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शनि का मकर में गोचर

शनि का मकर में गोचर

माघ मास की अमावस्या को यानी शुक्रवार 24 जनवरी 2020 को दिन में नौ बजकर अट्ठावन मिनट के लगभग अनुशासन और न्याय का कारक माना जाने वाला ग्रह शनि तीन वर्षों से भी कुछ अधिक समय गुरु की धनु राशि में व्यतीत करके चतुष्पद करण और वज्र योग में उत्तराषाढ़ नक्षत्र पर रहते हुए ही अपनी स्वयं की राशि मकर में प्रविष्ट हो जाएगा | यहाँ विचरण करते हुए शनि 22 जनवरी 2021 को श्रवण नक्षत्र तथा 18 फरवरी 2022 को धनिष्ठा नक्षत्रों पर भ्रमण करते हुए अन्त में 17 जनवरी 2023 को सायं छह बजकर चार मिनट के लगभग अपनी स्वयं की दूसरी राशि कुम्भ – जो शनि की मूल त्रिकोण राशि भी है – में प्रस्थान कर जाएगा | शनिदेव के इस गोचर के सभी बारह राशियों के जातकों पर क्या सम्भावित प्रभाव हो सकते हैं इस विषय में जानने के लिए अपनी राशि के अनुसार नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें…

शनि का मकर में गोचर : https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2020/01/06/saturn-transit-in-capricorn/

मेष : https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2020/01/08/saturn-transit-in-capricorn-2/

वृषभ : https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2020/01/09/saturn-transit-in-capricorn-3/

मिथुन : https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2020/01/10/saturn-transit-in-capricorn-4/

कर्क : https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2020/01/11/saturn-transit-in-capricorn-5/

सिंह : https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2020/01/12/saturn-transit-in-capricorn-6/

कन्या और तुला : https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2020/01/15/saturn-transit-in-capricorn-7/

वृश्चिक और धनु : https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2020/01/20/saturn-transit-in-capricorn-8/

मकर और कुम्भ : https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2020/01/21/saturn-transit-in-capricorn-9/

मीन : https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2020/01/22/saturn-transit-in-capricorn-10/

अन्त में बस इतना ही कि यदि कर्म करते हुए भी सफलता नहीं प्राप्त हो रही हो तो ज्योतिषी के पास दिशानिर्देश के लिए अवश्य जाइए, किन्तु अपने कर्म और प्रयासों के प्रति निष्ठावान रहिये – क्योंकि ग्रहों के गोचर तो अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं, केवल आपके कर्म और उचित प्रयास ही आपको जीवन में सफल बना सकते हैं…

 

 

 

मीन राशि के लिए शनि का मकर में गोचर

माघ मास की अमावस्या को यानी शुक्रवार 24 जनवरी 2020 को दिन में नौ बजकर अट्ठावन मिनट के लगभग अनुशासन और न्याय का कारक माना जाने वाला ग्रह शनि तीन वर्षों से भी कुछ अधिक समय गुरु की धनु राशि में व्यतीत करके चतुष्पद करण और वज्र योग में उत्तराषाढ़ नक्षत्र पर रहते हुए ही अपनी स्वयं की राशि मकर में प्रविष्ट हो जाएगा | यहाँ विचरण करते हुए शनि 22 जनवरी 2021 को श्रवण नक्षत्र तथा 18 फरवरी 2022 को धनिष्ठा नक्षत्रों पर भ्रमण करते हुए अन्त में 17 जनवरी 2023 को सायं छह बजकर चार मिनट के लगभग अपनी स्वयं की दूसरी राशि कुम्भ – जो शनि की मूल त्रिकोण राशि भी है – में प्रस्थान कर जाएगा | उत्तराषाढ़ नक्षत्र के स्वामी सूर्य, श्रवण नक्षत्र के स्वामी चन्द्र तथा धनिष्ठा के अधिपति मंगल इन तीनों के साथ शनि की शत्रुता है | इस बीच ग्यारह मई 2020 से 29 सितम्बर 2020 तक शनि वक्री भी रहेगा | सामान्यतः शनि के वक्री होने पर व्यापार में मन्दी, राजनीतिक दलों में मतभेद, जन साधारण में अशान्ति तथा प्राकृतिक आपदाओं जैसे बाढ़ और आँधी तूफ़ान आदि की सम्भावनाएँ अधिक रहती हैं | 7 जनवरी 2021 से दस फरवरी 2021 तक शनि अस्त भी रहेगा | इन्हीं सब तथ्यों को ध्यान में रखते हुए अगले लेख में जानने का प्रयास करेंगे शनि के मकर राशि में गोचर के समस्त बारह राशियों के जातकों पर क्या प्रभाव सम्भव हैं…

किन्तु ध्यान रहे, ये सभी परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है | अस्तु, आज मीन राशि

आपकी राशि लिए एकादशेश और द्वादशेश होकर शनि एकादश भाव में ही गोचर कर रहा है जहाँ से आपकी लग्न, पञ्चम भाव तथा अष्टम भावों पर इसकी दृष्टियाँ होंगी | आपके लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | पूर्ण प्रभाव तो आपकी लग्न पर पड़ेगा जिसके कारण आपके शरीर में आलस्य की अधिकता हो सकती है | यदि इस आलस्य के साथ लड़कर इसे परास्त कर दिया तो आपके लिए सफलता का मार्ग प्रशस्त हो सकता है | अन्यथा आप बहुत सारी Opportunities से वंचित रह जाएँगे | इसे ऐसे समझ सकते हैं कि उगते हुए सूर्य का सौन्दर्य देखने के लिए सूर्योदय से पूर्व जागना आवश्यक होता है अन्यथा उस कुछ पल के सौन्दर्य से वंचित रह जाते हैं | व्यापार से सम्बन्धित बहुत से अवसर आपके समक्ष उपस्थित होने वाले हैं जिनके कारण आप बहुत समय तक व्यस्त रहते हुए अर्थ लाभ कर सकते हैं | नौकरी मैं हैं तो मनचाहे स्थान पर पदोन्नति के साथ आपका ट्रांसफर भी सम्भव है | नई नौकरी की तलाश में हैं तो वह भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है |

