाग्यवर्द्धक माना जा सकता है | यदि किसी नई नौकरी की तलाश में हैं तो वह भी आपको प्राप्त हो सकती है, लेकिन उसके लिए भाग दौड़ अधिक करनी पड़ेगी | कार्य में पदोन्नति तथा आय में वृद्धि की भी सम्भावना है | आलस्य को त्याग कर कार्य करते रहे तो भाग्योदय का समय है, अन्यथा हाथ में आया कार्य भी आपसे दूर जा सकता है |

यदि आप अनुकूल दिशा में प्रयास करते रहे तो आपके रुके हुए कार्य भी इस अवधि में पूर्ण होने की सम्भावना है | सहकर्मियों का सहयोग आपको उपलब्ध रहेगा | कार्यस्थल पर सौहार्द का वातावरण बने रहने की सम्भावना है जिसके कारण आप अपने कार्य समय पर पूर्ण करने में सक्षम होंगे | किन्तु इस अवधि में भाई बहनों के साथ किसी वृषभप्रकार का विवाद भी सम्भव है | विवाद से बचने का एक ही उपाय है – अपनी वाणी पर नियन्त्रण रखें | साथ ही, ध्यान रखें कि जो भी वादा आपने किया है उसे पूर्ण करने का प्रयास करें, अन्यथा आपके सम्मान को ही ठेस पहुँचेगी | बॉस का सहयोग प्राप्त रहेगा, किन्तु उसके साथ किसी प्रकार का पंगा आपके हित में नहीं रहेगा | धार्मिक गतिविधियों में वृद्धि की सम्भावना है | आप सपरिवार किसी धार्मिक स्थल पर तीर्थ यात्रा के लिए भी जा सकते हैं |

स्वास्थ्य का जहाँ तक प्रश्न है तो एक ओर तो किसी पुरानी बीमारी से मुक्ति की सम्भावना की जा सकती है, किन्तु वहीं दूसरी ओर यदि अपना Temperament सही नहीं रखा तो तनाव के कारण नींद में कमी तथा उससे जुड़ी अन्य समस्याएँ भी हो सकती हैं | आलस्य का त्याग कर योग और प्राणायाम पर ध्यान दें |

अविवाहित हैं तो किसी के साथ प्रेम सम्बन्ध बन सकता है, किन्तु विवाह में अभी समय लग सकता है | विवाहित हैं तो दाम्पत्य जीवन में मधुरता बने रहने की सम्भावना की जा सकती है |

अन्त में बस इतना ही कि यदि कर्म करते हुए भी सफलता नहीं प्राप्त हो रही हो तो किसी अच्छे ज्योतिषी के पास दिशानिर्देश के लिए अवश्य जाइए, किन्तु अपने कर्म और प्रयासों के प्रति निष्ठावान रहिये – क्योंकि ग्रहों के गोचर तो अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं, केवल आपके कर्म और उचित प्रयास ही आपको जीवन में सफल बना सकते हैं…

आगे मिथुन राशि पर शनि के मकर में गोचर के सम्भावित प्रभावों पर बात करेंगे…

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शुक्र का कुम्भ में गोचर

आज पौष शुक्ल चतुर्दशी को सूर्योदय से पूर्व चार बजकर तेईस मिनट के लगभग गर करण और ब्रह्म योग में समस्त सांसारिक सुख, समृद्धि, विवाह, परिवार सुख, कला, शिल्प, सौन्दर्य, बौद्धिकता, राजनीति तथा समाज में मान प्रतिष्ठा में वृद्धि आदि का कारक शुक्र अपने परम मित्र शनि की एक राशि मकर से निकल कर शनि की ही दूसरी राशि कुम्भ में प्रस्थान कर चुका है | अपने इस प्रस्थान के समय शुक्र धनिष्ठा नक्षत्र पर है | कुम्भ राशि में भ्रमण करते हुए चौदह जनवरी को शतभिषज नक्षत्र पर तथा पच्चीस जनवरी को पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र पर विचरण करते हुए अन्त में दो फरवरी को अर्द्धरात्र्योत्तर दो बजकर अठारह मिनट के लगभग मीन राशि में प्रस्थान कर जाएगा | शुक्र की अपनी राशि वृषभ से कुम्भ राशि दशम भाव तथा तुला से चतुर्थ भाव बनती है अतः इन दोनों राशियों के लिए सामान्य तौर पर यह गोचर शुभ होने की सम्भावना है | साथ ही शुक्र और शनि एक दूसरे की राशियों के लिए योग कारक ग्रह भी हैं |  इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखकर जानने का प्रयास करते हैं कि शुक्र के कुम्भ राशि में गोचर के समस्त राशियों पर सम्भावित परिणाम क्या रह सकते हैं…

