सूर्य का मेष में गोचर

सूर्य के मेष राशि में संचार अर्थात मेष संक्रान्ति के विषय में चर्चा आरम्भ करने से पूर्व – कल बैसाखी का उल्लासमय पर्व है, जिसके लिए सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ…

कल, रविवार 14 अप्रेल को अपराह्न दो बजकर नौ मिनट पर भगवान् भास्कर अपने एक मित्र गुरु की राशि मीन से निकल कर दूसरे मित्र मंगल की राशि मेष तथा अश्विनी नक्षत्र पर भ्रमण करने के लिए प्रस्थान करेंगे – अर्थात इस दिन मेष संक्रान्ति होगी | मेष उनकी उच्च राशि भी है तथा सूर्य की अपनी सिंह राशि से नवम भाव है, जहाँ बुधवार 15 मई को प्रातः लगभग ग्यारह बजकर एक मिनट तक विश्राम करेंगे और फिर वृषभ राशि में प्रस्थान कर जाएँगे | मेष राशिचक्र की प्रथम राशि भी है और सूर्य का मेष में गोचर सौर वर्ष का प्रथम दिवस भी होता है | यों प्रत्येक गृह के गोचर से जीवन में कुछ न कुछ परिवर्तन अवश्य आ सकता है, किन्तु सूर्य क्योंकि आत्मा का कारक ग्रह है, इसलिए सूर्य का गोचर यानी संक्रान्ति का विशेष महत्त्व होता है |

कल ही बैसाखी का उल्लासमय पर्व भी है जो फसल काटने के बाद नए साल के आरम्भ के रूप में मनाया जाता है बैसाखीऔर समस्त भारत में अलग अलग नामों से मनाया जाता है, जैसे: केरल में इसे “विशू” के रूप में जाना जाता है, बंगाल में “पोइला बैसाख”, असम में “रोंगाली बिहू” तथा तमिलनाडु में “पुथांडू” के रूप में इसे मनाया जाता है | कहने का तात्पर्य यही है कि सूर्य का मेष राशि में संक्रमण इतना अधिक महत्त्वपूर्ण है कि इस अवसर को लगभग पूरे देश में उत्साह के साथ एक विशेष पर्व के रूप में अलग अलग नामों से मनाया जाता है |

इस वर्ष मेष संक्रान्ति के समय सिंह लग्न, अश्विनी नक्षत्र, चैत्र शुक्ल दशमी (पूर्णा) तिथि, तैतिल करण तथा शूल योग होगा | अपनी इस यात्रा के दौरान भगवान भास्कर अश्विनी नक्षत्र के बाद 28 अप्रेल से भरणी तथा 12 मई से कृत्तिका नक्षत्र में भ्रमण करेंगे | इन्हीं समस्त तथ्यों को आधार बनाकर मेष राशि में सूर्य के संक्रमण के जनसाधारण पर होने वाले सम्भावित परिणामों पर दृष्टिपात करने का प्रयास किया गया है…

किन्तु ध्यान रहे, ये परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु किसी योग्य Astrologer द्वारा उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है |

मेष : आपकी राशि में आपका पंचमेश उच्च का हो जाता है, जो स्वयं में एक शुभ गोचर है | यह समय विशेष रूप से विद्यार्थियों के लिए और आपकी सन्तान के लिए अत्यन्त भाग्यवर्द्धक माना जा सकता है | सन्तान की ओर से कोई शुभ समाचार इस अवधि में प्राप्त हो सकता है | स्वास्थ्य के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | इस अवधि में आपके कार्य में उन्नति तथा मान सम्मान में वृद्धि की और किसी प्रकार के पुरूस्कार आदि प्राप्त होने की भी सम्भावना की जा सकती है | आपके उत्साह तथा आत्मविश्वास में वृद्धि होने के साथ ही कार्य के नवीन प्रस्ताव भी आपको प्राप्त हो सकते हैं | आप स्वयं किसी विषय में निपुणता प्राप्त करने का प्रयास कर सकते हैं | इसके अतिरिक्त आपके पिता के लिए भी यह गोचर अनुकूल फल देने वाला प्रतीत होता है |

वृषभ : आपका चतुर्थेश होकर सूर्य आपके द्वादश भाव में गोचर कर रहा है | परिवार की ओर से शुभ समाचार प्राप्त हो सकते हैं | परिवार का कोई सदस्य किसी कार्य के लिए कहीं बाहर भी जा सकता है | आपके आत्मविश्वास में वृद्धि का समय है, किन्तु अतिविश्वास उचित नहीं होगा | कार्य के सिलसिले में अथवा केवल भ्रमण के लिए ही सपरिवार कहीं विदेश यात्रा पर भी जा सकते हैं | आप किसी सम्पत्ति को बेचने का भी निर्णय इस अवधि में ले सकते हैं | इससे आपको धनलाभ तो होगा, किन्तु इसके कारण परिवार में किसी प्रकार का क्लेश भी सम्भव है | अतः जो भी निर्णय लें परिवार के सदस्यों को विशवास में लेकर ही आगे बढ़ें | पेट से सम्बन्धित कोई समस्या भी हो सकती है, अतः खान पर नियन्त्रण आवश्यक है |

मिथुन : आपका तृतीयेश आपके लाभ स्थान में गोचर कर रहा है | विशेष रूप से आपके भाई बहनों के लिए भाग्यवर्द्धक समय प्रतीत होता है | आप स्वयं भी किसी नौकरी में हैं तो पदोन्नति की सम्भावना है | अपना स्वयं का कार्य है तो उसमें भी लाभ की सम्भावना की जा सकती है | आप कोई नया व्यवसाय आरम्भ करना चाहते हैं तो उसके लिए समय अनुकूल प्रतीत होता है | साथ ही नई नौकरी की तलाश में हैं तो इस अवधि में वह तलाश भी आपकी पूर्ण हो सकती है | आपको अपने भाई बहनों का सहयोग प्राप्त होता रहेगा |

कर्क : आपका द्वितीयेश आपके कर्मस्थान में गोचर कर रहा है | एक ओर जहाँ इस अवधि में कार्य की अधिकता रह सकती है वहीं दूसरी ओर उसके द्वारा आर्थिक लाभ भी होता रहने की सम्भावना है | आप कोई नया कार्य इस अवधि में करना चाहते हैं तो उसके लिए समय अनुकूल है | साथ ही आपके मान सम्मान में भी वृद्धि के संकेत हैं | आपके पिता तथा परिवार के बुजुर्गों का पूर्ण सहयोग आपको इस अवधि में प्राप्त होता रहेगा | कुछ नए प्रोजेक्ट्स भी आपको इस अवधि में प्राप्त हो सकते हैं जिनके कारण बहुत समय तक आप व्यस्त रह सकते हैं और धनोपार्जन कर सकते हैं | सूर्य का यह गोचर कर्क राशि के जातकों को विशेष रूप से कर्मयोगी तथा यशस्वी बनाता है | यदि आप राजनीति में हैं तो आपके लिए समय अत्यन्त सफलता देने वाला प्रतीत होता है |

सिंह : आपका राश्यधिपति सूर्य उच्च का होकर आपके भाग्य स्थान में प्रवेश कर रहा है | निश्चित रूप से भाग्यवर्द्धक समय है | यदि पिछले कुछ समय से आप अपने कार्य को लेकर अथवा किसी अन्य कारण से चिन्तित हैं तो इस अवधि में वह चिन्ता आपकी दूर हो सकती है | कार्य स्थल में आपके मान सम्मान में वृद्धि के संकेत हैं हैं तथा कुछ ऐसे प्रोजेक्ट्स आपको मिल सकते हैं जिनके कारण आप बहुत समय तक व्यस्त रह सकते हैं और अर्थलाभ कर सकते हैं | साथ ही कार्य स्थल में किसी व्यक्ति की ओर आपका झुकाव भी इस अवधि में हो सकता है | स्वास्थ्य सम्बन्धी कोई समस्या भी यदि है तो इस अवधि में उस समस्या से भी मुक्ति की सम्भावना है | धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में भी आपकी रूचि बढ़ सकती है | दूर पास की यात्राओं के योग भी बन रहे हैं | यात्राएँ आपके लिए सुखद रहेंगी |

कन्या : आपका द्वादशेश आपके अष्टम भाव में गोचर कर रहा है | एक ओर जहाँ अचानक ही आपकी विदेश यात्राओं में वृद्धि हो सकती है, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता है | आपको गर्मी तथा पेट से सम्बन्धित कोई समस्या हो सकती है, अतः जितना सम्भव हो गर्मी से बचने का प्रयास करें तथा पानी अधिक मात्रा में पियें | पाइल्स की समस्या भी हो सकती है, अतः तेज़ मिर्च मसाले वाले भोजन से यथा सम्भव बचने का प्रयास करें | कार्य की दृष्टि से समय अनुकूल रहने की सम्भावना है और विदेश यात्रा के दौरान किसी महिला मित्र की सहायता से आपको कुछ नया कार्य भी प्राप्त हो सकता है | यदि आपका कोई कोर्ट केस चल रहा है तो इस अवधि में या तो अनुकूल दिशा में उस केस में प्रगति हो सकती है अथवा उसका निर्णय आपके पक्ष में आ सकता है |

तुला : आपका एकादशेश होकर सूर्य आपके सप्तम भाव में गोचर कर रहा है | आपका अपना व्यवसाय है अथवा पार्टनरशिप में कार्य कर रहे हैं तो उसमें उन्नति के साथ साथ आय में वृद्धि की भी सम्भावना है | बड़े भाई बहनों तथा जीवन साथी के माध्यम से भी आपको अर्थलाभ हो सकता है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की सम्भावना है | बहुत समय से यदि आपके अथवा आपके जीवन साथी के कार्य से सम्बन्धित कोई समस्या चल रही है तो उसका निराकरण इस अवधि में सम्भव है | कोई बड़ा परिवर्तन इस अवधि में आपके जीवन में हो सकता है, जो आपके हित में होगा | किन्तु जीवन साथी अथवा प्रेमी / प्रेमिका के स्वभाव में कुछ तेज़ी आ सकती है, अतः स्वयं पर नियन्त्रण रखना आवश्यक है |

वृश्चिक : आपका दशमेश आपके छठे भाव में गोचर कर रहा है, जो दशम भाव से नवम भाव है | यदि किसी कारणवश कार्यक्षेत्र में आपको विरोध का सामना करना पड़ा है तो अब उन विरोधियों के परास्त होने की सम्भावना प्रतीत होती है | कार्यक्षेत्र में आपको नई पहचान मिलने की तथा यश में वृद्धि की सम्भावना है | साथ ही जो विद्यार्थी किसी प्रकार की प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग ले रहे हैं उन्हें भी इस अवधि में सफलता प्राप्त हो सकती है | स्पोर्ट्स के लोगों का प्रदर्शन आत्मविश्वास से भरपूर रहने की सम्भावना है | हो सकता है आपके किसी प्रश्न पर बहुत से लोगों की अलग अलग राय हों और आप उस कारण द्विविधा में पड़ जाएँ | अतः अपनी योजनाओं के विषय में दूसरे लोगों से कम ही बात करें तथा अपनी बुद्धि का उपयोग अधिक करें | पिता के स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है |

धनु : आपके लिए सूर्य का यह गोचर अत्यन्त महत्त्व का है | आपका नवमेश आपके पञ्चम भाव में गोचर कर रहा है | आपके स्वयं के लिए तो यह गोचर भाग्यवर्द्धक है ही, आपकी सन्तान के लिए तथा विद्यार्थियों के लिए भी यह समय विशेष रूप से भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आपके तथा आपकी सन्तान के जीवन में अनेक सकारात्मक परिवर्तनों की सम्भावना इस अवधि में की जा सकती है तथा सन्तान की ओर से कोई शुभ समाचार भी प्राप्त हो सकता है | आपकी निर्णायक क्षमता इस अवधि में बहुत प्रखर होगी तथा आपका ध्यान केवल अपने लक्ष्य पर ही केन्द्रित रहेगा | आपकी रूचि धार्मिक तथा आध्यात्मिक गतिविधियों में बढ़ सकती है | सामाजिक जीवन में आपके यश में वृद्धि की सम्भावना है | आप कार्य के सिलसिले में अथवा यों ही घूमने के लिए दूर पास की यात्रा पर भी जा सकते हैं | आपके बड़े भाई बहनों के लिए यह गोचर कुछ समस्याएँ उत्पन्न कर सकता है |