सामाजिक गतिविधियों में वृद्धि के साथ ही मान सम्मान में भी वृद्धि की सम्भावना की जा सकती है | इस अवधि में आपके स्वभाव में गम्भीरता आएगी तथा आप लक्ष्य के प्रति एकाग्रचित्त होकर कार्य करेंगे जिसके कारण आप अपनी एक नई पहचान बनाने में भी समर्थ हो सकते हैं | मित्रों तथा भाई बहनों का और परिवार का सहयोग आपको उपलब्ध रहेगा | कार्यस्थल पर भी सहकर्मियों का सहयोग मिलने की सम्भावना है | आप अपने कार्य से सम्बन्धित कोई एडवांस कोर्स भी इस अवधि में कर सकते हैं | कार्य से सम्बन्धित यात्राओं में भी वृद्धि की सम्भावना है | आपकी सन्तान के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | यदि उसके विवाह की योजना है तो वह भी इस अवधि में सम्पन्न हो सकता है |

स्वास्थ्य की ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है | विशेष रूप से सोशल गेट टुगेदर के दौरान अपने खान पान पर संयम रखने की आवश्यकता है | जिन बातों अथवा सम्बन्धों के कारण मानसिक तनाव हो सकता है उनसे भी दूर रहने की आवश्यकता है | साथ ही नियमित रूप से योग, ध्यान और प्राणायाम का अभ्यास करेंगे तो बहुत सी समस्याओं से बचे रह सकते हैं |मीन

यदि किसी के साथ प्रेम सम्बन्ध में हैं तो वहाँ उस व्यक्ति के स्वभाव के कारण किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न हो सकती है, अथवा आपको स्वयं उसके सम्बन्ध में सन्देह हो सकता है | इस ओर से सावधान रहेंगे तो कोई समस्या ही नहीं होगी | विवाहित हैं तो जीवन साथी का पूर्ण सहयोग आपको प्राप्त होने तथा दाम्पत्य जीवन माधुर्य बना रहने की सम्भावना है |

अन्त में बस इतना ही कि यदि कर्म करते हुए भी सफलता नहीं प्राप्त हो रही हो तो किसी अच्छे ज्योतिषी के पास दिशानिर्देश के लिए अवश्य जाइए, किन्तु अपने कर्म और प्रयासों के प्रति निष्ठावान रहिये – क्योंकि ग्रहों के गोचर तो अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं, केवल आपके कर्म और उचित प्रयास ही आपको जीवन में सफल बना सकते हैं…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2020/01/22/saturn-transit-in-capricorn-10/

मकर और कुम्भ राशियों के लिए शनि का मकर में गोचर

शनि का मकर में गोचर

माघ मास की अमावस्या को यानी शुक्रवार 24 जनवरी 2020 को दिन में नौ बजकर अट्ठावन मिनट के लगभग अनुशासन और न्याय का कारक माना जाने वाला ग्रह शनि तीन वर्षों से भी कुछ अधिक समय गुरु की धनु राशि में व्यतीत करके चतुष्पद करण और वज्र योग में उत्तराषाढ़ नक्षत्र पर रहते हुए ही अपनी स्वयं की राशि मकर में प्रविष्ट हो जाएगा | यहाँ विचरण करते हुए शनि 22 जनवरी 2021 को श्रवण नक्षत्र तथा 18 फरवरी 2022 को धनिष्ठा नक्षत्रों पर भ्रमण करते हुए अन्त में 17 जनवरी 2023 को सायं छह बजकर चार मिनट के लगभग अपनी स्वयं की दूसरी राशि कुम्भ – जो शनि की मूल त्रिकोण राशि भी है – में प्रस्थान कर जाएगा | उत्तराषाढ़ नक्षत्र के स्वामी सूर्य, श्रवण नक्षत्र के स्वामी चन्द्र तथा धनिष्ठा के अधिपति मंगल इन तीनों के साथ शनि की शत्रुता है | इस बीच ग्यारह मई 2020 से 29 सितम्बर 2020 तक शनि वक्री भी रहेगा | सामान्यतः शनि के वक्री होने पर व्यापार में मन्दी, राजनीतिक दलों में मतभेद, जन साधारण में अशान्ति तथा प्राकृतिक आपदाओं जैसे बाढ़ और आँधी तूफ़ान आदि की सम्भावनाएँ अधिक रहती हैं | 7 जनवरी 2021 से दस फरवरी 2021 तक शनि अस्त भी रहेगा | इन्हीं सब तथ्यों को ध्यान में रखते हुए अगले लेख में जानने का प्रयास करेंगे शनि के मकर राशि में गोचर के समस्त बारह राशियों के जातकों पर क्या प्रभाव सम्भव हैं…

आज मकर और कुम्भ राशि के जातकों पर शनि के मकर में गोचर के सम्भावित प्रभावों पर संक्षेप में दृष्टिपात | यहाँ ध्यान देने योग्य बात है कि दोनों ही राशियाँ शनि की अपनी राशियाँ हैं और दोनों के ही लिए साढ़ेसाती का समय है |

किन्तु ध्यान रहे, ये सभी परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है |

मकर राशि : आपके लिए आपका राश्यधिपति तथा द्वितीयेश होकर शनि का गोचर आपकी राशि में ही हो रहा है जहाँ से आपके तृतीय भाव, सप्तम भाव तथा दशम भावों पर इसकी दृष्टियाँ हैं | अभी तक आपके बारहवें भाव में शनि का गोचर था अब लग्न में शनि आ जाएगा और आपका साढ़ेसाती का एक चरण पूरा होकर अब दूसरा चरण आरम्भ होगा | आपका अपने भाई बहनों के साथ किसी बात पर मतभेद हो सकता है | स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव पड़ सकता है तथा जीवन साथी के साथ भी क्लेश सम्भव है | कार्यक्षेत्र में परिश्रम अधिक करना पड़ सकता है किन्तु लाभ की दृष्टि से सम्भव है आपको सन्तुष्टि न प्राप्त हो | इन सबके कारण मानसिक तनाव भी हो सकता है | किन्तु उस मानसिक तनाव से लड़ने की सामर्थ्य भी शनि से ही प्राप्त होगी | आपकी निर्णायक क्षमता में वृद्धि तथा सन्तुलन की सम्भावना है जिसके कारण आप सही दिशा में प्रयास करेंगे और उसका लाभ आपको प्राप्त होगा |

