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बुध का मीन में गोचर

आज सोमवार 25 फरवरी फाल्गुन कृष्ण सप्तमी को प्रातः आठ बजकर 53 मिनट के लगभग विष्टि करण और ध्रुव योग में बुध ने मीन राशि में प्रवेश किया है | बुध इस समय पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र पर है | 28 फरवरी को यह उत्तर भाद्रपद नक्षत्र पर चला जाएगा | उसके बाद 15 मार्च को वक्री होकर पुनः पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र और कुम्भ राशि में आ जाएगा | यहाँ 12 अप्रेल तक भ्रमण करने के बाद फिर से मार्गी होकर मीन राशि में गोचर करेगा | मीन राशि में भ्रमण करते हुए 15 अप्रेल को उत्तर भाद्रपद नक्षत्र और 25 अप्रेल को रेवती नक्षत्र पर भ्रमण करते हुए अन्त में तीन मई को सायं पाँच बजकर तीन मिनट एक लगभग मेष राशि और अश्विनी नक्षत्र में प्रस्थान कर जाएगा | इस बीच आठ मार्च से 21 मार्च तक बुध अस्त भी रहेगा | मीन राशि के लिए बुध सप्तमेश और दशमेश होकर योगकारक भी बन जाता है | बुध की अपनी उच्च राशि कन्या से मीन राशि सप्तम भाव है तथा मिथुन से दशम भाव है | साथ ही वर्तमान में वृश्चिक राशि से बुध की राशियों के लिए और मीन राशि के लिए योगकारक गुरु की पञ्चम दृष्टि भी बुध को प्राप्त हो रही है | निश्चित रूप से मिथुन, कन्या, धनु और मीन राशियों के लिए बुध का यह गोचर अनुकूल रहने की सम्भावना है | तो जानने का प्रयास करते हैं कि बुध के मीन राशि में गोचर के विभिन्न राशियों पर क्या सम्भावित प्रभाव हो सकते हैं…

मेष : आपका तृतीयेश और षष्ठेश का गोचर आपकी राशि से बारहवें भाव में हो रहा है | कार्य के सिलसिले में अथवा उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए विदेश जा सकते हैं | किन्तु सम्भव है ये यात्राएँ आपके लिए मनोनुकूल न रहे | नौकरी में हैं तो किसी अधिकारी के रिटायर होने के कारण आपकी उसके स्थान पर पदोन्नति के साथ ही किसी दूर के शहर में आपका ट्रांसफर भी हो सकता है | लेखकों के लिए, बैंकिंग अथवा कॉमर्स के क्षेत्र से सम्बन्ध रखने वाले लोगों के लिए तथा दस्तकारों के लिए यह गोचर अधिक अनुकूल प्रतीत होता है | किसी मित्र को पैसा उधार देना इस अवधि में उचित नहीं रहेगा | साथ ही आपके स्वयं के स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं पर पैसा भी खर्च हो सकता है |

वृषभ : आपका द्वितीयेश और पंचमेश का गोचर आपकी राशि से एकादश भाव में हो रहा है | उत्साह में वृद्धि के साथ ही आपके कार्य तथा आय में वृद्धि की सम्भावना है | कुछ ऐसे नवीन कार्य भी आपको प्राप्त हो सकते हैं जिनके कारण व्यस्त रहते हुए अर्थलाभ कर सकते हैं | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की भी सम्भावना है | आपकी वाणी इस समय अत्यन्त प्रभावशाली तथा प्रखर बनी रहेगी, जिसका लाभ आपको अपने कार्य में भी प्राप्त होगा | अधिकारी वर्ग तथा पिता और बड़े भाई का सहयोग प्राप्त होता रहेगा | विद्यार्थियों के लिए भी यह गोचर अनुकूल फल देने वाला प्रतीत होता है | सन्तान की ओर से कोई शुभ समाचार इस अवधि में प्राप्त हो सकता है | पॉलिटिक्स में यदि आप हैं तो आपके लिए भी यह गोचर अनुकूल सिद्ध हो सकता है |

मिथुन : आपका लग्नेश तथा चतुर्थेश होकर बुध आपके लिए योगकारक है और दूसरे योगकारक गुरु की मीन राशि में आपकी राशि से कर्म स्थान में गोचर कर रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त अनुकूल प्रतीत होता है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की भी सम्भावना है | आपका अपना कार्य है तो उसमें भी प्रगति की समभावना है | परिवार के लोगों का तथा कार्यस्थल पर सहकर्मियों का सहयोग आपको उपलब्ध रहेगा | कोई नया कार्य आरम्भ करना चाहते हैं अथवा अपने स्टाफ में नवीन नियुक्तियाँ करना चाहते हैं तो उसके लिए यह समय विशेष रूप से अनुकूल प्रतीत होता है | मित्रों का सहयोग आपको प्राप्त रहेगा | परिवार में किसी सदस्य का विवाह भी इस अवधि में सम्भव है |

कर्क : आपके लिए द्वादशेश और तृतीयेश होकर बुध आपकी राशि से नवम भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए भाग्यवर्द्धक समय प्रतीत होता है | कार्य के सिलसिले में अथवा दस्तकार हैं तो किसी प्रदर्शनी आदि के सिलसिले में यात्राओं में वृद्धि की भी सम्भावना है | इन यात्राओं से आपके कार्य में आपको लाभ होगा किन्तु यात्राओं की अधिकता के कारण आप कुछ शारीरिक थकान का भी अनुभव कर सकते हैं – विशेष रूप से जोड़ों और माँसपेशियों में दर्द की समस्या हो सकती है | बीच बीच में कुछ योग के अभ्यास करते रहेंगे तो इस समस्या से बचे रह सकते हैं | तीर्थयात्रा आदि का कार्यक्रम भी बना सकते हैं | परिवार में भाई बहनों के साथ व्यर्थ के विवाद से बचने की आवश्यकता है |

सिंह : आपके लिए द्वितीयेश और एकादशेश होकर बुध का गोचर आपकी राशि से अष्टम भाव में गोचर कर रहा है | एक ओर आपके लिए कार्य में वृद्धि, पदोन्नति तथा प्रचुर अर्थलाभ की सम्भावना है तो वहीं दूसरी ओर गुप्त शत्रुओं की ओर से भी सावधान रहने की आवश्यकता है | आपके घनिष्ठ मित्रों की ओर से ही अकारण ही आपके लिए कुछ अनिष्ट हो सकता है, अतः अपने कान और आँख खुले रखने की आवश्यकता है | अपने पिता की सलाह पर चलेंगे तो आपके हित में रहेगा | आपकी वाणी अत्यन्त प्रभावशाली बनी रहेगी, जिसका लाभ आपको अपने कार्य में प्राप्त होगा | रुकी हुई पेमेण्ट भी इस अवधि में प्राप्त हो सकती है | स्वास्थ्य की ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है |

कन्या : आपका राश्यधिपति तथा दशमेश होकर बुध आपके लिए योगकारक बन जाता है और आपके दूसरे योगकारक ग्रह गुरु की राशि मीन में आपके सप्तम भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त अनुकूल प्रतीत होता है | कार्य की अधिकता होने के साथ ही आर्थिक स्थिति में भी दृढ़ता की सम्भावना की जा सकती है | पार्टनरशिप में कोई कार्य आरम्भ करना चाहते हैं तो उसके लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | बैंकिंग तथा कॉमर्स के क्षेत्र से सम्बन्ध रखने वालों के लिए, वैद्यों के लिए, कम्प्यूटर, आई टी, मैनेजमेंट इत्यादि के क्षेत्र से सम्बद्ध लोगों के लिए यह गोचर विशेष रूप से अनुकूल प्रतीत होता है | साथ ही यदि अविवाहित हैं तो इस अवधि में अपने किसी मित्र अथवा किसी सहकर्मी के साथ आप Romantically Involve हो सकते हैं, जो समय आने पर विवाह सम्बन्ध में भी परिणत हो सकता है |

तुला : आपका द्वादशेश और भाग्येश का गोचर आपकी राशि से छठे भाव में हो रहा है | इस अवधि में आपकी निर्णायक क्षमता स्पष्ट बनी रहेगी जिसका लाभ आपको अपने कार्यक्षेत्र में प्राप्त हो सकता है | आप अपने लक्ष्य के प्रति दृढ संकल्प रहेंगे | कार्यस्थल पर सहकर्मियों का सहयोग आपको प्राप्त रहेगा | किसी पुराने मित्र से फिर से सम्पर्क हो सकता है, जो आपके कार्य की दृष्टि से अनुकूल सिद्ध हो सकता है | किन्तु साथ ही अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की भी आवश्यकता है | सरदर्द, जोड़ों तथा माँसपेशियों में दर्द की समस्या हो सकती है | डॉक्टर के बताए विटामिन्स आदि समय पर लेते रहेंगे और व्यायाम को अपनी दिनचर्या का अंग बना लेंगे तो बहुत सी समस्याओं से बचे रह सकते हैं | यात्राओं में वृद्धि की सम्भावना है |

वृश्चिक : आपका एकादशेश और अष्टमेश आपकी राशि से आपके पंचम भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए कार्य की दृष्टि से तथा आर्थिक दृष्टि से यह गोचर अत्यन्त अनुकूल प्रतीत होता है | आप इस अवधि में अपने कार्य से सम्बन्धित किसी प्रकार का Short Term Advance Course भी कर सकते हैं | इसके अतिरिक्त अपनी सन्तान को भी किसी कोर्स के लिए भेज सकते हैं | साथ ही यदि आप लेखक अथवा वक्ता हैं तो आपको सिमेनार्स आदि में अपना शोध पत्र प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त हो सकता है | आपके रुके हुए कार्य इस अवधि में पूर्ण होकर आपको उनका अनुकूल पारिश्रमिक भी इस अवधि में प्राप्त होने की सम्भावना है | अचानक ही किसी ऐसे स्थान से कार्य का निमन्त्रण प्राप्त हो सकता है जहाँ के विषय में आपने कल्पना भी नहीं की होगी |