मकर : आपका अष्टमेश आपके चतुर्थ भाव में गोचर कर रहा है | एक ओर जहाँ पारिवारिक स्तर पर कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, वहीं दूसरी ओर परिवार के किसी सदस्य की ओर से किसी प्रकार के शुभ समाचार भी आपको प्राप्त हो सकते हैं जिसके कारण परिवार में उत्सव का सा माहौल बन सकता है | यदि बहुत समय से आप अपने लिए नया घर बनाने का अथवा खरीदने का प्रयास कर रहा हैं तो वह सपना आपका इस अवधि में पूर्ण हो सकता है | आपको किसी पैतृक सम्पत्ति का लाभ भी होने की सम्भावना है | कार्यक्षेत्र में वातावरण अनुकूल रहने की तथा आपका प्रदर्शन अच्छा रहने की सम्भावना है | किन्तु आपको पेट से सम्बन्धित कोई समस्या हो सकती है | साथ ही अपनी माता जी के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखने की आवश्यकता है |

कुम्भ : आपका सप्तमेश तृतीय भाव में गोचर कर रहा है | पराक्रम में वृद्धि का समय प्रतीत होता है | यद्यपि कुछ चुनौतियों का सामना भी करना पड़ सकता है | इसके अतिरिक्त शरीर में आलस्य तथा थकान आदि की समस्या भी हो सकती है | अतः स्वास्थ्य का ध्यान रखने की विशेष आवश्यकता है | विवाहित हैं तो दाम्पत्य जीवन मधुर बना रह सकता है और यदि अविवाहित हैं और प्रेम सम्बन्ध किसी एक साथ चल रहा है तो उसमें भी प्रगाढ़ता आने की सम्भावना है | आपके छोटे भाई बहनों के लिए समय अधिक भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | साथ ही हाथ के कारीगरों के लिए विशेष रूप से अनुकूल समय है |

मीन : आपका षष्ठेश होकर सूर्य आपके द्वितीय भाव में गोचर कर रहा है | यदि कोई लीगल केस इस समय चल रहा है तो उसके अनुकूल दिशा में प्रगति की सम्भावना है | सम्भव है इस अवधि में किसी कोर्ट केस का निर्णय आपके पक्ष में आ जाए और उसके माध्यम से आपको धनलाभ भी हो जाए | लम्बे समय से चली आ रही किसी बीमारी से मुक्ति की भी सम्भावना है | किसी दूर देश की यात्रा की सम्भावना है | यह यात्रा आपके कार्य के लिए भी भाग्यवर्धक सिद्ध हो सकती है | आपको परिवार के सदस्यों का तथा पिता का सहयोग इस अवधि में प्राप्त होता रहेगा | यदि कहीं आपकी कोई पेमेण्ट रुकी हुई है तो प्रयास करने पर वह भी इस अवधि में आपको प्राप्त हो सकती है | किन्तु आपके क्रोध में वृद्धि की सम्भावना है जिसके कारण आपके सम्बन्धों में कड़वाहट भी उत्पन्न हो सकती है | अतः वाणी तथा स्वभाव पर नियन्त्रण रखने की आवश्यकता है | साथ ही सर में दर्द, ज्वर आदि की समस्या भी हो सकती है |

अन्त में, ग्रहों के गोचर तथा उनके मार्गी, वक्री अथवा अतिगामी होने का क्रम तो अपने नियत समय पर चलता ही रहेगा | सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2019/04/13/sun-transit-in-aries-2019/

 

Advertisements

गुरु का धनु में गोचर

ज्ञान, विज्ञान, बुद्धि, पिता, गुरु, धर्म और आध्यात्म के साथ-साथ भाग्य वृद्धि, विवाह तथा सन्तान सुख आदि के कारक बृहस्पति ने 11 अक्टूबर 2018 को वृश्चिक राशि में प्रस्थान किया था | गुरु एक ही राशि में लगभग एक वर्ष तो विश्राम करते ही हैं, किन्तु वक्री अथवा मार्गी होने के कारण इस अवधि में कुछ अन्तर भी आ जाता है | इस बार भी ऐसा ही हो रहा है | लगभग साढ़े पाँच माह वृश्चिक में भ्रमण करने के बाद गुरुदेव कल शुक्रवार चैत्र कृष्ण नवमी यानी 29 मार्च को रात्रि आठ बजकर सात मिनट के लगभग गर करण और शिव योग में अपनी स्वयं की राशि धनु तथा मूल नक्षत्र पर प्रस्थान कर जाएँगे लगभग एक माह के लिए | इस बीच 10 अप्रेल से वक्री होता हुआ गुरु 23 अप्रेल को पुनः वृश्चिक राशि और ज्येष्ठा नक्षत्र पर पहुँच जाएगा | यहाँ लगभग साढ़े छह माह भ्रमण करने के बाद पाँच नवम्बर को पुनः वापस धनु राशि और मूल नक्षत्र में आ जाएगा |

किन्तु ध्यान रहे, ये परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु किसी योग्य Astrologer द्वारा उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है |

मेष : आपका नवमेश और द्वादशेश होकर गुरु आपकी राशि से भाग्य स्थान में गोचर कर रहा है | यह समय आपके कार्य में प्रगति का समय प्रतीत होता है | कार्यक्षेत्र में तथा समाज में मान सम्मान के संकेत हैं | इस लगभग एक माह के समय में आप अपने समस्त रुके हुए कार्य भी पूर्ण कर सकते हैं | परिवार में विवाह अथवा किसी शिशु के जन्म के कारण नए सदस्य का आगमन भी सम्भव है | कुछ मनोरंजक यात्राओं के अथवा तीर्थ यात्राओं के योग भी प्रतीत होते हैं | धार्मिक तथा आध्यात्मिक गतिविधियों में रुझान बढ़ सकता है | यदि आप किसी प्रकार की रहस्य विद्याओं के ज्ञाता हैं, कोई शोध कार्य कर रहे हैं, किसी प्रकार की Alternative Healing Therapy से सम्बन्ध रखते हैं तो आपके लिए यह गोचर विशेष रूप से अनुकूल प्रतीत होता है | आपकी सन्तान के लिए भी यह गोचर अनुकूल फल देने वाला प्रतीत होता है | किन्तु स्वास्थ्य की ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है |

वृषभ : आपका अष्टमेश और एकादशेश होकर गुरु का गोचर आपकी राशि से नवम भाव में हो रहा है | पैसे के लेन देन में सावधानी बरतने की आवश्यकता है | आप यदि कहीं पैसा Invest करना चाहते हैं तो उसके लिए समय अभी अनुकूल नहीं प्रतीत होता | यदि किसी कारणवश करना भी पड़ जाए तो बहुत सोच विचार के बाद ही आगे बढें | अपना स्वयं का व्यवसाय है तो उसमें किसी प्रकार का व्यवधान भी सम्भव है | किसी से नई नई मित्रता हुई है तो उस पर विश्वास करना आपके हित में नहीं रहेगा | नौकरी में हैं तो बॉस से किसी प्रकार की बहस आपके लिए हानिकारक सिद्ध हो सकती है | किन्तु साथ ही किसी अप्रत्याशित स्थान अथवा माध्यम से आपके लिए अर्थलाभ की भी सम्भावना है | पेट से सम्बन्धित कोई समस्या हो सकती है, अतः इस ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है |

मिथुन : गुरु आपका योगकारक ग्रह है और आपकी राशि से सप्तम भाव में विचरण कर रहा है | यदि आपका कार्य पार्टनरशिप में है तो आपके लिए यह गोचर विशेष रूप से अनुकूल प्रतीत होता है | कार्य के अनेक नवीन अवसर आपके समक्ष उपस्थित हो सकते हैं – यदि आपने समझदारी से निर्णय लिया तो बहुत समय तक आप इन कार्यों में व्यस्त रहते हुए धनलाभ कर सकते हैं | सामाजिक गतिविधियों तथा मान सम्मान में वृद्धि के साथ ही कार्यस्थल पर भी वातावरण अनुकूल बना रहेगा | परिवार में भी सौहार्दपूर्ण वातावरण बना रहने की सम्भावना है | अविवाहित हैं तो जीवन साथी की खोज भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है | विवाहित हैं तो दाम्पत्य जीवन में माधुर्य बना रहेगा, किन्तु जीवन साथी के स्वास्थ्य का ध्यान रखने की विशेष रूप से आवश्यकता है |

कर्क : आपके लिए गुरु षष्ठेश तथा भाग्येश है और आपके छठे भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए विरोधियों में वृद्धि की सम्भावना है | किन्तु आपके पराक्रम और निर्णायक क्षमता में वृद्धि का समय होने के कारण आप अपने विरोधियों को परास्त करने में भी सक्षम हो सकते हैं | किसी कोर्ट केस अथवा स्वास्थ्य के कारण मानसिक तनाव की भी सम्भावना है | स्वास्थ्य अथवा लीगल समस्याओं के कारण पैसा भी अधिक खर्च हो सकता है | कार्यस्थल पर सहकर्मियों के साथ किसी प्रकार की बहस से बचने का प्रयास करें | कार्य से सम्बन्धित दूर पास की यात्राओं के भी संकेत हैं, किन्तु सम्भव है इन यात्राओं में आपको स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं का भी सामना करना पड़ जाए | अपने साथ अथवा अपने घर या ऑफिस में कार्य कर रहे लोगों पर ध्यान रखने की भी आवश्यकता है | अन्धविश्वास हानिकारक भी सिद्ध हो सकता है | यदि आप किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं अथवा नौकरी की तलाश में हैं तो आपके लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है |

सिंह : आपका पंचमेश और अष्टमेश होकर गुरु आपकी राशि से पंचम भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | सामाजिक गतिविधियों में वृद्धि के साथ ही नवीन सम्पर्क भी बनेंगे जिनके कारण आपको अपने कार्य में लाभ की सम्भावना भी की जा सकती है | ज्ञान में वृद्धि के साथ ही दार्शनिक तथा आध्यात्मिक गतिविधियों में भी आपका रुझान बढ़ सकता है | सम्भव है आप बहुत दिनों से कोई नया घर अथवा वाहन खरीदने की योजना बना रहे हों, इस एक माह की अवधि में आप इस योजना को क्रियान्वित भी कर सकते हैं | परिवार में किसी शिशु के जन्म की भी सम्भावना है | आप अथवा आपकी सन्तान उच्च शिक्षा के लिए भी किसी अच्छे संस्थान में एडमीशन ले सकते हैं | किन्तु सन्तान के साथ व्यर्थ की बहस अथवा उसके प्रति सन्देह के स्वभाव की आपको त्यागना होगा | अविवाहित हैं इस अवधि में आपका विवाह सम्बन्ध भी कहीं निश्चित हो सकता है |

कन्या : आपके लिए गुरु योगकारक ग्रह है तथा आपकी राशि से चतुर्थ भाव में गोचर कर रहा है | शनि तथा केतु-राहु के प्रभाव के कारण इस अवधि में आपको मिश्रित फल प्राप्त होने की सम्भावना है | एक ओर आप अपने लिए नया घर अथवा वाहन खरीद सकते हैं | कार्य का जहाँ तक प्रश्न है तो आपको कुछ नवीन प्रोजेक्ट्स भी इस अवधि में प्राप्त हो सकते हैं जिनसे आपको बहुत समय तक अर्थलाभ भी होता रह सकता है | वहीं दूसरी ओर परिवार में – विशेष रूप से अपनी माता जी अथवा किसी बुज़ुर्ग महिला के कारण अथवा कार्य स्थल पर किसी प्रकार के विरोध का सामना भी करना पड़ सकता है | अच्छा यही रहेगा कि जो लोग आपसे सहमत न हों या जिनसे आप सहमत न हों उनसे एक दूरी बनाकर रहें | विवाहित हैं तो दाम्पत्य जीवन में माधुर्य बना रहने की सम्भावना है | अविवाहित हैं तो इस अवधि में जीवन साथी की खोज भी पूर्ण हो सकती है |