कोई नवीन व्यवसाय आरम्भ करना चाहते हैं तो इस अवधि में कर सकते हैं, किन्तु मई 2020 से सितम्बर 2020 तक जब शनि वक्री रहेगा उस समय कोई नया कार्य आरम्भ न करें तो उचित रहेगा | आर्थिक स्थिति में सुधार की सम्भावना की जा सकती है | कार्य से सम्बन्धित विदेश यात्राओं के भी योग प्रतीत होते हैं | आलस्य का त्याग करकेमकर सावधानीपूर्वक कार्य करते जाएँगे तो उसमें लाभ की सम्भावना की जा सकती है | ड्राइविंग के समय दुर्घटना आदि के प्रति सावधान रहने की आवश्यकता है |

स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहने की आवश्यकता है | अपने खान पान का ध्यान रखें, आलस्य का त्याग करके व्यायाम आदि को अपनी दिनचर्या में शामिल करें तथा मानसिक तनाव जहाँ हो सकता है उन बातों से दूर रहने का प्रयास करेंगे तो बहुत सी समस्याओं से बचे रह सकते हैं |

अविवाहित हैं तो इस अवधि में किसी के साथ विवाह बन्धन में भी बंध सकते हैं | किसी सहकर्मी की ओर आकर्षित हो सकते हैं जो रोमांस में परिणत हो सकता है | विवाहित हैं तो जीवन साथी के साथ किसी बात पर मतभेद सम्भव है | किन्तु अपनी सूझ बूझ से आप स्वयं ही उस मतभेद को समाप्त कर सकते हैं | साथ ही विवाहेतर सम्बन्धों से बचने की आवश्यकता है |

कुम्भ राशि : आपका लग्नेश और द्वादशेश होकर शनि का गोचर आपके बारहवें भाव में ही हो रहा है, जहाँ से आपके द्वितीय भाव, छठे भाव तथा नवम भावों पर शनि की दृष्टियाँ रहेंगी और इसके साथ ही आपकी राशि पर साढ़ेसाती के प्रथम चरण का आरम्भ हो जाएगा | आपके लिए इस गोचर को शुभ नहीं कहा जा सकता | सामान्य रूप से आपके खर्चों में वृद्धि के कारण अथवा उधार आदि देने के कारण आपको आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है | शत्रु पक्ष में भी वृद्धि की सम्भावना है | अच्छा रहेगा इस समय आप संयम से काम लें | यह समय आपके लिए आत्मावलोकन का समय कहा जाए तो उचित रहेगा | कोई भी नया कार्य इस अवधि में आरम्भ न करें, और यदि करना पड़ भी जाए तो अपने शुभचिन्तकों से इस विषय में सलाह अवश्य लें | वैसे शनि के इस गोचर से आपकी निर्णयात्मक क्षमता में वृद्धि की भी सम्भावना की जा सकती है |

यदि अपनी वाणी पर संयम नहीं रखा तो व्यक्तिगत तथा पारिवारिक सम्बन्धों में किसी प्रकार के तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है | आप नया घर खरीद सकते हैं अपने लिए लेकिन प्रॉपर्टी के व्यवसाय के लिए यह समय – विशेष रूप से जब शनि वक्री होगा – उचित नहीं रहेगा | घर में नवीन सुविधाओं पर तथा घर को Renovate कराने में धन खर्च कर सकते हैं | पहले से बजट बनाकर चलेंगे तो आपके लिए उचित रहेगा | कार्य में सफलता प्राप्त हो सकती है, किन्तु इसके लिए परिश्रम और संघर्ष बहुत अधिक करना पड़ेगा | किसी कोर्ट केस निर्णय सम्भव है आपके पक्ष में न आए | वक़ीलों के साथ पहले ताल मेल बैठाकर चलेंगे तो कुछ आशा की जा सकती है | धार्मिक गतिविधियों के प्रति भी आपका रुझान बढ़ सकता है | किन्तु पोंगा पण्डितों के फेर में बहुत सा धन भी नष्ट कर सकते हैं, अतः इस ओर से भी सावधान रहने की आवश्यकता है | अच्छा होगा आप स्वयं ही शनि स्तोत्र का जाप आरम्भ कर दें |

ड्राइविंग के समय दुर्घटना आदि के प्रति भी सावधान रहने की आवश्यकता है | कोई पुराना रोग भी इस अवधि में कुम्भउभर सकता है अतः डॉक्टर से नियमित चेकअप अवश्य कराते रहे तथा डॉक्टर के दिशा निर्देशों का कड़ाई से पालन करें | खान पान पर नियन्त्रण भी आवश्यक है अन्यथा पेट से सम्बन्धित किसी बीमारी का शिकार हो सकते हैं |

जीवन साथी की तलाश में हैं तो उसमें अभी समय लग सकता है | जल्दबाज़ी में कोई निर्णय लेना उचित नहीं रहेगा | विवाहित तो आपको अपने Temperament और वाणी पर संयम रखने की आवश्यकता है, अन्यथा सम्बन्धों में दरार भी उत्पन्न हो सकती है | जीवन साथी अथवा बिज़नेस पार्टनर के साथ किसी प्रकार की Cheating सम्बन्धों पर भारी पड़ सकती है |

अन्त में बस इतना ही कि यदि कर्म करते हुए भी सफलता नहीं प्राप्त हो रही हो तो किसी अच्छे ज्योतिषी के पास दिशानिर्देश के लिए अवश्य जाइए, किन्तु अपने कर्म और प्रयासों के प्रति निष्ठावान रहिये – क्योंकि ग्रहों के गोचर तो अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं, केवल आपके कर्म और उचित प्रयास ही आपको जीवन में सफल बना सकते हैं…

आगे मीन राशि पर शनि के मकर में गोचर के सम्भावित प्रभावों पर बात करेंगे…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2020/01/21/saturn-transit-in-capricorn-9/

