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बुध का मकर में गोचर

रविवार 20 जनवरी को रात्रि नौ बजकर सात मिनट के लगभग पौष शुक्ल पूर्णिमा को विष्टि करण और विषकुम्भ योग में बुध का गोचर मकर राशि में हो चुका है | बुध इस समय उत्तराषाढ़ नक्षत्र पर है तथा अस्त है | यहाँ से 26 जनवरी को बुध श्रवण नक्षत्र और तीन फरवरी को धनिष्ठा नक्षत्र पर भ्रमण करता हुआ सात फरवरी को प्रातः दस बजकर ग्यारह मिनट पर कुम्भ राशि में प्रस्थान कर जाएगा | इस पूरी अवधि में बुध अस्त ही रहेगा | आइये जानने का प्रयास करते हैं कि बुध के मकर राशि में गोचर के विभिन्न राशियों पर क्या सम्भावित प्रभाव हो सकते हैं…

मेष : आपका तृतीयेश और षष्ठेश का गोचर आपके कर्म स्थान में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर मिश्रित फल देने वाला प्रतीत होता है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की भी सम्भावना है | उत्साह में वृद्धि का समय भी प्रतीत होता है | किन्तु परिवार के लोगों विशेषकर छोटे भाई बहनों के साथ किसी प्रकार का विवाद भी सम्भव है | अच्छा रहेगा यदि अपने पिता अथवा परिवार के अन्य किसी बुज़ुर्ग की मध्यस्थता से इस विवाद को आपस में ही सुलझा लें | पॉलिटिक्स से सम्बद्ध लोगों के लिए यह गोचर विशेष रूप से अनुकूल प्रतीत होता है | माँसपेशियों तथा जोड़ों में दर्द की समस्या हो सकती है अतः योग का अभ्यास नियमित रूप से करने की आवश्यकता है |

वृषभ : आपका द्वितीयेश और पंचमेश आपकी राशि से नवम भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए विशेष रूप से भाग्यवर्द्धक समय प्रतीत होता है | आपकी निर्णायक क्षमता में वृद्धि के साथ ही कार्य में प्रगति की तथा आर्थिक स्थिति में दृढ़ता की सम्भावना भी है | आप इस अवधि में तीर्थयात्रा आदि का कार्यक्रम भी बना सकते हैं | परिवार के लोगों का सहयोग आपको प्राप्त रहेगा | उच्च शिक्षा के लिए भी प्रयास कर सकते हैं | आपकी सन्तान के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | सन्तान यदि नौकरी की तलाश में है तो उसके मन के अनुकूल कोई नौकरी भी उसे प्राप्त हो सकती है |

मिथुन : आपका लग्नेश तथा चतुर्थेश आपकी राशि से अष्टम भाव में गोचर कर रहा है | एक ओर जहाँ आपके लिए एक और उत्साह में वृद्धि के योग हैं, आपकी निर्णायक और प्रतियोगी क्षमताओं में वृद्धि के योग प्रतीत होते हैं, वहीं पारिवारिक स्तर पर कुछ समस्याओं अथवा विवादों का सामना भी इस अवधि में करना पड़ सकता है – विशेष रूप से सन्तान के साथ व्यर्थ के विवाद से बचने की आवश्यकता है, अन्यथा इसका विपरीत प्रभाव आपके स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है | स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है | आपकी सन्तान और जीवन साथी के लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है |

कर्क : आपके लिए द्वादशेश और तृतीयेश होकर बुध आपकी राशि से सप्तम भाव में गोचर कर रहा है | परिवार में प्रेम और सौहार्द का तथा आनन्द का वातावरण विद्यमान रहने की सम्भावना है | यदि अविवाहित हैं तो इस अवद्धि में कहीं आपका विवाह सम्बन्ध भी निश्चित हो सकता है | विवाहित हैं तो जीवन साथी के साथ सम्बन्धों में माधुर्य बना रह सकता है | आप अपने लिए नया घर खरीदने की योजना भी बना सकते हैं | परिवार में किसी नवीन सदस्य के आगमन के कारण परिवार में उत्साह तथा मंगलकार्यों का वातावरण बना रह सकता है जिसके कारण बहुत से सम्बन्धियों और मित्रों के साथ मिलना हो सकता है | आपके लिए भी यात्राओं में वृद्धि की सम्भावना है |

सिंह : आपके लिए द्वितीयेश और एकादशेश होकर बुध का गोचर आपकी राशि से छठे भाव में हो रहा है | इस अवधि में आपकी वाणी प्रभावशाली बनी रहेगी और आपकी निर्णायक क्षमता स्पष्ट बनी रहेगी जिसका लाभ आपको अपने कार्यक्षेत्र में प्राप्त हो सकता है | आप अपने लक्ष्य के प्रति दृढ संकल्प रहेंगे | किन्तु साथ ही आपकी पेमेण्ट कहीं रुक सकती है, जिसके लिए आपको अधिकारी वर्ग के साथ कुछ विवाद भी करना पड़ सकता है | किन्तु कुछ देर से ही सही, आपकी पेमेण्ट आपको प्राप्त अवश्य हो जाएगी | साथ ही अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की भी आवश्यकता है | सरदर्द, जोड़ों तथा माँसपेशियों में दर्द की समस्या हो सकती है | डॉक्टर के बताए विटामिन्स आदि समय पर लेते रहेंगे और व्यायाम को अपनी दिनचर्या का अंग बना लेंगे तो बहुत सी समस्याओं से बचे रह सकते हैं |

कन्या : आपका राश्यधिपति तथा दशमेश बुध का गोचर आपकी राशि से पंचम भाव में हो रहा है | आपके लिए कार्य की दृष्टि से तथा आर्थिक दृष्टि से यह गोचर अत्यन्त अनुकूल प्रतीत होता है | आप इस अवधि में अपने कार्य से सम्बन्धित किसी प्रकार का Short Term Advance Course भी कर सकते हैं | इसके अतिरिक्त अपनी सन्तान को भी किसी कोर्स के लिए भेज सकते हैं | साथ ही यदि आप लेखक अथवा वक्ता हैं तो आपको सिमेनार्स आदि में अपना शोध पत्र प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त हो सकता है | आपके रुके हुए कार्य इस अवधि में पूर्ण होकर आपको उनका अनुकूल पारिश्रमिक भी इस अवधि में प्राप्त होने की सम्भावना है |

तुला : आपका द्वादशेश और भाग्येश आपके चतुर्थ भाव में हो रहा है | आपको अपने कार्य में अपने पिता का सहयोग निरन्तर प्राप्त रहेगा | आपके कार्य में तथा आर्थिक स्थिति में लाभ और वृद्द्धि की सम्भावना इस अवधि में की जा सकती है | कार्य से सम्बन्धित व्यस्तताओं के कारण सम्भव है आप परिवार पर अधिक ध्यान न दे पाएँ | किन्तु आपके लिए इस समय अपने कार्य पर एकाग्रचित्त रहने का समय है जिसका भविष्य में भी आपको लाभ हो सकता है | आपके प्रभावशाली व्यक्तित्व का लाभ आपको अपने कार्य में मिलने की सम्भावना है | कार्य से सम्बन्धित विदेश यात्राओं में भी वृद्धि की सम्भावना है | परिवार में किसी प्रकार के तनाव की सम्भावना है |

वृश्चिक : आपका एकादशेश और अष्टमेश आपकी राशि से तीसरे भाव में गोचर रहा है | आपके लिए कार्य की दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आप कोई नया कार्य भी इस अवधि में आरम्भ कर सकते हैं | साथ ही आप अपने छोटे भाई बहनों की भी किसी प्रकार की सहायता कर सकते हैं | आपका कार्य यदि किसी प्रकार विदेश से सम्बन्ध रखता है तो आपके लिए कार्य से सम्बन्धित विदेश यात्राओं में वृद्धि के भी योग हैं | किसी ऐसे स्थान से भी कार्य और अर्थ का लाभ हो सकता है जहाँ के विषय में आपने कल्पना भी नहीं की होगी | किन्तु इन यात्राओं के दौरान आपको अपने Important Documents को सम्भाल कर रखने की आवश्यकता होगी | आपके भाई बहनों के लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | धार्मिक गतिविधियों में वृद्धि की सम्भावना है |

धनु : आपका सप्तमेश और दशमेश दूसरे भाव में गोचर कर रहा है | आपके तथा आपके जीवन साथी के लिए कार्य की दृष्टि से यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्धक प्रतीत होता है | आप यदि मीडिया या किसी प्रकार की Alternative Therapy से सम्बन्ध रखते हैं, प्रॉपर्टी से सम्बन्धित किसी व्यवसाय से सम्बन्ध रखते हैं अथवा लेखन के क्षेत्र में हैं या वक्ता हैं तो आपके लिए आर्थिक लाभ तथा पुरूस्कार आदि प्राप्त होने के संकेत हैं | आपके कार्यों की सराहना होगी और आपकी योजनाओं को क्रियान्वित भी किया जा सकता है | नौकरी में पदोन्नति के भी संकेत हैं | राजनीति से जुड़े लोगों के लिए भी यह गोचर भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है |