तुला : आपका तृतीयेश और षष्ठेश होकर गुरु का गोचर आपके तीसरे भाव में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर बहुत अधिक अनुकूल नहीं प्रतीत होता | छोटी छोटी यात्राओं की सम्भावना है | ये यात्राएँ आपके कष्टकारी भी सिद्ध हो सकती हैं | यदि आपका अपना व्यवसाय है तो उसमें किसी प्रकार का व्यवधान सम्भव है | इस अवधि में आप अपना निवास स्थान भी बदल सकते हैं अथवा नौकरी में हैं तो आपका ट्रांसफर भी सम्भव है | किन्तु जहाँ भी आप शिफ्ट करें सम्भव है वह स्थान आपके लिए अनुकूल न सिद्ध हो | छोटे भाई बहनों के साथ भी किसी प्रकार का विवाद सम्भव है | समय रहते यदि यह विवाद नहीं सुलझाया गया तो बात कोर्ट तक भी पहुँच सकती है | हाँ यदि आप किसी नौकरी की तलाश में हैं वह तलाश आपकी पूर्ण हो सकती है | यह नौकरी भी सम्भव है आपके मन के अनुकूल न मिले | लेकिन इस समय इस Job को Accept करना ही आपके लिए उचित रहेगा |

वृश्चिक : आपका द्वितीयेश और पंचमेश होकर गुरु का गोचर आपके दूसरे भाव में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | इस लगभग एक माह की अवधि में परिवार में किसी मांगलिक कार्य के सम्पन्न होने की सम्भावना है | कार्य में प्रगति तथा आर्थिक स्थिति में दृढ़ता की सम्भावना भी इस अवधि में की जा सकती है | कार्य की कुछ नवीन Opportunities इस अवधि में आपके समक्ष प्रतुत हो सकती हैं, इस अवधि में यदि आप उन्हें स्वीकार कर लेते हैं तो बहुत समय तक व्यस्त रहते हुए अर्थलाभ भी कर सकते हैं | कोई शोध कार्य कर रहे हैं तो वह भी पूर्ण होकर प्रकाशन के लिए जा सकता है | पॉलिटिक्स से यदि आपका सम्बन्ध है तो आपके लिए भी यह गोचर अत्यन्त अनुकूल प्रतीत होता है | आपकी सन्तान का प्रदर्शन प्रत्येक क्षेत्र में अच्छा रहने की सम्भावना है | यदि आप अविवाहित हैं तो इस अवधि में जीवन साथी की तलाश भी पूर्ण हो सकती है | विवाहित हैं तो दाम्पत्य जीवन में भी माधुर्य बने रहने की सम्भावना है | आपको अपनी वाणी और Temperament को नियन्त्रण में रखने की आवश्यकता है |

धनु : आपका राश्यधिपति और चतुर्थेश होकर गुरु आपके लिए योगकारक ग्रह है और आपकी राशि में ही गोचर कर रहा है | आपके लिए आत्मविश्वास में वृद्धि तथा कार्य में प्रगति का समय प्रतीत होता है | आपका अपना व्यवसाय है तो उसमें उन्नति तथा नौकरी में हैं तो उसमें पदोन्नति के अवसर प्रतीत होते हैं | इस अवधि में आप कुछ नया कार्य भी आरम्भ कर सकते हैं | यह कार्य आपके लिए लाभदायक सिद्ध हो सकता है | परिवार में आनन्द का वातावरण बना रहने की सम्भावना है | उच्च शिक्षा के लिए प्रयासरत हैं तो उसमें भी आशानुरूप सफलता की सम्भावना की जा सकती है | अविवाहित हैं तो इस अवधि में आपका विवाह सम्बन्ध भी कहीं निश्चित हो सकता है | विवाहित हैं तो दाम्पत्य जीवन में भी मधुरता बनी रहेगी | किन्तु, ध्यान रहे, आपके स्वभाव में क्रोध में वृद्धि हो सकती जो सम्बन्धों के लिए हानिकारक सिद्ध हो सकती है – अतः इस ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है | पॉलिटिक्स से सम्बन्धित लोगों के लिए यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | सन्तान के स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है |

मकर : आपका द्वादशेश और तृतीयेश होकर गुरु का गोचर आपके बारहवें भाव में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर कुछ अधिक अनुकूल नहीं प्रतीत होता | यदि आपका कार्य विदेश से सम्बन्ध रखता है तो विदेश यात्राओं में वृद्धि के साथ ही खर्च भी अधिक होने की सम्भावना है | छोटे भाई बहनों के साथ विवाद के कारण भी धन का अपव्यय सम्भव है | अच्छा यही रहेगा इस समय अपने मन की शान्ति बनाए रखने के लिए बहुत सी अप्रिय बातों पर ध्यान ही न दें | प्रॉपर्टी से सम्बन्धित कोई ऐसा कोर्ट केस भी इस अवधि में खुल सकता है जो बहुत समय से आपको लगता है बन्द पड़ा था | साथ ही किसी पुरानी बीमारी के भी फिर से उभर आने की सम्भावना है | अच्छा यही रहेगा कि समय पर अपना पूरा चेकअप कराएं और डॉक्टर के दिशा निर्देशों का पूर्ण रूप से पालन करें | परिवार में अकारण ही क्लेश की स्थिति उत्पन्न हो सकती है | यदि ऐसा होता है तो किसी बुज़ुर्ग व्यक्ति की मध्यस्थता से उस विवाद को समय पर सुलझाने का प्रयास करें |

कुम्भ : आपके लिए द्वितीयेश और एकादशेश होकर गुरु का गोचर आपकी राशि से लाभ स्थान में होने जा रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | व्यवसाय में उन्नति तथा आर्थिक स्थिति में दृढ़ता की सम्भावना इस अवधि में की जा सकती है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की सम्भावना भी है | आपको अपने पिताम बड़े भाई तथा अधिकारी वर्ग का सहयोग प्राप्त रहेगा जिसके कारण आप अपने समस्त कार्य सुचारू रूप से करने में समर्थ हो सकेंगे | यदि कहीं पैसा Invest करना चाहते हैं तो उसके लिए भी यह समय अनुकूल प्रतीत होता है | यदि कुछ समय से स्वास्थ्य ठीक नहीं चल रहा है तो इस अवधि में उसमें भी सुधार की सम्भावना की जा सकती है | आपकी सन्तान के लिए भी यह गोचर भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | सन्तान का विवाह भी इस अवधि में सम्भव है | किन्तु इसके साथ ही आपको अपनी वाणी पर नियन्त्रण रखने की भी आवश्यकता है | साथ ही अकारण ही बॉस से पंगा लेना आपके हित में नहीं रहेगा |

मीन : आपके लिए योगकारक गुरु का गोचर आपके कर्म स्थान में हो रहा है | निश्चित रूप से बड़ा भाग्यशाली समय प्रतीत होता है | इस अवधि में आपका अपना व्यवसाय है तो उसमें प्रगति के साथ ही अर्थलाभ की सम्भावना भी है | नौकरी में हैं तो उसमें सहकर्मियों का सहयोग आपको उपलब्ध रहेगा | कार्य क्षेत्र में यद्यपि कुछ विरोध के स्वर मुखर हो सकते हैं, किन्तु आप अपने बुद्धिबल से स्वयं ही उस विरोध को शान्त करने में समर्थ हो सकते हैं | आप नया घर खरीद कर उसमें शिफ्ट हो सकते हैं | किन्तु यदि कहीं पैसा Invest करना हो भली भाँती सोच समझकर ही आगे बढें | घर परिवार में सुख शान्ति का वातावरण बना रह सकता है | मित्रों तथा परिवारजनों के साथ आमोद प्रमोद में समय ब्यतीत हो सकता है | परुवार में किसी का विवाह भी इस अवधि में सम्भव है | किसी पुराने रोग से मुक्ति की सम्भावना है, किन्तु साथ ही कोई अन्य नवीन समस्या भी स्वास्थ्य के सम्बन्ध में उत्पन्न हो सकती है | अपने खान पान पर नियन्त्रण तथा जीवन शैली में बदलाव आपके लिए अत्यन्त आवश्यक है |

अन्त में, ग्रहों के गोचर तथा उनके मार्गी, वक्री अथवा अतिगामी होने का क्रम तो अपने नियत समय पर चलता ही रहेगा | सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2019/03/28/jupiter-transit-in-sagittarius/

 

 

वक्री बुध मीन राशि में

पाँच मार्च को 23:49 पर बुध वक्री हो चुका है | वक्री होता हुआ बुध 15 मार्च को प्रातः नौ बजे के लगभग कुम्भ में वापस लौट जाएगा | 28 मार्च से 19:30 के लगभग मार्गी होना आरम्भ होगा और 12 अप्रेल को प्रातः चार बजकर चौबीस मिनट के लगभग मीन में पहुँच जाएगा | जहाँ 3 मई को 17:03 तक विचरण करने के बाद अन्त में मेष राशि में प्रस्थान कर जाएगा | कल यानी आठ मार्च से इक्कीस मार्च तक बुध अस्त भी रहेगा | बुध के मीन राशि में गोचर के फल पूर्व में लिख चुके हैं | बुध ज्ञान विज्ञान, आध्यात्मिक ज्ञान, गणित, सांख्यिकी, व्यापार, आज की स्थिति में कम्प्यूटर विज्ञान इत्यादि का कारक माना जाता है | Astrologers की मान्यता है कि बुध यदि वक्री हो तो जीवन में नकारात्मक प्रभाव होते हैं | किन्तु हमारे विचार से गोचर में किसी भी ग्रह के वक्री होने से केवल नकारात्मक प्रभाव ही नहीं होने चाहियें | अपितु ग्रह के वक्री होने पर जो उसके प्रभाव हैं उनमें और अधिक वृद्धि हो जानी चाहिए – फिर चाहे वह नकारात्मक हों या सकारात्मक – क्योंकि वक्री होने पर गह के चेष्टाबल में वृद्धि हो जाती है |

बुध सूर्य के सबसे अधिक निकट है अतः बहुत शीघ्र ही वक्री हो जाता है, बहुत शीघ्र मार्गी हो जाता है, बहुत शीघ्र अतिगामी भी हो जाता है | वक्री होने पर बुध के दोनों ही प्रभाव हो सकते हैं – शुभ भी और अशुभ भी | शुभ ग्रहों के प्रभाव में आएगा या किसी शुभ भाव में जाएगा तो जातक की बुद्धि, वाणी, संचार क्षमता – Communication skills, निर्णायक क्षमता, लेखन, व्यापार इत्यादि में कौशल तथा प्रगति परिलक्षित होगा | अशुभ ग्रह के प्रभाव अथवा भाव में आएगा तो इसके विपरीत फल हो सकते हैं |

हाँ, यहाँ हम कह सकते हैं कि बुध क्योंकि अपनी नीच राशि में भ्रमण कर रहा है तो इस स्थिति में सम्भव है उतने अच्छे प्रभाव बुध के न परिलक्षित हों | तो आइये जानने का प्रयास करते हैं कि मीन राशि में बुध के वक्री होने पर जन साधारण के लिए क्या सम्भावित प्रभाव हो सकते हैं |

किन्तु ध्यान रहे, ये परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु किसी योग्य Astrologer द्वारा उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है |

मेष : आपका तृतीयेश और षष्ठेश होकर बुध आपकी राशि से बारहवें भाव में वक्री हो रहा है | आपके लिए उत्साह तथा निर्णायक क्षमता में वृद्धि का समय प्रतीत होता है | जिसके कारण आप स्वयं ही अपने विरोधियों को परास्त करने में समर्थ हो सकेंगे तथा आपके कार्य समय पर और सुचारू रूप से सम्पन्न हो सकेंगे | साथ ही आपके जीवन में कोई ऐसा महत्त्वपूर्ण परिवर्तन भी हो सकता है जो आपके लिए लाभकारी सिद्ध हो सकता है | कार्य में प्रगति तथा अर्थ लाभ की सम्भावना की जा सकती है |

वृषभ : आपके लिए द्वितीयेश और पंचमेश होकर आपके लाभ स्थान में बुध वक्री हो रहा है | एक ओर आपके लिए आय में प्रगति के संयोग प्रतीत होते हैं वहीं दूसरी ओर व्यक्तिगत सम्बन्धों में किसी प्रकार की समस्या का सामना भी करना पड़ सकता है | अपने स्वभाव और वाणी को नियन्त्रण में रखेंगे तो इन समस्याओं से बच सकते हैं |

मिथुन : आपके लिए आपका योगकारक होकर बुध आपके दशम भाव में वक्री हो रहा है | आपको पैतृक संपत्ति के लाभ होने की सम्भावना है | कार्य में प्रगति के साथ ही कार्यस्थल पर तथा परिवार में सहयोग और सौहार्द का वातावरण भी बना रह सकता है | पॉलिटिक्स से यदि आपका सम्बन्ध है तो आपके लिए विशेष रूप से यह गोचर अनुकूल फल देने वाला प्रतीत होता है |