वृश्चिक व धनु राशि के जातकों के लिए शनि का मकर में गोचर

माघ मास की अमावस्या को यानी शुक्रवार 24 जनवरी 2020 को दिन में नौ बजकर अट्ठावन मिनट के लगभग अनुशासन और न्याय का कारक माना जाने वाला ग्रह शनि तीन वर्षों से भी कुछ अधिक समय गुरु की धनु राशि में व्यतीत करके चतुष्पद करण और वज्र योग में उत्तराषाढ़ नक्षत्र पर रहते हुए ही अपनी स्वयं की राशि मकर में प्रविष्ट हो जाएगा | यहाँ विचरण करते हुए शनि 22 जनवरी 2021 को श्रवण नक्षत्र तथा 18 फरवरी 2022 को धनिष्ठा नक्षत्रों पर भ्रमण करते हुए अन्त में 17 जनवरी 2023 को सायं छह बजकर चार मिनट के लगभग अपनी स्वयं की दूसरी राशि कुम्भ – जो शनि की मूल त्रिकोण राशि भी है – में प्रस्थान कर जाएगा | उत्तराषाढ़ नक्षत्र के स्वामी सूर्य, श्रवण नक्षत्र के स्वामी चन्द्र तथा धनिष्ठा के अधिपति मंगल इन तीनों के साथ शनि की शत्रुता है | इस बीच ग्यारह मई 2020 से 29 सितम्बर 2020 तक शनि वक्री भी रहेगा | सामान्यतः शनि के वक्री होने पर व्यापार में मन्दी, राजनीतिक दलों में मतभेद, जन साधारण में अशान्ति तथा प्राकृतिक आपदाओं जैसे बाढ़ और आँधी तूफ़ान आदि की सम्भावनाएँ अधिक रहती हैं | 7 जनवरी 2021 से दस फरवरी 2021 तक शनि अस्त भी रहेगा | इन्हीं सब तथ्यों को ध्यान में रखते हुए अगले लेख में जानने का प्रयास करेंगे शनि के मकर राशि में गोचर के समस्त बारह राशियों के जातकों पर क्या प्रभाव सम्भव हैं…

आज वृश्चिक और धनु राशि के जातकों पर शनि के मकर में गोचर के सम्भावित प्रभावों पर संक्षेप में दृष्टिपात…

किन्तु ध्यान रहे, ये सभी परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है |

वृश्चिक राशि : आपके लिए आपका तृतीयेश और चतुर्थेश होकर शनि का गोचर आपके तीसरे भाव में ही रहा है, जहाँ से इसकी दृष्टियाँ आपके पञ्चम भाव, नवम भाव तथा बारहवें भावों पर रहेंगी | सबसे पहले तो आपके लिए राहत की बात है कि शनि के इस गोचर के साथ ही आपकी साढ़ेसाती भी समाप्त हो जाएगी | लेकिन उसके कारण जो उथल पुथल आपके जीवन में रही है उससे उबरने में थोड़ा समय लगेगा इसलिए एक एक पग सँभल कर चलने की आवश्यकता होगी | छोटे भाई बहनों का स्वभाव इस अवधि में उग्र हो सकता है, अतः उनसे यथासम्भव दूरी बनाकर रखना ही उचित रहेगा | आपके शरीर में आलस्य की अधिकता रह सकती है इसलिए सम्भव है आप अपने कार्य बाद के लिए टालने की सोचें | लेकिन ऐसा करना आपके हित में नहीं रहेगा |

नया कार्य आरम्भ करने के लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आर्थिक स्थिति सामान्य बनी रहेगी और कार्य में तथा व्यक्तिगत जीवन में आर्थिक स्थिति के कारण कोई व्यवधान उत्पन्न होने की सम्भावना नहीं है | किसी मित्र की सहायता से आप अपने रुके हुए कार्य फिर से आरम्भ कर सकते हैं, किन्तु उस मित्र के साथ पार्टनरशिप में कार्य वृश्चिकआपके लिए लाभदायक नहीं रहेगा | यदि कोई कोर्स आपने बीच में छोड़ दिया है तो उसे भी फिर से आरम्भ करके उसमें सफलता प्राप्त कर सकते हैं | पराक्रम में वृद्धि के संकेत हैं | धार्मिक गतिविधियों में भी वृद्धि के संकेत हैं |

अपने स्वयं के, अपनी सन्तान के तथा अपनी माता जी के स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है | नियमित चेकअप कराते हुए डॉक्टर के दिशानिर्देशों का पालन करते रहेंगे तो बहुत सी समस्याओं से बच सकते हैं | ड्राइविंग के समय दुर्घटना आदि की ओर से तथा यात्राओं में स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहने की आवश्यकता है |

कोई मित्रता का सम्बन्ध प्रेम सम्बन्ध में परिणत हो सकता है किन्तु उसके विवाह में परिणत होने में समय लग सकता है | दाम्पत्य जीवन में सामंजस्य बना रहने की सम्भावना प्रतीत होती है | आप इस अवधि में वंश वृद्धि की दिशा में भी प्रयास कर सकते हैं |

धनु राशि : अभी तक शनि का गोचर आपकी राशि में ही चल रहा था, लेकिन अब आपकी राशि से द्वितीयेश तथा तृतीयेश होकर शनि का गोचर आपके द्वितीय भाव में हो रहा है, जहाँ से उसकी दृष्टियाँ आपके चतुर्थ भाव, अष्टम भाव तथा ग्यारहवें भावों पर रहेंगी | द्वितीय भाव से वाणी तथा धन का विचार किया जाता है | अभी तक आपके लिए साढ़ेसाती का दूसरा भाग चल रहा था | अब तीसरा और अन्तिम भाग आरम्भ हो जाएगा, जो हमारे विचार से आर्थिक दृष्टि से अनुकूल जाना चाहिए | अब तक जितना भी कष्ट साढ़ेसाती के कारण आपको हुआ है, सम्भव है अब उसमें कमी आनी आरम्भ हो जाए | आप कोई नया कार्य आरम्भ करना चाहते हैं तो उसके लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आपके कार्यों में आपको अपने परिवार का सहयोग उपलब्ध रहेगा | प्रॉपर्टी से सम्बन्धित कार्य में विशेष रूप से लाभ की सम्भावना की जा सकती है | अपने स्वयं के लिए भी आप नया घर अथवा वाहन इस अवधि में खरीद सकते हैं |

व्यवसाय में उन्नति तथा नौकरी में पदोन्नति के संकेत प्रतीत होते हैं, किन्तु इसके लिए आपको परिश्रम अधिक करना पड़ेगा | सामाजिक गतिविधियों में वृद्धि के साथ मान सम्मान में भी वृद्धि की सम्भावना कही जा सकती है | यह समय आपके लिए बहुत अधिक व्यस्तताओं से भरा हो सकता है, किन्तु कार्याधिक्य के कारण अपने स्वास्थ्य की उपेक्षा कर देना आपके लिए उचित नहीं रहेगा | परिवार में कोई मंगलकार्य भी सम्पन्न हो सकता है | साढ़ेसाती का यह अन्तिम चरण जाते जाते आपका भविष्य का मार्ग प्रशस्त करता जाएगा | परिश्रम और संघर्ष रहेंगे, किन्तु उनके परिणाम आशाजनक रहेंगे | छोटी छोटी विदेश यात्राओं के अवसर भी प्रतीत होते हैं, लेकिन इन यात्राओं के दौरान स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता होगी | शनि स्तोत्र अथवा शनि कवच आदि का जाप करेंगे तो आपके लिए लाभदायक रहेगा |

