विजयादशमी दशहरा की हार्दिक शुभकामनाएँ

शुभ विजयादशमी

त्रातारो देवता अधिवोचता नो, मा नो निद्रा ईशत मोत जल्पिः

वयं सोमस्य विश्वह प्रयासः, सुवीरा सो विद्भम आ वदेम ||

ऋग्वेद 8/48/14

हे देवगण हे रक्षकों, आशीष दो हमको सदा

हों जल्पना से रहित हम, आलस्य को त्यागें सदा |

हम सब ही हों सोमप्रिय, स्फूर्ति तन मन में रहे

और नायक भी हमारे धर्महित बोलें सदा ||

नव कल्पना, नव ज्योत्स्ना, नव शक्ति, नव आराधना

आनन्द नव, जगजननि कर दे पूरी हर नव कामना ||

पाएँ विजय, पाएँ अभय, पाएँ हृदय सदय सदा

हों एक, मन में हो सदा सद्भाव और सत्कामना ||

अपने सहित सभी को विजय पर्व के अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएँ… अपराजिता देवी सभी को प्रत्येक प्रयास में विजयी बनाएँ…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2018/10/19/happy-vijaya-dashami/

 

 

 

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