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वृश्चिक व धनु राशि के जातकों के लिए शनि का मकर में गोचर

माघ मास की अमावस्या को यानी शुक्रवार 24 जनवरी 2020 को दिन में नौ बजकर अट्ठावन मिनट के लगभग अनुशासन और न्याय का कारक माना जाने वाला ग्रह शनि तीन वर्षों से भी कुछ अधिक समय गुरु की धनु राशि में व्यतीत करके चतुष्पद करण और वज्र योग में उत्तराषाढ़ नक्षत्र पर रहते हुए ही अपनी स्वयं की राशि मकर में प्रविष्ट हो जाएगा | यहाँ विचरण करते हुए शनि 22 जनवरी 2021 को श्रवण नक्षत्र तथा 18 फरवरी 2022 को धनिष्ठा नक्षत्रों पर भ्रमण करते हुए अन्त में 17 जनवरी 2023 को सायं छह बजकर चार मिनट के लगभग अपनी स्वयं की दूसरी राशि कुम्भ – जो शनि की मूल त्रिकोण राशि भी है – में प्रस्थान कर जाएगा | उत्तराषाढ़ नक्षत्र के स्वामी सूर्य, श्रवण नक्षत्र के स्वामी चन्द्र तथा धनिष्ठा के अधिपति मंगल इन तीनों के साथ शनि की शत्रुता है | इस बीच ग्यारह मई 2020 से 29 सितम्बर 2020 तक शनि वक्री भी रहेगा | सामान्यतः शनि के वक्री होने पर व्यापार में मन्दी, राजनीतिक दलों में मतभेद, जन साधारण में अशान्ति तथा प्राकृतिक आपदाओं जैसे बाढ़ और आँधी तूफ़ान आदि की सम्भावनाएँ अधिक रहती हैं | 7 जनवरी 2021 से दस फरवरी 2021 तक शनि अस्त भी रहेगा | इन्हीं सब तथ्यों को ध्यान में रखते हुए अगले लेख में जानने का प्रयास करेंगे शनि के मकर राशि में गोचर के समस्त बारह राशियों के जातकों पर क्या प्रभाव सम्भव हैं…

आज वृश्चिक और धनु राशि के जातकों पर शनि के मकर में गोचर के सम्भावित प्रभावों पर संक्षेप में दृष्टिपात…

किन्तु ध्यान रहे, ये सभी परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है |

वृश्चिक राशि : आपके लिए आपका तृतीयेश और चतुर्थेश होकर शनि का गोचर आपके तीसरे भाव में ही रहा है, जहाँ से इसकी दृष्टियाँ आपके पञ्चम भाव, नवम भाव तथा बारहवें भावों पर रहेंगी | सबसे पहले तो आपके लिए राहत की बात है कि शनि के इस गोचर के साथ ही आपकी साढ़ेसाती भी समाप्त हो जाएगी | लेकिन उसके कारण जो उथल पुथल आपके जीवन में रही है उससे उबरने में थोड़ा समय लगेगा इसलिए एक एक पग सँभल कर चलने की आवश्यकता होगी | छोटे भाई बहनों का स्वभाव इस अवधि में उग्र हो सकता है, अतः उनसे यथासम्भव दूरी बनाकर रखना ही उचित रहेगा | आपके शरीर में आलस्य की अधिकता रह सकती है इसलिए सम्भव है आप अपने कार्य बाद के लिए टालने की सोचें | लेकिन ऐसा करना आपके हित में नहीं रहेगा |

नया कार्य आरम्भ करने के लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आर्थिक स्थिति सामान्य बनी रहेगी और कार्य में तथा व्यक्तिगत जीवन में आर्थिक स्थिति के कारण कोई व्यवधान उत्पन्न होने की सम्भावना नहीं है | किसी मित्र की सहायता से आप अपने रुके हुए कार्य फिर से आरम्भ कर सकते हैं, किन्तु उस मित्र के साथ पार्टनरशिप में कार्य वृश्चिकआपके लिए लाभदायक नहीं रहेगा | यदि कोई कोर्स आपने बीच में छोड़ दिया है तो उसे भी फिर से आरम्भ करके उसमें सफलता प्राप्त कर सकते हैं | पराक्रम में वृद्धि के संकेत हैं | धार्मिक गतिविधियों में भी वृद्धि के संकेत हैं |

अपने स्वयं के, अपनी सन्तान के तथा अपनी माता जी के स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है | नियमित चेकअप कराते हुए डॉक्टर के दिशानिर्देशों का पालन करते रहेंगे तो बहुत सी समस्याओं से बच सकते हैं | ड्राइविंग के समय दुर्घटना आदि की ओर से तथा यात्राओं में स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहने की आवश्यकता है |

कोई मित्रता का सम्बन्ध प्रेम सम्बन्ध में परिणत हो सकता है किन्तु उसके विवाह में परिणत होने में समय लग सकता है | दाम्पत्य जीवन में सामंजस्य बना रहने की सम्भावना प्रतीत होती है | आप इस अवधि में वंश वृद्धि की दिशा में भी प्रयास कर सकते हैं |

धनु राशि : अभी तक शनि का गोचर आपकी राशि में ही चल रहा था, लेकिन अब आपकी राशि से द्वितीयेश तथा तृतीयेश होकर शनि का गोचर आपके द्वितीय भाव में हो रहा है, जहाँ से उसकी दृष्टियाँ आपके चतुर्थ भाव, अष्टम भाव तथा ग्यारहवें भावों पर रहेंगी | द्वितीय भाव से वाणी तथा धन का विचार किया जाता है | अभी तक आपके लिए साढ़ेसाती का दूसरा भाग चल रहा था | अब तीसरा और अन्तिम भाग आरम्भ हो जाएगा, जो हमारे विचार से आर्थिक दृष्टि से अनुकूल जाना चाहिए | अब तक जितना भी कष्ट साढ़ेसाती के कारण आपको हुआ है, सम्भव है अब उसमें कमी आनी आरम्भ हो जाए | आप कोई नया कार्य आरम्भ करना चाहते हैं तो उसके लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आपके कार्यों में आपको अपने परिवार का सहयोग उपलब्ध रहेगा | प्रॉपर्टी से सम्बन्धित कार्य में विशेष रूप से लाभ की सम्भावना की जा सकती है | अपने स्वयं के लिए भी आप नया घर अथवा वाहन इस अवधि में खरीद सकते हैं |

व्यवसाय में उन्नति तथा नौकरी में पदोन्नति के संकेत प्रतीत होते हैं, किन्तु इसके लिए आपको परिश्रम अधिक करना पड़ेगा | सामाजिक गतिविधियों में वृद्धि के साथ मान सम्मान में भी वृद्धि की सम्भावना कही जा सकती है | यह समय आपके लिए बहुत अधिक व्यस्तताओं से भरा हो सकता है, किन्तु कार्याधिक्य के कारण अपने स्वास्थ्य की उपेक्षा कर देना आपके लिए उचित नहीं रहेगा | परिवार में कोई मंगलकार्य भी सम्पन्न हो सकता है | साढ़ेसाती का यह अन्तिम चरण जाते जाते आपका भविष्य का मार्ग प्रशस्त करता जाएगा | परिश्रम और संघर्ष रहेंगे, किन्तु उनके परिणाम आशाजनक रहेंगे | छोटी छोटी विदेश यात्राओं के अवसर भी प्रतीत होते हैं, लेकिन इन यात्राओं के दौरान स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता होगी | शनि स्तोत्र अथवा शनि कवच आदि का जाप करेंगे तो आपके लिए लाभदायक रहेगा |

स्वास्थ्य का जहाँ तक प्रश्न है तो खान पान पर ध्यान नहीं दिया, योग व्यायाम आदि का अभ्यास नहीं किया तो आपके धनुलिए स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याएँ हो सकती हैं | आपके माता पिता के स्वास्थ्य का ध्यान रखने की भी आवश्यकता है | किसी भी ऐसी परिस्थिति से बचने का प्रयास करें जिसके कारण मानसिक तनाव उत्पन्न हो सकता है |

अविवाहित हैं तो अभी विवाह में देर हो सकती है | यदि किसी के साथ प्रेम सम्बन्ध हैं तो उस व्यक्ति के विषय में पूरी जानकारी अवश्य प्राप्त करने का प्रयास करें | विवाहित हैं तो दाम्पत्य जीवन पूर्ववत ही रहने की सम्भावना है |

अन्त में बस इतना ही कि यदि कर्म करते हुए भी सफलता नहीं प्राप्त हो रही हो तो किसी अच्छे ज्योतिषी के पास दिशानिर्देश के लिए अवश्य जाइए, किन्तु अपने कर्म और प्रयासों के प्रति निष्ठावान रहिये – क्योंकि ग्रहों के गोचर तो अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं, केवल आपके कर्म और उचित प्रयास ही आपको जीवन में सफल बना सकते हैं…

आगे मकर राशि पर शनि के मकर में गोचर के सम्भावित प्रभावों पर बात करेंगे…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2020/01/20/saturn-transit-in-capricorn-8/

मंगल का वृश्चिक में गोचर

वर्ष 2019 के सप्ताहान्त में बहुत महत्त्वपूर्ण गोचर हो रहा है – बुधवार 25 दिसम्बर पौष अमावस्या यानी कल रात्रि 9:29 के लगभग विशाखा नक्षत्र पर भ्रमण करते हुए चतुष्पद करण और गण्ड योग में मंगल शुक्र की तुला राशि से निकल कर अपनी स्वयं की राशि वृश्चिक में प्रस्थान कर जाएगा | यहाँ भ्रमण करते हुए मंगल तीस दिसम्बर को अनुराधा तथा उन्नीस जनवरी को ज्येष्ठा नक्षत्र पर भ्रमण करते हुए अन्त में आठ फरवरी को सूर्योदय से पूर्व 3:53 के लगभग अपने मित्र ग्रह गुरु की धनु राशि तथा मूल नक्षत्र में प्रस्थान कर जाएगा | वृश्चिक तथा मेष राशियों में मंगल का गोचर मंगल की दोनों राशियों मेष तथा वृश्चिक के लिए विशेष महत्त्व रखता है, क्योंकि दोनों राशियाँ एक दूसरे से षडाष्टक में हैं, जो ऊर्जा और साहस तथा विरोधियों पर विजय प्राप्त करने के लिए वास्तव में अनुकूल स्थिति है | साथ ही वृश्चिक राशि में भ्रमण करते हुए मंगल की दृष्टियाँ कुम्भ, तुला तथा मिथुन राशियों पर रहेंगी | इन्हीं सब तथ्यों के आधार पर जानने का प्रयास करते हैं मंगल के तुला राशि में गोचर के विभिन्न राशियों के जातकों पर क्या सम्भावित प्रभाव हो सकते हैं…

