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बुध का मकर में गोचर

माघ कृष्ण तृतीया यानी सोमवार तेरह जनवरी को प्रातः 11:35 के लगभग विष्टि करण और आयुष्मान योग में बुध का गोचर मकर राशि में हो जाएगा | बुध इस समय उत्तराषाढ़ नक्षत्र पर है तथा अस्त है | यहाँ से 19 जनवरी को बुध श्रवण नक्षत्र और 27 जनवरी को धनिष्ठा नक्षत्र पर भ्रमण करता हुआ अन्त में तीस जनवरी को 26:54 (अर्द्धरात्र्योत्तर दो बजकर चौवन मिनट) के लगभग अस्त अवस्था में ही कुम्भ राशि में प्रस्थान कर जाएगा | मकर राशि के लिए बुध षष्ठेश और नवमेश है तथा बुध की मिथुन राशि के लिए मकर राशि अष्टम भाव है और कन्या राशि के लिए पञ्चम भाव है | इन्हीं सब तथ्यों के आधार पर आइये जानने का प्रयास करते हैं कि बुध के मकर राशि में गोचर के विभिन्न राशियों पर क्या सम्भावित प्रभाव हो सकते हैं…

किन्तु ध्यान रहे, ये समस्त परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को देखकर भ्रम में पड़ जाना उचित नहीं होता, अपितु उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है |

मेष : आपका तृतीयेश और षष्ठेश का गोचर आपके कर्म स्थान में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर मिश्रित फल देने वाला प्रतीत होता है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की भी सम्भावना है | उत्साह में वृद्धि का समय भी प्रतीत होता है | किन्तु परिवार के लोगों विशेषकर छोटे भाई बहनों के साथ किसी प्रकार का विवाद भी सम्भव है | अच्छा रहेगा यदि अपने पिता अथवा परिवार के अन्य किसी बुज़ुर्ग की मध्यस्थता से इस विवाद को आपस में ही सुलझा लें | पॉलिटिक्स से सम्बद्ध लोगों के लिए यह गोचर विशेष रूप से अनुकूल प्रतीत होता है | माँसपेशियों तथा जोड़ों में दर्द की समस्या हो सकती है अतः योग का अभ्यास नियमित रूप से करने की आवश्यकता है |

वृषभ : आपका द्वितीयेश और पंचमेश आपकी राशि से नवम भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए विशेष रूप से भाग्यवर्द्धक समय प्रतीत होता है | आपकी निर्णायक क्षमता में वृद्धि के साथ ही कार्य में प्रगति की तथा आर्थिक स्थिति में दृढ़ता की सम्भावना भी है | आप इस अवधि में तीर्थयात्रा आदि का कार्यक्रम भी बना सकते हैं | परिवार के लोगों का सहयोग आपको प्राप्त रहेगा | उच्च शिक्षा के लिए भी प्रयास कर सकते हैं | आपकी सन्तान के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | सन्तान यदि नौकरी की तलाश में है तो उसके मन के अनुकूल कोई नौकरी भी उसे प्राप्त हो सकती है |

मिथुन : आपका लग्नेश तथा चतुर्थेश आपकी राशि से अष्टम भाव में गोचर कर रहा है | एक ओर जहाँ आपके लिए एक और उत्साह में वृद्धि के योग हैं, आपकी निर्णायक और प्रतियोगी क्षमताओं में वृद्धि के योग प्रतीत होते हैं, वहीं पारिवारिक स्तर पर कुछ समस्याओं अथवा विवादों का सामना भी इस अवधि में करना पड़ सकता है – विशेष रूप से सन्तान के साथ व्यर्थ के विवाद से बचने की आवश्यकता है, अन्यथा इसका विपरीत प्रभाव आपके स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है | स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है | आपकी सन्तान और जीवन साथी के लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है |

कर्क : आपके लिए द्वादशेश और तृतीयेश होकर बुध आपकी राशि से सप्तम भाव में गोचर कर रहा है | परिवार में प्रेम और सौहार्द का तथा आनन्द का वातावरण विद्यमान रहने की सम्भावना है | यदि अविवाहित हैं तो इस अवधि में कहीं आपका विवाह सम्बन्ध भी निश्चित हो सकता है | विवाहित हैं तो जीवन साथी के साथ सम्बन्धों में माधुर्य बना रह सकता है | आप अपने लिए नया घर खरीदने की योजना भी बना सकते हैं | परिवार में किसी नवीन सदस्य के आगमन के कारण परिवार में उत्साह तथा मंगलकार्यों का वातावरण बना रह सकता है जिसके कारण बहुत से सम्बन्धियों और मित्रों के साथ मिलना हो सकता है | आपके लिए भी यात्राओं में वृद्धि की सम्भावना है |

सिंह : आपके लिए द्वितीयेश और एकादशेश होकर बुध का गोचर आपकी राशि से छठे भाव में हो रहा है | इस अवधि में आपकी वाणी प्रभावशाली बनी रहेगी और आपकी निर्णायक क्षमता स्पष्ट बनी रहेगी जिसका लाभ आपको अपने कार्यक्षेत्र में प्राप्त हो सकता है | आप अपने लक्ष्य के प्रति दृढ संकल्प रहेंगे | किन्तु साथ ही आपकी पेमेण्ट कहीं रुक सकती है, जिसके लिए आपको अधिकारी वर्ग के साथ कुछ विवाद भी करना पड़ सकता है | किन्तु कुछ देर से ही सही, आपकी पेमेण्ट आपको प्राप्त अवश्य हो जाएगी | साथ ही अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की भी आवश्यकता है | सरदर्द, जोड़ों तथा माँसपेशियों में दर्द की समस्या हो सकती है | डॉक्टर के बताए विटामिन्स आदि समय पर लेते रहेंगे और व्यायाम को अपनी दिनचर्या का अंग बना लेंगे तो बहुत सी समस्याओं से बचे रह सकते हैं |

कन्या : आपका राश्यधिपति तथा दशमेश बुध का गोचर आपकी राशि से पंचम भाव में हो रहा है | आपके लिए कार्य की दृष्टि से तथा आर्थिक दृष्टि से यह गोचर अत्यन्त अनुकूल प्रतीत होता है | आप इस अवधि में अपने कार्य से सम्बन्धित किसी प्रकार का Short Term Advance Course भी कर सकते हैं | इसके अतिरिक्त अपनी सन्तान को भी किसी कोर्स के लिए भेज सकते हैं | सन्तान की ओर से कोई शुभ समाचार भी इस अवधि में प्राप्त हो सकता है | साथ ही यदि आप लेखक अथवा वक्ता हैं तो आपको सिमेनार्स आदि में अपना शोध पत्र प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त हो सकता है | आपके रुके हुए कार्य इस अवधि में पूर्ण होकर आपको उनका अनुकूल पारिश्रमिक भी इस अवधि में प्राप्त होने की सम्भावना है |

तुला : आपका द्वादशेश और भाग्येश आपके चतुर्थ भाव में हो रहा है | आपको अपने कार्य में अपने पिता का सहयोग निरन्तर प्राप्त रहेगा | आपके कार्य में तथा आर्थिक स्थिति में लाभ और वृद्द्धि की सम्भावना इस अवधि में की जा सकती है | कार्य से सम्बन्धित व्यस्तताओं के कारण सम्भव है आप परिवार पर अधिक ध्यान न दे पाएँ | किन्तु आपके लिए इस समय अपने कार्य पर एकाग्रचित्त रहने का समय है जिसका भविष्य में भी आपको लाभ हो सकता है | आपके प्रभावशाली व्यक्तित्व का लाभ आपको अपने कार्य में मिलने की सम्भावना है | कार्य से सम्बन्धित विदेश यात्राओं में भी वृद्धि की सम्भावना है | परिवार में किसी प्रकार के तनाव की सम्भावना है |

वृश्चिक : आपका एकादशेश और अष्टमेश आपकी राशि से तीसरे भाव में गोचर रहा है | आपके लिए कार्य की दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आप कोई नया कार्य भी इस अवधि में आरम्भ कर सकते हैं | साथ ही आप अपने छोटे भाई बहनों की भी किसी प्रकार की सहायता कर सकते हैं | आपका कार्य यदि किसी प्रकार विदेश से सम्बन्ध रखता है तो आपके लिए कार्य से सम्बन्धित विदेश यात्राओं में वृद्धि के भी योग हैं | किसी ऐसे स्थान से भी कार्य और अर्थ का लाभ हो सकता है जहाँ के विषय में आपने कल्पना भी नहीं की होगी | किन्तु इन यात्राओं के दौरान आपको अपने Important Documents को सम्भाल कर रखने की आवश्यकता होगी | आपके भाई बहनों के लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | धार्मिक गतिविधियों में वृद्धि की सम्भावना है |

धनु : आपका सप्तमेश और दशमेश दूसरे भाव में गोचर कर रहा है | आपके तथा आपके जीवन साथी के लिए कार्य की दृष्टि से यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्धक प्रतीत होता है | आप यदि मीडिया या किसी प्रकार की Alternative Therapy से सम्बन्ध रखते हैं, प्रॉपर्टी से सम्बन्धित किसी व्यवसाय से सम्बन्ध रखते हैं अथवा लेखन के क्षेत्र में हैं या वक्ता हैं तो आपके लिए आर्थिक लाभ तथा पुरूस्कार आदि प्राप्त होने के संकेत हैं | आपके कार्यों की सराहना होगी और आपकी योजनाओं को क्रियान्वित भी किया जा सकता है | नौकरी में पदोन्नति के भी संकेत हैं | राजनीति से जुड़े लोगों के लिए भी यह गोचर भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है |

मकर : आपका षष्ठेश और भाग्येश आपकी लग्न में ही गोचर कर रहा है | आपका अपना व्यवसाय है तो उसमें उन्नति के संकेत हैं | कोई नया कार्य भी इस अवधि में आरम्भ कर सकते हैं | पार्टनरशिप में कार्य आरम्भ करने के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | नौकरी में हैं तो उसमें भी पदोन्नति की सम्भावना की जा सकती है | नौकरी की तलाश में हैं तो वह भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है | सामाजिक गतिविधियों में वृद्धि की भी सम्भावना है | लोग आपके कार्यों की प्रशंसा करेंगे और अपने कार्य के लिए आपको किसी प्रकार का पुरूस्कार और सम्मान आदि भी प्राप्त हो सकता है | आपके जीवन साथी के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है |

