गुरु का धनु में गोचर

ज्ञान, विज्ञान, बुद्धि, पिता, गुरु, धर्म और आध्यात्म के साथ-साथ भाग्य वृद्धि, विवाह तथा सन्तान सुख आदि के कारक बृहस्पति ने 11 अक्टूबर 2018 को वृश्चिक राशि में प्रस्थान किया था | गुरु एक ही राशि में लगभग एक वर्ष तो विश्राम करते ही हैं, किन्तु वक्री अथवा मार्गी होने के कारण इस अवधि में कुछ अन्तर भी आ जाता है | इस बार भी ऐसा ही हो रहा है | लगभग साढ़े पाँच माह वृश्चिक में भ्रमण करने के बाद गुरुदेव कल शुक्रवार चैत्र कृष्ण नवमी यानी 29 मार्च को रात्रि आठ बजकर सात मिनट के लगभग गर करण और शिव योग में अपनी स्वयं की राशि धनु तथा मूल नक्षत्र पर प्रस्थान कर जाएँगे लगभग एक माह के लिए | इस बीच 10 अप्रेल से वक्री होता हुआ गुरु 23 अप्रेल को पुनः वृश्चिक राशि और ज्येष्ठा नक्षत्र पर पहुँच जाएगा | यहाँ लगभग साढ़े छह माह भ्रमण करने के बाद पाँच नवम्बर को पुनः वापस धनु राशि और मूल नक्षत्र में आ जाएगा |

किन्तु ध्यान रहे, ये परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु किसी योग्य Astrologer द्वारा उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है |

मेष : आपका नवमेश और द्वादशेश होकर गुरु आपकी राशि से भाग्य स्थान में गोचर कर रहा है | यह समय आपके कार्य में प्रगति का समय प्रतीत होता है | कार्यक्षेत्र में तथा समाज में मान सम्मान के संकेत हैं | इस लगभग एक माह के समय में आप अपने समस्त रुके हुए कार्य भी पूर्ण कर सकते हैं | परिवार में विवाह अथवा किसी शिशु के जन्म के कारण नए सदस्य का आगमन भी सम्भव है | कुछ मनोरंजक यात्राओं के अथवा तीर्थ यात्राओं के योग भी प्रतीत होते हैं | धार्मिक तथा आध्यात्मिक गतिविधियों में रुझान बढ़ सकता है | यदि आप किसी प्रकार की रहस्य विद्याओं के ज्ञाता हैं, कोई शोध कार्य कर रहे हैं, किसी प्रकार की Alternative Healing Therapy से सम्बन्ध रखते हैं तो आपके लिए यह गोचर विशेष रूप से अनुकूल प्रतीत होता है | आपकी सन्तान के लिए भी यह गोचर अनुकूल फल देने वाला प्रतीत होता है | किन्तु स्वास्थ्य की ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है |

वृषभ : आपका अष्टमेश और एकादशेश होकर गुरु का गोचर आपकी राशि से नवम भाव में हो रहा है | पैसे के लेन देन में सावधानी बरतने की आवश्यकता है | आप यदि कहीं पैसा Invest करना चाहते हैं तो उसके लिए समय अभी अनुकूल नहीं प्रतीत होता | यदि किसी कारणवश करना भी पड़ जाए तो बहुत सोच विचार के बाद ही आगे बढें | अपना स्वयं का व्यवसाय है तो उसमें किसी प्रकार का व्यवधान भी सम्भव है | किसी से नई नई मित्रता हुई है तो उस पर विश्वास करना आपके हित में नहीं रहेगा | नौकरी में हैं तो बॉस से किसी प्रकार की बहस आपके लिए हानिकारक सिद्ध हो सकती है | किन्तु साथ ही किसी अप्रत्याशित स्थान अथवा माध्यम से आपके लिए अर्थलाभ की भी सम्भावना है | पेट से सम्बन्धित कोई समस्या हो सकती है, अतः इस ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है |

मिथुन : गुरु आपका योगकारक ग्रह है और आपकी राशि से सप्तम भाव में विचरण कर रहा है | यदि आपका कार्य पार्टनरशिप में है तो आपके लिए यह गोचर विशेष रूप से अनुकूल प्रतीत होता है | कार्य के अनेक नवीन अवसर आपके समक्ष उपस्थित हो सकते हैं – यदि आपने समझदारी से निर्णय लिया तो बहुत समय तक आप इन कार्यों में व्यस्त रहते हुए धनलाभ कर सकते हैं | सामाजिक गतिविधियों तथा मान सम्मान में वृद्धि के साथ ही कार्यस्थल पर भी वातावरण अनुकूल बना रहेगा | परिवार में भी सौहार्दपूर्ण वातावरण बना रहने की सम्भावना है | अविवाहित हैं तो जीवन साथी की खोज भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है | विवाहित हैं तो दाम्पत्य जीवन में माधुर्य बना रहेगा, किन्तु जीवन साथी के स्वास्थ्य का ध्यान रखने की विशेष रूप से आवश्यकता है |

कर्क : आपके लिए गुरु षष्ठेश तथा भाग्येश है और आपके छठे भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए विरोधियों में वृद्धि की सम्भावना है | किन्तु आपके पराक्रम और निर्णायक क्षमता में वृद्धि का समय होने के कारण आप अपने विरोधियों को परास्त करने में भी सक्षम हो सकते हैं | किसी कोर्ट केस अथवा स्वास्थ्य के कारण मानसिक तनाव की भी सम्भावना है | स्वास्थ्य अथवा लीगल समस्याओं के कारण पैसा भी अधिक खर्च हो सकता है | कार्यस्थल पर सहकर्मियों के साथ किसी प्रकार की बहस से बचने का प्रयास करें | कार्य से सम्बन्धित दूर पास की यात्राओं के भी संकेत हैं, किन्तु सम्भव है इन यात्राओं में आपको स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं का भी सामना करना पड़ जाए | अपने साथ अथवा अपने घर या ऑफिस में कार्य कर रहे लोगों पर ध्यान रखने की भी आवश्यकता है | अन्धविश्वास हानिकारक भी सिद्ध हो सकता है | यदि आप किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं अथवा नौकरी की तलाश में हैं तो आपके लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है |

सिंह : आपका पंचमेश और अष्टमेश होकर गुरु आपकी राशि से पंचम भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | सामाजिक गतिविधियों में वृद्धि के साथ ही नवीन सम्पर्क भी बनेंगे जिनके कारण आपको अपने कार्य में लाभ की सम्भावना भी की जा सकती है | ज्ञान में वृद्धि के साथ ही दार्शनिक तथा आध्यात्मिक गतिविधियों में भी आपका रुझान बढ़ सकता है | सम्भव है आप बहुत दिनों से कोई नया घर अथवा वाहन खरीदने की योजना बना रहे हों, इस एक माह की अवधि में आप इस योजना को क्रियान्वित भी कर सकते हैं | परिवार में किसी शिशु के जन्म की भी सम्भावना है | आप अथवा आपकी सन्तान उच्च शिक्षा के लिए भी किसी अच्छे संस्थान में एडमीशन ले सकते हैं | किन्तु सन्तान के साथ व्यर्थ की बहस अथवा उसके प्रति सन्देह के स्वभाव की आपको त्यागना होगा | अविवाहित हैं इस अवधि में आपका विवाह सम्बन्ध भी कहीं निश्चित हो सकता है |

कन्या : आपके लिए गुरु योगकारक ग्रह है तथा आपकी राशि से चतुर्थ भाव में गोचर कर रहा है | शनि तथा केतु-राहु के प्रभाव के कारण इस अवधि में आपको मिश्रित फल प्राप्त होने की सम्भावना है | एक ओर आप अपने लिए नया घर अथवा वाहन खरीद सकते हैं | कार्य का जहाँ तक प्रश्न है तो आपको कुछ नवीन प्रोजेक्ट्स भी इस अवधि में प्राप्त हो सकते हैं जिनसे आपको बहुत समय तक अर्थलाभ भी होता रह सकता है | वहीं दूसरी ओर परिवार में – विशेष रूप से अपनी माता जी अथवा किसी बुज़ुर्ग महिला के कारण अथवा कार्य स्थल पर किसी प्रकार के विरोध का सामना भी करना पड़ सकता है | अच्छा यही रहेगा कि जो लोग आपसे सहमत न हों या जिनसे आप सहमत न हों उनसे एक दूरी बनाकर रहें | विवाहित हैं तो दाम्पत्य जीवन में माधुर्य बना रहने की सम्भावना है | अविवाहित हैं तो इस अवधि में जीवन साथी की खोज भी पूर्ण हो सकती है |

तुला : आपका तृतीयेश और षष्ठेश होकर गुरु का गोचर आपके तीसरे भाव में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर बहुत अधिक अनुकूल नहीं प्रतीत होता | छोटी छोटी यात्राओं की सम्भावना है | ये यात्राएँ आपके कष्टकारी भी सिद्ध हो सकती हैं | यदि आपका अपना व्यवसाय है तो उसमें किसी प्रकार का व्यवधान सम्भव है | इस अवधि में आप अपना निवास स्थान भी बदल सकते हैं अथवा नौकरी में हैं तो आपका ट्रांसफर भी सम्भव है | किन्तु जहाँ भी आप शिफ्ट करें सम्भव है वह स्थान आपके लिए अनुकूल न सिद्ध हो | छोटे भाई बहनों के साथ भी किसी प्रकार का विवाद सम्भव है | समय रहते यदि यह विवाद नहीं सुलझाया गया तो बात कोर्ट तक भी पहुँच सकती है | हाँ यदि आप किसी नौकरी की तलाश में हैं वह तलाश आपकी पूर्ण हो सकती है | यह नौकरी भी सम्भव है आपके मन के अनुकूल न मिले | लेकिन इस समय इस Job को Accept करना ही आपके लिए उचित रहेगा |