धनु : आपके लिए सप्तमेश और दशमेश होकर बुध आपका योगकारक बन जाता है तथा आपके चतुर्थ भाव में गोचर कर रहा है | आपको अपने कार्य में अपने माता पिता का सहयोग निरन्तर प्राप्त रहेगा | आपके कार्य में तथा आर्थिक स्थिति में लाभ और वृद्धि की सम्भावना इस अवधि में की जा सकती है | आपके लिए इस समय अपने कार्य पर एकाग्रचित्त रहने का समय है जिसका भविष्य में भी आपको लाभ हो सकता है | आपके प्रभावशाली व्यक्तित्व का लाभ आपको अपने कार्य में मिलने की सम्भावना है | परिवार तथा कार्यस्थल पर सौहार्दपूर्ण वातावरण बना रहने के कारण आप अपने कार्य समय पर पूर्ण कर सकने में समर्थ होंगे | अविवाहित हैं तो इस अवधि में आपकी जीवन साथी की खोज भी पूर्ण हो सकती है | किसी सहकर्मी के साथ Romantically involve भी हो सकते हैं |

मकर : आपका षष्ठेश और भाग्येश आपके तीसरे भाव में गोचर कर रहा है | सम्भव है आपको अपने कार्य में किसी प्रकार के व्यवधान का अनुभव हो, किन्तु यह अस्थाई है | आपके उत्साह में वृद्धि का समय प्रतीत होता है, इसका लाभ उठाना आप पर निर्भर करता है | यदि आप दस्तकार हैं अथवा लेखक हैं तो आपके लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आपकी कला की तथा आपके लेखन की प्रशंसा होगी और इसका लाभ भी आपको प्राप्त होगा | धार्मिक गतिविधियों में वृद्धि की सम्भावना है, किन्तु पोंगा पण्डितों तथा व्यर्थ के अन्धविश्वासों के चक्कर में पड़कर आप अपना नुकसान भी कर सकते हैं, अतः इस ओर से सावधना रहने की आवश्यकता है | छोटे भाई बहनों से व्यर्थ का विवाद आपके हित में नहीं रहेगा |

कुम्भ : आपकी राशि से पंचमेश और अष्टमेश का गोचर आपकी राशि से दूसरे भाव में हो रहा है | आपकी निर्णायक तथा प्रतियोगी क्षमताओं में वृद्धि के साथ ही आपके कार्य की दृष्टि से भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आप यदि मीडिया या किसी प्रकार की Alternative Therapy से सम्बन्ध रखते हैं अथवा लेखन के क्षेत्र में हैं या वक्ता हैं तो आपके लिए आर्थिक लाभ तथा पुरूस्कार आदि प्राप्त होने के संकेत हैं | आपके कार्यों की सराहना होगी और आपकी योजनाओं को क्रियान्वित भी किया जा सकता है | नौकरी में पदोन्नति के भी संकेत हैं | राजनीति से जुड़े लोगों के लिए भी यह गोचर भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | किन्तु वाणी जहाँ प्रभावशाली बनी हुई है वहीं उस पर नियन्त्रण रखने की भी आवश्यकता है |

मीन : आपकी राशि से चतुर्थेश और सप्तमेश होकर बुध आपके लिए योगकारक बन जाता है तथा आपकी लग्न में ही गोचर कर रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | एक ओर पारिवारिक स्तर पर आपके लिए सौहार्दपूर्ण वातावरण बना रहने के संकेत हैं वहीं दूसरी ओर आपके कार्य की दृष्टि से भी उन्नति की सम्भावना प्रतीत होती है | नौकरी की तलाश में हैं तो वह भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है | आप अपने लिए नया घर भी इस अवधि में खरीद सकते हैं | सामाजिक गतिविधियों में वृद्धि के साथ ही मान सम्मान में भी वृद्धि की सम्भावना है | अविवाहित हैं तो जीवन साथी की खोज भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है | पॉलिटिक्स से यदि आपका सम्बन्ध है तो आपके लिए विशेष रूप से यह गोचर अनुकूल फल देने वाला प्रतीत होता है |

किन्तु अन्त में, उपरोक्त परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है |

साथ ही, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं | सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2019/02/25/mercury-transit-in-pisces/

 

बुद्ध का कुम्भ में गोचर

कल यानी गुरूवार सात फरवरी को प्रातः दस बजकर ग्यारह मिनट के लगभग माघ शुक्ल द्वितीया को तैतिल करण और परिघ योग में बुध का गोचर कुम्भ राशि में होने जा रहा है | बुध इस समय धनिष्ठा नक्षत्र पर है तथा अस्त है | कुम्भ राशि में निवास करते हुए बुध 11 फरवरी को शतभिषज नक्षत्र पर और 18 फरवरी को पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र पर भ्रमण करता हुआ 25 फरवरी को प्रातः 8:53 के लगभग मीन राशि में प्रस्थान कर जाएगा | इस बीच 18 फरवरी को बुह मार्गी भी हो जाएगा | कुम्भ राशि में स्थित बुध पर शनि की दृष्टि भी है तथा कुम्भ राशि बुध की अपनी उच्च राशि कन्या से छठा भाव है तथा मिथुन राशि से नवम भाव है | आइये जानने का प्रयास करते हैं कि बुध के कुम्भ राशि में गोचर के विभिन्न राशियों पर क्या सम्भावित प्रभाव हो सकते हैं…

मेष : आपका तृतीयेश और षष्ठेश का गोचर आपकी राशि से एकादश भाव में हो रहा है | उत्साह में वृद्धि के साथ ही आपके कार्य तथा आय में वृद्धि की सम्भावना है | कुछ ऐसे नवीन कार्य भी आपको प्राप्त हो सकते हैं जिनके कारण व्यस्त रहते हुए अर्थलाभ कर सकते हैं | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की भी सम्भावना है | किन्तु साथ ही छोटे भाई बहनों अथवा किसी मित्र के कारण कार्य में व्यवधान की सम्भावना से भी इन्कार नहीं किया जा सकता | जो लोग आपसे ईर्ष्या रखते हैं उनसे एक निश्चित दूरी बनाकर चलने में ही भलाई होती है | पॉलिटिक्स में यदि आप हैं तो आपके लिए विशेष रूप से यह गोचर अनुकूल सिद्ध हो सकता है |

वृषभ : आपका द्वितीयेश और पंचमेश आपकी राशि से कर्म स्थान में गोचर कर रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त अनुकूल प्रतीत होता है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की भी सम्भावना है | उत्साह में वृद्धि का समय भी प्रतीत होता है | परिवार के लोगों का तथा कार्यस्थल पर सहकर्मियों का सहयोग आपको उपलब्ध रहेगा | आपका अपना कार्य है तो उसमें उन्नति के साथ ही आप कोई अन्य कार्य भी आरम्भ कर सकते हैं | मित्रों का सहयोग आपको प्राप्त रहेगा | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की सम्भावना भी है | सन्तान के स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है |

मिथुन : आपका लग्नेश तथा चतुर्थेश आपकी राशि से नवम भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए विशेष रूप से भाग्यवर्द्धक समय प्रतीत होता है | आपकी निर्णायक क्षमता में वृद्धि के साथ ही कार्य में प्रगति की तथा आर्थिक स्थिति में दृढ़ता की सम्भावना भी है | आप इस अवधि में तीर्थयात्रा आदि का कार्यक्रम भी बना सकते हैं | परिवार के लोगों का सहयोग आपको प्राप्त रहेगा | आप अपने लिए कोई नया घर भी इस अवधि में खरीद सकते हैं अथवा खरीदने की योजना बना सकते हैं | अध्ययन अध्यापन तथा बेंकिंग अथवा मेडिकल के क्षेत्र से सम्बन्ध रखने वालों के लिए गोचर अनुकूल प्रतीत होता है |

कर्क : आपके लिए द्वादशेश और तृतीयेश होकर बुध आपकी राशि से अष्टम भाव में गोचर कर रहा है | जिन लोगों का कार्य किसी भी प्रकार से विदेशों से सम्बन्ध रखता है उनके लिए यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | उनके लिए में प्रगति तथा उसके माध्यम से अर्थलाभ की सम्भावना प्रतीत होती है | यात्राओं में वृद्धि की भी सम्भावना है | तुकी हुई पेमेण्ट भी इस अवधि में प्राप्त हो सकती है | नौकरी में पदोन्नति के साथ ही ट्रांसफर की सम्भावना भी है | किन्तु साथ ही छोटे भाई बहनों के कारण किसी प्रका का तनाव भी सम्भव है जिसके कारण स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है |

सिंह : आपके लिए द्वितीयेश और एकादशेश होकर बुध का गोचर आपकी राशि से सप्तम भाव में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | कार्य की अधिकता होने के साथ ही आर्थिक स्थिति में भी दृढ़ता की सम्भावना की जा सकती है | किसी मित्र के माध्यम से आपको कुछ नवीन कार्य प्राप्त हो सकते हैं जो आपके लिए हित में रहेंगे | साथ ही यदि अविवाहित हैं तो इस अवधि में अपने किसी मित्र अथवा किसी सहकर्मी के साथ आप Romantically Involve हो सकते हैं, जो समय आने पर विवाह सम्बन्ध में भी परिणत हो सकता है | किन्तु आपको अपने स्वभाव और वाणी पर नियन्त्रण रखने की आवश्यकता है | साथ ही दूसरों के मामलों में हस्तक्षेप का आपका स्वभाव आपके सम्बन्धों के लिए हानिकारक सिद्ध हो सकता है |

कन्या : आपका राश्यधिपति तथा दशमेश बुध का गोचर आपकी राशि से छठे भाव में हो रहा है | इस अवधि में आपकी निर्णायक क्षमता स्पष्ट बनी रहेगी जिसका लाभ आपको अपने कार्यक्षेत्र में प्राप्त हो सकता है | आप अपने लक्ष्य के प्रति दृढ संकल्प रहेंगे | कार्यस्थल पर सहकर्मियों का सहयोग आपको प्राप्त रहेगा | किसी पुराने मित्र से फिर से सम्पर्क हो सकता है, जो आपके कार्य की दृष्टि से अनुकूल सिद्ध हो सकता है | किन्तु साथ ही अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की भी आवश्यकता है | सरदर्द, जोड़ों तथा माँसपेशियों में दर्द की समस्या हो सकती है | डॉक्टर के बताए विटामिन्स आदि समय पर लेते रहेंगे और व्यायाम को अपनी दिनचर्या का अंग बना लेंगे तो बहुत सी समस्याओं से बचे रह सकते हैं |