मकर : आपका षष्ठेश और भाग्येश आपकी लग्न में ही गोचर कर रहा है | आपका अपना व्यवसाय है तो उसमें उन्नति के संकेत हैं | कोई नया कार्य भी इस अवधि में आरम्भ कर सकते हैं | पार्टनरशिप में कार्य आरम्भ करने के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | नौकरी में हैं तो उसमें भी पदोन्नति की सम्भावना की जा सकती है | नौकरी की तलाश में हैं तो वह भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है | सामाजिक गतिविधियों में वृद्धि की भी सम्भावना है | लोग आपके कार्यों की प्रशंसा करेंगे और अपने कार्य के लिए आपको किसी प्रकार का पुरूस्कार और सम्मान आदि भी प्राप्त हो सकता है | आपके जीवन साथी के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है |

कुम्भ : आपकी राशि से पंचमेश और अष्टमेश का गोचर आपकी राशि से बारहवें भाव में हो रहा है | कार्य के सिलसिले में अथवा उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए विदेश जा सकते हैं | किन्तु सम्भव है ये यात्राएँ आपके लिए मनोनुकूल न रहे | नौकरी में हैं तो किसी अधिकारी के रिटायर होने के कारण आपकी उसके स्थान पर पदोन्नति के साथ ही किसी दूर के शहर में आपका ट्रांसफर भी हो सकता है | किसी मित्र को पैसा उधार देना इस अवधि में उचित नहीं रहेगा | साथ ही आपके स्वयं के स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं पर पैसा भी खर्च हो सकता है | अचानक ही किसी ऐसे स्थान पर जाने का कार्यक्रम बन सकता है जहाँ आप बहुत पहले जाना चाहते थे किन्तु जा नहीं पा रहे थे |

मीन : आपकी राशि से चतुर्थेश और सप्तमेश का गोचर आपके एकादश भाव में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त अनुकूल प्रतीत होता है | आपके कार्य तथा आय में वृद्धि की सम्भावना है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की भी सम्भावना है | पॉलिटिक्स में यदि आप हैं तो आपके लिए विशेष रूप से यह गोचर भाग्यवर्द्धक सिद्ध हो सकता है | आप इस अवधि में कोई नया घर भी खरीद सकते हैं | दाम्पत्य जीवन में माधुर्य बना रहने की सम्भावना है | वंश वृद्धि का विचार भी आप इस अवधि में कर सकते हैं |

किन्तु अन्त में, उपरोक्त परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है |

साथ ही, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं | सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2019/01/24/mercury-transit-in-capricorn/

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बुध का धनु में गोचर

नव वर्ष 2019 के प्रथम दिवस अर्थात एक जनवरी को पौष कृष्ण एकादशी को बव करण, धृति योग और विशाखा नक्षत्र में 09:50 के लगभग बुध का प्रवेश सूर्य और शनि के साथ गुरु की धनु राशि और मूल नक्षत्र में हो जाएगा | सर्वप्रथम सभी को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ… धनु राशि में बुध का गोचर सभी के लिए भाग्यवर्द्धक रहे…

धनु राशि में बुध बीस जनवरी को रात्रि नौ बजकर छह मिनट तक भ्रमण करने के पश्चात शनि की मकर राशि में प्रविष्ट हो जाएगा | धनु राशि पर भ्रमण करते हुए 10 जनवरी को पूर्वाषाढ़ और 18 जनवरी को उत्तराषाढ़ नक्षत्र में प्रविष्ट हो जाएगा | इस बीच 6 जनवरी से बुध अस्त भी रहेगा | आइये जानने का प्रयास करते हैं कि बुध के धनु राशि में गोचर के विभिन्न राशियों पर क्या सम्भावित प्रभाव हो सकते हैं…

मेष : आपका तृतीयेश और षष्ठेश का गोचर आपके भाग्य स्थान में हो रहा है | आपके नौकरी में हैं तो पदोन्नति की भी सम्भावना है | उत्साह में वृद्धि का समय भी प्रतीत होता है | आप इस अवधि में कोई नया घर भी खरीद सकते हैं | किन्तु परिवार के लोगों के साथ किसी प्रकार का विवाद भी सम्भव है | अच्छा रहेगा यदि अपने पिता अथवा परिवार के अन्य किसी बुज़ुर्ग की मध्यस्थता से इस विवाद को आपस में ही सुलझा लें | दाम्पत्य जीवन में माधुर्य बना रहने की सम्भावना है | पॉलिटिक्स से सम्बद्ध लोगों के लिए यह गोचर विशेष रूप से अनुकूल प्रतीत होता है | धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में वृद्धि की सम्भावना है |

वृषभ : आपका द्वितीयेश और पंचमेश आपकी राशि से अष्टम भाव में गोचर कर रहा है | एक ओर जहाँ आपके लिए एक और उत्साह में वृद्धि के योग हैं, आपकी निर्णायक और प्रतियोगी क्षमताओं में वृद्धि के योग प्रतीत होते हैं, वहीं पारिवारिक स्तर पर कुछ समस्याओं अथवा विवादों का सामना भी इस अवधि में करना पड़ सकता है – विशेष रूप से सन्तान के साथ व्यर्थ के विवाद से बचने की आवश्यकता है, अन्यथा इसका विपरीत प्रभाव आपके स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है | स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है | आपकी सन्तान और जीवन साथी के लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है |

मिथुन : आपका लग्नेश तथा चतुर्थेश आपकी राशि से सप्तम भाव में गोचर कर रहा है | परिवार में प्रेम और सौहार्द का तथा आनन्द का वातावरण विद्यमान रहने की सम्भावना है | यदि अविवाहित हैं तो इस अवद्धि में कहीं आपका विवाह सम्बन्ध भी निश्चित हो सकता है | विवाहित हैं तो जीवन साथी के साथ सम्बन्धों में माधुर्य बना रह सकता है | आप अपने लिए नया घर खरीदने की योजना भी बना सकते हैं | परिवार में किसी नवीन सदस्य के आगमन के कारण परिवार में उत्साह तथा मंगलकार्यों का वातावरण बना रह सकता है जिसके कारण बहुत से सम्बन्धियों और मित्रों के साथ मिलना हो सकता है |

कर्क : आपके लिए द्वादशेश और तृतीयेश होकर बुध आपकी राशि से छठे भाव में गोचर कर रहा है | इस अवधि में आपकी वाणी प्रभावशाली बनी रहेगी और आपकी निर्णायक क्षमता स्पष्ट बनी रहेगी जिसका लाभ आपको अपने कार्यक्षेत्र में प्राप्त हो सकता है | आर्थिक दृष्टि से तथा कार्य की दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आप अपने लक्ष्य के प्रति दृढ संकल्प रहेंगे | किन्तु साथ ही अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की भी आवश्यकता है | सरदर्द, जोड़ों तथा माँसपेशियों में दर्द की समस्या हो सकती है | डॉक्टर के बताए विटामिन्स आदि समय पर लेते रहेंगे और व्यायाम को अपनी दिनचर्या का अंग बना लेंगे तो बहुत सी समस्याओं से बचे रह सकते हैं |

सिंह : आपके लिए द्वितीयेश और एकादशेश होकर बुध का गोचर आपकी राशि से पंचम भाव में हो रहा है | आपके लिए कार्य की दृष्टि से तथा आर्थिक दृष्टि से यह गोचर अत्यन्त अनुकूल प्रतीत होता है | आप इस अवधि में अपने कार्य से सम्बन्धित किसी प्रकार का Short Term Advance Course भी कर सकते हैं | इसके अतिरिक्त अपनी सन्तान को भी किसी कोर्स के लिए भेज सकते हैं | साथ ही यदि आप लेखक अथवा वक्ता हैं तो आपको सिमेनार्स आदि में अपना शोध पत्र प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त हो सकता है | आपके रुके हुए कार्य इस अवधि में पूर्ण होकर आपको उनका अनुकूल पारिश्रमिक भी इस अवधि में प्राप्त होने की सम्भावना है |

कन्या : आपका राश्यधिपति तथा दशमेश बुध का गोचर आपकी लग्न से चतुर्थ भाव में हो रहा है | आपको अपने कार्य में अपने पिता का सहयोग निरन्तर प्राप्त रहेगा | आपके कार्य में तथा आर्थिक स्थिति में लाभ और वृद्द्धि की सम्भावना इस अवधि में की जा सकती है | कार्य से सम्बन्धित व्यस्तताओं के कारण सम्भव है आप परिवार पर अधिक ध्यान न दे पाएँ | किन्तु आपके लिए इस समय अपने कार्य पर एकाग्रचित्त रहने का समय है जिसका भविष्य में भी आपको लाभ हो सकता है | आपके प्रभावशाली व्यक्तित्व का लाभ आपको अपने कार्य में मिलने की सम्भावना है | कार्य से सम्बन्धित विदेश यात्राओं में भी वृद्धि की सम्भावना है |

तुला : आपका द्वादशेश और भाग्येश आपके तीसरे भाव में हो रहा है | आपके लिए कार्य की दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आप कोई नया कार्य भी इस अवधि में आरम्भ कर सकते हैं | साथ ही आप अपने छोटे भाई बहनों की भी किसी प्रकार की सहायता कर सकते हैं | आपका कार्य यदि किसी प्रकार विदेश से सम्बन्ध रखता है तो आपके लिए कार्य से सम्बन्धित विदेश यात्राओं में वृद्धि के भी योग हैं | किन्तु इन यात्राओं के दौरान आपको अपने Important Documents को सम्भाल कर रखने की आवश्यकता होगी | आपके भाई बहनों के लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | धार्मिक गतिविधियों में वृद्धि की सम्भावना है |