वृश्चिक : आपका द्वितीयेश और पंचमेश होकर गुरु का गोचर आपके दूसरे भाव में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | इस लगभग एक माह की अवधि में परिवार में किसी मांगलिक कार्य के सम्पन्न होने की सम्भावना है | कार्य में प्रगति तथा आर्थिक स्थिति में दृढ़ता की सम्भावना भी इस अवधि में की जा सकती है | कार्य की कुछ नवीन Opportunities इस अवधि में आपके समक्ष प्रतुत हो सकती हैं, इस अवधि में यदि आप उन्हें स्वीकार कर लेते हैं तो बहुत समय तक व्यस्त रहते हुए अर्थलाभ भी कर सकते हैं | कोई शोध कार्य कर रहे हैं तो वह भी पूर्ण होकर प्रकाशन के लिए जा सकता है | पॉलिटिक्स से यदि आपका सम्बन्ध है तो आपके लिए भी यह गोचर अत्यन्त अनुकूल प्रतीत होता है | आपकी सन्तान का प्रदर्शन प्रत्येक क्षेत्र में अच्छा रहने की सम्भावना है | यदि आप अविवाहित हैं तो इस अवधि में जीवन साथी की तलाश भी पूर्ण हो सकती है | विवाहित हैं तो दाम्पत्य जीवन में भी माधुर्य बने रहने की सम्भावना है | आपको अपनी वाणी और Temperament को नियन्त्रण में रखने की आवश्यकता है |

धनु : आपका राश्यधिपति और चतुर्थेश होकर गुरु आपके लिए योगकारक ग्रह है और आपकी राशि में ही गोचर कर रहा है | आपके लिए आत्मविश्वास में वृद्धि तथा कार्य में प्रगति का समय प्रतीत होता है | आपका अपना व्यवसाय है तो उसमें उन्नति तथा नौकरी में हैं तो उसमें पदोन्नति के अवसर प्रतीत होते हैं | इस अवधि में आप कुछ नया कार्य भी आरम्भ कर सकते हैं | यह कार्य आपके लिए लाभदायक सिद्ध हो सकता है | परिवार में आनन्द का वातावरण बना रहने की सम्भावना है | उच्च शिक्षा के लिए प्रयासरत हैं तो उसमें भी आशानुरूप सफलता की सम्भावना की जा सकती है | अविवाहित हैं तो इस अवधि में आपका विवाह सम्बन्ध भी कहीं निश्चित हो सकता है | विवाहित हैं तो दाम्पत्य जीवन में भी मधुरता बनी रहेगी | किन्तु, ध्यान रहे, आपके स्वभाव में क्रोध में वृद्धि हो सकती जो सम्बन्धों के लिए हानिकारक सिद्ध हो सकती है – अतः इस ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है | पॉलिटिक्स से सम्बन्धित लोगों के लिए यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | सन्तान के स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है |

मकर : आपका द्वादशेश और तृतीयेश होकर गुरु का गोचर आपके बारहवें भाव में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर कुछ अधिक अनुकूल नहीं प्रतीत होता | यदि आपका कार्य विदेश से सम्बन्ध रखता है तो विदेश यात्राओं में वृद्धि के साथ ही खर्च भी अधिक होने की सम्भावना है | छोटे भाई बहनों के साथ विवाद के कारण भी धन का अपव्यय सम्भव है | अच्छा यही रहेगा इस समय अपने मन की शान्ति बनाए रखने के लिए बहुत सी अप्रिय बातों पर ध्यान ही न दें | प्रॉपर्टी से सम्बन्धित कोई ऐसा कोर्ट केस भी इस अवधि में खुल सकता है जो बहुत समय से आपको लगता है बन्द पड़ा था | साथ ही किसी पुरानी बीमारी के भी फिर से उभर आने की सम्भावना है | अच्छा यही रहेगा कि समय पर अपना पूरा चेकअप कराएं और डॉक्टर के दिशा निर्देशों का पूर्ण रूप से पालन करें | परिवार में अकारण ही क्लेश की स्थिति उत्पन्न हो सकती है | यदि ऐसा होता है तो किसी बुज़ुर्ग व्यक्ति की मध्यस्थता से उस विवाद को समय पर सुलझाने का प्रयास करें |

कुम्भ : आपके लिए द्वितीयेश और एकादशेश होकर गुरु का गोचर आपकी राशि से लाभ स्थान में होने जा रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | व्यवसाय में उन्नति तथा आर्थिक स्थिति में दृढ़ता की सम्भावना इस अवधि में की जा सकती है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की सम्भावना भी है | आपको अपने पिताम बड़े भाई तथा अधिकारी वर्ग का सहयोग प्राप्त रहेगा जिसके कारण आप अपने समस्त कार्य सुचारू रूप से करने में समर्थ हो सकेंगे | यदि कहीं पैसा Invest करना चाहते हैं तो उसके लिए भी यह समय अनुकूल प्रतीत होता है | यदि कुछ समय से स्वास्थ्य ठीक नहीं चल रहा है तो इस अवधि में उसमें भी सुधार की सम्भावना की जा सकती है | आपकी सन्तान के लिए भी यह गोचर भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | सन्तान का विवाह भी इस अवधि में सम्भव है | किन्तु इसके साथ ही आपको अपनी वाणी पर नियन्त्रण रखने की भी आवश्यकता है | साथ ही अकारण ही बॉस से पंगा लेना आपके हित में नहीं रहेगा |

मीन : आपके लिए योगकारक गुरु का गोचर आपके कर्म स्थान में हो रहा है | निश्चित रूप से बड़ा भाग्यशाली समय प्रतीत होता है | इस अवधि में आपका अपना व्यवसाय है तो उसमें प्रगति के साथ ही अर्थलाभ की सम्भावना भी है | नौकरी में हैं तो उसमें सहकर्मियों का सहयोग आपको उपलब्ध रहेगा | कार्य क्षेत्र में यद्यपि कुछ विरोध के स्वर मुखर हो सकते हैं, किन्तु आप अपने बुद्धिबल से स्वयं ही उस विरोध को शान्त करने में समर्थ हो सकते हैं | आप नया घर खरीद कर उसमें शिफ्ट हो सकते हैं | किन्तु यदि कहीं पैसा Invest करना हो भली भाँती सोच समझकर ही आगे बढें | घर परिवार में सुख शान्ति का वातावरण बना रह सकता है | मित्रों तथा परिवारजनों के साथ आमोद प्रमोद में समय ब्यतीत हो सकता है | परुवार में किसी का विवाह भी इस अवधि में सम्भव है | किसी पुराने रोग से मुक्ति की सम्भावना है, किन्तु साथ ही कोई अन्य नवीन समस्या भी स्वास्थ्य के सम्बन्ध में उत्पन्न हो सकती है | अपने खान पान पर नियन्त्रण तथा जीवन शैली में बदलाव आपके लिए अत्यन्त आवश्यक है |

अन्त में, ग्रहों के गोचर तथा उनके मार्गी, वक्री अथवा अतिगामी होने का क्रम तो अपने नियत समय पर चलता ही रहेगा | सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2019/03/28/jupiter-transit-in-sagittarius/

 

 

Advertisements

राहु केतु का मिथुन और धनु में गोचर

वैदिक ज्योतिष में राहु और केतु को छाया ग्रह कहा जाता है | यदि किसी व्यक्ति की कुण्डली में ये दोनों ग्रह उत्तम स्थिति में हैं तो उसके लिए मान सम्मान में वृद्धि तथा आर्थिक स्थिति में दृढ़ता लाने वाले माने जाते हैं | किन्तु यदि ये दोनों ग्रह प्रतिकूल स्थिति में हैं तो अनेक प्रकार की शारीरिक समस्याओं के साथ ही मानसिक अशान्ति, कार्य सिद्धि में बाधा तथा दुर्घटना आदि के कारक भी माने जाते हैं | ये दोनों ग्रह सदा एक दूसरे के सामने रहते हैं और लगभग 18 माह तक एक ही राशि में रहते हैं | इनकी चाल सदा वक्री होती है | कल फाल्गुन शुक्ल प्रतिपदा, यानी बृहस्पतिवार 7 मार्च को किन्स्तुघ्न करण और साध्य योग में प्रातः 9:39 के लगभग राहु मिथुन राशि तथा केतु धनु राशि में संचार करेंगे | दण्डाधिकारी शनिदेव पहले से ही वहाँ पहुँचे हुए हैं | जहाँ डेढ़ वर्ष तक भ्रमण के उपरान्त अन्त में 23 सितम्बर 2020 को दिन में 12:53 के लगभग क्रमशः वृषभ और वृश्चिक राशियों में प्रस्थान कर जाएँगे | मिथुन और धनु राशियों में अपने इस भ्रमण के दौरान 12 सितम्बर 2019 को आर्द्रा और पूर्वाषाढ़ नक्षत्रों पर राहु और केतु रहेंगे | 16 जनवरी 2020 को केतु मूल नक्षत्र पर आ जाएगा और राहु 20 मई 2020 को मृगशिर नक्षत्र पर जाएगा | राहु-केतु के इस राशि परिवर्तन से जीवन में कुछ महत्त्वपूर्ण परिवर्तन भी हो सकते हैं – क्योंकि एक ओर राहु को सांसारिक सुख तथा भोग विलास में रूचि प्रदान करने वाला ग्रह माना जाता है वहीं दूसरी ओर केतु आध्यात्मिकता में रूचि बढ़ाने वाला तथा मोक्ष कारक ग्रह माना जाता है | मिथुन राहु के लिए मूल त्रिकोण तथा उच्च राशि है और धनु केतु के लिए | साथ ही, पूर्व जन्म के कर्मों का सम्बन्ध भी इन दोनों ग्रहों से माना जाता है | इन्हीं समस्त तथ्यों के आधार पर जानने का प्रयास करते हैं राहु-केतु के राशि परिवर्तन के जन साधारण पर क्या प्रभाव हो सकते हैं…

किन्तु ध्यान रहे, ये परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु किसी योग्य Astrologer द्वारा उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है |

