शुक्र का मेष राशि में गोचर

शुक्र का मेष राशि में गोचर

कल शुक्रवार, वैशाख शुक्ल षष्ठी को रात्रि सात बजकर छह मिनट के लगभग तैतिल करण और गण्ड योग में समस्त सांसारिक सुख, समृद्धि, विवाह, परिवार सुख, कला, शिल्प, सौन्दर्य, बौद्धिकता, राजनीति तथा समाज में मान प्रतिष्ठा में वृद्धि आदि का कारक शुक्र मेष राशि और अश्विनी नक्षत्र पर प्रस्थान कर जाएगा | मेष राशि में भ्रमण करते हुए 21 मई को भरणी और पहली जून को कृत्तिका नक्षत्र पर विचरण करते हुए अन्त में चार जून को अपनी स्वयं की वृषभ राशि में चला जाएगा | वृषभ राशि से मेष राशि बारहवाँ भाव तथा शुक्र की दूसरी राशि तुला – जो कि शुक्र के लिए मूल त्रिकोण भी है – से मेष राशि सप्तम भाव है | जानने का प्रयास करते हैं कि शुक्र के मेष राशि में गोचर के समस्त राशियों पर सम्भावित परिणाम क्या रह सकते हैं…

किन्तु ध्यान रहे, ये समस्त फल सामान्य हैं | व्यक्ति विशेष की कुण्डली का व्यापक अध्ययन करके ही किसी निश्चित परिणाम पर पहुँचा जा सकता है | अतः कुण्डली का विविध सूत्रों के आधार पर व्यापक अध्ययन कराने के लिए किसी Astrologer के पास ही जाना उचित रहेगा |

मेष : आपका द्वितीयेश और सप्तमेश होकर शुक्र का गोचर आपकी लग्न में ही गोचर कर रहा है जहाँ आपकी राशि से तृतीयेश, पंचमेश तथा षष्ठेश का साथ उसे प्राप्त हो रहा है | आपके लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आपके आकर्षक व्यक्तित्व तथा वाणी से लोग प्रभावित होंगे और उसका लाभ आपको अपने कार्य तथा पारस्परिक सम्बन्धों में प्राप्त हो सकता है | आर्थिक स्थिति में इस अवधि में दृढ़ता की सम्भावना प्रतीत होती है | Alternative Healing अथवा रहस्य विद्याओं में आपकी रूचि बढ़ सकती है | किसी मनोनुकूल व्यक्ति से आपका सम्पर्क इस अवधि में हो सकता है जिसके साथ आप Romantically यदि कहीं Involve हो सकते हैं और यह सम्बन्ध विवाह में भी परिणत हो सकता है | जीवन साथी की तलाश में हैं तो वह भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है | विवाहित हैं तो दाम्पत्य जीवन में भी माधुर्य तथा अन्तरंगता बने रहने के संकेत हैं | महिलाओं को अधिक रक्तस्राव की समस्या हो सकती है अतः अपनी Gynaecologist से नियमित चेकअप अवश्य कराती रहें |

वृषभ : आपका राश्यधिपति तथा षष्ठेश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से बारहवें भाव में हो रहा है | आपकी राशि से द्वितीयेश, चतुर्थेश और पंचमेश भी वहीं गोचर कर रहे हैं | आपके लिए यह गोचर मिश्रित फल देने वाला प्रतीत होता है | एक ओर तो सम्भव है आपको अपने कार्य के सिलसिले में यात्राओं में वृद्धि हो जाए और इन यात्राओं के माध्यम से आपको धन लाभ की सम्भावना की जा सकती है | वहीं दूसरी और इन यात्राओं में पैसा भी अधिक खर्च हो सकता है | यदि कहीं पेमेण्ट रुकी हुई है तो उसकी प्राप्ति इस अवधि में हो सकती है | आपका रूचि किसी प्रकार की रहस्य विद्याओं अथवा Alternative Healing की ओर बढ़ सकती है, जो आपके लिए लाभदायक सिद्ध हो सकती है | अपनी वाणी पर संयम रखने की भी आवश्यकता है | परिवार में आनन्दपूर्ण वातावरण बना रहने की सम्भावना है | अपने तथा सन्तान के स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है |

मिथुन : आपका पंचमेश और द्वादशेश होकर शुक्र का गोचर आपके लाभ स्थान में हो रहा है, जहाँ आपका योगकारक बुध तथा तृतीयेश पहले से ही विद्यमान हैं | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त महत्त्वपूर्ण प्रतीत होता है | कार्य तथा आय में वृद्धि की सम्भावना है | कार्य से सम्बन्धित छोटी छोटी विदेश यात्राओं की सम्भावना है | रुके हुए कार्य पूर्ण होने की सम्भावना है | जो लोग अभी तक आपकी बात नहीं समझ पा रहे थे वे अब आपके सुझावों का अनुमोदन कर सकते हैं, जिसका लाभ आपको अपने कार्य में निश्चित रूप से प्राप्त हो सकता है | मित्रों तथा सहकर्मियों का सहयोग उपलब्ध रहेगा | छोटे भाई बहनों के लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | स्वास्थ्य की दृष्टि से भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | नौकरी की तलाश में हैं तो वह भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है, किन्तु सम्भव है आपको घर से कहीं दूर जाना पड़े |

कर्क : आपका चतुर्थेश और एकादशेश होकर शुक्र का गोचर आपके द्वितीयेश तथा तृतीयेश और द्वादशेश के साथ आपकी राशि से कर्म स्थान में हो रहा है | कार्य की दृष्टि से तथा आर्थिक दृष्टि से आपके लिए उत्साह में वृद्धि के संकेत हैं जिसके कारण आप अपना कार्य समय पर पूर्ण करने में सक्षम रहेंगे | आप कलाकार हैं, कवि हैं, डेंटिस्ट हैं, केमिस्ट हैं, ब्यूटीशियन हैं अथवा किसी प्रकार के सौन्दर्य प्रसाधनों के व्यवसाय से सम्बन्ध रखते हैं, टूर और ट्रेवल से सम्बन्धित व्यवसाय में, वक्ता हैं तो आपके लिए विशेष रूप से कार्य में उन्नति तथा अर्थ लाभ की सम्भावना की जा सकती है | नया घर अथवा वाहन भी इस अवधि में खरीद सकते हैं अथवा खरीदने की योजना बना सकते हैं | सम्भव है आप अपने वर्तमान निवास को ही Renovate करा लें | परिवार में किसी कन्या का विवाह भी इस अवधि में सम्भव है |

सिंह : आपका तृतीयेश और दशमेश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से नवम भाव में हो रहा है, जहाँ आपका राश्यधिपति, द्वितीयेश तथा लाभेश पहले से ही विद्यमान हैं | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आपके पराक्रम में वृद्धि का समय प्रतीत होता है | कुछ नया कार्य आप इस अवधि में आरम्भ कर सकते हैं, यह कार्य आपको बहुत समय तक व्यस्त रख सकता है | कार्य तथा आय में वृद्धि के भी संकेत प्रतीत होते हैं | सम्बन्धियों तथा मित्रों के साथ आमोद प्रमोद का समय भी प्रतीत होता है | सपरिवार कहीं तीर्थ यात्रा अथवा देशाटन का कार्यक्रम भी बना सकते हैं | धार्मिक तथा आध्यात्मिक गतिविधियों में रूचि में भी वृद्धि हो सकती है | अविवाहित हैं तो जीवन साथी की खोज भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है |

कन्या : आपका द्वितीयेश और भाग्येश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से अष्टम भाव में आपके द्वितीयेश, नवमेश तथा द्वादशेश के साथ हो रहा है | इस अवधि में एक ओर जहाँ आपके लिए कार्य में प्रगति तथा उसके माध्यम से अप्रत्याशित लाभ की सम्भावना की जा सकती है, किसी ऐसे स्थान से प्रॉपर्टी के लाभ की सम्भावना की जा सकती है जहाँ की आपने कल्पना भी नहीं की होगी, वहीं दूसरी ओर किसी प्रकार से भी गुप्त विरोधियों की ओर से सावधान रहने की भी आवश्यकता है | कार्य में अकस्मात् ही किसी प्रकार का व्यवधान उपस्थित हो सकता है अतः सावधान रहने की आवश्यकता है | किसी सहकर्मी की ओर से आपका विरोध भी सम्भव है, अतः आँख और कान खुले रखने की आवश्यकता है | आपकी वाणी इस समय प्रभावशाली बनी रहेगी, अपने कार्य में इसका लाभ उठाने की आवश्यकता है | यदि आप महिला हैं तो आपको विशेष रूप से स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहने की आवश्यकता है |

तुला : लग्नेश और अष्टमेश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से सप्तम भाव में भाग्येश, लाभेश तथा द्वादशेश के साथ होने जा रहा है | आपके और आपके जीवन साथी के लिए कार्य तथा अर्थलाभ की दृष्टि से भाग्यवर्द्धक समय प्रतीत होता है | यदि आप कलाकार हैं तो आपको अपनी कला के प्रदर्शन के अनेकों अवसर इस अवधि में उपलब्ध हो सकते हैं, जिनके कारण आपके मान सम्मान में वृद्धि तथा आपको किसी प्रकार का पुरूस्कार आदि भी प्राप्त हो सकता है | Cosmetic और Medicine के क्षेत्र में कार्यरत लोगों के लिए भी यह समय अत्यन्त लाभप्रद प्रतीत होता है | आय के नवीन स्रोत आपके तथा आपके जीवन साथी के समक्ष उपस्थित हो सकते हैं | अविवाहित हैं तो आपका कोई घनिष्ठ मित्र अथवा आपका कोई सहकर्मी आपकी ओर आकर्षित हो सकता है और आप उसके साथ विवाह बन्धन में बंध सकते हैं | किन्तु साथ ही प्रेम सम्बन्धों में तथा दाम्पत्य जीवन में तनाव की सम्भावना से भी इन्कार नहीं किया जा सकता |

वृश्चिक : आपके लिए आपका सप्तमेश और द्वादशेश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से छठे भाव में हो रहा है जहाँ आपका अष्टमेश, दशमेश और एकादशेश पहले ही पहुँचे हुए हैं | आपके लिए उत्साह में वृद्धि के योग प्रतीत होते हैं जिसके कारण आप अपने कार्य समय पर पूर्ण करने में समर्थ होंगे | आप इस समय कार्य से सम्बन्धित नवीन चुनौतियाँ भी स्वीकार करने का साहस रखते हैं, जो आपके कार्य की दृष्टि से हित में ही रहेगा | किन्तु साथ ही उन मित्रों को पहचानकर उनसे दूर होने की आवश्यकता है जो आपसे प्रेम दिखाते हैं लेकिन मन में ईर्ष्या का भाव रखते हैं | कोई कोर्ट केस अथवा कोई बीमारी आपके लिए चिन्ता का विषय हो सकती है | विशेष रूप से यदि आप महिला हैं तो आपको स्वास्थ्य की और से विशेष रूप से सावधान रहने की आवश्यकता है | विदेश यात्राओं के भी योग प्रतीत होते हैं | इन यात्राओं के दौरान भी अपने स्वास्थ्य के प्रति विशेष रूप से सावधान रहने की आवश्यकता है | दाम्पत्य जीवन में कोई विवाद उत्पन्न हो सकता है | जीवन साथी के स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहने की आवश्यकता है |

धनु : आपके लिए आपका षष्ठेश और एकादशेश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से पंचम भाव में योगकारक बुध तथा भाग्येश के साथ होने जा रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त अनुकूल प्रतीत होता है | सन्तान के साथ यदि कुछ समय से किसी प्रकार की अनबन चल रही है अथवा उसके कार्य में किसी प्रकार की बाधा आ रही है तो उसके दूर होने की सम्भावना इस अवधि में की जा सकती है | मान सम्मान तथा आय में वृद्धि के संकेत हैं | नौकरी के लिए इन्टरव्यू दिया है तो उसमें भी सफलता की सम्भावना है | आप उच्च शिक्षा के लिए भी प्रयास कर सकते हैं | सन्तान प्राप्ति के भी योग प्रतीत होते हैं | आपकी सन्तान के लिए भी कराय की दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है, किन्तु उसके लिए स्वास्थ्य की दृष्टि से यह गोचर अनुकूल नहीं प्रतीत होता | किसी गम्भीर समस्या के कारण आपकी सन्तान को Hospitalize भी होना पड़ सकता है | अविवाहित हैं तो जीवन साथी की तलाश इस अवधि में पूर्ण हो सकती है |