वृश्चिक : आपका एकादशेश और अष्टमेश आपकी राशि से दूसरे भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए कार्य की दृष्टि से यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्धक प्रतीत होता है | आप यदि मीडिया या किसी प्रकार की Alternative Therapy से सम्बन्ध रखते हैं, प्रॉपर्टी से सम्बन्धित किसी व्यवसाय से सम्बन्ध रखते हैं अथवा लेखन के क्षेत्र में हैं या वक्ता हैं तो आपके लिए आर्थिक लाभ तथा पुरूस्कार आदि प्राप्त होने के संकेत हैं | नौकरी में पदोन्नति के भी संकेत हैं | किन्तु इसके साथ ही गुप्त शत्रुओं की ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है | अचानक ही किसी ऐसे स्रोत से लाभ की भी सम्भावना है जहाँ के विषय में आपने कल्पना भी नहीं की होगी |

धनु : आपका सप्तमेश और दशमेश आपकी लग्न में ही गोचर कर रहा है | आपका अपना व्यवसाय है तो उसमें उन्नति के संकेत हैं | कोई नया कार्य भी इस अवधि में आरम्भ कर सकते हैं | पार्टनरशिप में कार्य आरम्भ करने के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | नौकरी में हैं तो उसमें भी पदोन्नति की सम्भावना की जा सकती है | नौकरी की तलाश में हैं तो वह भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है | सामाजिक गतिविधियों में वृद्धि की भी सम्भावना है | लोग आपके कार्यों की प्रशंसा करेंगे और अपने कार्य के लिए आपको किसी प्रकार का पुरूस्कार और सम्मान आदि भी प्राप्त हो सकता है | अविवाहित हैं तो अपने किसी सहकर्मी के साथ विवाह बन्धन में भी बंध सकते हैं | आपके जीवन साथी के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है |

मकर : आपका षष्ठेश और भाग्येश आपकी राशि से राशि से बारहवें भाव में गोचर कर रहा है | कार्य के सिलसिले में विदेश यात्राओं में वृद्धि के संकेत हैं | तीर्थ स्थलों की यात्रा पर भी जा सकते हैं | किन्तु सम्भव है ये यात्राएँ आपके लिए मनोनुकूल न रहे | साथ ही धार्मिक गतिविधियों के लिए धन भी खर्च कर सकते हैं | ऐसा करते समय पोंगा पण्डितों की ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है | नौकरी में हैं तो किसी अधिकारी के रिटायर होने के कारण आपकी उसके स्थान पर पदोन्नति के साथ ही किसी दूर के शहर में आपका ट्रांसफर भी हो सकता है | किसी मित्र को पैसा उधार देना इस अवधि में उचित नहीं रहेगा | साथ ही आपके स्वयं के स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं पर पैसा भी खर्च हो सकता है |

कुम्भ : आपकी राशि से पंचमेश और अष्टमेश का गोचर आपकी राशि से एकादश भाव में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर मिश्रित फल देने वाला प्रतीत होता है | एक ओर आपके कार्य तथा आय में वृद्धि की सम्भावना है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की भी सम्भावना है | पॉलिटिक्स में यदि आप हैं तो आपके लिए विशेष रूप से यह गोचर भाग्यवर्द्धक सिद्ध हो सकता है | आपकी सन्तान अथवा आप स्वयं किसी विषय में अध्ययन का प्रयास भी कर सकते हैं | किसी वसीयत के माध्यम से अथवा किसी अप्रत्याशित स्रोत से भी आपको लाभ हो सकता है | किन्तु वहीं दूसरी ओर गुप्त शत्रुओं की ओर से सावधान रहने की भी आवश्यकता है |

मीन : आपकी राशि से चतुर्थेश और सप्तमेश का गोचर आपके दशम भाव में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त प्रतीत होता है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की भी सम्भावना है | उत्साह में वृद्धि का समय भी प्रतीत होता है | आप इस अवधि में कोई नया घर भी खरीद सकते हैं | किन्तु परिवार के लोगों के साथ किसी प्रकार का विवाद भी सम्भव है | अच्छा रहेगा यदि अपने पिता अथवा परिवार के अन्य किसी बुज़ुर्ग की मध्यस्थता से इस विवाद को आपस में ही सुलझा लें | दाम्पत्य जीवन में माधुर्य बना रहने की सम्भावना है | वंश वृद्धि का विचार भी आप इस अवधि में कर सकते हैं | पॉलिटिक्स से सम्बद्ध लोगों के लिए यह गोचर विशेष रूप से अनुकूल प्रतीत होता है |

किन्तु अन्त में, उपरोक्त परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है |

साथ ही, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं | सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें, इसी कामना के साथ एक बार पुनः नववर्ष 2019 की हार्दिक शुभकामनाएँ…

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बुध का वृश्चिक में गोचर

कल यानी 26 अक्टूबर को आश्विन कृष्ण तृतीया, वणिज करण, व्यातिपत योग और विशाखा नक्षत्र में 20:44 के लगभग बुध का प्रवेश वृश्चिक राशि में हो जाएगा | जहाँ पहली जनवरी को 09:50 तक भ्रमण करने के पश्चात गुरु की धनु राशि में प्रविष्ट हो जाएगा | यहाँ भ्रमण करते हुए 29 अक्टूबर को अनुराधा, 10 नवम्बर को ज्येष्ठा, 17 नबम्बर से वक्री होते हुए 22 नबम्बर को पुनः अनुराधा, 5 दिसम्बर को पुनः विशाखा, 7 दिसम्बर से पुनः मार्गी होते हुए 8 दिसम्बर को अनुराधा और अन्त में 22 दिसम्बर को ज्येष्ठा नक्षत्र पर चला जाएगा | इनमें ज्येष्ठा नक्षत्र का स्वामी भी बुध स्वयं ही है | इस मध्य 22 नवम्बर से 3 दिसम्बर तक बुध अस्त भी रहेगा | इन समस्त तथ्यों के आधार पर आइये जानने का प्रयास करते हैं कि बुध के वृश्चिक राशि में गोचर के विभिन्न राशियों पर क्या सम्भावित प्रभाव हो सकते हैं…

मेष : आपका तृतीयेश और षष्ठेश आपके अष्टम भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए एक और उत्साह में वृद्धि के योग हैं, आपकी निर्णायक और प्रतियोगी क्षमताओं में वृद्द्द्धि के योग प्रतीत होते हैं, वहीं पारिवारिक स्तर पर कुछ समस्याओं अथवा विवादों का सामना भी इस अवधि में करना पड़ सकता है – विशेष रूप से छोटे भाई बहनों के साथ | जिसका विपरीत प्रभाव आपके स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है | प्रयास करें बात कोर्ट तक न पहुँचने पाए | स्वास्थ्य का ध्यान रखने की विशेष रूप से आवश्यकता है |

वृषभ : आपका द्वितीयेश और पंचमेश आपकी राशि से सप्तम भाव में गोचर कर रहा है | इस अवधि में आपकी वाणी प्रभावशाली बनी रहेगी और आपकी निर्णायक क्षमता स्पष्ट बनी रहेगी | आर्थिक दृष्टि से तथा कार्य की दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आप अपने लक्ष्य के प्रति दृढ संकल्प रहेंगे | आपकी सन्तान के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | किसी ऐसे स्रोत से धनलाभ की संभावना है जिसके विषय में आपने कल्पना भी नहीं की होगी |

मिथुन : आपका लग्नेश तथा चतुर्थेश आपकी राशि से छठे भाव में गोचर कर रहा है | एक और आपको अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है तो वहीं दूसरी और पारिवारिक स्तर पर किसी प्रकार के विवाद से भी इनकार नहीं किया जा सकता | किन्तु एक योगकारक दूसरे योगकारक के साथ गोचर कर रहा है इसलिए आप अपने बुद्धिबल से किसी भी विवाद को सुलझाने में समर्थ भी हो सकते हैं | स्वास्थ्य का जहाँ तक प्रश्न है तो सरदर्द, जोड़ों तथा माँसपेशियों में दर्द की समस्या हो सकती है | डॉक्टर के बताए विटामिन्स आदि समय पर लेते रहेंगे और व्यायाम को अपनी दिनचर्या का अंग बना लेंगे तो बहुत सी समस्याओं से बचे रह सकते हैं |

कर्क : आपके लिए द्वादशेश और तृतीयेश होकर बुध आपकी राशि से पंचम भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त अनुकूल प्रतीत होता है | आप कहीं विदेश अथवा कीड़ी दूर के शहर जाकर अपने कार्य से सम्बन्धित किसी प्रकार का Advance Course इस अवधि में कर सकते हैं | साथ ही यदि आप लेखक हैं तो आपको सिमेनार्स आदि में अपना शोध पत्र प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त हो सकता है | परिवार में किसी प्रकार के माँगलिक कार्य की भी सम्भावना प्रतीत होती है | आपकी सन्तान भी अपने कार्य अथवा उच्च शिक्षा के लिए विदेश प्रस्थान कर सकती है | किन्तु यात्राओं के दौरान अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की विशेष रूप से आवश्यकता है |