किन्तु ध्यान रहे, किसी एक ही ग्रह के गोचर के आधार पर स्पष्ट फलादेश करना अनुचित होगा | उसके लिए योग्य Astrologer द्वारा व्यक्ति की कुण्डली का विविध सूत्रों के आधार पर व्यापक अध्ययन आवश्यक है |

मेष : आपके राश्यधिपति और अष्टमेश का गोचर आपके अष्टम भाव में हो रहा है, जहाँ से आपके लाभ स्थान, द्वितीय भाव तथा तीसरे भाव पर मंगल की दृष्टियाँ हैं | आपको अचानक ही किसी ऐसे स्रोत से आर्थिक लाभ की सम्भावना है जहाँ की आपने कल्पना भी नहीं की होगी | किसी वसीयत के माध्यम से आपको प्रॉपर्टी का लाभ भी हो सकता है | आपके छोटे भाई बहनों के लिए भी लाभ की सम्भावना इस अवधि में की जा सकती है | सम्भव है आपको किसी कार्य में आरम्भ में व्यवधान का भी अनुभव हो | किन्तु वह व्यवधान अधिक समय नहीं रहेगा और आपका कार्य पुनः आगे बढ़ सकता है | आपकी वाणी इस अवधि में अत्यन्त प्रभावपूर्ण रहेगी और आपके कार्य में आपको उसका लाभ भी प्राप्त होगा | हाँ, सम्बन्धों में मधुरता बनाए रखने के लिए वाणी पर तथा स्वास्थ्य को उत्तम बनाए रखने के लिए खान पान पर संयम रखने की आवश्यकता है |

वृषभ : आपका सप्तमेश और द्वादशेश होकर मंगल का गोचर आपके सप्तम भाव में हो रहा है, जहाँ से आपके कार्य स्थान, लग्न तथा धन भाव पर मंगल की दृष्टियाँ हैं | आपके लिए तथा आपके जीवन साथी के लिए कार्य की दृष्टि से तथा आर्थिक दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | पार्टनरशिप में यदि कोई कार्य है तो उसमें किसी प्रकार का व्यवधान उपस्थित हो सकता है अतः इस ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है | किन्तु आप अपने व्यवहार तथा प्रयासों से सभी अवरोधों को दूर करने में समर्थ भी हो सकते हैं | आपको अपने तथा अपने जीवन साथी के स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता होगी | यदि अविवाहित हैं तो जीवन साथी की खोज भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है | किन्तु साथ ही यदि अपनी वाणी पर नियन्त्रण नहीं रखा तो दाम्पत्य जीवन तथा प्रेम सम्बन्धों में तनाव भी उत्पन्न हो सकता है |

मिथुन : आपकी राशि के लिए षष्ठेश और एकादशेश होकर मंगल का गोचर आपके छठे भाव में हो रहा है, जहाँ से आपके नवम भाव पर, बारहवें भाव पर तथा आपकी लग्न पर उसकी दृष्टियाँ हैं | किसी आवश्यक कार्य के लिए आपको विदेश यात्राएँ करनी पड़ सकती हैं | साथ ही इन यात्राओं में स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है | किन्तु आपके उत्साह में तथा निर्णायक क्षमता में वृद्धि के कारण आपके कार्य की दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | कोई नवीन कार्य आपको प्राप्त हो सकता है, किन्तु सोच समझ कर ही आगे बढें | यदि कोई कोर्ट केस चल रहा है तो उसका परिणाम आपके पक्ष में आ सकता है | प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में लगे लोगों के लिए तथा स्पोर्ट्स से जुड़े लोगों के लिए यह गोचर अनुकूल परिणाम देने वाला प्रतीत होता है |

कर्क : आपके लिए पंचमेश और दशमेश होकर योगकारक बन जाता है तथा इसका गोचर आपके पंचम भाव में ही हो रहा है जहाँ से आपके अष्टम, एकादश और द्वादश भावों पर उसकी दृष्टियाँ हैं | आपके लिए उत्साह में वृद्धि के संकेत प्रतीत होते हैं | नौकरी में पदोन्नति की सम्भावना की जा सकती है | किसी अप्रत्याशित स्थान से प्रॉपर्टी अथवा अर्थलाभ की सम्भावना भी की जा सकती है | मित्रों का सहयोग प्राप्त रहेगा | आप इस अवधि में अपने कार्य से सम्बन्धित Advanve course के लिए भी प्रयास कर सकते हैं | आपकी सन्तान के लिए भी ये गोचर लाभदायक प्रतीत होता है | यदि आपकी सन्तान विवाह योग्य है तो उसके विवाह की भी सम्भावना इस अवधि में की जा सकती है | अविवाहित हैं तो इस अवधि में जीवन साथी की खोज भी पूर्ण हो सकती है | स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है |

सिंह : आपका चतुर्थेश और नवमेश होकर आपका योगकारक बनता हुआ मंगल का गोचर आपके चतुर्थ भाव में ही हो रहा है | सप्तम, दशम तथा एकादश भावों पर इसकी दृष्टियाँ हैं | योगकारक होते हुए भी आपके लिए यह गोचर मिश्रित फल देने वाला प्रतीत होता है | कार्य में प्रगति तथा आर्थिक स्थिति में दृढ़ता के संकेत हैं | नौकरी में हैं तो पदोन्नति के साथ ही किसी ऐसे स्थान पर आपका ट्रांसफर भी हो सकता है जहाँ आप पहले से जाना चाहते थे | यदि आपने अपने व्यवहार को नियन्त्रित नहीं रखा तो पारिवारिक स्तर पर वातावरण तनावपूर्ण रह सकता है अतः इस ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है | सहकर्मियों से तथा पार्टनर के साथ किसी प्रकार की बहस आपके हित में नहीं रहेगी | अविवाहित हैं तो इस अवधि में आपका विवाह सम्बन्ध भी कहीं निश्चित हो सकता है |

कन्या : आपका तृतीयेश और अष्टमेश होकर मंगल का गोचर आपके तृतीय भाव में हो रहा है | जहाँ से आपके छठे भाव, नवम भाव और कर्मस्थान पर इसकी दृष्टियाँ हैं | यह गोचर उत्साहवर्द्धक तथा कार्य की दृष्टि से और आर्थिक दृष्टि से भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आपका स्वयं का व्यवसाय तो उसमें लाभ की सम्भावना है | नौकरी में हैं तो अचानक ही पदोन्नति के साथ अर्थलाभ की भी सम्भावना है | किन्तु साथ ही आपके छोटे भाई बहनों के साथ अथवा कार्यस्थल पर विरोध के स्वर भी मुखर हो सकते हैं | धार्मिक गतिविधियों में रुचि में वृद्धि की भी सम्भावना | आप सपरिवार किसी तीर्थस्थान की यात्रा के लिए भी जा सकते हैं | पॉलिटिक्स में जो लोग हैं उनके लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | स्वास्थ्य की ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है |

तुला : आपका द्वितीयेश और सप्तमेश होकर मंगल का गोचर आपके द्वितीय भाव में हो रहा है, जहाँ से आपके पञ्चम, अष्टम और नवम भावों पर मंगल की दृष्टियाँ रहेंगी | आपके लिए अचानक ही नौकरी में पदोन्नति तथा मान सम्मान में वृद्धि के संकेत प्रतीत होते हैं | अपना स्वयं का व्यवसाय है तो उसमें उन्नति तथा आर्थिक लाभ की सम्भावना भी की जा सकती है | किन्तु साथ ही गुप्त विरोधियों की ओर से भी सावधान रहने की आवश्यकता है | सम्बन्धों में मधुरता बनाए रखने के लिए वाणी पर तथा स्वास्थ्य को उत्तम बनाए रखने के लिए खान पान पर ध्यान रखने की आवश्यकता है | हाँ आपकी प्रभावशाली वाणी का लाभ आपको अपने कार्य में अवश्य प्राप्त हो सकता है | किसी वसीयत के माध्यम से आपको लाभ की सम्भावना है | आपकी सन्तान के लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | धार्मिक तथा आध्यात्मिक गतिविधियों में वृद्धि की सम्भावना की जा सकती है |

वृश्चिक : आपका लग्नेश और षष्ठेश होकर मंगल का गोचर आपकी लग्न में ही हो रहा है और आपके चतुर्थ, सप्तम और अष्टम भावों को देख रहा है | परिवार में किसी नवीन सदस्य के आगमन की सम्भावना है अथवा किसी बच्चे का जन्म भी इस अवधि में हो सकता है | आप कोई नया घर बेचकर उसमें शिफ्ट कर सकते हैं | प्रॉपर्टी के व्यवसाय से सम्बद्ध लोगों के लिए, डॉक्टर्स तथा मीडिया से सम्बद्ध लोगों के लिए और पॉलिटिक्स के क्षेत्र से सम्बद्ध लोगों के लिए यह गोचर विशेष रूप से अनुकूल प्रतीत होता है | विवाह के लिए भी समय अनुकूल प्रतीत होता है | विवाहित हैं तो दाम्पत्य जीवन में प्रगाढ़ता के संकेत प्रतीत होते हैं | आप सपत्नीक कहीं घूमने जाने का कार्यक्रम भी बना सकते हैं | स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है | स्वभाव में चिडचिडापन आ सकता है अतः योग ध्यान का अभ्यास आपके लिए आवश्यक है |

धनु : आपकी राशि के लिए पंचमेश तथा द्वादशेश होकर मंगल का गोचर आपके बारहवें भाव में हो रहा है जहाँ से आपके तीसरे, छठे तथा सातवें भावों पर मंगल की दृष्टि है | आपके लिए यह गोचर अधिक अनुकूल नहीं प्रतीत होता | स्वास्थ्य का ध्यान रखने की विशेष रूप से आवश्यकता है | इस अवधि में आप सपरिवार कहीं घूमने जाने का कार्यक्रम भी बना सकते हैं | आप स्वयं अथवा आपकी सन्तान भी विवाह करके अथवा उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए कहीं दूर जा सकती है | यात्राओं के दौरान किसी प्रकार की दुर्घटना अथवा चोरी आदि के प्रति सावधान रहने की आवश्यकता है | आपके छोटे भाई बहनों के लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है, किन्तु उनके साथ आपके सम्बन्धों में कुछ तनाव भी उत्पन्न हो सकता है | जीवन साथी तथा सन्तान के स्वास्थ्य का ध्यान रखने की विशेष रूप से आवश्यकता है |