स्वास्थ्य का जहाँ तक प्रश्न है तो खान पान पर ध्यान नहीं दिया, योग व्यायाम आदि का अभ्यास नहीं किया तो आपके धनुलिए स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याएँ हो सकती हैं | आपके माता पिता के स्वास्थ्य का ध्यान रखने की भी आवश्यकता है | किसी भी ऐसी परिस्थिति से बचने का प्रयास करें जिसके कारण मानसिक तनाव उत्पन्न हो सकता है |

अविवाहित हैं तो अभी विवाह में देर हो सकती है | यदि किसी के साथ प्रेम सम्बन्ध हैं तो उस व्यक्ति के विषय में पूरी जानकारी अवश्य प्राप्त करने का प्रयास करें | विवाहित हैं तो दाम्पत्य जीवन पूर्ववत ही रहने की सम्भावना है |

अन्त में बस इतना ही कि यदि कर्म करते हुए भी सफलता नहीं प्राप्त हो रही हो तो किसी अच्छे ज्योतिषी के पास दिशानिर्देश के लिए अवश्य जाइए, किन्तु अपने कर्म और प्रयासों के प्रति निष्ठावान रहिये – क्योंकि ग्रहों के गोचर तो अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं, केवल आपके कर्म और उचित प्रयास ही आपको जीवन में सफल बना सकते हैं…

आगे मकर राशि पर शनि के मकर में गोचर के सम्भावित प्रभावों पर बात करेंगे…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2020/01/20/saturn-transit-in-capricorn-8/

कन्या और तुला राशि के जातकों के लिए शनि का मकर में गोचर

कल के लेख में शनि के मकर राशि में गोचर के सिंह राशि के जातकों पर सम्भावित प्रभावों के विषय में चर्चा की थी, आज कन्या और तुला राशि के जातकों पर शनि के मकर में गोचर के सम्भावित प्रभावों पर संक्षेप में दृष्टिपात…

किन्तु ध्यान रहे, ये सभी परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है…

कन्या राशि : आपके लिए पंचमेश तथा षष्ठेश होकर शनि का गोचर आपके पञ्चम भाव में ही हो रहा है जहाँ से आपके सप्तम भाव, एकादश भाव तथा द्वितीय भाव पर इसकी दृष्टियाँ हैं | इस गोचर के साथ ही पिछले ढाई वर्षों से चली आ रही ढैया भी समाप्त होने जा रही है – जिसने सम्भव है आपको हिला कर रख दिया होगा | लेकिन अब धीरे धीरे परिस्थितियों के सामान्य होने की सम्भावना की जा सकती है | यदि आपने कोई कोर्स बीच में छोड़ दिया है तो दोबारा से आप उसे आरम्भ कर सकते हैं और आपको उसमें सफलता भी प्राप्त होगी | आपकी गम्भीरता में वृद्धि होगी और आप कोई महत्त्वपूर्ण निर्णय इस अवधि में ले सकते हैं | किन्तु यदि वाहन अथवा घर खरीदना चाहते हैं तो उसके लिए मई 2020 से सितम्बर 2020 तक का समय अनुकूल नहीं रहेगा |

पञ्चम भाव से सन्तान का विचार किया जाता है | आपकी सन्तान के लिए यह गोचर अनुकूल रहने की सम्भावना है |कन्या आपकी सन्तान का हर क्षेत्र में प्रदर्शन उत्तम रहने की सम्भावना है | सन्तान की ओर से सन्तोष और सुख दोनों ही प्राप्त होने की सम्भावना है | सन्तान का विवाह भी इस अवधि में सम्भव है | किन्तु आपके लिए ससुराल अथवा ननसाल पक्ष के साथ सम्बन्धों में कुछ दरार उत्पन्न हो सकती है | विद्यार्थियों तथा प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र छात्राओं के लिए शनि का यह गोचर अनुकूल फल देने वाला प्रतीत होता है | विद्यार्थियों को उनके मनपसन्द विद्यालयों में एडमीशन भी मिल सकता है |

स्वास्थ्य का जहाँ तक प्रश्न है तो मिश्रित फलों की सम्भावना की जा सकती है | एक ओर किसी पुरानी बीमारी से मुक्ति प्राप्त हो सकती है, तो वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य सम्बन्धी कोई नवीन समस्या भी उत्पन्न हो सकती है | नियमित चेकअप तथा खान पान में नियन्त्रण के साथ ही योग व्यायाम और ध्यान प्राणायाम का अभ्यास आपके लिए आवश्यक है |

अविवाहित हैं तो इस अवधि में आपका विवाह सम्बन्ध कहीं निश्चित हो सकता है अथवा प्रेम सम्बन्ध स्थापित हो सकता है, किन्तु विवाह में शीघ्रता उचित नहीं रहेगी | विवाहित हैं तो जीवन साथी के साथ ईमानदार तथा सहृदय रहने की आवश्यकता है, अन्यथा सम्बन्धों में दरार पड़ते देर नहीं लगेगी |

तुला राशि : आपके लिए चतुर्थेश और पंचमेश होकर शनि योगकारक बन जाता है तथा आपके चतुर्थ भाव में ही गोचर कर रहा है जहाँ से आपके छठे भाव, दशम भाव तथा आपकी लग्न पर इसकी दृष्टि रहेगी | एक ओर तो आपके लिए यह शुभ संकेत है, किन्तु दूसरी ओर आपकी शनि की ढाई साल की ढैया भी आरम्भ हो रही है – जो चिन्ता का विषय हो सकती है – विशेष रूप से मई 2020 से सितम्बर 2020 के मध्य – जब शनि वक्री होगा | उस समय आपको अपने स्वास्थ्य पर विशेष रूप से ध्यान देने की आवश्यकता होगी | साथ ही आपका अहम आपके बनाते बनाते कार्यों में आड़े आ सकता है, अतः इस ओर से भी सावधान रहकर अपने व्यवहार को सन्तुलित रखने की आवश्यकता होगी | शनि के वक्री होने पर माता जी के साथ भी विवाद सम्भव है | यदि ऐसा लगे तो अच्छा यही रहेगा कि आप इतने समय के लिए दूरी बना लें ताकि विवाद अधिक बढ़ने न पाए |