सिंह : आपके लिए द्वितीयेश और एकादशेश होकर बुध का गोचर आपकी राशि से चतुर्थ भाव में हो रहा है | आपको अपने कार्य में बड़े भाई अथवा माता-पिता का सहयोग निरन्तर प्राप्त रहेगा | आपके कार्य में तथा आर्थिक स्थिति में लाभ और वृद्द्धि की सम्भावना इस अवधि में की जा सकती है | कार्य से सम्बन्धित व्यस्तताओं के कारण सम्भव है आप परिवार पर अधिक ध्यान न दे पाएँ | किन्तु आपके लिए इस समय अपने कार्य पर एकाग्रचित्त रहने का समय है जिसका भविष्य में भी आपको लाभ हो सकता है | आपकी वाणी बहुत प्रभावशाली है और उसका प्रभाव दूसरों पर होता है, जिसका लाभ भी आपको प्राप्त होगा |

कन्या : आपका राश्यधिपति तथा दशमेश बुध का गोचर आपकी लग्न से तीसरे भाव में हो रहा है | आपके लिए कार्य की दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आप कोई नया कार्य भी इस अवधि में आरम्भ कर सकते हैं | आपके पिता अथवा बड़े भाई का पूर्ण सहयोग आपको प्राप्त रहेगा | आपकी लेखन प्रतिभा में निखार इस अवधि में आने की सम्भावना है जिसका लाभ आपको अपने कार्य में प्राप्त हो सकता है | आपके लेखन के कारण आपको समाज में प्रतिष्ठा, मन सम्मान तथा किसी प्रकार के पुरूस्कार की भी उपलब्धि की सम्भावना भी है | साथ ही आप अपने छोटे भाई बहनों की भी किसी प्रकार की सहायता कर सकते हैं |

तुला : आपका द्वादशेश और भाग्येश आपके दूसरे भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए कार्य की दृष्टि से यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्धक प्रतीत होता है | आप यदि मीडिया या किसी प्रकार की Alternative Therapy से सम्बन्ध रखते हैं अथवा लेखन के क्षेत्र में हैं तो आपके लिए आर्थिक लाभ तथा पुरूस्कार आदि प्राप्त होने के संकेत हैं | साथ ही यदि आपका कार्य विदेश से सम्बन्ध रखता है तो आपके लिए यह गोचर विशेष रूप से भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | विदेश यात्राओं में वृद्धि के भी योग प्रतीत होते हैं | नौकरी में पदोन्नति के साथ ट्रांसफर के भी संकेत हैं |

वृश्चिक : आपका एकादशेश और अष्टमेश आपकी लग्न में ही गोचर कर रहा है | आपका अपना व्यवसाय है तो उसमें उन्नति के संकेत हैं | नौकरी में हैं तो उसमें भी पदोन्नति की सम्भावना की जा सकती है | किसी अप्रत्याशित स्थान से भी आर्थिक लाभ की सम्भावना प्रतीत होती है | नौकरी की तलाश में हैं तो वह भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है | किन्तु साथ ही विरोधियों की और से भी सावधान रहने की आवश्यकता है | नौकरी में हैं तो बॉस से पंगा आपके हित में नहीं होगा अतः अपने स्वभाव को संयमित रखने की आवश्यकता है | सामाजिक गतिविधियों में वृद्धि की सम्भावना है |

धनु : आपका सप्तमेश और दशमेश आपकी राशि से बारहवें भाव में गोचर कर रहा है | आपके तथा आपके जीवन साथी के लिए कार्य के सिलसिले में विदेश यात्राओं में वृद्धि तथा अर्थ लाभ के भी संकेत हैं | नौकरी में हैं तो किसी अधिकारी के रिटायर होने के कारण आपकी उसके स्थान पर पदोन्नति के साथ ही किसी दूर के शहर में आपका ट्रांसफर भी हो सकता है | किसी मित्र को पैसा उधार देना इस अवधि में उचित नहीं रहेगा | साथ ही आपके स्वयं के अथवा आपके जीवन साथी के स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं पर पैसा भी खर्च हो सकता है |

मकर : आपका षष्ठेश और भाग्येश आपकी राशि से एकादश भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आपके कार्य तथा आय में वृद्धि की सम्भावना है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की भी सम्भावना है | सहकर्मियों अथवा व्यावसायिक पार्टनर का और पिता तथा जीवन साथी का सहयोग आपको निरन्तर प्राप्त रहेगा | पॉलिटिक्स में यदि आप हैं तो आपके लिए विशेष रूप से यह गोचर भाग्यवर्द्धक सिद्ध हो सकता है | अविवाहित हैं तो आपके किसी सहकर्मी की ओर से प्रणय निवेदन भी आपको प्राप्त हो सकता है | किन्तु विवाह में अभी देर लग सकती है |

कुम्भ : पंचमेश और अष्टमेश का गोचर आपके दशम भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए यह गोचर मिश्रित फल देने वाला प्रतीत होता है | कार्य स्थल में किसी प्रकार के विरोध का सामना इस अवधि में करना पड़ सकता है | किसी कोर्ट केस के कारण भी किसी प्रकार का मानसिक तनाव आपको अनुभव हो सकता है | इस अवधि में शान्ति पूर्वक व्यवहार करना आपके हित में रहेगा | किसी भी विवाद को बढ़ने देना भी आपके हित में नहीं रहेगा | धार्मिक गतिविधियों में वृद्धि की सम्भावना है | आपकी सन्तान के लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है |

मीन : चतुर्थेश और सप्तमेश का गोचर आपकी राशि से नवम भाव में हो रहा है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की भी सम्भावना है | उत्साह में वृद्धि का समय भी प्रतीत होता है | आप इस अवधि में कोई नया घर भी खरीद सकते हैं | किन्तु परिवार के लोगों के साथ किसी प्रकार का विवाद भी सम्भव है | अच्छा रहेगा यदि अपने पिता अथवा परिवार के अन्य किसी बुज़ुर्ग की मध्यस्थता से इस विवाद को आपस में ही सुलझा लें | दाम्पत्य जीवन में माधुर्य बना रहने की सम्भावना है | वंश वृद्धि का विचार भी आप इस अवधि में कर सकते हैं | पॉलिटिक्स से सम्बद्ध लोगों के लिए यह गोचर विशेष रूप से अनुकूल प्रतीत होता है | धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में वृद्धि की सम्भावना है |

किन्तु अन्त में, उपरोक्त परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है |

साथ ही, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं | सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2018/10/25/mercury-transit-in-scorpio/

 

बुध का तुला में गोचर

कल यानी 6 अक्टूबर को आश्विन कृष्ण द्वादशी, तैतिल करण और शुभ योग में दोपहर 12:42 के लगभग पर बुध अपनी स्वयं की उच्च राशि कन्या से निकल कर मित्र ग्रह शुक्र की तुला राशि में प्रविष्ट होगा | इस प्रवेश के समय बुध चित्रा नक्षत्र में होगा | यहाँ कुछ समय बुध को गुरु और शुक्र का साथ भी मिलेगा | यहाँ से 26 अक्टूबर को 20:44 के लगभग बुध का प्रवेश वृश्चिक राशि में हो जाएगा | इस बीच 10 अक्टूबर को स्वाति नक्षत्र पर तथा 19 अक्टूबर को विशाखा नक्षत्र पर गोचर करेगा | 11 अक्टूबर को बुध मार्गी भी हो जाएगा | इन समस्त तथ्यों के आधार पर आइये जानने का प्रयास करते हैं कि बुध के तुला राशि में गोचर के विभिन्न राशियों पर क्या सम्भावित प्रभाव हो सकते हैं…

मेष : आपका तृतीयेश और षष्ठेश आपके सप्तम भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए सामाजिक गतिविधियों में वृद्धि के योग बन रहे हैं | इन गतिविधियों के दौरान आपके कुछ नवीन सम्बन्ध भी बन सकते हैं जिनके कारण आपको अपने कार्यक्षेत्र में भी लाभ हो सकता है | आर्थिक स्थिति में दृढ़ता के भी योग प्रतीत होते हैं | आपके छोटे भाई बहन यदि अध्ययनरत हैं तो उनके लिए भी ये गोचर अनुकूल फल देने वाला प्रतीत होता है | आपके जीवन साथी के लिए भी यह गोचर अनुकूल फल देने वाला प्रतीत होता है | यदि आपको जीवन साथी की तलाश है तो वह भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है |

वृषभ : आपका द्वितीयेश और पंचमेश आपकी राशि से छठे भाव में गोचर कर रहा है | इस अवधि में आपकी वाणी प्रभावशाली बनी रहेगी और आपकी निर्णायक क्षमता स्पष्ट बनी रहेगी | आर्थिक दृष्टि से तथा कार्य की दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आप अपने लक्ष्य के प्रति दृढ संकल्प रहेंगे | आपकी सन्तान के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | किन्तु पिता अथवा सन्तान के साथ किसी प्रकार का विवाद भी सम्भव है | किसी कोर्ट केस में अनुकूल दिशा में प्रगति की सम्भावना भी प्रतीत होती है |