कुम्भ : आपकी राशि से पंचमेश और अष्टमेश का गोचर आपकी राशि से बारहवें भाव में हो रहा है | कार्य के सिलसिले में अथवा उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए विदेश जा सकते हैं | किन्तु सम्भव है ये यात्राएँ आपके लिए मनोनुकूल न रहे | नौकरी में हैं तो किसी अधिकारी के रिटायर होने के कारण आपकी उसके स्थान पर पदोन्नति के साथ ही किसी दूर के शहर में आपका ट्रांसफर भी हो सकता है | किसी मित्र को पैसा उधार देना इस अवधि में उचित नहीं रहेगा | साथ ही आपके स्वयं के स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं पर पैसा भी खर्च हो सकता है | अचानक ही किसी ऐसे स्थान पर जाने का कार्यक्रम बन सकता है जहाँ आप बहुत पहले जाना चाहते थे किन्तु जा नहीं पा रहे थे |

मीन : आपकी राशि से चतुर्थेश और सप्तमेश का गोचर आपके एकादश भाव में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त अनुकूल प्रतीत होता है | आपके कार्य तथा आय में वृद्धि की सम्भावना है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की भी सम्भावना है | पॉलिटिक्स में यदि आप हैं तो आपके लिए विशेष रूप से यह गोचर भाग्यवर्द्धक सिद्ध हो सकता है | आप इस अवधि में कोई नया घर भी खरीद सकते हैं | दाम्पत्य जीवन में माधुर्य बना रहने की सम्भावना है | वंश वृद्धि का विचार भी आप इस अवधि में कर सकते हैं |

अन्त में, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं | सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2020/01/11/mercury-transit-in-capricorn-2/

 

बुध का धनु में गोचर

वर्ष 2020 का अन्तिम सप्ताह – दो महत्त्वपूर्ण गोचर – मंगल का अपनी राशि वृश्चिक में गोचर और बुध का धनु में गोचर जहाँ राश्यधिपति गुरु, शनि, केतु और सूर्यदेव पहले से विराजमान हैं | यहाँ हम बात कर रहे हैं बुध के गोचर की | जी हाँ, कल पौष अमावस्या यानी पच्चीस दिसम्बर को अपराह्न 3:46 के लगभग चतुष्पद करण और गण्ड योग में बुध वृश्चिक राशि से धनु राशि में मूल नक्षत्र पर गोचर करेगा | यहाँ विचरण करते हुए बुध 3 जनवरी को पूर्वाषाढ़ और 11 जनवरी को उत्तराषाढ़ नक्षत्र पर भ्रमण करते हुए अन्त में तेरह जनवरी को प्रातः 11:35 के लगभग मकर राशि में प्रस्थान कर जाएगा | धनु राशि अपनी इस सम्पूर्ण यात्रा बुध अस्त ही रहेगा | कल क्रिसमस भी है, तो सभी को क्रिसमस की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ जानने का प्रयास करते हैं कि बुध के धनु राशि में गोचर के विभिन्न राशियों पर क्या सम्भावित प्रभाव हो सकते हैं…

किन्तु ध्यान रहे, ये सभी परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है |

मेष : आपका तृतीयेश और षष्ठेश का गोचर आपके भाग्य स्थान में हो रहा है | आपके नौकरी में हैं तो पदोन्नति की भी सम्भावना है | उत्साह में वृद्धि का समय भी प्रतीत होता है | आप इस अवधि में कोई नया घर भी खरीद सकते हैं | किन्तु परिवार के लोगों के साथ किसी प्रकार का विवाद भी सम्भव है | अच्छा रहेगा यदि अपने पिता अथवा परिवार के अन्य किसी बुज़ुर्ग की मध्यस्थता से इस विवाद को आपस में ही सुलझा लें | दाम्पत्य जीवन में माधुर्य बना रहने की सम्भावना है | पॉलिटिक्स से सम्बद्ध लोगों के लिए यह गोचर विशेष रूप से अनुकूल प्रतीत होता है | धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में वृद्धि की सम्भावना है |

वृषभ : आपका द्वितीयेश और पंचमेश आपकी राशि से अष्टम भाव में गोचर कर रहा है | एक ओर जहाँ आपके लिए एक और उत्साह में वृद्धि के योग हैं, आपकी निर्णायक और प्रतियोगी क्षमताओं में वृद्धि के योग प्रतीत होते हैं, वहीं पारिवारिक स्तर पर कुछ समस्याओं अथवा विवादों का सामना भी इस अवधि में करना पड़ सकता है – विशेष रूप से सन्तान के साथ व्यर्थ के विवाद से बचने की आवश्यकता है, अन्यथा इसका विपरीत प्रभाव आपके स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है | स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है | आपकी सन्तान और जीवन साथी के लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है |

मिथुन : आपका लग्नेश तथा चतुर्थेश होकर बुध आपका योगकारक बनता है और आपकी राशि से सप्तम भाव में गोचर कर रहा है जहाँ आपका दूसरा योगकारक भी विद्यमान है | परिवार में प्रेम और सौहार्द का तथा आनन्द का वातावरण विद्यमान रहने की सम्भावना है | यदि अविवाहित हैं तो इस अवधि में कहीं आपका विवाह सम्बन्ध भी निश्चित हो सकता है | किन्तु सम्बन्धित व्यक्ति के विषय में पूरी जानकारी आवश्यक है | विवाहित हैं तो जीवन साथी के साथ सम्बन्धों में माधुर्य बना रह सकता है | आप अपने लिए नया घर खरीदने की योजना भी बना सकते हैं | परिवार में किसी नवीन सदस्य के आगमन के कारण परिवार में उत्साह तथा मंगलकार्यों का वातावरण बना रह सकता है जिसके कारण बहुत से सम्बन्धियों और मित्रों के साथ मिलना हो सकता है |

कर्क : आपके लिए द्वादशेश और तृतीयेश होकर बुध आपकी राशि से छठे भाव में गोचर कर रहा है | इस अवधि में आपकी वाणी प्रभावशाली बनी रहेगी और आपकी निर्णायक क्षमता स्पष्ट बनी रहेगी जिसका लाभ आपको अपने कार्यक्षेत्र में प्राप्त हो सकता है | आर्थिक दृष्टि से तथा कार्य की दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आप अपने लक्ष्य के प्रति दृढ संकल्प रहेंगे | किन्तु साथ ही अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की भी आवश्यकता है | सरदर्द, जोड़ों तथा माँसपेशियों में दर्द की समस्या हो सकती है | डॉक्टर के बताए विटामिन्स आदि समय पर लेते रहेंगे और व्यायाम को अपनी दिनचर्या का अंग बना लेंगे तो बहुत सी समस्याओं से बचे रह सकते हैं |

सिंह : आपके लिए द्वितीयेश और एकादशेश होकर बुध का गोचर आपकी राशि से पंचम भाव में हो रहा है | आपके लिए कार्य की दृष्टि से तथा आर्थिक दृष्टि से यह गोचर अत्यन्त अनुकूल प्रतीत होता है | आप इस अवधि में अपने कार्य से सम्बन्धित किसी प्रकार का Short Term Advance Course भी कर सकते हैं | इसके अतिरिक्त अपनी सन्तान को भी किसी कोर्स के लिए भेज सकते हैं | साथ ही यदि आप लेखक अथवा वक्ता हैं तो आपको सिमेनार्स आदि में अपना शोध पत्र प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त हो सकता है | आपके रुके हुए कार्य इस अवधि में पूर्ण होकर आपको उनका अनुकूल पारिश्रमिक भी इस अवधि में प्राप्त होने की सम्भावना है | आप इस समय विवाह के लिए भी मन बना सकते हैं | किन्तु आगे बढ़ने से पूर्व सम्बन्धित व्यक्ति के विषय में पूरी जानकारी अवश्य हासिल कर लें |

कन्या : आपका राश्यधिपति तथा दशमेश होकर बुध आपके लिए योगकारक बन जाता है तथा इस समय आपकी लग्न से चतुर्थ भाव में दूसरे योगकारक के साथ गोचर कर रहा है | आपको अपने कार्य में अपने पिता का सहयोग निरन्तर प्राप्त रहेगा | आपके कार्य में तथा आर्थिक स्थिति में लाभ और वृद्धि की सम्भावना इस अवधि में की जा सकती है | कार्य से सम्बन्धित व्यस्तताओं के कारण सम्भव है आप परिवार पर अधिक ध्यान न दे पाएँ | किन्तु आपके लिए इस समय अपने कार्य पर एकाग्रचित्त रहने का समय है जिसका भविष्य में भी आपको लाभ हो सकता है | आपके प्रभावशाली व्यक्तित्व का लाभ आपको अपने कार्य में मिलने की सम्भावना है | कार्य से सम्बन्धित विदेश यात्राओं में भी वृद्धि की सम्भावना है | पारिवारिक स्तर पर कुछ तनाव की सम्भावना से भी इन्कार नहीं किया जा सकता |

तुला : आपका द्वादशेश और भाग्येश आपके तीसरे भाव में हो रहा है | आपके लिए कार्य की दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आप कोई नया कार्य भी इस अवधि में आरम्भ कर सकते हैं | साथ ही आप अपने छोटे भाई बहनों की भी किसी प्रकार की सहायता कर सकते हैं | आपका कार्य यदि किसी प्रकार विदेश से सम्बन्ध रखता है तो आपके लिए कार्य से सम्बन्धित विदेश यात्राओं में वृद्धि के भी योग हैं | किन्तु इन यात्राओं के दौरान आपको अपने Important Documents को सम्भाल कर रखने की आवश्यकता होगी | आपके भाई बहनों के लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | धार्मिक गतिविधियों में वृद्धि की सम्भावना है |