मकर : आपके लिए आपका पंचमेश और दशमेश होकर शुक्र आपके लिए योगकारक बनता है और आपकी राशि से चतुर्थ भाव में गोचर रहा है जहाँ आपका षष्ठेश, अष्टमेश और भाग्येश पहले से ही विद्यमान हैं | आपके लिए कार्य की तथा आर्थिक दृष्टि से निश्चित रूप से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | सम्भव है आप इस अवधि में नया घर अथवा वाहन खरीद लें अथवा खरीदने की योजना बना लें | मान सम्मान और पुरूस्कार आदि का लाभ भी हो सकता है | सुख सुविधाओं के साधनों में वृद्धि के संकेत हैं | आपकी सन्तान के लिए भी यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | अविवाहित हैं तो आपके साथ कार्य कर रहे किसी व्यक्ति की ओर से प्रणय निवेदन प्राप्त हो सकता है जो विवाह में परिणत हो सकता है | पॉलिटिक्स से जिन लोगों का सम्बन्ध है उनके लिए, कलाकारों के लिए तथा प्रॉपर्टी अथवा टूर एण्ड ट्रेवल से सम्बन्धित व्यवसाय जिन लोगों का है उनके लिए यह गोचर विशेष रूप से अनुकूल प्रतीत होता है | किन्तु आपको अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है | किसी प्रकार के कोर्ट केस में भी कोई समस्या उत्पन्न हो सकती है |

कुम्भ : आपके लिए भी आपकी राशि से चतुर्थेश और नवमेश होकर शुक्र आपका योगकारक बनता है और आपकी राशि से तीसरे भाव में गोचर कर रहा है, जहाँ आपका पंचमेश, सप्तमेश और अष्टमेश पहले से ही गोचर कर रहे हैं | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त अनुकूल प्रतीत होता है | आपके किसी घनिष्ठ मित्र के माध्यम से आपकी भेंट किसी प्रभावशाली व्यक्ति से हो सकती है और उसके कारण आपको अपने कार्य में भी लाभ प्राप्त हो सकता है तथा आपके मान सम्मान में भी वृद्धि के संकेत हैं | रुके हुए कार्य भी इस अवधि में पूर्ण होने की सम्भावना है | कहीं पेमेण्ट रुकी हुई है तो वह भी वापस प्राप्त हो सकती है | आपकी रूचि धार्मिक गतिविधियों में बढ़ सकती है तथा आप सपरिवार कहीं तीर्थ यात्रा पर जाने का कार्यक्रम भी बना सकते हैं | पॉलिटिक्स से यदि आपका सम्बन्ध है तो आपके लिए यह गोचर विशेष रूप से अनुकूल प्रतीत होता है |

मीन : आपके लिए तृतीयेश और अष्टमेश होकर शुक्र आपके दूसरे भाव में आपके चतुर्थेश, षष्ठेश और सप्तमेश के साथ गोचर कर रहा है | आपके लिए यह गोचर मिश्रित फल देने वाला प्रतीत होता है | पराक्रम तथा निर्णायक क्षमता में वृद्धि के संकेत हैं | आर्थिक रूप से स्थिति में दृढ़ता आने के साथ ही कुछ नवीन प्रोजेक्ट्स इस अवधि में प्राप्त होते रह सकते हैं जिनके कारण आप बहुत समय तक व्यस्त रहकर अर्थ लाभ भी कर सकते हैं | आपकी वाणी तथा व्यक्तित्व का प्रभाव दूसरों पर पड़ेगा और जिसके कारण आपकी प्रशंसा भी होगी तथा आपको किसी प्रकार का पुरूस्कार आदि भी प्राप्त हो सकता है | सामाजिक गतिविधियों में वृद्धि के साथ ही मान सम्मान में वृद्धि के भी संकेत हैं | किन्तु ऐसा कुछ मत बोलिए जिसके कारण किसी विवाद में फँसने की सम्भावना हो |

अन्त में, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं – यह एक ऐसी खगोलीय घटना है जिसका प्रभाव मानव सहित समस्त प्रकृति पर पड़ता है | वास्तव में सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

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शुक्र का मीन में गोचर

शुक्र का मीन राशि में गोचर

आज चैत्र शुक्ल एकादशी को अर्द्धरात्र्योत्तर एक बजकर चार मिनट के लगभग विष्टि करण और गण्ड योग में समस्त सांसारिक सुख, समृद्धि, विवाह, परिवार सुख, कला, शिल्प, सौन्दर्य, बौद्धिकता, राजनीति तथा समाज में मान प्रतिष्ठा में वृद्धि आदि का कारक शुक्र अपने परम मित्र शनि की राशि कुम्भ से निकल कर अपनी उच्च राशि मीन में प्रस्थान कर जाएगा | इस प्रस्थान के समय शुक्र पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र पर होगा | अपने इस प्रस्थान के समय शुक्र धनिष्ठा नक्षत्र पर होगा | मीन राशि में भ्रमण करते हुए 18 अप्रेल को उत्तर भाद्रपद नक्षत्र पर तथा 29 अप्रेल को रेवती नक्षत्र पर विचरण करते हुए अन्त में दस मई को मेष राशि और अश्विन नक्षत्र पर प्रस्थान कर जाएगा | शुक्र की अपनी राशि वृषभ से मीन राशि एकादश भाव तथा तुला से छठा भाव बनती है | अतः सामान्य तौर पर वृषभ राशि के लिए यह गोचर शुभ होने की सम्भावना है तथा तुला राशि के जातकों के लिए यह गोचर अधिक अनुकूल सम्भव है न रहे | तो जानने का प्रयास करते हैं कि शुक्र के मीन राशि में गोचर के समस्त राशियों पर सम्भावित परिणाम क्या रह सकते हैं…

किन्तु ध्यान रहे, ये समस्त फल सामान्य हैं | व्यक्ति विशेष की कुण्डली का व्यापक अध्ययन करके ही किसी निश्चित परिणाम पर पहुँचा जा सकता है | अतः कुण्डली का विविध सूत्रों के आधार पर व्यापक अध्ययन कराने के लिए किसी Astrologer के पास ही जाना उचित रहेगा |

मेष : आपका द्वितीयेश और सप्तमेश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से बारहवें भाव में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर मिश्रित फल देने वाला प्रतीत होता है | एक ओर तो सम्भव है आपको अपने कार्य के सिलसिले में यात्राओं में वृद्धि हो जाए और इन यात्राओं के माध्यम से आपको धन लाभ की सम्भावना की जा सकती है | वहीं दूसरी और इन यात्राओं में पैसा भी अधिक खर्च हो सकता है तथा यात्राओं के कारण स्वास्थ्य सम्बन्धी किसी समस्या का भी सामना करना पड़ सकता है | यदि कहीं पेमेण्ट रुकी हुई है तो उसमें देर लग सकती है और उसके लिए प्रयास भी अधिक करना पड़ेगा | स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं के कारण भी धन के व्यय होने की सम्भावना है | अपनी वाणी पर संयम रखने की भी आवश्यकता है | अविवाहित हैं तो जीवन साथी की तलाश भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है | कलाकारों को अपनी कला के प्रदर्शन के लिए यात्राएँ करनी पड़ सकती हैं |

वृषभ : आपका राश्यधिपति तथा षष्ठेश होकर शुक्र का गोचर आपके लाभ स्थान में गोचर हो रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त महत्त्वपूर्ण प्रतीत होता है | कार्य तथा आय में वृद्धि की सम्भावना है | रुके हुए कार्य पूर्ण होने की सम्भावना है | जो लोग अभी तक आपकी बात नहीं समझ पा रहे थे वे अब आपके सुझावों का अनुमोदन कर सकते हैं, जिसका लाभ आपको अपने कार्य में निश्चित रूप से प्राप्त हो सकता है | मित्रों तथा सहकर्मियों का सहयोग उपलब्ध रहेगा | स्वास्थ्य की दृष्टि से भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | किसी कोर्ट केस के माध्यम से भी लाभ की सम्भावना की जा सकती है | नौकरी की तलाश में हैं तो वह भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है |

मिथुन : आपका पंचमेश और द्वादशेश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से कर्म स्थान में हो रहा है | कार्य की दृष्टि से तथा आर्थिक दृष्टि से आपके लिए उत्साह में वृद्धि के संकेत हैं जिसके कारण आप अपना कार्य समय पर पूर्ण करने में सक्षम रहेंगे | आप कलाकार हैं, कवि हैं, डेंटिस्ट हैं, केमिस्ट हैं, ब्यूटीशियन हैं अथवा किसी प्रकार के सौन्दर्य प्रसाधनों के व्यवसाय से सम्बन्ध रखते हैं, टूर और ट्रेवल से सम्बन्धित व्यवसाय में, वक्ता हैं तो आपके लिए विशेष रूप से कार्य में उन्नति तथा अर्थ लाभ की सम्भावना की जा सकती है | नया घर अथवा वाहन भी इस अवधि में खरीद सकते हैं अथवा खरीदने की योजना बना सकते हैं | अपने सौन्दर्य को निखारने में आपकी रूचि इस अवधि में बढ़ेगी और इस कार्य में आप बहुत अधिक पैसा भी खर्च कर सकते हैं जिसके कारण आपका बजट गड़बड़ा एकता है, अतः इस ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है |

कर्क : आपका चतुर्थेश और एकादशेश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से नवम भाव में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आपके पराक्रम में वृद्धि का समय प्रतीत होता है | कुछ नया कार्य आप इस अवधि में आरम्भ कर सकते हैं | कार्य तथा आय में वृद्धि के भी संकेत प्रतीत होते हैं | आप कोई नया घर अथवा वाहन भी इस अवधि में खरीद सकते हैं अथवा अपने वर्तमान आवास को ही Renovate करा सकते हैं | परिवार में किसी के विवाह आदि माँगलिक कार्य के कारण सम्बन्धियों तथा मित्रों के साथ आमोद प्रमोद का समय भी प्रतीत होता है | सपरिवार कहीं तीर्थ यात्रा अथवा देशाटन का कार्यक्रम भी बना सकते हैं | धार्मिक तथा आध्यात्मिक गतिविधियों में रूचि में भी वृद्धि हो सकती है | अविवाहित हैं तो जीवन साथी की खोज भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है |

सिंह : आपका तृतीयेश और दशमेश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से अष्टम भाव में हो रहा है | इस अवधि में एक ओर जहाँ आपके लिए कार्य में प्रगति तथा उसके माध्यम से अप्रत्याशित लाभ की सम्भावना की जा सकती है, किसी ऐसे स्थान से प्रॉपर्टी के लाभ की सम्भावना की जा सकती है जहाँ की आपने कल्पना भी नहीं की होगी, वहीं दूसरी ओर किसी प्रकार से भी गुप्त विरोधियों की ओर से सावधान रहने की भी आवश्यकता है | आप स्वयं भी इस दौरान ऐसा कोई कार्य न करें जिसके कारण आपकी मान प्रतिष्ठा को किसी प्रकार की हानि होने की सम्भावना हो | कार्य में अकस्मात् ही किसी प्रकार का व्यवधान उपस्थित हो सकता है अतः सावधान रहने की आवश्यकता है | किसी सहकर्मी की ओर से आपका विरोध भी सम्भव है, अतः आँख और कान खुले रखने की आवश्यकता है | यदि आप महिला हैं तो आपको विशेष रूप से स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहने की आवश्यकता है | आपके भाई बहनों के लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | किन्तु छोटे भाई बहनों के साथ किसी प्रकार का विवाद भी इस अवधि में सम्भव है |

कन्या : आपका द्वितीयेश और भाग्येश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से सप्तम भाव में होने जा रहा है | आपके और आपके जीवन साथी के लिए कार्य तथा अर्थलाभ की दृष्टि से भाग्यवर्द्धक समय प्रतीत होता है | यदि आप कलाकार हैं तो आपको अपनी कला के प्रदर्शन के अनेकों अवसर इस अवधि में उपलब्ध हो सकते हैं, जिनके कारण आपके मान सम्मान में वृद्धि तथा आपको किसी प्रकार का पुरूस्कार आदि भी प्राप्त हो सकता है | Cosmetic और Medicine के क्षेत्र में कार्यरत लोगों के लिए भी यह समय अत्यन्त लाभप्रद प्रतीत होता है | आय के नवीन स्रोत आपके तथा आपके जीवन साथी के समक्ष उपस्थित हो सकते हैं | अविवाहित हैं तो आपका कोई घनिष्ठ मित्र अथवा आपका कोई सहकर्मी आपकी ओर आकर्षित हो सकता है और आप उसके साथ विवाह बन्धन में बंध सकते हैं | दाम्पत्य जीवन में प्रगाढ़ता के संकेत प्रतीत होते हैं |

तुला : लग्नेश और अष्टमेश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से छठे भाव में हो रहा है | आपके लिए उत्साह में वृद्धि के योग प्रतीत होते हैं जिसके कारण आप अपने कार्य समय पर पूर्ण करने में समर्थ होंगे | आप इस समय कार्य से सम्बन्धित नवीन चुनौतियाँ भी स्वीकार करने का साहस रखते हैं, जो आपके कार्य की दृष्टि से हित में ही रहेगा | किन्तु साथ ही उन मित्रों को पहचानकर उनसे दूर होने की आवश्यकता है जो आपसे प्रेम दिखाते हैं लेकिन मन में ईर्ष्या का भाव रखते हैं | कोई कोर्ट केस अथवा कोई बीमारी आपके लिए चिन्ता का विषय हो सकती है | विशेष रूप से यदि आप महिला हैं तो आपको स्वास्थ्य की और से विशेष रूप से सावधान रहने की आवश्यकता है | विदेश यात्राओं के भी योग प्रतीत होते हैं | इन यात्राओं के दौरान भी अपने स्वास्थ्य के प्रति विशेष रूप से सावधान रहने की आवश्यकता है | दाम्पत्य जीवन में कोई विवाद उत्पन्न हो सकता है |