मेष : राहु-केतु का गोचर आपके तीसरे और नवं भाव में होने जा रहा है | तृतीय भाव पराक्रम का भाव है और नवं भाव भाग्य स्थान या आध्यात्मिक गतिविधियों का कारक | आपके लिए यह गोचर आपके पराक्रम में वृद्धि करने के साथ ही आपके लिए सन्तोषजनक फल देने वाला तथा साहस और मनोबल में वृद्धि प्रदान करने वाला सिद्ध हो सकता है | यदि अप किसी नौकरी में हैं और उसे बदलना चाहते हैं तो यह भी इस अवधि में सम्भव है | नौकरी में उन्नति तथा अपने स्वयं के कार्य में प्रगति भी इस अवधि में सम्भव है | कोई नया कार्य भी आप इस अवधि में आरम्भ कर सकते हैं | आर्थिक लाभ की भी सम्भावना है | दूर पास की यात्राएँ भी इस अवधि में सम्भव हैं | अपने सहकर्मियों का तथा मित्रों का सहयोग आपको प्राप्त रहेगा | नवीन मित्र बनने की भी सम्भावना है | आध्यात्मिक तथा दार्शनिक गतिविधियों में वृद्धि के साथ ही आप सपरिवार किसी धार्मिक स्थल की यात्रा के लिए भी जा सकते हैं | पिता का स्वास्थ्य चिन्ता का विषय हो सकता है |

वृषभ : आपके लिए ये गोचर आपके द्वितीय तथा अष्टम भावों में हो रहे हैं | इस दौरान अधिक बोलना आपके लिए हानिकारक सिद्ध हो सकता है | जो भी बात करें पहले उसके विषय में भली भाँती सोच विचार कर लें उसके बाद ही आगे बढें, अन्यथा आपके लिए कष्टकारी वातावरण बन सकता है | क्रोध पर नियन्त्रण रखने की आवश्यकता है | स्वास्थ्य अथवा किसी अन्य समस्या के कारण धनहानि के संकेत भी प्रतीत होते हैं | साथ ही इस अवधि में नया घर खरीदने की योजना यदि है तो उसे अभी स्थगित करना ही उचित रहेगा | किसी को पैसा उधार देना अथवा स्वयं कहीं से लोन लेना भी आपके हित में नहीं होगा | इसके अतिरिक्त बजट बनाकर चलेंगे तो धन सम्बन्धी समस्याओं से बचे रह सकते हैं | किन्तु साथ ही कार्यस्थल पर आपके मान सम्मान में वृद्धि के भी संकेत हैं | दार्शनिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में वृद्धि के साथ ही आप तीर्थ स्थानों की यात्राओं पर भी जा सकते हैं | किन्तु पोंगा पण्डितों से बचने की आवश्यकता है | अपने खान पान पर नियन्त्रण रखने की आवश्यकता है | साथ ही डॉक्टर से पूछे बिना अपने मन से अथवा किसी केमिस्ट के कहने पर कोई औषधि ग्रहण न करें |

मिथुन : आपकी तो लग्न और सप्तम भावों में ही गोचर हो रहे हैं | यद्यपि मिथुन राहु की उच्च राशि है, फिर भी आपके राहु का मिथुन में गोचरलिए इस गोचर को बहुत अधिक अनुकूल नहीं कहा जा सकता | यों आपके लिए ज्ञान में वृद्धि का समय प्रतीत होता है | किन्तु साथ ही इस बात की सम्भावना है कि आप शीघ्रता में कोई निर्णय लेकर अपनी हानि कर सकते हैं | इसलिए कोई भी महत्त्वपूर्ण निर्णय लेने से पूर्व उस बात पट भली भाँती सोच विचार अवश्य कर लें | दूसरों की बातों में तब तक किसी प्रकार का हस्तक्षेप न करें जब तक कि आपसे इसके लिए आग्रह न किया जाए, अन्यथा अपना सम्मान खो देंगे | आप सुख सुविधाओं की सामग्री पर बहुत पैसा इस अवधि में खर्च कर सकते हैं जिसके कारण आपका बजट गड़बड़ा सकता है | इसलिए इस ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है | विवाहित हैं तो जीवन साथी के साथ अथवा प्रेमी/प्रेमिका के साथ किसी प्रकार की अनबन भी सम्भव है | किन्तु जो लोग अविवाहित हैं उनकी जीवन साथी की तलाश भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है | पार्टनरशिप में यदि आपका कार्य है तो उसमें किसी प्रकार की ग़लतफ़हमी के कारण बाधा उत्पन्न हो सकती है | अपने तथा अपने जीवन साथी के स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहने की आवश्यकता है | Depression के शिकार न हों इसके लिए योग, प्राणायाम और ध्यान के अभ्यास जो अपनी दिनचर्या का अंग बना लेंगे तो आपके हित में रहेगा |

कर्क : आपके लिए क्रमशः बारहवें तथा छठे भाव में यह गोचर होने जा रहा है | खर्चों में अकारण ही वृद्धि की सम्भावना है | विदेश यात्राओं में भी वृद्धि की सम्भावना है | ये यात्राएँ आपके लिए मनोरंजक हो सकती हैं, किन्तु इन यात्राओं के दौरान आपको अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता होगी | साथ ही अपने Important Documents को भी संभालकर रखने की आवश्यकता है | कोई ऐसा कार्य न करें जिसके कारण आप किसी कानूनी कार्यवाही में फँस जाएँ | कार्य में किसी प्रकार का व्यवधान भी उत्पन्न हो सकता है | इन गोचरों के कारण आपके जीवन में अनेक प्रकार के उतार चढ़ाव उत्पन्न हो सकते हैं | किन्तु इनसे घबराने की अपेक्षा यदि आप अपने व्यवहार और विचारों में सकारात्मकता बनाए रखेंगे तो आपके लिए हित में रहेगा | आप मनोरंजन तथा सौन्दर्य प्रसाधनों पर बहुत अधिक पैसा खर्च कर सकते हैं जिसके कारण आर्थिक समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं | किसी कोर्ट केस अथवा स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं पर भी अधिक धन व्यय हो सकता है | तनाव के कारण नींद में कमी का अनुभव भी कर सकते हैं | प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास आपको इस स्थिति से मुक्ति प्रदान कर सकता है | वास्तव में यह गोचर इस प्रकार का है कि आप शान्ति के साथ बैठकर भविष्य की योजनाओं पर विचार करें और उन्हें मूर्त रूप देने का प्रयास करें | ननसाल पक्ष के साथ किसी प्रकार का विवाद भी इस अवधि में सम्भव है |

सिंह : आपके लिए क्रमशः आपके लाभ स्थान और पंचम भाव में ये दोनों ग्रह गोचर कर रहे हैं | कार्य में उन्नति तथा आर्थिक स्थिति में दृढ़ता के संकेत हैं | जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आपके लिए लाभ तथा अनुकूल परिणाम प्राप्त होने की सम्भावना की जा सकती है | कुछ ऐसे नवीन प्रोजेक्ट्स आपको प्राप्त हो सकते हैं जिनके कारण आप दीर्घ समय तक व्यस्त रहते हुए अर्थ लाभ कर सकते हैं | अधिकारी वर्ग, मित्रों तथा पिता और सन्तान के सहयोग आपको उपलब्ध रहेगा | इस अवधि में आपको कोई ऐसी बड़ी उपलब्धि भी हो सकती है जिसके कारण न केवल आपके मन सम्मान में वृद्धि होगी अपितु आपको कोई बड़ा पुरूस्कार भी इस अवधि में प्राप्त हो सकता है | नौकरी में हैं तो किसी महत्त्वपूर्ण पद पर पदोन्नति की सम्भावना भी है | अविवाहित हैं जीवन साथी की खोज भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है | सम्भव है किसी सहकर्मी की ओर से अथवा किसी मित्र की ओर से आपको प्रणय निवेदन प्राप्त हो और आप उसके साथ विवाह बन्धन में बंध जाएँ | सन्तान के साथ व्यर्थ की बहस से बचने का प्रयास आपके लिए आवश्यक है |

कन्या : आपके लिए क्रमशः आपके कर्म स्थान और चतुर्थ भाव में ये गोचर हो रहे हैं | आर्थिक दृष्टि से आपके लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आपने यदि कहीं पैसा Invest किया हुआ तो वहाँ से तथा अन्य भी विविध स्रोतों से अर्थ लाभ की सम्भावना की जा सकती जिसके कारण आपकी आर्थिक स्थिति दृढ़ बनी रहगी | किन्तु इसके साथ ही कार्यस्थल पर तथा परिवार में विशेष रूप से माता पिता की ओर से किसी प्रकार का विरोध का सामना भी करना पड़ सकता है | कार्य की अधिकता के कारण व्यस्तताओं में वृद्धि की भी सम्भावना है और सम्भव है इस कारण आप परिवार की ओर अधिक ध्यान न दे पाएँ | नवीन उपलब्धियों तथा कार्य में उन्नति के साथ ही सामाजिक स्तर पर मान सम्मान में वृद्धि की भी सम्भावना है | रुके हुए कार्य भी फिर से आरम्भ हो सकते हैं | आप नवीन चुनौतियों को स्वीकार करने की मनःस्थिति में होंगे जिसका लाभ आपको अपने कार्य में निश्चित रूप से प्राप्त होगा | आप इस अवधि में नया घर खरीद सकते हैं अथवा बना सकते हैं अत्ढ़वा जिस घर में अभी आपका निवास है उसे Renovate भी करा सकते हैं | बहुत सी महत्त्वपूर्ण सामाजिक गतिविधियों में आपको सम्मान प्राप्त होने की सम्भावना है | किन्तु इतना सब होते हुए भी आपके मन में उत्साह का अभाव रह सकता है | नया वाहन खरीदने के लिए यह समय उपयुक्त नहीं प्रतीत होता | अपने माता पिता के स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है |

तुला : आपके लिए क्रमशः आपके भाग्य स्थान और तृतीय भावों में ये गोचर हो रहे हैं | सम्भव है आपको अपने कार्यों में व्यवधान का अनुभव इस अवधि में हो | कार्य जिस रूप में होना चाहिए सम्भव है उस रूप में न हो | छोटे भाई बहनों तथा पिता के साथ किसी प्रकार का विवाद भी इस अवधि में सम्भव है | किन्तु कहीं से कोई ऐसा शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है जिसके कारण पिता के साथ आपके सम्बन्धों में सुधार की सम्भावना भी की जा सकती है | पैसे के लेन देन में सावधानी रखने की आवश्यकता है | साथ ही आपके उत्साह और ऊर्जा में वृद्धि का समय भी प्रतीत होता है जिसके कारण आप समस्याओं का सामना करके उनका समाधान करने में भी समर्थ हो सकते हैं | आप किसी लम्बी दूरी की यात्रा पर भी जा सकते हैं | यह यात्रा आपके लिए कार्य की दृष्टि से अनुकूल सिद्ध हो सकती है | आप धार्मिक स्थलों की यात्रा के लिए भी जा सकते हैं | आपके भाई बहनों का विवाह भी इस अवधि में सम्भव है |

