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सूर्य का वृषभ में गोचर

सूर्य का वृषभ में गोचर 

कल, यानी बुधवार 15 मई 2019 को प्रातः ग्यारह बजकर एक मिनट के लगभग आत्मा के कारक भगवान भास्कर ने अपने मित्र मंगल की राशि मेष से निकल कर अपने शत्रु ग्रह शुक्र की राशि वृषभ में प्रस्थान करेंगे | यद्यपि कल सूर्योदय के समय वैशाख शुक्ल एकादशी है, किन्तु सूर्य के वृषभ राशि में प्रस्थान के समय द्वादशी तिथि, बव करण तथा वज्र योग होगा तथा सूर्यदेव कृत्तिका नक्षत्र पर होंगे | वृषभ राशि सूर्य की अपनी सिंह राशि से दशम भाव है तथा सूर्य की उच्च राशि मेष से द्वितीय भाव है | अपनी इस यात्रा के दौरान भगवान भास्कर 25 मई को रोहिणी नक्षत्र में तथा आठ जून को मृगशिरा नक्षत्रों पर संचार करते हुए शनिवार 15 जून को सायं 5:39 के लगभग मिथुन राशि में प्रस्थान कर जाएँगे | सूर्यदेव की इस यात्रा के दौरान निरन्तर गुरुदेव की दृष्टि इन पर रहेगी जिसके कारण सम सप्तक राजयोग भी बन रहा है | देवगुरु बृहस्पति और आत्मा का कारक सूर्य जब परस्पर सप्तम भाव में हों तो यह योग बनता है जो अत्यन्त शुभ माना जाता है |

साथ ही 18 मई को रात्रि ग्यारह बजकर पैंतीस मिनट के लगभग बुध का प्रस्थान वृषभ में हो जाएगा जो दो जून तक वहीं विचरण करेगा | उसके बाद चार जून को प्रातः ग्यारह बजकर इक्कीस मिनट के लगभग शुक्र वृषभ राशि में प्रस्थान कर जाएगा | वृषभ राशि सूर्य की अपनी राशि सिंह से दशम भाव तथा सूर्य की उच्च राशि मेष से दूसरा भाव है | इन्हीं समस्त तथ्यों के आधार पर जानने का प्रयास करते हैं कि समस्त राशियों के जातको पर वृषभ राशि में सूर्य के संक्रमण के क्या सम्भावित परिणाम हो सकते हैं…

किन्तु ध्यान रहे, उपरोक्त परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु किसी योग्य और अनुभवी Astrologer के द्वारा उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है |

मेष : आपका पंचमेश आपकी राशि से द्वितीय भाव में प्रवेश करेगा | आपके लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आर्थिक स्तर में दृढ़ता आने के संकेत हैं | कार्य में उन्नति तथा धन सम्पत्ति में वृद्धि के योग हैं | पिता अथवा / तथा सन्तान का सहयोग प्राप्त रहेगा | साथ ही आपकी सन्तान की ओर से भी आपको शुभ समाचार प्राप्त हो सकते हैं | आपकी वाणी प्रभावशाली बनी रहेगी जिसका लाभ आपको अपने कार्य में अवश्य प्राप्त होगा | अविवाहित हैं तो अनुकूल जीवन साथी की खोज भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है | सम्बन्धों में माधुर्य बनाए रखने के लिए आपको अपनी वाणी और Temperament पर नियन्त्रण रखने की आवश्यकता है |

वृषभ : आपकी तो राशि में ही आपके चतुर्थेश का गोचर हो रहा है | यदि आप अपने लिए नई प्रॉपर्टी खरीदना चाहते हैं तो आपका वह सपना पूर्ण हो सकता है | किन्तु इस कार्य के लिए कहीं से भी लोन लेना उचित नहीं होगा | आत्मविश्वास में वृद्धि के संकेत हैं | परिवार में आनन्द का वातावरण बना रहा सकता है | कार्य की दृष्टि से भी समय अनुकूल ही प्रतीत होता है | किन्तु माइग्रेन, ज्वर, पित्त आदि से सम्बन्धित समस्याएँ हो सकती हैं, अतः गर्मी से बचने का प्रयास करें और अधिक मात्रा में पेय पदार्थों का सेवन करें | अधिक मिर्च मसाले वाले भोजन से परहेज़ करें |