कर्क : आपका तृतीयेश और द्वादशेश होकर बुध आपके आपके नवम भाव में वक्री हो रहा है | जो लोग हाथ के कारीगर हैं अथवा डॉक्टर वैद्य इत्यादि हैं या वैज्ञानिक हैं तो आपके लिए आपके कार्य में उन्नति तथा सफलता की सम्भावना की जा सकती है | किन्तु साथ ही भाई बहनों के साथ किसी प्रकार का मन मुटाव भी सम्भव है | इस अवधि में यात्राएँ आपके लिए सम्भव है अनुकूल न सिद्ध हों |

सिंह : आपके लिए आपका द्वितीयेश और लाभेश होकर बुध आपके अष्टम भाव में वक्री हो रहा है | यदि कहीं पैसा Invest किया हुआ है तो उसके माध्यम से आपको लाभ होना आरम्भ हो सकता है | किसी उच्च पदस्थ व्यक्ति से सम्पर्क हूँ सकता है जो धीरे धीरे प्रगाढ़ मित्रता में परिवर्तित हो सकता है जिसके कारण आपको अपने कार्य में लाभ भी प्राप्त हो सकता है | सम्भव है आपको कुछ विरोध का आभास हो, किन्तु इसके कारण चिन्ता की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि आप स्वयं ही अपने बुद्धिबल से इस विरोध को शान्त करने में सक्षम हो सकते हैं |

कन्या : आपके लिए आपका योगकारक होकर आपके सप्तम भाव में बुध वक्री हो रहा है | आपके व्यवसाय में प्रगति की सम्भावना की जा सकती है | किसी मित्र के माध्यम से आपको कुछ नवीन प्रोजेक्ट्स भी प्राप्त हो सकते हैं जिनके कारण आपको अर्थलाभ के साथ ही आपकी व्यस्तताएँ भी बढ़ सकती हैं | साथ ही आप प्रॉपर्टी से सम्बन्धित कुछ कार्यों का निबटारा भी इस अवधि में कर सकते हैं | अविवाहित हैं तो जीवन साथी की तलाश भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है |

तुला : आपका नवमेश और द्वादशेश होकर बुध आपकी राशि से छठे भाव में वक्री हो रहा है | एक ओजहान आपके लिए मान सम्मान में वृद्धि के संकेत हैं, धार्मिक गतिविधियों में वृद्धि के संकेत हैं, यात्राओं में वृद्धि के संकेत हैं, वहीं दूसरी ओर आपके मन में किसी प्रकार की निराशा और असुरक्षा की भावना भी बलवती हो सकती है | आवश्यकता है ध्यान का नियमित अभ्यास करने की | साथ यात्राओं के दौरान अपने Important Documents और सामान की सुरक्षा की भी आवश्यकता है | प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता की सम्भावना की जा सकती है |

वृश्चिक : आपके लिए आपका अष्टमेश और एकादशेश होकर बुध आपके पंचम भाव में वक्री हो रहा है | यद्यपि कार्य की दृष्टि से तथा आर्थिक लाभ की दृष्टि से समय अनुकूल प्रतीत होता है, किन्तु स्वास्थ्य का विशेष रूप से ध्यान रखने की आवश्यकता है | शरीर में थकान, नींद में अभाव आदि का अनुभव इस अवधि में हो सकता है | अकस्मात् ही कहीं से अच्छा या बुरा कोई ऐसा समाचार भी प्राप्त हो सकता है जिसके कारण आपके जीवन की दिशा ही बदल सकती है |

धनु : आपके लिए योगकारक होकर बुध आपके चतुर्थ भाव में वक्री हो रहा है | आपके लिए कार्य की दृष्टि से यह समय अत्यन्त अनुकूल प्रतीत होता है | सहकर्मियों तथा जीवन साथी का सहयोग और समर्थन निरन्तर आपको प्राप्त होता रहेगा जिसके कारण आपके कार्य भी भली भाँती सम्पन्न होते रहेंगे | मान सम्मान में वृद्धि की भी सम्भावना है | किन्तु परिवार के मध्य से किसी प्रकार के विरोध अथवा तनाव की आशंका से भी इन्कार नहीं किया जा सकता | ऐसी स्थिति में आवश्यकता है आप अपना स्वभाव में सकारात्मकता और शान्ति बनाए रखें |

मकर : आपका षष्ठेश और नवमेश होकर बुध आपके तीसरे भाव में वक्री हो रहा है | आपके लिए उत्साह में वृद्धि का समय प्रतीत होता है | धार्मिक कार्यों में आपकी रूचि में वृद्धि की सम्भावना है | इस अवधि में आप तीर्थयात्रा के लिए भी जा सकते हैं | किन्तु स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं के कारण आपकी दिनचर्या में व्यवधान उत्पन्न हो सकता है | डॉक्टर के दिशानिर्देशों का पालन अवश्य करें | भाई बहनों के साथ व्यर्थ के विवाद से बचने का प्रयास करें |

कुम्भ : आपके लिए आपका पंचमेश और अष्टमेश होकर बुध आपकी राशि से दूसरे भाव में वक्री हो रहा है | आप अपने बौद्धिक कौशल से कार्य में सफलता था धनार्जन करने में पूर्ण रूप से सक्षम हैं | हाँ, अपनी वाणी और Temperament पर नियन्त्रण रखने की आवश्यकता है | आपका झुकाव धार्मिक, आध्यात्मिक तथा दार्शनिक गतिविधियों की ओर भी बढ़ सकता है | किन्तु यदि कहीं पैसा Invest करना चाहते हैं तो या तो बही कुछ समय के लिए इस विचार को स्थगित कर दें, अथवा बहुत सोच समझकर आगे बढ़ें | आँख में किसी प्रकार का इन्फेक्शन भी सम्भव है | विरोधियों की ओर से भी सावधान रहने की आवश्यकता है | किसी बुज़ुर्ग का स्वास्थ्य चिन्ता का विषय हो सकता है |

मीन : आपका योगकारक आपकी लग्न में ही वक्री हो रहा है | एक ओर कार्य की दृष्टि से आपके लिए यह समय अनुकूल प्रतीत होता है | आप इस अवधि में नया घर भुई खरीद सकते हैं | प्रॉपर्टी विषयक समस्याओं का निदान इस अवधि में सम्भव है | किन्तु साथ ही यह भी सम्भव है कि आप जल्दबाज़ी में कोई निर्णय ले सकते हैं जो आपके लिए हानिकारक सिद्ध हो सकता है | अतः जो भी कार्य करें भली भाँति सोच समझकर करें | अविवाहित हैं तो इस अवधि में जीवन साथी की खोज भी पूर्ण हो सकती है |

अन्त में, ग्रहों के गोचर तथा उनके मार्गी, वक्री अथवा अतिगामी होने का क्रम तो अपने नियत समय पर चलता ही रहेगा | सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2019/03/07/retrograde-mercury-in-pisces/

 

 

सूर्य का कुम्भ राशि में संक्रमण

बुधवार 13 फरवरी माघ शुक्ल अष्टमी को प्रातः आठ बजकर 49 मिनट के लगभग बव करण और ब्रह्म योग में सूर्यदेव मकर राशि में अपना भ्रमण पूर्ण करके कुम्भ राशि में प्रस्थान कर जाएँगे | जहाँ वे शुक्रवार 15 मार्च को प्रातः 5:40 तक विचरण करने के बाद मीन राशि में प्रस्थान कर जाएँगे | अपनी इस यात्रा के दौरान भगवान भास्कर 19 फरवरी तक धनिष्ठा नक्षत्र पर, उसके बाद 5 मार्च तक शतभिषज पर और अन्त में पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र पर भ्रमण करेंगे | इस यात्रा के दौरान सूर्य पर निरन्तर अपने राश्यधिपति शनि की दृष्टि रहेगी | सूर्य का गोचर इस समय सूर्य की अपनी उच्च राशि मेष से ग्यारहवें भाव में हो रहा है – जो मेष राशि के लिए लाभ स्थान है, तथा अपनी राशि सिंह से सप्तम भाव में गोचर करेंगे | इन दोनों राशियों के जातको के लिए निश्चित रूप से यह अवधि शुभ फल देने वाली कही जा सकती है | आइये जानने का प्रयास करते हैं सूर्य के कुम्भ में गोचर के सभी राशियों के जातकों पर क्या सम्भावित प्रभाव हो सकते हैं…

मेष : जैसा ऊपर ही लिखा है, मेष राशि के जातकों के लिए सूर्य का यह गोचर शुभ फलदायी प्रतीत होता है | मेष सूर्य की उच्च राशि है और कुम्भ राशि वहाँ से ग्यारहवें भाव में आती है | ग्यारहवाँ भाव लाभ का भाव कहलाता है | इस अवधि में आपको इस प्रकार के लाभ हो सकते हैं जिनके लिए आप बहुत समय से प्रतीक्षारत थे | आपको कुछ नए प्रोजेक्ट्स प्राप्त हो सकते हैं जिनके कारण आपकी आर्थिक स्थति भी पहले से मज़बूत हो सकती है | आपके मित्र, अधिकारीगण आपके अनुकूल रहेंगे तथा उनका सहयोग आपको प्राप्त होता रहेगा | आपकी पदोन्नति भी हो सकती है और किसी प्रकार का सम्मान, पुरूस्कार आदि भी इस अवधि में प्राप्त हो सकता है | सिंह आपका पंचम भाव है सन्तान के विवाह के लिए चिन्तित हैं तो इस अवधि में उस चिन्ता से भी मुक्ति प्राप्त हो सकती है | साथ ही धार्मिक तथा आध्यात्मिक गतिविधियों में आपकी रूचि बढ़ सकती है | आपके पिता के लिए भी यह गोचर भाग्यशाली प्रतीत होता है |

वृषभ : आपका चतुर्थेश होकर सूर्य आपके दशम भाव में गोचर कर रहा है | सूर्य के इस गोचर के दौरान वृषभ राशि के जातकों के पारिवारिक जीवन में कुछ महत्त्वपूर्ण परिवर्तन हो सकते हैं | आप जिस घर में हैं उसे बेचकर कोई नया घर ख़रीद सकते हैं | यदि आप प्रॉपर्टी से सम्बन्धित किसी व्यवसाय में तो उसमें भी आपके लिए लाभ की आशा की जा सकती है | आपके जीवन साथी के लिए भी यह समय आर्थिक दृष्टि से अनुकूल प्रतीत होता है | विदेशों से भी धनलाभ की आशा की जा सकती है | हाँ स्वास्थ्य की दृष्टि से सावधान रहने की आवश्यकता है | पेट अथवा लिवर आदि से सम्बन्धित किसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है |

मिथुन : मिथुन राशि के जातकों के लिए भी सूर्य का यह गोचर भाग्यवर्धक प्रतीत होता है | आपके लिए आपका तृतीयेश होकर सूर्य भाग्य स्थान में गोचर कर रहा है | यदि आप किसी नौकरी में हैं तो इस दौरान आपकी योजनाओं का लाभ आपको प्राप्त हो सकता है | साथ ही धार्मिक गतिविधियों में आपकी रूचि बढ़ सकती है | किन्तु अष्टमेश शनि के प्रभाव को भी नकारा नहीं जा सकता | आपको कुछ गुप्त शत्रुओं से सावधान रहने के लिए अपनी आँखें और कान खुले रखकर कार्य करना होगा | कोई ऐसा व्यक्ति आपके साथ धोखा कर सकता है जिस पर आप बहुत अधिक विश्वास रखते हैं | इसके अतिरिक्त पिता के साथ भी किसी प्रकार का मतभेद हो सकता है अथवा पिता का स्वास्थ्य आपके लिए चिन्ता का विषय हो सकता है | छोटे भाई बहनों के लिए समय अनुकूल प्रतीत होता है | सम्भव है इस अवधि में आपके छोटे भाई बहनों में सी किसी का विवाह सम्बन्ध भी पक्का हो जाए |