तुला : आपका द्वादशेश और भाग्येश आपके पंचम भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए कार्य की दृष्टि से तथा आर्थिक दृष्टि से यह गोचर अत्यन्त अनुकूल प्रतीत होता है | आप इस अवधि में अपने कार्य से सम्बन्धित किसी प्रकार का Short Term Advance Course भी कर सकते हैं | इसके अतिरिक्त अपनी सन्तान को भी किसी कोर्स के लिए भेज सकते हैं | साथ ही यदि आप लेखक अथवा वक्ता हैं तो आपको सिमेनार्स आदि में अपना शोध पत्र प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त हो सकता है | आपके रुके हुए कार्य इस अवधि में पूर्ण होकर आपको उनका अनुकूल पारिश्रमिक भी इस अवधि में प्राप्त होने की सम्भावना है | धार्मिक गतिविधियों में वृद्धि की समभावना है |

वृश्चिक : आपका एकादशेश और अष्टमेश आपकी राशि से चतुर्थ भाव में गोचर कर रहा है | आपको अपने कार्य में अपने माता पिता का सहयोग निरन्तर प्राप्त रहेगा | आपके कार्य में तथा आर्थिक स्थिति में लाभ और वृद्द्धि की सम्भावना इस अवधि में की जा सकती है | कार्य से सम्बन्धित व्यस्तताओं के कारण सम्भव है आप परिवार पर अधिक ध्यान न दे पाएँ | किन्तु आपके लिए इस समय अपने कार्य पर एकाग्रचित्त रहने का समय है जिसका भविष्य में भी आपको लाभ हो सकता है | आपके प्रभावशाली व्यक्तित्व का लाभ आपको अपने कार्य में मिलने की सम्भावना है | साथ ही स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है |

धनु : आपका सप्तमेश और दशमेश आपके तीसरे भाव में गोचर कर रहा है | सम्भव है आपके कार्य में किसी प्रकार के व्यवधान का अनुभव आपको हो, किन्तु यह अस्थाई है | बुध के मार्गी होने पर कार्य क्षेत्र में भी सफलता की सम्भावना की जा सकती है | किन्तु यदि आप दस्तकार हैं अथवा लेखक हैं तो आपके लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आपकी कला की तथा आपके लेखन की प्रशंसा होगी और इसका लाभ भी आपको प्राप्त होगा | साथ ही आपके जीवन साथी के लिए यह गोचर भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आप अपने जीवन साथी के साथ कहीं भ्रमण के लिए भी जा सकते हैं |

मकर : आपका षष्ठेश और भाग्येश आपके दूसरे भाव में गोचर कर रहा है | आपकी निर्णायक तथा प्रतियोगी क्षमताओं में वृद्धि के साथ ही आपके कार्य की दृष्टि से भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आप यदि मीडिया या किसी प्रकार की Alternative Therapy से सम्बन्ध रखते हैं अथवा लेखन के क्षेत्र में हैं या वक्ता हैं तो आपके लिए आर्थिक लाभ तथा पुरूस्कार आदि प्राप्त होने के संकेत हैं | आपके कार्यों की सराहना होगी और आपकी योजनाओं को क्रियान्वित भी किया जा सकता है | नौकरी में पदोन्नति के भी संकेत हैं | राजनीति से जुड़े लोगों के लिए भी यह गोचर भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | वाणी पर नियन्त्रण रखने की आवश्यकता है |

कुम्भ : आपकी राशि से पंचमेश और अष्टमेश का गोचर आपकी लग्न में ही गोचर कर रहा है | आपका अपना व्यवसाय है तो उसमें उन्नति के संकेत हैं | कोई नया कार्य भी इस अवधि में आरम्भ कर सकते हैं | पार्टनरशिप में कार्य आरम्भ करने के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | नौकरी में हैं तो उसमें भी पदोन्नति की सम्भावना की जा सकती है | नौकरी की तलाश में हैं तो वह भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है | सामाजिक गतिविधियों में वृद्धि की भी सम्भावना है | लोग आपके कार्यों की प्रशंसा करेंगे और अपने कार्य के लिए आपको किसी प्रकार का पुरूस्कार और सम्मान आदि भी प्राप्त हो सकता है | किन्तु साथ ही विरोधियों की ओर से सावधान रहने की भी आवश्यकता है |

मीन : आपकी राशि से चतुर्थेश और सप्तमेश का गोचर आपके बारहवें भाव में हो रहा है | कार्य के सिलसिले में अथवा उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए विदेश जा सकते हैं | किन्तु सम्भव है ये यात्राएँ आपके लिए मनोनुकूल न रहे | नौकरी में हैं तो किसी अधिकारी के रिटायर होने के कारण आपकी उसके स्थान पर पदोन्नति के साथ ही किसी दूर के शहर में आपका ट्रांसफर भी हो सकता है | किसी मित्र को पैसा उधार देना इस अवधि में उचित नहीं रहेगा | साथ ही आपके स्वयं के स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं पर पैसा भी खर्च हो सकता है | अचानक ही किसी ऐसे स्थान पर जाने का कार्यक्रम बन सकता है जहाँ आप बहुत पहले जाना चाहते थे किन्तु जा नहीं पा रहे थे | पारिवारिक कलह की ओर से साबधान रहने की आवश्यकता है |

किन्तु अन्त में, उपरोक्त परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है |

साथ ही, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं | सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2019/02/06/mercury-transit-in-aquarius/

 

 

बुध का मकर में गोचर

रविवार 20 जनवरी को रात्रि नौ बजकर सात मिनट के लगभग पौष शुक्ल पूर्णिमा को विष्टि करण और विषकुम्भ योग में बुध का गोचर मकर राशि में हो चुका है | बुध इस समय उत्तराषाढ़ नक्षत्र पर है तथा अस्त है | यहाँ से 26 जनवरी को बुध श्रवण नक्षत्र और तीन फरवरी को धनिष्ठा नक्षत्र पर भ्रमण करता हुआ सात फरवरी को प्रातः दस बजकर ग्यारह मिनट पर कुम्भ राशि में प्रस्थान कर जाएगा | इस पूरी अवधि में बुध अस्त ही रहेगा | आइये जानने का प्रयास करते हैं कि बुध के मकर राशि में गोचर के विभिन्न राशियों पर क्या सम्भावित प्रभाव हो सकते हैं…

मेष : आपका तृतीयेश और षष्ठेश का गोचर आपके कर्म स्थान में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर मिश्रित फल देने वाला प्रतीत होता है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की भी सम्भावना है | उत्साह में वृद्धि का समय भी प्रतीत होता है | किन्तु परिवार के लोगों विशेषकर छोटे भाई बहनों के साथ किसी प्रकार का विवाद भी सम्भव है | अच्छा रहेगा यदि अपने पिता अथवा परिवार के अन्य किसी बुज़ुर्ग की मध्यस्थता से इस विवाद को आपस में ही सुलझा लें | पॉलिटिक्स से सम्बद्ध लोगों के लिए यह गोचर विशेष रूप से अनुकूल प्रतीत होता है | माँसपेशियों तथा जोड़ों में दर्द की समस्या हो सकती है अतः योग का अभ्यास नियमित रूप से करने की आवश्यकता है |

वृषभ : आपका द्वितीयेश और पंचमेश आपकी राशि से नवम भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए विशेष रूप से भाग्यवर्द्धक समय प्रतीत होता है | आपकी निर्णायक क्षमता में वृद्धि के साथ ही कार्य में प्रगति की तथा आर्थिक स्थिति में दृढ़ता की सम्भावना भी है | आप इस अवधि में तीर्थयात्रा आदि का कार्यक्रम भी बना सकते हैं | परिवार के लोगों का सहयोग आपको प्राप्त रहेगा | उच्च शिक्षा के लिए भी प्रयास कर सकते हैं | आपकी सन्तान के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | सन्तान यदि नौकरी की तलाश में है तो उसके मन के अनुकूल कोई नौकरी भी उसे प्राप्त हो सकती है |

मिथुन : आपका लग्नेश तथा चतुर्थेश आपकी राशि से अष्टम भाव में गोचर कर रहा है | एक ओर जहाँ आपके लिए एक और उत्साह में वृद्धि के योग हैं, आपकी निर्णायक और प्रतियोगी क्षमताओं में वृद्धि के योग प्रतीत होते हैं, वहीं पारिवारिक स्तर पर कुछ समस्याओं अथवा विवादों का सामना भी इस अवधि में करना पड़ सकता है – विशेष रूप से सन्तान के साथ व्यर्थ के विवाद से बचने की आवश्यकता है, अन्यथा इसका विपरीत प्रभाव आपके स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है | स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है | आपकी सन्तान और जीवन साथी के लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है |

कर्क : आपके लिए द्वादशेश और तृतीयेश होकर बुध आपकी राशि से सप्तम भाव में गोचर कर रहा है | परिवार में प्रेम और सौहार्द का तथा आनन्द का वातावरण विद्यमान रहने की सम्भावना है | यदि अविवाहित हैं तो इस अवद्धि में कहीं आपका विवाह सम्बन्ध भी निश्चित हो सकता है | विवाहित हैं तो जीवन साथी के साथ सम्बन्धों में माधुर्य बना रह सकता है | आप अपने लिए नया घर खरीदने की योजना भी बना सकते हैं | परिवार में किसी नवीन सदस्य के आगमन के कारण परिवार में उत्साह तथा मंगलकार्यों का वातावरण बना रह सकता है जिसके कारण बहुत से सम्बन्धियों और मित्रों के साथ मिलना हो सकता है | आपके लिए भी यात्राओं में वृद्धि की सम्भावना है |