किन्तु ध्यान रहे, ये समस्त फल सामान्य हैं | व्यक्ति विशेष की कुण्डली का व्यापक अध्ययन करके ही किसी निश्चित परिणाम पर पहुँचा जा सकता है | अतः कुण्डली का विविध सूत्रों के आधार पर व्यापक अध्ययन कराने के लिए किसी Astrologer के पास ही जाना उचित रहेगा |

मेष : आपका द्वितीयेश और सप्तमेश होकर शुक्र का गोचर आपके लाभ स्थान में गोचर कर रहा है | आपके स्वयं के लिए तथा आपके जीवन साथी दोनों के लिए यह गोचर अत्यन्त महत्त्वपूर्ण प्रतीत होता है | कार्य तथा आय में वृद्धि की सम्भावना है | रुके हुए कार्य पूर्ण होने की सम्भावना है | जो लोग अभी तक आपकी बात नहीं समझ पा रहे थे वे अब आपके सुझावों का अनुमोदन कर सकते हैं, जिसका लाभ आपको अपने कार्य में निश्चित रूप से प्राप्त हो सकता है | मित्रों तथा सहकर्मियों का सहयोग उपलब्ध रहेगा | अविवाहित हैं तो जीवन साथी की तलाश भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है | प्रेम सम्बन्ध विवाह में परिणत हो सकता है अथवा कोई नया प्रेम सम्बन्ध भी स्थापित हो सकता है | स्वास्थ्य की दृष्टि से भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | सन्तान की ओर से कोई शुभ समाचार इस अवधि में प्राप्त हो सकता है |

वृषभ : आपका राश्यधिपति तथा षष्ठेश होकर शुक्र का गोचर आपके कर्म स्थान में हो रहा है | कार्य की दृष्टि से तथा आर्थिक दृष्टि से आपके लिए उत्साह में वृद्धि के संकेत हैं जिसके कारण आप अपना कार्य समय पर पूर्ण करने में सक्षम रहेंगे | आप कलाकार हैं, कवि हैं, डेंटिस्ट हैं, केमिस्ट हैं, ब्यूटीशियन हैं अथवा किसी प्रकार के सौन्दर्य प्रसाधनों के व्यवसाय से सम्बन्ध रखते हैं, टूर और ट्रेवल से सम्बन्धित व्यवसाय में, वक्ता हैं तो आपके लिए विशेष रूप से कार्य में उन्नति तथा अर्थ लाभ की सम्भावना की जा सकती है | नया घर अथवा वाहन भी इस अवधि में खरीद सकते हैं अथवा खरीदने की योजना बना सकते हैं | अपने सौन्दर्य को निखारने में आपकी रूचि इस अवधि में बढ़ेगी | स्वास्थ्य की ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है |

मिथुन : आपका पंचमेश और द्वादशेश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से नवम भाव में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आपके पराक्रम में वृद्धि का समय प्रतीत होता है | कुछ नया कार्य आप इस अवधि में आरम्भ कर सकते हैं | जो लोग किसी प्रकार की प्रतियोगिता की तैयारी कर रहे हैं उनके लिए भी यह गोचर अनुकूल फल देने वाला प्रतीत होता है | आपकी सन्तान या आप स्वयं भी यदि उच्च शिक्षा के लिए प्रयासरत हैं तो उसमें सफलता की सम्भावना की जा सकती है | आप कलाकार हैं और कोई रिसर्च आदिद करना चाहते हैं तो उसके लिए भी आपका नामांकन इस अवधि में हो सकता है | परिवार में किसी के विवाह आदि माँगलिक कार्य के कारण सम्बन्धियों तथा मित्रों के साथ आमोद प्रमोद का समय भी प्रतीत होता है |