कर्क : आपके लिए सिंह द्वितीय भाव है और वहाँ का स्वामी होकर सूर्य अष्टम भाव में गोचर कर रहा है | आपके लये यह गोचर उतना अनुकूल नहीं प्रतीत होता | आपके लिए किसी प्रकार की आर्थिक हानि होने की सम्भावना प्रतीत होती है | इस स्थिति में आपके जीवन साथी के पिता की ओर से आपको सहायता प्राप्त हो सकती है | साथ ही परिवार में किसी प्रकार का विवाद भी उत्पन्न हो सकता है जिसके कारण आपकी मानसिक शान्ति भंग हो सकती है | परिवार का कोई बुज़ुर्ग व्यक्ति आपके विरुद्ध हो सकता है और उसे मनाने के लिए आपको कोई ऐसा कार्य करना पड़ सकता है जिसके कारण आपके सम्मान को ठेस पहुँच सकती है | अकारण ही यात्रा करनी पड़ सकती है | खान पान में सावधानी नहीं रखेंगे तो स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता है | किन्तु इस सब बातों से घबराने की आवश्यकता नहीं है | अपने विचार सकारात्मक रखेंगे और भगवान भास्कर को प्रतिदिन अर्घ्य समर्पित करेंगे तो बहुत सी समस्याओं से बच सकते हैं |

सिंह : आपके लिए लग्न का अधिपति होकर सूर्य आपके सप्तम भाव में गोचर कर रहा है | लाभदायक समय प्रतीत होता है | इस अवधि में आर्थिक लाभ की सम्भावना प्रतीत होती है | रुके हुए कार्य भी इस अवधि में पूर्ण होने की सम्भावना है | कोई नया कार्य भी आप आरम्भ कर सकते हैं जो भविष्य में आपके लिए लाभदायक सिद्ध हो सकता है | आपके सम्मान में वृद्धि तथा कुछ पुरूस्कार आदि प्राप्त होने की भी सम्भावना है | यदि अविवाहित हैं तो कोई ऐसा व्यक्ति आपको मिल सकता है जिसके साथ आप जीवन व्यतीत करने का निश्चय कर लेंगे और आपका विवाह सम्बन्ध पक्का हो सकता है | किन्तु साथ ही यदि विवाहित हैं तो दामपत्य जीवन में आपके बढे हुए क्रोध के कारण तनाव की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है | साथ ही आपके जीवन साथी का स्वास्थ्य भी चिन्ता का विषय हो सकता है | यदि पार्टनरशिप में कोई कार्य करना चाहते हैं तो उसके लिए समय अभी अनुकूल नहीं है, अतः उस विचार को कुछ समय के लिए स्थगित करना ही हित में होगा | अपने स्वभाव की उग्रता पर नियन्त्रण रखने के लिए नित्य सूर्य को अर्घ्य प्रदान करें तथा ध्यान और प्राणायाम आदि का नियमित अभ्यास करें |

कन्या : आपका द्वादशेश होकर सूर्य आपके छठे भाव में गोचर कर रहा है | आपके विरोधियों के लिए समय प्रतिकूल जान पड़ता है | सूर्य के प्रभाव से आप अपने विरोधियों पर भारी पड़ सकते हैं | यदि किसी प्रकार का कोई कोर्ट केस चल रहा है तो उसमें भी प्रगति की अथवा अनुकूल परिणाम प्राप्त होने की सम्भावना की जा सकती है | किसी प्रकार की प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं अथवा नौकरी के लिए इंटरव्यू की तैयारी में हैं तो उसमें भी अनुकूल परिणाम प्राप्त होने की सम्भावना है | स्पोर्ट्स के क्षेत्र से सम्बद्ध लोगों के लिए भी समय अनुकूल प्रतीत होता है | इस अवधि में आप अपने लक्ष्य को बड़ी सहजता से प्राप्त कर सकते हैं | विदेश यात्राओं में आपको लाभ प्राप्त होने की सम्भावना है तथा कुछ नए सम्बन्ध भी स्थापित हो सकते हैं जिनके कारण आपको निरन्तर नवीन प्रोजेक्ट्स प्राप्त होते रह सकते हैं और उनसे आपकी आर्थिक स्थिति भी निरन्तर दृढ़ होती रह सकती है | स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहने की आवश्यकता है | किसी प्रकार के इन्फेक्शन अथवा ज्वर आदि से पीड़ित हो सकते हैं |

तुला : आपका एकादशेश होकर सूर्य आपके पंचम भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त लाभकारी तथा अनुकूल प्रतीत होता है | आपकी आय में वृद्धि की सम्भावना है | आपकी पदोन्नति के भी अवसर प्रतीत होते हैं जिसके कारण आपको आर्थिक लाभ भी प्राप्त होगा | आपके अधिकारी गण आपसे प्रसन्न रहेंगे | आपका अपना व्यवसाय है तो उसमें भी प्रगति की सम्भावना है | आप अपनी बुद्धि तथा उचित दिशा में किये गए प्रयासों के बल से अपने लक्ष्य को इस अवधि में प्राप्त कर सकते हैं | किन्तु छात्रों के लिए समय अधिक अनुकूल नहीं प्रतीत होता | उन्हें सफलता प्राप्ति के लिए परिश्रम अधिक करना पड़ेगा | नौकरी की खोज में हैं तो उसमें सफलता प्राप्त होने की सम्भावना है | आपके उग्र स्वभाव के कारण आपके दाम्पत्य जीवन में तनाव हो सकता है अतः अपने स्वभाव के प्रति सावधान रहें | किसी के साथ प्रेम सम्बन्ध है तो वहाँ भी सम्बन्धों में कटुता उत्पन्न हो सकती है | ध्यान रहे अकारण ही सन्देह सम्बन्धों में दरार उत्पन्न करता है | आपकी सन्तान की शिक्षा आदि के लिए एक ओर जहाँ लाभ का समय प्रतीत  होता है वहीं उसके स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहने की आवश्यकता है |

वृश्चिक : आपके लिए सूर्य दशमेश होकर चतुर्थ भाव में प्रवेश कर रहा है | कार्य क्षेत्र में आपके लिए अनुकूलता का समय प्रतीत होता है | आपके प्रोजेक्ट्स समय पर पूर्ण होते रहने की सम्भावना है जिनके कारण आपका यश में भी वृद्धि की सम्भावना है | अपने सहकर्मियों का साथ आपको प्राप्त होता रहेगा | साथ ही ऐसा भी हो सकता है कि आपको कई लोगों सलाह देने वाले मिल जाएँ और उनके कारण आपके मन में असमंजस अथवा द्विविधा की स्थिति बन जाए | अतः बहत अधिक लोगों से अपने काम के विषय में सलाह न करें | आप कोई नया घर भी ख़रीद सकते हैं अथवा इसी घर को रेनोवेट भी करा सकते हैं | किन्तु इस सबमें मानसिक तनाव में भी वृद्धि हो सकती है | प्रॉपर्टी के व्यवसाय से सम्बन्धित लोगों के लिए लाभदायक समय प्रतीत होता है | आपके जीवन साथी के लिए भी आर्थिक तथा कार्य की दृष्टि से समय अनुकूल प्रतीत होता है | परिवार में किसी प्रकार का तनाव उत्पन्न हो सकता है | साथ ही अपनी माता जी के स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है |

धनु : आपका नवमेश होकर सूर्य आपके तृतीय भाव में गोचर कर रहा है | आप जो भी कार्य इस अवधि में करेंगे भली भाँती सोच समझ कर ही करेंगे क्योंकि आपकी निर्णय क्षमता में स्पष्टता की सम्भावना है | सामाजिक स्तर पर आपके सम्मान में वृद्धि की सम्भावना है | आप दूर पास की यात्राओं पर भी भ्रमण हेतु जा सकते हैं | साथ ही धार्मिक कार्यों के प्रति भी आपकी रूचि बढ़ेगी | आपके किसी भाई अथवा बहन का विवाह सम्बन्ध भी इस अवधि में पक्का हो सकता है | किन्तु भाई बहनों के स्वास्थ्य के लिए समय अनुकूल नहीं प्रतीत होता |

मकर : आपका अष्टमेश आपके द्वितीय भाव में गोचर कर रहा है | अचानक ही किसी ऐसे स्रोत से धनलाभ हो सकता है जिसके विषय में आपने सोचा भी नहीं होगा | आपमें से कुछ जातकों को पैतृक सम्पत्ति का लाभ भी हो सकता है | दर्शन शास्त्र, आत्म चिन्तन तथा आध्यात्मिकता की दिशा में आपकी रूचि में वृद्धि हो सकती है | आपके कार्य में प्रगति की सम्भावना है | लेकिन यदि आपने अपनी वाणी पर संयम नहीं रखा तो आपके व्यावसायिक और पारिवारिक दोनों स्तरों पर आपको नुकसान पहुँच सकता है | अतः संयमित भाषा का प्रयोग करें | यदि परिवार मीब किसी के साथ कुछ अत्भेद हो जाए तो परिबार के किसी बुज़ुर्ग व्यक्ति से उस विषय पर राय लेकर उस विवाद को सुलझाने का प्रयास कीजिए | पित्त, सरदर्द जैसी समस्याओं से बचने के लिए खान पान भी सन्तुलित रखने की आवश्यकता है | किसी बुज़ुर्ग का स्वास्थ्य भी चिन्ता का विषय हो सकता है |

कुम्भ : आपके लिए तो आपका सप्तमेश लग्न में गोचर कर रहा है | कार्यस्थल में आपका प्रदर्शन सन्तोषजनक रहेगा जिसके कारण आपके पदोन्नति की भी आशा की जा सकती है | राजनीति से जुड़े लोगों के लिए भी समय अनुकूल प्रतीत होता है | सम्भव है कोई नया पदभार भी आपको सौंप दिया जाए जिसके कारण आपकी व्यस्तताएँ भी बढ़ सकती है | सामाजिक रूप से आप काफ़ी सक्रिय तथा प्रभावशाली बने रह सकते हैं | ऐसा करना आपके कार्य के लिए भी अच्छा रहेगा और इसके दूरगामी अनुकूल परिणाम भी प्राप्त होने की सम्भावना है | प्रेम सम्बन्ध चल रहा है तो वहाँ भी सम्बन्धों में अन्तरंगता बढ़ सकती है | दाम्पत्य जीवन में भी सम्बन्धों में मधुरता की सम्भावना की जा सकती है | किन्तु इस गोचर के कारण आपके क्रोध में वृद्धि भी हो सकती है जिसके कारण सम्बन्धों में तनाव भी उत्पन्न हो सकता है | अतः अपने अकारण क्रोध पर संयम रखने के लिए ध्यान प्राणायाम आदि का अभ्यास अवश्य करते रहें और सूर्य को अर्घ्य प्रदान करते रहें | सरदर्द, ज्वर अथवा किसी प्रकार के इन्फेक्शन के कारण आपका स्वास्थ्य ख़राब हो सकता है अतः इस ओर से सावधान रहें |

मीन : सूर्य आपकी राशि के लिए षष्ठेश होकर द्वादश भाव में गोचर कर रहा है | जो लोग किसी नौकरी में हैं, विशेष रूप से सरकारी नौकरी में – उनके लिए समय विशेष रूप से अनुकूल जान पड़ता है | कोई शुभ समाचार भी इस अवधि में प्राप्त हो सकता है | पदोन्नति के साथ कहीं ट्रांसफर भी हो सकता है | सम्भव है लम्बे समय तक विदेश में प्रवास करना पड़ जाए | आप किहीं बैंक आदि से किसी आवश्यक कार्य के लों लेने पर विचार कर सकते हैं | यदि कोई कोर्ट केस चल रहा है तो उसमें भी प्रगति की सम्भावना है | सम्भव है किसी कोर्ट केस का फैसला भी आपके पक्ष में ही हो जाए | आपको अपनी माता के स्वास्थ्य का विशेष रूप से ध्यान रखने की आवश्यकता है | साथ ही यात्रा आदि के समय अपने Documents को भी सम्भाल कर रखने की आवश्यकता | यात्राओं में अपने भी स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहने की आवश्यकता है |

किन्तु अन्त में, उपरोक्त परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है |

साथ ही, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं | सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2019/02/12/sun-transit-in-aquarius/

 

 

 