सिंह : आपके लिए द्वितीयेश और एकादशेश होकर बुध का गोचर आपकी राशि से छठे भाव में हो रहा है | इस अवधि में आपकी वाणी प्रभावशाली बनी रहेगी और आपकी निर्णायक क्षमता स्पष्ट बनी रहेगी जिसका लाभ आपको अपने कार्यक्षेत्र में प्राप्त हो सकता है | आप अपने लक्ष्य के प्रति दृढ संकल्प रहेंगे | किन्तु साथ ही आपकी पेमेण्ट कहीं रुक सकती है, जिसके लिए आपको अधिकारी वर्ग के साथ कुछ विवाद भी करना पड़ सकता है | किन्तु कुछ देर से ही सही, आपकी पेमेण्ट आपको प्राप्त अवश्य हो जाएगी | साथ ही अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की भी आवश्यकता है | सरदर्द, जोड़ों तथा माँसपेशियों में दर्द की समस्या हो सकती है | डॉक्टर के बताए विटामिन्स आदि समय पर लेते रहेंगे और व्यायाम को अपनी दिनचर्या का अंग बना लेंगे तो बहुत सी समस्याओं से बचे रह सकते हैं |

कन्या : आपका राश्यधिपति तथा दशमेश बुध का गोचर आपकी राशि से पंचम भाव में हो रहा है | आपके लिए कार्य की दृष्टि से तथा आर्थिक दृष्टि से यह गोचर अत्यन्त अनुकूल प्रतीत होता है | आप इस अवधि में अपने कार्य से सम्बन्धित किसी प्रकार का Short Term Advance Course भी कर सकते हैं | इसके अतिरिक्त अपनी सन्तान को भी किसी कोर्स के लिए भेज सकते हैं | साथ ही यदि आप लेखक अथवा वक्ता हैं तो आपको सिमेनार्स आदि में अपना शोध पत्र प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त हो सकता है | आपके रुके हुए कार्य इस अवधि में पूर्ण होकर आपको उनका अनुकूल पारिश्रमिक भी इस अवधि में प्राप्त होने की सम्भावना है |

तुला : आपका द्वादशेश और भाग्येश आपके चतुर्थ भाव में हो रहा है | आपको अपने कार्य में अपने पिता का सहयोग निरन्तर प्राप्त रहेगा | आपके कार्य में तथा आर्थिक स्थिति में लाभ और वृद्द्धि की सम्भावना इस अवधि में की जा सकती है | कार्य से सम्बन्धित व्यस्तताओं के कारण सम्भव है आप परिवार पर अधिक ध्यान न दे पाएँ | किन्तु आपके लिए इस समय अपने कार्य पर एकाग्रचित्त रहने का समय है जिसका भविष्य में भी आपको लाभ हो सकता है | आपके प्रभावशाली व्यक्तित्व का लाभ आपको अपने कार्य में मिलने की सम्भावना है | कार्य से सम्बन्धित विदेश यात्राओं में भी वृद्धि की सम्भावना है | परिवार में किसी प्रकार के तनाव की सम्भावना है |

वृश्चिक : आपका एकादशेश और अष्टमेश आपकी राशि से तीसरे भाव में गोचर रहा है | आपके लिए कार्य की दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आप कोई नया कार्य भी इस अवधि में आरम्भ कर सकते हैं | साथ ही आप अपने छोटे भाई बहनों की भी किसी प्रकार की सहायता कर सकते हैं | आपका कार्य यदि किसी प्रकार विदेश से सम्बन्ध रखता है तो आपके लिए कार्य से सम्बन्धित विदेश यात्राओं में वृद्धि के भी योग हैं | किसी ऐसे स्थान से भी कार्य और अर्थ का लाभ हो सकता है जहाँ के विषय में आपने कल्पना भी नहीं की होगी | किन्तु इन यात्राओं के दौरान आपको अपने Important Documents को सम्भाल कर रखने की आवश्यकता होगी | आपके भाई बहनों के लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | धार्मिक गतिविधियों में वृद्धि की सम्भावना है |

धनु : आपका सप्तमेश और दशमेश दूसरे भाव में गोचर कर रहा है | आपके तथा आपके जीवन साथी के लिए कार्य की दृष्टि से यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्धक प्रतीत होता है | आप यदि मीडिया या किसी प्रकार की Alternative Therapy से सम्बन्ध रखते हैं, प्रॉपर्टी से सम्बन्धित किसी व्यवसाय से सम्बन्ध रखते हैं अथवा लेखन के क्षेत्र में हैं या वक्ता हैं तो आपके लिए आर्थिक लाभ तथा पुरूस्कार आदि प्राप्त होने के संकेत हैं | आपके कार्यों की सराहना होगी और आपकी योजनाओं को क्रियान्वित भी किया जा सकता है | नौकरी में पदोन्नति के भी संकेत हैं | राजनीति से जुड़े लोगों के लिए भी यह गोचर भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है |

मकर : आपका षष्ठेश और भाग्येश आपकी लग्न में ही गोचर कर रहा है | आपका अपना व्यवसाय है तो उसमें उन्नति के संकेत हैं | कोई नया कार्य भी इस अवधि में आरम्भ कर सकते हैं | पार्टनरशिप में कार्य आरम्भ करने के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | नौकरी में हैं तो उसमें भी पदोन्नति की सम्भावना की जा सकती है | नौकरी की तलाश में हैं तो वह भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है | सामाजिक गतिविधियों में वृद्धि की भी सम्भावना है | लोग आपके कार्यों की प्रशंसा करेंगे और अपने कार्य के लिए आपको किसी प्रकार का पुरूस्कार और सम्मान आदि भी प्राप्त हो सकता है | आपके जीवन साथी के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है |

कुम्भ : आपकी राशि से पंचमेश और अष्टमेश का गोचर आपकी राशि से बारहवें भाव में हो रहा है | कार्य के सिलसिले में अथवा उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए विदेश जा सकते हैं | किन्तु सम्भव है ये यात्राएँ आपके लिए मनोनुकूल न रहे | नौकरी में हैं तो किसी अधिकारी के रिटायर होने के कारण आपकी उसके स्थान पर पदोन्नति के साथ ही किसी दूर के शहर में आपका ट्रांसफर भी हो सकता है | किसी मित्र को पैसा उधार देना इस अवधि में उचित नहीं रहेगा | साथ ही आपके स्वयं के स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं पर पैसा भी खर्च हो सकता है | अचानक ही किसी ऐसे स्थान पर जाने का कार्यक्रम बन सकता है जहाँ आप बहुत पहले जाना चाहते थे किन्तु जा नहीं पा रहे थे |

मीन : आपकी राशि से चतुर्थेश और सप्तमेश का गोचर आपके एकादश भाव में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त अनुकूल प्रतीत होता है | आपके कार्य तथा आय में वृद्धि की सम्भावना है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की भी सम्भावना है | पॉलिटिक्स में यदि आप हैं तो आपके लिए विशेष रूप से यह गोचर भाग्यवर्द्धक सिद्ध हो सकता है | आप इस अवधि में कोई नया घर भी खरीद सकते हैं | दाम्पत्य जीवन में माधुर्य बना रहने की सम्भावना है | वंश वृद्धि का विचार भी आप इस अवधि में कर सकते हैं |

किन्तु अन्त में, उपरोक्त परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है |

साथ ही, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं | सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2019/01/24/mercury-transit-in-capricorn/

बुध का धनु में गोचर

नव वर्ष 2019 के प्रथम दिवस अर्थात एक जनवरी को पौष कृष्ण एकादशी को बव करण, धृति योग और विशाखा नक्षत्र में 09:50 के लगभग बुध का प्रवेश सूर्य और शनि के साथ गुरु की धनु राशि और मूल नक्षत्र में हो जाएगा | सर्वप्रथम सभी को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ… धनु राशि में बुध का गोचर सभी के लिए भाग्यवर्द्धक रहे…

धनु राशि में बुध बीस जनवरी को रात्रि नौ बजकर छह मिनट तक भ्रमण करने के पश्चात शनि की मकर राशि में प्रविष्ट हो जाएगा | धनु राशि पर भ्रमण करते हुए 10 जनवरी को पूर्वाषाढ़ और 18 जनवरी को उत्तराषाढ़ नक्षत्र में प्रविष्ट हो जाएगा | इस बीच 6 जनवरी से बुध अस्त भी रहेगा | आइये जानने का प्रयास करते हैं कि बुध के धनु राशि में गोचर के विभिन्न राशियों पर क्या सम्भावित प्रभाव हो सकते हैं…

मेष : आपका तृतीयेश और षष्ठेश का गोचर आपके भाग्य स्थान में हो रहा है | आपके नौकरी में हैं तो पदोन्नति की भी सम्भावना है | उत्साह में वृद्धि का समय भी प्रतीत होता है | आप इस अवधि में कोई नया घर भी खरीद सकते हैं | किन्तु परिवार के लोगों के साथ किसी प्रकार का विवाद भी सम्भव है | अच्छा रहेगा यदि अपने पिता अथवा परिवार के अन्य किसी बुज़ुर्ग की मध्यस्थता से इस विवाद को आपस में ही सुलझा लें | दाम्पत्य जीवन में माधुर्य बना रहने की सम्भावना है | पॉलिटिक्स से सम्बद्ध लोगों के लिए यह गोचर विशेष रूप से अनुकूल प्रतीत होता है | धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में वृद्धि की सम्भावना है |

वृषभ : आपका द्वितीयेश और पंचमेश आपकी राशि से अष्टम भाव में गोचर कर रहा है | एक ओर जहाँ आपके लिए एक और उत्साह में वृद्धि के योग हैं, आपकी निर्णायक और प्रतियोगी क्षमताओं में वृद्धि के योग प्रतीत होते हैं, वहीं पारिवारिक स्तर पर कुछ समस्याओं अथवा विवादों का सामना भी इस अवधि में करना पड़ सकता है – विशेष रूप से सन्तान के साथ व्यर्थ के विवाद से बचने की आवश्यकता है, अन्यथा इसका विपरीत प्रभाव आपके स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है | स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है | आपकी सन्तान और जीवन साथी के लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है |