मकर : आपके चतुर्थेश और एकादशेश का गोचर आपके लाभ स्थान में ही हो रहा है तथा वहाँ से दूसरे, पाँचवें और छठे भावों पर उसकी दृष्टियाँ हैं | यह गोचर आपके स्वयं के लिए तथा आपकी सन्तान के लिए अनुकूल प्रतीत होता है तथा उसकी ओर से कोई शुभ समाचार इस अवधि में प्राप्त हो सकता है | किन्तु सन्तान के साथ बहस सम्बन्धों पर प्रतिकूल प्रभाव भी डाल सकती है | आर्थिक स्थिति में दृढ़ता की सम्भावना की जा सकती है | किसी घनिष्ठ मित्र के माध्यम से कुछ नवीन प्रोजेक्ट्स भी प्राप्त हो सकते हैं | किन्तु ऐसे मित्रों तथा सम्बन्धियों को पहचान कर उनसे दूरी बनाने की आवश्यकता होगी जो आपसे ईर्ष्या रखते हैं | नौकरी की खोज में हैं तो उसमें भी सफलता प्राप्त हो सकती है | विद्यार्थियों के लिए यह समय अत्यन्त अनुकूल प्रतीत होता है | स्वास्थ्य की दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | किसी पुरानी बीमारी से मुक्ति भी इस अवधि में सम्भव है |

कुम्भ : आपके लिए आपके तृतीयेश और दशमेश का गोचर आपके दशम भाव में हो रहा है तथा वहाँ से आपकी लग्न को और चतुर्थ तथा पञ्चम भावों को देख रहा है | आपके लिए उत्साह में वृद्धि के साथ ही कार्य में उन्नति के संकेत भी हैं | नौकरी में हैं तो पदोन्नति के साथ ही आय में वृद्धि के भी संकेत हैं | किसी पुरूस्कार आदि की प्राप्ति की सम्भावना भी इस अवधि में की जा सकती है | अधिकारियों तथा सहकर्मियों का सहयोग आपको उपलब्ध रहेगा | अपना स्वयं का व्यवसाय है तो उसमें भी आप वृद्धि कर सकते हैं अथवा कोई नई ब्रांच खोल सकते हैं | आपकी सन्तान की ओर से कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है | आप स्वयं भी उच्च शिक्षा के लिए प्रयास कर सकते हैं | माता जी के स्वास्थ्य का ध्यान रखने की विशेष रूप से आवश्यकता है | परिवार में कार्यस्थल पर किसी भी बहस से बचने का प्रयास आवश्यक है |

मीन : आपके लिए आपका द्वितीयेश और भाग्येश होकर मंगल का गोचर आपकी राशि से भाग्य स्थान में हो रहा है | जहाँ से आपके बारहवें, तीसरे और चौथे भावों पर उसकी दृष्टियाँ हैं | आपके लिए यह गोचर मिश्रित फल देने वाला कहा जा सकता है | यदि आपका कार्य विदेश से सम्बन्ध रखता है तो आपके लिए विदेश यात्राओं में वृद्धि के साथ ही कार्य में प्रगति के भी संकेत प्रतीत होते हैं | किन्तु यात्राओं में तथा पारिवारिक समस्याओं पर धन व्यय होने के साथ ही परिवार में तनावपूर्ण स्थिति के भी संकेत प्रतीत होते हैं | विशेष रूप से छोटे भाई बहनों तथा माता जी के साथ सम्बन्धों में तनाव उत्पन्न हो सकता है | ऐसी स्थिति में अपने व्यवहार की शान्ति बनाए रखना ही सर्वोत्तम उपाय है | माता जी के स्वास्थ्य का ध्यान रखने की विशेष रूप से आवश्यकता है | घर को Renovate कराने में पैसा खर्च हो सकता है | परिवार में किसी नए सदस्य का आगमन भी सम्भव है | आध्यात्मिक तथा धार्मिक गतिविधियों में वृद्धि की भी सम्भावना है |

अन्त में, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं | सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2019/12/24/mars-transit-in-scorpio/

 

सूर्य का वृश्चिक में गोचर

कल मार्गशीर्ष कृष्ण पञ्चमी यानी शनिवार को 24:51 (अर्द्धरात्र्योत्तर बारह बजकर इक्यावन मिनट) के लगभग भगवान भास्कर विशाखा नक्षत्र पर रहते हुए ही कौलव करण और साध्य योग में तुला राशि से निकल कर अपने मित्र ग्रह मंगल की वृश्चिक राशि में प्रस्थान करेंगे | अपनी इस यात्रा के दौरान आत्मा के कारक सूर्यदेव 20 नवम्बर से अनुराधा तथा 3 दिसम्बर से ज्येष्ठा नक्षत्र पर भ्रमण करते हुए अन्त में 16 दिसम्बर को दिन में 3:28 के लगभग गुरुदेव की राशि धनु और मूल नक्षत्र में प्रविष्ट हो जाएँगे | वृश्चिक राशि से सूर्य दशमेश है तथा सूर्य की अपनी राशि सिंह से वृश्चिक राशि पञ्चम भाव बनती है | इस प्रकार इन दोनों राशियों के लिए तो यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | 24 नवम्बर को मंगल भी वृश्चिक में प्रस्थान कर जाएगा |

इस बीच 19 को काल भैरव जयन्ती, 22-23 को उत्पन्ना एकादशी, 24 नवम्बर और नौ दिसम्बर को प्रदोष व्रत और ग्यारह दिसम्बर को दत्तात्रेय जयन्ती है | ये सभी पर्व आपके लिए मंगलमय हों…

अब संक्षेप में जानने का प्रयास करते हैं कि वृश्चिक राशि में सूर्य के संक्रमण के जनसाधारण पर क्या सम्भावित प्रभाव हो सकते हैं… किन्तु ध्यान रहे, ये सभी परिणाम सामान्य यानी Common हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है…

मेष : आपकी राशि से पंचमेश आपके अष्टम भाव में गोचर कर रहा है | अकारण ही आपके स्वभाव में चिडचिडापन आ सकता है जो सम्बन्धों के लिए उचित नहीं होगा, अतः सावधान रहने की आवश्यकता है | किसी भी स्थिति में आपके माता पिता तथा अधिकारीवर्ग का सहयोग और समर्थन दोनों आपको प्राप्त रहेंगे | अचानक ही कुछ नवीन प्रोजेक्ट्स आपको इस अवधि में प्राप्त हो सकते हैं जिनके कारण आपकी व्यस्तताएँ भी बढ़ सकती हैं और आर्थिक स्थिति भी और अधिक दृढ़ हो सकती है | अविवाहित हैं तो इस अवधि में विवाह के विषय में ही विचार कर सकते हैं | विवाहित हैं तो दाम्पत्य जीवन में माधुर्य बना रहने के लिए अपने स्वभाव को नियन्त्रण में रखना होगा | आपकी सन्तान तथा आपके पिता के लिए भी यह गोचर अनुकूल फल देने वाला प्रतीत होता है |

वृषभ : आपकी राशि से चतुर्थेश सप्तम भाव में गोचर कर रहा है | यदि आपने अपने Temperament पर नियन्त्रण रखा तो आपके लिए यह गोचर अनुकूल फल देने वाला प्रतीत होता है | परिवार में आनन्द का वातावरण बना रह सकता है | परिवारजनों तथा मित्रों का का सहयोग आपको उपलब्ध रहेगा | आप सपरिवार कहीं भ्रमण के लिए जाने का कार्यक्रम भी इस अवाही में बना सकते हैं | अविवाहित हैं तो जीवन साथी की आपकी तलाश भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है | कोई प्रेम सम्बन्ध भी विवाह में परिणत हो सकता है |

मिथुन : आपकी राशि से तृतीयेश का गोचर आपके छठे भाव में हो रहा है | सम्पत्ति विषयक कोई विवाद आपके लिए समस्या उत्पन्न कर सकता है | छोटे भाई बहनों के साथ कोई विवाद गम्भीर रूप ले सकता है | किन्तु अपने पिता की मध्यस्थता से आप उस विवाद को सुलझाने में समर्थ हो सकते हैं | कार्यस्थल में सहकर्मियों का सहयोग आपको प्राप्त रहेगा | यदि आप गर्भवती महिला हैं तो आपके लिए विशेष रूप से सावधान रहने की आवश्यकता है | साथ ही यात्राओं में भी स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है | सूर्य की उपासना आपके लिए उचित रहेगी |

कर्क : आपकी राशि से द्वितीयेश का गोचर आपके पञ्चम भाव में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आपके उत्साह में वृद्धि की सम्भावना है | जिसके कारण आप अपने कार्य समय पर पूर्ण करने में सक्षम हो सकते हैं | आप अथवा आपकी सन्तान अपने कार्य से सम्बन्धित कोई Short Term Advance Course भी इस अवधि में कर सकते हैं | आय में वृद्धि के भी संकेत हैं | नौकरी में हैं तो पदोन्नति भी सम्भव है | पॉलिटिक्स में हैं तो आपको किसी पद की प्राप्ति हो सकती है | आपके भाई बहनों के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है तथा उनका सहयोग भी आपको उपलब्ध रहेगा |

सिंह : आपके लिए आपके राश्यधिपति का अपनी राशि से चतुर्थ भाव में हो रहा है | कार्य की दृष्टि से, आर्थिक दृष्टि से तथा पारिवारिक स्तर पर यह गोचर आपके लिए अनुकूल प्रतीत होता है | आपके माता पिता तथा सहकर्मियों का सहयोग भी आपको प्राप्त रहेगा | आपका यदि स्वयं का व्यवसाय है अथवा मीडिया या आई टी से आपका कोई सम्बन्ध है अथवा किसी प्रकार की Alternative Healing से सम्बन्धित कोई कार्य करते हैं तो आपके लिए उन्नति का समय प्रतीत होता है | आप इस अवधि में नया घर अथवा वाहन खरीदने की योजना भी बना सकते हैं | किन्तु अपनी माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है |

कन्या : आपके लिए आपके द्वादशेश का गोचर आपकी राशि से तीसरे भाव में गोचर हो रहा है | आपका कार्य विदेश से सम्बन्धित है तो आपकी आय में वृद्धि की सम्भावना की जा सकती है | किसी पुराने मित्र से भी इस अवधि में भेंट हो सकती है और उसके माध्यम से भी आपके कार्य में उन्नति की सम्भावना की जा सकती है | कार्य से सम्बन्धित यात्रा करनी पड़ सकती है | यह भी सम्भव है कि आप सपरिवार कहीं भ्रमण के लिए चले जाएँ | छोटे भाई बहनों के साथ सम्बन्धों में किसी प्रकार के तनाव का अनुभव कर सकते हैं | छोटे भाई बहनों के लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है |

तुला : आपके एकादशेश का गोचर आपके दूसरे भाव में हो रहा है | आर्थिक दृष्टि से तथा कार्य की दृष्टि से आपके लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आपको अपने कार्य के सिलसिले में किसी मित्र के माध्यम से सहायता प्राप्त हो सकती है | आय में वृद्धि के संकेत हैं | बड़े भाई तथा पिता का सहयोग आपको अपने कार्य में प्राप्त हो सकता है | नौकरी में हैं तो अधिकारियों का सहयोग भी आपको प्राप्त रह सकता है | साथ ही किसी सम्मान प्राप्ति की सम्भावना भी है | स्वस्थ रहने तथा सम्बन्धों में मधुरता बनाए रखने के लिए खान पान पर तथा वाणी पर नियन्त्रण रखने की आवश्यकता है |