वृश्चिक : आपकी राशि से क्रमशः अष्टम और द्वितीय भावों में राहु और केतु के गोचर हो रहे हैं | आपके लिए ये गोचर बहुत अनुकूल प्रतीत नहीं होते | इस गोचर के दौरान आपके लिए खर्चों में वृद्धि की तथा आय में कमी की सम्भावना की जा सकती है | सोच समझ कर खर्च करेंगे और बजट बनाकर चलेंगे तो आर्थिक समस्याओं से बचे रह सकते हैं | साथ ही यदि कहीं पैसा Invest करना चाहते हैं तो उसके लिए यह समय अभी अनुकूल नहीं प्रतीत होता | परिवार में कुछ व्यक्तियों की ओर से आपकी उपेक्षा भी हो सकती है | किन्तु इसके कारण चिन्तित होने की आवश्यकता नहीं है अन्यथा तनाव के कारण आपका स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है | परिवार में किसी प्रकार का क्लेश भी सम्भव है | आवश्यकता है आप अपने Temperament और वाणी पर संयम बनाए रखें | अपनी सूझ बूझ तथा सहृदयता से आप पारिवारिक विवाद को समाप्त भी कर सकते हैं | आपको ड्राइविंग के समय सावधानी रखने की आवश्यकता है | किसी अन्य भी प्रकार की दुर्घटना आदि की ओर से भी सावधान रहने की आवश्यकता है | साथ ही स्वास्थ्य उत्तम बना रहे इसके लिए खान पान पर नियन्त्रण रखने की और प्राणायाम, ध्यान तथा योग को अपने जीवन का आवश्यक अंग बनाने की भी आवश्यकता है | पिता के स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है |

धनु : आपकी राशि से क्रमशः सप्तम भाव और लग्न में राहु-केतु का गोचर हो रहा है | पार्टनरशिप में कोई कार्य करकेतु का धनु में गोचर रहे हैं तो उसमें भी किसी प्रकार का व्यवधान सम्भव है | किन्तु यदि आपका अपना स्वयं का कार्य है तो उसमें उन्नति की सम्भावना की जा सकती है | नौकरी में हैं तो आपकी पओंनती भी हो सकती है | नई नौकरी की खोज में हैं तो वह खोज भी इस अवधि में प्राप्त हो सकती है | नया व्यवसाय आरम्भ करने के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | कार्य से सम्बन्धित व्यस्तताओं में वृद्धि के कारण सम्भव है आप परिवार की ओर अहिक ध्यान नहीं दे पाएँ | विविध क्षेत्रों से सम्बन्धित व्यक्तियों से आपकी भेंट इस अवधि में होती रहेगी जिसके कारण आपके मान सम्मान में वृद्धि के साथ ही आपके कार्य में भी सहायता प्राप्त होने की सम्भावना है | आध्यात्मिक तथा दार्शनिक गतिविधियों और रूचि में वृद्धि की सम्भावना प्रतीत होती है | आपके लिए आत्म निरीक्षण का समय भी है | साथ ही आपके व्यवहार में एक प्रकार का सन्तुलन और सन्तुष्टि का भाव भी बना रहेगा | दाम्पत्य जीवन में किसी प्रकार का तनाव न उत्पन्न होने पाए इसके लिए समझदारी से काम लेने की आवश्यकता है | आपका जीवन साथी आपके लिए समर्पित है अतः उस पर किसी प्रकार का सन्देह करना उचित नहीं होगा | स्वास्थ्य की दृष्टि से यों गोचर अनुकूल रहने की सम्भावना है, किन्तु माईग्रेन आदि की सम्भावना से इन्कार नहीं किया जा सकता | अतः स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं से बचे रहने के लिए योग और ध्यान का अभ्यास आपके लिए आवश्यक है |

मकर : आपके लिए आपकी राशि से छठे और बारहवें भाव में इन छाया ग्रहों का गोचर हो रहा है | एक ओर आपके लिए कार्य में प्रगति तथा नौकरी में पदोन्नति की सम्भावना है | कार्य से सम्बन्धित विदेश यात्राओं में वृद्धि की भी सम्भावना है | दूसरी ओर कार्य स्थल पर विरोध के स्वर भी मुखर हो सकते हैं | किन्तु आप स्वयं अपनी बुद्धि तथा उत्साह के बल पर उस विरोध को समाप्त करने में भी समर्थ हो सकते हैं | आप इस अवधि में अपना निवास भी बदल सकते हैं अथवा आपका कहीं ट्रांसफर भी हो सकता है | ये ट्रांसफर सम्भव है आपके स्वास्थ्य के लिए अनुकूल न रहे | विद्यार्थियों के लिए तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में लगे लोगों के लिए ये गोचर उत्साहवर्द्धक प्रतीत हो सकते हैं | पॉलिटिक्स में हैं तो वहाँ भी आपके लिए अनुकूल परिणाम प्राप्त होने की सम्भावना है | किसी पुराने रोग से मुक्ति की सम्भावना भी है | किसी प्रकार का कोर्ट केस चल रहा है तो आपके लिए अनुकूल दिशा में वृद्धि की सम्भावना की जा सकती है | किन्तु उसमें कुछ समय तथा धन व्यय हो सकता है | कोई ऐसा कार्य न करें जिसके कारण आप किसी लीगल केस में फँस जाएँ | आध्यात्मिक यात्रा की ओर प्रवृत्त होने का समय प्रतीत होता है |

कुम्भ : आपकी राशि से क्रमशः पञ्चम भाव तथा लाभ स्थान में ये गोचर हो रहे हैं | यदि आप प्रोफेशनल हैं तो नवीन योजनाएँ आपके मन में आ सकती हैं और आप उन्हें क्रियान्वित भी कर सकते हैं | आप लेखन के क्षेत्र से सम्बन्ध रखते हैं अथवा अध्ययन अध्यापन के क्षेत्र से आपका सम्बन्ध है तो आपके लिए ये गोचर अत्यन्त अनुकूल प्रतीत होते हैं | किन्तु विद्यार्थियों के लिए कठिन परिश्रम का समय प्रतीत होता है | विद्यार्थियों को पढ़ाई में मन लगाने में व्यवधान का अनुभव हो सकता है | उनके लिए तो इस अवधि में ध्यान का अभ्यास अत्यन्त आवश्यक है | आपकी सन्तान का व्यवहार भी अनियन्त्रित हो सकता है | अच्छा यही रहेगा कि सन्तान को जो भी सलाह देनी हो सोच विचार कर तथा संयमित मन के साथ दें ताकि आपकी बात का प्रभाव उस पर पड़े | आपको कार्य के लिए अनेक नवीन अवसर उपलब्ध होंगे जो आपको बहुत समय तक व्यस्त रख सकते हैं | कार्य की अधिकता के कारण मानसिक तनाव भी सम्भव है | आय में वृद्धि तथा मान सम्मान में वृद्धि की सम्भावना की जा सकती है | सन्तान के स्वास्थ्य का ध्यान रखने की विशेष रूप से आवश्यकता है |

मीन : राहु और केतु का गोचर क्रमशः आपके चतुर्थ भाव और दशम भाव में हो रहा है | आपको कार्य की दृष्टि से कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है | सम्भव है आपको कोई ऐसा कार्य सौंप दिया जाए जो आपके लिए उचित न हो तथा आपके लिए कष्टकारी भी हो | आपकी निर्णयात्मक क्षमता भी इस अवधि में प्रभावित हो सकती है | आप Confuse हो सकते हैं | जिसके कारण आपकी प्रगति पर भी विपरीत प्रभाव हो सकता है | अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आपको कठोर श्रम करना पड़ सकता है | पारिवारिक स्तर पर तथा कार्य स्थल पर भी तनाव की सम्भावना प्रतीत होती है | यह भी सम्भव है कि परिवार के व्यक्तियों का आचरण कुछ इस प्रकार का हो जाए जिससे आप सहमत न हों | किन्तु आपके स्वभाव तथा व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तनों की सम्भावना की जा सकती है | जिन लोगों से आप सहमत न हों या जो आपसे सहमत न हों उनके साथ व्यर्थ के विवाद की आवश्यकता नहीं | परिवार में किसी नवीन सदस्त का आगमन हो सकता है अथवा किसी बच्चे का जन्म भी हो सकता है | आपका झुकाव आध्यात्मिक तथा दार्शनिक गतिविद्धियों की ओर बढ़ सकता है जिसके कारण सम्भव है आप अपने कार्य पर पर्याप्त ध्यान न दे पाएँ | अपने माता पिता के स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है |

अन्त में, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं | सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

पढने के लिए क्लिक करें:

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2019/03/06/rahu-ketu-transit-in-gemini-sagittarius/

 

शुक्र का धनु में गोचर

आज रात्रि 11:29 के लगभग समस्त सांसारिक सुख, समृद्धि, विवाह, परिवार सुख, कला, शिल्प, सौन्दर्य, बौद्धिकता, राजनीति तथा समाज में मान प्रतिष्ठा में वृद्धि आदि का कारक शुक्र वृश्चिक राशि से निकल कर धनु राशि और मूल नक्षत्र में प्रस्थान करेगा | शुक्र के धनु राशि में प्रवेश के समय माघ कृष्ण दशमी तिथि (आज सूर्योदय के समय नवमी थी, किन्तु शुक्र के गोचर के समय दशमी तिथि रहेगी), वणिज करण और वृद्धि योग होगा | यहाँ 24 फरवरी तक भ्रमण करने के पश्चात अपने परम मित्र शनि की मकर राशि में प्रस्थान कर जाएगा | धनु राशि में निवास करते हुए शुक्र क्रमशः दस फरवरी को पूर्वाषाढ़ तथा 22 फरवरी को उत्तराषाढ़ नक्षत्रों पर भ्रमण करेगा | आइये जानने का प्रयास करते हैं कि प्रत्येक राशि के लिए शुक्र के धनु राशि में गोचर के सम्भावित परिणाम क्या रह सकते हैं…