कर्क : आपका चतुर्थेश और एकादशेश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से अष्टम भाव में हो रहा है | इस अवधि में एक ओर जहाँ आपके लिए अप्रत्याशित लाभ की सम्भावना की जा सकती है, किसी ऐसे स्थान से प्रॉपर्टी के लाभ की सम्भावना की जा सकती है जहाँ की आपने कल्पना भी नहीं की होगी, वहीं दूसरी ओर किसी प्रकार से भी गुप्त विरोधियों की ओर से सावधान रहने की भी आवश्यकता है | आप स्वयं भी इस दौरान ऐसा कोई कार्य न करें जिसके कारण आपकी मान प्रतिष्ठा को किसी प्रकार की हानि होने की सम्भावना हो | कार्य में अकस्मात् ही किसी प्रकार का व्यवधान उपस्थित हो सकता है अतः सावधान रहने की आवश्यकता है | Opposite Sex की ओर इस अवधि में आपका झुकाव बढ़ सकता है | आगे बढ़ने से पूर्व पार्टनर के सम्बन्ध में पूरी जानकारी अवश्य हासिल कर लें | यदि आप महिला हैं तो आपको विशेष रूप से स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहने की आवश्यकता है | आपकी सन्तान के लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है |

सिंह : आपका तृतीयेश और दशमेश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से सप्तम भाव में होने जा रहा है | आपके और आपके जीवन साथी के लिए कार्य तथा अर्थलाभ की दृष्टि से अनुकूल समय प्रतीत होता है | यदि आप कलाकार हैं तो आपको अपनी कला के प्रदर्शन के अनेकों अवसर इस अवधि में उपलब्ध हो सकते हैं, जिनके कारण आपके मान सम्मान में वृद्धि तथा आपको किसी प्रकार का पुरूस्कार आदि भी प्राप्त हो सकता है | Cosmetic और Medicine के क्षेत्र में कार्यरत लोगों के लिए भी यह समय अत्यन्त लाभप्रद प्रतीत होता है | आय के नवीन स्रोत आपके तथा आपके जीवन साथी के समक्ष उपस्थित हो सकते हैं | आपका कोई घनिष्ठ मित्र अथवा आपका कोई सहकर्मी आपकी ओर आकर्षित हो सकता है और आप उसके साथ विवाह बन्धन में बंध सकते हैं | दाम्पत्य जीवन में प्रगाढ़ता के संकेत प्रतीत होते हैं |

कन्या : आपका द्वितीयेश और भाग्येश होकर शुक्र आपकी राशि से छठे भाव में हो रहा है | आपके लिए उत्साह में वृद्धि के योग प्रतीत होते हैं जिसके कारण आप अपने कार्य समय पर पूर्ण करने में समर्थ होंगे | आप इस समय कार्य से सम्बन्धित नवीन चुनौतियाँ भी स्वीकार करने का साहस रखते हैं, जो आपके कार्य की दृष्टि से हित में ही रहेगा | किसी महिला मित्र के माध्यम से कोई नवीन प्रोजेक्ट आपको प्राप्त हो सकता है जिसके कारण आप दीर्घ समय तक व्यस्त रहकर अर्थलाभ भी कर सकते हैं | किन्तु साथ ही उन मित्रों को पहचानकर उनसे दूर होने की आवश्यकता है जो आपसे प्रेम दिखाते हैं लेकिन मन में ईर्ष्या का भाव रखते हैं | किसी कोर्ट केस का निर्णय आपके पक्ष में आ सकता है और उसके माध्यम से आपको अर्थलाभ भी सम्भव है | साथ ही विदेश यात्राओं के भी योग प्रतीत होते हैं | इन यात्राओं के दौरान अपने स्वास्थ्य के प्रति विशेष रूप से सावधान रहने की आवश्यकता है | साथ परिवार की किसी बुज़ुर्ग महिला के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखने की आवश्यकता है |