इस अवधि में आपके समक्ष व्यापार के अनेक नवीन अवसर उपस्थित हो सकते हैं | किन्तु यदि किसी प्रोजेक्ट में तुलापैसा Invest करना हो सोच समझकर तथा सम्बन्धित कार्यों के जानकारों से अच्छी तरह सलाह मशविरा करके है आगे बढें | किसी के कहने मात्र से पैसा कहीं Invest न करें | कार्य से सम्बन्धित छोटी छोटी विदेश यात्राओं के भी अवसर उपलब्ध हो सकते हैं | आप नया घर अथवा वाहन अथवा दोनों ही खरीद सकते हैं और ये आपके लिए शुभ भी रह सकते हैं | कोर्ट कचहरी के मामलों से बचने की आवश्यकता है |

स्वास्थ्य का जहाँ प्रश्न है तो यों सामान्य रूप से स्वास्थ्य ठीक ही रहने की सम्भावना है | किन्तु इसके लिए आपको आलस्य का त्याग करके व्यायाम और योग का अभ्यास करते रहना होगा | साथ ही किसी भी प्रकार की ऐसी स्थिति से बचने का प्रयास करें जिनके कारण आपको मानसिक तनाव हो सकता है | अपनी माता जी तथा सन्तान के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखने की आवश्यकता होगी |

अनुकूल जीवन साथी की खोज में हैं तो वह खोज इस अवधि में पूर्ण हो सकती है | सम्भव है किसी सहकर्मी अथवा किसी निकट के सम्बन्ध में ही आपका विवाह सम्पन्न हो जाए | विवाहित हैं तो जीवन साथी के साथ व्यर्थ के विवाद बचने का प्रयास करें | साथ ही जीवन साथी के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखने की आवश्यकता है |

अन्त में बस इतना ही कि यदि कर्म करते हुए भी सफलता नहीं प्राप्त हो रही हो तो किसी अच्छे ज्योतिषी के पास दिशानिर्देश के लिए अवश्य जाइए, किन्तु अपने कर्म और प्रयासों के प्रति निष्ठावान रहिये – क्योंकि ग्रहों के गोचर तो अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं, केवल आपके कर्म और उचित प्रयास ही आपको जीवन में सफल बना सकते हैं…

आगे वृश्चिक राशि पर शनि के मकर में गोचर के सम्भावित प्रभावों पर बात करेंगे…

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कर्क राशि के लिए शनि के मकर में गोचर के सम्भावित प्रभाव

शनि का मकर में गोचर

कल के लेख में शनि के मकर राशि में गोचर के मिथुन राशि के जातकों पर सम्भावित प्रभावों के विषय में चर्चा की थी, आज कर्क राशि के जातकों पर शनि के मकर में गोचर के सम्भावित प्रभावों पर संक्षेप में दृष्टिपात…

किन्तु ध्यान रहे, ये सभी परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है | अस्तु, आज कर्क राशि

कर्क राशि के जातकों के लिए उनका सप्तमेश और अष्टमेश होकर शनि का गोचर उनके सप्तम भाव में हो रहा है, जहाँ से उनके नवम भाव, लग्न और चतुर्थ भाव पर शनि की दृष्टियाँ रहेंगी | यदि आपने अपने आलस्य का त्याग कर दिया तो आपको अपने कार्यों में सफलता की सम्भावना की जा सकती है | आप इसी वर्ष यानी 2020 में ही अपने व्यापार से सम्बन्धित कुछ महत्त्वपूर्ण निर्णय ले सकते हैं जो आपके लिए लाभदायक भी सिद्ध हो सकते हैं | यदि आपका कार्य किसी प्रकार भी विदेश से सम्बन्ध रखता है तो उसमें भी आपके लिए लाभ की सम्भावना की जा सकती है | किसी महिला मित्र के माध्यम से आपको कोई महत्त्वपूर्ण प्रोजेक्ट प्राप्त हो सकता है जिसके कारण आप दीर्घ समय तक व्यस्त रहते हुए अर्थ लाभ कर सकते हैं | किसी नई नौकरी की तलाश में हैं तो वह भी इस अवधि में आपको प्राप्त हो सकती है | आपके स्वभाव में भी इस अवधि में गम्भीरता आने की सम्भावना है जिसके कारण आप स्वयं ही समस्त निर्णय और कार्य सोच समझ कर ही करेंगे तथा लक्ष्य के प्रति एकाग्र रहेंगे |

आप अपने लिए नया घर अथवा वाहन भी खरीद सकते हैं | ऐसा भी सम्भव है आप जिस घर में अभी रहते हैं उसे ही Renovate करा लें | इस कार्य में आपके परिवार का सहयोग भी आपको उपलब्ध रह सकता है | कार्यस्थल पर सहयोग का वातावरण बना रहने की सम्भावना है | परिवार में बच्चे के जन्म की भी सम्भावना है | ड्राइविंग के समय सावधान रहने की आवश्यकता है | किसी के साथ भी व्यर्थ के विवाद में न उलझें अन्यथा धनहानि की सम्भावना से भी इन्कार नहीं किया जा सकता |

अपने तथा अपनी माता जी के स्वास्थ्य की ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है | कोई पुरानी बीमारी फिर से उभर सकती है अतः नियमित चेकअप आपके लिए आवश्यक है | यदि आप गर्भवती महिला हैं तो आपके लिए तो निश्चित रूप से नियमित चेकअप तथा डॉ के दिशा निर्देशों का पालन करने की आवश्यकता है |

शनि का गोचर आपके सप्तम भाव में हो रहा है और सप्तम भाव विवाह तथा जीवन साथी के लिए देखा जाता है | यदि आप अविवाहित हैं और जीवन साथी की तलाश में हैं तो आपको अनुकूल जीवन साथी मिलने की सम्भावना है – किन्तु माता पिता तथा परिवार की सहमति से ही यह कार्य करेंगे तो आपके हित में रहेगा | विवाहित हैं तो दाम्पत्य जीवन में माधुर्य तथा हर्षोल्लास बना रहने की सम्भावना है | जीवन साथी के साथ देश विदेश घूमने का भी आनन्द ले सकते हैं |