वृश्चिक : आपका एकादशेश और अष्टमेश आपकी राशि से दूसरे भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए कार्य की दृष्टि से यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्धक प्रतीत होता है | आप यदि मीडिया या किसी प्रकार की Alternative Therapy से सम्बन्ध रखते हैं, प्रॉपर्टी से सम्बन्धित किसी व्यवसाय से सम्बन्ध रखते हैं अथवा लेखन के क्षेत्र में हैं या वक्ता हैं तो आपके लिए आर्थिक लाभ तथा पुरूस्कार आदि प्राप्त होने के संकेत हैं | नौकरी में पदोन्नति के भी संकेत हैं | किन्तु इसके साथ ही गुप्त शत्रुओं की ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है | अचानक ही किसी ऐसे स्रोत से लाभ की भी सम्भावना है जहाँ के विषय में आपने कल्पना भी नहीं की होगी |

धनु : आपका सप्तमेश और दशमेश होने के कारण आपके लिए योगकारक बनता हुआ बुध दूसरे योगकारक के साथ आपकी लग्न में ही गोचर कर रहा है | आपका अपना व्यवसाय है तो उसमें उन्नति के संकेत हैं | कोई नया कार्य भी इस अवधि में आरम्भ कर सकते हैं | पार्टनरशिप में कार्य आरम्भ करने के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | नौकरी में हैं तो उसमें भी पदोन्नति की सम्भावना की जा सकती है | नौकरी की तलाश में हैं तो वह भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है | सामाजिक गतिविधियों में वृद्धि की भी सम्भावना है | लोग आपके कार्यों की प्रशंसा करेंगे और अपने कार्य के लिए आपको किसी प्रकार का पुरूस्कार और सम्मान आदि भी प्राप्त हो सकता है | अविवाहित हैं तो अपने किसी सहकर्मी के साथ विवाह बन्धन में भी बंध सकते हैं | आपके जीवन साथी के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है |

मकर : आपका षष्ठेश और भाग्येश आपकी राशि से राशि से बारहवें भाव में गोचर कर रहा है | कार्य के सिलसिले में विदेश यात्राओं में वृद्धि के संकेत हैं | तीर्थ स्थलों की यात्रा पर भी जा सकते हैं | किन्तु सम्भव है ये यात्राएँ आपके लिए मनोनुकूल न रहे | साथ ही धार्मिक गतिविधियों के लिए धन भी खर्च कर सकते हैं | ऐसा करते समय पोंगा पण्डितों की ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है | नौकरी में हैं तो किसी अधिकारी के रिटायर होने के कारण आपकी उसके स्थान पर पदोन्नति के साथ ही किसी दूर के शहर में आपका ट्रांसफर भी हो सकता है | किसी मित्र को पैसा उधार देना इस अवधि में उचित नहीं रहेगा | साथ ही आपके स्वयं के स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं पर पैसा भी खर्च हो सकता है |

कुम्भ : आपकी राशि से पंचमेश और अष्टमेश का गोचर आपकी राशि से एकादश भाव में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर मिश्रित फल देने वाला प्रतीत होता है | एक ओर आपके कार्य तथा आय में वृद्धि की सम्भावना है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की भी सम्भावना है | पॉलिटिक्स में यदि आप हैं तो आपके लिए विशेष रूप से यह गोचर भाग्यवर्द्धक सिद्ध हो सकता है | आपकी सन्तान अथवा आप स्वयं किसी विषय में अध्ययन का प्रयास भी कर सकते हैं | किसी वसीयत के माध्यम से अथवा किसी अप्रत्याशित स्रोत से भी आपको लाभ हो सकता है | किन्तु वहीं दूसरी ओर गुप्त शत्रुओं की ओर से सावधान रहने की भी आवश्यकता है |

मीन : आपकी राशि से चतुर्थेश और सप्तमेश होकर बुध आपके लिए योगकारक है तथा इस समय इसका गोचर आपके दशम भाव में दूसरे योगकारक के साथ हो रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त अनुकूल प्रतीत होता है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की भी सम्भावना है | उत्साह में वृद्धि का समय भी प्रतीत होता है | आप इस अवधि में कोई नया घर भी खरीद सकते हैं | किन्तु परिवार के लोगों के साथ किसी प्रकार का विवाद भी सम्भव है | अच्छा रहेगा यदि अपने पिता अथवा परिवार के अन्य किसी बुज़ुर्ग की मध्यस्थता से इस विवाद को आपस में ही सुलझा लें | दाम्पत्य जीवन में माधुर्य बना रहने की सम्भावना है | वंश वृद्धि का विचार भी आप इस अवधि में कर सकते हैं | पॉलिटिक्स से सम्बद्ध लोगों के लिए यह गोचर विशेष रूप से अनुकूल प्रतीत होता है |

अन्त में, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं | सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2019/12/24/mercury-transit-in-sagittarius-2/

 

बुध का वृश्चिक में गोचर

बुध का वृश्चिक में गोचर

आज कार्तिक कृष्ण दशमी को विष्टि करण और शुक्ल योग में रात्रि ग्यारह बजकर बयालीस मिनट लगभग पर बुध मित्र ग्रह शुक्र की तुला राशि से निकलकर मंगल की वृश्चिक राशि में प्रविष्ट हो जाएगा | इस प्रवेश के समय बुध विशाखा नक्षत्र पर होगा | यहाँ से 29 अक्टूबर को अनुराधा नक्षत्र पर जाएगा | जहाँ से 31 अक्तूबर को वक्री होता हुआ पहली नवम्बर को पुनः विशाखा नक्षत्र पर आएगा | सात नवम्बर को वापस तुला राशि पर जाते हुए पन्द्रह नवम्बर को स्वाति नक्षत्र पर भ्रमण करता हुआ इक्कीस नवम्बर को मार्गी हो जाएगा | छब्बीस नवम्बर को पुनः विशाखा नक्षत्र पर आ जाएगा | पाँच दिसम्बर को पुनः वृश्चिक में आ जाएगा | सात दिसम्बर को अनुराधा नक्षत्र पर और सोलह दिसम्बर को ज्येष्ठा नक्षत्र पर भ्रमण करते हुए अन्त में पच्चीस दिसम्बर को सूर्योदय से पूर्व चार बजकर सोलह मिनट के लगभग धनु राशि और मूल नक्षत्र पर चला जाएगा | इस बीच पाँच नवम्बर से सोलह नवम्बर और सोलह दिसम्बर से बुध अस्त भी रहेगा | बुध की अपनी राशि कन्या से वृश्चिक राशि तीसरा भाव तथा मिथुन से छठा भाव बनती है | साथ ही वृश्चिक राशि के लिए बुध अष्टमेश और लाभेश बनता है | इन समस्त तथ्यों के आधार पर आइये जानने का प्रयास करते हैं कि बुध के वृश्चिक राशि में गोचर के विभिन्न राशियों पर क्या सम्भावित प्रभाव हो सकते हैं…

किन्तु, ये सभी परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है |

मेष : आपका तृतीयेश और षष्ठेश का गोचर आपकी राशि से अष्टम भाव में हो रहा है | आपके लिए उत्साह तथा निर्णायक क्षमता में वृद्धि के संकेत प्रतीत होते हैं | कार्य में प्रगति और सफलता की सम्भावना इस अवधि में की जा सकती है | प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं तो उसमें भी सफलता की सम्भावना है | किन्तु भाई बहनों के साथ कुछ समस्याओं अथवा विवादों का सामना इस अवधि में करना पड़ सकता है | साथ ही अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान रखने की आवश्यकता है |

वृषभ : आपका द्वितीयेश और पंचमेश आपकी राशि से सप्तम भाव में गोचर कर रहा है | आपकी वाणी इस समय अत्यन्त प्रभावशाली है इसका लाभ उठाना आप पर निर्भर करता है | साथ ही उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे व्यक्तियों के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | सामाजिक गतिविधियों के दौरान आपके कुछ नवीन सम्बन्ध भी बन सकते हैं जिनके कारण आपको अपने कार्यक्षेत्र में भी लाभ हो सकता है | आर्थिक स्थिति में दृढ़ता के भी योग प्रतीत होते हैं | यदि आपको जीवन साथी की तलाश है तो वह भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है |

मिथुन : आपका योगकारक आपकी राशि से छठे भाव में गोचर कर रहा है | आर्थिक दृष्टि से तथा कार्य की दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | प्रॉपर्टी से सम्बन्धित व्यवसाय यदि आपका है तो आपको सावधान रहने की आवश्यकता है | आप अपने लक्ष्य के प्रति दृढ संकल्प रहेंगे | किन्तु पिता अथवा सन्तान के साथ अथवा परिवारजनों के साथ किसी प्रकार का विवाद भी सम्भव है | किसी कोर्ट केस में अनुकूल दिशा में प्रगति की सम्भावना भी प्रतीत होती है |

कर्क : आपके लिए द्वादशेश और तृतीयेश होकर बुध आपकी राशि से पंचम भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त अनुकूल प्रतीत होता है | आप अपने कार्य से सम्बन्धित किसी प्रकार का Advance Course इस अवधि में कर सकते हैं | साथ ही यदि आप लेखक हैं तो आपको सेमिनार्स आदि में अपना शोध पत्र प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त हो सकता है | परिवार में किसी बच्चे के जन्म की अथवा किसी अन्य प्रकार के माँगलिक कार्य की भी सम्भावना प्रतीत होती है | आपकी सन्तान के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है |

सिंह : आपके लिए द्वितीयेश और एकादशेश होकर बुध का गोचर आपकी राशि से चतुर्थ भाव में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर अधिक अनुकूल प्रतीत होता है | यदि आप मीडिया से सम्बन्ध रखते हैं अथवा आई टी से सम्बन्ध रखते हैं तो आपके लिए विशेष रूप से कार्य में प्रगति तथा अर्थ लाभ की सम्भावना की जा सकती है | यों यह गोचर कुछ इस प्रकार का है कि आपको अपने हर प्रयास में लाभ की सम्भावना की जा सकती है | जीवन साथी की तलाश भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है |