मिथुन : आपका लग्नेश तथा चतुर्थेश आपकी राशि से पंचम भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त अनुकूल प्रतीत होता है | आप अपने कार्य से सम्बन्धित किसी प्रकार का Advance Course इस अवधि में कर सकते हैं | साथ ही यदि आप लेखक हैं तो आपको सिमेनार्स आदि में अपना शोध पत्र प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त हो सकता है | परिवार में किसी बच्चे के जन्म की अथवा किसी अन्य प्रकार के माँगलिक कार्य की भी सम्भावना प्रतीत होती है | आपकी सन्तान के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है |

कर्क : आपके लिए द्वादशेश और तृतीयेश होकर बुध आपकी राशि से चतुर्थ भाव में गोचर कर रहा है | कार्य से सम्बन्धित विदेश यात्राओं में वृद्धि की सम्भावना है | आपका कोई मित्र भी विदेश से वापस आकर आपके कार्य में आपकी सहायता कर सकता है | किन्तु पैसे के लेन देन में सावधानी रखने की आवश्यकता होगी | आपके छोटे भाई बहनों के लिए भी समय अनुकूल प्रतीत होता है | किन्तु उनके साथ आपका किसी बात पर विवाद भी सम्भव है |

सिंह : आपके लिए द्वितीयेश और एकादशेश होकर बुध का गोचर आपकी राशि से तीसरे भाव में हो रहा है | आपके लिए आर्थिक दृष्टि से और कार्य की दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आप कोई नया कार्य भी इस अवधि में आरम्भ कर सकते हैं | किन्तु वाणी में कुछ तीखापन भी आ सकता है, जिसके कारण विशेष रूप से भाई बहनों के साथ किसी प्रकार की अनबन भी हो सकती है, अतः इस ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है | आपके पिता अथवा बड़े भाई का पूर्ण सहयोग आपको प्राप्त रहेगा |

कन्या : आपका राश्यधिपति तथा दशमेश बुध आपकी लग्न से दूसरे भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए कार्य की दृष्टि से यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्धक प्रतीत होता है | आप यदि मीडिया या किसी प्रकार की Alternative Therapy से सम्बन्ध रखते हैं अथवा लेखन के क्षेत्र में हैं तो आपके लिए आर्थिक लाभ के संकेत हैं | साथ ही यदि आपका कार्य विदेश से सम्बन्ध रखता है तो आपके लिए यह गोचर विशेष रूप से भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | विदेश यात्राओं में वृद्धि के भी योग प्रतीत होते हैं | नौकरी में पदोन्नति के साथ ट्रांसफर के भी संकेत हैं |

तुला : आपका द्वादशेश और भाग्येश आपकी लग्न में ही गोचर कर रहा है | यदि आपका कार्य विदेश से सम्बन्धित है अथवा किसी दूर के शहर से सम्बन्धित है तो आपके लिए यह गोचर भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आपके लिए विदेश यात्राओं में वृद्धि के योग बन रहे हैं जो आपके लिए लाभदायक सिद्ध हो सकती हैं | नौकरी में हैं तो पदोन्नति के साथ ही कहीं दूर ट्रांसफर भी हो सकता है | मान सम्मान में वृद्धि के संकेत हैं | धार्मिक गतिविधियों में वृद्धि के साथ ही आप किसी धार्मिक कार्य में धन भी व्यय कर सकते हैं |

वृश्चिक : आपका एकादशेश और अष्टमेश आपके बारहवें भाव में गोचर कर रहा है | किसी स्थान से कार्य का प्रस्ताव प्राप्त हो सकता है जहाँ के विषय में आपने कल्पना भी नहीं की होगी | कार्य के सिलसिले में विदेश यात्राओं में वृद्धि तथा अर्थ लाभ के भी संकेत हैं | नौकरी में हैं तो किसी अधिकारी के रिटायर होने के कारण आपकी उसके स्थान पर पदोन्नति के साथ ही किसी दूर के सहारा में आपका ट्रांसफर भी हो सकता है | किसी मित्र को पैसा उधार देना इस अवधि में उचित नहीं रहेगा | साथ ही स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं पर पैसा भी खर्च हो सकता है |

धनु : आपका सप्तमेश और दशमेश आपकी राशि से एकादश भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आपके कार्य तथा आय में वृद्धि की सम्भावना है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की भी सम्भावना है | सहकर्मियों अथवा व्यावसायिक पार्टनर का और पिता तथा जीवन साथी का सहयोग आपको निरन्तर प्राप्त रहेगा | पॉलिटिक्स में यदि आप हैं तो आपके लिए विशेष रूप से यह गोचर भाग्यवर्द्धक सिद्ध हो सकता है | अविवाहित हैं तो आपके किसी सहकर्मी की ओर से प्रणय निवेदन भी आपको प्राप्त हो सकता है |

मकर : आपका षष्ठेश और भाग्येश आपकी राशि से दशम भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए यह गोचर मिश्रित फल देने वाला प्रतीत होता है | कार्य स्थल में किसी प्रकार के विरोध का सामना इस अवधि में करना पड़ सकता है | किसी कोर्ट केस के कारण भी किसी प्रकार का मानसिक तनाव आपको अनुभव हो सकता है | इस अवधि में शान्ति पूर्वक व्यवहार करना आपके हित में रहेगा | किसी भी विवाद को बढ़ने देना भी आपके हित में नहीं रहेगा | धार्मिक गतिविधियों में वृद्धि की सम्भावना है |

कुम्भ : पंचमेश और अष्टमेश का गोचर नवम भाव में हो रहा है | एक ओर नौकरी में हैं तो पदोन्नति की भी सम्भावना है | उत्साह में वृद्धि का समय भी प्रतीत होता है, किन्तु इसके साथ ही विरोधियों में भी वृद्धि का समय प्रतीत होता है | लेकिन आप समय पर उस विरोध को समाप्त करने में समर्थ भी हो सकते हैं | स्वास्थ्य की दृष्टि से भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | किन्तु अकारण ही किसी बात को लेकर आप चिन्तित भी हो सकते हैं | धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में वृद्धि की सम्भावना है | आपकी सन्तान के लिए समय भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है |

मीन : चतुर्थेश और सप्तमेश का गोचर आपकी राशि से अष्टम भाव में हो रहा है | पारिवारिक स्तर पर कुछ समस्याओं अथवा विवादों का सामना इस अवधि में करना पड़ सकता है | जीवन साथी के साथ भी किसी प्रकार का विवाद सम्भव है | प्रॉपर्टी से सम्बन्धित कोई कोर्ट केस भी आपके लिए चिन्ता का विषय हो सकता है | साथ ही जीवन साथी और परिवार के लोगों के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखने की आवश्यकता है |

अन्त में, उपरोक्त परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है |

साथ ही, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं | सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2018/10/05/mercury-transit-in-libra/

 

बुध का कन्या राशि में गोचर

कल यानी 19 सितम्बर को भाद्रपद शुक्ल दशमी को तैतिल करण और शोभन योग में सूर्योदय से पूर्व लगभग 04:15 पर बुध का प्रवेश अपनी स्वयं की कन्या राशि में होने जा रहा है | कन्या बुध की स्वराशि होने के साथ ही मूल त्रिकोण तथा उच्च राशि भी है | इस प्रकार इस राशि में बुध बली माना जाता है | किन्तु सूर्यदेव निरन्तर इस राशि में बुध के साथ भ्रमण करेंगे अतः इस सम्पूर्ण गोचर के दौरान बुध अस्त ही रहेगा | यहाँ से 6 अक्टूबर को प्रातः 12:42 के लगभग बुध का प्रवेश तुला राशि में हो जाएगा | इस प्रस्थान के समय बुध उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र में होगा, जहाँ से 24 सितम्बर को हस्त नक्षत्र में तथा 2 अक्रूबर को चित्रा नक्षत्र में प्रविष्ट हो जाएगा | उत्तर फाल्गुनी का देवता स्वयं सूर्य है, हस्त का चन्द्रमा और चित्रा का मंगल है | आइये जानने का प्रयास करते हैं बुध के कन्या राशि में गोचर के विभिन्न राशियों पर क्या सम्भावित प्रभाव हो सकते हैं…

मेष : आपका तृतीयेश और षष्ठेश आपके छठे भाव में अपनी ही उच्च राशि में गोचर कर रहा है किन्त अस्त है | यद्यपि यह गोचर आपकी प्रतियोगी क्षमता में वृद्धि कर रहा है साथ ही आपकी निर्णायक क्षमता में भी स्पष्टता में वृद्धि के संकेत हैं | किन्तु बिना सोचे समझे Judgemental होना आपके हित में नहीं रहेगा | छोटे भाई बहनों के साथ यदि किसी प्रकार का विवाद पूर्व में रहा है तो वह अब दूर होने की सम्भावना है | आपकी सन्तान का प्रदर्शन इस अवधि में हर क्षेत्र में उत्साहवर्द्धक रह सकता है | आप दोनों में से कोई भी इस अवधि में अपने कार्य से सम्बन्धित कोई Advance कोर्स भी कर सकते हैं | यात्राओं के दौरान तथा ड्राइविंग के समय सावधान रहने की आवश्यकता है |

