बुध का कन्या राशि में गोचर

कल यानी 19 सितम्बर को भाद्रपद शुक्ल दशमी को तैतिल करण और शोभन योग में सूर्योदय से पूर्व लगभग 04:15 पर बुध का प्रवेश अपनी स्वयं की कन्या राशि में होने जा रहा है | कन्या बुध की स्वराशि होने के साथ ही मूल त्रिकोण तथा उच्च राशि भी है | इस प्रकार इस राशि में बुध बली माना जाता है | किन्तु सूर्यदेव निरन्तर इस राशि में बुध के साथ भ्रमण करेंगे अतः इस सम्पूर्ण गोचर के दौरान बुध अस्त ही रहेगा | यहाँ से 6 अक्टूबर को प्रातः 12:42 के लगभग बुध का प्रवेश तुला राशि में हो जाएगा | इस प्रस्थान के समय बुध उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र में होगा, जहाँ से 24 सितम्बर को हस्त नक्षत्र में तथा 2 अक्रूबर को चित्रा नक्षत्र में प्रविष्ट हो जाएगा | उत्तर फाल्गुनी का देवता स्वयं सूर्य है, हस्त का चन्द्रमा और चित्रा का मंगल है | आइये जानने का प्रयास करते हैं बुध के कन्या राशि में गोचर के विभिन्न राशियों पर क्या सम्भावित प्रभाव हो सकते हैं…

मेष : आपका तृतीयेश और षष्ठेश आपके छठे भाव में अपनी ही उच्च राशि में गोचर कर रहा है किन्त अस्त है | यद्यपि यह गोचर आपकी प्रतियोगी क्षमता में वृद्धि कर रहा है साथ ही आपकी निर्णायक क्षमता में भी स्पष्टता में वृद्धि के संकेत हैं | किन्तु बिना सोचे समझे Judgemental होना आपके हित में नहीं रहेगा | छोटे भाई बहनों के साथ यदि किसी प्रकार का विवाद पूर्व में रहा है तो वह अब दूर होने की सम्भावना है | आपकी सन्तान का प्रदर्शन इस अवधि में हर क्षेत्र में उत्साहवर्द्धक रह सकता है | आप दोनों में से कोई भी इस अवधि में अपने कार्य से सम्बन्धित कोई Advance कोर्स भी कर सकते हैं | यात्राओं के दौरान तथा ड्राइविंग के समय सावधान रहने की आवश्यकता है |

वृषभ : आपका द्वितीयेश और पंचमेश आपकी राशि से पंचम भाव में ही गोचर कर रहा है | इस अवधि में आपकी वाणी प्रभावशाली बनी रहेगी और आपकी निर्णायक क्षमता स्पष्ट बनी रहेगी | आर्थिक दृष्टि से तथा कार्य की दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आप अपने लक्ष्य के प्रति दृढ संकल्प रहेंगे | आपके कार्य में आपको अपने पिता तथा सन्तान का पूरा सहयोग प्राप्त रह सकता है | आपकी सन्तान के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है |

मिथुन : आपका लग्नेश तथा चतुर्थेश आपकी राशि से चतुर्थ भाव में अपनी उच्च राशि में ही गोचर कर रहा है | भाई बहनों के साथ किसी प्रकार का विवाद इस अवधि में सम्भव है | किन्तु परिवार के किसी बुज़ुर्ग व्यक्ति की मध्यस्थता से आप उस विवाद को सुलझाने में सफल हो सकते हैं | परिवार के अन्य व्यक्तियों का सहयोग आपको प्राप्त रहेगा | यदि आप लेखक हैं तो आपको सिमेनार्स आदि में अपना शोध पत्र प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त हो सकता है | मान सम्मान में वृद्धि के संकेत हैं | कोई पुरूस्कार भी आपको प्राप्त हो सकता है | धार्मिक गतिविधियों में वृद्धि की सम्भावना है |

कर्क : आपके लिए द्वादशेश और तृतीयेश होकर बुध आपकी राशि से तीसरे भाव में गोचर कर रहा है | कार्य से सम्बन्धित विदेश यात्राओं में वृद्धि की सम्भावना है | ऐसा भी हो सकता है कि विदेश से आपका कोई मित्र वापस आकर आपको किसी नवीन कार्य के विषय में जानकारी दे और आप उस कार्य को आरम्भ करने में पैसा Invest कर दें | किन्तु पैसे के लेन देन में सावधानी रखने की आवश्यकता होगी | आपके छोटे भाई बहनों के लिए भी समय अनुकूल प्रतीत होता है | किन्तु उनके साथ आपका किसी बात पर विवाद भी सम्भव है |

सिंह : आपके लिए द्वितीयेश और एकादशेश होकर बुध का गोचर आपकी राशि से दूसरे भाव में हो रहा है | आपकी वाणी प्रभावशाली रहेगी तथा अपने वाक्चातुर्य से आप अपने सभी कार्य समय पर पूर्ण करने में समर्थ हो सकते हैं | कार्य की दृष्टि से तथा आर्थिक दृष्टि से समय अत्यन्त अनुकूल प्रतीत होता है | किन्तु वाणी में कुछ तीखापन भी आ सकता है, जिसके कारण विशेष रूप से भाई बहनों के साथ किसी प्रकार की अनबन भी हो सकती है, अतः इस ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है | आपके पिता अथवा बड़े भाई का पूर्ण सहयोग आपको प्राप्त रहेगा |