वृश्चिक : आपके लिए आपका सप्तमेश और द्वादशेश होकर शुक्र का गोचर आपके पंचम भाव में होने जा रहा है | सन्तान के साथ यदि कुछ समय से किसी प्रकार की अनबन चल रही है तो उसके दूर होने की सम्भावना इस अवधि में की जा सकती है | मान सम्मान तथा आय में वृद्धि के संकेत हैं | नौकरी के लिए इन्टरव्यू दिया है तो उसमें भी सफलता की सम्भावना है | सन्तान प्राप्ति के भी योग प्रतीत होते हैं | किन्तु आपकी सन्तान के लिए स्वास्थ्य की दृष्टि से यह गोचर अनुकूल नहीं प्रतीत होता | किसी गम्भीर समस्या के कारण आपकी सन्तान को Hospitalize भी होना पड़ सकता है | अविवाहित हैं तो जीवन साथी की तलाश इस अवधि में पूर्ण हो सकती है | विवाहित हैं तो दाम्पत्य जीवन में माधुर्य बना अरहने की सम्भावना है |

धनु : आपके लिए आपका षष्ठेश और एकादशेश होकर शुक्र का गोचर आपके चतुर्थ भाव में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर मिश्रित फल देने वाला प्रतीत होता है | सम्भव है आप इस अवधि में नया घर अथवा वाहन खरीद लें अथवा खरीदने की योजना बना लें | किन्तु ड्राइविंग के समय सावधानी बरतने की आवश्यकता है | मान सम्मान और पुरूस्कार आदि का लाभ भी हो सकता है | सुख सुविधाओं के साधनों में वृद्धि के संकेत हैं | किन्तु साथ ही बड़े भाई बहनों के साथ किसी प्रकार का विवाद कोर्ट तक भी पहुँच सकता है, अतः परिवार की किसी बुज़ुर्ग महिला की मध्यस्थता से उस विवाद को समय रहते सुलझाने का प्रयास आवश्यक है | परिवार में किसी महिला का स्वास्थ्य आपके लिए चिन्ता का विषय हो सकता है | समय रहते डॉक्टर से परामर्श आवश्यक है | पोलिटिक्स से जिन लोगों का सम्बन्ध है उनके लिए यह गोचर अत्यन्त अनुकूल प्रतीत होता है |

मकर : आपके लिए आपका पंचमेश और दशमेश होकर शुक्र आपके लिए योगकारक बनता है और आपकी राशि से तीसरे भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए उत्साह तथा निर्णायक क्षमता में वृद्धि के संकेत प्रतीत होते हैं | साथ ही, कार्य स्थल पर विरोधियों के स्वर भी मुखर हो सकते हैं, किन्तु आप स्वयं अपने ही बुद्धिबल से समस्त विरोधों को शान्त करने में समर्थ हो सकते हैं | हाँ भाई बहनों के साथ किसी प्रकार का विवाद कोर्ट तक पहुँच सकता है अतः इस ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है | आपके किसी घनिष्ठ मित्र के माध्यम से आपकी भेंट किसी प्रभावशाली व्यक्ति से हो सकती है और उसके कारण आपको अपने कार्य में भी लाभ प्राप्त हो सकता है तथा आपके मान सम्मान में भी वृद्धि के संकेत हैं | रुके हुए कार्य भी इस अवधि में पूर्ण होने की सम्भावना है | कहीं पेमेण्ट रुकी हुई है तो वह भी वापस प्राप्त हो सकती है | किसी कोर्ट केस का निर्णय भी आपके पक्ष में आ सकता है |

कुम्भ : आपके लिए भी आपकी राशि से चतुर्थेश और नवमेश होकर शुक्र आपका योगकारक बनता है और आपके दूसरे भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त अनुकूल प्रतीत होता है | पराक्रम तथा निर्णायक क्षमता में वृद्धि के संकेत हैं | आर्थिक रूप से स्थिति में दृढ़ता आने के साथ ही कुछ नवीन प्रोजेक्ट्स इस अवधि में प्राप्त होते रह सकते हैं जिनके कारण आप बहुत समय तक व्यस्त रहकर अर्थ लाभ भी कर सकते हैं | आपकी वाणी तथा व्यक्तित्व का प्रभाव दूसरों पर पड़ेगा और जिसके कारण आपकी प्रशंसा भी होगी तथा आपको किसी प्रकार का पुरूस्कार आदि भी प्राप्त हो सकता है | सामाजिक गतिविधियों में वृद्धि के साथ ही मान सम्मान में वृद्धि के भी संकेत हैं | आपकी वाणी अत्यन्त प्रभावशाली है, उसका लाभ आपको अपने कार्यक्षेत्र में अवश्य प्राप्त होगा, किन्तु ऐसा कुछ मत बोलिए जिसके कारण किसी विवाद में फँसने की सम्भावना हो |

मीन : आपके लिए तृतीयेश और अष्टमेश होकर शुक्र का गोचर आपकी लग्न में ही गोचर कर रहा है | आपके लिए यह गोचर कुछ विशेष अनुकूल नहीं प्रतीत होता | एक ओर आपके आकर्षक व्यक्तित्व से लोग प्रभावित होंगे और उसका लाभ आपको अपने कार्य तथा पारस्परिक सम्बन्धों में प्राप्त हो सकता है, वहीं दूसरी ओर किसी ऐसे व्यक्ति की ओर से विरोध का सामना भी करना पड़ सकता है जिसके विषय में आपने ऐसी कल्पना भी नहीं की होगी | अच्छा यही रहेगा इस समय ध्यान और प्राणायाम का सहारा लें ताकि आपके मन की शान्ति बनी रहे | Romantically यदि कहीं Involve हैं तो उस सम्बन्ध में अन्तरंगता के संकेत प्रतीत होते हैं | विवाहित हैं तो दाम्पत्य जीवन में भी माधुर्य तथा अन्तरंगता बने रहने के संकेत हैं | महिलाओं को अधिक रक्तस्राव की समस्या हो सकती है अतः अपनी Gynaecologist से नियमित चेकअप अवश्य कराती रहें |

अन्त में, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं – यह एक ऐसी खगोलीय घटना है जिसका प्रभाव मानव सहित समस्त प्रकृति पर पड़ता है | वास्तव में सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

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शुक्र का कुम्भ में गोचर

आज दिन में सभी ने रंग और उत्साह का पर्व होली धूम धाम से मनाया | सभी को एक बार पुनः इस रंगपर्व की रंगभरी उल्लासभरी हार्दिक शुभकामनाएँ |

आज फाल्गुन कृष्ण प्रतिपदा है, और आज अर्द्धरात्र्योत्तर तथा कल 22 मार्च को सूर्योदय से पूर्व तीन बजकर पैंतालीस मिनट के लगभग कौलव करण और वृद्धि योग में समस्त सांसारिक सुख, समृद्धि, विवाह, परिवार सुख, कला, शिल्प, सौन्दर्य, बौद्धिकता, राजनीति तथा समाज में मान प्रतिष्ठा में वृद्धि आदि का कारक शुक्र अपने परम मित्र शनि की एक राशि मकर से निकल कर दूसरी राशि कुम्भ में प्रस्थान कर जाएगा | अपने इस प्रस्थान के समय शुक्र धनिष्ठा नक्षत्र पर होगा | कुम्भ राशि में भ्रमण करते हुए 27 मार्च को शतभिषज नक्षत्र पर तथा सात अप्रेल को पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र पर विचरण करते हुए अन्त में बारह अप्रेल को मीन राशि में प्रस्थान कर जाएगा | शुक्र की अपनी राशि वृषभ से कुम्भ राशि दशम भाव तथा तुला से चतुर्थ भाव बनती है अतः इन दोनों राशियों के लिए सामान्य तौर पर यह गोचर शुभ होने की सम्भावना है | साथ ही कुम्भ राशि के जातकों के लिए शुक्र योग कारक ग्रह है |  इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखकर जानने का प्रयास करते हैं कि शुक्र के कुम्भ राशि में गोचर के समस्त राशियों पर सम्भावित परिणाम क्या रह सकते हैं…

किन्तु ध्यान रहे, ये समस्त फल सामान्य हैं | व्यक्ति विशेष की कुण्डली का व्यापक अध्ययन करके ही किसी निश्चित परिणाम पर पहुँचा जा सकता है | अतः कुण्डली का विविध सूत्रों के आधार पर व्यापक अध्ययन कराने के लिए किसी Astrologer के पास ही जाना उचित रहेगा |

मेष : आपका द्वितीयेश और सप्तमेश होकर शुक्र का गोचर आपके लाभ स्थान में गोचर कर रहा है | आपके स्वयं के लिए तथा आपके जीवन साथी दोनों के लिए यह गोचर अत्यन्त महत्त्वपूर्ण प्रतीत होता है | कार्य तथा आय में वृद्धि की सम्भावना है | रुके हुए कार्य पूर्ण होने की सम्भावना है | जो लोग अभी तक आपकी बात नहीं समझ पा रहे थे वे अब आपके सुझावों का अनुमोदन कर सकते हैं, जिसका लाभ आपको अपने कार्य में निश्चित रूप से प्राप्त हो सकता है | मित्रों तथा सहकर्मियों का सहयोग उपलब्ध रहेगा | अविवाहित हैं तो जीवन साथी की तलाश भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है | प्रेम सम्बन्ध विवाह में परिणत हो सकता है अथवा कोई नया प्रेम सम्बन्ध भी स्थापित हो सकता है | स्वास्थ्य की दृष्टि से भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | सन्तान की ओर से कोई शुभ समाचार इस अवधि में प्राप्त हो सकता है |

वृषभ : आपका राश्यधिपति तथा षष्ठेश होकर शुक्र का गोचर आपके कर्म स्थान में हो रहा है | कार्य की दृष्टि से तथा आर्थिक दृष्टि से आपके लिए उत्साह में वृद्धि के संकेत हैं जिसके कारण आप अपना कार्य समय पर पूर्ण करने में सक्षम रहेंगे | आप कलाकार हैं, कवि हैं, डेंटिस्ट हैं, केमिस्ट हैं, ब्यूटीशियन हैं अथवा किसी प्रकार के सौन्दर्य प्रसाधनों के व्यवसाय से सम्बन्ध रखते हैं, टूर और ट्रेवल से सम्बन्धित व्यवसाय में, वक्ता हैं तो आपके लिए विशेष रूप से कार्य में उन्नति तथा अर्थ लाभ की सम्भावना की जा सकती है | नया घर अथवा वाहन भी इस अवधि में खरीद सकते हैं अथवा खरीदने की योजना बना सकते हैं | अपने सौन्दर्य को निखारने में आपकी रूचि इस अवधि में बढ़ेगी | स्वास्थ्य की ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है |

मिथुन : आपका पंचमेश और द्वादशेश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से नवम भाव में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आपके पराक्रम में वृद्धि का समय प्रतीत होता है | कुछ नया कार्य आप इस अवधि में आरम्भ कर सकते हैं | जो लोग किसी प्रकार की प्रतियोगिता की तैयारी कर रहे हैं उनके लिए भी यह गोचर अनुकूल फल देने वाला प्रतीत होता है | आपकी सन्तान या आप स्वयं भी यदि उच्च शिक्षा के लिए प्रयासरत हैं तो उसमें सफलता की सम्भावना की जा सकती है | आप कलाकार हैं और कोई रिसर्च आदिद करना चाहते हैं तो उसके लिए भी आपका नामांकन इस अवधि में हो सकता है | परिवार में किसी के विवाह आदि माँगलिक कार्य के कारण सम्बन्धियों तथा मित्रों के साथ आमोद प्रमोद का समय भी प्रतीत होता है |

कर्क : आपका चतुर्थेश और एकादशेश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से अष्टम भाव में हो रहा है | इस अवधि में एक ओर जहाँ आपके लिए अप्रत्याशित लाभ की सम्भावना की जा सकती है, किसी ऐसे स्थान से प्रॉपर्टी के लाभ की सम्भावना की जा सकती है जहाँ की आपने कल्पना भी नहीं की होगी, वहीं दूसरी ओर किसी प्रकार से भी गुप्त विरोधियों की ओर से सावधान रहने की भी आवश्यकता है | आप स्वयं भी इस दौरान ऐसा कोई कार्य न करें जिसके कारण आपकी मान प्रतिष्ठा को किसी प्रकार की हानि होने की सम्भावना हो | कार्य में अकस्मात् ही किसी प्रकार का व्यवधान उपस्थित हो सकता है अतः सावधान रहने की आवश्यकता है | Opposite Sex की ओर इस अवधि में आपका झुकाव बढ़ सकता है | आगे बढ़ने से पूर्व पार्टनर के सम्बन्ध में पूरी जानकारी अवश्य हासिल कर लें | यदि आप महिला हैं तो आपको विशेष रूप से स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहने की आवश्यकता है | आपकी सन्तान के लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है |