मेष : आपका द्वितीयेश और सप्तमेश होकर शुक्र का गोचर आपके नवम भाव में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्धक प्रतीत होता है | एक ओर परिवार में सौहार्द का वातावरण बना रहेगा वहीं दूसरी ओर आपके कार्य में भी प्रगति के साथ साथ अर्थ लाभ की सम्भावना की जा सकती है | आपके जीवन साथी के लिए भी यह गोचर भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आपकी वाणी इस समय बहुत प्रभावशाली बनी हुई है जिसका लाभ अपक्प जीवन के हर क्षेत्र में होने की सम्भावना है | यदि अविवाहित हैं तो इस अवधि में आपका विवाह सम्बन्ध भी कहीं निश्चित हो सकता है अथवा कोई प्रेम सम्बन्ध स्थापित हो सकता है, जो आपके मन के अनुकूल होगा तथा जो समय आने पर विवाह सम्बन्ध में भी परिवर्तित हो सकता है | विवाहित हैं तो दाम्पत्य जीवन में प्रगाढ़ता के संकेत हैं | साथ ही धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में आपकी रूचि बढ़ सकती है |

वृषभ : आपका राश्यधिपति तथा षष्ठेश होकर शुक्र का गोचर आपके अष्टम भाव में हो रहा है | इस अवधि में एक ओर जहाँ किसी प्रकार से भी गुप्त विरोधियों की ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है | आप स्वयं भी इस दौरान ऐसा कोई कार्य न करें जिसके कारण आपकी मान प्रतिष्ठा को किसी प्रकार की हानि होने की सम्भावना हो | कार्य में अकस्मात् ही किसी प्रकार का व्यवधान उपस्थित हो सकता है अतः सावधान रहने की आवश्यकता है | Opposite Sex की ओर इस अवधि में आपका झुकाव बढ़ सकता है | आगे बढ़ने से पूर्व पार्टनर के सम्बन्ध में पूरी जानकारी अवश्य हासिल कर लें | साथ ही पार्टनरशिप में कार्य आरम्भ करना चाहते हैं तो उसके लिए भी यह गोचर अनुकूल नहीं प्रतीत होता | यदि आप महिला हैं तो आपको विशेष रूप से स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहने की आवश्यकता है |

मिथुन : आपका पंचमेश और द्वादशेश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से सप्तम भाव में होने जा रहा है | आपकी निर्णायक क्षमता, उत्साह और मनोबल में वृद्धि के साथ ही आपका व्यक्तित्व भी इस अवधि में प्रभावशाली रहने की सम्भावना है | साथ ही यदि आप कलाकार हैं तो आपको अपनी कला के प्रदर्शन के लिए यात्राएँ करनी पड़ सकती हैं | आय के नवीन स्रोत आपके तथा आपके जीवन साथी के समक्ष उपस्थित हो सकते हैं | इन यात्राओं में कार्य के साथ साथ आपको कुछ आकर्षक स्थलों के भ्रमण का अवसर भी प्राप्त हो सकता है | सम्भव है इन यात्राओं के दौरान आपको कोई ऐसा व्यक्ति मिल जाए जिसकी ओर आपका झुकाव हो जाए और आप उसके साथ विवाह सम्बन्ध में बंधना चाहें, किन्तु उसके विषय में सारी जानकारी प्राप्त करने के बाद ही आगे बढ़ना उचित रहेगा | जल्दबाज़ी में कोई निर्णय न लें |

कर्क : आपका चतुर्थेश और एकादशेश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से छठे भाव में हो रहा है | एक ओर आपके लिए उत्साह में वृद्धि के योग प्रतीत होते हैं तो वहीं दूसरी ओर आपके लिए यह गोचर चुनौतियों से भरा हुआ भी हो सकता है | उन मित्रों को पहचानकर उनसे दूर होने की आवश्यकता है जो आपसे प्रेम दिखाते हैं लेकिन मन में ईर्ष्या का भाव रखते हैं | यदि नौकरी में हैं तो विशेष रूप से महिला अधिकारी से पंगा आपके हित में नहीं होगा | यदि आप कलाकार अथवा वक्ता हैं तो आपके कार्य की दृष्टि से अनुकूल समय प्रतीत होता है | किसी कोर्ट केस का निर्णय आपके पक्ष में आ सकता है | साथ ही विदेश यात्राओं के भी योग प्रतीत होते हैं | परिवार में किसी प्रकार के तनाव की आशंका भी की जा सकती है | इन यात्राओं के दौरान अपने स्वास्थ्य के प्रति विशेष रूप से सावधान रहने की आवश्यकता है |

सिंह : आपका तृतीयेश और दशमेश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से पंचम भाव में होने जा रहा है | सन्तान के साथ यदि कुछ समय से किसी प्रकार की अनबन चल रही है तो उसके दूर होने की सम्भावना इस अवधि में की जा सकती है | मान सम्मान तथा आय में वृद्धि के संकेत हैं | नौकरी के लिए इन्टरव्यू दिया है तो उसमें भी सफलता की सम्भावना है | सन्तान प्राप्ति के भी योग प्रतीत होते हैं | सन्तान के लिए भी यह गोचर समय अनुकूल प्रतीत होता है | आपके व्यक्तित्व में सकारात्मक परिवर्तन होने की सम्भावना है | आपके कार्यों के कारण आपको किसी प्रकार का पुरूस्कार आदि भी इस अवधि में प्राप्त हो सकता है | आपके भिया बहनों के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है |

कन्या : आपका द्वितीयेश और भाग्येश होकर शुक्र आपकी राशि से चतुर्थ भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | उत्साह में वृद्धि का समय प्रतीत होता है | कार्य में उन्नति तथा आय में वृद्धि के संकेत हैं | आपको इस अवधि में कोई ऐसा कार्य आपको प्राप्त हो सकता है जिसके कारण आप दीर्घ समय तक व्यस्त रहकर अर्थलाभ कर सकते हैं | आप कोई नया घर अथवा वाहन भी इस अवधि में खरीद सकते हैं अथवा खरीदने की योजना बना सकते हैं | परिवार में आनन्द का वातावरण रहेगा | किसी कन्या का विवाह भी इस अवधि में सम्भव है | नौकरी में पदोन्नति की सम्भावना है | मान सम्मान और पुरूस्कार आदि का लाभ भी हो सकता है | सुख सुविधाओं के साधनों में वृद्धि के संकेत हैं | साथ ही यदि राजनीति से आपका सम्बन्ध है तो आपके लिए यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है |

तुला : लग्नेश और अष्टमेश होकर शुक्र आपकी राशि से तीसरे भाव में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर कुछ अधिक अनुकूल नहीं प्रतीत होता | एक ओर जहाँ भाई बहनों के साथ किसी कारण से तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है वहीं आपके दाम्पत्य जीवन में भी किसी प्रकार का तनाव सम्भव है | जिन लोगों पर आप बहुत अधिक विश्वास रखते हैं उन्हीं की ओर से आपको किसी प्रकार का विश्वासघात भी सम्भव है | अतः अच्छा यही रहेगा कि अपनी योजनाओं के विषय में किसी से इस अवधि में बात न करें | तनाव के कारण आपके स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव पड़ सकता है | महिलाओं को अधिक रक्तस्राव की समस्या भी हो सकती है |

वृश्चिक : आपके लिए आपका सप्तमेश और द्वादशेश होकर शुक्र आपके दूसरे भाव में गोचर कर रहा है | आर्थिक रूप से स्थिति में दृढ़ता आने के साथ ही आपके लिए कार्य से सम्बन्धित लम्बी विदेश यात्राओं के योग भी प्रतीत होते हैं | नवीन प्रोजेक्ट्स इस अवधि में प्राप्त होते रह सकते हैं जिनके कारण आप बहुत समय तक व्यस्त रहकर अर्थ लाभ भी कर सकते हैं | आपकी वाणी तथा व्यक्तित्व का प्रभाव दूसरों पर पड़ेगा और जिसके कारण आपकी प्रशंसा भी होगी तथा आपको किसी प्रकार का पुरूस्कार आदि भी प्राप्त हो सकता है | धार्मिक तथा आध्यात्मिक गतिविधियों में आपकी रूचि में वृद्धि हो सकती है | आप सपरिवार कहीं घूमने जाने की योजना भी बना सकते हैं | सामाजिक गतिविधियों में वृद्धि के साथ ही मान सम्मान में वृद्धि के भी संकेत हैं |

धनु : आपका षष्ठेश और एकादशेश होकर शुक्र आपकी लग्न में ही गोचर कर रहा है | आप इस अवधि में अपने शारीरिक सौन्दर्य को निखारने में अधिक व्यस्त रह सकते हैं | Romantically यदि कहीं Involve हैं तो उस सम्बन्ध में अन्तरंगता के संकेत प्रतीत होते हैं | विवाहित हैं तो दाम्पत्य जीवन में भी माधुर्य तथा अन्तरंगता बने रहने के संकेत हैं | Opposite Sex के प्रति आपका रुझान इस अवधि में बढ़ सकता है | आपके कार्य में प्रगति के साथ ही अर्थलाभ की सम्भावना भी है | अधिकारीगणों का सहयोग आपको प्राप्त रहेगा | किन्तु अधिकारियों से पंगा आपके हित में नहीं होगा | राजनीति से यदि आप सम्बद्ध हैं तो आपके लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | यदि योग, व्यायाम, प्राणायाम और ध्यान का निरन्तर अभ्यास करते रहे तो स्वास्थ्य की दृष्टि से भी यह गोचर आपके लिए अनुकूल प्रतीत होता है |