वृषभ : आपका द्वितीयेश और पंचमेश आपकी राशि से पंचम भाव में ही गोचर कर रहा है | इस अवधि में आपकी वाणी प्रभावशाली बनी रहेगी और आपकी निर्णायक क्षमता स्पष्ट बनी रहेगी | आर्थिक दृष्टि से तथा कार्य की दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आप अपने लक्ष्य के प्रति दृढ संकल्प रहेंगे | आपके कार्य में आपको अपने पिता तथा सन्तान का पूरा सहयोग प्राप्त रह सकता है | आपकी सन्तान के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है |

मिथुन : आपका लग्नेश तथा चतुर्थेश आपकी राशि से चतुर्थ भाव में अपनी उच्च राशि में ही गोचर कर रहा है | भाई बहनों के साथ किसी प्रकार का विवाद इस अवधि में सम्भव है | किन्तु परिवार के किसी बुज़ुर्ग व्यक्ति की मध्यस्थता से आप उस विवाद को सुलझाने में सफल हो सकते हैं | परिवार के अन्य व्यक्तियों का सहयोग आपको प्राप्त रहेगा | यदि आप लेखक हैं तो आपको सिमेनार्स आदि में अपना शोध पत्र प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त हो सकता है | मान सम्मान में वृद्धि के संकेत हैं | कोई पुरूस्कार भी आपको प्राप्त हो सकता है | धार्मिक गतिविधियों में वृद्धि की सम्भावना है |

कर्क : आपके लिए द्वादशेश और तृतीयेश होकर बुध आपकी राशि से तीसरे भाव में गोचर कर रहा है | कार्य से सम्बन्धित विदेश यात्राओं में वृद्धि की सम्भावना है | ऐसा भी हो सकता है कि विदेश से आपका कोई मित्र वापस आकर आपको किसी नवीन कार्य के विषय में जानकारी दे और आप उस कार्य को आरम्भ करने में पैसा Invest कर दें | किन्तु पैसे के लेन देन में सावधानी रखने की आवश्यकता होगी | आपके छोटे भाई बहनों के लिए भी समय अनुकूल प्रतीत होता है | किन्तु उनके साथ आपका किसी बात पर विवाद भी सम्भव है |

सिंह : आपके लिए द्वितीयेश और एकादशेश होकर बुध का गोचर आपकी राशि से दूसरे भाव में हो रहा है | आपकी वाणी प्रभावशाली रहेगी तथा अपने वाक्चातुर्य से आप अपने सभी कार्य समय पर पूर्ण करने में समर्थ हो सकते हैं | कार्य की दृष्टि से तथा आर्थिक दृष्टि से समय अत्यन्त अनुकूल प्रतीत होता है | किन्तु वाणी में कुछ तीखापन भी आ सकता है, जिसके कारण विशेष रूप से भाई बहनों के साथ किसी प्रकार की अनबन भी हो सकती है, अतः इस ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है | आपके पिता अथवा बड़े भाई का पूर्ण सहयोग आपको प्राप्त रहेगा |

कन्या : आपका राश्यधिपति तथा दशमेश बुध आपकी लग्न में अपनी उच्च राशि में गोचर कर रहा है | आपके लिए कार्य की दृष्टि से यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्धक प्रतीत होता है | आप यदि मीडिया या किसी प्रकार की Alternative Therapy से सम्बन्ध रखते हैं अथवा लेखन के क्षेत्र में हैं तो आपके लिए आर्थिक लाभ के संकेत हैं | पिता, बड़े भाई, अधिकारियों तथा मित्रों का सहयोग आपको प्राप्त रहेगा और उनके दिशानिर्देशों का पालन करेंगे तो आपके कार्य में निरन्तर प्रगति की सम्भावना है जिसके कारण आप बहुत समय तक व्यस्त रह सकते हैं और धनलाभ कर सकते हैं | नौकरी में पदोन्नति तथा मान सम्मान में वृद्धि के भी संकेत हैं |

तुला : आपका द्वादशेश और भाग्येश आपकी राशि से बारहवें भाव में ही गोचर कर रहा है | यदि आपका कार्य विदेश से सम्बन्धित है अथवा किसी दूर के शहर से सम्बन्धित है तो आपके लिए यह गोचर भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आपके लिए विदेश यात्राओं में वृद्धि के योग बन रहे हैं जो आपके लिए लाभदायक सिद्ध हो सकती हैं | विदेश में निवास कर रहे किसी मित्र के निमन्त्रण पर भी आप वहाँ जा सकते हैं और उसके माध्यम से आपको कार्य का लाभ हो सकता है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति के साथ ही कहीं दूर ट्रांसफर भी हो सकता है | मान सम्मान में वृद्धि के संकेत हैं | धार्मिक गतिविधियों में वृद्धि के साथ ही आप किसी धार्मिक कार्य में धन भी व्यय कर सकते हैं |

वृश्चिक : आपका एकादशेश और अष्टमेश लाभ स्थान में गोचर कर रहा है | कार्य तथा आय की दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | अपना स्वयं का व्यवसाय है तो उसमें प्रगति के संकेत हैं | यदि नौकरी में हैं तो उसमें भी पदोन्नति के अवसर प्रतीत होते हैं | नौकरी की खोज में हैं तो वह भी पूर्ण हो सकती है | किसी ऐसे स्थान से भी नौकरी का प्रस्ताव आ सकता है जहाँ पहले मना हो चुकी हो | आपकी वर्तमान परिस्थितियों में इस कार्य को स्वीकार कर लेना आपके हित में रहेगा | बॉस के साथ अकारण ही किसी प्रकार की बहस भारी पड़ सकती है आतः शान्त रहने का प्रयास करें | बड़े भाई अथवा पिता के स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है |

धनु : आपका सप्तमेश और दशमेश आपकी राशि से दशम भाव में अपनी उच्च राशि में गोचर कर रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आपके कार्य तथा आय में वृद्धि की सम्भावना है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की भी सम्भावना है | सहकर्मियों अथवा व्यावसायिक पार्टनर का और पिता तथा जीवन साथी का सहयोग आपको निरन्तर प्राप्त रहेगा | नौकरी के लिए इन्टरव्यू की तैयारी में हैं तो उसमें भी सफलता प्राप्त हो सकती है | सामाजिक गतिविधियों तथा मान सम्मान में वृद्धि के साथ ही किसी प्रकार का पुरूस्कार अथवा सम्मान आदि भी प्राप्त हो सकता है | आप अपने जीवन साथी के साथ कहीं भ्रमण अथवा तीर्थ यात्रा के लिए भी जा सकते हैं |

मकर : आपका षष्ठेश और भाग्येश आपकी राशि से नवम भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए भी यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आपके कार्य तथा आय में वृद्धि की सम्भावना है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की भी सम्भावना है | उत्साह में वृद्धि का समय भी प्रतीत होता है, किन्तु इसके साथ ही विरोधियों में भी वृद्धि का समय प्रतीत होता है | लेकिन आप समय पर उस विरोध को समाप्त करने में समर्थ भी हो सकते हैं | किसी कोर्ट केस का परिणाम आपके पक्ष में आ सकता है | स्वास्थ्य की दृष्टि से भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | किन्तु अकारण ही किसी बात को लेकर आप चिन्तित भी हो सकते हैं | धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में वृद्धि की सम्भावना है |

कुम्भ : पंचमेश और अष्टमेश का गोचर अष्टम भाव में हो रहा है | एक ओर आपकी सन्तान के लिए समय भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है तो वहीं दूसरी ओर आपके लिए कुछ कठिन समय प्रतीत होता है | किसी बात पर सन्तान अथवा पिता के साथ विवाद सम्भव है | अकारण ही विरोधियों के स्वर भी मुखर हो सकते हैं | किन्तु यदि आप नौकरी की तलाश में हैं तो आपको किसी ऐसे स्थान से नौकरी का प्रस्ताव भी प्राप्त हो सकता है जहाँ के लिए आपने सोचा भी नहीं होगा | आपको अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की भी आवश्यकता है |

मीन : चतुर्थेश और सप्तमेश का गोचर आपकी राशि से सप्तम भाव में हो रहा है | पारिवारिक स्तर पर कुछ समस्याओं अथवा विवादों का सामना इस अवधि में करना पड़ सकता है | जीवन साथी के साथ भी किसी प्रकार का विवाद सम्भव है | प्रॉपर्टी से सम्बन्धित कोई कोर्ट केस भी आपके लिए चिन्ता का विषय हो सकता है | साथ ही जीवन साथी और परिवार के लोगों के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखने की आवश्यकता है |

अन्त में, उपरोक्त परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है |

साथ ही, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं | सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2018/09/18/mercury-transit-in-virgo/

 

 

बुध का सिंह में गोचर

कल भाद्रपद कृष्ण अष्टमी को बालव करण और हर्षण योग में लगभग 21:07 पर बुध का प्रवेश सिंह राशि और मघा नक्षत्र में सूर्य के साथ होने जा रहा है | यहाँ से 19 सितम्बर को प्रातः 04:15 के लगभग अपनी राशि कन्या में प्रविष्ट हो जाएगा | पाँच सितम्बर से बुध अस्त भी हो जाएगा | आइये जानने का प्रयास करते हैं बुध के सिंह  राशि में गोचर के विभिन्न राशियों पर क्या सम्भावित प्रभाव हो सकते हैं…