वृश्चिक : आपकी राशि से दशमेश का गोचर आपकी लग्न में ही हो रहा है | कार्य की दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | कुछ नवीन प्रोजेक्ट्स भी आपको इस अवधि में प्राप्त हो सकते हैं जिनके कारण आप दीर्घ समय तक व्यस्त रह सकते हैं | आपकी सन्तान के लिए भी यह समय भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आपकी वाणी इस समय प्रभावशाली बनी हुई है, उसका प्रभाव दूसरों पर अवश्य पड़ेगा | किन्तु प्रेम सम्बन्धों के लिए यह गोचर अनुकूल नहीं प्रतीत होता है | प्रेम सम्बन्धों में तनाव उत्पन्न हो सकता है अथवा प्रेम सम्बन्ध टूट भी सकता है | अपना व्यवहार सन्तुलित नहीं रखा तो जीवन साथी के साथ भी सम्बन्धों में दरार उत्पन्न हो सकती है |

धनु : आपकी राशि के लिए आपका भाग्येश आपके बारहवें भाव में गोचर कर रहा है | कार्य से सम्बन्धित विदेश यात्राओं में वृद्धि की सम्भावना है | इन यात्राओं के दौरान कुछ नवीन सम्पर्क भी स्थापित हो सकते हैं जिनके कारण आपको अपने कार्य में लाभ प्राप्त हो सकता है | आप अपना निवास बदल सकते हैं | नौकरी में हैं तो पदोन्नति के साथ स्थानान्तरण भी सम्भव है | धार्मिक स्थलों की यात्रा के लिए जा सकते हैं | परिवार में आनन्द का वातावरण बना रह सकता है | किन्तु ड्राइविंग करते समय सावधान रहने की आवश्यकता है | साथ ही स्वास्थ्य का ध्यान रखने की भी आवश्यकता है |

मकर : आपकी राशि से अष्टमेश का गोचर आपके एकादश भाव में हो रहा है | एकादश भाव में गोचर कर रहा है | कार्य में अकस्मात् किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न होने की सम्भावना है | किसी मित्र अथवा बड़े भाई के साथ सम्बन्धों में कुछ तनाव भी उत्पन्न हो सकता है | गुप्त शत्रुओं की ओर से भी सावधान रहने की आवश्यकता है | किन्तु यदि समझदारी से काम लिया तो कुछ नया कार्य आरम्भ करके उसे आगे भी बढ़ा सकते हैं | स्वास्थ्य की ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है |

कुम्भ : आपके सप्तमेश का गोचर आपके दशम भाव में हो रहा है | पार्टनरशिप में जिन लोगों का कार्य है उनके लिए यह गोचर भाग्यवर्धक प्रतीत होता है | साथ ही पॉलिटिक्स से जो लोग सम्बन्ध रखते हैं उन लोगों के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | उन्हें किसी पद की प्राप्ति भी हो सकती है | परिवार में किसी बच्चे के जन्म की भी सम्भावना इस अवधि में है | साथ ही परिवार में कुछ तनाव की भी स्थिति उत्पन्न हो सकती है | माता पिता के स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है |

मीन : आपका षष्ठेश होकर सूर्य का गोचर आपके नवम भाव में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | यदि कोई कोर्ट केस चल रहा है तो उसमें अनुकूल दिशा में प्रगति की सम्भावना है | किसी पुराने रोग से भी मुक्ति इस अवधि में सम्भव है – अथवा ऐसा भी सम्भव है कि किसी रोग की पहचान होकर उसके उचित दिशा में इलाज़ का मार्ग प्रशस्त हो जाए | यात्राओं में वृद्धि की सम्भावना है | किन्तु ये यात्राएँ सम्भव है आपके लिए बहुत अधिक सुगम्य न हों |

अन्त में, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं | सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2019/11/15/sun-transit-in-scorpio-2/

 

शुक्र का वृश्चिक में गोचर

दीपावली की गहमा गहमी समाप्त हुई, अब दो नवम्बर को छठ पूजा का आयोजन होगा, जिसका आरम्भ कल कार्तिक शुक्ल चतुर्थी से हो जाएगा | सभी को छठ पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ…

इस बीच सोमवार 28 अक्तूबर को प्रातःकाल आठ बजकर बत्तीस मिनट के लगभग समस्त सांसारिक सुख, समृद्धि, विवाह, परिवार सुख, कला, शिल्प, सौन्दर्य, बौद्धिकता, राजनीति तथा समाज में मान प्रतिष्ठा में वृद्धि आदि का कारक शुक्र अपनी स्वयं की राशि तुला से निकलकर मंगल की वृश्चिक राशि में प्रविष्ट हो चुका है | शुक्र के वृश्चिक राशि में प्रवेश के समय कार्तिक कृष्ण अमावस्या तिथि, नाग करण और प्रीति योग था तथा बुध और गुरु के साथ शुक्र इस समय विशाखा नक्षत्र पर था | यहाँ से 31 से अनुराधा तथा दस नवम्बर से ज्येष्ठा नक्षत्र पर भ्रमण करते हुए अन्त में 21 नवम्बर को दिन में बारह बजकर तेईस मिनट के लगभग धनु राशि और मूल नक्षत्र पर प्रस्थान कर जाएगा | शुक्र की अपनी राशि वृषभ से वृश्चिक राशि सप्तम भाव तथा तुला के लिए वृश्चिक राशि द्वितीय भाव बन जाती है | साथ ही वृश्चिक राशि के लिए शुक्र द्वादशेश और सप्तमेश बन जाता है | इन्हीं समस्त तथ्यों के आधार पर जानने का प्रयास करते हैं कि प्रत्येक राशि के लिए शुक्र के वृश्चिक राशि में गोचर के सम्भावित परिणाम क्या रह सकते हैं…

किन्तु ध्यान रहे, ये समस्त फल सामान्य हैं | व्यक्ति विशेष की कुण्डली का व्यापक अध्ययन करके ही किसी निश्चित परिणाम पर पहुँचा जा सकता है | अतः कुण्डली का विविध सूत्रों के आधार पर व्यापक अध्ययन कराने के लिए किसी Astrologer के पास ही जाना उचित रहेगा |

मेष : आपका द्वितीयेश और सप्तमेश होकर शुक्र का गोचर आपके अष्टम भाव में हो रहा है | इस अवधि में एक ओर जहाँ किसी प्रकार से भी गुप्त विरोधियों की ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है | आप स्वयं भी इस दौरान ऐसा कोई कार्य न करें जिसके कारण आपकी मान प्रतिष्ठा को किसी प्रकार की हानि होने की सम्भावना हो | वहीं दूसरी ओर आपके कार्य की दृष्टि से तथा आर्थिक दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | किन्तु पैसे के लेन देन के प्रति सावधान रहने की आवश्यकता है | आपकी वाणी प्रभावशाली बनी रहेगी | Opposite Sex की ओर इस अवधि में आपका झुकाव बढ़ सकता है | आगे बढ़ने से पूर्व पार्टनर के सम्बन्ध में पूरी जानकारी अवश्य हासिल कर लें | साथ ही पार्टनरशिप में कार्य आरम्भ करना चाहते हैं तो उसके लिए भी यह गोचर अनुकूल नहीं प्रतीत होता | यदि आप महिला हैं तो आपको विशेष रूप से स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहने की आवश्यकता है |

वृषभ : आपका राश्यधिपति तथा षष्ठेश होकर शुक्र आपके सप्तम भाव में गोचर करने जा रहा है | आपके उत्साह और मनोबल में वृद्धि के साथ ही आपका व्यक्तित्व भी इस अवधि में प्रभावशाली रहने की सम्भावना है | साथ ही यदि आप कलाकार हैं या सौन्दर्य से सम्बन्धित किसी कार्य जैसे ब्यूटी पार्लर आदि का कार्य है तो आपके लिए यह गोचर विशेष रूप से भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आय के नवीन स्रोत आपके तथा आपके जीवन साथी के समक्ष उपस्थित हो सकते हैं | यदि किसी के साथ Romantic Relationship में हैं तो उसमें विघ्न उपस्थित हो सकता है | विवाहित हैं तो दाम्पत्य जीवन में भी किसी मित्र के कारण तनाव उत्पन्न होने के संकेत हैं | सुख सुविधाओं के साधनों में वृद्धि के योग हैं |

मिथुन : आपका पंचमेश और द्वादशेश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से छठे भाव में हो रहा है | एक ओर आपके लिए उत्साह में वृद्धि के योग प्रतीत होते हैं तो वहीं दूसरी ओर आपके लिए यह गोचर चुनौतियों से भरा हुआ भी हो सकता है | उन मित्रों को पहचानकर उनसे दूर होने की आवश्यकता है जो आपसे प्रेम दिखाते हैं लेकिन मन में ईर्ष्या का भाव रखते हैं | यदि आप कलाकार अथवा वक्ता हैं तो आपके कार्य की दृष्टि से अनुकूल समय प्रतीत होता है | किसी कोर्ट केस का निर्णय आपके पक्ष में आ सकता है | साथ ही विदेश यात्राओं के भी योग प्रतीत होते हैं | इन यात्राओं के दौरान अपने स्वास्थ्य के प्रति विशेष रूप से सावधान रहने की आवश्यकता है |

कर्क : आपका चतुर्थेश और एकादशेश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से पंचम भाव में हो रहा है | सन्तान के साथ यदि कुछ समय से किसी प्रकार की अनबन चल रही है तो उसके दूर होने की सम्भावना इस अवधि में की जा सकती है | मान सम्मान तथा आय में वृद्धि के संकेत हैं | नौकरी के लिए इन्टरव्यू दिया है तो उसमें भी सफलता की सम्भावना है | आप इस अवधि में नया घर अथवा वाहन भी खरीद सकते हैं अथवा खरीदने की योजना बना सकते हैं | अपने वर्तमान घर को भी Renovate करा सकते हैं | सन्तान प्राप्ति के भी योग प्रतीत होते हैं | सन्तान के लिए भी यह गोचर समय अनुकूल प्रतीत होता है | आपके व्यक्तित्व में सकारात्मक परिवर्तन होने की सम्भावना है | आप अथवा आपकी सन्तान उच्च शिक्षा, नौकरी अथवा कला के प्रदर्शन के लिए विदेश यात्रा भी कर सकते हैं |