कन्या : आपके योगकारक का गोचर आपकी राशि से तीसरे भाव में हो रहा है | आपके लिए आर्थिक दृष्टि से और कार्य की दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आप कोई नया कार्य भी इस अवधि में आरम्भ कर सकते हैं | किन्तु वाणी में कुछ तीखापन भी आ सकता है, जिसके कारण विशेष रूप से भाई बहनों के साथ किसी प्रकार की अनबन भी हो सकती है, अतः इस ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है | आपके पिता अथवा बड़े भाई का पूर्ण सहयोग आपको प्राप्त रहेगा |

तुला : आपका द्वादशेश और भाग्येश आपके दूसरे भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए कार्य की दृष्टि से यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | विदेश से यदि आपका कार्य सम्बन्ध रखता है तो आपके लिए विशेष रूप से अनुकूल समय प्रतीत होता है | कार्य से सम्बन्धित विदेश यात्राओं में वृद्धि के भी संकेत प्राप्त होते हैं | नौकरी में पदोन्नति के साथ ट्रांसफर के भी संकेत हैं | किन्तु यात्राओं के दौरान स्वास्थ्य की ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है |

वृश्चिक : आपका एकादशेश और अष्टमेश आपकी लग्न में ही गोचर कर रहा है | आपके लिए किसी ऐसे स्थान से कार्य का प्रस्ताव आ सकता है जहाँ के विषय में आपने कल्पना भी नहीं की होगी | नौकरी में हैं तो पदोन्नति के साथ ट्रांसफर की सम्भावना भी है | किन्तु कुछ लोगों को कार्य में व्यवधान का अनुभव भी हो सकता है | साथ ही गुप्त शत्रुओं की ओर से भी सावधान रहने की आवश्यकता है | जोड़ों अथवा माँसपेशियों में दर्द की सम्भावना भी है अतः इस ओर से भी सावधान रहने की आवश्यकता है |

धनु : आपका योगकारक आपके बारहवें भाव में गोचर कर रहा है | किसी स्थान से कार्य का प्रस्ताव प्राप्त हो सकता है जहाँ के विषय में आपने कल्पना भी नहीं की होगी | कार्य के सिलसिले में विदेश यात्राओं में वृद्धि तथा अर्थ लाभ के भी संकेत हैं | नौकरी में हैं तो किसी अधिकारी के रिटायर होने के कारण आपकी उसके स्थान पर पदोन्नति के साथ ही किसी दूर के सहारा में आपका ट्रांसफर भी हो सकता है | किसी मित्र को पैसा उधार देना इस अवधि में उचित नहीं रहेगा | साथ ही स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं पर पैसा भी खर्च हो सकता है |

मकर : आपका षष्ठेश और भाग्येश आपकी राशि से एकादश भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आपके कार्य तथा आय में वृद्धि की सम्भावना है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की भी सम्भावना है | सहकर्मियों अथवा व्यावसायिक पार्टनर का और पिता तथा जीवन साथी का सहयोग आपको निरन्तर प्राप्त रहेगा | पॉलिटिक्स में यदि आप हैं तो आपके लिए विशेष रूप से यह गोचर भाग्यवर्द्धक सिद्ध हो सकता है | अविवाहित हैं तो आपके किसी सहकर्मी की ओर से प्रणय निवेदन भी आपको प्राप्त हो सकता है |

कुम्भ : पंचमेश और अष्टमेश का गोचर आपकी राशि से दशम भाव में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर मिश्रित फल देने वाला प्रतीत होता है | कार्य स्थल में किसी प्रकार के विरोध का सामना इस अवधि में करना पड़ सकता है | किसी कोर्ट केस के कारण भी किसी प्रकार का मानसिक तनाव आपको अनुभव हो सकता है | इस अवधि में शान्ति पूर्वक व्यवहार करना आपके हित में रहेगा | किसी भी विवाद को बढ़ने देना भी आपके हित में नहीं रहेगा | धार्मिक गतिविधियों में वृद्धि की सम्भावना है |

मीन : आपके योगकारक का गोचर आपकी राशि से नवम भाव में हो रहा है | एक ओर नौकरी में हैं तो पदोन्नति की भी सम्भावना है | उत्साह में वृद्धि का समय भी प्रतीत होता है, किन्तु इसके साथ ही विरोधियों में भी वृद्धि का समय प्रतीत होता है | लेकिन आप समय पर उस विरोध को समाप्त करने में समर्थ भी हो सकते हैं | स्वास्थ्य की दृष्टि से भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | किन्तु अकारण ही किसी बात को लेकर आप चिन्तित भी हो सकते हैं | धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में वृद्धि की सम्भावना है | आपकी सन्तान के लिए समय भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है |

अन्त में, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं | सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

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बुध का सिंह में गोचर

बुध का सिंह में गोचर

सर्वप्रथम सभी को श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ…

सोमवार 26 अगस्त यानी भाद्रपद कृष्ण एकादशी को बव करण और सिद्धि योग में दिन में दो बजकर सात मिनट के लगभग बुध अपने शत्रु ग्रह चन्द्रमा की कर्क राशि से निकल कर अपने मित्र ग्रह सूर्य की सिंह राशि और मघा नक्षत्र पर गोचर कर जाएगा जहाँ दो मित्र ग्रहों सूर्य तथा शुक्र तथा मंगल भी विराजमान है | बुध इस समय अस्त भी है | सिंह राशि में भ्रमण करते हुए बुध दो सितम्बर को पूर्वा फाल्गुनी तथा नौ सितम्बर को उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र पर भ्रमण करते हुए अन्त में ग्यारह सितम्बर को सूर्योदय से लगभग एक घंटा पूर्व पाँच बजे के लगभग अपनी स्वयं की मूल त्रिकोण और उच्च राशि कन्या में प्रविष्ट हो जाएगा | सिंह राशि बुश की मिथुन राशि से तीसरा भाव तथा कन्या से बारहवाँ भाव बनता है तथा सिंह राशि के जातकों के लिए बुध द्वितीयेश और लाभेश हो जाता है | अपनी इस पूरी यात्रा में बुध अस्त ही रहेगा | इन्हीं सब तथ्यों के आधार पर जानने का प्रयास करते हैं बुध के सिंह राशि में गोचर के विभिन्न राशियों पर क्या सम्भावित प्रभाव हो सकते हैं…

किन्तु ध्यान रहे, ये सभी परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है |

मेष : आपका तृतीयेश और षष्ठेश आपके पंचम भाव में गोचर कर रहा है | यह गोचर आपकी प्रतियोगी क्षमता में वृद्धि कर रहा है साथ ही आपकी निर्णायक क्षमता में भी स्पष्टता में वृद्धि के संकेत हैं | आप जो भी कार्य करेंगे सोच समझ कर करेंगे | अपने कार्य से सम्बन्धित कोई Short term advance course करने का प्रयास भी आप कर सकते हैं | ऐसा करना आपके कार्य की दृष्टि से लाभदायक सिद्ध हो सकता है | आपके छोटे भाई बहनों के लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है किन्तु उनके साथ आपका किसी प्रकार का प्रॉपर्टी विषयक विवाद भी सम्भव है | आपकी सन्तान यदि कहीं बाहर है तो वह वापस लौट सकती है |

वृषभ : आपका द्वितीयेश और पंचमेश आपकी राशि से चतुर्थ भाव में गोचर कर रहा है | इस अवधि में आपकी वाणी प्रभावशाली बनी रहेगी और आपकी निर्णायक क्षमता स्पष्ट बनी रहेगी | आर्थिक दृष्टि से तथा कार्य की दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आप अपने लक्ष्य के प्रति दृढ संकल्प रहेंगे | परिवार में तथा कार्यस्थल पर सौहार्द का वातावरण बने रहने की सम्भावना है जिसके कारण आप शान्त तथा उत्साहित मन से अपना कार्य समय पर पूर्ण करने में सक्षम हो सकेंगे | किन्तु परिवार में बुजुर्गों से बहस आपके हित में नहीं रहेगी | आपकी सन्तान के लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है |

मिथुन : आपका लग्नेश तथा चतुर्थेश आपकी राशि से तीसरे भाव में गोचर कर रहा है | भाई बहनों के साथ किसी प्रकार का विवाद इस अवधि में सम्भव है | किन्तु परिवार के किसी बुज़ुर्ग व्यक्ति की मध्यस्थता से आप उस विवाद को सुलझाने में सफल हो सकते हैं | परिवार के अन्य व्यक्तियों का  तथा मित्रों का सहयोग आपको प्राप्त रहेगा | यदि आप लेखक हैं तो आपको सिमेनार्स आदि में अपना शोध पत्र प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त हो सकता है | मान सम्मान में वृद्धि के संकेत हैं | कोई पुरूस्कार भी आपको प्राप्त हो सकता है | धार्मिक गतिविधियों में वृद्धि की सम्भावना है |

कर्क : आपके लिए द्वादशेश और तृतीयेश होकर बुध आपकी राशि से दूसरे भाव में गोचर कर रहा है | आपकी वाणी प्रभावशाली रहेगी तथा अपने वाक्चातुर्य से आप अपने सभी कार्य समय पर पूर्ण करने में समर्थ हो सकते हैं | किन्तु वाणी में कुछ तीखापन भी आ सकता है, जिसके कारण विशेष रूप से छोटे भाई बहनों के साथ किसी प्रकार की अनबन भी हो सकती है, अतः इस ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है | यात्राओं में वृद्धि के संकेत हैं | इन यात्राओं के कारण एक ओर जहाँ आपको नवीन प्रोजेक्ट्स प्राप्त हो सकते हैं जिनके कारण धनलाभ की भी सम्भावना है, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य की ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है |