तुला : लग्नेश और अष्टमेश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से पंचम भाव में होने जा रहा है | सन्तान के साथ यदि कुछ समय से किसी प्रकार की अनबन चल रही है तो उसके दूर होने की सम्भावना इस अवधि में की जा सकती है | मान सम्मान तथा आय में वृद्धि के संकेत हैं | नौकरी के लिए इन्टरव्यू दिया है तो उसमें भी सफलता की सम्भावना है | सन्तान प्राप्ति के भी योग प्रतीत होते हैं | सन्तान के लिए भी यह गोचर समय अनुकूल प्रतीत होता है | आपके व्यक्तित्व में सकारात्मक परिवर्तन होने की सम्भावना है | आपके कार्यों के कारण आपको किसी प्रकार का पुरूस्कार आदि भी इस अवधि में प्राप्त हो सकता है | धार्मिक तथा आध्यात्मिक गतिविधियों की ओर रुझान में वृद्धि की भी सम्भावना की जा सकती है | आपकी सन्तान की ओर से कोई ऐसा शुभ समाचार आपको प्राप्त हो सकता है जिसकी आपको बहुत समय से प्रतीक्षा थी |

वृश्चिक : आपके लिए आपका सप्तमेश और द्वादशेश होकर शुक्र आपके चतुर्थ भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए यह गोचर अनुकूल फल देने वाला प्रतीत होता है | सम्भव है आप इस अवधि में नया घर अथवा वाहन खरीद लें अथवा खरीदने की योजना बना लें | किन्तु ड्राइविंग के समय सावधानी बरतने की आवश्यकता है | किसी वसीयत के माध्यम से प्रॉपर्टी के लाभ के भी संकेत हैं | किन्तु सम्बन्धित Documents का भली भाँती निरीक्षण अवश्य कर लीजिये – कहीं ऐसा न हो ये प्रॉपर्टी किसी प्रकार के विवाद में फँसी हुई हो | यों परिवार में आनन्द का वातावरण रहेगा | मान सम्मान और पुरूस्कार आदि का लाभ भी हो सकता है | सुख सुविधाओं के साधनों में वृद्धि के संकेत हैं | कार्य के लिए अथवा यों ही मनोरंजन के लिए भी यात्राओं पर भी जा सकते हैं | पॉलिटिक्स से जिन लोगों का सम्बन्ध है उनके लिए यह गोचर अधिक अनुकूल प्रतीत होता है | अपनी माता जी के स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है |

धनु : आपके लिए आपका षष्ठेश और एकादशेश होकर शुक्र का गोचर आपके तीसरे भाव में हो रहा है | आपके लिए उत्साह तथा निर्णायक क्षमता में वृद्धि के संकेत प्रतीत होते हैं | साथ ही, विरोधियों के स्वर मुखर हो सकते हैं, किन्तु आप स्वयं अपने ही बुद्धिबल से समस्त विरोधों को शान्त करने में समर्थ हो सकते हैं | हाँ भाई बहनों के साथ किसी प्रकार का विवाद कोर्ट तक पहुँच सकता है अतः इस ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है | आपके किसी घनिष्ठ मित्र के माध्यम से आपकी भेंट किसी प्रभावशाली व्यक्ति से हो सकती है और उसके कारण आपको अपने कार्य में भी लाभ प्राप्त हो सकता है तथा आपके मान सम्मान में भी वृद्धि के संकेत हैं | रुके हुए कार्य भी इस अवधि में पूर्ण होने की सम्भावना है | कहीं पेमेण्ट रुकी हुई है तो वह भी वापस प्राप्त हो सकती है | किसी कोर्ट केस का निर्णय भी आपके पक्ष में आ सकता है |