मिथुन : आपका लग्नेश तथा चतुर्थेश आपकी राशि से सप्तम भाव में गोचर कर रहा है | परिवार में प्रेम और सौहार्द का तथा आनन्द का वातावरण विद्यमान रहने की सम्भावना है | यदि अविवाहित हैं तो इस अवद्धि में कहीं आपका विवाह सम्बन्ध भी निश्चित हो सकता है | विवाहित हैं तो जीवन साथी के साथ सम्बन्धों में माधुर्य बना रह सकता है | आप अपने लिए नया घर खरीदने की योजना भी बना सकते हैं | परिवार में किसी नवीन सदस्य के आगमन के कारण परिवार में उत्साह तथा मंगलकार्यों का वातावरण बना रह सकता है जिसके कारण बहुत से सम्बन्धियों और मित्रों के साथ मिलना हो सकता है |

कर्क : आपके लिए द्वादशेश और तृतीयेश होकर बुध आपकी राशि से छठे भाव में गोचर कर रहा है | इस अवधि में आपकी वाणी प्रभावशाली बनी रहेगी और आपकी निर्णायक क्षमता स्पष्ट बनी रहेगी जिसका लाभ आपको अपने कार्यक्षेत्र में प्राप्त हो सकता है | आर्थिक दृष्टि से तथा कार्य की दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आप अपने लक्ष्य के प्रति दृढ संकल्प रहेंगे | किन्तु साथ ही अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की भी आवश्यकता है | सरदर्द, जोड़ों तथा माँसपेशियों में दर्द की समस्या हो सकती है | डॉक्टर के बताए विटामिन्स आदि समय पर लेते रहेंगे और व्यायाम को अपनी दिनचर्या का अंग बना लेंगे तो बहुत सी समस्याओं से बचे रह सकते हैं |

सिंह : आपके लिए द्वितीयेश और एकादशेश होकर बुध का गोचर आपकी राशि से पंचम भाव में हो रहा है | आपके लिए कार्य की दृष्टि से तथा आर्थिक दृष्टि से यह गोचर अत्यन्त अनुकूल प्रतीत होता है | आप इस अवधि में अपने कार्य से सम्बन्धित किसी प्रकार का Short Term Advance Course भी कर सकते हैं | इसके अतिरिक्त अपनी सन्तान को भी किसी कोर्स के लिए भेज सकते हैं | साथ ही यदि आप लेखक अथवा वक्ता हैं तो आपको सिमेनार्स आदि में अपना शोध पत्र प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त हो सकता है | आपके रुके हुए कार्य इस अवधि में पूर्ण होकर आपको उनका अनुकूल पारिश्रमिक भी इस अवधि में प्राप्त होने की सम्भावना है |

कन्या : आपका राश्यधिपति तथा दशमेश बुध का गोचर आपकी लग्न से चतुर्थ भाव में हो रहा है | आपको अपने कार्य में अपने पिता का सहयोग निरन्तर प्राप्त रहेगा | आपके कार्य में तथा आर्थिक स्थिति में लाभ और वृद्द्धि की सम्भावना इस अवधि में की जा सकती है | कार्य से सम्बन्धित व्यस्तताओं के कारण सम्भव है आप परिवार पर अधिक ध्यान न दे पाएँ | किन्तु आपके लिए इस समय अपने कार्य पर एकाग्रचित्त रहने का समय है जिसका भविष्य में भी आपको लाभ हो सकता है | आपके प्रभावशाली व्यक्तित्व का लाभ आपको अपने कार्य में मिलने की सम्भावना है | कार्य से सम्बन्धित विदेश यात्राओं में भी वृद्धि की सम्भावना है |

तुला : आपका द्वादशेश और भाग्येश आपके तीसरे भाव में हो रहा है | आपके लिए कार्य की दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आप कोई नया कार्य भी इस अवधि में आरम्भ कर सकते हैं | साथ ही आप अपने छोटे भाई बहनों की भी किसी प्रकार की सहायता कर सकते हैं | आपका कार्य यदि किसी प्रकार विदेश से सम्बन्ध रखता है तो आपके लिए कार्य से सम्बन्धित विदेश यात्राओं में वृद्धि के भी योग हैं | किन्तु इन यात्राओं के दौरान आपको अपने Important Documents को सम्भाल कर रखने की आवश्यकता होगी | आपके भाई बहनों के लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | धार्मिक गतिविधियों में वृद्धि की सम्भावना है |

वृश्चिक : आपका एकादशेश और अष्टमेश आपकी राशि से दूसरे भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए कार्य की दृष्टि से यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्धक प्रतीत होता है | आप यदि मीडिया या किसी प्रकार की Alternative Therapy से सम्बन्ध रखते हैं, प्रॉपर्टी से सम्बन्धित किसी व्यवसाय से सम्बन्ध रखते हैं अथवा लेखन के क्षेत्र में हैं या वक्ता हैं तो आपके लिए आर्थिक लाभ तथा पुरूस्कार आदि प्राप्त होने के संकेत हैं | नौकरी में पदोन्नति के भी संकेत हैं | किन्तु इसके साथ ही गुप्त शत्रुओं की ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है | अचानक ही किसी ऐसे स्रोत से लाभ की भी सम्भावना है जहाँ के विषय में आपने कल्पना भी नहीं की होगी |

धनु : आपका सप्तमेश और दशमेश आपकी लग्न में ही गोचर कर रहा है | आपका अपना व्यवसाय है तो उसमें उन्नति के संकेत हैं | कोई नया कार्य भी इस अवधि में आरम्भ कर सकते हैं | पार्टनरशिप में कार्य आरम्भ करने के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | नौकरी में हैं तो उसमें भी पदोन्नति की सम्भावना की जा सकती है | नौकरी की तलाश में हैं तो वह भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है | सामाजिक गतिविधियों में वृद्धि की भी सम्भावना है | लोग आपके कार्यों की प्रशंसा करेंगे और अपने कार्य के लिए आपको किसी प्रकार का पुरूस्कार और सम्मान आदि भी प्राप्त हो सकता है | अविवाहित हैं तो अपने किसी सहकर्मी के साथ विवाह बन्धन में भी बंध सकते हैं | आपके जीवन साथी के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है |

मकर : आपका षष्ठेश और भाग्येश आपकी राशि से राशि से बारहवें भाव में गोचर कर रहा है | कार्य के सिलसिले में विदेश यात्राओं में वृद्धि के संकेत हैं | तीर्थ स्थलों की यात्रा पर भी जा सकते हैं | किन्तु सम्भव है ये यात्राएँ आपके लिए मनोनुकूल न रहे | साथ ही धार्मिक गतिविधियों के लिए धन भी खर्च कर सकते हैं | ऐसा करते समय पोंगा पण्डितों की ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है | नौकरी में हैं तो किसी अधिकारी के रिटायर होने के कारण आपकी उसके स्थान पर पदोन्नति के साथ ही किसी दूर के शहर में आपका ट्रांसफर भी हो सकता है | किसी मित्र को पैसा उधार देना इस अवधि में उचित नहीं रहेगा | साथ ही आपके स्वयं के स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं पर पैसा भी खर्च हो सकता है |

कुम्भ : आपकी राशि से पंचमेश और अष्टमेश का गोचर आपकी राशि से एकादश भाव में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर मिश्रित फल देने वाला प्रतीत होता है | एक ओर आपके कार्य तथा आय में वृद्धि की सम्भावना है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की भी सम्भावना है | पॉलिटिक्स में यदि आप हैं तो आपके लिए विशेष रूप से यह गोचर भाग्यवर्द्धक सिद्ध हो सकता है | आपकी सन्तान अथवा आप स्वयं किसी विषय में अध्ययन का प्रयास भी कर सकते हैं | किसी वसीयत के माध्यम से अथवा किसी अप्रत्याशित स्रोत से भी आपको लाभ हो सकता है | किन्तु वहीं दूसरी ओर गुप्त शत्रुओं की ओर से सावधान रहने की भी आवश्यकता है |

मीन : आपकी राशि से चतुर्थेश और सप्तमेश का गोचर आपके दशम भाव में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त प्रतीत होता है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की भी सम्भावना है | उत्साह में वृद्धि का समय भी प्रतीत होता है | आप इस अवधि में कोई नया घर भी खरीद सकते हैं | किन्तु परिवार के लोगों के साथ किसी प्रकार का विवाद भी सम्भव है | अच्छा रहेगा यदि अपने पिता अथवा परिवार के अन्य किसी बुज़ुर्ग की मध्यस्थता से इस विवाद को आपस में ही सुलझा लें | दाम्पत्य जीवन में माधुर्य बना रहने की सम्भावना है | वंश वृद्धि का विचार भी आप इस अवधि में कर सकते हैं | पॉलिटिक्स से सम्बद्ध लोगों के लिए यह गोचर विशेष रूप से अनुकूल प्रतीत होता है |

किन्तु अन्त में, उपरोक्त परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है |

साथ ही, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं | सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें, इसी कामना के साथ एक बार पुनः नववर्ष 2019 की हार्दिक शुभकामनाएँ…

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बुध का वृश्चिक में गोचर

कल यानी 26 अक्टूबर को आश्विन कृष्ण तृतीया, वणिज करण, व्यातिपत योग और विशाखा नक्षत्र में 20:44 के लगभग बुध का प्रवेश वृश्चिक राशि में हो जाएगा | जहाँ पहली जनवरी को 09:50 तक भ्रमण करने के पश्चात गुरु की धनु राशि में प्रविष्ट हो जाएगा | यहाँ भ्रमण करते हुए 29 अक्टूबर को अनुराधा, 10 नवम्बर को ज्येष्ठा, 17 नबम्बर से वक्री होते हुए 22 नबम्बर को पुनः अनुराधा, 5 दिसम्बर को पुनः विशाखा, 7 दिसम्बर से पुनः मार्गी होते हुए 8 दिसम्बर को अनुराधा और अन्त में 22 दिसम्बर को ज्येष्ठा नक्षत्र पर चला जाएगा | इनमें ज्येष्ठा नक्षत्र का स्वामी भी बुध स्वयं ही है | इस मध्य 22 नवम्बर से 3 दिसम्बर तक बुध अस्त भी रहेगा | इन समस्त तथ्यों के आधार पर आइये जानने का प्रयास करते हैं कि बुध के वृश्चिक राशि में गोचर के विभिन्न राशियों पर क्या सम्भावित प्रभाव हो सकते हैं…