अन्त में बस इतना ही कि यदि कर्म करते हुए भी सफलता नहीं प्राप्त हो रही हो तो किसी अच्छे ज्योतिषी के पास दिशानिर्देश के लिए अवश्य जाइए, किन्तु अपने कर्म और प्रयासों के प्रति निष्ठावान रहिये – क्योंकि ग्रहों के गोचर तो अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं, केवल आपके कर्म और उचित प्रयास ही आपको जीवन में सफल बना सकते हैं…

आगे सिंह राशि पर शनि के मकर में गोचर के सम्भावित प्रभावों पर बात करेंगे…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2020/01/11/saturn-transit-in-capricorn-5/

बुध का मकर में गोचर

माघ कृष्ण तृतीया यानी सोमवार तेरह जनवरी को प्रातः 11:35 के लगभग विष्टि करण और आयुष्मान योग में बुध का गोचर मकर राशि में हो जाएगा | बुध इस समय उत्तराषाढ़ नक्षत्र पर है तथा अस्त है | यहाँ से 19 जनवरी को बुध श्रवण नक्षत्र और 27 जनवरी को धनिष्ठा नक्षत्र पर भ्रमण करता हुआ अन्त में तीस जनवरी को 26:54 (अर्द्धरात्र्योत्तर दो बजकर चौवन मिनट) के लगभग अस्त अवस्था में ही कुम्भ राशि में प्रस्थान कर जाएगा | मकर राशि के लिए बुध षष्ठेश और नवमेश है तथा बुध की मिथुन राशि के लिए मकर राशि अष्टम भाव है और कन्या राशि के लिए पञ्चम भाव है | इन्हीं सब तथ्यों के आधार पर आइये जानने का प्रयास करते हैं कि बुध के मकर राशि में गोचर के विभिन्न राशियों पर क्या सम्भावित प्रभाव हो सकते हैं…

किन्तु ध्यान रहे, ये समस्त परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को देखकर भ्रम में पड़ जाना उचित नहीं होता, अपितु उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है |

मेष : आपका तृतीयेश और षष्ठेश का गोचर आपके कर्म स्थान में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर मिश्रित फल देने वाला प्रतीत होता है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की भी सम्भावना है | उत्साह में वृद्धि का समय भी प्रतीत होता है | किन्तु परिवार के लोगों विशेषकर छोटे भाई बहनों के साथ किसी प्रकार का विवाद भी सम्भव है | अच्छा रहेगा यदि अपने पिता अथवा परिवार के अन्य किसी बुज़ुर्ग की मध्यस्थता से इस विवाद को आपस में ही सुलझा लें | पॉलिटिक्स से सम्बद्ध लोगों के लिए यह गोचर विशेष रूप से अनुकूल प्रतीत होता है | माँसपेशियों तथा जोड़ों में दर्द की समस्या हो सकती है अतः योग का अभ्यास नियमित रूप से करने की आवश्यकता है |

वृषभ : आपका द्वितीयेश और पंचमेश आपकी राशि से नवम भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए विशेष रूप से भाग्यवर्द्धक समय प्रतीत होता है | आपकी निर्णायक क्षमता में वृद्धि के साथ ही कार्य में प्रगति की तथा आर्थिक स्थिति में दृढ़ता की सम्भावना भी है | आप इस अवधि में तीर्थयात्रा आदि का कार्यक्रम भी बना सकते हैं | परिवार के लोगों का सहयोग आपको प्राप्त रहेगा | उच्च शिक्षा के लिए भी प्रयास कर सकते हैं | आपकी सन्तान के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | सन्तान यदि नौकरी की तलाश में है तो उसके मन के अनुकूल कोई नौकरी भी उसे प्राप्त हो सकती है |

मिथुन : आपका लग्नेश तथा चतुर्थेश आपकी राशि से अष्टम भाव में गोचर कर रहा है | एक ओर जहाँ आपके लिए एक और उत्साह में वृद्धि के योग हैं, आपकी निर्णायक और प्रतियोगी क्षमताओं में वृद्धि के योग प्रतीत होते हैं, वहीं पारिवारिक स्तर पर कुछ समस्याओं अथवा विवादों का सामना भी इस अवधि में करना पड़ सकता है – विशेष रूप से सन्तान के साथ व्यर्थ के विवाद से बचने की आवश्यकता है, अन्यथा इसका विपरीत प्रभाव आपके स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है | स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है | आपकी सन्तान और जीवन साथी के लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है |

कर्क : आपके लिए द्वादशेश और तृतीयेश होकर बुध आपकी राशि से सप्तम भाव में गोचर कर रहा है | परिवार में प्रेम और सौहार्द का तथा आनन्द का वातावरण विद्यमान रहने की सम्भावना है | यदि अविवाहित हैं तो इस अवधि में कहीं आपका विवाह सम्बन्ध भी निश्चित हो सकता है | विवाहित हैं तो जीवन साथी के साथ सम्बन्धों में माधुर्य बना रह सकता है | आप अपने लिए नया घर खरीदने की योजना भी बना सकते हैं | परिवार में किसी नवीन सदस्य के आगमन के कारण परिवार में उत्साह तथा मंगलकार्यों का वातावरण बना रह सकता है जिसके कारण बहुत से सम्बन्धियों और मित्रों के साथ मिलना हो सकता है | आपके लिए भी यात्राओं में वृद्धि की सम्भावना है |

सिंह : आपके लिए द्वितीयेश और एकादशेश होकर बुध का गोचर आपकी राशि से छठे भाव में हो रहा है | इस अवधि में आपकी वाणी प्रभावशाली बनी रहेगी और आपकी निर्णायक क्षमता स्पष्ट बनी रहेगी जिसका लाभ आपको अपने कार्यक्षेत्र में प्राप्त हो सकता है | आप अपने लक्ष्य के प्रति दृढ संकल्प रहेंगे | किन्तु साथ ही आपकी पेमेण्ट कहीं रुक सकती है, जिसके लिए आपको अधिकारी वर्ग के साथ कुछ विवाद भी करना पड़ सकता है | किन्तु कुछ देर से ही सही, आपकी पेमेण्ट आपको प्राप्त अवश्य हो जाएगी | साथ ही अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की भी आवश्यकता है | सरदर्द, जोड़ों तथा माँसपेशियों में दर्द की समस्या हो सकती है | डॉक्टर के बताए विटामिन्स आदि समय पर लेते रहेंगे और व्यायाम को अपनी दिनचर्या का अंग बना लेंगे तो बहुत सी समस्याओं से बचे रह सकते हैं |