मकर : आपके लिए आपका पंचमेश और दशमेश होकर शुक्र आपके लिए योगकारक बनता है और आपकी राशि से दूसरे भाव में गोचर कर रहा है | पराक्रम तथा निर्णायक क्षमता में वृद्धि के संकेत हैं | आर्थिक रूप से स्थिति में दृढ़ता आने के साथ ही कुछ नवीन प्रोजेक्ट्स इस अवधि में प्राप्त होते रह सकते हैं जिनके कारण आप बहुत समय तक व्यस्त रहकर अर्थ लाभ भी कर सकते हैं | आपकी वाणी तथा व्यक्तित्व का प्रभाव दूसरों पर पड़ेगा और जिसके कारण आपकी प्रशंसा भी होगी तथा आपको किसी प्रकार का पुरूस्कार आदि भी प्राप्त हो सकता है | सामाजिक गतिविधियों में वृद्धि के साथ ही मान सम्मान में वृद्धि के भी संकेत हैं | आपकी वाणी अत्यन्त प्रभावशाली है, उसका लाभ आपको अपने कार्यक्षेत्र में अवश्य प्राप्त होगा, किन्तु ऐसा कुछ मत बोलिए जिसके कारण किसी विवाद में फँसने की सम्भावना हो |

कुम्भ : आपके लिए भी आपकी राशि से चतुर्थेश और नवमेश होकर शुक्र आपका योगकारक बनता है और आपकी लग्न में ही गोचर कर रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आप इस अवधि में अपने शारीरिक सौन्दर्य के साथ ही अपनी Intellect को निखारने का भी प्रयास करेंगे, जो आपके हित में ही रहेगा | आपके आकर्षक व्यक्तित्व से लोग प्रभावित होंगे और उसका लाभ आपको अपने कार्य तथा पारस्परिक सम्बन्धों में अवश्य प्राप्त होगा | Romantically यदि कहीं Involve हैं तो उस सम्बन्ध में अन्तरंगता के संकेत प्रतीत होते हैं | आपका प्रेम सम्बन्ध विवाह सम्बन्ध में भी परिणत हो सकता है | विवाहित हैं तो दाम्पत्य जीवन में भी माधुर्य तथा अन्तरंगता बने रहने के संकेत हैं | Opposite Sex के प्रति आपका रुझान इस अवधि में बढ़ सकता है | राजनीति से यदि आप सम्बद्ध हैं तो आपके लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है |

मीन : आपके लिए तृतीयेश और अष्टमेश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से बारहवें भाव में हो रहा है | आपके लिए उच्च शिक्षा, कला के प्रदर्शन अथवा अन्य किसी व्यावसायिक कार्य के निमित्त विदेश यात्राओं में वृद्धि के संकेत प्रतीत होते हैं | इन यात्राओं से आपके कार्य तथा मान सम्मान में प्रगति की तथा आर्थिक स्थिति में दृढ़ता आने की सम्भावना है | इन यात्राओं के कारण आपके कुछ नए मित्र भी बन सकते हैं | साथ ही इन यात्राओं के दौरान अपने स्वास्थ्य तथा Important Documents का भी ध्यान रखने की भी आवश्यकता है | परिवार में किसी प्रकार के माँगलिक आयोजन की भी सम्भावना इस अवधि में की जा सकती है | परिवार में आनन्द का वातावरण बना रह सकता है | महिलाओं को अधिक रक्तस्राव की समस्या हो सकती है अतः अपनी Gynaecologist से नियमित चेकअप अवश्य कराती रहें | आपके छोटे भाई बहनों के लिए यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है |

अन्त में, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं – यह एक ऐसी खगोलीय घटना है जिसका प्रभाव मानव सहित समस्त प्रकृति पर पड़ता है | वास्तव में सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2020/01/09/venus-transit-in-aquarius-2/

 

शनि का मकर में गोचर

कल के लेख में शनि के मकर राशि में गोचर के समय आदि के विषय में चर्चा की थी, आज सभी राशियों पर शनि के मकर में गोचर के सम्भावित प्रभावों पर चर्चा…

किन्तु ध्यान रहे, ये सभी परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है | क्योंकि शनि का जहाँ तक प्रश्न है तो “शं करोति शनैश्चरतीति च शनि:” अर्थात, जो शान्ति और कल्याण प्रदान करे और धीरे चले वह शनि… अतः शनिदेव का गोचर कहीं भी हो, घबराने की या भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है… अपने कर्म की दिशा सुनिश्चित करके आगे बढ़ेंगे तो कल्याण ही होगा… अस्तु, आज मेष राशि