सिंह : आपका तृतीयेश और दशमेश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से चतुर्थ  भाव में हो रहा है | उत्साह में वृद्धि का समय प्रतीत होता है | आप कोई नया वाहन अथवा घर खरीदने की योजना बना सकते हैं | कार्य में उन्नति तथा आय में वृद्धि के संकेत हैं | किसी महिला मित्र के माध्यम से कोई नया कार्य भी आपको प्राप्त हो सकता है और इस कार्य में आप बहुत समय तक व्यस्त रहते हुए धनलाभ भी कर सकते हैं | परिवार में आनन्द का वातावरण रहेगा | किसी कन्या का विवाह भी इस अवधि में सम्भव है | नौकरी में पदोन्नति की सम्भावना है | मान सम्मान और पुरूस्कार आदि का लाभ भी हो सकता है | सुख सुविधाओं के साधनों में वृद्धि के संकेत हैं |

कन्या : आपका द्वितीयेश और भाग्येश होकर शुक्र आपकी राशि से तीसरे भाव में हो रहा है | एक ओर जहाँ आपके छोटे भाई बहनों के लिए कार्य की दृष्टि से समय अनुकूल प्रतीत होता है वहीं दूसरी ओर आपके लिए भी कार्य में वृद्धि तथा आय में वृद्धि के संकेत प्रतीत होते हैं | आपको इस अवधि में कुछ ऐसे नवीन प्रोजेक्ट्स भी प्राप्त हो सकते हैं जिनके कारण आपकी प्रशंसा होगी और भविष्य में उन प्रोजेक्ट्स का लाभ आपको प्राप्त होगा | आपकी प्रभावशाली वाणी का लाभ भी आपको प्राप्त हो सकता है | आपका कार्य कहीं विदेश से सम्बन्ध रखता है अथवा आप किसी प्रकार की Alternative Therapy से सम्बन्ध रखते हैं या दस्तकार हैं तो आपके लिए यह गोचर भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है |

तुला : लग्नेश और अष्टमेश होकर शुक्र आपकी राशि से दूसरे भाव में गोचर कर रहा है | आर्थिक रूप से स्थिति में दृढ़ता आने के साथ ही आपके लिए कार्य से सम्बन्धित लम्बी विदेश यात्राओं के योग भी प्रतीत होते हैं | नवीन प्रोजेक्ट्स इस अवधि में प्राप्त होते रह सकते हैं जिनके कारण आप बहुत समय तक व्यस्त रहकर अर्थ लाभ भी कर सकते हैं | आपकी वाणी तथा व्यक्तित्व का प्रभाव दूसरों पर पड़ेगा और जिसके कारण आपकी प्रशंसा भी होगी तथा आपको किसी प्रकार का पुरूस्कार आदि भी प्राप्त हो सकता है | धार्मिक तथा आध्यात्मिक गतिविधियों में आपकी रूचि में वृद्धि हो सकती है | आप सपरिवार कहीं घूमने जाने की योजना भी बना सकते हैं | किन्तु साथ ही विरोधियों की ओर से सावधान रहने की भी आवश्यकता है |

वृश्चिक : आपके लिए आपका सप्तमेश और द्वादशेश होकर शुक्र आपकी लग्न में ही गोचर कर रहा है | आप इस अवधि में अपने शारीरिक सौन्दर्य को निखारने में अधिक व्यस्त रह सकते हैं | Romantically यदि कहीं Involve हैं तो उस सम्बन्ध में अन्तरंगता के संकेत प्रतीत होते हैं | विवाहित हैं तो दाम्पत्य जीवन में भी माधुर्य तथा अन्तरंगता बने रहने के संकेत हैं | Opposite Sex के प्रति आपका रुझान इस अवधि में बढ़ सकता है | विदेश यात्राओं में वृद्धि के संकेत भी प्रतीत होते हैं | इन यात्राओं में किसी के प्रति आप आकर्षित हो सकते हैं जो विवाह सम्बन्ध में भी परिणत हो सकता है | किन्तु स्वास्थ्य की ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है |

धनु : आपका षष्ठेश और एकादशेश होकर शुक्र का गोचर आपके बारहवें भाव में हो रहा है | आपके लिए यात्राओं में वृद्धि के संकेत प्रतीत होते हैं | इन यात्राओं से एक ओर आपके कार्य में प्रगति की तथा आर्थिक स्थिति में दृढ़ता आने की सम्भावना है तो वहीं दूसरी ओर इन यात्राओं में पैसा भी अधिक खर्च हो सकता है | साथ ही इन यात्राओं के दौरान अपने स्वास्थ्य तथा Important Documents का भी ध्यान रखने की भी आवश्यकता है | वाहन आदि चलाते समय भी किसी प्रकार की दुर्घटना आदि से सावधान रहने की आवश्यकता है | महिलाओं को अधिक रक्तस्राव की समस्या हो सकती है अतः अपनी Gynaecologist से नियमित चेकअप अवश्य कराती रहें |

मकर : आपका योगकारक आपकी राशि से आपकी राशि से लाभ स्थान में गोचर कर रहा है | उत्साह तथा कार्य में वृद्धि के साथ ही धनलाभ के भी संकेत हैं | यदि आपका कोई कोर्ट केस चल रहा है तो उसके अनुकूल दिशा में प्रगति की सम्भावना है | यदि आप किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं तो उसमें भी आपको सफलता प्राप्त हो सकती है | कार्य तथा आय में वृद्धि के साथ ही मान सम्मान में भी वृद्धि की सम्भावना है | रुके हुए कार्य पूर्ण होने की सम्भावना है | जो लोग अभी तक आपकी बात नहीं समझ पा रहे थे वे अब आपके सुझावों का अनुमोदन कर सकते हैं, जिसका लाभ आपको अपने कार्य में निश्चित रूप से प्राप्त हो सकता है | अविवाहित हैं तो जीवन साथी की तलाश भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है | प्रेम सम्बन्ध विवाह में परिणत हो सकता है अथवा कोई नया प्रेम सम्बन्ध भी स्थापित हो सकता है | स्वास्थ्य की दृष्टि से भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है |

कुम्भ : आपका योगकारक शुक्र आपकी राशि से दशम भाव में गोचर कर रहा है | आपके कार्य में हर प्रकार से लाभ के संकेत हैं | नौकरी में हैं तो पदोन्नति के साथ स्थानान्तरण के भी संकेत हैं | आपका अपना व्यवसाय है तो उसमें भी प्रगति की सम्भावना है | कलाकारों को किसी प्रकार का पुरूस्कार आदि भी प्राप्त हो सकता है | सहकर्मियों का सहयोग आपको प्राप्त रहेगा जिसके कारण आपके कार्य समय पर पूर्ण होते रहेंगे | परिवार में आनन्द का वातावरण बना रह सकता है | आप अपने लिए नया घर अथवा वाहन भी खरीद सकते हैं, अथवा खरीदने की योजना बना सकते हैं | जिस घर में अभी निवास करते हैं उसे Renovate भी करा सकते हैं | सामाजिक गतिविधियों में वृद्धि के साथ ही मान प्रतिष्ठा में वृद्धि के भी संकेत हैं |

मीन : आपके लिए तृतीयेश और अष्टमेश होकर शुक्र का गोचर आपके नवम भाव में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्धक प्रतीत होता है | एक ओर परिवार में सौहार्द का वातावरण बना रहेगा वहीं दूसरी ओर आपके कार्य में भी प्रगति की सम्भावना की जा सकती है | आप इस अवधि में नया घर अथवा वाहन भी खरीद सकते हैं | अथवा जिस घर में आप रहते हैं उसे ही Renovate और Decorate करा सकते हैं | परिवार में माँगलिक कार्यों की भी सम्भावना है | कार्य से सम्बन्धित विदेश यात्राओं के भी योग बन रहे हैं | इन यात्राओं में आपको सफलता प्राप्त हो सकती है | आपके छोटे भाई अथवा बहन का विवाह इस अवधि में हो सकता है | किन्तु छोटे भाई बहनों के साथ व्यर्थ की बहस से बचने का प्रयास आवश्यक है | साथ ही धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में आपकी रूचि बढ़ सकती है |

अन्त में, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं – यह एक ऐसी खगोलीय घटना है जिसका प्रभाव मानव सहित समस्त प्रकृति पर पड़ता है | वास्तव में सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें इसी कामना के साथ एक बार पुनः छठ पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ…

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बुध का वृश्चिक में गोचर

बुध का वृश्चिक में गोचर

आज कार्तिक कृष्ण दशमी को विष्टि करण और शुक्ल योग में रात्रि ग्यारह बजकर बयालीस मिनट लगभग पर बुध मित्र ग्रह शुक्र की तुला राशि से निकलकर मंगल की वृश्चिक राशि में प्रविष्ट हो जाएगा | इस प्रवेश के समय बुध विशाखा नक्षत्र पर होगा | यहाँ से 29 अक्टूबर को अनुराधा नक्षत्र पर जाएगा | जहाँ से 31 अक्तूबर को वक्री होता हुआ पहली नवम्बर को पुनः विशाखा नक्षत्र पर आएगा | सात नवम्बर को वापस तुला राशि पर जाते हुए पन्द्रह नवम्बर को स्वाति नक्षत्र पर भ्रमण करता हुआ इक्कीस नवम्बर को मार्गी हो जाएगा | छब्बीस नवम्बर को पुनः विशाखा नक्षत्र पर आ जाएगा | पाँच दिसम्बर को पुनः वृश्चिक में आ जाएगा | सात दिसम्बर को अनुराधा नक्षत्र पर और सोलह दिसम्बर को ज्येष्ठा नक्षत्र पर भ्रमण करते हुए अन्त में पच्चीस दिसम्बर को सूर्योदय से पूर्व चार बजकर सोलह मिनट के लगभग धनु राशि और मूल नक्षत्र पर चला जाएगा | इस बीच पाँच नवम्बर से सोलह नवम्बर और सोलह दिसम्बर से बुध अस्त भी रहेगा | बुध की अपनी राशि कन्या से वृश्चिक राशि तीसरा भाव तथा मिथुन से छठा भाव बनती है | साथ ही वृश्चिक राशि के लिए बुध अष्टमेश और लाभेश बनता है | इन समस्त तथ्यों के आधार पर आइये जानने का प्रयास करते हैं कि बुध के वृश्चिक राशि में गोचर के विभिन्न राशियों पर क्या सम्भावित प्रभाव हो सकते हैं…

किन्तु, ये सभी परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है |

मेष : आपका तृतीयेश और षष्ठेश का गोचर आपकी राशि से अष्टम भाव में हो रहा है | आपके लिए उत्साह तथा निर्णायक क्षमता में वृद्धि के संकेत प्रतीत होते हैं | कार्य में प्रगति और सफलता की सम्भावना इस अवधि में की जा सकती है | प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं तो उसमें भी सफलता की सम्भावना है | किन्तु भाई बहनों के साथ कुछ समस्याओं अथवा विवादों का सामना इस अवधि में करना पड़ सकता है | साथ ही अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान रखने की आवश्यकता है |