बुद्ध का कुम्भ में गोचर

कल यानी गुरूवार सात फरवरी को प्रातः दस बजकर ग्यारह मिनट के लगभग माघ शुक्ल द्वितीया को तैतिल करण और परिघ योग में बुध का गोचर कुम्भ राशि में होने जा रहा है | बुध इस समय धनिष्ठा नक्षत्र पर है तथा अस्त है | कुम्भ राशि में निवास करते हुए बुध 11 फरवरी को शतभिषज नक्षत्र पर और 18 फरवरी को पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र पर भ्रमण करता हुआ 25 फरवरी को प्रातः 8:53 के लगभग मीन राशि में प्रस्थान कर जाएगा | इस बीच 18 फरवरी को बुह मार्गी भी हो जाएगा | कुम्भ राशि में स्थित बुध पर शनि की दृष्टि भी है तथा कुम्भ राशि बुध की अपनी उच्च राशि कन्या से छठा भाव है तथा मिथुन राशि से नवम भाव है | आइये जानने का प्रयास करते हैं कि बुध के कुम्भ राशि में गोचर के विभिन्न राशियों पर क्या सम्भावित प्रभाव हो सकते हैं…

मेष : आपका तृतीयेश और षष्ठेश का गोचर आपकी राशि से एकादश भाव में हो रहा है | उत्साह में वृद्धि के साथ ही आपके कार्य तथा आय में वृद्धि की सम्भावना है | कुछ ऐसे नवीन कार्य भी आपको प्राप्त हो सकते हैं जिनके कारण व्यस्त रहते हुए अर्थलाभ कर सकते हैं | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की भी सम्भावना है | किन्तु साथ ही छोटे भाई बहनों अथवा किसी मित्र के कारण कार्य में व्यवधान की सम्भावना से भी इन्कार नहीं किया जा सकता | जो लोग आपसे ईर्ष्या रखते हैं उनसे एक निश्चित दूरी बनाकर चलने में ही भलाई होती है | पॉलिटिक्स में यदि आप हैं तो आपके लिए विशेष रूप से यह गोचर अनुकूल सिद्ध हो सकता है |

वृषभ : आपका द्वितीयेश और पंचमेश आपकी राशि से कर्म स्थान में गोचर कर रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त अनुकूल प्रतीत होता है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की भी सम्भावना है | उत्साह में वृद्धि का समय भी प्रतीत होता है | परिवार के लोगों का तथा कार्यस्थल पर सहकर्मियों का सहयोग आपको उपलब्ध रहेगा | आपका अपना कार्य है तो उसमें उन्नति के साथ ही आप कोई अन्य कार्य भी आरम्भ कर सकते हैं | मित्रों का सहयोग आपको प्राप्त रहेगा | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की सम्भावना भी है | सन्तान के स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है |

मिथुन : आपका लग्नेश तथा चतुर्थेश आपकी राशि से नवम भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए विशेष रूप से भाग्यवर्द्धक समय प्रतीत होता है | आपकी निर्णायक क्षमता में वृद्धि के साथ ही कार्य में प्रगति की तथा आर्थिक स्थिति में दृढ़ता की सम्भावना भी है | आप इस अवधि में तीर्थयात्रा आदि का कार्यक्रम भी बना सकते हैं | परिवार के लोगों का सहयोग आपको प्राप्त रहेगा | आप अपने लिए कोई नया घर भी इस अवधि में खरीद सकते हैं अथवा खरीदने की योजना बना सकते हैं | अध्ययन अध्यापन तथा बेंकिंग अथवा मेडिकल के क्षेत्र से सम्बन्ध रखने वालों के लिए गोचर अनुकूल प्रतीत होता है |

कर्क : आपके लिए द्वादशेश और तृतीयेश होकर बुध आपकी राशि से अष्टम भाव में गोचर कर रहा है | जिन लोगों का कार्य किसी भी प्रकार से विदेशों से सम्बन्ध रखता है उनके लिए यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | उनके लिए में प्रगति तथा उसके माध्यम से अर्थलाभ की सम्भावना प्रतीत होती है | यात्राओं में वृद्धि की भी सम्भावना है | तुकी हुई पेमेण्ट भी इस अवधि में प्राप्त हो सकती है | नौकरी में पदोन्नति के साथ ही ट्रांसफर की सम्भावना भी है | किन्तु साथ ही छोटे भाई बहनों के कारण किसी प्रका का तनाव भी सम्भव है जिसके कारण स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है |

सिंह : आपके लिए द्वितीयेश और एकादशेश होकर बुध का गोचर आपकी राशि से सप्तम भाव में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | कार्य की अधिकता होने के साथ ही आर्थिक स्थिति में भी दृढ़ता की सम्भावना की जा सकती है | किसी मित्र के माध्यम से आपको कुछ नवीन कार्य प्राप्त हो सकते हैं जो आपके लिए हित में रहेंगे | साथ ही यदि अविवाहित हैं तो इस अवधि में अपने किसी मित्र अथवा किसी सहकर्मी के साथ आप Romantically Involve हो सकते हैं, जो समय आने पर विवाह सम्बन्ध में भी परिणत हो सकता है | किन्तु आपको अपने स्वभाव और वाणी पर नियन्त्रण रखने की आवश्यकता है | साथ ही दूसरों के मामलों में हस्तक्षेप का आपका स्वभाव आपके सम्बन्धों के लिए हानिकारक सिद्ध हो सकता है |

कन्या : आपका राश्यधिपति तथा दशमेश बुध का गोचर आपकी राशि से छठे भाव में हो रहा है | इस अवधि में आपकी निर्णायक क्षमता स्पष्ट बनी रहेगी जिसका लाभ आपको अपने कार्यक्षेत्र में प्राप्त हो सकता है | आप अपने लक्ष्य के प्रति दृढ संकल्प रहेंगे | कार्यस्थल पर सहकर्मियों का सहयोग आपको प्राप्त रहेगा | किसी पुराने मित्र से फिर से सम्पर्क हो सकता है, जो आपके कार्य की दृष्टि से अनुकूल सिद्ध हो सकता है | किन्तु साथ ही अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की भी आवश्यकता है | सरदर्द, जोड़ों तथा माँसपेशियों में दर्द की समस्या हो सकती है | डॉक्टर के बताए विटामिन्स आदि समय पर लेते रहेंगे और व्यायाम को अपनी दिनचर्या का अंग बना लेंगे तो बहुत सी समस्याओं से बचे रह सकते हैं |

तुला : आपका द्वादशेश और भाग्येश आपके पंचम भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए कार्य की दृष्टि से तथा आर्थिक दृष्टि से यह गोचर अत्यन्त अनुकूल प्रतीत होता है | आप इस अवधि में अपने कार्य से सम्बन्धित किसी प्रकार का Short Term Advance Course भी कर सकते हैं | इसके अतिरिक्त अपनी सन्तान को भी किसी कोर्स के लिए भेज सकते हैं | साथ ही यदि आप लेखक अथवा वक्ता हैं तो आपको सिमेनार्स आदि में अपना शोध पत्र प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त हो सकता है | आपके रुके हुए कार्य इस अवधि में पूर्ण होकर आपको उनका अनुकूल पारिश्रमिक भी इस अवधि में प्राप्त होने की सम्भावना है | धार्मिक गतिविधियों में वृद्धि की समभावना है |

वृश्चिक : आपका एकादशेश और अष्टमेश आपकी राशि से चतुर्थ भाव में गोचर कर रहा है | आपको अपने कार्य में अपने माता पिता का सहयोग निरन्तर प्राप्त रहेगा | आपके कार्य में तथा आर्थिक स्थिति में लाभ और वृद्द्धि की सम्भावना इस अवधि में की जा सकती है | कार्य से सम्बन्धित व्यस्तताओं के कारण सम्भव है आप परिवार पर अधिक ध्यान न दे पाएँ | किन्तु आपके लिए इस समय अपने कार्य पर एकाग्रचित्त रहने का समय है जिसका भविष्य में भी आपको लाभ हो सकता है | आपके प्रभावशाली व्यक्तित्व का लाभ आपको अपने कार्य में मिलने की सम्भावना है | साथ ही स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है |

धनु : आपका सप्तमेश और दशमेश आपके तीसरे भाव में गोचर कर रहा है | सम्भव है आपके कार्य में किसी प्रकार के व्यवधान का अनुभव आपको हो, किन्तु यह अस्थाई है | बुध के मार्गी होने पर कार्य क्षेत्र में भी सफलता की सम्भावना की जा सकती है | किन्तु यदि आप दस्तकार हैं अथवा लेखक हैं तो आपके लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आपकी कला की तथा आपके लेखन की प्रशंसा होगी और इसका लाभ भी आपको प्राप्त होगा | साथ ही आपके जीवन साथी के लिए यह गोचर भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आप अपने जीवन साथी के साथ कहीं भ्रमण के लिए भी जा सकते हैं |

मकर : आपका षष्ठेश और भाग्येश आपके दूसरे भाव में गोचर कर रहा है | आपकी निर्णायक तथा प्रतियोगी क्षमताओं में वृद्धि के साथ ही आपके कार्य की दृष्टि से भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आप यदि मीडिया या किसी प्रकार की Alternative Therapy से सम्बन्ध रखते हैं अथवा लेखन के क्षेत्र में हैं या वक्ता हैं तो आपके लिए आर्थिक लाभ तथा पुरूस्कार आदि प्राप्त होने के संकेत हैं | आपके कार्यों की सराहना होगी और आपकी योजनाओं को क्रियान्वित भी किया जा सकता है | नौकरी में पदोन्नति के भी संकेत हैं | राजनीति से जुड़े लोगों के लिए भी यह गोचर भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | वाणी पर नियन्त्रण रखने की आवश्यकता है |

कुम्भ : आपकी राशि से पंचमेश और अष्टमेश का गोचर आपकी लग्न में ही गोचर कर रहा है | आपका अपना व्यवसाय है तो उसमें उन्नति के संकेत हैं | कोई नया कार्य भी इस अवधि में आरम्भ कर सकते हैं | पार्टनरशिप में कार्य आरम्भ करने के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | नौकरी में हैं तो उसमें भी पदोन्नति की सम्भावना की जा सकती है | नौकरी की तलाश में हैं तो वह भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है | सामाजिक गतिविधियों में वृद्धि की भी सम्भावना है | लोग आपके कार्यों की प्रशंसा करेंगे और अपने कार्य के लिए आपको किसी प्रकार का पुरूस्कार और सम्मान आदि भी प्राप्त हो सकता है | किन्तु साथ ही विरोधियों की ओर से सावधान रहने की भी आवश्यकता है |

मीन : आपकी राशि से चतुर्थेश और सप्तमेश का गोचर आपके बारहवें भाव में हो रहा है | कार्य के सिलसिले में अथवा उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए विदेश जा सकते हैं | किन्तु सम्भव है ये यात्राएँ आपके लिए मनोनुकूल न रहे | नौकरी में हैं तो किसी अधिकारी के रिटायर होने के कारण आपकी उसके स्थान पर पदोन्नति के साथ ही किसी दूर के शहर में आपका ट्रांसफर भी हो सकता है | किसी मित्र को पैसा उधार देना इस अवधि में उचित नहीं रहेगा | साथ ही आपके स्वयं के स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं पर पैसा भी खर्च हो सकता है | अचानक ही किसी ऐसे स्थान पर जाने का कार्यक्रम बन सकता है जहाँ आप बहुत पहले जाना चाहते थे किन्तु जा नहीं पा रहे थे | पारिवारिक कलह की ओर से साबधान रहने की आवश्यकता है |

किन्तु अन्त में, उपरोक्त परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है |

साथ ही, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं | सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2019/02/06/mercury-transit-in-aquarius/

 

 

शुक्र का धनु में गोचर

आज रात्रि 11:29 के लगभग समस्त सांसारिक सुख, समृद्धि, विवाह, परिवार सुख, कला, शिल्प, सौन्दर्य, बौद्धिकता, राजनीति तथा समाज में मान प्रतिष्ठा में वृद्धि आदि का कारक शुक्र वृश्चिक राशि से निकल कर धनु राशि और मूल नक्षत्र में प्रस्थान करेगा | शुक्र के धनु राशि में प्रवेश के समय माघ कृष्ण दशमी तिथि (आज सूर्योदय के समय नवमी थी, किन्तु शुक्र के गोचर के समय दशमी तिथि रहेगी), वणिज करण और वृद्धि योग होगा | यहाँ 24 फरवरी तक भ्रमण करने के पश्चात अपने परम मित्र शनि की मकर राशि में प्रस्थान कर जाएगा | धनु राशि में निवास करते हुए शुक्र क्रमशः दस फरवरी को पूर्वाषाढ़ तथा 22 फरवरी को उत्तराषाढ़ नक्षत्रों पर भ्रमण करेगा | आइये जानने का प्रयास करते हैं कि प्रत्येक राशि के लिए शुक्र के धनु राशि में गोचर के सम्भावित परिणाम क्या रह सकते हैं…