मेष : आपका तृतीयेश और षष्ठेश आपके पंचम भाव में गोचर कर रहा है | यह गोचर आपकी प्रतियोगी क्षमता में वृद्धि कर रहा है साथ ही आपकी निर्णायक क्षमता में भी स्पष्टता में वृद्धि के संकेत हैं | आप जो भी कार्य करेंगे सोच समझ कर करेंगे | अपने कार्य से सम्बन्धित कोई Short term advance course करने का प्रयास भी आप कर सकते हैं | ऐसा करना आपके कार्य की दृष्टि से लाभदायक सिद्ध हो सकता है | आपके छोटे भाई बहनों के लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है किन्तु उनके साथ आपका किसी प्रकार का प्रॉपर्टी विषयक विवाद भी सम्भव है | आपकी सन्तान यदि कहीं बाहर है तो वह वापस लौट सकती है |

वृषभ : आपका द्वितीयेश और पंचमेश आपकी राशि से चतुर्थ भाव में गोचर कर रहा है | इस अवधि में आपकी वाणी प्रभावशाली बनी रहेगी और आपकी निर्णायक क्षमता स्पष्ट बनी रहेगी | आर्थिक दृष्टि से तथा कार्य की दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आप अपने लक्ष्य के प्रति दृढ संकल्प रहेंगे | परिवार में तथा कार्यस्थल पर सौहार्द का वातावरण बने रहने की सम्भावना है जिसके कारण आप शान्त तथा उत्साहित मन से अपना कार्य समय पर पूर्ण करने में सक्षम हो सकेंगे | किन्तु परिवार में बुजुर्गों से बहस आपके हित में नहीं रहेगी | आपकी सन्तान के लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है |

मिथुन : आपका लग्नेश तथा चतुर्थेश आपकी राशि से तीसरे भाव में गोचर कर रहा है | भाई बहनों के साथ किसी प्रकार का विवाद इस अवधि में सम्भव है | किन्तु परिवार के किसी बुज़ुर्ग व्यक्ति की मध्यस्थता से आप उस विवाद को सुलझाने में सफल हो सकते हैं | परिवार के अन्य व्यक्तियों का सहयोग अआप्को प्राप्त रहेगा | यदि आप लेखक हैं तो आपको सिमेनार्स आदि में अपना शोध पत्र प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त हो सकता है | मान सम्मान में वृद्धि के संकेत हैं | कोई पुरूस्कार भी आपको प्राप्त हो सकता है | धार्मिक गतिविधियों में वृद्धि की सम्भावना है |

कर्क : आपके लिए द्वादशेश और तृतीयेश होकर बुध आपकी राशि से दूसरे भाव में गोचर कर रहा है | आपकी वाणी प्रभावशाली रहेगी तथा अपने वाक्चातुर्य से आप अपने सभी कार्य समय पर पूर्ण करने में समर्थ हो सकते हैं | किन्तु वाणी में कुछ तीखापन भी आ सकता है, जिसके कारण विशेष रूप से छोटे भाई बहनों के साथ किसी प्रकार की अनबन भी हो सकती है, अतः इस ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है | यात्राओं में वृद्धि के संकेत हैं | इन यात्राओं के कारण एक ओर जहाँ आपको नवीन प्रोजेक्ट्स प्राप्त हो सकते हैं जिनके कारण धनलाभ की भी सम्भावना है, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य की ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है |

सिंह : आपके लिए द्वितीयेश और एकादशेश होकर बुध का गोचर आपकी राशि में ही हो रहा है | आपके लिए कार्य की दृष्टि से यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्धक प्रतीत होता है | आप यदि मीडिया या किसी प्रकार की Alternative Therapy से सम्बन्ध रखते हैं तो आपके लिए आर्थिक लाभ के संकेत हैं | पिता, बड़े भाई, अधिकारियों तथा मित्रों का सहयोग आपको प्राप्त रहेगा और उनके दिशानिर्देशों का पालन करेंगे तो आपके कार्य में निरन्तर प्रगति की सम्भावना है जिसके कारण आप बहुत समय तक व्यस्त रह सकते हैं और धनलाभ कर सकते हैं | नौकरी में पदोन्नति तथा मान सम्मान में वृद्धि के भी संकेत हैं | यदि आपकी वाणी में तीखापन आ रहा है तो उसमें सुधार की आवश्यकता है |

कन्या : आपका राश्यधिपति तथा दशमेश बुध आपकी राशि से द्वादश भाव में गोचर कर रहा है | आपका कार्य यदि किसी भी प्रकार से विदेश से सम्बन्ध रखता है तो आपके लिए अत्यन्त भाग्यवर्द्धक समय प्रतीत होता है | विदेश में रहने वाले किसी पुरुष मित्र के माध्यम से आपको कुछ नवीन प्रस्ताव प्राप्त हो सकते हैं | साथ ही आपके पिता का सहयोग भी आपको प्राप्त रहेगा | कार्य से सम्बन्धित विदेश यात्राओं में वृद्धि के साथ ही नवीन प्रोजेक्ट्स भी आपको प्राप्त होते रहने की सम्भावना है जो आपके लिए लाभदायक सिद्ध हो सकते हैं | नौकरी में हैं तो पदोन्नति के साथ किसी दूर के शहर अथवा विदेश में ट्रांसफर भी हो सकता है | व्यवसाय में पैसा Invest करना पड़ सकता है किन्तु उसके दूरगामी परिणाम लाभदायक हो सकते हैं |

तुला : आपका द्वादशेश और भाग्येश आपकी राशि से लाभ स्थान में गोचर कर रहा है | यदि आपका कार्य विदेश से सम्बन्धित है अथवा किसी दूर के शहर से सम्बन्धित है तो आपके लिए यह गोचर भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आपके लिए विदेश यात्राओं में वृद्धि के योग बन रहे हैं जो आपके लिए लाभदायक सिद्ध हो सकती हैं | विदेश में निवास कर रहे किसी मित्र के निमन्त्रण पर भी आप वहाँ जा सकते हैं और उसके माध्यम से आपको कार्य का लाभ हो सकता है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति के साथ ही कहीं दूर ट्रांसफर भी हो सकता है | मान सम्मान में वृद्धि के संकेत हैं | धार्मिक गतिविधियों में वृद्धि के साथ ही आप किसी धार्मिक कार्य में धन भी व्यय कर सकते हैं |

वृश्चिक : आपका एकादशेश और अष्टमेश दशम भाव में गोचर कर रहा है | कार्य तथा आय की दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | अपना स्वयं का व्यवसाय है तो उसमें प्रगति के संकेत हैं | यदि नौकरी में हैं तो उसमें भी पदोन्नति के अवसर प्रतीत होते हैं | नौकरी की खोज में हैं तो वह भी पूर्ण हो सकती है | किसी ऐसे स्थान से भी नौकरी का प्रस्ताव आ सकता है जहाँ पहले मना हो चुकी हो | आपकी वर्तमान परिस्थितियों में इस कार्य को स्वीकार कर लेना आपके हित में रहेगा | बॉस के साथ अकारण ही किसी प्रकार की बहस भारी पड़ सकती है आतः शान्त रहने का प्रयास करें | बड़े भाई अथवा पिता के स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है |

धनु : आपका सप्तमेश और दशमेश आपकी राशि से नवम भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आपके कार्य तथा आय में वृद्धि की सम्भावना है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की भी सम्भावना है | सहकर्मियों अथवा व्यावसायिक पार्टनर का और पिता तथा जीवन साथी का सहयोग आपको निरन्तर प्राप्त रहेगा | नौकरी के लिए इन्टरव्यू की तैयारी में हैं तो उसमें भी सफलता प्राप्त हो सकती है | सामाजिक गतिविधियों तथा मान सम्मान में वृद्धि के साथ ही किसी प्रकार का पुरूस्कार अथवा सम्मान आदि भी प्राप्त हो सकता है | आप अपने जीवन साथी के साथ कहीं भ्रमण अथवा तीर्थ यात्रा के लिए भी जा सकते हैं |

मकर : आपका षष्ठेश और भाग्येश आपकी राशि से अष्टम भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए उत्साह में वृद्धि का समय है किन्तु इसके साथ ही विरोधियों में भी वृद्धि का समय प्रतीत होता है | किसी कोर्ट केस का परिणाम आपके पक्ष में न आने के कारण अथवा देरी के कारण आप चिन्तित हो सकते हैं | स्वास्थ्य की दृष्टि से भी यह गोचर बहुत अनुकूल नहीं प्रतीत होता | कार्य आपके अनुकूल न होने के कारण मानसिक तनाव के कारण अनेक समस्याएँ आपको हो सकती हैं | अच्छा यही रहेगा कि इस समय कोई महत्त्वपूर्ण निर्णय न लें | यदि कहीं यात्रा के लिए जाने का विचार हो तो अभी कुछ समय के लिए स्थगित करना उचित रहेगा |