वृषभ : आपका द्वितीयेश और पंचमेश आपकी राशि से सप्तम भाव में गोचर कर रहा है | आपकी वाणी इस समय अत्यन्त प्रभावशाली है इसका लाभ उठाना आप पर निर्भर करता है | साथ ही उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे व्यक्तियों के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | सामाजिक गतिविधियों के दौरान आपके कुछ नवीन सम्बन्ध भी बन सकते हैं जिनके कारण आपको अपने कार्यक्षेत्र में भी लाभ हो सकता है | आर्थिक स्थिति में दृढ़ता के भी योग प्रतीत होते हैं | यदि आपको जीवन साथी की तलाश है तो वह भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है |

मिथुन : आपका योगकारक आपकी राशि से छठे भाव में गोचर कर रहा है | आर्थिक दृष्टि से तथा कार्य की दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | प्रॉपर्टी से सम्बन्धित व्यवसाय यदि आपका है तो आपको सावधान रहने की आवश्यकता है | आप अपने लक्ष्य के प्रति दृढ संकल्प रहेंगे | किन्तु पिता अथवा सन्तान के साथ अथवा परिवारजनों के साथ किसी प्रकार का विवाद भी सम्भव है | किसी कोर्ट केस में अनुकूल दिशा में प्रगति की सम्भावना भी प्रतीत होती है |

कर्क : आपके लिए द्वादशेश और तृतीयेश होकर बुध आपकी राशि से पंचम भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त अनुकूल प्रतीत होता है | आप अपने कार्य से सम्बन्धित किसी प्रकार का Advance Course इस अवधि में कर सकते हैं | साथ ही यदि आप लेखक हैं तो आपको सेमिनार्स आदि में अपना शोध पत्र प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त हो सकता है | परिवार में किसी बच्चे के जन्म की अथवा किसी अन्य प्रकार के माँगलिक कार्य की भी सम्भावना प्रतीत होती है | आपकी सन्तान के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है |

सिंह : आपके लिए द्वितीयेश और एकादशेश होकर बुध का गोचर आपकी राशि से चतुर्थ भाव में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर अधिक अनुकूल प्रतीत होता है | यदि आप मीडिया से सम्बन्ध रखते हैं अथवा आई टी से सम्बन्ध रखते हैं तो आपके लिए विशेष रूप से कार्य में प्रगति तथा अर्थ लाभ की सम्भावना की जा सकती है | यों यह गोचर कुछ इस प्रकार का है कि आपको अपने हर प्रयास में लाभ की सम्भावना की जा सकती है | जीवन साथी की तलाश भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है |

कन्या : आपके योगकारक का गोचर आपकी राशि से तीसरे भाव में हो रहा है | आपके लिए आर्थिक दृष्टि से और कार्य की दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आप कोई नया कार्य भी इस अवधि में आरम्भ कर सकते हैं | किन्तु वाणी में कुछ तीखापन भी आ सकता है, जिसके कारण विशेष रूप से भाई बहनों के साथ किसी प्रकार की अनबन भी हो सकती है, अतः इस ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है | आपके पिता अथवा बड़े भाई का पूर्ण सहयोग आपको प्राप्त रहेगा |

तुला : आपका द्वादशेश और भाग्येश आपके दूसरे भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए कार्य की दृष्टि से यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | विदेश से यदि आपका कार्य सम्बन्ध रखता है तो आपके लिए विशेष रूप से अनुकूल समय प्रतीत होता है | कार्य से सम्बन्धित विदेश यात्राओं में वृद्धि के भी संकेत प्राप्त होते हैं | नौकरी में पदोन्नति के साथ ट्रांसफर के भी संकेत हैं | किन्तु यात्राओं के दौरान स्वास्थ्य की ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है |

वृश्चिक : आपका एकादशेश और अष्टमेश आपकी लग्न में ही गोचर कर रहा है | आपके लिए किसी ऐसे स्थान से कार्य का प्रस्ताव आ सकता है जहाँ के विषय में आपने कल्पना भी नहीं की होगी | नौकरी में हैं तो पदोन्नति के साथ ट्रांसफर की सम्भावना भी है | किन्तु कुछ लोगों को कार्य में व्यवधान का अनुभव भी हो सकता है | साथ ही गुप्त शत्रुओं की ओर से भी सावधान रहने की आवश्यकता है | जोड़ों अथवा माँसपेशियों में दर्द की सम्भावना भी है अतः इस ओर से भी सावधान रहने की आवश्यकता है |

धनु : आपका योगकारक आपके बारहवें भाव में गोचर कर रहा है | किसी स्थान से कार्य का प्रस्ताव प्राप्त हो सकता है जहाँ के विषय में आपने कल्पना भी नहीं की होगी | कार्य के सिलसिले में विदेश यात्राओं में वृद्धि तथा अर्थ लाभ के भी संकेत हैं | नौकरी में हैं तो किसी अधिकारी के रिटायर होने के कारण आपकी उसके स्थान पर पदोन्नति के साथ ही किसी दूर के सहारा में आपका ट्रांसफर भी हो सकता है | किसी मित्र को पैसा उधार देना इस अवधि में उचित नहीं रहेगा | साथ ही स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं पर पैसा भी खर्च हो सकता है |

मकर : आपका षष्ठेश और भाग्येश आपकी राशि से एकादश भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आपके कार्य तथा आय में वृद्धि की सम्भावना है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की भी सम्भावना है | सहकर्मियों अथवा व्यावसायिक पार्टनर का और पिता तथा जीवन साथी का सहयोग आपको निरन्तर प्राप्त रहेगा | पॉलिटिक्स में यदि आप हैं तो आपके लिए विशेष रूप से यह गोचर भाग्यवर्द्धक सिद्ध हो सकता है | अविवाहित हैं तो आपके किसी सहकर्मी की ओर से प्रणय निवेदन भी आपको प्राप्त हो सकता है |

कुम्भ : पंचमेश और अष्टमेश का गोचर आपकी राशि से दशम भाव में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर मिश्रित फल देने वाला प्रतीत होता है | कार्य स्थल में किसी प्रकार के विरोध का सामना इस अवधि में करना पड़ सकता है | किसी कोर्ट केस के कारण भी किसी प्रकार का मानसिक तनाव आपको अनुभव हो सकता है | इस अवधि में शान्ति पूर्वक व्यवहार करना आपके हित में रहेगा | किसी भी विवाद को बढ़ने देना भी आपके हित में नहीं रहेगा | धार्मिक गतिविधियों में वृद्धि की सम्भावना है |

मीन : आपके योगकारक का गोचर आपकी राशि से नवम भाव में हो रहा है | एक ओर नौकरी में हैं तो पदोन्नति की भी सम्भावना है | उत्साह में वृद्धि का समय भी प्रतीत होता है, किन्तु इसके साथ ही विरोधियों में भी वृद्धि का समय प्रतीत होता है | लेकिन आप समय पर उस विरोध को समाप्त करने में समर्थ भी हो सकते हैं | स्वास्थ्य की दृष्टि से भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | किन्तु अकारण ही किसी बात को लेकर आप चिन्तित भी हो सकते हैं | धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में वृद्धि की सम्भावना है | आपकी सन्तान के लिए समय भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है |

अन्त में, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं | सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

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शुक्र का वृश्चिक में गोचर

सर्वप्रथम सभी को नववर्ष 2019 की हार्दिक शुभकामनाएँ | आज मंगलवार एक जनवरी को प्रातः नौ बजकर पचास मिनट पर बुध का गोचर धनु राशि में हुआ है, और आज ही रात्रि आठ बजकर तैतालीस मिनट के लगभग समस्त सांसारिक सुख, समृद्धि, विवाह, परिवार सुख, कला, शिल्प, सौन्दर्य, बौद्धिकता, राजनीति तथा समाज में मान प्रतिष्ठा में वृद्धि आदि का कारक शुक्र अपनी स्वयं की राशि तुला से निकलकर मंगल की वृश्चिक राशि में प्रविष्ट हो जाएगा | शुक्र के वृश्चिक राशि में प्रवेश के समय पौष कृष्ण एकादशी तिथि, बालव करण और धृति योग होगा तथा शुक्र इस समय विशाखा नक्षत्र में रहेगा | यहाँ 29 जनवरी तक निवास करने के पश्चात 29 जनवरी को ही धनु राशि में प्रस्थान कर जाएगा | वृश्चिक राशि में भ्रमण करते हुए शुक्र का भ्रमण पाँच जनवरी से अनुराधा नक्षत्र में तथा 17 जनवरी से ज्येष्ठा नक्षत्र में रहेगा | आइये जानने का प्रयास करते हैं कि प्रत्येक राशि के लिए शुक्र के कन्या राशि में गोचर के सम्भावित परिणाम क्या रह सकते हैं…

मेष : आपका द्वितीयेश और सप्तमेश होकर शुक्र का गोचर आपके अष्टम भाव में हो रहा है | इस अवधि में एक ओर जहाँ किसी प्रकार से भी गुप्त विरोधियों की ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है | आप स्वयं भी इस दौरान ऐसा कोई कार्य न करें जिसके कारण आपकी मान प्रतिष्ठा को किसी प्रकार की हानि होने की सम्भावना हो | वहीं दूसरी ओर आपके कार्य की दृष्टि से तथा आर्थिक दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | किन्तु पैसे के लेन देन के प्रति सावधान रहने की आवश्यकता है | आपकी वाणी प्रभावशाली बनी रहेगी | Opposite Sex की ओर इस अवधि में आपका झुकाव बढ़ सकता है | आगे बढ़ने से पूर्व पार्टनर के सम्बन्ध में पूरी जानकारी अवश्य हासिल कर लें | साथ ही पार्टनरशिप में कार्य आरम्भ करना चाहते हैं तो उसके लिए भी यह गोचर अनुकूल नहीं प्रतीत होता | यदि आप महिला हैं तो आपको विशेष रूप से स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहने की आवश्यकता है |

वृषभ : आपका राश्यधिपति तथा षष्ठेश होकर शुक्र आपके सप्तम भाव में गोचर करने जा रहा है | आपके उत्साह और मनोबल में वृद्धि के साथ ही आपका व्यक्तित्व भी इस अवधि में प्रभावशाली रहने की सम्भावना है | साथ ही यदि आप कलाकार हैं या सौन्दर्य से सम्बन्धित किसी कार्य जैसे ब्यूटी पार्लर आदि का कार्य है तो आपके लिए यह गोचर विशेष रूप से भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आय के नवीन स्रोत आपके तथा आपके जीवन साथी के समक्ष उपस्थित हो सकते हैं | यदि किसी के साथ Romantic Relationship में हैं तो उसमें विघ्न उपस्थित हो सकता है | विवाहित हैं तो दाम्पत्य जीवन में भी किसी मित्र के कारण तनाव उत्पन्न होने के संकेत हैं | सुख सुविधाओं के साधनों में वृद्धि के योग हैं |