मकर : आपका योगकारक आपकी राशि से बारहवें भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए उच्च शिक्षा, कला के प्रदर्शन अथवा अन्य किसी कार्य के निमित्त विदेश यात्राओं में वृद्धि के संकेत प्रतीत होते हैं | इन यात्राओं से आपके कार्य तथा मान सम्मान में प्रगति की तथा आर्थिक स्थिति में दृढ़ता आने की सम्भावना है | इन यात्राओं के करान आपके कुछ नए मित्र भी बन सकते हैं | साथ ही इन यात्राओं के दौरान अपने स्वास्थ्य तथा Important Documents का भी ध्यान रखने की भी आवश्यकता है | आपकी सन्तान के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | महिलाओं को अधिक रक्तस्राव की समस्या हो सकती है अतः अपनी Gynaecologist से नियमित चेकअप अवश्य कराती रहें |

कुम्भ : आपका योगकारक शुक्र आपकी राशि से लाभ स्थान में गोचर कर रहा है | उत्साह तथा कार्य में वृद्धि के साथ ही धनलाभ के भी संकेत हैं | यदि आपका कोई कोर्ट केस चल रहा है तो उसके अनुकूल दिशा में प्रगति की सम्भावना है | यदि आप किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं तो उसमें भी आपको सफलता प्राप्त हो सकती है | कार्य तथा आय में वृद्धि के साथ ही मान सम्मान में भी वृद्धि की सम्भावना है | रुके हुए कार्य पूर्ण होने की सम्भावना है | जो लोग अभी तक आपकी बात नहीं समझ पा रहे थे वे अब आपके सुझावों का अनुमोदन कर सकते हैं, जिसका लाभ आपको अपने कार्य में निश्चित रूप से प्राप्त हो सकता है | अविवाहित हैं तो जीवन साथी की तलाश भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है | प्रेम सम्बन्ध विवाह में परिणत हो सकता है अथवा कोई नया प्रेम सम्बन्ध भी स्थापित हो सकता है | स्वास्थ्य की दृष्टि से भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है |

मीन : आपके लिए तृतीयेश और अष्टमेश होकर शुक्र का गोचर आपके दशम भाव में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर अधिक अनुकूल नहीं प्रतीत होता | जहाँ तक आपके कार्य का प्रश्न है तो आपको अपने सहकर्मियों के विरोध का सामना करना पड़ सकता है | कुछ ऐसे लोगों का विरोध भी झेलना पड़ सकता है जिनकी ओर से आपको अनुकूलता की सम्भावना होगी | छोटे भाई बहनों के साथ तथा परिवार की महिला सदस्यों के साथ भी किसी प्रकार का विवाद इस अवधि में सम्भव है | विशेष रूप से यदि प्रॉपर्टी से सम्बन्धित कोई विवाद है तो उसे आपसी विचार विमर्श से ही सुलझाने में ही समझदारी है, अन्यथा यदि बात कोर्ट तक पहुँच गई तो समस्या हो सकती है | स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है |

किन्तु ध्यान रहे, ये समस्त फल सामान्य हैं | व्यक्ति विशेष की कुण्डली का व्यापक अध्ययन करके ही किसी निश्चित परिणाम पर पहुँचा जा सकता है | अतः कुण्डली का विविध सूत्रों के आधार पर व्यापक अध्ययन कराने के लिए किसी Astrologer के पास ही जाना उचित रहेगा |

अन्त में, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं – यह एक ऐसी खगोलीय घटना है जिसका प्रभाव मानव सहित समस्त प्रकृति पर पड़ता है | वास्तव में सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2019/01/29/venus-transit-in-sagittarius/

 

 

बुध का धनु में गोचर

नव वर्ष 2019 के प्रथम दिवस अर्थात एक जनवरी को पौष कृष्ण एकादशी को बव करण, धृति योग और विशाखा नक्षत्र में 09:50 के लगभग बुध का प्रवेश सूर्य और शनि के साथ गुरु की धनु राशि और मूल नक्षत्र में हो जाएगा | सर्वप्रथम सभी को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ… धनु राशि में बुध का गोचर सभी के लिए भाग्यवर्द्धक रहे…

धनु राशि में बुध बीस जनवरी को रात्रि नौ बजकर छह मिनट तक भ्रमण करने के पश्चात शनि की मकर राशि में प्रविष्ट हो जाएगा | धनु राशि पर भ्रमण करते हुए 10 जनवरी को पूर्वाषाढ़ और 18 जनवरी को उत्तराषाढ़ नक्षत्र में प्रविष्ट हो जाएगा | इस बीच 6 जनवरी से बुध अस्त भी रहेगा | आइये जानने का प्रयास करते हैं कि बुध के धनु राशि में गोचर के विभिन्न राशियों पर क्या सम्भावित प्रभाव हो सकते हैं…

मेष : आपका तृतीयेश और षष्ठेश का गोचर आपके भाग्य स्थान में हो रहा है | आपके नौकरी में हैं तो पदोन्नति की भी सम्भावना है | उत्साह में वृद्धि का समय भी प्रतीत होता है | आप इस अवधि में कोई नया घर भी खरीद सकते हैं | किन्तु परिवार के लोगों के साथ किसी प्रकार का विवाद भी सम्भव है | अच्छा रहेगा यदि अपने पिता अथवा परिवार के अन्य किसी बुज़ुर्ग की मध्यस्थता से इस विवाद को आपस में ही सुलझा लें | दाम्पत्य जीवन में माधुर्य बना रहने की सम्भावना है | पॉलिटिक्स से सम्बद्ध लोगों के लिए यह गोचर विशेष रूप से अनुकूल प्रतीत होता है | धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में वृद्धि की सम्भावना है |

वृषभ : आपका द्वितीयेश और पंचमेश आपकी राशि से अष्टम भाव में गोचर कर रहा है | एक ओर जहाँ आपके लिए एक और उत्साह में वृद्धि के योग हैं, आपकी निर्णायक और प्रतियोगी क्षमताओं में वृद्धि के योग प्रतीत होते हैं, वहीं पारिवारिक स्तर पर कुछ समस्याओं अथवा विवादों का सामना भी इस अवधि में करना पड़ सकता है – विशेष रूप से सन्तान के साथ व्यर्थ के विवाद से बचने की आवश्यकता है, अन्यथा इसका विपरीत प्रभाव आपके स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है | स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है | आपकी सन्तान और जीवन साथी के लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है |

मिथुन : आपका लग्नेश तथा चतुर्थेश आपकी राशि से सप्तम भाव में गोचर कर रहा है | परिवार में प्रेम और सौहार्द का तथा आनन्द का वातावरण विद्यमान रहने की सम्भावना है | यदि अविवाहित हैं तो इस अवद्धि में कहीं आपका विवाह सम्बन्ध भी निश्चित हो सकता है | विवाहित हैं तो जीवन साथी के साथ सम्बन्धों में माधुर्य बना रह सकता है | आप अपने लिए नया घर खरीदने की योजना भी बना सकते हैं | परिवार में किसी नवीन सदस्य के आगमन के कारण परिवार में उत्साह तथा मंगलकार्यों का वातावरण बना रह सकता है जिसके कारण बहुत से सम्बन्धियों और मित्रों के साथ मिलना हो सकता है |

कर्क : आपके लिए द्वादशेश और तृतीयेश होकर बुध आपकी राशि से छठे भाव में गोचर कर रहा है | इस अवधि में आपकी वाणी प्रभावशाली बनी रहेगी और आपकी निर्णायक क्षमता स्पष्ट बनी रहेगी जिसका लाभ आपको अपने कार्यक्षेत्र में प्राप्त हो सकता है | आर्थिक दृष्टि से तथा कार्य की दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आप अपने लक्ष्य के प्रति दृढ संकल्प रहेंगे | किन्तु साथ ही अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की भी आवश्यकता है | सरदर्द, जोड़ों तथा माँसपेशियों में दर्द की समस्या हो सकती है | डॉक्टर के बताए विटामिन्स आदि समय पर लेते रहेंगे और व्यायाम को अपनी दिनचर्या का अंग बना लेंगे तो बहुत सी समस्याओं से बचे रह सकते हैं |

सिंह : आपके लिए द्वितीयेश और एकादशेश होकर बुध का गोचर आपकी राशि से पंचम भाव में हो रहा है | आपके लिए कार्य की दृष्टि से तथा आर्थिक दृष्टि से यह गोचर अत्यन्त अनुकूल प्रतीत होता है | आप इस अवधि में अपने कार्य से सम्बन्धित किसी प्रकार का Short Term Advance Course भी कर सकते हैं | इसके अतिरिक्त अपनी सन्तान को भी किसी कोर्स के लिए भेज सकते हैं | साथ ही यदि आप लेखक अथवा वक्ता हैं तो आपको सिमेनार्स आदि में अपना शोध पत्र प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त हो सकता है | आपके रुके हुए कार्य इस अवधि में पूर्ण होकर आपको उनका अनुकूल पारिश्रमिक भी इस अवधि में प्राप्त होने की सम्भावना है |

कन्या : आपका राश्यधिपति तथा दशमेश बुध का गोचर आपकी लग्न से चतुर्थ भाव में हो रहा है | आपको अपने कार्य में अपने पिता का सहयोग निरन्तर प्राप्त रहेगा | आपके कार्य में तथा आर्थिक स्थिति में लाभ और वृद्द्धि की सम्भावना इस अवधि में की जा सकती है | कार्य से सम्बन्धित व्यस्तताओं के कारण सम्भव है आप परिवार पर अधिक ध्यान न दे पाएँ | किन्तु आपके लिए इस समय अपने कार्य पर एकाग्रचित्त रहने का समय है जिसका भविष्य में भी आपको लाभ हो सकता है | आपके प्रभावशाली व्यक्तित्व का लाभ आपको अपने कार्य में मिलने की सम्भावना है | कार्य से सम्बन्धित विदेश यात्राओं में भी वृद्धि की सम्भावना है |

तुला : आपका द्वादशेश और भाग्येश आपके तीसरे भाव में हो रहा है | आपके लिए कार्य की दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आप कोई नया कार्य भी इस अवधि में आरम्भ कर सकते हैं | साथ ही आप अपने छोटे भाई बहनों की भी किसी प्रकार की सहायता कर सकते हैं | आपका कार्य यदि किसी प्रकार विदेश से सम्बन्ध रखता है तो आपके लिए कार्य से सम्बन्धित विदेश यात्राओं में वृद्धि के भी योग हैं | किन्तु इन यात्राओं के दौरान आपको अपने Important Documents को सम्भाल कर रखने की आवश्यकता होगी | आपके भाई बहनों के लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | धार्मिक गतिविधियों में वृद्धि की सम्भावना है |