मेष : आपका तृतीयेश और षष्ठेश आपके अष्टम भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए एक और उत्साह में वृद्धि के योग हैं, आपकी निर्णायक और प्रतियोगी क्षमताओं में वृद्द्द्धि के योग प्रतीत होते हैं, वहीं पारिवारिक स्तर पर कुछ समस्याओं अथवा विवादों का सामना भी इस अवधि में करना पड़ सकता है – विशेष रूप से छोटे भाई बहनों के साथ | जिसका विपरीत प्रभाव आपके स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है | प्रयास करें बात कोर्ट तक न पहुँचने पाए | स्वास्थ्य का ध्यान रखने की विशेष रूप से आवश्यकता है |

वृषभ : आपका द्वितीयेश और पंचमेश आपकी राशि से सप्तम भाव में गोचर कर रहा है | इस अवधि में आपकी वाणी प्रभावशाली बनी रहेगी और आपकी निर्णायक क्षमता स्पष्ट बनी रहेगी | आर्थिक दृष्टि से तथा कार्य की दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आप अपने लक्ष्य के प्रति दृढ संकल्प रहेंगे | आपकी सन्तान के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | किसी ऐसे स्रोत से धनलाभ की संभावना है जिसके विषय में आपने कल्पना भी नहीं की होगी |

मिथुन : आपका लग्नेश तथा चतुर्थेश आपकी राशि से छठे भाव में गोचर कर रहा है | एक और आपको अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है तो वहीं दूसरी और पारिवारिक स्तर पर किसी प्रकार के विवाद से भी इनकार नहीं किया जा सकता | किन्तु एक योगकारक दूसरे योगकारक के साथ गोचर कर रहा है इसलिए आप अपने बुद्धिबल से किसी भी विवाद को सुलझाने में समर्थ भी हो सकते हैं | स्वास्थ्य का जहाँ तक प्रश्न है तो सरदर्द, जोड़ों तथा माँसपेशियों में दर्द की समस्या हो सकती है | डॉक्टर के बताए विटामिन्स आदि समय पर लेते रहेंगे और व्यायाम को अपनी दिनचर्या का अंग बना लेंगे तो बहुत सी समस्याओं से बचे रह सकते हैं |

कर्क : आपके लिए द्वादशेश और तृतीयेश होकर बुध आपकी राशि से पंचम भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त अनुकूल प्रतीत होता है | आप कहीं विदेश अथवा कीड़ी दूर के शहर जाकर अपने कार्य से सम्बन्धित किसी प्रकार का Advance Course इस अवधि में कर सकते हैं | साथ ही यदि आप लेखक हैं तो आपको सिमेनार्स आदि में अपना शोध पत्र प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त हो सकता है | परिवार में किसी प्रकार के माँगलिक कार्य की भी सम्भावना प्रतीत होती है | आपकी सन्तान भी अपने कार्य अथवा उच्च शिक्षा के लिए विदेश प्रस्थान कर सकती है | किन्तु यात्राओं के दौरान अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की विशेष रूप से आवश्यकता है |

सिंह : आपके लिए द्वितीयेश और एकादशेश होकर बुध का गोचर आपकी राशि से चतुर्थ भाव में हो रहा है | आपको अपने कार्य में बड़े भाई अथवा माता-पिता का सहयोग निरन्तर प्राप्त रहेगा | आपके कार्य में तथा आर्थिक स्थिति में लाभ और वृद्द्धि की सम्भावना इस अवधि में की जा सकती है | कार्य से सम्बन्धित व्यस्तताओं के कारण सम्भव है आप परिवार पर अधिक ध्यान न दे पाएँ | किन्तु आपके लिए इस समय अपने कार्य पर एकाग्रचित्त रहने का समय है जिसका भविष्य में भी आपको लाभ हो सकता है | आपकी वाणी बहुत प्रभावशाली है और उसका प्रभाव दूसरों पर होता है, जिसका लाभ भी आपको प्राप्त होगा |

कन्या : आपका राश्यधिपति तथा दशमेश बुध का गोचर आपकी लग्न से तीसरे भाव में हो रहा है | आपके लिए कार्य की दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आप कोई नया कार्य भी इस अवधि में आरम्भ कर सकते हैं | आपके पिता अथवा बड़े भाई का पूर्ण सहयोग आपको प्राप्त रहेगा | आपकी लेखन प्रतिभा में निखार इस अवधि में आने की सम्भावना है जिसका लाभ आपको अपने कार्य में प्राप्त हो सकता है | आपके लेखन के कारण आपको समाज में प्रतिष्ठा, मन सम्मान तथा किसी प्रकार के पुरूस्कार की भी उपलब्धि की सम्भावना भी है | साथ ही आप अपने छोटे भाई बहनों की भी किसी प्रकार की सहायता कर सकते हैं |

तुला : आपका द्वादशेश और भाग्येश आपके दूसरे भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए कार्य की दृष्टि से यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्धक प्रतीत होता है | आप यदि मीडिया या किसी प्रकार की Alternative Therapy से सम्बन्ध रखते हैं अथवा लेखन के क्षेत्र में हैं तो आपके लिए आर्थिक लाभ तथा पुरूस्कार आदि प्राप्त होने के संकेत हैं | साथ ही यदि आपका कार्य विदेश से सम्बन्ध रखता है तो आपके लिए यह गोचर विशेष रूप से भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | विदेश यात्राओं में वृद्धि के भी योग प्रतीत होते हैं | नौकरी में पदोन्नति के साथ ट्रांसफर के भी संकेत हैं |

वृश्चिक : आपका एकादशेश और अष्टमेश आपकी लग्न में ही गोचर कर रहा है | आपका अपना व्यवसाय है तो उसमें उन्नति के संकेत हैं | नौकरी में हैं तो उसमें भी पदोन्नति की सम्भावना की जा सकती है | किसी अप्रत्याशित स्थान से भी आर्थिक लाभ की सम्भावना प्रतीत होती है | नौकरी की तलाश में हैं तो वह भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है | किन्तु साथ ही विरोधियों की और से भी सावधान रहने की आवश्यकता है | नौकरी में हैं तो बॉस से पंगा आपके हित में नहीं होगा अतः अपने स्वभाव को संयमित रखने की आवश्यकता है | सामाजिक गतिविधियों में वृद्धि की सम्भावना है |

धनु : आपका सप्तमेश और दशमेश आपकी राशि से बारहवें भाव में गोचर कर रहा है | आपके तथा आपके जीवन साथी के लिए कार्य के सिलसिले में विदेश यात्राओं में वृद्धि तथा अर्थ लाभ के भी संकेत हैं | नौकरी में हैं तो किसी अधिकारी के रिटायर होने के कारण आपकी उसके स्थान पर पदोन्नति के साथ ही किसी दूर के शहर में आपका ट्रांसफर भी हो सकता है | किसी मित्र को पैसा उधार देना इस अवधि में उचित नहीं रहेगा | साथ ही आपके स्वयं के अथवा आपके जीवन साथी के स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं पर पैसा भी खर्च हो सकता है |

मकर : आपका षष्ठेश और भाग्येश आपकी राशि से एकादश भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आपके कार्य तथा आय में वृद्धि की सम्भावना है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की भी सम्भावना है | सहकर्मियों अथवा व्यावसायिक पार्टनर का और पिता तथा जीवन साथी का सहयोग आपको निरन्तर प्राप्त रहेगा | पॉलिटिक्स में यदि आप हैं तो आपके लिए विशेष रूप से यह गोचर भाग्यवर्द्धक सिद्ध हो सकता है | अविवाहित हैं तो आपके किसी सहकर्मी की ओर से प्रणय निवेदन भी आपको प्राप्त हो सकता है | किन्तु विवाह में अभी देर लग सकती है |

कुम्भ : पंचमेश और अष्टमेश का गोचर आपके दशम भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए यह गोचर मिश्रित फल देने वाला प्रतीत होता है | कार्य स्थल में किसी प्रकार के विरोध का सामना इस अवधि में करना पड़ सकता है | किसी कोर्ट केस के कारण भी किसी प्रकार का मानसिक तनाव आपको अनुभव हो सकता है | इस अवधि में शान्ति पूर्वक व्यवहार करना आपके हित में रहेगा | किसी भी विवाद को बढ़ने देना भी आपके हित में नहीं रहेगा | धार्मिक गतिविधियों में वृद्धि की सम्भावना है | आपकी सन्तान के लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है |

मीन : चतुर्थेश और सप्तमेश का गोचर आपकी राशि से नवम भाव में हो रहा है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की भी सम्भावना है | उत्साह में वृद्धि का समय भी प्रतीत होता है | आप इस अवधि में कोई नया घर भी खरीद सकते हैं | किन्तु परिवार के लोगों के साथ किसी प्रकार का विवाद भी सम्भव है | अच्छा रहेगा यदि अपने पिता अथवा परिवार के अन्य किसी बुज़ुर्ग की मध्यस्थता से इस विवाद को आपस में ही सुलझा लें | दाम्पत्य जीवन में माधुर्य बना रहने की सम्भावना है | वंश वृद्धि का विचार भी आप इस अवधि में कर सकते हैं | पॉलिटिक्स से सम्बद्ध लोगों के लिए यह गोचर विशेष रूप से अनुकूल प्रतीत होता है | धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में वृद्धि की सम्भावना है |

किन्तु अन्त में, उपरोक्त परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है |

साथ ही, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं | सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2018/10/25/mercury-transit-in-scorpio/

 