मिथुन : आपका तृतीयेश आपके द्वादश भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए समय उतना अधिक उत्साहवर्द्धक नहीं प्रतीत होता | एक ओर जहाँ यात्राओं में वृद्धि के संकेत हैं वहीं दूसरी ओर यह आवश्यक नहीं कि यात्राओं से आपको लाभ हो ही जाए | साथ ही यात्राओं पर पैसा भी अधिक खर्च हो सकता है | यात्राओं के दौरान अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान रखने की आवश्यकता है – विशेष रूप से आँखों के इन्फेक्शन के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता है | आपके छोटे भाई बहनों के लिए कार्य की दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है तथा उनके साथ आपके सम्बन्धों में भी माधुर्य बना रहने की सम्भावना है |

कर्क : आपका द्वितीयेश आपके लाभ स्थान में गोचर कर रहा है, वास्तव में आपके कार्य तथा आर्थिक दृष्टि से बहुत अच्छे संकेत प्रतीत होते हैं | नवीन प्रोजेक्ट्स आपको प्राप्त हो सकते हैं जो लम्बे समय तक आपको व्यस्त रखते हुए धनलाभ कराने में सक्षम होंगे | साथ ही नौकरी में प्रमोशन, मान सम्मान में वृद्धि तथा व्यवसाय में उन्नति के भी संकेत हैं | वर्तमान कार्य के साथ ही कोई अन्य प्रकार का नया कार्य भी आप इस अवधि में आरम्भ कर सकते हैं | परिवार, मित्रों, बड़े भाई, पिता तथा अधिकारियों का सहयोग भी प्राप्त रहेगा | आपकी सन्तान के लिए भी अनुकूल समय प्रतीत होता है |

सिंह : आपका राश्यधिपति आपके कर्म स्थान में गोचर कर रहा है | निश्चित रूप से कार्य की दृष्टि से समय अत्यन्त उत्साहवर्द्धक प्रतीत होता है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति, अपना स्वयं का व्यवसाय है तो उसमें भी उन्नति तथा नए क्लायिन्ट्स बनने की सम्भावना है | आत्मविश्वास में वृद्धि का समय है | आपके कार्य की प्रशंसा होगी तथा धनलाभ भी होने की सम्भावना है | कार्यक्षेत्र में आपके उत्तम प्रदर्शन के लिए आपको किसी पुरूस्कार आदि का लाभ भी हो सकता है | माता पिता तथा परिवार के अन्य लोगों के साथ साथ सहकर्मियों का भी सहयोग प्राप्त होता रहेगा |

कन्या : आपका द्वादशेश आपके भाग्य स्थान में गोचर कर रहा है | निश्चित रूप से भाग्योन्नति का समय प्रतीत होता है | सुख समृद्धि में वृद्धि के संकेत हैं | जिन जातकों का कार्य विदेश से किसी प्रकार सम्बद्ध है उनके लिए विशेष रूप से भाग्यवर्द्धक समय प्रतीत होता है | विदेश यात्राओं में वृद्धि के भी संकेत हैं | अतः आलस्य का त्याग करके अवसर का लाभ उठाने की आवश्यकता है | यदि स्वास्थ्य सम्बन्धी कोई समस्या चल रही है तो उससे भी मुक्ति इस अवधि में सम्भव है | साथ ही आप सपरिवार किसी तीर्थ स्थान की यात्रा के लिए भी जा सकते हैं |

तुला : आपका एकादशेश अष्टम भाव में गोचर कर रहा है | आर्थिक दृष्टि से तो समय अनुकूल है किन्तु स्वास्थ्य की दृष्टि से समय उतना अनुकूल नहीं प्रतीत होता | गुप्त शत्रुओं के प्रति भी सावधान रहने की आवश्यकता है | अपने बॉस से किसी प्रकार का पंगा लेना इस अवधि में उचित नहीं रहेगा | स्वास्थ्य समस्याओं तथा विरोधियों के कारण आप अपने मनोबल में भी कमी का अनुभव कर सकते हैं | किन्तु कार्यस्थल पर आपको अपने सहकर्मियों का सहयोग प्राप्त रहेगा जिसके कारण आप अपने कार्य समय पर पूर्ण करने में सक्षम हो सकते हैं |