कुम्भ : पंचमेश और अष्टमेश का गोचर सप्तम भाव में हो रहा है | आपके ज्ञान में वृद्धि का समय है | आप उच्च शिक्षा के लिए भी कहीं बाहर प्रस्थान कर सकते हैं | आपकी सन्तान तथा विद्यार्थियों के लिए भी समय आनुकूल प्रतीत होता है | आपकी सन्तान का सहयोग भी आपको प्राप्त रहेगा | कार्य में उन्नति तथा धनप्राप्ति के भी संकेत हैं | पॉलिटिक्स से सम्बद्ध लोगों के लिए भी ये गोचर अघिक अनुकूल प्रतीत होता है | आप इस अवधि में किसी भी प्रकार के विरोध को समाप्त करने में समर्थ हो सकते हैं | वहीं दूसरी ओर आपके जीवन साथी के स्वभाव में कुछ चिडचिडापन आप अनुभव कर सकते हैं | आप स्वयं शान्त रहकर अपने जीवन साथी को भी शान्त करने का प्रयास कर सकते हैं |

मीन : चतुर्थेश और सप्तमेश का गोचर आपकी राशि से छठे भाव में हो रहा है | पारिवारिक स्तर पर कुछ समस्याओं अथवा विवादों का सामना इस अवधि में करना पड़ सकता है | जीवन साथी के साथ भी किसी प्रकार का विवाद सम्भव है | प्रॉपर्टी से सम्बन्धित कोई कोर्ट केस भी आपके लिए चिन्ता का विषय हो सकता है | साथ ही जीवन साथी और परिवार के लोगों के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखने की आवश्यकता है |

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बुध का मिथुन में गोचर

बुध को सामान्यतः एक सौम्य ग्रह माना जाता है | मिथुन तथा कन्या राशियों और आश्लेषा, ज्येष्ठा तथा रेवती नक्षत्रों का अधिपतित्व इसे प्राप्त है | कन्या राशि बुध की उच्च राशि है तथा मीन में यह नीच का हो जाता है | सूर्य, शुक्र और राहु के साथ इसकी मित्रता तथा चन्द्रमा के साथ इसकी शत्रुता है और शनि, मंगल, गुरु और केतु के साथ यह तटस्थ भाव में रहता है | दस जून को प्रातः 7:33 के लगभग बुध का मिथुन राशि में प्रवेश होगा | वहाँ से 25 जून को 18:05 के लगभग कर्क राशि में प्रविष्ट हो जाएगा | तो, जानने का प्रयास करते हैं बुध के मिथुन राशि में गोचर के विभिन्न राशियों पर क्या सम्भावित प्रभाव हो सकते हैं…

मेष – आपके लिए तृतीयेश और षष्ठेश होकर बुध का गोचर आपके तृतीय भाव में अपनी ही राशि में हो रहा है | सम्भावना कुछ ऐसी प्रतीत होती है कि आवश्यकता होने पर आर्थिक रूप से भाई बहनों का सहयोग प्राप्त हो सकता है | यद्यपि कुछ विवाद भी सम्भव है, किन्तु अन्त में परिणाम आपके पक्ष में ही होगा |

वृष – आपका द्वितीयेश और पंचमेश होकर बुध का गोचर आपके दूसरे भाव में ही हो रहा है | आर्थिक दृष्टि से अनुकूलता होने के साथ ही आपकी वक्तव्यता तथा आपके लेखन में निखार इस अवधि में आ सकता है जिसके कारण आपसे लोग प्रभावित भी होंगे | आपके व्यवहार में उदारता, कोमलता एवं सौम्यता दिखाई देगी जिसका प्रभाव आपके व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन पर निश्चित ही पड़ेगा | सन्तान के लिए भी समय अनुकूल प्रतीत होता है |

मिथुन – आपके लिए बुध योगकारक होकर अपनी ही राशि में लग्न में गोचर कर रहा है | परिवार में मंगलकार्यों का आयोजन हो सकता है | परिवार में परस्पर सौहार्द का वातावरण रहेगा और समय आमोद प्रमोद में व्यतीत होगा | सामाजिक गतिविधियों में भी वृद्धि की सम्भावना है | परिवारजनों का सहयोग अआप्को अपने कार्य में उपलब्ध होता रहेगा |

कर्क – कर्क राशि के लिए तृतीयेश और द्वादशेश होकर बुध का गोचर आपके बारहवें भाव में ही हो रहा है | भाई बहनों का सहयोग भी अपने कार्य में आपको प्राप्त रहने की सम्भावना है | कार्य के सिलसिले में आपको तथा आपके भाई बहनों को दूर पास की यात्राएँ भी करनी पड़ सकती हैं, किन्तु इन यात्राओं के दौरान आपको अपने तथा अपने भाई बहनों के स्वास्थ्य का ध्यान रखना होगा |

सिंह – आपके लिए बुध द्वितीयेश और एकादशेश होकर आपके एकादश में ही गोचर कर रहा है | आपके लिए विशेष रूप से भाग्योदय का समय प्रतीत होता है | व्यवसाय में प्रगति, नौकरी में पदोन्नति तथा अर्थ और यश प्राप्ति के संकेत हैं | साथ ही यदि आप कोई नया कार्य आरम्भ करना चाहते हैं तो उसके लिए भी अनुकूल समय प्रतीत होता है | बड़े भाई का सहयोग आपको प्राप्त रह सकता है |

कन्या – आपके लिए आपका लग्नेश तथा दशमेश होकर बुध योगकारक ग्रह है तथा दशम स्थान में गोचर कर रहा है | आपके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन के योग हैं | समाज में आपका मान-सम्मान तथा प्रभाव में वृद्धि की सम्भावना है | साथ ही कार्य की दृष्टि से भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आपको नवीन प्रोजेक्ट्स प्राप्त होते रह सकते हैं और आप लम्बे समय तक उनमें व्यस्त रह सकते हैं तथा उनके माध्यम से धनलाभ कर सकते हैं |

तुला – आपके लिए बुध भाग्येश तथा द्वादशेश भाग्य स्थान में ही गोचर कर रहा है | लम्बी विदेश यात्राओं के संकेत प्रतीत होते हैं | साथ ही यदि आपका कार्य किसी रूप में विदेशों से सम्बन्धित है तो उसमें उन्नति की भी सम्भावनाएँ हैं | इसके अतिरिक्त धर्म तथा आध्यात्मिकता की ओर आपकी रूचि बढ़ सकती है | आप किसी धार्मिक संस्था अथवा अस्पताल आदि के लिए धन दान भी करने की योजना बना सकते हैं |

वृश्चिक – आपके लिए बुध अष्टमेश और एकादशेश है तथा आपके अष्टम भाव में गोचर कर रहा है | कहीं से आकस्मिक लाभ की सम्भावना है | व्यावसायिक रूप्प से भी अप्रत्याशित सफलता की सम्भावना है | किन्तु आपके स्वभाव में नकारात्मकता आपके व्यक्तिगत तथा व्यावसायिक जीवन पर विपरीत प्रभाव डाल सकती है | साथ ही स्वास्थ्य का ध्यान रखने की भी आवश्यकता है |

धनु – आपके लिए सप्तमेश और दशमेश होकर बुध योगकारक हो जाता है तथा आपकी राशि से सप्तम भाव में गोचर कर रहा है | आप तथा आपके जीवन साथी के लिए व्यावसायिक दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | पार्टनरशिप में कोई कार्य कर रहे हैं तो उसमें भी उन्नति की सम्भावना है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की भी सम्भावना है | लेखकों तथा बुद्धिजीवियों और मीडियाकर्मियों के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है |

मकर – बुध आपका षष्ठेश और भाग्येश है तथा आपकी राशि से छठे भाव में गोचर कर रहा है | यदि कोई कोर्ट केस चल रहा है तो उसमें अनुकूल परिणाम की सम्भावना की जा सकती है | साथ ही बहुत समय से चली आ रही जोड़ों और माँसपेशियों में दर्द के इलाज़ का भी पता इस अवधि में लग सकता है | प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे लोगों के लिए समय अनुकूल फल देने वाला प्रतीत होता है किन्तु उन्हें परिश्रम अधिक करना पड़ेगा |

कुम्भ –  आपका पंचमेश और अष्टमेश होकर बुध आपकी राशि से पंचम भाव में गोचर कर रहा है | किसी प्रकार की अप्रत्याशित घटना की सम्भावना की जा सकती है | आपकी सन्तान तथा विद्यार्थियों के लिए यह गोचर विशेष रूप से अनुकूल प्रतीत होता है | किन्तु इसके साथ ही सन्तान के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखने की आवश्यकता है | साथ ही सन्तान के साथ किसी प्रकार की बहस से बचने का भी प्रयास आवश्यक है |

मीन – आपके लिए चतुर्थेश और सप्तमेश होकर बुध आपका योगकारक बन जाता है तथा आपके चतुर्थ भाव में ही गोचर कर रहा है | आपके तथा आपके जीवन साथी के लिए यह गोचर भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आप कोई नया घर खरीदने की योजना बना सकते हैं | आपको अपने परिवारजनों का तथा मित्रों का सहयोग प्राप्त होता रहेगा तथा परिवार में सौहार्द का वातावरण रहने की सम्भावना है ||

ये समस्त फल सामान्य हैं | व्यक्ति विशेष की कुण्डली का व्यापक अध्ययन करके ही किसी निश्चित परिणाम पर पहुँचा जा सकता है | अतः कुण्डली का विविध सूत्रों के आधार पर व्यापक अध्ययन कराने के लिए किसी Vedic Astrologer के पास ही जाना उचित रहेगा |

अन्त में, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं – यह एक ऐसी खगोलीय घटना है जिसका प्रभाव मानव सहित समस्त प्रकृति पर पड़ता है | वास्तव में सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

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