सिंह : आपका तृतीयेश और दशमेश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से सप्तम भाव में होने जा रहा है | आपके और आपके जीवन साथी के लिए कार्य तथा अर्थलाभ की दृष्टि से अनुकूल समय प्रतीत होता है | यदि आप कलाकार हैं तो आपको अपनी कला के प्रदर्शन के अनेकों अवसर इस अवधि में उपलब्ध हो सकते हैं, जिनके कारण आपके मान सम्मान में वृद्धि तथा आपको किसी प्रकार का पुरूस्कार आदि भी प्राप्त हो सकता है | Cosmetic और Medicine के क्षेत्र में कार्यरत लोगों के लिए भी यह समय अत्यन्त लाभप्रद प्रतीत होता है | आय के नवीन स्रोत आपके तथा आपके जीवन साथी के समक्ष उपस्थित हो सकते हैं | आपका कोई घनिष्ठ मित्र अथवा आपका कोई सहकर्मी आपकी ओर आकर्षित हो सकता है और आप उसके साथ विवाह बन्धन में बंध सकते हैं | दाम्पत्य जीवन में प्रगाढ़ता के संकेत प्रतीत होते हैं |

कन्या : आपका द्वितीयेश और भाग्येश होकर शुक्र आपकी राशि से छठे भाव में हो रहा है | आपके लिए उत्साह में वृद्धि के योग प्रतीत होते हैं जिसके कारण आप अपने कार्य समय पर पूर्ण करने में समर्थ होंगे | आप इस समय कार्य से सम्बन्धित नवीन चुनौतियाँ भी स्वीकार करने का साहस रखते हैं, जो आपके कार्य की दृष्टि से हित में ही रहेगा | किसी महिला मित्र के माध्यम से कोई नवीन प्रोजेक्ट आपको प्राप्त हो सकता है जिसके कारण आप दीर्घ समय तक व्यस्त रहकर अर्थलाभ भी कर सकते हैं | किन्तु साथ ही उन मित्रों को पहचानकर उनसे दूर होने की आवश्यकता है जो आपसे प्रेम दिखाते हैं लेकिन मन में ईर्ष्या का भाव रखते हैं | किसी कोर्ट केस का निर्णय आपके पक्ष में आ सकता है और उसके माध्यम से आपको अर्थलाभ भी सम्भव है | साथ ही विदेश यात्राओं के भी योग प्रतीत होते हैं | इन यात्राओं के दौरान अपने स्वास्थ्य के प्रति विशेष रूप से सावधान रहने की आवश्यकता है | साथ परिवार की किसी बुज़ुर्ग महिला के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखने की आवश्यकता है |

तुला : लग्नेश और अष्टमेश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से पंचम भाव में होने जा रहा है | सन्तान के साथ यदि कुछ समय से किसी प्रकार की अनबन चल रही है तो उसके दूर होने की सम्भावना इस अवधि में की जा सकती है | मान सम्मान तथा आय में वृद्धि के संकेत हैं | नौकरी के लिए इन्टरव्यू दिया है तो उसमें भी सफलता की सम्भावना है | सन्तान प्राप्ति के भी योग प्रतीत होते हैं | सन्तान के लिए भी यह गोचर समय अनुकूल प्रतीत होता है | आपके व्यक्तित्व में सकारात्मक परिवर्तन होने की सम्भावना है | आपके कार्यों के कारण आपको किसी प्रकार का पुरूस्कार आदि भी इस अवधि में प्राप्त हो सकता है | धार्मिक तथा आध्यात्मिक गतिविधियों की ओर रुझान में वृद्धि की भी सम्भावना की जा सकती है | आपकी सन्तान की ओर से कोई ऐसा शुभ समाचार आपको प्राप्त हो सकता है जिसकी आपको बहुत समय से प्रतीक्षा थी |

वृश्चिक : आपके लिए आपका सप्तमेश और द्वादशेश होकर शुक्र आपके चतुर्थ भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए यह गोचर अनुकूल फल देने वाला प्रतीत होता है | सम्भव है आप इस अवधि में नया घर अथवा वाहन खरीद लें अथवा खरीदने की योजना बना लें | किन्तु ड्राइविंग के समय सावधानी बरतने की आवश्यकता है | किसी वसीयत के माध्यम से प्रॉपर्टी के लाभ के भी संकेत हैं | किन्तु सम्बन्धित Documents का भली भाँती निरीक्षण अवश्य कर लीजिये – कहीं ऐसा न हो ये प्रॉपर्टी किसी प्रकार के विवाद में फँसी हुई हो | यों परिवार में आनन्द का वातावरण रहेगा | मान सम्मान और पुरूस्कार आदि का लाभ भी हो सकता है | सुख सुविधाओं के साधनों में वृद्धि के संकेत हैं | कार्य के लिए अथवा यों ही मनोरंजन के लिए भी यात्राओं पर भी जा सकते हैं | पॉलिटिक्स से जिन लोगों का सम्बन्ध है उनके लिए यह गोचर अधिक अनुकूल प्रतीत होता है | अपनी माता जी के स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है |

धनु : आपके लिए आपका षष्ठेश और एकादशेश होकर शुक्र का गोचर आपके तीसरे भाव में हो रहा है | आपके लिए उत्साह तथा निर्णायक क्षमता में वृद्धि के संकेत प्रतीत होते हैं | साथ ही, विरोधियों के स्वर मुखर हो सकते हैं, किन्तु आप स्वयं अपने ही बुद्धिबल से समस्त विरोधों को शान्त करने में समर्थ हो सकते हैं | हाँ भाई बहनों के साथ किसी प्रकार का विवाद कोर्ट तक पहुँच सकता है अतः इस ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है | आपके किसी घनिष्ठ मित्र के माध्यम से आपकी भेंट किसी प्रभावशाली व्यक्ति से हो सकती है और उसके कारण आपको अपने कार्य में भी लाभ प्राप्त हो सकता है तथा आपके मान सम्मान में भी वृद्धि के संकेत हैं | रुके हुए कार्य भी इस अवधि में पूर्ण होने की सम्भावना है | कहीं पेमेण्ट रुकी हुई है तो वह भी वापस प्राप्त हो सकती है | किसी कोर्ट केस का निर्णय भी आपके पक्ष में आ सकता है |

मकर : आपके लिए आपका पंचमेश और दशमेश होकर शुक्र आपके लिए योगकारक बनता है और आपकी राशि से दूसरे भाव में गोचर कर रहा है | पराक्रम तथा निर्णायक क्षमता में वृद्धि के संकेत हैं | आर्थिक रूप से स्थिति में दृढ़ता आने के साथ ही कुछ नवीन प्रोजेक्ट्स इस अवधि में प्राप्त होते रह सकते हैं जिनके कारण आप बहुत समय तक व्यस्त रहकर अर्थ लाभ भी कर सकते हैं | आपकी वाणी तथा व्यक्तित्व का प्रभाव दूसरों पर पड़ेगा और जिसके कारण आपकी प्रशंसा भी होगी तथा आपको किसी प्रकार का पुरूस्कार आदि भी प्राप्त हो सकता है | सामाजिक गतिविधियों में वृद्धि के साथ ही मान सम्मान में वृद्धि के भी संकेत हैं | आपकी वाणी अत्यन्त प्रभावशाली है, उसका लाभ आपको अपने कार्यक्षेत्र में अवश्य प्राप्त होगा, किन्तु ऐसा कुछ मत बोलिए जिसके कारण किसी विवाद में फँसने की सम्भावना हो |

कुम्भ : आपके लिए भी आपकी राशि से चतुर्थेश और नवमेश होकर शुक्र आपका योगकारक बनता है और आपकी लग्न में ही गोचर कर रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आप इस अवधि में अपने शारीरिक सौन्दर्य के साथ ही अपनी Intellect को निखारने का भी प्रयास करेंगे, जो आपके हित में ही रहेगा | आपके आकर्षक व्यक्तित्व से लोग प्रभावित होंगे और उसका लाभ आपको अपने कार्य तथा पारस्परिक सम्बन्धों में अवश्य प्राप्त होगा | Romantically यदि कहीं Involve हैं तो उस सम्बन्ध में अन्तरंगता के संकेत प्रतीत होते हैं | आपका प्रेम सम्बन्ध विवाह सम्बन्ध में भी परिणत हो सकता है | विवाहित हैं तो दाम्पत्य जीवन में भी माधुर्य तथा अन्तरंगता बने रहने के संकेत हैं | Opposite Sex के प्रति आपका रुझान इस अवधि में बढ़ सकता है | राजनीति से यदि आप सम्बद्ध हैं तो आपके लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है |

मीन : आपके लिए तृतीयेश और अष्टमेश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से बारहवें भाव में हो रहा है | आपके लिए उच्च शिक्षा, कला के प्रदर्शन अथवा अन्य किसी व्यावसायिक कार्य के निमित्त विदेश यात्राओं में वृद्धि के संकेत प्रतीत होते हैं | इन यात्राओं से आपके कार्य तथा मान सम्मान में प्रगति की तथा आर्थिक स्थिति में दृढ़ता आने की सम्भावना है | इन यात्राओं के कारण आपके कुछ नए मित्र भी बन सकते हैं | साथ ही इन यात्राओं के दौरान अपने स्वास्थ्य तथा Important Documents का भी ध्यान रखने की भी आवश्यकता है | परिवार में किसी प्रकार के माँगलिक आयोजन की भी सम्भावना इस अवधि में की जा सकती है | परिवार में आनन्द का वातावरण बना रह सकता है | महिलाओं को अधिक रक्तस्राव की समस्या हो सकती है अतः अपनी Gynaecologist से नियमित चेकअप अवश्य कराती रहें | आपके छोटे भाई बहनों के लिए यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है |

अन्त में, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं – यह एक ऐसी खगोलीय घटना है जिसका प्रभाव मानव सहित समस्त प्रकृति पर पड़ता है | वास्तव में सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2019/03/21/venus-transit-in-aquarius/

 

शुक्र का मकर राशि में गोचर

कल फाल्गुन कृष्ण षष्ठी को वणिज करण और ध्रुव योग में रात्रि 22:46 के लगभग समस्त सांसारिक सुख, समृद्धि, विवाह, परिवार सुख, कला, शिल्प, सौन्दर्य, बौद्धिकता, राजनीति तथा समाज में मान प्रतिष्ठा में वृद्धि आदि का कारक शुक्र धनु राशि से निकल कर अपने परम मित्र ग्रह शनि की मकर राशि में प्रस्थान कर जाएगा | अपने इस प्रस्थान के समय शुक्र उत्तराषाढ़ नक्षत्र में होगा | यहाँ निवास करते हुए पाँच मार्च को श्रवण नक्षत्र पर तथा सोलह मार्च को धनिष्ठा नक्षत्र पर विचरण करते हुए 22 मार्च को कुम्भ राशि में प्रस्थान कर जाएगा | शुक्र की अपनी दोनों राशियों वृषभ और तुला के लिए सामान्य तौर पर यह गोचर शुभ होने की सम्भावना है – क्योंकि वृषभ से कर्म स्थान और तुला से चतुर्थ भाव में शुक्र का गोचर होगा | साथ ही मकर राशि के जातकों के लिए शुक्र योग कारक ग्रह है |  इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखकर जानने का प्रयास करते हैं कि शुक्र के मकर राशि में गोचर के समस्त राशियों पर सम्भावित परिणाम क्या रह सकते हैं…

मेष : आपका द्वितीयेश और सप्तमेश होकर शुक्र का गोचर आपके दशम भाव में हो रहा है | कार्य की दृष्टि से तथा आर्थिक दृष्टि से यह गोचर आपके लिए अत्यन्त अनुकूल प्रतीत होता है | आप कलाकार हैं, कवि हैं, डेंटिस्ट हैं, केमिस्ट हैं, ब्यूटीशियन हैं अथवा किसी प्रकार के सौन्दर्य प्रसाधनों के व्यवसाय से सम्बन्ध रखते हैं, टूर और ट्रेवल से सम्बन्धित व्यवसाय में, वक्ता हैं तो आपके लिए विशेष रूप से कार्य में उन्नति तथा अर्थ लाभ की सम्भावना की जा सकती है | नया घर अथवा वाहन भी इस अवधि में खरीद सकते हैं अथवा खरीदने की योजना बना सकते हैं | अपने सौन्दर्य को निखारने में आपकी रूचि इस अवधि में बढ़ेगी | आपकी वाणी से लोग प्रभावित होंगे तथा अपने कार्य में आपको उसका लाभ भी प्राप्त होगा |

वृषभ : आपका राश्यधिपति तथा षष्ठेश होकर शुक्र का गोचर आपके नवम भाव में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आपके पराक्रम में वृद्धि का समय प्रतीत होता है | कुछ नया कार्य आप इस अवधि में आरम्भ कर सकते हैं | किसी कोर्ट केस में अनुकूल दिशा में प्रगति भी सम्भव है | जो लोग किसी प्रकार की प्रतियोगिता की तैयारी कर रहे हैं उनके लिए भी यह गोचर अनुकूल फल देने वाला प्रतीत होता है | परिवार में सौहार्द का वातावरण बना रहेगा | परिवार में किसी के विवाह आदि माँगलिक कार्य के कारण सम्बन्धियों तथा मित्रों के साथ आमोद प्रमोद का समय भी है |