मिथुन : आपका पंचमेश और द्वादशेश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से छठे भाव में हो रहा है | एक ओर आपके लिए उत्साह में वृद्धि के योग प्रतीत होते हैं तो वहीं दूसरी ओर आपके लिए यह गोचर चुनौतियों से भरा हुआ भी हो सकता है | उन मित्रों को पहचानकर उनसे दूर होने की आवश्यकता है जो आपसे प्रेम दिखाते हैं लेकिन मन में ईर्ष्या का भाव रखते हैं | यदि आप कलाकार अथवा वक्ता हैं तो आपके कार्य की दृष्टि से अनुकूल समय प्रतीत होता है | किसी कोर्ट केस का निर्णय आपके पक्ष में आ सकता है | साथ ही विदेश यात्राओं के भी योग प्रतीत होते हैं | इन यात्राओं के दौरान अपने स्वास्थ्य के प्रति विशेष रूप से सावधान रहने की आवश्यकता है |

कर्क : आपका चतुर्थेश और एकादशेश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से पंचम भाव में हो रहा है | सन्तान के साथ यदि कुछ समय से किसी प्रकार की अनबन चल रही है तो उसके दूर होने की सम्भावना इस अवधि में की जा सकती है | मान सम्मान तथा आय में वृद्धि के संकेत हैं | नौकरी के लिए इन्टरव्यू दिया है तो उसमें भी सफलता की सम्भावना है | आप इस अवधि में नया घर अथवा वाहन भी खरीद सकते हैं अथवा खरीदने की योजना बना सकते हैं | अपने वर्तमान घर को भी Renovate करा सकते हैं | सन्तान प्राप्ति के भी योग प्रतीत होते हैं | सन्तान के लिए भी यह गोचर समय अनुकूल प्रतीत होता है | आपके व्यक्तित्व में सकारात्मक परिवर्तन होने की सम्भावना है | आप अथवा आपकी सन्तान उच्च शिक्षा, नौकरी अथवा कला के प्रदर्शन के लिए विदेश यात्रा भी कर सकते हैं |

सिंह : आपका तृतीयेश और दशमेश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से चतुर्थ  भाव में हो रहा है | उत्साह में वृद्धि का समय प्रतीत होता है | आप कोई नया वाहन अथवा घर खरीदने की योजना बना सकते हैं | कार्य में उन्नति तथा आय में वृद्धि के संकेत हैं | किसी महिला मित्र के माध्यम से कोई नया कार्य भी आपको प्राप्त हो सकता है और इस कार्य में आप बहुत समय तक व्यस्त रहते हुए धनलाभ भी कर सकते हैं | परिवार में आनन्द का वातावरण रहेगा | किसी कन्या का विवाह भी इस अवधि में सम्भव है | नौकरी में पदोन्नति की सम्भावना है | मान सम्मान और पुरूस्कार आदि का लाभ भी हो सकता है | सुख सुविधाओं के साधनों में वृद्धि के संकेत हैं |

कन्या : आपका द्वितीयेश और भाग्येश होकर शुक्र आपकी राशि से तीसरे भाव में हो रहा है | एक ओर जहाँ आपके छोटे भाई बहनों के लिए कार्य की दृष्टि से समय अनुकूल प्रतीत होता है वहीं दूसरी ओर आपके लिए भी कार्य में वृद्धि तथा आय में वृद्धि के संकेत प्रतीत होते हैं | आपको इस अवधि में कुछ ऐसे नवीन प्रोजेक्ट्स भी प्राप्त हो सकते हैं जिनके कारण आपकी प्रशंसा होगी और भविष्य में उन प्रोजेक्ट्स का लाभ आपको प्राप्त होगा | आपकी प्रभावशाली वाणी का लाभ भी आपको प्राप्त हो सकता है | आपका कार्य कहीं विदेश से सम्बन्ध रखता है अथवा आप किसी प्रकार की Alternative Therapy से सम्बन्ध रखते हैं या दस्तकार हैं तो आपके लिए यह गोचर भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है |

तुला : लग्नेश और अष्टमेश होकर शुक्र आपकी राशि से दूसरे भाव में गोचर कर रहा है | आर्थिक रूप से स्थिति में दृढ़ता आने के साथ ही आपके लिए कार्य से सम्बन्धित लम्बी विदेश यात्राओं के योग भी प्रतीत होते हैं | नवीन प्रोजेक्ट्स इस अवधि में प्राप्त होते रह सकते हैं जिनके कारण आप बहुत समय तक व्यस्त रहकर अर्थ लाभ भी कर सकते हैं | आपकी वाणी तथा व्यक्तित्व का प्रभाव दूसरों पर पड़ेगा और जिसके कारण आपकी प्रशंसा भी होगी तथा आपको किसी प्रकार का पुरूस्कार आदि भी प्राप्त हो सकता है | धार्मिक तथा आध्यात्मिक गतिविधियों में आपकी रूचि में वृद्धि हो सकती है | आप सपरिवार कहीं घूमने जाने की योजना भी बना सकते हैं | किन्तु साथ ही विरोधियों की ओर से सावधान रहने की भी आवश्यकता है |

वृश्चिक : आपके लिए आपका सप्तमेश और द्वादशेश होकर शुक्र आपकी लग्न में ही गोचर कर रहा है | आप इस अवधि में अपने शारीरिक सौन्दर्य को निखारने में अधिक व्यस्त रह सकते हैं | Romantically यदि कहीं Involve हैं तो उस सम्बन्ध में अन्तरंगता के संकेत प्रतीत होते हैं | विवाहित हैं तो दाम्पत्य जीवन में भी माधुर्य तथा अन्तरंगता बने रहने के संकेत हैं | Opposite Sex के प्रति आपका रुझान इस अवधि में बढ़ सकता है | विदेश यात्राओं में वृद्धि के संकेत भी प्रतीत होते हैं | इन यात्राओं में किसी के प्रति आप आकर्षित हो सकते हैं जो विवाह सम्बन्ध में भी परिणत हो सकता है | किन्तु स्वास्थ्य की ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है |

धनु : आपका षष्ठेश और एकादशेश होकर शुक्र का गोचर आपके बारहवें भाव में हो रहा है | आपके लिए यात्राओं में वृद्धि के संकेत प्रतीत होते हैं | इन यात्राओं से एक ओर आपके कार्य में प्रगति की तथा आर्थिक स्थिति में दृढ़ता आने की सम्भावना है तो वहीं दूसरी ओर इन यात्राओं में पैसा भी अधिक खर्च हो सकता है | साथ ही इन यात्राओं के दौरान अपने स्वास्थ्य तथा Important Documents का भी ध्यान रखने की भी आवश्यकता है | वाहन आदि चलाते समय भी किसी प्रकार की दुर्घटना आदिद से सावधान रहने की आवश्यकता है | महिलाओं को अधिक रक्तस्राव की समस्या हो सकती है अतः अपनी Gynaecologist से नियमित चेकअप अवश्य कराती रहें |

मकर : आपका योगकारक आपकी राशि से आपकी राशि से लाभ स्थान में गोचर कर रहा है | उत्साह तथा कार्य में वृद्धि के साथ ही धनलाभ के भी संकेत हैं | यदि आपका कोई कोर्ट केस चल रहा है तो उसके अनुकूल दिशा में प्रगति की सम्भावना है | यदि आप किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं तो उसमें भी आपको सफलता प्राप्त हो सकती है | कार्य तथा आय में वृद्धि के साथ ही मान सम्मान में भी वृद्धि की सम्भावना है | रुके हुए कार्य पूर्ण होने की सम्भावना है | जो लोग अभी तक आपकी बात नहीं समझ पा रहे थे वे अब आपके सुझावों का अनुमोदन कर सकते हैं, जिसका लाभ आपको अपने कार्य में निश्चित रूप से प्राप्त हो सकता है | अविवाहित हैं तो जीवन साथी की तलाश भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है | प्रेम सम्बन्ध विवाह में परिणत हो सकता है अथवा कोई नया प्रेम सम्बन्ध भी स्थापित हो सकता है | स्वास्थ्य की दृष्टि से भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है |

कुम्भ : आपका योगकारक शुक्र आपकी राशि से दशम भाव में गोचर कर रहा है | आपके कार्य में हर प्रकार से लाभ के संकेत हैं | नौकरी में हैं तो पदोन्नति के साथ स्थानान्तरण के भी संकेत हैं | आपका अपना व्यवसाय है तो उसमें भी प्रगति की सम्भावना है | कलाकारों को किसी प्रकार का पुरूस्कार आदि भी प्राप्त हो सकता है | सहकर्मियों का सहयोग आपको प्राप्त रहेगा जिसके कारण आपके कार्य समय पर पूर्ण होते रहेंगे | परिवार में आनन्द का वातावरण बना रह सकता है | आप अपने लिए नया घर अथवा वाहन भी खरीद सकते हैं, अथवा खरीदने की योजना बना सकते हैं | जिस घर में अभी निवास करते हैं उसे Renovate भी करा सकते हैं | सामाजिक गतिविधियों में वृद्धि के साथ ही मान प्रतिष्ठा में वृद्धि के भी संकेत हैं |

मीन : आपके लिए तृतीयेश और अष्टमेश होकर शुक्र का गोचर आपके नवम भाव में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्धक प्रतीत होता है | एक ओर परिवार में सौहार्द का वातावरण बना रहेगा वहीं दूसरी ओर आपके कार्य में भी प्रगति की सम्भावना की जा सकती है | आप इस अवधि में नया घर अथवा वाहन भी खरीद सकते हैं | अथवा जिस घर में आप रहते हैं उसे ही Renovate और Decorate करा सकते हैं | परिवार में माँगलिक कार्यों की भी सम्भावना है | कार्य से सम्बन्धित विदेश यात्राओं के भी योग बन रहे हैं | इन यात्राओं में आपको सफलता प्राप्त हो सकती है | आपके छोटे भाई अथवा बहन का विवाह इस अवधि में हो सकता है | किन्तु छोटे भाई बहनों के साथ व्यर्थ की बहस से बचने का प्रयास आवश्यक है | साथ ही धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में आपकी रूचि बढ़ सकती है |

किन्तु ध्यान रहे, ये समस्त फल सामान्य हैं | व्यक्ति विशेष की कुण्डली का व्यापक अध्ययन करके ही किसी निश्चित परिणाम पर पहुँचा जा सकता है | अतः कुण्डली का विविध सूत्रों के आधार पर व्यापक अध्ययन कराने के लिए किसी Astrologer के पास ही जाना उचित रहेगा |

अन्त में, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं – यह एक ऐसी खगोलीय घटना है जिसका प्रभाव मानव सहित समस्त प्रकृति पर पड़ता है | वास्तव में सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें इसी कामना के साथ एक बार पुनः नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2019/01/01/venus-transits-scorpio/