बुध का तुला में गोचर

कल यानी 6 अक्टूबर को आश्विन कृष्ण द्वादशी, तैतिल करण और शुभ योग में दोपहर 12:42 के लगभग पर बुध अपनी स्वयं की उच्च राशि कन्या से निकल कर मित्र ग्रह शुक्र की तुला राशि में प्रविष्ट होगा | इस प्रवेश के समय बुध चित्रा नक्षत्र में होगा | यहाँ कुछ समय बुध को गुरु और शुक्र का साथ भी मिलेगा | यहाँ से 26 अक्टूबर को 20:44 के लगभग बुध का प्रवेश वृश्चिक राशि में हो जाएगा | इस बीच 10 अक्टूबर को स्वाति नक्षत्र पर तथा 19 अक्टूबर को विशाखा नक्षत्र पर गोचर करेगा | 11 अक्टूबर को बुध मार्गी भी हो जाएगा | इन समस्त तथ्यों के आधार पर आइये जानने का प्रयास करते हैं कि बुध के तुला राशि में गोचर के विभिन्न राशियों पर क्या सम्भावित प्रभाव हो सकते हैं…

मेष : आपका तृतीयेश और षष्ठेश आपके सप्तम भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए सामाजिक गतिविधियों में वृद्धि के योग बन रहे हैं | इन गतिविधियों के दौरान आपके कुछ नवीन सम्बन्ध भी बन सकते हैं जिनके कारण आपको अपने कार्यक्षेत्र में भी लाभ हो सकता है | आर्थिक स्थिति में दृढ़ता के भी योग प्रतीत होते हैं | आपके छोटे भाई बहन यदि अध्ययनरत हैं तो उनके लिए भी ये गोचर अनुकूल फल देने वाला प्रतीत होता है | आपके जीवन साथी के लिए भी यह गोचर अनुकूल फल देने वाला प्रतीत होता है | यदि आपको जीवन साथी की तलाश है तो वह भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है |

वृषभ : आपका द्वितीयेश और पंचमेश आपकी राशि से छठे भाव में गोचर कर रहा है | इस अवधि में आपकी वाणी प्रभावशाली बनी रहेगी और आपकी निर्णायक क्षमता स्पष्ट बनी रहेगी | आर्थिक दृष्टि से तथा कार्य की दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आप अपने लक्ष्य के प्रति दृढ संकल्प रहेंगे | आपकी सन्तान के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | किन्तु पिता अथवा सन्तान के साथ किसी प्रकार का विवाद भी सम्भव है | किसी कोर्ट केस में अनुकूल दिशा में प्रगति की सम्भावना भी प्रतीत होती है |

मिथुन : आपका लग्नेश तथा चतुर्थेश आपकी राशि से पंचम भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त अनुकूल प्रतीत होता है | आप अपने कार्य से सम्बन्धित किसी प्रकार का Advance Course इस अवधि में कर सकते हैं | साथ ही यदि आप लेखक हैं तो आपको सिमेनार्स आदि में अपना शोध पत्र प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त हो सकता है | परिवार में किसी बच्चे के जन्म की अथवा किसी अन्य प्रकार के माँगलिक कार्य की भी सम्भावना प्रतीत होती है | आपकी सन्तान के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है |

कर्क : आपके लिए द्वादशेश और तृतीयेश होकर बुध आपकी राशि से चतुर्थ भाव में गोचर कर रहा है | कार्य से सम्बन्धित विदेश यात्राओं में वृद्धि की सम्भावना है | आपका कोई मित्र भी विदेश से वापस आकर आपके कार्य में आपकी सहायता कर सकता है | किन्तु पैसे के लेन देन में सावधानी रखने की आवश्यकता होगी | आपके छोटे भाई बहनों के लिए भी समय अनुकूल प्रतीत होता है | किन्तु उनके साथ आपका किसी बात पर विवाद भी सम्भव है |

सिंह : आपके लिए द्वितीयेश और एकादशेश होकर बुध का गोचर आपकी राशि से तीसरे भाव में हो रहा है | आपके लिए आर्थिक दृष्टि से और कार्य की दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आप कोई नया कार्य भी इस अवधि में आरम्भ कर सकते हैं | किन्तु वाणी में कुछ तीखापन भी आ सकता है, जिसके कारण विशेष रूप से भाई बहनों के साथ किसी प्रकार की अनबन भी हो सकती है, अतः इस ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है | आपके पिता अथवा बड़े भाई का पूर्ण सहयोग आपको प्राप्त रहेगा |

कन्या : आपका राश्यधिपति तथा दशमेश बुध आपकी लग्न से दूसरे भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए कार्य की दृष्टि से यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्धक प्रतीत होता है | आप यदि मीडिया या किसी प्रकार की Alternative Therapy से सम्बन्ध रखते हैं अथवा लेखन के क्षेत्र में हैं तो आपके लिए आर्थिक लाभ के संकेत हैं | साथ ही यदि आपका कार्य विदेश से सम्बन्ध रखता है तो आपके लिए यह गोचर विशेष रूप से भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | विदेश यात्राओं में वृद्धि के भी योग प्रतीत होते हैं | नौकरी में पदोन्नति के साथ ट्रांसफर के भी संकेत हैं |

तुला : आपका द्वादशेश और भाग्येश आपकी लग्न में ही गोचर कर रहा है | यदि आपका कार्य विदेश से सम्बन्धित है अथवा किसी दूर के शहर से सम्बन्धित है तो आपके लिए यह गोचर भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आपके लिए विदेश यात्राओं में वृद्धि के योग बन रहे हैं जो आपके लिए लाभदायक सिद्ध हो सकती हैं | नौकरी में हैं तो पदोन्नति के साथ ही कहीं दूर ट्रांसफर भी हो सकता है | मान सम्मान में वृद्धि के संकेत हैं | धार्मिक गतिविधियों में वृद्धि के साथ ही आप किसी धार्मिक कार्य में धन भी व्यय कर सकते हैं |

वृश्चिक : आपका एकादशेश और अष्टमेश आपके बारहवें भाव में गोचर कर रहा है | किसी स्थान से कार्य का प्रस्ताव प्राप्त हो सकता है जहाँ के विषय में आपने कल्पना भी नहीं की होगी | कार्य के सिलसिले में विदेश यात्राओं में वृद्धि तथा अर्थ लाभ के भी संकेत हैं | नौकरी में हैं तो किसी अधिकारी के रिटायर होने के कारण आपकी उसके स्थान पर पदोन्नति के साथ ही किसी दूर के सहारा में आपका ट्रांसफर भी हो सकता है | किसी मित्र को पैसा उधार देना इस अवधि में उचित नहीं रहेगा | साथ ही स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं पर पैसा भी खर्च हो सकता है |

धनु : आपका सप्तमेश और दशमेश आपकी राशि से एकादश भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आपके कार्य तथा आय में वृद्धि की सम्भावना है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की भी सम्भावना है | सहकर्मियों अथवा व्यावसायिक पार्टनर का और पिता तथा जीवन साथी का सहयोग आपको निरन्तर प्राप्त रहेगा | पॉलिटिक्स में यदि आप हैं तो आपके लिए विशेष रूप से यह गोचर भाग्यवर्द्धक सिद्ध हो सकता है | अविवाहित हैं तो आपके किसी सहकर्मी की ओर से प्रणय निवेदन भी आपको प्राप्त हो सकता है |

मकर : आपका षष्ठेश और भाग्येश आपकी राशि से दशम भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए यह गोचर मिश्रित फल देने वाला प्रतीत होता है | कार्य स्थल में किसी प्रकार के विरोध का सामना इस अवधि में करना पड़ सकता है | किसी कोर्ट केस के कारण भी किसी प्रकार का मानसिक तनाव आपको अनुभव हो सकता है | इस अवधि में शान्ति पूर्वक व्यवहार करना आपके हित में रहेगा | किसी भी विवाद को बढ़ने देना भी आपके हित में नहीं रहेगा | धार्मिक गतिविधियों में वृद्धि की सम्भावना है |

कुम्भ : पंचमेश और अष्टमेश का गोचर नवम भाव में हो रहा है | एक ओर नौकरी में हैं तो पदोन्नति की भी सम्भावना है | उत्साह में वृद्धि का समय भी प्रतीत होता है, किन्तु इसके साथ ही विरोधियों में भी वृद्धि का समय प्रतीत होता है | लेकिन आप समय पर उस विरोध को समाप्त करने में समर्थ भी हो सकते हैं | स्वास्थ्य की दृष्टि से भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | किन्तु अकारण ही किसी बात को लेकर आप चिन्तित भी हो सकते हैं | धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में वृद्धि की सम्भावना है | आपकी सन्तान के लिए समय भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है |

मीन : चतुर्थेश और सप्तमेश का गोचर आपकी राशि से अष्टम भाव में हो रहा है | पारिवारिक स्तर पर कुछ समस्याओं अथवा विवादों का सामना इस अवधि में करना पड़ सकता है | जीवन साथी के साथ भी किसी प्रकार का विवाद सम्भव है | प्रॉपर्टी से सम्बन्धित कोई कोर्ट केस भी आपके लिए चिन्ता का विषय हो सकता है | साथ ही जीवन साथी और परिवार के लोगों के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखने की आवश्यकता है |

अन्त में, उपरोक्त परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है |

साथ ही, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं | सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2018/10/05/mercury-transit-in-libra/

 

बुध का कन्या राशि में गोचर

कल यानी 19 सितम्बर को भाद्रपद शुक्ल दशमी को तैतिल करण और शोभन योग में सूर्योदय से पूर्व लगभग 04:15 पर बुध का प्रवेश अपनी स्वयं की कन्या राशि में होने जा रहा है | कन्या बुध की स्वराशि होने के साथ ही मूल त्रिकोण तथा उच्च राशि भी है | इस प्रकार इस राशि में बुध बली माना जाता है | किन्तु सूर्यदेव निरन्तर इस राशि में बुध के साथ भ्रमण करेंगे अतः इस सम्पूर्ण गोचर के दौरान बुध अस्त ही रहेगा | यहाँ से 6 अक्टूबर को प्रातः 12:42 के लगभग बुध का प्रवेश तुला राशि में हो जाएगा | इस प्रस्थान के समय बुध उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र में होगा, जहाँ से 24 सितम्बर को हस्त नक्षत्र में तथा 2 अक्रूबर को चित्रा नक्षत्र में प्रविष्ट हो जाएगा | उत्तर फाल्गुनी का देवता स्वयं सूर्य है, हस्त का चन्द्रमा और चित्रा का मंगल है | आइये जानने का प्रयास करते हैं बुध के कन्या राशि में गोचर के विभिन्न राशियों पर क्या सम्भावित प्रभाव हो सकते हैं…