मिथुन : आपका पंचमेश और द्वादशेश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से अष्टम भाव में हो रहा है | इस अवधि में एक ओर जहाँ किसी प्रकार से भी गुप्त विरोधियों की ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है | आप स्वयं भी इस दौरान ऐसा कोई कार्य न करें जिसके कारण आपकी मान प्रतिष्ठा को किसी प्रकार की हानि होने की सम्भावना हो | कार्य में अकस्मात् ही किसी प्रकार का व्यवधान उपस्थित हो सकता है अतः सावधान रहने की आवश्यकता है | Opposite Sex की ओर इस अवधि में आपका झुकाव बढ़ सकता है | आगे बढ़ने से पूर्व पार्टनर के सम्बन्ध में पूरी जानकारी अवश्य हासिल कर लें | यदि आप महिला हैं तो आपको विशेष रूप से स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहने की आवश्यकता है | आपकी सन्तान के लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है |

कर्क : आपका चतुर्थेश और एकादशेश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से सप्तम भाव में होने जा रहा है | परिवार में आनन्द का वातावरण बना रहने के साथ ही आपका व्यक्तित्व भी इस अवधि में प्रभावशाली बना रहेगा | आपके और आपके जीवन साथी के लिए की दृष्टि से तथा अर्थलाभ की दृष्टि से भी अनुकूल समय प्रतीत होता है | यदि आप कलाकार हैं तो आपको अपनी कला के प्रदर्शन के अनेकों अवसर इस अवधि में उपलब्ध हो सकते हैं, जिनके कारण आपके मान सम्मान में वृद्धि तथा आपको किसी प्रकार का पुरूस्कार आदि भी प्राप्त हो सकता है | Cosmetic और Medicine के क्षेत्र में कार्यरत लोगों के लिए भी यह समय अत्यन्त लाभप्रद प्रतीत होता है | आय के नवीन स्रोत आपके तथा आपके जीवन साथी के समक्ष उपस्थित हो सकते हैं | आपका कोई घनिष्ठ मित्र आपकी ओर आकर्षित हो सकता है और आप उसके साथ विवाह बन्धन में बंध सकते हैं |

सिंह : आपका तृतीयेश और दशमेश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से छठे भाव में हो रहा है | एक ओर आपके लिए उत्साह में वृद्धि के योग प्रतीत होते हैं तो वहीं दूसरी ओर आपके लिए यह गोचर चुनौतियों से भरा हुआ भी हो सकता है | उन मित्रों को पहचानकर उनसे दूर होने की आवश्यकता है जो आपसे प्रेम दिखाते हैं लेकिन मन में ईर्ष्या का भाव रखते हैं | यदि नौकरी में हैं तो विशेष रूप से महिला अधिकारी से पंगा आपके हित में नहीं होगा | यदि आप कलाकार अथवा वक्ता हैं तो आपके कार्य की दृष्टि से अनुकूल समय प्रतीत होता है | किसी कोर्ट केस का निर्णय आपके पक्ष में आ सकता है | साथ ही विदेश यात्राओं के भी योग प्रतीत होते हैं | परिवार में किसी प्रकार के तनाव की आशंका भी की जा सकती है | इन यात्राओं के दौरान अपने स्वास्थ्य के प्रति विशेष रूप से सावधान रहने की आवश्यकता है |

कन्या : आपका द्वितीयेश और भाग्येश होकर शुक्र आपकी राशि से पंचम भाव में होने जा रहा है | सन्तान के साथ यदि कुछ समय से किसी प्रकार की अनबन चल रही है तो उसके दूर होने की सम्भावना इस अवधि में की जा सकती है | मान सम्मान तथा आय में वृद्धि के संकेत हैं | नौकरी के लिए इन्टरव्यू दिया है तो उसमें भी सफलता की सम्भावना है | सन्तान प्राप्ति के भी योग प्रतीत होते हैं | सन्तान के लिए भी यह गोचर समय अनुकूल प्रतीत होता है | आपके व्यक्तित्व में सकारात्मक परिवर्तन होने की सम्भावना है | आपके कार्यों के कारण आपको किसी प्रकार का पुरूस्कार आदि भी इस अवधि में प्राप्त हो सकता है | धार्मिक तथा आध्यात्मिक गतिविधियों की ओर रुझान में वृद्धि की भी सम्भावना की जा सकती है |

तुला : लग्नेश और अष्टमेश होकर शुक्र आपकी राशि से चतुर्थ भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए यह गोचर मिश्रित फल देने वाला प्रतीत होता है | सम्भव है आप इस अवधि में नया घर अथवा वाहन खरीद लें अथवा खरीदने की योजना बना लें | किन्तु ड्राइविंग के समय सावधानी बरतने की आवश्यकता है | किसी वसीयत के माध्यम से प्रॉपर्टी के लाभ के भी संकेत हैं | किन्तु सम्बन्धित Documents का भली भाँती निरीक्षण अवश्य कर लीजिये – कहीं ऐसा न हो ये प्रॉपर्टी किसी प्रकार के विवाद में फँसी हुई हो | यों परिवार में आनन्द का वातावरण रहेगा | मान सम्मान और पुरूस्कार आदि का लाभ भी हो सकता है | सुख सुविधाओं के साधनों में वृद्धि के संकेत हैं | साथ ही यदि राजनीति से आपका सम्बन्ध है तो आपको विरोधियों की ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है |

वृश्चिक : आपके लिए आपका सप्तमेश और द्वादशेश होकर शुक्र आपके तीसरे भाव में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर कुछ अधिक अनुकूल नहीं प्रतीत होता | एक ओर जहाँ भाई बहनों के साथ किसी कारण से तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है वहीं यात्राओं आदि के दौरान भी आपको सतर्क रहने की आवश्यकता है | आपके दाम्पत्य जीवन में भी आपके भाई बहनों के कारण किसी प्रकार का तनाव सम्भव है | जिन लोगों पर आप बहुत अधिक विश्वास रखते हैं उन्हीं की ओर से आपको किसी प्रकार का विश्वासघात भी सम्भव है | अतः अच्छा यही रहेगा कि अपनी योजनाओं के विषय में किसी से इस अवधि में बात न करें | तनाव के कारण आपके स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव पड़ सकता है | महिलाओं को अधिक रक्तस्राव की समस्या भी हो सकती है |

धनु : आपका षष्ठेश और एकादशेश होकर शुक्र आपके दूसरे भाव में गोचर कर रहा है | पराक्रम तथा निर्णायक क्षमता में वृद्धि के संकेत हैं | आर्थिक रूप से स्थिति में दृढ़ता आने के साथ ही कुछ नवीन प्रोजेक्ट्स इस अवधि में प्राप्त होते रह सकते हैं जिनके कारण आप बहुत समय तक व्यस्त रहकर अर्थ लाभ भी कर सकते हैं | आपकी वाणी तथा व्यक्तित्व का प्रभाव दूसरों पर पड़ेगा और जिसके कारण आपकी प्रशंसा भी होगी तथा आपको किसी प्रकार का पुरूस्कार आदि भी प्राप्त हो सकता है | सामाजिक गतिविधियों में वृद्धि के साथ ही मान सम्मान में वृद्धि के भी संकेत हैं | आपकी वाणी अत्यन्त प्रभावशाली है, उसका लाभ आपको अपने कार्यक्षेत्र में अवश्य प्राप्त होगा, किन्तु ऐसा कुछ मत बोलिए जिसके कारण किसी विवाद में फँसने की सम्भावना हो |

मकर : आपका योगकारक आपकी लग्न में ही गोचर कर रहा है | आप इस अवधि में अपने शारीरिक सौन्दर्य के साथ ही अपनी Intellect को निखारने का भी प्रयास करेंगे, जो आपके हित में ही रहेगा | आपके आकर्षक व्यक्तित्व से लोग प्रभावित होंगे और उसका लाभ आपको अपने कार्य तथा पारस्परिक सम्बन्धों में अवश्य प्राप्त होगा | Romantically यदि कहीं Involve हैं तो उस सम्बन्ध में अन्तरंगता के संकेत प्रतीत होते हैं | आपका प्रेम सम्बन्ध विवाह सम्बन्ध में भी परिणत हो सकता है | विवाहित हैं तो दाम्पत्य जीवन में भी माधुर्य तथा अन्तरंगता बने रहने के संकेत हैं | Opposite Sex के प्रति आपका रुझान इस अवधि में बढ़ सकता है | राजनीति से यदि आप सम्बद्ध हैं तो आपके लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है |

कुम्भ : आपका योगकारक शुक्र आपकी राशि से बारहवें भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए उच्च शिक्षा, कला के प्रदर्शन अथवा अन्य किसी कार्य के निमित्त विदेश यात्राओं में वृद्धि के संकेत प्रतीत होते हैं | इन यात्राओं से आपके कार्य तथा मान सम्मान में प्रगति की तथा आर्थिक स्थिति में दृढ़ता आने की सम्भावना है | इन यात्राओं के कारण आपके कुछ नए मित्र भी बन सकते हैं | साथ ही इन यात्राओं के दौरान अपने स्वास्थ्य तथा Important Documents का भी ध्यान रखने की भी आवश्यकता है | परिवार में किसी प्रकार के माँगलिक आयोजन की भी सम्भावना इस अवधि में की जा सकती है | परिवार में आनन्द का वातावरण बना रह सकता है | महिलाओं को अधिक रक्तस्राव की समस्या हो सकती है अतः अपनी Gynaecologist से नियमित चेकअप अवश्य कराती रहें |

मीन : आपके लिए तृतीयेश और अष्टमेश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से लाभ स्थान में गोचर कर रहा है | उत्साह तथा कार्य में वृद्धि के साथ ही धनलाभ के भी संकेत हैं | कार्य तथा आय में वृद्धि की सम्भावना है | रुके हुए कार्य पूर्ण होने की सम्भावना है | जो लोग अभी तक आपकी बात नहीं समझ पा रहे थे वे अब आपके सुझावों का अनुमोदन कर सकते हैं, जिसका लाभ आपको अपने कार्य में निश्चित रूप से प्राप्त हो सकता है | अविवाहित हैं तो जीवन साथी की तलाश भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है | प्रेम सम्बन्ध विवाह में परिणत हो सकता है अथवा कोई नया प्रेम सम्बन्ध भी स्थापित हो सकता है | स्वास्थ्य की दृष्टि से भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | किन्तु परिवार की महिला सदस्यों के साथ भी अनायास ही किसी प्रकार का विवाद भी इस अवधि में सम्भव है |

किन्तु ध्यान रहे, ये समस्त फल सामान्य हैं | व्यक्ति विशेष की कुण्डली का व्यापक अध्ययन करके ही किसी निश्चित परिणाम पर पहुँचा जा सकता है | अतः कुण्डली का विविध सूत्रों के आधार पर व्यापक अध्ययन कराने के लिए किसी Astrologer के पास ही जाना उचित रहेगा |

अन्त में, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं – यह एक ऐसी खगोलीय घटना है जिसका प्रभाव मानव सहित समस्त प्रकृति पर पड़ता है | वास्तव में सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2019/02/23/venus-transit-in-capricorn/

 

शुक्र का धनु में गोचर

आज रात्रि 11:29 के लगभग समस्त सांसारिक सुख, समृद्धि, विवाह, परिवार सुख, कला, शिल्प, सौन्दर्य, बौद्धिकता, राजनीति तथा समाज में मान प्रतिष्ठा में वृद्धि आदि का कारक शुक्र वृश्चिक राशि से निकल कर धनु राशि और मूल नक्षत्र में प्रस्थान करेगा | शुक्र के धनु राशि में प्रवेश के समय माघ कृष्ण दशमी तिथि (आज सूर्योदय के समय नवमी थी, किन्तु शुक्र के गोचर के समय दशमी तिथि रहेगी), वणिज करण और वृद्धि योग होगा | यहाँ 24 फरवरी तक भ्रमण करने के पश्चात अपने परम मित्र शनि की मकर राशि में प्रस्थान कर जाएगा | धनु राशि में निवास करते हुए शुक्र क्रमशः दस फरवरी को पूर्वाषाढ़ तथा 22 फरवरी को उत्तराषाढ़ नक्षत्रों पर भ्रमण करेगा | आइये जानने का प्रयास करते हैं कि प्रत्येक राशि के लिए शुक्र के धनु राशि में गोचर के सम्भावित परिणाम क्या रह सकते हैं…

मेष : आपका द्वितीयेश और सप्तमेश होकर शुक्र का गोचर आपके नवम भाव में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्धक प्रतीत होता है | एक ओर परिवार में सौहार्द का वातावरण बना रहेगा वहीं दूसरी ओर आपके कार्य में भी प्रगति के साथ साथ अर्थ लाभ की सम्भावना की जा सकती है | आपके जीवन साथी के लिए भी यह गोचर भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आपकी वाणी इस समय बहुत प्रभावशाली बनी हुई है जिसका लाभ अपक्प जीवन के हर क्षेत्र में होने की सम्भावना है | यदि अविवाहित हैं तो इस अवधि में आपका विवाह सम्बन्ध भी कहीं निश्चित हो सकता है अथवा कोई प्रेम सम्बन्ध स्थापित हो सकता है, जो आपके मन के अनुकूल होगा तथा जो समय आने पर विवाह सम्बन्ध में भी परिवर्तित हो सकता है | विवाहित हैं तो दाम्पत्य जीवन में प्रगाढ़ता के संकेत हैं | साथ ही धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में आपकी रूचि बढ़ सकती है |