सिंह : आपके लिए द्वितीयेश और एकादशेश होकर बुध का गोचर आपकी राशि में ही हो रहा है | आपके लिए कार्य की दृष्टि से यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्धक प्रतीत होता है | आप यदि मीडिया या किसी प्रकार की Alternative Therapy से सम्बन्ध रखते हैं तो आपके लिए आर्थिक लाभ के संकेत हैं | पिता, बड़े भाई, अधिकारियों तथा मित्रों का सहयोग आपको प्राप्त रहेगा और उनके दिशानिर्देशों का पालन करेंगे तो आपके कार्य में निरन्तर प्रगति की सम्भावना है जिसके कारण आप बहुत समय तक व्यस्त रह सकते हैं और धनलाभ कर सकते हैं | नौकरी में पदोन्नति तथा मान सम्मान में वृद्धि के भी संकेत हैं | यदि आपकी वाणी में तीखापन आ रहा है तो उसमें सुधार की आवश्यकता है |

कन्या : आपका राश्यधिपति तथा दशमेश बुध आपकी राशि से द्वादश भाव में गोचर कर रहा है | आपका कार्य यदि किसी भी प्रकार से विदेश से सम्बन्ध रखता है तो आपके लिए अत्यन्त भाग्यवर्द्धक समय प्रतीत होता है | विदेश में रहने वाले किसी पुरुष मित्र के माध्यम से आपको कुछ नवीन प्रस्ताव प्राप्त हो सकते हैं | साथ ही आपके पिता का सहयोग भी आपको प्राप्त रहेगा | कार्य से सम्बन्धित विदेश यात्राओं में वृद्धि के साथ ही नवीन प्रोजेक्ट्स भी आपको प्राप्त होते रहने की सम्भावना है जो आपके लिए लाभदायक सिद्ध हो सकते हैं | नौकरी में हैं तो पदोन्नति के साथ किसी दूर के शहर अथवा विदेश में ट्रांसफर भी हो सकता है | व्यवसाय में पैसा Invest करना पड़ सकता है किन्तु उसके दूरगामी परिणाम लाभदायक हो सकते हैं |

तुला : आपका द्वादशेश और भाग्येश आपकी राशि से लाभ स्थान में गोचर कर रहा है | यदि आपका कार्य विदेश से सम्बन्धित है अथवा किसी दूर के शहर से सम्बन्धित है तो आपके लिए यह गोचर भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आपके लिए विदेश यात्राओं में वृद्धि के योग बन रहे हैं जो आपके लिए लाभदायक सिद्ध हो सकती हैं | विदेश में निवास कर रहे किसी मित्र के निमन्त्रण पर भी आप वहाँ जा सकते हैं और उसके माध्यम से आपको कार्य का लाभ हो सकता है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति के साथ ही कहीं दूर ट्रांसफर भी हो सकता है | मान सम्मान में वृद्धि के संकेत हैं | धार्मिक गतिविधियों में वृद्धि के साथ ही आप किसी धार्मिक कार्य में धन भी व्यय कर सकते हैं |

वृश्चिक : आपका एकादशेश और अष्टमेश दशम भाव में गोचर कर रहा है | कार्य तथा आय की दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | अपना स्वयं का व्यवसाय है तो उसमें प्रगति के संकेत हैं | यदि नौकरी में हैं तो उसमें भी पदोन्नति के अवसर प्रतीत होते हैं | नौकरी की खोज में हैं तो वह भी पूर्ण हो सकती है | किसी ऐसे स्थान से भी नौकरी का प्रस्ताव आ सकता है जहाँ पहले मना हो चुकी हो | आपकी वर्तमान परिस्थितियों में इस कार्य को स्वीकार कर लेना आपके हित में रहेगा | बॉस के साथ अकारण ही किसी प्रकार की बहस भारी पड़ सकती है आतः शान्त रहने का प्रयास करें | बड़े भाई अथवा पिता के स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है |

धनु : आपका सप्तमेश और दशमेश आपकी राशि से नवम भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आपके कार्य तथा आय में वृद्धि की सम्भावना है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की भी सम्भावना है | सहकर्मियों अथवा व्यावसायिक पार्टनर का और पिता तथा जीवन साथी का सहयोग आपको निरन्तर प्राप्त रहेगा | नौकरी के लिए इन्टरव्यू की तैयारी में हैं तो उसमें भी सफलता प्राप्त हो सकती है | सामाजिक गतिविधियों तथा मान सम्मान में वृद्धि के साथ ही किसी प्रकार का पुरूस्कार अथवा सम्मान आदि भी प्राप्त हो सकता है | आप अपने जीवन साथी के साथ कहीं भ्रमण अथवा तीर्थ यात्रा के लिए भी जा सकते हैं |

मकर : आपका षष्ठेश और भाग्येश आपकी राशि से अष्टम भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए उत्साह में वृद्धि का समय है किन्तु इसके साथ ही विरोधियों में भी वृद्धि का समय प्रतीत होता है | किसी कोर्ट केस का परिणाम आपके पक्ष में न आने के कारण अथवा देरी के कारण आप चिन्तित हो सकते हैं | स्वास्थ्य की दृष्टि से भी यह गोचर बहुत अनुकूल नहीं प्रतीत होता | कार्य आपके अनुकूल न होने के कारण मानसिक तनाव के कारण अनेक समस्याएँ आपको हो सकती हैं | अच्छा यही रहेगा कि इस समय कोई महत्त्वपूर्ण निर्णय न लें | यदि कहीं यात्रा के लिए जाने का विचार हो तो अभी कुछ समय के लिए स्थगित करना उचित रहेगा |

कुम्भ : पंचमेश और अष्टमेश का गोचर सप्तम भाव में हो रहा है | आपके ज्ञान में वृद्धि का समय है | आप उच्च शिक्षा के लिए भी कहीं बाहर प्रस्थान कर सकते हैं | आपकी सन्तान तथा विद्यार्थियों के लिए भी समय आनुकूल प्रतीत होता है | आपकी सन्तान का सहयोग भी आपको प्राप्त रहेगा | कार्य में उन्नति तथा धनप्राप्ति के भी संकेत हैं | पॉलिटिक्स से सम्बद्ध लोगों के लिए भी ये गोचर अघिक अनुकूल प्रतीत होता है | आप इस अवधि में किसी भी प्रकार के विरोध को समाप्त करने में समर्थ हो सकते हैं | वहीं दूसरी ओर आपके जीवन साथी के स्वभाव में कुछ चिडचिडापन आप अनुभव कर सकते हैं | आप स्वयं शान्त रहकर अपने जीवन साथी को भी शान्त करने का प्रयास कर सकते हैं |

मीन : चतुर्थेश और सप्तमेश का गोचर आपकी राशि से छठे भाव में हो रहा है | पारिवारिक स्तर पर कुछ समस्याओं अथवा विवादों का सामना इस अवधि में करना पड़ सकता है | जीवन साथी के साथ भी किसी प्रकार का विवाद सम्भव है | प्रॉपर्टी से सम्बन्धित कोई कोर्ट केस भी आपके लिए चिन्ता का विषय हो सकता है | साथ ही जीवन साथी और परिवार के लोगों के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखने की आवश्यकता है |

अंत में, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं | सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

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बुध का कर्क में गोचर

बुध का कर्क में गोचर

कल यानी शुक्रवार, 21 जून, आषाढ़ कृष्ण चतुर्थी को बव करण और वैधृति योग में 26:27 (अर्द्धरात्र्योत्तर दो बजकर सत्ताईस मिनट) के लगभग बुध अपनी स्वयं की राशि मिथुन को छोड़कर चन्द्रमा की कर्क राशि में प्रस्थान कर जाएँगे | इस प्रस्थान के समय बुध पुनर्वसु नक्षत्र पर होगा तथा गुरु की दृष्टि भी उस पर रहेगी | यहाँ रहते हुए 24 जून को पुष्य नक्षत्र पर जाएगा और 23 जुलाई को वक्री बुध पुनः पुनर्वसु नक्षत्र पर होगा | नौ अगस्त को मार्गी बुध पुनः पुष्य नक्षत्र पर जाएगा | उन्नीस अगस्त को आश्लेषा नक्षत्र पर भ्रमण करते हुए अन्त में 26 अगस्त को दोपहर दो बजकर आठ मिनट के लगभग सिंह राशि और मघा नक्षत्र पर प्रस्थान कर जाएगा | इस बीच आठ जुलाई से एक अगस्त तक बुध वक्री रहेगा और चौदह जुलाई से 29 जुलाई तक अस्त भी रहेगा | कर्क राशि बुध की अपनी राशि मिथुन से दूसरा भाव तथा कन्या से ग्यारहवाँ भाव है तथा कर्क राशि के लिए बुध द्वादशेश और तृतीयेश हो जाता है | इन्हीं सब तथ्यों के आधार पर आइये जानने का प्रयास करते हैं बुध के कर्क राशि में गोचर के विभिन्न राशियों पर क्या सम्भावित प्रभाव हो सकते हैं…

किन्तु ध्यान रहे, ये समस्त फल सामान्य हैं | व्यक्ति विशेष की कुण्डली का व्यापक अध्ययन करके ही किसी निश्चित परिणाम पर पहुँचा जा सकता है | अतः कुण्डली का विविध सूत्रों के आधार पर व्यापक अध्ययन कराने के लिए किसी Vedic Astrologer के पास ही जाना उचित रहेगा |

मेष : आपका तृतीयेश और षष्ठेश आपके चतुर्थ भाव में गोचर कर रहा है | एक ओर आपकी प्रतियोगी क्षमताओं में वृद्धि की सम्भावना है जिसके कारण आप नवीन प्रोजेक्ट्स प्राप्त करने में समर्थ हो सकते हैं, तो दूसरी ओर पारिवारिक स्तर पर कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है | किन्तु आप अपने बुद्धिबल से सभी समस्याओं का समाधान कर पाने में सक्षम हो सकते हैं | यदि आप किसी नौकरी में है या प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में लगे हैं तो आपके लिए ये गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | किसी कोर्ट केस के माध्यम से प्रॉपर्टी का लाभ भी हो सकता है |

वृषभ : आपका द्वितीयेश और पंचमेश आपकी राशि से तीसरे भाव में गोचर कर रहा है | इस अवधि में आप अपने लक्ष्य के प्रति दृढ संकल्प रहेंगे | आपके भाई बहनों तथा आपकी सन्तान के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | यदि आप नौकरी में हैं, लेखक हैं अथवा मीडिया से सम्बन्ध रखते हैं अथवा दस्तकार हैं तो आपके लिए भाग्यवर्द्धक गोचर प्रतीत होता है |