कन्या : आपका राश्यधिपति तथा दशमेश बुध का गोचर आपकी राशि से पंचम भाव में हो रहा है | आपके लिए कार्य की दृष्टि से तथा आर्थिक दृष्टि से यह गोचर अत्यन्त अनुकूल प्रतीत होता है | आप इस अवधि में अपने कार्य से सम्बन्धित किसी प्रकार का Short Term Advance Course भी कर सकते हैं | इसके अतिरिक्त अपनी सन्तान को भी किसी कोर्स के लिए भेज सकते हैं | सन्तान की ओर से कोई शुभ समाचार भी इस अवधि में प्राप्त हो सकता है | साथ ही यदि आप लेखक अथवा वक्ता हैं तो आपको सिमेनार्स आदि में अपना शोध पत्र प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त हो सकता है | आपके रुके हुए कार्य इस अवधि में पूर्ण होकर आपको उनका अनुकूल पारिश्रमिक भी इस अवधि में प्राप्त होने की सम्भावना है |

तुला : आपका द्वादशेश और भाग्येश आपके चतुर्थ भाव में हो रहा है | आपको अपने कार्य में अपने पिता का सहयोग निरन्तर प्राप्त रहेगा | आपके कार्य में तथा आर्थिक स्थिति में लाभ और वृद्द्धि की सम्भावना इस अवधि में की जा सकती है | कार्य से सम्बन्धित व्यस्तताओं के कारण सम्भव है आप परिवार पर अधिक ध्यान न दे पाएँ | किन्तु आपके लिए इस समय अपने कार्य पर एकाग्रचित्त रहने का समय है जिसका भविष्य में भी आपको लाभ हो सकता है | आपके प्रभावशाली व्यक्तित्व का लाभ आपको अपने कार्य में मिलने की सम्भावना है | कार्य से सम्बन्धित विदेश यात्राओं में भी वृद्धि की सम्भावना है | परिवार में किसी प्रकार के तनाव की सम्भावना है |

वृश्चिक : आपका एकादशेश और अष्टमेश आपकी राशि से तीसरे भाव में गोचर रहा है | आपके लिए कार्य की दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आप कोई नया कार्य भी इस अवधि में आरम्भ कर सकते हैं | साथ ही आप अपने छोटे भाई बहनों की भी किसी प्रकार की सहायता कर सकते हैं | आपका कार्य यदि किसी प्रकार विदेश से सम्बन्ध रखता है तो आपके लिए कार्य से सम्बन्धित विदेश यात्राओं में वृद्धि के भी योग हैं | किसी ऐसे स्थान से भी कार्य और अर्थ का लाभ हो सकता है जहाँ के विषय में आपने कल्पना भी नहीं की होगी | किन्तु इन यात्राओं के दौरान आपको अपने Important Documents को सम्भाल कर रखने की आवश्यकता होगी | आपके भाई बहनों के लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | धार्मिक गतिविधियों में वृद्धि की सम्भावना है |

धनु : आपका सप्तमेश और दशमेश दूसरे भाव में गोचर कर रहा है | आपके तथा आपके जीवन साथी के लिए कार्य की दृष्टि से यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्धक प्रतीत होता है | आप यदि मीडिया या किसी प्रकार की Alternative Therapy से सम्बन्ध रखते हैं, प्रॉपर्टी से सम्बन्धित किसी व्यवसाय से सम्बन्ध रखते हैं अथवा लेखन के क्षेत्र में हैं या वक्ता हैं तो आपके लिए आर्थिक लाभ तथा पुरूस्कार आदि प्राप्त होने के संकेत हैं | आपके कार्यों की सराहना होगी और आपकी योजनाओं को क्रियान्वित भी किया जा सकता है | नौकरी में पदोन्नति के भी संकेत हैं | राजनीति से जुड़े लोगों के लिए भी यह गोचर भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है |

मकर : आपका षष्ठेश और भाग्येश आपकी लग्न में ही गोचर कर रहा है | आपका अपना व्यवसाय है तो उसमें उन्नति के संकेत हैं | कोई नया कार्य भी इस अवधि में आरम्भ कर सकते हैं | पार्टनरशिप में कार्य आरम्भ करने के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | नौकरी में हैं तो उसमें भी पदोन्नति की सम्भावना की जा सकती है | नौकरी की तलाश में हैं तो वह भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है | सामाजिक गतिविधियों में वृद्धि की भी सम्भावना है | लोग आपके कार्यों की प्रशंसा करेंगे और अपने कार्य के लिए आपको किसी प्रकार का पुरूस्कार और सम्मान आदि भी प्राप्त हो सकता है | आपके जीवन साथी के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है |

कुम्भ : आपकी राशि से पंचमेश और अष्टमेश का गोचर आपकी राशि से बारहवें भाव में हो रहा है | कार्य के सिलसिले में अथवा उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए विदेश जा सकते हैं | किन्तु सम्भव है ये यात्राएँ आपके लिए मनोनुकूल न रहे | नौकरी में हैं तो किसी अधिकारी के रिटायर होने के कारण आपकी उसके स्थान पर पदोन्नति के साथ ही किसी दूर के शहर में आपका ट्रांसफर भी हो सकता है | किसी मित्र को पैसा उधार देना इस अवधि में उचित नहीं रहेगा | साथ ही आपके स्वयं के स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं पर पैसा भी खर्च हो सकता है | अचानक ही किसी ऐसे स्थान पर जाने का कार्यक्रम बन सकता है जहाँ आप बहुत पहले जाना चाहते थे किन्तु जा नहीं पा रहे थे |

मीन : आपकी राशि से चतुर्थेश और सप्तमेश का गोचर आपके एकादश भाव में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त अनुकूल प्रतीत होता है | आपके कार्य तथा आय में वृद्धि की सम्भावना है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की भी सम्भावना है | पॉलिटिक्स में यदि आप हैं तो आपके लिए विशेष रूप से यह गोचर भाग्यवर्द्धक सिद्ध हो सकता है | आप इस अवधि में कोई नया घर भी खरीद सकते हैं | दाम्पत्य जीवन में माधुर्य बना रहने की सम्भावना है | वंश वृद्धि का विचार भी आप इस अवधि में कर सकते हैं |

अन्त में, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं | सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

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