वृषभ : आपका राश्यधिपति तथा षष्ठेश होकर शुक्र का गोचर आपके अष्टम भाव में हो रहा है | इस अवधि में एक ओर जहाँ किसी प्रकार से भी गुप्त विरोधियों की ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है | आप स्वयं भी इस दौरान ऐसा कोई कार्य न करें जिसके कारण आपकी मान प्रतिष्ठा को किसी प्रकार की हानि होने की सम्भावना हो | कार्य में अकस्मात् ही किसी प्रकार का व्यवधान उपस्थित हो सकता है अतः सावधान रहने की आवश्यकता है | Opposite Sex की ओर इस अवधि में आपका झुकाव बढ़ सकता है | आगे बढ़ने से पूर्व पार्टनर के सम्बन्ध में पूरी जानकारी अवश्य हासिल कर लें | साथ ही पार्टनरशिप में कार्य आरम्भ करना चाहते हैं तो उसके लिए भी यह गोचर अनुकूल नहीं प्रतीत होता | यदि आप महिला हैं तो आपको विशेष रूप से स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहने की आवश्यकता है |

मिथुन : आपका पंचमेश और द्वादशेश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से सप्तम भाव में होने जा रहा है | आपकी निर्णायक क्षमता, उत्साह और मनोबल में वृद्धि के साथ ही आपका व्यक्तित्व भी इस अवधि में प्रभावशाली रहने की सम्भावना है | साथ ही यदि आप कलाकार हैं तो आपको अपनी कला के प्रदर्शन के लिए यात्राएँ करनी पड़ सकती हैं | आय के नवीन स्रोत आपके तथा आपके जीवन साथी के समक्ष उपस्थित हो सकते हैं | इन यात्राओं में कार्य के साथ साथ आपको कुछ आकर्षक स्थलों के भ्रमण का अवसर भी प्राप्त हो सकता है | सम्भव है इन यात्राओं के दौरान आपको कोई ऐसा व्यक्ति मिल जाए जिसकी ओर आपका झुकाव हो जाए और आप उसके साथ विवाह सम्बन्ध में बंधना चाहें, किन्तु उसके विषय में सारी जानकारी प्राप्त करने के बाद ही आगे बढ़ना उचित रहेगा | जल्दबाज़ी में कोई निर्णय न लें |

कर्क : आपका चतुर्थेश और एकादशेश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से छठे भाव में हो रहा है | एक ओर आपके लिए उत्साह में वृद्धि के योग प्रतीत होते हैं तो वहीं दूसरी ओर आपके लिए यह गोचर चुनौतियों से भरा हुआ भी हो सकता है | उन मित्रों को पहचानकर उनसे दूर होने की आवश्यकता है जो आपसे प्रेम दिखाते हैं लेकिन मन में ईर्ष्या का भाव रखते हैं | यदि नौकरी में हैं तो विशेष रूप से महिला अधिकारी से पंगा आपके हित में नहीं होगा | यदि आप कलाकार अथवा वक्ता हैं तो आपके कार्य की दृष्टि से अनुकूल समय प्रतीत होता है | किसी कोर्ट केस का निर्णय आपके पक्ष में आ सकता है | साथ ही विदेश यात्राओं के भी योग प्रतीत होते हैं | परिवार में किसी प्रकार के तनाव की आशंका भी की जा सकती है | इन यात्राओं के दौरान अपने स्वास्थ्य के प्रति विशेष रूप से सावधान रहने की आवश्यकता है |

सिंह : आपका तृतीयेश और दशमेश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से पंचम भाव में होने जा रहा है | सन्तान के साथ यदि कुछ समय से किसी प्रकार की अनबन चल रही है तो उसके दूर होने की सम्भावना इस अवधि में की जा सकती है | मान सम्मान तथा आय में वृद्धि के संकेत हैं | नौकरी के लिए इन्टरव्यू दिया है तो उसमें भी सफलता की सम्भावना है | सन्तान प्राप्ति के भी योग प्रतीत होते हैं | सन्तान के लिए भी यह गोचर समय अनुकूल प्रतीत होता है | आपके व्यक्तित्व में सकारात्मक परिवर्तन होने की सम्भावना है | आपके कार्यों के कारण आपको किसी प्रकार का पुरूस्कार आदि भी इस अवधि में प्राप्त हो सकता है | आपके भिया बहनों के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है |

कन्या : आपका द्वितीयेश और भाग्येश होकर शुक्र आपकी राशि से चतुर्थ भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | उत्साह में वृद्धि का समय प्रतीत होता है | कार्य में उन्नति तथा आय में वृद्धि के संकेत हैं | आपको इस अवधि में कोई ऐसा कार्य आपको प्राप्त हो सकता है जिसके कारण आप दीर्घ समय तक व्यस्त रहकर अर्थलाभ कर सकते हैं | आप कोई नया घर अथवा वाहन भी इस अवधि में खरीद सकते हैं अथवा खरीदने की योजना बना सकते हैं | परिवार में आनन्द का वातावरण रहेगा | किसी कन्या का विवाह भी इस अवधि में सम्भव है | नौकरी में पदोन्नति की सम्भावना है | मान सम्मान और पुरूस्कार आदि का लाभ भी हो सकता है | सुख सुविधाओं के साधनों में वृद्धि के संकेत हैं | साथ ही यदि राजनीति से आपका सम्बन्ध है तो आपके लिए यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है |

तुला : लग्नेश और अष्टमेश होकर शुक्र आपकी राशि से तीसरे भाव में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर कुछ अधिक अनुकूल नहीं प्रतीत होता | एक ओर जहाँ भाई बहनों के साथ किसी कारण से तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है वहीं आपके दाम्पत्य जीवन में भी किसी प्रकार का तनाव सम्भव है | जिन लोगों पर आप बहुत अधिक विश्वास रखते हैं उन्हीं की ओर से आपको किसी प्रकार का विश्वासघात भी सम्भव है | अतः अच्छा यही रहेगा कि अपनी योजनाओं के विषय में किसी से इस अवधि में बात न करें | तनाव के कारण आपके स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव पड़ सकता है | महिलाओं को अधिक रक्तस्राव की समस्या भी हो सकती है |

वृश्चिक : आपके लिए आपका सप्तमेश और द्वादशेश होकर शुक्र आपके दूसरे भाव में गोचर कर रहा है | आर्थिक रूप से स्थिति में दृढ़ता आने के साथ ही आपके लिए कार्य से सम्बन्धित लम्बी विदेश यात्राओं के योग भी प्रतीत होते हैं | नवीन प्रोजेक्ट्स इस अवधि में प्राप्त होते रह सकते हैं जिनके कारण आप बहुत समय तक व्यस्त रहकर अर्थ लाभ भी कर सकते हैं | आपकी वाणी तथा व्यक्तित्व का प्रभाव दूसरों पर पड़ेगा और जिसके कारण आपकी प्रशंसा भी होगी तथा आपको किसी प्रकार का पुरूस्कार आदि भी प्राप्त हो सकता है | धार्मिक तथा आध्यात्मिक गतिविधियों में आपकी रूचि में वृद्धि हो सकती है | आप सपरिवार कहीं घूमने जाने की योजना भी बना सकते हैं | सामाजिक गतिविधियों में वृद्धि के साथ ही मान सम्मान में वृद्धि के भी संकेत हैं |

धनु : आपका षष्ठेश और एकादशेश होकर शुक्र आपकी लग्न में ही गोचर कर रहा है | आप इस अवधि में अपने शारीरिक सौन्दर्य को निखारने में अधिक व्यस्त रह सकते हैं | Romantically यदि कहीं Involve हैं तो उस सम्बन्ध में अन्तरंगता के संकेत प्रतीत होते हैं | विवाहित हैं तो दाम्पत्य जीवन में भी माधुर्य तथा अन्तरंगता बने रहने के संकेत हैं | Opposite Sex के प्रति आपका रुझान इस अवधि में बढ़ सकता है | आपके कार्य में प्रगति के साथ ही अर्थलाभ की सम्भावना भी है | अधिकारीगणों का सहयोग आपको प्राप्त रहेगा | किन्तु अधिकारियों से पंगा आपके हित में नहीं होगा | राजनीति से यदि आप सम्बद्ध हैं तो आपके लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | यदि योग, व्यायाम, प्राणायाम और ध्यान का निरन्तर अभ्यास करते रहे तो स्वास्थ्य की दृष्टि से भी यह गोचर आपके लिए अनुकूल प्रतीत होता है |

मकर : आपका योगकारक आपकी राशि से बारहवें भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए उच्च शिक्षा, कला के प्रदर्शन अथवा अन्य किसी कार्य के निमित्त विदेश यात्राओं में वृद्धि के संकेत प्रतीत होते हैं | इन यात्राओं से आपके कार्य तथा मान सम्मान में प्रगति की तथा आर्थिक स्थिति में दृढ़ता आने की सम्भावना है | इन यात्राओं के करान आपके कुछ नए मित्र भी बन सकते हैं | साथ ही इन यात्राओं के दौरान अपने स्वास्थ्य तथा Important Documents का भी ध्यान रखने की भी आवश्यकता है | आपकी सन्तान के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | महिलाओं को अधिक रक्तस्राव की समस्या हो सकती है अतः अपनी Gynaecologist से नियमित चेकअप अवश्य कराती रहें |

कुम्भ : आपका योगकारक शुक्र आपकी राशि से लाभ स्थान में गोचर कर रहा है | उत्साह तथा कार्य में वृद्धि के साथ ही धनलाभ के भी संकेत हैं | यदि आपका कोई कोर्ट केस चल रहा है तो उसके अनुकूल दिशा में प्रगति की सम्भावना है | यदि आप किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं तो उसमें भी आपको सफलता प्राप्त हो सकती है | कार्य तथा आय में वृद्धि के साथ ही मान सम्मान में भी वृद्धि की सम्भावना है | रुके हुए कार्य पूर्ण होने की सम्भावना है | जो लोग अभी तक आपकी बात नहीं समझ पा रहे थे वे अब आपके सुझावों का अनुमोदन कर सकते हैं, जिसका लाभ आपको अपने कार्य में निश्चित रूप से प्राप्त हो सकता है | अविवाहित हैं तो जीवन साथी की तलाश भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है | प्रेम सम्बन्ध विवाह में परिणत हो सकता है अथवा कोई नया प्रेम सम्बन्ध भी स्थापित हो सकता है | स्वास्थ्य की दृष्टि से भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है |

मीन : आपके लिए तृतीयेश और अष्टमेश होकर शुक्र का गोचर आपके दशम भाव में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर अधिक अनुकूल नहीं प्रतीत होता | जहाँ तक आपके कार्य का प्रश्न है तो आपको अपने सहकर्मियों के विरोध का सामना करना पड़ सकता है | कुछ ऐसे लोगों का विरोध भी झेलना पड़ सकता है जिनकी ओर से आपको अनुकूलता की सम्भावना होगी | छोटे भाई बहनों के साथ तथा परिवार की महिला सदस्यों के साथ भी किसी प्रकार का विवाद इस अवधि में सम्भव है | विशेष रूप से यदि प्रॉपर्टी से सम्बन्धित कोई विवाद है तो उसे आपसी विचार विमर्श से ही सुलझाने में ही समझदारी है, अन्यथा यदि बात कोर्ट तक पहुँच गई तो समस्या हो सकती है | स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है |

किन्तु ध्यान रहे, ये समस्त फल सामान्य हैं | व्यक्ति विशेष की कुण्डली का व्यापक अध्ययन करके ही किसी निश्चित परिणाम पर पहुँचा जा सकता है | अतः कुण्डली का विविध सूत्रों के आधार पर व्यापक अध्ययन कराने के लिए किसी Astrologer के पास ही जाना उचित रहेगा |

अन्त में, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं – यह एक ऐसी खगोलीय घटना है जिसका प्रभाव मानव सहित समस्त प्रकृति पर पड़ता है | वास्तव में सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2019/01/29/venus-transit-in-sagittarius/

 

 