मिथुन : आपका लग्नेश तथा चतुर्थेश आपके द्वितीय भाव में गोचर कर रहा है | आपकी वाणी प्रभावशाली रहेगी तथा अपने वाक्चातुर्य से आप अपने सभी कार्य समय पर पूर्ण करने में समर्थ हो सकते हैं | आपकी वाणी तथा लेखन प्रतिभा में निखार के साथ ही आपके कार्यों की सराहना भी होगी | परिवार का सहयोग आपको प्राप्त रहेगा | प्रॉपर्टी के व्यवसाय में तथा लेखकों और वक्ताओं को धनलाभ की सम्भावना है |

कर्क : आपके लिए द्वादशेश और तृतीयेश होकर बुध आपकी राशि में ही गोचर कर रहा है | यात्राओं में वृद्धि के संकेत हैं | किन्तु यात्राओं के दौरान स्वास्थ्य की ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है | जीवन साथी के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखने की आवश्यकता है | अकारण ही स्वभाव में चिडचिडापन भी आ सकता है | उससे बचने के लिए ध्यान और प्राणायाम का अभ्यास करें | भाई बहनों का सहयोग आपको प्राप्त होता रह सकता है |

सिंह : आपके लिए द्वितीयेश और एकादशेश होकर बुध का गोचर आपकी राशि से बारहवें भाव में हो रहा है | आपका कार्य यदि कहीं विदेशों से या किसी दूसरे शहर से सम्बन्धित है अथवा मीडिया या किसी प्रकार की हीलिंग विधा से सम्बन्धित है तो आपके लिए आर्थिक लाभ के संकेत हैं | किन्तु ध्यान रहे, धन लाभ के साथ साथ धन के अपव्यय की भी सम्भावनाएँ हैं | बजट बनाकर चलना आपके हित में रहेगा | जिस किसी भी कारण से आपको मानसिक तनाव हो सकता है उस स्थिति से बचने का प्रयास करें |

कन्या : आपका राश्यधिपति तथा दशमेश बुध आपकी राशि से लाभ स्थान में गोचर कर रहा है | बुद्धिजीवियों, मीडियाकर्मियों, डॉक्टर वैद्य, कॉमर्स अथवा मैनेजमेंट के क्षेत्र से सम्बद्ध लोगों के लिए ये गोचर बहुत अनुकूल प्रतीत होता है | सहकर्मियों तथा परिवार के लोगों का सहयोग उपलब्ध रहेगा | किसी घनिष्ठ मित्र के माध्यम से कोई नया प्रोजेक्ट आपको प्राप्त हो सकता है जिसके कारण आप बहुत समय तक व्यस्त रहते हुए अर्थलाभ कर सकते हैं | परिवार में किसी मंगलकार्य – जैसे किसी बच्चे का जन्म अथवा सन्तान का विवाह आदि की भी सम्भावना है |

तुला : आपका द्वादशेश और भाग्येश आपकी राशि से दशम स्थान में गोचर कर रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त शुभफलदायी प्रतीत होता है | कार्य से सम्बन्धित विदेश यात्राओं में वृद्धि के योग हैं | इन यात्राओं से आपके व्यवसाय में भी लाभ हो सकता है | आप तीर्थाटन के लिए भी जा सकते हैं | नौकरी में हैं तो वर्तमान नौकरी छोड़कर किसी दूसरी जगह भी नौकरी कर सकते हैं | आध्यात्मिक और धार्मिक गतिविधियों में वृद्धि के भी संकेत हैं |

वृश्चिक : आपका एकादशेश और अष्टमेश भाग्य स्थान में गोचर कर रहा है | कार्य की दृष्टि से भायावर्द्धक समय प्रतीत होता है | आपको अचानक ही किसी ऐसे स्थान अथवा कार्य से लाभ हो सकता है जिसके विषय में आपने सोचा भी नहीं होगा अथवा जिसकी आशा आप त्याग चुके होंगे | वहीं दूसरी ओर गुप्त शत्रुओं की ओर से भी सावधान रहने की आवश्यकता है | थोड़ा संघर्ष तो करना पड़ेगा, किन्तु अन्त में आपके कार्य में उन्नति के भी संकेत हैं | धार्मिक अथवा आध्यात्मिक गतिविधियों में वृद्धि के भी संकेत हैं |

धनु : आपका सप्तमेश और दशमेश आपकी राशि से अष्टम  भाव में गोचर कर रहा है | आपके कार्य में वृद्धि की सम्भावना है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की भी सम्भावना है | नौकरी के लिए इन्टरव्यू की तैयारी में हैं तो उसमें भी सफलता प्राप्त हो सकती है | किन्तु अपने तथा अपने जीवन साथी के स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है | जीवन साथी के साथ किसी प्रकार के विवाद से बचने के लिए अपने Temperament को नियन्त्रण में रखने की आवश्यकता है | प्राणायाम तथा ध्यान को अपनी दिनचर्या का अंग बना लेंगे तो इससे बच सकते हैं |  किसी कोर्ट केस के अनुकूल दिशा में आगे बढ़ने की सम्भावना है |

मकर : आपका षष्ठेश और भाग्येश आपकी राशि से सप्तम भाव में गोचर कर रहा है | इन्टरव्यू आदि के तैयारी कर रहे हैं तो उसमें सफलता प्राप्त हो सकती है | किन्तु परिश्रम अधिक करना पड़ेगा | शत्रुओं की ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है | जीवन साथी का सहयोग आपको प्राप्त रहेगा | परिवारजनों के साथ किसी प्रकार का विवाद सम्भव है | विवाद कोर्ट तक न पहुँचने पाए इसके लिए अच्छा यही रहेगा कि पिता अथवा परिवार के किसी बुज़ुर्ग व्यक्ति की मध्यस्थता से उस विवाद को आपस में ही सुलझा लें |

कुम्भ : पंचमेश और अष्टमेश का गोचर छठे भाव में हो रहा है | आपके ज्ञान में वृद्धि का समय है | आप उच्च शिक्षा के लिए भी कहीं बाहर प्रस्थान कर सकते हैं | आपकी सन्तान तथा विद्यार्थियों के लिए भी समय आनुकूल प्रतीत होता है | आपकी सन्तान का सहयोग भी आपको प्राप्त रहेगा | कार्य में उन्नति तथा धनप्राप्ति के भी संकेत हैं | पॉलिटिक्स से सम्बद्ध लोहों के लिए ये गोचर अघिक अनुकूल प्रतीत होता है | आप इस अवधि में किसी भी प्रकार के विरोध को समाप्त करने में समर्थ हो सकते हैं |

मीन : चतुर्थेश और सप्तमेश का गोचर आपकी राशि से पंचम भाव में हो रहा है | एक ओर जहाँ परिवार के लोगों का सहयोग प्राप्त होता रहने की सम्भावना है वहीं दूसरी ओर सन्तान की ओर से भी कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है | जीवन साथी के साथ भी सम्बन्ध मधुर बने रह सकते हैं | विद्यार्थियों तथा इन्टरव्यू की तैयारी कर रहे लोगों के लिए गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | लेखकों तथा बुद्धिजीवियों को अपने कार्य के लिए कोई पुरूस्कार अथवा सम्मान भी प्राप्त हो सकता है |

अन्त में, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं – यह एक ऐसी खगोलीय घटना है जिसका प्रभाव मानव सहित समस्त प्रकृति पर पड़ता है | वास्तव में सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

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बुध का मिथुन में गोचर

बुध का मिथुन में गोचर

कल शनिवार रविवार यानी ज्येष्ठ कृष्ण चतुर्दशी अर्थात 1 जून को 24:17 (मध्यरात्रि में 12:17) के लगभग विष्टि करण और अतिगण्ड योग में बुध अपने मित्र शुक्र की वृषभ राशि से निकल कर अपनी स्वयं की राशि मिथुन में प्रविष्ट होगा | मिथुन राशि में प्रवेश के समय बुध मृगशिरा नक्षत्र में होगा तथा कुछ समय के लिए अस्त भी होगा, किन्तु दो जून को रात्रि नौ बजकर एक मिनट के लगभग बुधोदय हो जाएगा | यहाँ भ्रमण करते हुए पाँच जून को आर्द्रा नक्षत्र और तेरह जून को पुनर्वसु नक्षत्र पर भ्रमण करते हुए अन्त में इक्कीस जून को 26:27 (अर्धरात्र्योत्तर 2:27) के लगभग बुध कर्क राशि में प्रस्थान कर जाएगा | जैसा कि ऊपर लिखा, मिथुन बुध की स्वराशि है तथा बुध की उच्च राशि और मूल त्रिकोण राशि कन्या से मिथुन राशि दशम भाव यानी कर्म स्थान बनता है | ध्यान देने योग्य बात यह है कि मंगल और राहु यहाँ पहले से गोचर कर रहे हैं | बुध की अपनी राशि मिथुन से मंगल षष्ठेश और एकादशेश है तथा बुध की उच्च राशि कन्या से मंगल तृतीयेश और अष्टमेश है | इन समस्त तथ्यों के आधार पर आइये जानने का प्रयास करते हैं कि बुध के मिथुन राशि में गोचर के विभिन्न राशियों पर क्या सम्भावित प्रभाव हो सकते हैं…

किन्तु ध्यान रहे, ये परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु किसी योग्य Astrologer द्वारा उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन कराया जाना आवश्यक है |

मेष – आपके लिए तृतीयेश और षष्ठेश होकर बुध का गोचर आपके तृतीय भाव में अपनी ही राशि में हो रहा है | आपके लिए पहले से कहीं अधिक Competitive हो सकते हैं तथा आपकी निर्णायक क्षमता और उत्साह में वृद्धि की भी सम्भावना है जिसके कारण आप अपने कार्य समय पर पूर्ण करने में समर्थ हो सकते हैं | किन्तु साथ ही ऐसे मित्रों को पहचान कर उनसे दूरी बनाने की भी आवश्यकता है जो आपसे ईर्ष्या रखते हैं | सम्भावना कुछ ऐसी भी प्रतीत होती है कि आवश्यकता होने पर भाई बहनों का सहयोग प्राप्त हो सकता है | यद्यपि कुछ विवाद भी सम्भव है, किन्तु अन्त में परिणाम आपके पक्ष में ही होगा | स्वास्थ्य की ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है |