मेष : आपका तृतीयेश और षष्ठेश आपके छठे भाव में अपनी ही उच्च राशि में गोचर कर रहा है किन्त अस्त है | यद्यपि यह गोचर आपकी प्रतियोगी क्षमता में वृद्धि कर रहा है साथ ही आपकी निर्णायक क्षमता में भी स्पष्टता में वृद्धि के संकेत हैं | किन्तु बिना सोचे समझे Judgemental होना आपके हित में नहीं रहेगा | छोटे भाई बहनों के साथ यदि किसी प्रकार का विवाद पूर्व में रहा है तो वह अब दूर होने की सम्भावना है | आपकी सन्तान का प्रदर्शन इस अवधि में हर क्षेत्र में उत्साहवर्द्धक रह सकता है | आप दोनों में से कोई भी इस अवधि में अपने कार्य से सम्बन्धित कोई Advance कोर्स भी कर सकते हैं | यात्राओं के दौरान तथा ड्राइविंग के समय सावधान रहने की आवश्यकता है |

वृषभ : आपका द्वितीयेश और पंचमेश आपकी राशि से पंचम भाव में ही गोचर कर रहा है | इस अवधि में आपकी वाणी प्रभावशाली बनी रहेगी और आपकी निर्णायक क्षमता स्पष्ट बनी रहेगी | आर्थिक दृष्टि से तथा कार्य की दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आप अपने लक्ष्य के प्रति दृढ संकल्प रहेंगे | आपके कार्य में आपको अपने पिता तथा सन्तान का पूरा सहयोग प्राप्त रह सकता है | आपकी सन्तान के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है |

मिथुन : आपका लग्नेश तथा चतुर्थेश आपकी राशि से चतुर्थ भाव में अपनी उच्च राशि में ही गोचर कर रहा है | भाई बहनों के साथ किसी प्रकार का विवाद इस अवधि में सम्भव है | किन्तु परिवार के किसी बुज़ुर्ग व्यक्ति की मध्यस्थता से आप उस विवाद को सुलझाने में सफल हो सकते हैं | परिवार के अन्य व्यक्तियों का सहयोग आपको प्राप्त रहेगा | यदि आप लेखक हैं तो आपको सिमेनार्स आदि में अपना शोध पत्र प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त हो सकता है | मान सम्मान में वृद्धि के संकेत हैं | कोई पुरूस्कार भी आपको प्राप्त हो सकता है | धार्मिक गतिविधियों में वृद्धि की सम्भावना है |

कर्क : आपके लिए द्वादशेश और तृतीयेश होकर बुध आपकी राशि से तीसरे भाव में गोचर कर रहा है | कार्य से सम्बन्धित विदेश यात्राओं में वृद्धि की सम्भावना है | ऐसा भी हो सकता है कि विदेश से आपका कोई मित्र वापस आकर आपको किसी नवीन कार्य के विषय में जानकारी दे और आप उस कार्य को आरम्भ करने में पैसा Invest कर दें | किन्तु पैसे के लेन देन में सावधानी रखने की आवश्यकता होगी | आपके छोटे भाई बहनों के लिए भी समय अनुकूल प्रतीत होता है | किन्तु उनके साथ आपका किसी बात पर विवाद भी सम्भव है |

सिंह : आपके लिए द्वितीयेश और एकादशेश होकर बुध का गोचर आपकी राशि से दूसरे भाव में हो रहा है | आपकी वाणी प्रभावशाली रहेगी तथा अपने वाक्चातुर्य से आप अपने सभी कार्य समय पर पूर्ण करने में समर्थ हो सकते हैं | कार्य की दृष्टि से तथा आर्थिक दृष्टि से समय अत्यन्त अनुकूल प्रतीत होता है | किन्तु वाणी में कुछ तीखापन भी आ सकता है, जिसके कारण विशेष रूप से भाई बहनों के साथ किसी प्रकार की अनबन भी हो सकती है, अतः इस ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है | आपके पिता अथवा बड़े भाई का पूर्ण सहयोग आपको प्राप्त रहेगा |

कन्या : आपका राश्यधिपति तथा दशमेश बुध आपकी लग्न में अपनी उच्च राशि में गोचर कर रहा है | आपके लिए कार्य की दृष्टि से यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्धक प्रतीत होता है | आप यदि मीडिया या किसी प्रकार की Alternative Therapy से सम्बन्ध रखते हैं अथवा लेखन के क्षेत्र में हैं तो आपके लिए आर्थिक लाभ के संकेत हैं | पिता, बड़े भाई, अधिकारियों तथा मित्रों का सहयोग आपको प्राप्त रहेगा और उनके दिशानिर्देशों का पालन करेंगे तो आपके कार्य में निरन्तर प्रगति की सम्भावना है जिसके कारण आप बहुत समय तक व्यस्त रह सकते हैं और धनलाभ कर सकते हैं | नौकरी में पदोन्नति तथा मान सम्मान में वृद्धि के भी संकेत हैं |

तुला : आपका द्वादशेश और भाग्येश आपकी राशि से बारहवें भाव में ही गोचर कर रहा है | यदि आपका कार्य विदेश से सम्बन्धित है अथवा किसी दूर के शहर से सम्बन्धित है तो आपके लिए यह गोचर भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आपके लिए विदेश यात्राओं में वृद्धि के योग बन रहे हैं जो आपके लिए लाभदायक सिद्ध हो सकती हैं | विदेश में निवास कर रहे किसी मित्र के निमन्त्रण पर भी आप वहाँ जा सकते हैं और उसके माध्यम से आपको कार्य का लाभ हो सकता है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति के साथ ही कहीं दूर ट्रांसफर भी हो सकता है | मान सम्मान में वृद्धि के संकेत हैं | धार्मिक गतिविधियों में वृद्धि के साथ ही आप किसी धार्मिक कार्य में धन भी व्यय कर सकते हैं |

वृश्चिक : आपका एकादशेश और अष्टमेश लाभ स्थान में गोचर कर रहा है | कार्य तथा आय की दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | अपना स्वयं का व्यवसाय है तो उसमें प्रगति के संकेत हैं | यदि नौकरी में हैं तो उसमें भी पदोन्नति के अवसर प्रतीत होते हैं | नौकरी की खोज में हैं तो वह भी पूर्ण हो सकती है | किसी ऐसे स्थान से भी नौकरी का प्रस्ताव आ सकता है जहाँ पहले मना हो चुकी हो | आपकी वर्तमान परिस्थितियों में इस कार्य को स्वीकार कर लेना आपके हित में रहेगा | बॉस के साथ अकारण ही किसी प्रकार की बहस भारी पड़ सकती है आतः शान्त रहने का प्रयास करें | बड़े भाई अथवा पिता के स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है |

धनु : आपका सप्तमेश और दशमेश आपकी राशि से दशम भाव में अपनी उच्च राशि में गोचर कर रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आपके कार्य तथा आय में वृद्धि की सम्भावना है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की भी सम्भावना है | सहकर्मियों अथवा व्यावसायिक पार्टनर का और पिता तथा जीवन साथी का सहयोग आपको निरन्तर प्राप्त रहेगा | नौकरी के लिए इन्टरव्यू की तैयारी में हैं तो उसमें भी सफलता प्राप्त हो सकती है | सामाजिक गतिविधियों तथा मान सम्मान में वृद्धि के साथ ही किसी प्रकार का पुरूस्कार अथवा सम्मान आदि भी प्राप्त हो सकता है | आप अपने जीवन साथी के साथ कहीं भ्रमण अथवा तीर्थ यात्रा के लिए भी जा सकते हैं |

मकर : आपका षष्ठेश और भाग्येश आपकी राशि से नवम भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए भी यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आपके कार्य तथा आय में वृद्धि की सम्भावना है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की भी सम्भावना है | उत्साह में वृद्धि का समय भी प्रतीत होता है, किन्तु इसके साथ ही विरोधियों में भी वृद्धि का समय प्रतीत होता है | लेकिन आप समय पर उस विरोध को समाप्त करने में समर्थ भी हो सकते हैं | किसी कोर्ट केस का परिणाम आपके पक्ष में आ सकता है | स्वास्थ्य की दृष्टि से भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | किन्तु अकारण ही किसी बात को लेकर आप चिन्तित भी हो सकते हैं | धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में वृद्धि की सम्भावना है |

कुम्भ : पंचमेश और अष्टमेश का गोचर अष्टम भाव में हो रहा है | एक ओर आपकी सन्तान के लिए समय भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है तो वहीं दूसरी ओर आपके लिए कुछ कठिन समय प्रतीत होता है | किसी बात पर सन्तान अथवा पिता के साथ विवाद सम्भव है | अकारण ही विरोधियों के स्वर भी मुखर हो सकते हैं | किन्तु यदि आप नौकरी की तलाश में हैं तो आपको किसी ऐसे स्थान से नौकरी का प्रस्ताव भी प्राप्त हो सकता है जहाँ के लिए आपने सोचा भी नहीं होगा | आपको अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की भी आवश्यकता है |

मीन : चतुर्थेश और सप्तमेश का गोचर आपकी राशि से सप्तम भाव में हो रहा है | पारिवारिक स्तर पर कुछ समस्याओं अथवा विवादों का सामना इस अवधि में करना पड़ सकता है | जीवन साथी के साथ भी किसी प्रकार का विवाद सम्भव है | प्रॉपर्टी से सम्बन्धित कोई कोर्ट केस भी आपके लिए चिन्ता का विषय हो सकता है | साथ ही जीवन साथी और परिवार के लोगों के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखने की आवश्यकता है |

अन्त में, उपरोक्त परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है |

साथ ही, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं | सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2018/09/18/mercury-transit-in-virgo/