शुक्र का वृश्चिक में गोचर

सर्वप्रथम सभी को नववर्ष 2019 की हार्दिक शुभकामनाएँ | आज मंगलवार एक जनवरी को प्रातः नौ बजकर पचास मिनट पर बुध का गोचर धनु राशि में हुआ है, और आज ही रात्रि आठ बजकर तैतालीस मिनट के लगभग समस्त सांसारिक सुख, समृद्धि, विवाह, परिवार सुख, कला, शिल्प, सौन्दर्य, बौद्धिकता, राजनीति तथा समाज में मान प्रतिष्ठा में वृद्धि आदि का कारक शुक्र अपनी स्वयं की राशि तुला से निकलकर मंगल की वृश्चिक राशि में प्रविष्ट हो जाएगा | शुक्र के वृश्चिक राशि में प्रवेश के समय पौष कृष्ण एकादशी तिथि, बालव करण और धृति योग होगा तथा शुक्र इस समय विशाखा नक्षत्र में रहेगा | यहाँ 29 जनवरी तक निवास करने के पश्चात 29 जनवरी को ही धनु राशि में प्रस्थान कर जाएगा | वृश्चिक राशि में भ्रमण करते हुए शुक्र का भ्रमण पाँच जनवरी से अनुराधा नक्षत्र में तथा 17 जनवरी से ज्येष्ठा नक्षत्र में रहेगा | आइये जानने का प्रयास करते हैं कि प्रत्येक राशि के लिए शुक्र के कन्या राशि में गोचर के सम्भावित परिणाम क्या रह सकते हैं…

मेष : आपका द्वितीयेश और सप्तमेश होकर शुक्र का गोचर आपके अष्टम भाव में हो रहा है | इस अवधि में एक ओर जहाँ किसी प्रकार से भी गुप्त विरोधियों की ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है | आप स्वयं भी इस दौरान ऐसा कोई कार्य न करें जिसके कारण आपकी मान प्रतिष्ठा को किसी प्रकार की हानि होने की सम्भावना हो | वहीं दूसरी ओर आपके कार्य की दृष्टि से तथा आर्थिक दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | किन्तु पैसे के लेन देन के प्रति सावधान रहने की आवश्यकता है | आपकी वाणी प्रभावशाली बनी रहेगी | Opposite Sex की ओर इस अवधि में आपका झुकाव बढ़ सकता है | आगे बढ़ने से पूर्व पार्टनर के सम्बन्ध में पूरी जानकारी अवश्य हासिल कर लें | साथ ही पार्टनरशिप में कार्य आरम्भ करना चाहते हैं तो उसके लिए भी यह गोचर अनुकूल नहीं प्रतीत होता | यदि आप महिला हैं तो आपको विशेष रूप से स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहने की आवश्यकता है |

वृषभ : आपका राश्यधिपति तथा षष्ठेश होकर शुक्र आपके सप्तम भाव में गोचर करने जा रहा है | आपके उत्साह और मनोबल में वृद्धि के साथ ही आपका व्यक्तित्व भी इस अवधि में प्रभावशाली रहने की सम्भावना है | साथ ही यदि आप कलाकार हैं या सौन्दर्य से सम्बन्धित किसी कार्य जैसे ब्यूटी पार्लर आदि का कार्य है तो आपके लिए यह गोचर विशेष रूप से भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आय के नवीन स्रोत आपके तथा आपके जीवन साथी के समक्ष उपस्थित हो सकते हैं | यदि किसी के साथ Romantic Relationship में हैं तो उसमें विघ्न उपस्थित हो सकता है | विवाहित हैं तो दाम्पत्य जीवन में भी किसी मित्र के कारण तनाव उत्पन्न होने के संकेत हैं | सुख सुविधाओं के साधनों में वृद्धि के योग हैं |

मिथुन : आपका पंचमेश और द्वादशेश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से छठे भाव में हो रहा है | एक ओर आपके लिए उत्साह में वृद्धि के योग प्रतीत होते हैं तो वहीं दूसरी ओर आपके लिए यह गोचर चुनौतियों से भरा हुआ भी हो सकता है | उन मित्रों को पहचानकर उनसे दूर होने की आवश्यकता है जो आपसे प्रेम दिखाते हैं लेकिन मन में ईर्ष्या का भाव रखते हैं | यदि आप कलाकार अथवा वक्ता हैं तो आपके कार्य की दृष्टि से अनुकूल समय प्रतीत होता है | किसी कोर्ट केस का निर्णय आपके पक्ष में आ सकता है | साथ ही विदेश यात्राओं के भी योग प्रतीत होते हैं | इन यात्राओं के दौरान अपने स्वास्थ्य के प्रति विशेष रूप से सावधान रहने की आवश्यकता है |

कर्क : आपका चतुर्थेश और एकादशेश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से पंचम भाव में हो रहा है | सन्तान के साथ यदि कुछ समय से किसी प्रकार की अनबन चल रही है तो उसके दूर होने की सम्भावना इस अवधि में की जा सकती है | मान सम्मान तथा आय में वृद्धि के संकेत हैं | नौकरी के लिए इन्टरव्यू दिया है तो उसमें भी सफलता की सम्भावना है | आप इस अवधि में नया घर अथवा वाहन भी खरीद सकते हैं अथवा खरीदने की योजना बना सकते हैं | अपने वर्तमान घर को भी Renovate करा सकते हैं | सन्तान प्राप्ति के भी योग प्रतीत होते हैं | सन्तान के लिए भी यह गोचर समय अनुकूल प्रतीत होता है | आपके व्यक्तित्व में सकारात्मक परिवर्तन होने की सम्भावना है | आप अथवा आपकी सन्तान उच्च शिक्षा, नौकरी अथवा कला के प्रदर्शन के लिए विदेश यात्रा भी कर सकते हैं |

सिंह : आपका तृतीयेश और दशमेश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से चतुर्थ  भाव में हो रहा है | उत्साह में वृद्धि का समय प्रतीत होता है | आप कोई नया वाहन अथवा घर खरीदने की योजना बना सकते हैं | कार्य में उन्नति तथा आय में वृद्धि के संकेत हैं | किसी महिला मित्र के माध्यम से कोई नया कार्य भी आपको प्राप्त हो सकता है और इस कार्य में आप बहुत समय तक व्यस्त रहते हुए धनलाभ भी कर सकते हैं | परिवार में आनन्द का वातावरण रहेगा | किसी कन्या का विवाह भी इस अवधि में सम्भव है | नौकरी में पदोन्नति की सम्भावना है | मान सम्मान और पुरूस्कार आदि का लाभ भी हो सकता है | सुख सुविधाओं के साधनों में वृद्धि के संकेत हैं |

कन्या : आपका द्वितीयेश और भाग्येश होकर शुक्र आपकी राशि से तीसरे भाव में हो रहा है | एक ओर जहाँ आपके छोटे भाई बहनों के लिए कार्य की दृष्टि से समय अनुकूल प्रतीत होता है वहीं दूसरी ओर आपके लिए भी कार्य में वृद्धि तथा आय में वृद्धि के संकेत प्रतीत होते हैं | आपको इस अवधि में कुछ ऐसे नवीन प्रोजेक्ट्स भी प्राप्त हो सकते हैं जिनके कारण आपकी प्रशंसा होगी और भविष्य में उन प्रोजेक्ट्स का लाभ आपको प्राप्त होगा | आपकी प्रभावशाली वाणी का लाभ भी आपको प्राप्त हो सकता है | आपका कार्य कहीं विदेश से सम्बन्ध रखता है अथवा आप किसी प्रकार की Alternative Therapy से सम्बन्ध रखते हैं या दस्तकार हैं तो आपके लिए यह गोचर भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है |

तुला : लग्नेश और अष्टमेश होकर शुक्र आपकी राशि से दूसरे भाव में गोचर कर रहा है | आर्थिक रूप से स्थिति में दृढ़ता आने के साथ ही आपके लिए कार्य से सम्बन्धित लम्बी विदेश यात्राओं के योग भी प्रतीत होते हैं | नवीन प्रोजेक्ट्स इस अवधि में प्राप्त होते रह सकते हैं जिनके कारण आप बहुत समय तक व्यस्त रहकर अर्थ लाभ भी कर सकते हैं | आपकी वाणी तथा व्यक्तित्व का प्रभाव दूसरों पर पड़ेगा और जिसके कारण आपकी प्रशंसा भी होगी तथा आपको किसी प्रकार का पुरूस्कार आदि भी प्राप्त हो सकता है | धार्मिक तथा आध्यात्मिक गतिविधियों में आपकी रूचि में वृद्धि हो सकती है | आप सपरिवार कहीं घूमने जाने की योजना भी बना सकते हैं | किन्तु साथ ही विरोधियों की ओर से सावधान रहने की भी आवश्यकता है |

वृश्चिक : आपके लिए आपका सप्तमेश और द्वादशेश होकर शुक्र आपकी लग्न में ही गोचर कर रहा है | आप इस अवधि में अपने शारीरिक सौन्दर्य को निखारने में अधिक व्यस्त रह सकते हैं | Romantically यदि कहीं Involve हैं तो उस सम्बन्ध में अन्तरंगता के संकेत प्रतीत होते हैं | विवाहित हैं तो दाम्पत्य जीवन में भी माधुर्य तथा अन्तरंगता बने रहने के संकेत हैं | Opposite Sex के प्रति आपका रुझान इस अवधि में बढ़ सकता है | विदेश यात्राओं में वृद्धि के संकेत भी प्रतीत होते हैं | इन यात्राओं में किसी के प्रति आप आकर्षित हो सकते हैं जो विवाह सम्बन्ध में भी परिणत हो सकता है | किन्तु स्वास्थ्य की ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है |

धनु : आपका षष्ठेश और एकादशेश होकर शुक्र का गोचर आपके बारहवें भाव में हो रहा है | आपके लिए यात्राओं में वृद्धि के संकेत प्रतीत होते हैं | इन यात्राओं से एक ओर आपके कार्य में प्रगति की तथा आर्थिक स्थिति में दृढ़ता आने की सम्भावना है तो वहीं दूसरी ओर इन यात्राओं में पैसा भी अधिक खर्च हो सकता है | साथ ही इन यात्राओं के दौरान अपने स्वास्थ्य तथा Important Documents का भी ध्यान रखने की भी आवश्यकता है | वाहन आदि चलाते समय भी किसी प्रकार की दुर्घटना आदिद से सावधान रहने की आवश्यकता है | महिलाओं को अधिक रक्तस्राव की समस्या हो सकती है अतः अपनी Gynaecologist से नियमित चेकअप अवश्य कराती रहें |

मकर : आपका योगकारक आपकी राशि से आपकी राशि से लाभ स्थान में गोचर कर रहा है | उत्साह तथा कार्य में वृद्धि के साथ ही धनलाभ के भी संकेत हैं | यदि आपका कोई कोर्ट केस चल रहा है तो उसके अनुकूल दिशा में प्रगति की सम्भावना है | यदि आप किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं तो उसमें भी आपको सफलता प्राप्त हो सकती है | कार्य तथा आय में वृद्धि के साथ ही मान सम्मान में भी वृद्धि की सम्भावना है | रुके हुए कार्य पूर्ण होने की सम्भावना है | जो लोग अभी तक आपकी बात नहीं समझ पा रहे थे वे अब आपके सुझावों का अनुमोदन कर सकते हैं, जिसका लाभ आपको अपने कार्य में निश्चित रूप से प्राप्त हो सकता है | अविवाहित हैं तो जीवन साथी की तलाश भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है | प्रेम सम्बन्ध विवाह में परिणत हो सकता है अथवा कोई नया प्रेम सम्बन्ध भी स्थापित हो सकता है | स्वास्थ्य की दृष्टि से भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है |

कुम्भ : आपका योगकारक शुक्र आपकी राशि से दशम भाव में गोचर कर रहा है | आपके कार्य में हर प्रकार से लाभ के संकेत हैं | नौकरी में हैं तो पदोन्नति के साथ स्थानान्तरण के भी संकेत हैं | आपका अपना व्यवसाय है तो उसमें भी प्रगति की सम्भावना है | कलाकारों को किसी प्रकार का पुरूस्कार आदि भी प्राप्त हो सकता है | सहकर्मियों का सहयोग आपको प्राप्त रहेगा जिसके कारण आपके कार्य समय पर पूर्ण होते रहेंगे | परिवार में आनन्द का वातावरण बना रह सकता है | आप अपने लिए नया घर अथवा वाहन भी खरीद सकते हैं, अथवा खरीदने की योजना बना सकते हैं | जिस घर में अभी निवास करते हैं उसे Renovate भी करा सकते हैं | सामाजिक गतिविधियों में वृद्धि के साथ ही मान प्रतिष्ठा में वृद्धि के भी संकेत हैं |

मीन : आपके लिए तृतीयेश और अष्टमेश होकर शुक्र का गोचर आपके नवम भाव में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्धक प्रतीत होता है | एक ओर परिवार में सौहार्द का वातावरण बना रहेगा वहीं दूसरी ओर आपके कार्य में भी प्रगति की सम्भावना की जा सकती है | आप इस अवधि में नया घर अथवा वाहन भी खरीद सकते हैं | अथवा जिस घर में आप रहते हैं उसे ही Renovate और Decorate करा सकते हैं | परिवार में माँगलिक कार्यों की भी सम्भावना है | कार्य से सम्बन्धित विदेश यात्राओं के भी योग बन रहे हैं | इन यात्राओं में आपको सफलता प्राप्त हो सकती है | आपके छोटे भाई अथवा बहन का विवाह इस अवधि में हो सकता है | किन्तु छोटे भाई बहनों के साथ व्यर्थ की बहस से बचने का प्रयास आवश्यक है | साथ ही धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में आपकी रूचि बढ़ सकती है |