वृषभ – आपका द्वितीयेश और पंचमेश होकर बुध का गोचर आपके दूसरे भाव में ही हो रहा है | आर्थिक दृष्टि से अनुकूलता होने के साथ ही आपकी वक्तव्यता तथा आपके लेखन में निखार इस अवधि में आ सकता है जिसके कारण आपसे लोग प्रभावित भी होंगे | आपके व्यवहार में उदारता, कोमलता एवं सौम्यता दिखाई देगी जिसका प्रभाव आपके व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन पर निश्चित ही पड़ेगा | आपकी सन्तान के लिए भी समय अनुकूल प्रतीत होता है | ड्राइविंग के समय सावधान रहने की आवश्यकता है |

मिथुन – आपके लिए बुध योगकारक होकर अपनी ही राशि में लग्न में गोचर कर रहा है | परिवार में मंगलकार्यों का आयोजन हो सकता है | परिवार में परस्पर सौहार्द का वातावरण रहेगा और समय आमोद प्रमोद में व्यतीत होगा | सामाजिक गतिविधियों में भी वृद्धि की भी सम्भावना है | परिवारजनों का सहयोग आपको अपने कार्य में उपलब्ध होता रहेगा | साथ ही आप अपने लिए कोई नई प्रॉपर्टी भी इस अवधि में खरीद सकते हैं अथवा खरीदने की योजना बना सकते हैं | स्वास्थ्य की ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है |

कर्क – कर्क राशि के लिए तृतीयेश और द्वादशेश होकर बुध का गोचर आपके बारहवें भाव में ही हो रहा है | भाई बहनों का सहयोग भी अपने कार्य में आपको प्राप्त रहने की सम्भावना है | कार्य के सिलसिले में आपको तथा आपके भाई बहनों को दूर पास की यात्राएँ भी करनी पड़ सकती हैं, किन्तु इन यात्राओं के दौरान आपको अपने तथा अपने भाई बहनों के स्वास्थ्य का ध्यान रखना होगा | साथ ही आप अपने कार्य में पैसा भी Invest कर सकते हैं, जिसका लाभ आपको भविष्य में अपने कार्य में प्राप्त हो सकता है |

सिंह – आपके लिए बुध द्वितीयेश और एकादशेश होकर आपके एकादश में ही गोचर कर रहा है | आपके लिए विशेष रूप से भाग्योदय का समय प्रतीत होता है | व्यवसाय में प्रगति, नौकरी में पदोन्नति तथा अर्थ और यश प्राप्ति के संकेत हैं | साथ ही यदि आप कोई नया कार्य आरम्भ करना चाहते हैं तो उसके लिए भी अनुकूल समय प्रतीत होता है | बड़े भाई तथा पिता का सहयोग आपको प्राप्त रह सकता है | आप परिवार के साथ कहीं यात्रा आदि के लिए भी जा सकते हैं |

कन्या – आपके लिए आपका लग्नेश तथा दशमेश होकर बुध योगकारक ग्रह है तथा दशम स्थान में गोचर कर रहा है | आपके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन के योग हैं | समाज में आपका मान-सम्मान तथा प्रभाव में वृद्धि की सम्भावना है | साथ ही कार्य की दृष्टि से भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आपको नवीन प्रोजेक्ट्स प्राप्त होते रह सकते हैं और आप लम्बे समय तक उनमें व्यस्त रह सकते हैं तथा उनके माध्यम से धनलाभ कर सकते हैं | किन्तु यदि आपने अपने कण और आँख खुले नहीं रखे तो आपका कोई घनिष्ठ मित्र अथवा भाई ही आपके कार्य में विघ्न का कारण बन सकता है |

तुला – आपके लिए बुध भाग्येश तथा द्वादशेश भाग्य स्थान में ही गोचर कर रहा है | लम्बी विदेश यात्राओं के संकेत प्रतीत होते हैं | साथ ही यदि आपका कार्य किसी रूप में विदेशों से सम्बन्धित है तो उसमें उन्नति की भी सम्भावनाएँ हैं | इसके अतिरिक्त धर्म तथा आध्यात्मिकता की ओर आपकी रूचि बढ़ सकती है | आप किसी धार्मिक संस्था अथवा अस्पताल आदि के लिए धन दान भी करने की योजना बना सकते हैं | किन्तु पोंगा पण्डितों को पहचान कर उनसे बचने की आवश्यकता है अन्यथा बहुत सा धन अनावश्यक ही खर्च हो सकता है |

वृश्चिक – आपके लिए बुध अष्टमेश और एकादशेश है तथा आपके अष्टम भाव में गोचर कर रहा है | कहीं से आकस्मिक लाभ की सम्भावना है | व्यावसायिक रूप से भी अप्रत्याशित सफलता की सम्भावना है | किसी सीनियर के रिटायर होने के कारण आपको उस स्थान पर पदोन्नत भी किया जा सकता है | किन्तु बॉस के साथ पंगा आपके हित में नहीं रहेगा | साथ ही आपके स्वभाव में नकारात्मकता आपके व्यक्तिगत तथा व्यावसायिक जीवन पर विपरीत प्रभाव डाल सकती है | साथ ही स्वास्थ्य का ध्यान रखने की भी आवश्यकता है |

धनु – आपके लिए सप्तमेश और दशमेश होकर बुध योगकारक हो जाता है तथा आपकी राशि से सप्तम भाव में गोचर कर रहा है | आप तथा आपके जीवन साथी के लिए व्यावसायिक दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | पार्टनरशिप में कोई कार्य कर रहे हैं तो उसमें भी उन्नति की सम्भावना है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की भी सम्भावना है | लेखकों तथा बुद्धिजीवियों और मीडियाकर्मियों के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | अविवाहित हैं तो जीवन साथी की खोज भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है | आपकी सन्तान की ओर से कोई शुभ समाचार भी आपको प्राप्त हो सकता है |

मकर – बुध आपका षष्ठेश और भाग्येश है तथा आपकी राशि से छठे भाव में गोचर कर रहा है | यदि कोई कोर्ट केस चल रहा है तो उसमें अनुकूल परिणाम की सम्भावना की जा सकती है | साथ ही बहुत समय से चली आ रही जोड़ों और माँसपेशियों में दर्द के इलाज़ का भी पता इस अवधि में लग सकता है | प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे लोगों के लिए समय अनुकूल फल देने वाला प्रतीत होता है किन्तु उन्हें परिश्रम अधिक करना पड़ेगा | कार्यस्थल पर सहकर्मियों का सहयोग आपको उपलब्ध रहेगा, किन्तु पारिवारिक क्लेश के कारण मानसिक तनाव सम्भव है |

कुम्भ –  आपका पंचमेश और अष्टमेश होकर बुध आपकी राशि से पंचम भाव में गोचर कर रहा है | किसी प्रकार की अप्रत्याशित घटना की सम्भावना की जा सकती है | कार्यस्थल पर वातावरण अनुकूल बना रह सकता है | आपकी सन्तान तथा विद्यार्थियों के लिए यह गोचर विशेष रूप से अनुकूल प्रतीत होता है | किन्तु इसके साथ ही सन्तान के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखने की आवश्यकता है | साथ ही सन्तान के साथ किसी प्रकार की बहस से बचने का भी प्रयास आवश्यक है |

मीन – आपके लिए चतुर्थेश और सप्तमेश होकर बुध आपका योगकारक बन जाता है तथा आपके चतुर्थ भाव में ही गोचर कर रहा है | आपके तथा आपके जीवन साथी के लिए यह गोचर भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आप कोई नया घर खरीदने की योजना बना सकते हैं | आपको अपने परिवारजनों का तथा मित्रों का सहयोग प्राप्त होता रहेगा तथा परिवार में सौहार्द का वातावरण रहने की सम्भावना है, किन्तु आपको अपनी वाणी और Temperament को संयम में रखने की आवश्यकता है | परिवार में माँगलिक कार्यों की भी सम्भावना प्रतीत होती है |

अन्त में जैसा सदा लिखते हैं, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं – यह एक ऐसी खगोलीय घटना है जिसका प्रभाव मानव सहित समस्त प्रकृति पर पड़ता है | वास्तव में सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

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बुध का वृषभ में गोचर

बुध का वृषभ में गोचर

शनिवार 18 मई यानी वैशाख शुक्ल पूर्णिमा को रात्रि 11:35 के लगभग बव करण और परिघ योग में बुध मेष राशि से वृषभ राशि में प्रस्थान कर जाएगा | कल ही भगवान बुद्ध का जन्म दिवस बुद्ध पूर्णिमा भी है | साथ ही कल यानी बुद्ध पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएँ 1वैशाख शुक्ल पूर्णिमा को ही महात्मा बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई और इसी तिथि को बुद्ध का महानिर्वाण भी हुआ | इस कारण बौद्धधर्म के अनुनायियों के लिए बुद्ध पूर्णिमा का विशेष महत्त्व है | इस वर्ष बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर देवगुरु बृहस्पति और आत्मा के कारक सूर्य का परस्पर सम-सप्तक योग भी बन रहा है, जो ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यन्त शुभ माना जाता है | तो सर्वप्रथम सभी को बुद्ध पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएँ, इस आशा और विश्वास के साथ कि हम सभी बुद्ध के आदर्शों को अपने जीवन दर्शन में आत्मसात करने का प्रयास करें…

