शुक्र का कर्क में गोचर

आठ जून को 26:42 (अर्द्धरात्र्योत्तर 02:42) के लगभग समस्त सांसारिक सुख, समृद्धि, विवाह, परिवार सुख, कला, शिल्प, सौन्दर्य, बौद्धिकता, राजनीति तथा समाज में मान प्रतिष्ठा में वृद्धि आदि के कारक शुक्र का अपने शत्रु ग्रह चन्द्र की राशि कर्क में प्रस्थान होगा | इस प्रस्थान के समय शुक्र पुनर्वसु नक्षत्र, विष्टि करण और सौभाग्य योग में होगा | यहाँ पाँच जुलाई को सिंह राशि में प्रविष्ट हो जाएगा | इस बीच बारह जून को पुष्य नक्षत्र में तथा चौबीस जून को आश्लेषा नक्षत्र में शुक्र भ्रमण करेगा | इनमें से पुनर्वसु के स्वामी गुरु के साथ शुक्र की शत्रुता है, पुष्य और आश्लेषा के स्वामी शनि के साथ शुक्र की मित्रता है | शनि और शुक्र एक दूसरे के लिए योगकारक भी हैं | इन्हीं सब आधारों पर आइये जानने का प्रयास करते हैं कि प्रत्येक राशि के लिए शुक्र के मिथुन में गोचर के सम्भावित परिणाम क्या रह सकते हैं…

मेष : शुक्र आपका द्वितीयेश और सप्तमेश होकर आपके चतुर्थ भाव में गोचर कर रहा है | पारिवारिक तथा आर्थिक दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | परिवार में माँगलिक आयोजनों की सम्भावना है | आपके तथा आपके जीवन साथी के कार्य में उन्नति की सम्भावना है | यदि आपका पार्टनरशिप में कोई व्यवसाय है तो समय अनुकूल प्रतीत होता है | आप पार्टनरशिप में कोई नया कार्य भी आरम्भ कर सकते हैं | नया घर तथा वाहन के लाभ की सम्भावना है | घर को Renovate भी करा सकते हैं |

वृषभ : आपका राश्यधिपति तथा षष्ठेश होकर शुक्र आपके तीसरे भाव में गोचर कर रहा है | उत्साह में वृद्धि का समय प्रतीत होता है | आपके भाई बहनों के लिए समय अनुकूल प्रतीत होता है | किन्तु आपका विवाद भी भाई बहनों के साथ हो सकता है अतः सावधान रहने की आवश्यकता है | साथी महिलाओं को महिलाओं को अपनी Gynaecologist से Regular Check-up कराते रहने की आवश्यकता है |

मिथुन : आपका पंचमेश और द्वादशेश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से दूसरे भाव में हो रहा है | सन्तान के साथ सम्बन्धों में मधुरता बनी रहने की सम्भावना है | जिनका व्यवसाय विदेशों से सम्बन्ध रखता है उनके लिए धनप्राप्ति के नवीन स्रोत प्रत्यक्ष होने की सम्भावना है | विदेश यात्राओं में भी वृद्धि हो सकती है | किन्तु इन यात्राओं के दौरान खान पान पर ध्यान देने की आवश्यकता है अन्यथा कोई समस्या हो सकती है |

कर्क : आपका चतुर्थेश और एकादशेश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि में ही हो रहा है | किसी महिला मित्र के माध्यम से आपको नवीन प्रोजेक्ट्स मिलने तथा अर्थलाभ की सम्भावना है | आप नया घर अथवा नया वाहन भी खरीद सकते हैं | यदि आप कलाकार हैं तो आपको अपनी कला के प्रदर्शन के अवसर उपलब्ध होंगे जहाँ आपकी कला की प्रशंसा के साथ ही आपको आर्थिक लाभ तथा पुरूस्कार आदि भी प्राप्त होने की सम्भावना है | आपके व्यक्तित्व में इस अवधि में निखार आएगा और दूसरों पर उसका प्रभाव भी पड़ेगा |

सिंह : आपका तृतीयेश और दशमेश होकर शुक्र का गोचर आपके बारहवें भाव में हो रहा है | यदि आप दस्कार हैं या गीत-संगीत-नृत्य के कलाकार हैं तो आपको अपनी कला के प्रदर्शन के अवसर उपलब्ध होंगे तथा आपके कार्य की प्रशंसा होगी | कला के प्रदर्शन के लिए विदेश यात्राओं में वृद्धि के भी योग हैं | यात्राओं के दौरान स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है |