वृश्चिक : आपका एकादशेश और अष्टमेश आपकी राशि से दूसरे भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए कार्य की दृष्टि से यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्धक प्रतीत होता है | आप यदि मीडिया या किसी प्रकार की Alternative Therapy से सम्बन्ध रखते हैं, प्रॉपर्टी से सम्बन्धित किसी व्यवसाय से सम्बन्ध रखते हैं अथवा लेखन के क्षेत्र में हैं या वक्ता हैं तो आपके लिए आर्थिक लाभ तथा पुरूस्कार आदि प्राप्त होने के संकेत हैं | नौकरी में पदोन्नति के भी संकेत हैं | किन्तु इसके साथ ही गुप्त शत्रुओं की ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है | अचानक ही किसी ऐसे स्रोत से लाभ की भी सम्भावना है जहाँ के विषय में आपने कल्पना भी नहीं की होगी |

धनु : आपका सप्तमेश और दशमेश आपकी लग्न में ही गोचर कर रहा है | आपका अपना व्यवसाय है तो उसमें उन्नति के संकेत हैं | कोई नया कार्य भी इस अवधि में आरम्भ कर सकते हैं | पार्टनरशिप में कार्य आरम्भ करने के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | नौकरी में हैं तो उसमें भी पदोन्नति की सम्भावना की जा सकती है | नौकरी की तलाश में हैं तो वह भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है | सामाजिक गतिविधियों में वृद्धि की भी सम्भावना है | लोग आपके कार्यों की प्रशंसा करेंगे और अपने कार्य के लिए आपको किसी प्रकार का पुरूस्कार और सम्मान आदि भी प्राप्त हो सकता है | अविवाहित हैं तो अपने किसी सहकर्मी के साथ विवाह बन्धन में भी बंध सकते हैं | आपके जीवन साथी के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है |

मकर : आपका षष्ठेश और भाग्येश आपकी राशि से राशि से बारहवें भाव में गोचर कर रहा है | कार्य के सिलसिले में विदेश यात्राओं में वृद्धि के संकेत हैं | तीर्थ स्थलों की यात्रा पर भी जा सकते हैं | किन्तु सम्भव है ये यात्राएँ आपके लिए मनोनुकूल न रहे | साथ ही धार्मिक गतिविधियों के लिए धन भी खर्च कर सकते हैं | ऐसा करते समय पोंगा पण्डितों की ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है | नौकरी में हैं तो किसी अधिकारी के रिटायर होने के कारण आपकी उसके स्थान पर पदोन्नति के साथ ही किसी दूर के शहर में आपका ट्रांसफर भी हो सकता है | किसी मित्र को पैसा उधार देना इस अवधि में उचित नहीं रहेगा | साथ ही आपके स्वयं के स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं पर पैसा भी खर्च हो सकता है |

कुम्भ : आपकी राशि से पंचमेश और अष्टमेश का गोचर आपकी राशि से एकादश भाव में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर मिश्रित फल देने वाला प्रतीत होता है | एक ओर आपके कार्य तथा आय में वृद्धि की सम्भावना है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की भी सम्भावना है | पॉलिटिक्स में यदि आप हैं तो आपके लिए विशेष रूप से यह गोचर भाग्यवर्द्धक सिद्ध हो सकता है | आपकी सन्तान अथवा आप स्वयं किसी विषय में अध्ययन का प्रयास भी कर सकते हैं | किसी वसीयत के माध्यम से अथवा किसी अप्रत्याशित स्रोत से भी आपको लाभ हो सकता है | किन्तु वहीं दूसरी ओर गुप्त शत्रुओं की ओर से सावधान रहने की भी आवश्यकता है |

मीन : आपकी राशि से चतुर्थेश और सप्तमेश का गोचर आपके दशम भाव में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त प्रतीत होता है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की भी सम्भावना है | उत्साह में वृद्धि का समय भी प्रतीत होता है | आप इस अवधि में कोई नया घर भी खरीद सकते हैं | किन्तु परिवार के लोगों के साथ किसी प्रकार का विवाद भी सम्भव है | अच्छा रहेगा यदि अपने पिता अथवा परिवार के अन्य किसी बुज़ुर्ग की मध्यस्थता से इस विवाद को आपस में ही सुलझा लें | दाम्पत्य जीवन में माधुर्य बना रहने की सम्भावना है | वंश वृद्धि का विचार भी आप इस अवधि में कर सकते हैं | पॉलिटिक्स से सम्बद्ध लोगों के लिए यह गोचर विशेष रूप से अनुकूल प्रतीत होता है |

किन्तु अन्त में, उपरोक्त परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है |

साथ ही, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं | सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें, इसी कामना के साथ एक बार पुनः नववर्ष 2019 की हार्दिक शुभकामनाएँ…

पूरा पढने के लिए क्लिक करें: https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2018/12/29/mercury-transit-in-sagittarius/

 

सूर्य का धनु में गोचर

रविवार, 16 दिसम्बर, मार्गशीर्ष शुक्ल नवमी को प्रातः नौ बजकर दस मिनट के लगभग भगवान भास्कर बालव करण और व्यातिपत योग में अपने मित्र ग्रह मंगल की वृश्चिक राशि से निकल कर दूसरे मित्र गृह गुरु की धनु राशि और मूल नक्षत्र में प्रविष्ट हो जाएँगे जहाँ शनिदेव पहले से ही विराजमान हैं | यहाँ लगभग एक माह तक भ्रमण करने के पश्चात 14 जनवरी को रात्रि 07:51 के लगभग मकर राशि में केतु के साथ पहुँच जाएँगे | अपनी इस यात्रा के दौरान सूर्यदेव 29 दिसम्बर से पूर्वाषाढ़ तथा 11 जनवरी से उत्तराषाढ़ नक्षत्र पर भ्रमण करेंगे | धनु राशि से सूर्य भाग्येश भी है तथा अपनी स्वयं की राशि सिंह से पंचम भाव और अपनी उच्च की राशि मेष से भाग्य स्थान में सूर्य का गोचर रहेगा | इन्हीं सब तथ्यों के आधार पर संक्षेप में जानने का प्रयास करते हैं कि वृश्चिक राशि में सूर्य के संक्रमण के जनसाधारण पर क्या सम्भावित प्रभाव हो सकते हैं…

मेष : आपकी राशि से पंचमेश आपके भाग्य स्थान में गोचर कर रहा है | निश्चित रूप से आपके लिए यह गोचर भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आपको अपने पिता का सहयोग और समर्थन इस अवधि में निरन्तर उपलब्ध रहेगा | आप अपने व्यवसाय से सम्बन्धित कोई Advance Course भी इस अवधि में कर सकते हैं | कुछ नवीन प्रोजेक्ट्स इस अवधि में आपको प्राप्त हो सकते हैं जिनके कारण आपकी व्यस्तताएँ भी बढ़ सकती हैं | आपकी सन्तान तथा आपके पिता के लिओये भी यह गोचर अनुकूल फल देने वाला प्रतीत होता है | इसके साथ ही धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों की ओर आपका रुझान बढ़ सकता है | समाज में मान प्रतिष्ठा तथा किसी प्रकार पुरूस्कार आदि प्राप्त होने की भी सम्भावना है |

वृषभ : आपकी राशि से चतुर्थेश आपके अष्टम भाव में गोचर कर रहा है | परिवार में अचानक ही किसी प्रकार का तनाव उत्पन्न हो सकता है | किन्तु अपने पिता के सहयोग से आप उस तनाव को दूर करने में भी समर्थ हो सकते हैं | अपने पिता का सहयोग आपकी प्राप्त रहेगा किन्तु गुप्त शत्रुओं की ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है | परिवार में बच्चे के जन्म की ही समभावना इस अवधि में है जिसके कारण परिवार में आनन्द का वातावरण बन सकता है | सामाजिक गतिविधियों में वृद्धि की भी सम्भावना है | साथ ही ड्राइविंग के समय आपको सावधान रहने की आवश्यकता है |

मिथुन : आपकी राशि से तृतीयेश का गोचर आपके सप्तम भाव में हो रहा है | छोटे भाई बहनों के कारण जीवन साथी के साथ किसी प्रकार का तनाव सम्भव है | कार्यस्थल में सहकर्मियों का सहयोग आपको प्राप्त रहेगा | किसी घनिष्ठ मित्र के साथ भी कोई समस्या हो सकती है जिसके निराकरण में आप व्यस्त रह सकते हैं | यदि आप गर्भवती महिला हैं तो आपके लिए विशेष रूप से सावधान रहने की आवश्यकता है | साथ ही यात्राओं में भी स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है | सूर्य की उपासना आपके लिए उचित रहेगी |

कर्क : आपकी राशि से द्वितीयेश का गोचर आपके छठे भाव में हो रहा है | एक ओर जहाँ आपके उत्साह में वृद्धि की सम्भावना है, जिसके कारण आप अपने कार्य समय पर पूर्ण करने में सक्षम हो सकते हैं | आय में वृद्धि के भी संकेत हैं | नौकरी में हैं तो पदोन्नति भी सम्भव है | पॉलिटिक्स में हैं तो आपको किसी पद की प्राप्ति हो सकती है | वहीं दूसरी ओर आपके अपने Temperament के कारण आपके शत्रुओं में भी वृद्धि हो सकती है, अतः इस ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है | पिता का सहयोग आपको प्राप्त रहेगा किन्तु पिता के साथ अकारण बहस आपके हित में नहीं रहेगी |

सिंह : आपके लिए आपके राश्यधिपति का अपनी राशि से पञ्चम भाव में गोचर हो रहा है | कार्य की दृष्टि से, आर्थिक दृष्टि से तथा पारिवारिक स्तर पर यह गोचर आपके लिए अनुकूल प्रतीत होता है | आपकी सन्तान का सहयोग आपको उपलब्ध रहेगा तथा आप अपनी सन्तान के किसी कार्य में व्यस्त रह सकते हैं अथवा आपके पिता को आपके किसी कार्य में व्यस्त रहना पड़ सकता है | आपका यदि स्वयं का व्यवसाय है अथवा मीडिया या आई टी से आपका कोई सम्बन्ध है अथवा किसी प्रकार की Alternative Healing से सम्बन्धित कोई कार्य करते हैं तो आपके लिए उन्नति का समय प्रतीत होता है |