बुध इस समय कृत्तिका नक्षत्र पर है तथा अस्त है | यहाँ से 23 मई को बुध रोहिणी नक्षत्र और 29 मई को मृगशिरा नक्षत्र पर भ्रमण करता हुआ पहली जून को 24:17 (एक और दो जून की मध्यरात्रि में बारह बजकर सत्रह मिनट) के लगभग मिथुन राशि में प्रस्थान कर जाएगा | इस पूरी अवधि में बुध अस्त ही रहेगा | दो जून को मिथुन में पहुँचने के बाद रात्रि नौ बजे के लगभग बुधोदय होगा | अपनी स्वयं की एक राशि मिथुन से वृषभ राशि बारहवाँ भाव है तथा बुध की अपनी दूसरी राशि – जो कि बुध की उच्च तथा मूल त्रिकोण राशि भी है – से वृषभ राशि नवम भाव है | अतः सामान्य रूप से कह सकते हैं कि कन्या राशि के जातकों के लिए यह गोचर विशेष रूप से अनुकूल रह सकता है | इन्हीं सब तथ्यों के आधार पर आइये जानने का प्रयास करते हैं कि बुध के मकर राशि में गोचर के विभिन्न राशियों पर क्या सम्भावित प्रभाव हो सकते हैं…

किन्तु ध्यान रहे, ये परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु किसी योग्य और अनुभवी Astrologer के द्वारा उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है |

मेष : आपके लिए तृतीयेश और षष्ठेश होकर बुध का गोचर आपके द्वितीय भाव में हो रहा है | आपकी सम्वाद शैली इस अवधि में प्रभावशाली रहेगी, किन्तु थोड़ा Diplomatic होने की आवश्यकता है | सत्य बोलें, किन्तु कड़वा न बोलें | कार्य की दृष्टि से तथा आर्थिक दृष्टि से आपके लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | जो कार्य रुका हुआ था वह पुनः आगे बढ़ सकता है और उसके कारण आर्थिक स्थिति में भी दृढ़ता आएगी | भाई बहनों के साथ कुछ विवाद सम्भव है, किन्तु अपने बुद्धिबल से आप उस विवाद का स्वयं ही समाधान भी करने में सक्षम हो सकते हैं | किसी कोर्ट केस का परिणाम आपके पक्ष में आ सकता है |

वृषभ : आपका द्वितीयेश और पंचमेश होकर बुध का गोचर आपकी राशि में ही हो रहा है | आपके व्यवहार में उदारता, कोमलता एवं सौम्यता दिखाई देगी जिसका प्रभाव आपके व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन पर निश्चित ही पड़ेगा | आपकी सम्वाद तथा लेखन शैली इस अवधि में प्रभावशाली रहेगी तथा इसके कारण आपको अर्थलाभ की भी सम्भावना है | अविवाहित हैं तो इस अवद्धि में जीवन साथी की खोज भी पूरी हो सकती है, किन्तु विवाह में अभी समय लग सकता है | सन्तान के लिए समय अनुकूल प्रतीत होता है |

मिथुन : आपके लिए बुध लग्नेश और चतुर्थेश होकर योगकारक है तथा आपकी राशि से बारहवें भाव में गोचर कर रहा है | एक ओर जहाँ आपके अपने लिए और परिवार के लिए स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याएँ हो सकती हैं वहीं दूसरी ओर इस अवधि में आप विदेश यात्रा के लिए भी जा सकते हैं अथवा अपना निवास बदलने की योजना बना सकते हैं | किसी कारणवश मानसिक तनाव हो सकता है | योग और प्राणायाम को अपनी दिनचर्या का अंग बना लेंगे तो इस समस्या से बच सकते हैं |

कर्क : कर्क राशि के लिए तृतीयेश और द्वादशेश होकर बुध का गोचर आपके लाभ स्थान में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त अनुकूल प्रतीत होता है | यदि आपका व्यवसाय किसी रूप में विदेश से सम्बद्ध है तब तो आपके लिए विशेष रूप से लाभ की सम्भावना है | भाई बहनों का सहयोग भी अपने कार्य में आपको प्राप्त रहने की सम्भावना है | मित्रों के साथ आमोद प्रमोद में भी समय व्यतीत हो सकता है | कार्य के सिलसिले में आपको दूर पास की यात्राएँ भी करनी पड़ सकती हैं, किन्तु इन यात्राओं के दौरान आपको अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना होगा |

सिंह : आपके लिए बुध द्वितीयेश और एकादशेश होकर आपके दशम भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए विशेष रूप से भाग्योदय का समय प्रतीत होता है | व्यवसाय में प्रगति, नौकरी में पदोन्नति तथा अर्थ और यश प्राप्ति के संकेत हैं | साथ ही यदि आप कोई नया कार्य आरम्भ करना चाहते हैं तो उसके लिए भी अनुकूल समय प्रतीत होता है | धार्मिक तथा आध्यात्मिक गतिविधियों में आपकी रूचि बढ़ सकती है | अपनी आकाँक्षाओं की पूर्ति में आपको अपने पिता का सहयोग भी प्राप्त होता रहेगा |

कन्या : आपके लिए आपका लग्नेश तथा दशमेश होकर बुध योगकारक ग्रह है तथा भाग्य स्थान में गोचर कर रहा है | आपके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन के योग हैं | समाज में आपका मान-सम्मान तथा प्रभाव में वृद्धि की सम्भावना है | साथ ही कार्य की दृष्टि से भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | नौकरी में हैं तो आप वर्तमान नौकरी छोडकर कोई अन्य नौकरी भी कर सकते हैं | अपना स्वयं का व्यवसाय है तो कार्य के सिलसिले में लम्बी विदेश यात्राओं के भी योग बन रहे हैं जहाँ आप बहुत समय तक व्यस्त रह सकते हैं |

तुला : आपके लिए बुध भाग्येश तथा द्वादशेश है तथा आपके अष्टम भाव में गोचर कर रहा है | अचानक ही धन हानि की सम्भावना है | या हो सकता है कि आप कोई रहस्य जानने के प्रयास में अपने व्यक्तिगत अथवा व्यावसायिक जीवन को स्वयं ही कोई हानि पहुँचा लें | अतः सावधान रहने की आवश्यकता है | रहस्य को रहस्य ही रहने दें | विदेश यात्राओं के योग हैं किन्तु ये यात्राएँ सम्भव है आशा के अनुकूल न सिद्ध हों, अतः इन्हें कुछ समय के लिए स्थगित करना ही हित में रहेगा | स्वास्थ्य के प्रति भी सावधान रहने की आवश्यकता है |

वृश्चिक : आपके लिए बुध अष्टमेश और एकादशेश है तथा आपके सप्तम भाव में गोचर कर रहा है | यदि पार्टनरशिप में कोई कार्य कर रहे हैं तो लाभ की सम्भावना है | किन्तु आपके स्वभाव में नकारात्मकता आपके व्यक्तिगत तथा व्यावसायिक जीवन पर विपरीत प्रभाव डाल सकती है | साथ ही किसी ग़लतफ़हमी के कारण जीवन साथी के साथ सम्बन्धों में भी तनाव उत्पन्न हो सकता है | अच्छा यही रहेगा कि कार्य से अवकाश लेकर कुछ समय के लिए कहीं भ्रमण के लिए चले जाएँ | स्वास्थ्य का ध्यान रखने की भी आवश्यकता है |

धनु : आपके लिए सप्तमेश और दशमेश होकर बुध योगकारक हो जाता है तथा आपकी राशि से छठे भाव में गोचर कर रहा है | अपने जीवन साथी के स्वास्थ्य का विशेष रूप से ध्यान रखने की आवश्यकता है | साथ ही जीवन साथी के साथ किसी प्रकार का तनाव भी इस अवधि में सम्भव है | कार्य क्षेत्र में आपका प्रदर्शन अच्छा रहेगा जिसके फलस्वरूप नौकरी में पदोन्नति अथवा अपना व्यवसाय है तो उसमें भी प्रगति की सम्भावना है | सामाजिक गतिविधियों में वृद्धि के साथ ही मान सम्मान में भी वृद्धि की सम्भावना है | किसी कोर्ट केस का परिणाम आपके पक्ष में आ सकता है |

मकर : बुध आपका षष्ठेश और भाग्येश है तथा आपकी राशि से पञ्चम भाव में गोचर कर रहा है | उत्साह तथा आत्मविश्वास में वृद्धि के संकेत हैं | आप जो भी निर्णय इस अवधि में लेंगे सोच विचार कर ही लेंगे जिसके कारण आपके कार्य भी समय पर पूर्ण होने की सम्भावना है | आप उच्च शिक्षा के लिए अथवा कोई नया कोर्स करने के लिए किसी अन्य स्थान पर जा सकते हैं | आपकी सन्तान के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | प्रेम सम्बन्धों में भी सुधार की सम्भावना है | धार्मिक कार्यों में भी आपकी रूचि बढ़ सकती है |

कुम्भ :  आपका पंचमेश और अष्टमेश होकर बुध आपकी राशि से चतुर्थ भाव में गोचर कर रहा है | आपको अचानक ही किसी ऐसे स्थान से लाभ हो सकता है अथवा नौकरी का निमन्त्रण प्राप्त हो सकता है जहाँ के विषय में आप आशा छोड़ चुके होंगे | किन्तु परिवार में किसी प्रकार का विवाद भी सम्भव है | साथ ही आपको अपनी माता जी तथा सन्तान के स्वास्थ्य का ध्यान रखने की भी आवश्यकता है | स्वयं भी ड्राइविंग में सावधान रहने की आवश्यकता है | प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी जो लोग कर रहे हैं उन्हें कठिन परिश्रम की आवश्यकता है |

मीन : आपके लिए चतुर्थेश और सप्तमेश होकर बुध आपका योगकारक बन जाता है तथा आपके तृतीय भाव में गोचर कर रहा है | एक ओर जहाँ आपके छोटे भाई बहनों के लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है वहीं दूसरी ओर आपके जीवन साथी के लिए भी यह गोचर भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आप स्वयं भी कोई नया घर खरीदने की योजना बना सकते हैं | आपको अपने परिवारजनों का तथा मित्रों का सहयोग प्राप्त होता रहेगा |

अन्त में, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं – यह एक ऐसी खगोलीय घटना है जिसका प्रभाव मानव सहित समस्त प्रकृति पर पड़ता है | वास्तव में सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें इसी कामना के साथ एक बार पुनः सबको बुद्ध पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएँ…

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