कन्या : आपका राश्यधिपति तथा दशमेश बुध आपकी लग्न में अपनी उच्च राशि में गोचर कर रहा है | आपके लिए कार्य की दृष्टि से यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्धक प्रतीत होता है | आप यदि मीडिया या किसी प्रकार की Alternative Therapy से सम्बन्ध रखते हैं अथवा लेखन के क्षेत्र में हैं तो आपके लिए आर्थिक लाभ के संकेत हैं | पिता, बड़े भाई, अधिकारियों तथा मित्रों का सहयोग आपको प्राप्त रहेगा और उनके दिशानिर्देशों का पालन करेंगे तो आपके कार्य में निरन्तर प्रगति की सम्भावना है जिसके कारण आप बहुत समय तक व्यस्त रह सकते हैं और धनलाभ कर सकते हैं | नौकरी में पदोन्नति तथा मान सम्मान में वृद्धि के भी संकेत हैं |

तुला : आपका द्वादशेश और भाग्येश आपकी राशि से बारहवें भाव में ही गोचर कर रहा है | यदि आपका कार्य विदेश से सम्बन्धित है अथवा किसी दूर के शहर से सम्बन्धित है तो आपके लिए यह गोचर भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आपके लिए विदेश यात्राओं में वृद्धि के योग बन रहे हैं जो आपके लिए लाभदायक सिद्ध हो सकती हैं | विदेश में निवास कर रहे किसी मित्र के निमन्त्रण पर भी आप वहाँ जा सकते हैं और उसके माध्यम से आपको कार्य का लाभ हो सकता है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति के साथ ही कहीं दूर ट्रांसफर भी हो सकता है | मान सम्मान में वृद्धि के संकेत हैं | धार्मिक गतिविधियों में वृद्धि के साथ ही आप किसी धार्मिक कार्य में धन भी व्यय कर सकते हैं |

वृश्चिक : आपका एकादशेश और अष्टमेश लाभ स्थान में गोचर कर रहा है | कार्य तथा आय की दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | अपना स्वयं का व्यवसाय है तो उसमें प्रगति के संकेत हैं | यदि नौकरी में हैं तो उसमें भी पदोन्नति के अवसर प्रतीत होते हैं | नौकरी की खोज में हैं तो वह भी पूर्ण हो सकती है | किसी ऐसे स्थान से भी नौकरी का प्रस्ताव आ सकता है जहाँ पहले मना हो चुकी हो | आपकी वर्तमान परिस्थितियों में इस कार्य को स्वीकार कर लेना आपके हित में रहेगा | बॉस के साथ अकारण ही किसी प्रकार की बहस भारी पड़ सकती है आतः शान्त रहने का प्रयास करें | बड़े भाई अथवा पिता के स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है |

धनु : आपका सप्तमेश और दशमेश आपकी राशि से दशम भाव में अपनी उच्च राशि में गोचर कर रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आपके कार्य तथा आय में वृद्धि की सम्भावना है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की भी सम्भावना है | सहकर्मियों अथवा व्यावसायिक पार्टनर का और पिता तथा जीवन साथी का सहयोग आपको निरन्तर प्राप्त रहेगा | नौकरी के लिए इन्टरव्यू की तैयारी में हैं तो उसमें भी सफलता प्राप्त हो सकती है | सामाजिक गतिविधियों तथा मान सम्मान में वृद्धि के साथ ही किसी प्रकार का पुरूस्कार अथवा सम्मान आदि भी प्राप्त हो सकता है | आप अपने जीवन साथी के साथ कहीं भ्रमण अथवा तीर्थ यात्रा के लिए भी जा सकते हैं |

मकर : आपका षष्ठेश और भाग्येश आपकी राशि से नवम भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए भी यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आपके कार्य तथा आय में वृद्धि की सम्भावना है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की भी सम्भावना है | उत्साह में वृद्धि का समय भी प्रतीत होता है, किन्तु इसके साथ ही विरोधियों में भी वृद्धि का समय प्रतीत होता है | लेकिन आप समय पर उस विरोध को समाप्त करने में समर्थ भी हो सकते हैं | किसी कोर्ट केस का परिणाम आपके पक्ष में आ सकता है | स्वास्थ्य की दृष्टि से भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | किन्तु अकारण ही किसी बात को लेकर आप चिन्तित भी हो सकते हैं | धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में वृद्धि की सम्भावना है |

कुम्भ : पंचमेश और अष्टमेश का गोचर अष्टम भाव में हो रहा है | एक ओर आपकी सन्तान के लिए समय भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है तो वहीं दूसरी ओर आपके लिए कुछ कठिन समय प्रतीत होता है | किसी बात पर सन्तान अथवा पिता के साथ विवाद सम्भव है | अकारण ही विरोधियों के स्वर भी मुखर हो सकते हैं | किन्तु यदि आप नौकरी की तलाश में हैं तो आपको किसी ऐसे स्थान से नौकरी का प्रस्ताव भी प्राप्त हो सकता है जहाँ के लिए आपने सोचा भी नहीं होगा | आपको अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की भी आवश्यकता है |

मीन : चतुर्थेश और सप्तमेश का गोचर आपकी राशि से सप्तम भाव में हो रहा है | पारिवारिक स्तर पर कुछ समस्याओं अथवा विवादों का सामना इस अवधि में करना पड़ सकता है | जीवन साथी के साथ भी किसी प्रकार का विवाद सम्भव है | प्रॉपर्टी से सम्बन्धित कोई कोर्ट केस भी आपके लिए चिन्ता का विषय हो सकता है | साथ ही जीवन साथी और परिवार के लोगों के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखने की आवश्यकता है |

अन्त में, उपरोक्त परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है |

साथ ही, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं | सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2018/09/18/mercury-transit-in-virgo/

 

 

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