आपके लिए शनि आपके कर्म स्थान तथा लाभ स्थान का स्वामी है और आपके कर्म स्थान में अपनी ही राशि में गोचर करने जा रहा है, जहाँ से इसकी दृष्टियाँ आपके द्वादश भाव, चतुर्थ भाव तथा सप्तम भावों पर हैं | शनि को कर्म का मेषस्वामी भी कहा जाता है | किन्तु इसकी गति बहुत धीमी है | आपके कार्यों में प्रगति तथा उनके कारण आपके लिए अर्थ लाभ की सम्भावनाओं से इन्कार नहीं किया जा सकता, किन्तु इन सबकी गति धीमी रह सकती है तथा अपने कार्य को समय पर पूर्ण करके उसका पूर्ण लाभ प्राप्त करने के लिए आपको अधिक श्रम भी करना पड़ सकता है | किन्तु इस समय आप जितना अधिक श्रम कर लेंगे उतना ही आपके भविष्य के लिए मार्ग प्रशस्त होता जाएगा | साथ ही, आपके पराक्रम में वृद्धि की सम्भावना इस गोचर से की जा सकती है जो आपके लिए कार्य की दृष्टि से उत्तम रहेगा |

यदि आप किसी नौकरी में हैं तो आपके लिए प्रमोशन की सम्भावना की जा सकती है | जो लोग नवीन नौकरी के लिए प्रयास कर रहे हैं उन्हें इस समय कोई मनोनुकूल नौकरी भी प्राप्त हो सकती है | यदि अपना स्वयं का कार्य है तो उसमें प्रगति की सम्भावना है | नए क्लायिन्ट्स बन सकते हैं जिनके साथ लम्बे समय तक कार्य करते हुए अर्थलाभ कर सकते हैं | किन्तु जो भी महत्त्वपूर्ण निर्णय कार्य के सम्बन्ध में लेने हों ग्यारह मई से पूर्व ही ले लें तो अच्छा रहेगा, क्योंकि उसके बाद 29 सितम्बर 2020 तक शनि वक्री रहेगा जो अशुभ तो नहीं रहेगा किन्तु कार्य में देरी हो सकती है | आप अपने लिए नया घर अथवा वाहन भी खरीद सकते हैं |

स्वास्थ्य का जहाँ तक प्रश्न है, तो आपको त्वचा सम्बन्धी किसी रोग की ओर से सावधान रहने की आवश्यकता होगी | खान पान पर ध्यान देना आपके लिए आवश्यक है | किसी पारिवारिक क्लेश के कारण कुछ तनाव की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है | मन को शान्त रखने तथा शरीर को स्वस्थ रखने के लिए योग ध्यान आदि के सहारा लें | जीवन साथी और अपनी माता जी के स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है |

अविवाहित हैं और जीवन साथी की तलाश में हैं तो आपका कोई प्रेम सम्बन्ध विवाह में परिणत हो सकता है | साथ ही विवाहित और अविवाहित दोनों ही परिस्थितियों में सम्बन्धों में माधुर्य बनाए रखने के लिए तथा अकारण ही तनाव से बचने के लिए अपने टेम्परामेंट पर नियन्त्रण रखना आवश्यक है |

अन्त में बस इतना ही कि यदि कर्म करते हुए भी सफलता नहीं प्राप्त हो रही हो तो किसी अच्छे ज्योतिषी के पास दिशानिर्देश के लिए अवश्य जाइए, किन्तु अपने कर्म और प्रयासों के प्रति निष्ठावान रहिये – क्योंकि ग्रहों के गोचर तो अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं, केवल आपके कर्म और उचित प्रयास ही आपको जीवन में सफल बना सकते हैं…

आगे वृषभ राशि पर शनि के मकर में गोचर के सम्भावित प्रभावों पर बात करेंगे…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2020/01/08/saturn-transit-in-capricorn-2/