कन्या : आपके लिए आपके द्वादशेश का गोचर आपकी राशि से चतुर्थ भाव में गोचर हो रहा है | आपके लिए कार्य से सम्बन्धित विदेश यात्राओं के योग प्रतीत होते हैं | ये यात्राएँ आपके लिए अनुकूल फल देने वाली सिद्ध हो सकती हैं | तथा इनके कारण आपके कार्य में उन्नति की सम्भावना की जा सकती है | परिवार का कोई अन्य सदस्य भी कहीं भ्रमण के लिए जा सकता है अथवा आप भी सपरिवार कहीं भ्रमण के लिए जा सकते हैं | कार्यस्थल पर सहकर्मियों का सहयोग आपको प्राप्त रहेगा | आप इस अवधि में अपना निवास अथवा कार्यालय भी बदल सकते हैं |

तुला : आपके एकादशेश का गोचर आपके तीसरे भाव में हो रहा है | आर्थिक दृष्टि से तथा कार्य की दृष्टि से आपके लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आपको अपने कार्य के सिलसिले में किसी मित्र के माध्यम से सहायता प्राप्त हो सकती है | आय में वृद्धि के संकेत हैं | भाई बहनों का सहयोग आपको अपने कार्य में प्राप्त हो सकता है | नौकरी में हैं तो अधिकारियों का सहयोग भी आपको प्राप्त रह सकता है | साथ ही किसी सम्मान प्राप्ति की सम्भावना भी है | धार्मिक गतिविधियों में वृद्धि की सम्भावना है | किसी तीर्थ स्थान की यात्रा के लिए भी जा सकते हैं |

वृश्चिक : आपकी राशि से दशमेश का गोचर आपके द्द्वितीय भाव में हो रहा है | कार्य की दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | कुछ नवीन प्रोजेक्ट्स भी आपको इस अवधि में प्राप्त हो सकते हैं जिनके कारण आप दीर्घ समय तक व्यस्त रह सकते हैं तथा अर्थलाभ कर सकते हैं | बड़े भाई तथा अधिकारीगणों का सहयोग आपकोई उपलब्ध रहेगा जिसके कारण आपके कार्य समय पर पूर्ण होते रह सकते हैं | आपकी वाणी इस समय प्रभावशाली बनी हुई है, उसका प्रभाव दूसरों पर अवश्य पड़ेगा | आपके पिता अथवा बड़े भाई के लिए भी यह गोचर भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है |

धनु : आपकी राशि के लिए आपका भाग्येश आपकी लग्न में ही गोचर कर रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आपके कार्य में उन्नति तथा उसके कारण अर्थलाभ की समभावना प्रतीत होती है | सामाजिक गतिविधियों में वृद्धि के साथ ही कुछ नवीन सम्पर्क भी स्थापित हो सकते हैं जिनके कारण आपको अपने कार्य में लाभ प्राप्त हो सकता है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की सम्भावना इस अवधि में की जा सकती है है | धार्मिक स्थलों की यात्रा के लिए जा सकते हैं | परिवार में आनन्द का वातावरण बना रह सकता है | प्रेम सम्बन्धों में प्रगाढ़ता के संकेत प्रतीत होते हैं | जीवन साथी की तलाश भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है |

मकर : आपकी राशि से अष्टमेश का गोचर आपके द्वादश भाव में हो रहा है | एक ओर यात्राओं में वृद्धि की सम्भावना है तो वहीं दूसरी ओर इन यात्राओं के दौरान आपको दुर्घटनाओं आदि के प्रति भी सावधान रहने की आवश्यकता है | गुप्त शत्रुओं की ओर से भी सावधान रहने की आवश्यकता है | किन्तु यदि समझदारी से काम लिया तो कुछ नया कार्य आरम्भ करके उसे आगे भी बढ़ा सकते हैं | स्वास्थ्य की ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है | गर्भवती महिला हैं और डिलीवरी निकट है तो आपको विशेष रूप से अपनी चिकित्सक के सम्पर्क में रहने की आवश्यकता है |

कुम्भ : आपके सप्तमेश का गोचर आपके लाभ स्थान में हो रहा है | पार्टनरशिप में जिन लोगों का कार्य है उनके लिए यह गोचर भाग्यवर्धक प्रतीत होता है | साथ ही आपको अपने बड़े भाई अथवा अधिकारियों का सहयोग भी इस अवधि में उपलब्ध रह सकता है | साथ ही पॉलिटिक्स से जो लोग सम्बन्ध रखते हैं उन लोगों के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | उन्हें किसी पद की प्राप्ति भी हो सकती है | अविवाहित हैं तो जीवन साथी की तलाश इस अवधि में पूर्ण हो सकती है | आपके बड़े भाई का भी विवाह इस अवधि में सम्पन्न हो सकता है |

मीन : आपका षष्ठेश होकर सूर्य का गोचर आपके दशम भाव में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर मिश्रित फल देने वाला प्रतीत होता है | एक ओर आपके उत्साह में वृद्धि की सम्भावना है तो वहीं कार्य स्थल पर किसी प्रकार का तनाव भी उत्पन्न हो सकता है | किन्तु आप स्वयं ही अपनी बुद्धि से उस तनाव को दूर भी कर सकते हैं | प्रतियोगी परिक्षा की तैयारी जो लोग कर रहे हैं उनके लिए यह गोचर अधिक भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | यदि कोई कोर्ट केस चल रहा है तो उसमें भी अनुकूल दिशा में प्रगति की सम्भावना है | किन्तु साथ ही अपनी माता जी के स्वास्थ्य का विशेष रूप से ध्यान रखने की आवश्यकता है |

अन्त में, उपरोक्त परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है |

साथ ही, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं | सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2018/12/14/sun-transit-in-sagittarius/

 

गुरु का वृश्चिक में गोचर

वृश्चिक में गुरु के गोचर के धनु मिथुन राशि पर सम्भावित प्रभाव

देवगुरु बृहस्पति 11 अक्टूबर को अपने शत्रु ग्रह शुक्र की राशि तुला से निकल कर मित्र ग्रह मंगल की वृश्चिक राशि में प्रस्थान कर चुके हैं | लगभग एक वर्ष का गुरु का गोचर होता है | इस बार वृश्चिक राशि में गोचर के दौरान 29 मार्च 2019 को अपनी स्वयं की राशि धनु में प्रविष्ट हो जाएँगे कुछ समय के लिए, जहाँ से 10 अप्रेल 2019 से वक्री होते हुए 23 अप्रेल 2019 को पुनः वृश्चिक में वापस लौट आएँगे | धनु गुरु की अपनी राशि है | अब तक मेष राशि से लेकर वृश्चिक राशि तक के जातकों पर गुरु के इस गोचर के सम्भावित प्रभावों के विषय में बात कर चुके हैं, अब जानने का प्रयास करते हैं कि गुरु के इस गोचर के धनु राशि के जातकों पर क्या सम्भावित प्रभाव हो सकते हैं…

जैसा कि ऊपर लिखा, धनु की गुरु की अपनी राशि है | अर्थात आपके राश्यधिपति होकर गुरुदेव आपकी राशि से बारहवें भाव में गोचर कर रहे हैं | जहाँ से इनकी दृष्टियाँ आपके चतुर्थ भाव, छठे भाव तथा अष्टम को प्रभावित कर रही हैं | यदि आपका कार्य कहीं विदेश से सम्बन्धित है तो आपके लिए यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्धक प्रतीत होता है | आप अपना निवास भी बदलने की योजना बना सकते हैं | किसी दूसरे शहर में भी शिफ्ट हो सकते हैं | आपके माता पिता भी किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट हो सकते हैं | अचानक ही किसी ऐसे स्थान से कार्य का प्रस्ताव प्राप्त हो सकता है जहाँ आप जाने नहीं चाहते | खर्चों में वृद्धि की सम्भावना प्रतीत होती है | आप कहीं भ्रमण के लिए भी जा सकते हैं और व्यर्थ की यात्राएँ भी करनी पड़ सकती हैं | साथ ही पैसे के लेन देन में सावधानी रखने की आवश्यकता है | परिवार में व्यर्थ के तनाव भी हो सकते हैं | किन्तु यदि आपने धैर्य और संयम से कम लिया तो किसी भी तनाव अथवा विवाद को सुलझाने में स्वयं ही सफल भी हो सकते हैं | परिवार के किसी सदस्य की ओर से किसी दुखद समाचार की प्राप्ति की सम्भावना भी है |

आपको अपने आत्मविश्वास में भी कमी का अनुभव हो सकता है | यदि नौकरी की खोज में हैं तो उसमें सम्भव है सफलता न प्राप्त हो, या फिर बहुत अधिक परिश्रम के बाद सफलता प्राप्त हो | स्पोर्ट्स से सम्बन्धित व्यक्तियों के लिए यात्राओं में वृद्धि की सम्भावना है | किन्तु इन यात्राओं एक दौरान आपको दुर्घटना आदि के प्रति सावधान रहने की आवश्यकता है |

अविवाहित हैं तो विवाह के लिए अभी अनुकूल समय नहीं प्रतीत होता | कहीं कोई प्रेम सम्बन्ध चल रहा है तो उसमें भी तनाव की सम्भावना है | वैवाहिक जीवन में भी किसी प्रकार का विवाद सम्भव है | अच्छा यही रहेगा कि आप संयम से काम लें |

स्वास्थ्य की ओर से भी सावधान रहने की आवश्यकता है | बहुत अधिक तनाव से बचने के लिए ध्यान और प्राणायाम का अभ्यास अवश्य करें | अन्यथा मानसिक रूप से किसी डिप्रेशन आदि के शिकार भी हो सकते हैं |

अन्त में, उपरोक्त परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है | साथ ही, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं | सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2018/10/16/jupiter-transit-in-scorpio-for-sagittarius/