कन्या : आपका द्वितीयेश और भाग्येश होकर शुक्र एकादश में गोचर कर रहा है | आर्थिक रूप से स्थिति में दृढ़ता आने के साथ ही आपके लिए कार्य से सम्बन्धित लम्बी विदेश यात्राओं के योग भी प्रतीत होते हैं | आपको महिला मित्रों के माध्यम से कुछ नवीन प्रोजेक्ट्स भी प्राप्त हो सकते हैं जिनके कारण आप बहुत समय तक व्यस्त रह सकते हैं | साथ ही धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में आपकी रूचि में वृद्धि हो सकती है |

तुला : लग्नेश और अष्टमेश होकर शुक्र आपकी राशि से दशम स्थान में गोचर कर रहा है | कार्य क्षेत्र में किसी प्रकार का अप्रत्याशित व्यवधान उपस्थित हो सकता है | यश व्यवधान आपके सहकर्मियों के विरोध के कारण भी हो सकता है और आपके स्वास्थ्य के कारण भी हो सकता है | अतः अपने Temperament को सही रखने के लिए प्राणायाम और ध्यान को अपनी दिनचर्या का अंग बनाएँ तथा गर्मी से बचने के लिए शीतल पेय पदार्थों का सेवन करें |

वृश्चिक : आपके लिए आपका सप्तमेश और द्वादशेश होकर शुक्र का गोचर आपके भाग्य स्थान में हो रहा है | कार्य से सम्बन्धित यात्राओं में वृद्धि के संकेत हैं | आप अपने जीवन साथी के साथ किसी धार्मिक स्थल की यात्रा के लिए भी जा सकते हैं | किन्तु जीवन साथी के स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहने की आवश्यकता है |

धनु : आपका षष्ठेश और एकादशेश आपकी राशि से अष्टम भाव में गोचर कर रहा है | यदि आपका कोई कोर्ट केस चल रहा है तो उसमें अचानक ही किसी प्रकार का व्यवधान आने की सम्भावना है | अतः अपने वक़ीलों से अच्छी तरह विचार विमर्श करने की आवश्यकता है | नौकरी में हैं तो अधिकारी वर्ग से किसी प्रकार का पंगा लेना आपके हित में नहीं होगा |

मकर : आपका योगकारक आपकी राशि से सप्तम भाव में गोचर कर रहा है | एक ओर जहाँ आपके अपने कार्य के लिए यह गोचर अत्यधिक अनुकूल प्रतीत होता है वहीं दूसरी ओर आपकी सन्तान के लिए भी भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आप यदि वर्तमान कार्य छोड़कर कोई नया कार्य आरम्भ करना चाहते हैं तो उसके लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है |

कुम्भ : आपका योगकारक शुक्र आपकी राशि से छठे भाव में गोचर कर रहा है | परिवार में माँगलिक आयोजन जैसे किसी का विवाह आदि हो सकते हैं जिनके कारण परिवार में उत्सव का वातावरण बन सकता है | साथ ही धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में आपकी रूचि बढ़ सकती है | कार्य से सम्बन्धित यात्राओं के भी संकेत हैं | किन्तु यात्राओं के दौरान स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है |

मीन : आपके लिए तृतीयेश और अष्टमेश होकर शुक्र का गोचर आपके पञ्चम भाव में हो रहा है | छोटे भाई बहनों के कारण किसी प्रकार का विवाद सम्भव है | इस विवाद के कारण आपका स्वास्थ्य भी प्रभावित हो सकता है | भाई बहनों के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखने की आवश्यकता है |

किन्तु जैसा कि सदा लिखते आए हैं, उपरोक्त परिणाम सामान्य परिणाम हैं, आवश्यक नहीं कि सबके लिए ये बातें सत्य सिद्ध हो जाएँ | किसी व्यक्ति की कुण्डली का अध्ययन केवल ग्रहों के गोचर के आधार पर नहीं किया जा सकता, अपितु बहुत से सूत्रों के आधार पर किसी कुण्डली का अध्ययन किया जाता है तब किसी सम्भावित परिणाम पर पहुँच सकते हैं | इसलिए अधिक सत्य फलकथन के लिए तो आपको किसी Vedic Astrologer से स्वयं मिलकर ही कुण्डली का समग्र अध्ययन कराना होगा…

http://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2018/06/06/venus-transit-cancer/

 

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