मेष : आपका द्वितीयेश और सप्तमेश होकर शुक्र का गोचर आपके नवम भाव में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्धक प्रतीत होता है | एक ओर परिवार में सौहार्द का वातावरण बना रहेगा वहीं दूसरी ओर आपके कार्य में भी प्रगति के साथ साथ अर्थ लाभ की सम्भावना की जा सकती है | आपके जीवन साथी के लिए भी यह गोचर भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आपकी वाणी इस समय बहुत प्रभावशाली बनी हुई है जिसका लाभ अपक्प जीवन के हर क्षेत्र में होने की सम्भावना है | यदि अविवाहित हैं तो इस अवधि में आपका विवाह सम्बन्ध भी कहीं निश्चित हो सकता है अथवा कोई प्रेम सम्बन्ध स्थापित हो सकता है, जो आपके मन के अनुकूल होगा तथा जो समय आने पर विवाह सम्बन्ध में भी परिवर्तित हो सकता है | विवाहित हैं तो दाम्पत्य जीवन में प्रगाढ़ता के संकेत हैं | साथ ही धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में आपकी रूचि बढ़ सकती है |

वृषभ : आपका राश्यधिपति तथा षष्ठेश होकर शुक्र का गोचर आपके अष्टम भाव में हो रहा है | इस अवधि में एक ओर जहाँ किसी प्रकार से भी गुप्त विरोधियों की ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है | आप स्वयं भी इस दौरान ऐसा कोई कार्य न करें जिसके कारण आपकी मान प्रतिष्ठा को किसी प्रकार की हानि होने की सम्भावना हो | कार्य में अकस्मात् ही किसी प्रकार का व्यवधान उपस्थित हो सकता है अतः सावधान रहने की आवश्यकता है | Opposite Sex की ओर इस अवधि में आपका झुकाव बढ़ सकता है | आगे बढ़ने से पूर्व पार्टनर के सम्बन्ध में पूरी जानकारी अवश्य हासिल कर लें | साथ ही पार्टनरशिप में कार्य आरम्भ करना चाहते हैं तो उसके लिए भी यह गोचर अनुकूल नहीं प्रतीत होता | यदि आप महिला हैं तो आपको विशेष रूप से स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहने की आवश्यकता है |

मिथुन : आपका पंचमेश और द्वादशेश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से सप्तम भाव में होने जा रहा है | आपकी निर्णायक क्षमता, उत्साह और मनोबल में वृद्धि के साथ ही आपका व्यक्तित्व भी इस अवधि में प्रभावशाली रहने की सम्भावना है | साथ ही यदि आप कलाकार हैं तो आपको अपनी कला के प्रदर्शन के लिए यात्राएँ करनी पड़ सकती हैं | आय के नवीन स्रोत आपके तथा आपके जीवन साथी के समक्ष उपस्थित हो सकते हैं | इन यात्राओं में कार्य के साथ साथ आपको कुछ आकर्षक स्थलों के भ्रमण का अवसर भी प्राप्त हो सकता है | सम्भव है इन यात्राओं के दौरान आपको कोई ऐसा व्यक्ति मिल जाए जिसकी ओर आपका झुकाव हो जाए और आप उसके साथ विवाह सम्बन्ध में बंधना चाहें, किन्तु उसके विषय में सारी जानकारी प्राप्त करने के बाद ही आगे बढ़ना उचित रहेगा | जल्दबाज़ी में कोई निर्णय न लें |

कर्क : आपका चतुर्थेश और एकादशेश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से छठे भाव में हो रहा है | एक ओर आपके लिए उत्साह में वृद्धि के योग प्रतीत होते हैं तो वहीं दूसरी ओर आपके लिए यह गोचर चुनौतियों से भरा हुआ भी हो सकता है | उन मित्रों को पहचानकर उनसे दूर होने की आवश्यकता है जो आपसे प्रेम दिखाते हैं लेकिन मन में ईर्ष्या का भाव रखते हैं | यदि नौकरी में हैं तो विशेष रूप से महिला अधिकारी से पंगा आपके हित में नहीं होगा | यदि आप कलाकार अथवा वक्ता हैं तो आपके कार्य की दृष्टि से अनुकूल समय प्रतीत होता है | किसी कोर्ट केस का निर्णय आपके पक्ष में आ सकता है | साथ ही विदेश यात्राओं के भी योग प्रतीत होते हैं | परिवार में किसी प्रकार के तनाव की आशंका भी की जा सकती है | इन यात्राओं के दौरान अपने स्वास्थ्य के प्रति विशेष रूप से सावधान रहने की आवश्यकता है |

सिंह : आपका तृतीयेश और दशमेश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से पंचम भाव में होने जा रहा है | सन्तान के साथ यदि कुछ समय से किसी प्रकार की अनबन चल रही है तो उसके दूर होने की सम्भावना इस अवधि में की जा सकती है | मान सम्मान तथा आय में वृद्धि के संकेत हैं | नौकरी के लिए इन्टरव्यू दिया है तो उसमें भी सफलता की सम्भावना है | सन्तान प्राप्ति के भी योग प्रतीत होते हैं | सन्तान के लिए भी यह गोचर समय अनुकूल प्रतीत होता है | आपके व्यक्तित्व में सकारात्मक परिवर्तन होने की सम्भावना है | आपके कार्यों के कारण आपको किसी प्रकार का पुरूस्कार आदि भी इस अवधि में प्राप्त हो सकता है | आपके भिया बहनों के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है |

कन्या : आपका द्वितीयेश और भाग्येश होकर शुक्र आपकी राशि से चतुर्थ भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | उत्साह में वृद्धि का समय प्रतीत होता है | कार्य में उन्नति तथा आय में वृद्धि के संकेत हैं | आपको इस अवधि में कोई ऐसा कार्य आपको प्राप्त हो सकता है जिसके कारण आप दीर्घ समय तक व्यस्त रहकर अर्थलाभ कर सकते हैं | आप कोई नया घर अथवा वाहन भी इस अवधि में खरीद सकते हैं अथवा खरीदने की योजना बना सकते हैं | परिवार में आनन्द का वातावरण रहेगा | किसी कन्या का विवाह भी इस अवधि में सम्भव है | नौकरी में पदोन्नति की सम्भावना है | मान सम्मान और पुरूस्कार आदि का लाभ भी हो सकता है | सुख सुविधाओं के साधनों में वृद्धि के संकेत हैं | साथ ही यदि राजनीति से आपका सम्बन्ध है तो आपके लिए यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है |

तुला : लग्नेश और अष्टमेश होकर शुक्र आपकी राशि से तीसरे भाव में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर कुछ अधिक अनुकूल नहीं प्रतीत होता | एक ओर जहाँ भाई बहनों के साथ किसी कारण से तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है वहीं आपके दाम्पत्य जीवन में भी किसी प्रकार का तनाव सम्भव है | जिन लोगों पर आप बहुत अधिक विश्वास रखते हैं उन्हीं की ओर से आपको किसी प्रकार का विश्वासघात भी सम्भव है | अतः अच्छा यही रहेगा कि अपनी योजनाओं के विषय में किसी से इस अवधि में बात न करें | तनाव के कारण आपके स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव पड़ सकता है | महिलाओं को अधिक रक्तस्राव की समस्या भी हो सकती है |

वृश्चिक : आपके लिए आपका सप्तमेश और द्वादशेश होकर शुक्र आपके दूसरे भाव में गोचर कर रहा है | आर्थिक रूप से स्थिति में दृढ़ता आने के साथ ही आपके लिए कार्य से सम्बन्धित लम्बी विदेश यात्राओं के योग भी प्रतीत होते हैं | नवीन प्रोजेक्ट्स इस अवधि में प्राप्त होते रह सकते हैं जिनके कारण आप बहुत समय तक व्यस्त रहकर अर्थ लाभ भी कर सकते हैं | आपकी वाणी तथा व्यक्तित्व का प्रभाव दूसरों पर पड़ेगा और जिसके कारण आपकी प्रशंसा भी होगी तथा आपको किसी प्रकार का पुरूस्कार आदि भी प्राप्त हो सकता है | धार्मिक तथा आध्यात्मिक गतिविधियों में आपकी रूचि में वृद्धि हो सकती है | आप सपरिवार कहीं घूमने जाने की योजना भी बना सकते हैं | सामाजिक गतिविधियों में वृद्धि के साथ ही मान सम्मान में वृद्धि के भी संकेत हैं |

धनु : आपका षष्ठेश और एकादशेश होकर शुक्र आपकी लग्न में ही गोचर कर रहा है | आप इस अवधि में अपने शारीरिक सौन्दर्य को निखारने में अधिक व्यस्त रह सकते हैं | Romantically यदि कहीं Involve हैं तो उस सम्बन्ध में अन्तरंगता के संकेत प्रतीत होते हैं | विवाहित हैं तो दाम्पत्य जीवन में भी माधुर्य तथा अन्तरंगता बने रहने के संकेत हैं | Opposite Sex के प्रति आपका रुझान इस अवधि में बढ़ सकता है | आपके कार्य में प्रगति के साथ ही अर्थलाभ की सम्भावना भी है | अधिकारीगणों का सहयोग आपको प्राप्त रहेगा | किन्तु अधिकारियों से पंगा आपके हित में नहीं होगा | राजनीति से यदि आप सम्बद्ध हैं तो आपके लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | यदि योग, व्यायाम, प्राणायाम और ध्यान का निरन्तर अभ्यास करते रहे तो स्वास्थ्य की दृष्टि से भी यह गोचर आपके लिए अनुकूल प्रतीत होता है |

मकर : आपका योगकारक आपकी राशि से बारहवें भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए उच्च शिक्षा, कला के प्रदर्शन अथवा अन्य किसी कार्य के निमित्त विदेश यात्राओं में वृद्धि के संकेत प्रतीत होते हैं | इन यात्राओं से आपके कार्य तथा मान सम्मान में प्रगति की तथा आर्थिक स्थिति में दृढ़ता आने की सम्भावना है | इन यात्राओं के करान आपके कुछ नए मित्र भी बन सकते हैं | साथ ही इन यात्राओं के दौरान अपने स्वास्थ्य तथा Important Documents का भी ध्यान रखने की भी आवश्यकता है | आपकी सन्तान के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | महिलाओं को अधिक रक्तस्राव की समस्या हो सकती है अतः अपनी Gynaecologist से नियमित चेकअप अवश्य कराती रहें |

कुम्भ : आपका योगकारक शुक्र आपकी राशि से लाभ स्थान में गोचर कर रहा है | उत्साह तथा कार्य में वृद्धि के साथ ही धनलाभ के भी संकेत हैं | यदि आपका कोई कोर्ट केस चल रहा है तो उसके अनुकूल दिशा में प्रगति की सम्भावना है | यदि आप किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं तो उसमें भी आपको सफलता प्राप्त हो सकती है | कार्य तथा आय में वृद्धि के साथ ही मान सम्मान में भी वृद्धि की सम्भावना है | रुके हुए कार्य पूर्ण होने की सम्भावना है | जो लोग अभी तक आपकी बात नहीं समझ पा रहे थे वे अब आपके सुझावों का अनुमोदन कर सकते हैं, जिसका लाभ आपको अपने कार्य में निश्चित रूप से प्राप्त हो सकता है | अविवाहित हैं तो जीवन साथी की तलाश भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है | प्रेम सम्बन्ध विवाह में परिणत हो सकता है अथवा कोई नया प्रेम सम्बन्ध भी स्थापित हो सकता है | स्वास्थ्य की दृष्टि से भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है |

मीन : आपके लिए तृतीयेश और अष्टमेश होकर शुक्र का गोचर आपके दशम भाव में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर अधिक अनुकूल नहीं प्रतीत होता | जहाँ तक आपके कार्य का प्रश्न है तो आपको अपने सहकर्मियों के विरोध का सामना करना पड़ सकता है | कुछ ऐसे लोगों का विरोध भी झेलना पड़ सकता है जिनकी ओर से आपको अनुकूलता की सम्भावना होगी | छोटे भाई बहनों के साथ तथा परिवार की महिला सदस्यों के साथ भी किसी प्रकार का विवाद इस अवधि में सम्भव है | विशेष रूप से यदि प्रॉपर्टी से सम्बन्धित कोई विवाद है तो उसे आपसी विचार विमर्श से ही सुलझाने में ही समझदारी है, अन्यथा यदि बात कोर्ट तक पहुँच गई तो समस्या हो सकती है | स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है |