किन्तु ध्यान रहे, ये समस्त फल सामान्य हैं | व्यक्ति विशेष की कुण्डली का व्यापक अध्ययन करके ही किसी निश्चित परिणाम पर पहुँचा जा सकता है | अतः कुण्डली का विविध सूत्रों के आधार पर व्यापक अध्ययन कराने के लिए किसी Astrologer के पास ही जाना उचित रहेगा |

अन्त में, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं – यह एक ऐसी खगोलीय घटना है जिसका प्रभाव मानव सहित समस्त प्रकृति पर पड़ता है | वास्तव में सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें इसी कामना के साथ एक बार पुनः नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2019/01/01/venus-transits-scorpio/

शुक्र का तुला राशि में गोचर

कल शनिवार एक सितम्बर को 23:27 के लगभग समस्त सांसारिक सुख, समृद्धि, विवाह, परिवार सुख, कला, शिल्प, सौन्दर्य, बौद्धिकता, राजनीति तथा समाज में मान प्रतिष्ठा में वृद्धि आदि का कारक शुक्र मित्र ग्रह बुध की कन्या राशि से निकल कर अपनी स्वयं की राशि तुला में प्रविष्ट हो जाएगा | शुक्र के तुला राशि में प्रवेश के समय भाद्रपद कृष्ण सप्तमी तिथि, विष्टि करण और व्याघात योग होगा तथा शुक्र इस समय चित्रा नक्षत्र में रहेगा | तुला शुक्र की मूल त्रिकोण राशि भी है | यहाँ दीर्घ समय तक निवास करने के पश्चात पहली जनवरी को वृश्चिक राशि में प्रस्थान कर जाएगा | यहाँ वक्री होते हुए शुक्र का भ्रमण चित्रा और स्वाति नक्षत्रों में होता रहेगा | 6 अक्टूबर से 15 नवम्बर तक शुक्र वक्री रहेगा | साथ में 21 अक्टूबर से 30 अक्टूबर तक अस्त भी रहेगा | आइये जानने का प्रयास करते हैं कि प्रत्येक राशि के लिए शुक्र के कन्या राशि में गोचर के सम्भावित परिणाम क्या रह सकते हैं…

मेष : शुक्र आपका द्वितीयेश और सप्तमेश होकर आपके सप्तम भाव में गोचर करने जा रहा है | आपके उत्साह और मनोबल में वृद्धि के साथ ही आपकी वाणी भी इस अवधि में प्रभावशाली रहेगी | साथ ही यदि आप कलाकार हैं या सौन्दर्य से सम्बन्धित किसी कार्य जैसे ब्यूटी पार्लर आदि का कार्य है तो आपके लिए यह गोचर विशेष रूप से भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आय के नवीन स्रोत आपके तथा आपके जीवन साथी के समक्ष उपस्थित हो सकते हैं | यदि किसी के साथ Romantic Relationship में हैं तो वह सम्बन्ध भी विवाह में परिणत हो सकता है | विवाहित हैं तो दाम्पत्य जीवन में मधुरता और अन्तारंगता के संकेत हैं | सुख सुविधाओं के साधनों में वृद्धि के योग हैं |

वृषभ : आपका राश्यधिपति तथा षष्ठेश होकर शुक्र आपके छठे भाव में गोचर कर रहा है | एक ओर आपके लिए उत्साह में वृद्धि के योग प्रतीत होते हैं तो वहीं दूसरी ओर आपके लिए यह गोचर चुनौतियों से भरा हुआ भी हो सकता है | उन मित्रों को पहचानकर उनसे दूर होने की आवश्यकता है जो आपसे प्रेम दिखाते हैं लेकिन मन में ईर्ष्या का भाव रखते हैं | पार्टनरशिप में कोई व्यवसाय है तो उसमें व्यवधान उत्पन्न हो सकता है | प्रेम सम्बन्धों और वैवाहिक जीवन में किसी प्रकार की दरार के संकेत हैं | किन्तु यदि आप कलाकार अथवा वक्ता हैं तो आपके कार्य की दृष्टि से अनुकूल समय प्रतीत होता है | किसी कोर्ट केस का निर्णय आपके पक्ष में आ सकता है |

मिथुन : आपका पंचमेश और द्वादशेश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से पंचम भाव में हो रहा है | सन्तान के साथ यदि कुछ समय से किसी प्रकार की अनबन चल रही है तो उसके दूर होने की सम्भावना इस अवधि में की जा सकती है | मान सम्मान में वृद्धि के संकेत हैं | नौकरी के लिए इन्टरव्यू दिया है तो उसमें भी सफलता की सम्भावना है | सन्तान के लिए भी यह गोचर समय अनुकूल प्रतीत होता है | आपके व्यक्तित्व में सकारात्मक परिवर्तन होने की सम्भावना है | आप अथवा आपकी सन्तान उच्च शिक्षा, नौकरी अथवा कला के प्रदर्शन के लिए विदेश यात्रा भी कर सकते हैं |

कर्क : आपका चतुर्थेश और एकादशेश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से चतुर्थ  भाव में हो रहा है | उत्साह में वृद्धि का समय प्रतीत होता है | आप कोई नया वाहन अथवा घर खरीदने की योजना बना सकते हैं | कार्य में उन्नति तथा आय में वृद्धि के संकेत हैं | किसी महिला मित्र के माध्यम से कोई नया कार्य भी आपको प्राप्त हो सकता है और इस कार्य में आप बहुत समय तक व्यस्त रहते हुए धनलाभ भी कर सकते हैं | परिवार में आनन्द का वातावरण रहेगा | किसी कन्या का विवाह भी इस अवधि में सम्भव है | नौकरी में पदोन्नति की सम्भावना है | मान सम्मान और पुरूस्कार आदि का लाभ भी हो सकता है | सुख सुविधाओं के साधनों में वृद्धि के संकेत हैं |

सिंह : आपका तृतीयेश और दशमेश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से तीसरे भाव में हो रहा है | एक ओर जहाँ आपके छोटे भाई बहनों के लिए कार्य की दृष्टि से समय अनुकूल प्रतीत होता है वहीं दूसरी ओर उनके साथ आपका किसी बात पर मन मुटाव भी सम्भव है | यदि कोई छोटी बहन है तो उसका स्वास्थ्य भी चिन्ता का विषय हो सकता है | आपका कार्य कहीं विदेश से सम्बन्ध रखता है अथवा आप किसी प्रकार की Alternative Therapy से सम्बन्ध रखते हैं या दस्तकार हैं तो आपके लिए यह गोचर भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है |

कन्या : आपका द्वितीयेश और भाग्येश होकर शुक्र आपकी राशि से दूसरे भाव में गोचर कर रहा है | आर्थिक रूप से स्थिति में दृढ़ता आने के साथ ही आपके लिए कार्य से सम्बन्धित लम्बी विदेश यात्राओं के योग भी प्रतीत होते हैं | नवीन प्रोजेक्ट्स इस अवधि में प्राप्त होते रह सकते हैं जिनके कारण आप बहुत समय तक व्यस्त रहकर अर्थ लाभ भी कर सकते हैं | आपकी वाणी तथा व्यक्तित्व का प्रभाव दूसरों पर पड़ेगा और जिसके कारण आपकी प्रशंसा भी होगी तथा आपको किसी प्रकार का पुरूस्कार आदि भी प्राप्त हो सकता है | धार्मिक तथा आध्यात्मिक गतिविधियों में आपकी रूचि में वृद्धि हो सकती है | आप सपरिवार कहीं घूमने जाने की योजना भी बना सकते हैं |

तुला : लग्नेश और अष्टमेश होकर शुक्र आपकी लग्न में ही गोचर कर रहा है | स्वास्थ्य की दृष्टि से यह गोचर अनुकूल नहीं प्रतीत होता | कुछ गुप्त विरोधी भी मुखर हो सकते हैं | आवश्यकता है उन्हें पहचान कर उनसे दूरी बनाकर चलने की | यों आपके उत्साह में वृद्धि का भी समय प्रतीत होता है | आप इस अवधि में अपने शारीरिक सौन्दर्य को निखारने में अधिक व्यस्त रहेंगे | Romantically यदि कहीं Involve हैं तो उस सम्बन्ध में अन्तरंगता के संकेत प्रतीत होते हैं | विवाहित हैं तो दाम्पत्य जीवन में भी माधुर्य तथा अन्तरंगता बने रहने के संकेत हैं |

वृश्चिक : आपके लिए आपका सप्तमेश और द्वादशेश होकर शुक्र का गोचर आपके बारहवें भाव में ही हो रहा है | आप अपने जीवन साथी के साथ विदेश यात्राएँ कर सकते हैं | यदि स्वयं का व्यवसाय पार्टनरशिप में है तो अपने बिजनेस पार्टनर के साथ कार्य के सिलसिले में भी बाहर की यात्राएँ करनी पड़ सकती हैं | इन यात्राओं से एक ओर आपके कार्य में प्रगति की सम्भावना है वहीं दूसरी ओर इन यात्राओं में पैसा भी अधिक खर्च हो सकता है | साथ ही इन यात्राओं के कारण अपने तथा अपने जीवन साथी के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखने की आवश्यकता है | वाहन आदि चलाते समय भी सावधान रहने की आवश्यकता है | महिलाओं को अधिक रक्तस्राव की समस्या हो सकती है अतः अपनी Gynaecologist से नियमित चेकअप अवश्य कराती रहें |

धनु : आपका षष्ठेश और एकादशेश आपकी राशि से लाभ स्थान में गोचर कर रहा है | उत्साह तथा कार्य में वृद्धि के साथ ही धनलाभ के भी संकेत हैं | यदि आपका कोई कोर्ट केस चल रहा है तो उसके अनुकूल दिशा में प्रगति की सम्भावना है | यदि आप किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं तो उसमें भी आपको सफलता प्राप्त हो सकती है | किन्तु साथ ही विरोधियों की ओर से भी सावधान रहने की आवश्यकता है | किसी बात पर भाई बहनों अथवा बॉस के साथ कोई विवाद भी उत्पन्न हो सकता है | अपने आचरण से थोड़ा Diplomatic होने की आवश्यकता है | स्वास्थ्य की दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है |

मकर : आपका योगकारक आपकी राशि से दशम भाव में गोचर कर रहा है | आपके कार्य में हर प्रकार से लाभ के संकेत हैं | नौकरी में हैं तो पदोन्नति के साथ स्थानान्तरण के भी संकेत हैं | आपका अपना व्यवसाय है तो उसमें भी प्रगति की सम्भावना है | कलाकारों को किसी प्रकार का पुरूस्कार आदि भी प्राप्त हो सकता है | सहकर्मियों का सहयोग आपको प्राप्त रहेगा जिसके कारण आपके कार्य समय पर पूर्ण होते रहेंगे | आपकी सन्तान के लिए भी यह गोचर भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | सामाजिक गतिविधियों में वृद्धि के साथ ही मान प्रतिष्ठा में वृद्धि के भी संकेत हैं |

कुम्भ : आपका योगकारक शुक्र आपकी राशि से नवम भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्धक प्रतीत होता है | एक ओर परिवार में सौहार्द का वातावरण बना रहेगा वहीं दूसरी ओर आपके कार्य में भी प्रगति की सम्भावना की जा सकती है | आप इस अवधि में नया घर अथवा वाहन भी खरीद सकते हैं | अथवा जिस घर में आप रहते हैं उसे ही Renovate और Decorate करा सकते हैं | परिवार में माँगलिक कार्यों की भी सम्भावना है | कार्य से सम्बन्धित लम्बी विदेश यात्राओं के भी योग बन रहे हैं | इन यात्राओं में आपको सफलता प्राप्त हो सकती है | साथ ही धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में आपकी रूचि बढ़ सकती है |

मीन : आपके लिए तृतीयेश और अष्टमेश होकर शुक्र का गोचर आपके अष्टम भाव में ही हो रहा है | छोटे भाई बहनों के कारण जीवन साथी के साथ किसी प्रकार का विवाद सम्भव है | अन्य किसी प्रकार से भी गुप्त विरोधियों की ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है | आप स्वयं भी इस दौरान ऐसा कोई कार्य न करें जिसके कारण आपकी मान प्रतिष्ठा को किसी प्रकार की हानि होने की सम्भावना हो | कार्यक्षेत्र में आपको कठिन परिश्रम करना पड़ सकता है | यदि आप महिला हैं तो आपको विशेष रूप से स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहने की आवश्यकता है | साथ ही छोटे भाई बहनों के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखने की आवश्यकता है |

किन्तु ध्यान रहे, ये समस्त फल सामान्य हैं | व्यक्ति विशेष की कुण्डली का व्यापक अध्ययन करके ही किसी निश्चित परिणाम पर पहुँचा जा सकता है | अतः कुण्डली का विविध सूत्रों के आधार पर व्यापक अध्ययन कराने के लिए किसी Astrologer के पास ही जाना उचित रहेगा |

अन्त में, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं – यह एक ऐसी खगोलीय घटना है जिसका प्रभाव मानव सहित समस्त प्रकृति पर पड़ता है | वास्तव में सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

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