सूर्य का वृश्चिक में गोचर

आज कार्तिक शुक्ल नवमी को 18:32 के लगभग भगवान भास्कर विशाखा नक्षत्र पर रहते हुए ही बालव करण और व्याघात योग में तुला राशि से निकल कर अपने मित्र ग्रह मंगल की वृश्चिक राशि में प्रस्थान करेंगे, जहाँ पहले से भ्रमण कर रहे उनके मित्र देवगुरु बृहस्पति उनका स्वागत करेंगे | साथ ही इस पूरी यात्रा में सोमसुत बुध भी साथ रहेंगे | यहाँ 16 दिसम्बर को लगभग प्रातः नौ बजकर आठ मिनट तक भ्रमण करने के पश्चात गुरुदेव की ही राशि धनु और मूल नक्षत्र में प्रविष्ट हो जाएँगे | अपनी इस यात्रा के दौरान सूर्यदेव 20 नवम्बर से अनुराधा तथा 03 दिसम्बर से ज्येष्ठा नक्षत्र पर भ्रमण करेंगे | वृश्चिक राशि से सूर्य दशमेश है, गुरु द्वितीयेश तथा पंचमेश और बुध अष्टमेश तथा लाभेश है | इन्हीं सब तथ्यों के आधार पर संक्षेप में जानने का प्रयास करते हैं कि वृश्चिक राशि में सूर्य के संक्रमण के जनसाधारण पर क्या सम्भावित प्रभाव हो सकते हैं…

मेष : आपकी राशि से पंचमेश आपके अष्टम भाव में गोचर कर रहा है | अकारण ही आपके स्वभाव में चिडचिडापन आ सकता है जो सम्बन्धों के लिए उचित नहीं होगा, अतः सावधान रहने की आवश्यकता है | किसी भी स्थिति में आपके माता पिता का सहयोग और समर्थन दोनों आपको प्राप्त रहेंगे | साथ ही नौकरी में हैं तो आपके अधिकारीगणों का सहयोग भी आपको प्राप्त रह सकता है | अचानक ही कुछ नवीन प्रोजेक्ट्स आपको इस अवधि में प्राप्त हो सकते हैं जिनके कारण आपकी व्यस्तताएँ भी बढ़ सकती हैं और आर्थिक स्थिति भी और अधिक दृढ़ हो सकती है | आपकी सन्तान तथा आपके पिता के लिए यह गोचर अनुकूल फल देने वाला प्रतीत होता है |

वृषभ : आपकी राशि से चतुर्थेश सप्तम भाव में गोचर कर रहा है | यदि आपने अपने Temperament पर नियन्त्रण रखा तो आपके लिए यह गोचर अनुकूल फल देने वाला प्रतीत होता है | परिवार में आनन्द का वातावरण बना रह सकता है | परिवारजनों तथा मित्रों का का सहयोग आपको उपलब्ध रहेगा | आप सपरिवार कहीं भ्रमण के लिए जाने का कार्यक्रम भी इस अवाही में बना सकते हैं | अविवाहित हैं तो जीवन साथी की आपकी तलाश भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है |

मिथुन : आपकी राशि से तृतीयेश का गोचर आपके छठे भाव में हो रहा है | सम्पत्ति विषयक कोई विवाद आपके लिए समस्या उत्पन्न कर सकता है | छोटे भाई बहनों के साथ कोई विवाद गंभीर रूप ले सकता है | किन्तु अपने पिता की मध्यस्थता से आप उस विवाद को सुलझाने में समर्थ हो सकते हैं | कार्यस्थल में सहकर्मियों का सहयोग आपको प्राप्त रहेगा | यदि आप गर्भवती महिला हैं तो आपके लिए विशेष रूप से सावधान रहने की आवश्यकता है | साथ ही यात्राओं में भी स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है | सूर्य की उपासना आपके लिए उचित रहेगी |

कर्क : आपकी राशि से द्वितीयेश का गोचर आपके पञ्चम भाव में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आपके उत्साह में वृद्धि की सम्भावना है | जिसके कारण आप अपने कार्य समय पर पूर्ण करने में सक्षम हो सकते हैं | आप अथवा आपकी सन्तान अपने कार्य से सम्बन्धित कोई Short Term Advance Course भी इस अवधि में कर सकते हैं | आय में वृद्धि के भी संकेत हैं | नौकरी में हैं तो पदोन्नति भी सम्भव है | पॉलिटिक्स में हैं तो आपको किसी पद की प्राप्ति हो सकती है | आपके भाई बहनों के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है तथा उनका सहयोग भी आपको उपलब्ध रहेगा |

सिंह : आपके लिए आपके राश्यधिपति का अपनी राशि से चतुर्थ भाव में हो रहा है | कार्य की दृष्टि से, आर्थिक दृष्टि से तथा पारिवारिक स्तर पर यह गोचर आपके लिए अनुकूल प्रतीत होता है | आपके माता पिता तथा सहकर्मियों का सहयोग भी आपको प्राप्त रहेगा | आपका यदि स्वयं का व्यवसाय है अथवा मीडिया या आई टी से आपका कोई सम्बन्ध है अथवा किसी प्रकार की Alternative Healing से सम्बन्धित कोई कार्य करते हैं तो आपके लिए उन्नति का समय प्रतीत होता है | आप इस अवधि में नया घर अथवा वाहन खरीदने की योजना भी बना सकते हैं | किन्तु अपनी माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है |

कन्या : आपके लिए आपके द्वादशेश का गोचर आपकी राशि से तीसरे भाव में गोचर हो रहा है | आपका कार्य विदेश से सम्बन्धित है तो आपकी आय में वृद्धि की सम्भावना की जा सकती है | किसी पुराने मित्र से भी इस अवधि में भेंट हो सकती है और उसके माध्यम से भी आपके कार्य में उन्नति की सम्भावना की जा सकती है | कार्य से सम्बन्धित यात्रा करनी पड़ सकती है | यह भी सम्भव है कि आप सपरिवार कहीं भ्रमण के लिए चले जाएँ | छोटे भाई बहनों के साथ सम्बन्धों में किसी प्रकार के तनाव का अनुभव कर सकते हैं | छोटे भाई बहनों के लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है |

तुला : आपके एकादशेश का गोचर आपके दूसरे भाव में हो रहा है | आर्थिक दृष्टि से तथा कार्य की दृष्टि से आपके लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आपको अपने कार्य के सिलसिले में किसी मित्र के माध्यम से सहायता प्राप्त हो सकती है | आय में वृद्धि के संकेत हैं | बड़े भाई तथा पिता का सहयोग आपको अपने कार्य में प्राप्त हो सकता है | नौकरी में हैं तो अधिकारियों का सहयोग भी आपको प्राप्त रह सकता है | साथ ही किसी सम्मान प्राप्ति की सम्भावना भी है | स्वस्थ रहने तथा सम्बन्धों में मधुरता बनाए रखने के लिए खान पान पर तथा वाणी पर नियन्त्रण रखने की आवश्यकता है |

वृश्चिक : आपकी राशि से दशमेश का गोचर आपकी लग्न में ही हो रहा है | कार्य की दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | कुछ नवीन प्रोजेक्ट्स भी आपको इस अवधि में प्राप्त हो सकते हैं जिनके कारण आप दीर्घ समय तक व्यस्त रह सकते हैं | आपकी सन्तान के लिए भी यह समय भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आपकी वाणी इस समय प्रभावशाली बनी हुई है, उसका प्रभाव दूसरों पर अवश्य पड़ेगा | किन्तु प्रेम सम्बन्धों के लिए यह गोचर अनुकूल नहीं प्रतीत होता है | प्रेम सम्बन्धों में तनाव उत्पन्न हो सकता है अथवा प्रेम सम्बन्ध टूट भी सकता है | अपना व्यवहार सन्तुलित नहीं रखा तो जीवन साथी के साथ भी सम्बन्धों में दरार उत्पन्न हो सकती है |

धनु : आपकी राशि के लिए आपका भाग्येश आपके बारहवें भाव में गोचर कर रहा है | कार्य से सम्बन्धित विदेश यात्राओं में वृद्धि की सम्भावना है | इन यात्राओं के दौरान कुछ नवीन सम्पर्क भी स्थापित हो सकते हैं जिनके कारण आपको अपने कार्य में लाभ प्राप्त हो सकता है | आप अपना निवास बदल सकते हैं | नौकरी में हैं तो पदोन्नति के साथ स्थानान्तरण भी सम्भव है | धार्मिक स्थलों की यात्रा के लिए जा सकते हैं | परिवार में आनन्द का वातावरण बना रह सकता है | किन्तु ड्राइविंग करते समय सावधान रहने की आवश्यकता है | साथ ही स्वास्थ्य का ध्यान रखने की भी आवश्यकता है |

मकर : आपकी राशि से अष्टमेश का गोचर आपके एकादश भाव में हो रहा है | एकादश भाव में गोचर कर रहा है | कार्य में अकस्मात् किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न होने की सम्भावना है | किसी मित्र अथवा बड़े भाई के साथ सम्बन्धों में कुछ तनाव भी उत्पन्न हो सकता है | गुप्त शत्रुओं की ओर से भी सावधान रहने की आवश्यकता है | किन्तु यदि समझदारी से काम लिया तो कुछ नया कार्य आरम्भ करके उसे आगे भी बढ़ा सकते हैं | स्वास्थ्य की ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है |

कुम्भ : आपके सप्तमेश का गोचर आपके दशम भाव में हो रहा है | पार्टनरशिप में जिन लोगों का कार्य है उनके लिए यह गोचर भाग्यवर्धक प्रतीत होता है | साथ ही पॉलिटिक्स से जो लोग सम्बन्ध रखते हैं उन लोगों के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | उन्हें किसी पद की प्राप्ति भी हो सकती है | परिवार में किसी बच्चे के जन्म की भी सम्भावना इस अवधि में है | साथ ही परिवार में कुछ तनाव की भी स्थिति उत्पन्न हो सकती है | माता पिता के स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है |

मीन : आपका षष्ठेश होकर सूर्य का गोचर आपके नवम भाव में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | यदि कोई कोर्ट केस चल रहा है तो उसमें अनुकूल दिशा में प्रगति की सम्भावना है | किसी पुराने रोग से भी मुक्ति इस अवधि में सम्भव है – अथवा ऐसा भी सम्भव है कि किसी रोग की पहचान होकर उसके उचित दिशा में इलाज़ का मार्ग प्रशस्त हो जाए | यात्राओं में वृद्धि की सम्भावना है | किन्तु ये यात्राएँ सम्भव है आपके लिए बहुत अधिक सुगम्य न हों |

अन्त में, उपरोक्त परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है |

साथ ही, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं | सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2018/11/16/sun-transit-in-scorpio/