किन्तु ध्यान रहे, ये समस्त फल सामान्य हैं | व्यक्ति विशेष की कुण्डली का व्यापक अध्ययन करके ही किसी निश्चित परिणाम पर पहुँचा जा सकता है | अतः कुण्डली का विविध सूत्रों के आधार पर व्यापक अध्ययन कराने के लिए किसी Astrologer के पास ही जाना उचित रहेगा |

अन्त में, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं – यह एक ऐसी खगोलीय घटना है जिसका प्रभाव मानव सहित समस्त प्रकृति पर पड़ता है | वास्तव में सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2019/01/29/venus-transit-in-sagittarius/

 

 

बुध का मकर में गोचर

रविवार 20 जनवरी को रात्रि नौ बजकर सात मिनट के लगभग पौष शुक्ल पूर्णिमा को विष्टि करण और विषकुम्भ योग में बुध का गोचर मकर राशि में हो चुका है | बुध इस समय उत्तराषाढ़ नक्षत्र पर है तथा अस्त है | यहाँ से 26 जनवरी को बुध श्रवण नक्षत्र और तीन फरवरी को धनिष्ठा नक्षत्र पर भ्रमण करता हुआ सात फरवरी को प्रातः दस बजकर ग्यारह मिनट पर कुम्भ राशि में प्रस्थान कर जाएगा | इस पूरी अवधि में बुध अस्त ही रहेगा | आइये जानने का प्रयास करते हैं कि बुध के मकर राशि में गोचर के विभिन्न राशियों पर क्या सम्भावित प्रभाव हो सकते हैं…

मेष : आपका तृतीयेश और षष्ठेश का गोचर आपके कर्म स्थान में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर मिश्रित फल देने वाला प्रतीत होता है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की भी सम्भावना है | उत्साह में वृद्धि का समय भी प्रतीत होता है | किन्तु परिवार के लोगों विशेषकर छोटे भाई बहनों के साथ किसी प्रकार का विवाद भी सम्भव है | अच्छा रहेगा यदि अपने पिता अथवा परिवार के अन्य किसी बुज़ुर्ग की मध्यस्थता से इस विवाद को आपस में ही सुलझा लें | पॉलिटिक्स से सम्बद्ध लोगों के लिए यह गोचर विशेष रूप से अनुकूल प्रतीत होता है | माँसपेशियों तथा जोड़ों में दर्द की समस्या हो सकती है अतः योग का अभ्यास नियमित रूप से करने की आवश्यकता है |

वृषभ : आपका द्वितीयेश और पंचमेश आपकी राशि से नवम भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए विशेष रूप से भाग्यवर्द्धक समय प्रतीत होता है | आपकी निर्णायक क्षमता में वृद्धि के साथ ही कार्य में प्रगति की तथा आर्थिक स्थिति में दृढ़ता की सम्भावना भी है | आप इस अवधि में तीर्थयात्रा आदि का कार्यक्रम भी बना सकते हैं | परिवार के लोगों का सहयोग आपको प्राप्त रहेगा | उच्च शिक्षा के लिए भी प्रयास कर सकते हैं | आपकी सन्तान के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | सन्तान यदि नौकरी की तलाश में है तो उसके मन के अनुकूल कोई नौकरी भी उसे प्राप्त हो सकती है |

मिथुन : आपका लग्नेश तथा चतुर्थेश आपकी राशि से अष्टम भाव में गोचर कर रहा है | एक ओर जहाँ आपके लिए एक और उत्साह में वृद्धि के योग हैं, आपकी निर्णायक और प्रतियोगी क्षमताओं में वृद्धि के योग प्रतीत होते हैं, वहीं पारिवारिक स्तर पर कुछ समस्याओं अथवा विवादों का सामना भी इस अवधि में करना पड़ सकता है – विशेष रूप से सन्तान के साथ व्यर्थ के विवाद से बचने की आवश्यकता है, अन्यथा इसका विपरीत प्रभाव आपके स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है | स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है | आपकी सन्तान और जीवन साथी के लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है |

कर्क : आपके लिए द्वादशेश और तृतीयेश होकर बुध आपकी राशि से सप्तम भाव में गोचर कर रहा है | परिवार में प्रेम और सौहार्द का तथा आनन्द का वातावरण विद्यमान रहने की सम्भावना है | यदि अविवाहित हैं तो इस अवद्धि में कहीं आपका विवाह सम्बन्ध भी निश्चित हो सकता है | विवाहित हैं तो जीवन साथी के साथ सम्बन्धों में माधुर्य बना रह सकता है | आप अपने लिए नया घर खरीदने की योजना भी बना सकते हैं | परिवार में किसी नवीन सदस्य के आगमन के कारण परिवार में उत्साह तथा मंगलकार्यों का वातावरण बना रह सकता है जिसके कारण बहुत से सम्बन्धियों और मित्रों के साथ मिलना हो सकता है | आपके लिए भी यात्राओं में वृद्धि की सम्भावना है |

सिंह : आपके लिए द्वितीयेश और एकादशेश होकर बुध का गोचर आपकी राशि से छठे भाव में हो रहा है | इस अवधि में आपकी वाणी प्रभावशाली बनी रहेगी और आपकी निर्णायक क्षमता स्पष्ट बनी रहेगी जिसका लाभ आपको अपने कार्यक्षेत्र में प्राप्त हो सकता है | आप अपने लक्ष्य के प्रति दृढ संकल्प रहेंगे | किन्तु साथ ही आपकी पेमेण्ट कहीं रुक सकती है, जिसके लिए आपको अधिकारी वर्ग के साथ कुछ विवाद भी करना पड़ सकता है | किन्तु कुछ देर से ही सही, आपकी पेमेण्ट आपको प्राप्त अवश्य हो जाएगी | साथ ही अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की भी आवश्यकता है | सरदर्द, जोड़ों तथा माँसपेशियों में दर्द की समस्या हो सकती है | डॉक्टर के बताए विटामिन्स आदि समय पर लेते रहेंगे और व्यायाम को अपनी दिनचर्या का अंग बना लेंगे तो बहुत सी समस्याओं से बचे रह सकते हैं |

कन्या : आपका राश्यधिपति तथा दशमेश बुध का गोचर आपकी राशि से पंचम भाव में हो रहा है | आपके लिए कार्य की दृष्टि से तथा आर्थिक दृष्टि से यह गोचर अत्यन्त अनुकूल प्रतीत होता है | आप इस अवधि में अपने कार्य से सम्बन्धित किसी प्रकार का Short Term Advance Course भी कर सकते हैं | इसके अतिरिक्त अपनी सन्तान को भी किसी कोर्स के लिए भेज सकते हैं | साथ ही यदि आप लेखक अथवा वक्ता हैं तो आपको सिमेनार्स आदि में अपना शोध पत्र प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त हो सकता है | आपके रुके हुए कार्य इस अवधि में पूर्ण होकर आपको उनका अनुकूल पारिश्रमिक भी इस अवधि में प्राप्त होने की सम्भावना है |

तुला : आपका द्वादशेश और भाग्येश आपके चतुर्थ भाव में हो रहा है | आपको अपने कार्य में अपने पिता का सहयोग निरन्तर प्राप्त रहेगा | आपके कार्य में तथा आर्थिक स्थिति में लाभ और वृद्द्धि की सम्भावना इस अवधि में की जा सकती है | कार्य से सम्बन्धित व्यस्तताओं के कारण सम्भव है आप परिवार पर अधिक ध्यान न दे पाएँ | किन्तु आपके लिए इस समय अपने कार्य पर एकाग्रचित्त रहने का समय है जिसका भविष्य में भी आपको लाभ हो सकता है | आपके प्रभावशाली व्यक्तित्व का लाभ आपको अपने कार्य में मिलने की सम्भावना है | कार्य से सम्बन्धित विदेश यात्राओं में भी वृद्धि की सम्भावना है | परिवार में किसी प्रकार के तनाव की सम्भावना है |

वृश्चिक : आपका एकादशेश और अष्टमेश आपकी राशि से तीसरे भाव में गोचर रहा है | आपके लिए कार्य की दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आप कोई नया कार्य भी इस अवधि में आरम्भ कर सकते हैं | साथ ही आप अपने छोटे भाई बहनों की भी किसी प्रकार की सहायता कर सकते हैं | आपका कार्य यदि किसी प्रकार विदेश से सम्बन्ध रखता है तो आपके लिए कार्य से सम्बन्धित विदेश यात्राओं में वृद्धि के भी योग हैं | किसी ऐसे स्थान से भी कार्य और अर्थ का लाभ हो सकता है जहाँ के विषय में आपने कल्पना भी नहीं की होगी | किन्तु इन यात्राओं के दौरान आपको अपने Important Documents को सम्भाल कर रखने की आवश्यकता होगी | आपके भाई बहनों के लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | धार्मिक गतिविधियों में वृद्धि की सम्भावना है |

धनु : आपका सप्तमेश और दशमेश दूसरे भाव में गोचर कर रहा है | आपके तथा आपके जीवन साथी के लिए कार्य की दृष्टि से यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्धक प्रतीत होता है | आप यदि मीडिया या किसी प्रकार की Alternative Therapy से सम्बन्ध रखते हैं, प्रॉपर्टी से सम्बन्धित किसी व्यवसाय से सम्बन्ध रखते हैं अथवा लेखन के क्षेत्र में हैं या वक्ता हैं तो आपके लिए आर्थिक लाभ तथा पुरूस्कार आदि प्राप्त होने के संकेत हैं | आपके कार्यों की सराहना होगी और आपकी योजनाओं को क्रियान्वित भी किया जा सकता है | नौकरी में पदोन्नति के भी संकेत हैं | राजनीति से जुड़े लोगों के लिए भी यह गोचर भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है |

मकर : आपका षष्ठेश और भाग्येश आपकी लग्न में ही गोचर कर रहा है | आपका अपना व्यवसाय है तो उसमें उन्नति के संकेत हैं | कोई नया कार्य भी इस अवधि में आरम्भ कर सकते हैं | पार्टनरशिप में कार्य आरम्भ करने के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | नौकरी में हैं तो उसमें भी पदोन्नति की सम्भावना की जा सकती है | नौकरी की तलाश में हैं तो वह भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है | सामाजिक गतिविधियों में वृद्धि की भी सम्भावना है | लोग आपके कार्यों की प्रशंसा करेंगे और अपने कार्य के लिए आपको किसी प्रकार का पुरूस्कार और सम्मान आदि भी प्राप्त हो सकता है | आपके जीवन साथी के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है |

कुम्भ : आपकी राशि से पंचमेश और अष्टमेश का गोचर आपकी राशि से बारहवें भाव में हो रहा है | कार्य के सिलसिले में अथवा उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए विदेश जा सकते हैं | किन्तु सम्भव है ये यात्राएँ आपके लिए मनोनुकूल न रहे | नौकरी में हैं तो किसी अधिकारी के रिटायर होने के कारण आपकी उसके स्थान पर पदोन्नति के साथ ही किसी दूर के शहर में आपका ट्रांसफर भी हो सकता है | किसी मित्र को पैसा उधार देना इस अवधि में उचित नहीं रहेगा | साथ ही आपके स्वयं के स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं पर पैसा भी खर्च हो सकता है | अचानक ही किसी ऐसे स्थान पर जाने का कार्यक्रम बन सकता है जहाँ आप बहुत पहले जाना चाहते थे किन्तु जा नहीं पा रहे थे |

मीन : आपकी राशि से चतुर्थेश और सप्तमेश का गोचर आपके एकादश भाव में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त अनुकूल प्रतीत होता है | आपके कार्य तथा आय में वृद्धि की सम्भावना है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की भी सम्भावना है | पॉलिटिक्स में यदि आप हैं तो आपके लिए विशेष रूप से यह गोचर भाग्यवर्द्धक सिद्ध हो सकता है | आप इस अवधि में कोई नया घर भी खरीद सकते हैं | दाम्पत्य जीवन में माधुर्य बना रहने की सम्भावना है | वंश वृद्धि का विचार भी आप इस अवधि में कर सकते हैं |

किन्तु अन्त में, उपरोक्त परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है |

साथ ही, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं | सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2019/01/24/mercury-transit-in-capricorn/