वृश्चिक : आपकी राशि से दशमेश आपके सप्तम भाव में गोचर कर रहा है | आपके तथा आपके जीवन साथी के लिए कार्य की दृष्टि से समय विशेष रूप से अनुकूल प्रतीत होता है | कार्य में उन्नति के संकेत हैं | आर्थिक स्थिति में दृढ़ता के संकेत हैं | किसी घनिष्ठ मित्र के माध्यम से आपके कार्य में लाभ की सम्भावना है | किसी पैतृक सम्पत्ति के लाभ की भी सम्भावना है | आपकी सन्तान के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है तथा उसकी ओर से कोई शुभ समाचार आपको प्राप्त हो सकता है | जो लोग पॉलिटिक्स से जुड़े हैं उनके लिए भी समय उत्साहवर्द्धक प्रतीत होता है | अविवाहित हैं तो जीवन साथी की खोज भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है |

धनु : आपका भाग्येश छठे भाव में गोचर कर रहा है | एक ओर विदेश यात्राओं के योग हैं तो वहीं दूसरी ओर कार्य की दृष्टि से भी समय भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | सम्भव है आपको अपने कार्य में किसी प्रकार के व्यवधान का अनुभव हो, किन्तु आप अपने बुद्धिबल से उस व्यवधान को दूर कर सकते हैं | आप इस समय अपने प्रतियोगियों को परास्त करने में सक्षम हैं इसलिए अवसर का लाभ उठाकर अपने लक्ष्य के प्रति अग्रसर होना ही उचित रहेगा | स्वास्थ्य की दृष्टि से भी समय अनुकूल प्रतीत होता है | किसी पुरानी बीमारी के भी इस अवधि में ठीक हो जाने की सम्भावना है |

मकर : आपका अष्टमेश आपके पञ्चम भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए सूर्य का यह गोचर मिश्रित फल देने वाला प्रतीत होता है | व्यावसायिक रूप से आपके कार्य में तथा मान सम्मान में वृद्धि के संकेत हैं | पॉलिटिक्स से सम्बद्ध लोगों के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आपकी सन्तान के लिए विशेष रूप से यह गोचर भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आपकी सन्तान उच्च शिक्षा के लिए विदेश भी जा सकती है और यदि नौकरी की तलाश में है तो वह भी पूर्ण हो सकती है | किन्तु सन्तान के स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता होगी | साथ ही सन्तान के साथ बहस सम्बन्धों के लिए हानिकारक भी हो सकती है |

कुम्भ : आपकी राशि से सप्तमेश का आपके चतुर्थ भाव में गोचर है | आप अथवा आपका जीवन साथी यदि नया वाहन अथवा घर खरीदना चाहते हैं तो इस अवधि में आपका वह सपना सत्य हो सकता है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति के संकेत भी हैं | पॉलिटिक्स में हैं तो आपको कोई पद भी प्राप्त हो सकता है | मान सम्मान में वृद्धि के संकेत हैं | यदि किसी प्रतियोगी परीक्षा के परिणाम की प्रतीक्षा है तो वह आपके पक्ष में आ सकता है | परिवार में किसी बच्चे का जन्म भी हो सकता है |

मीन : आपके षष्ठेश आपके तृतीय भाव में गोचर आपके लिए अनुकूल प्रतीत होता है | छोटे भाई बहनों के साथ सम्बन्धों में सुधार की सम्भावना है | पराक्रम में वृद्धि के संकेत हैं | आप अपने विरोधियों को परास्त करने में समर्थ हो सकते हैं | किसी कोर्ट केस का परिणाम भी आपके पक्ष में आ सकता है | आपके भाई बहनों के लिए भी यह गोचर भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | साथ ही यदि आप हाथ के कारीगर हैं अथवा Engineer, Architect, Doctor हैं अथवा मीडिया से सम्बन्ध रखते हैं तो आपके लिए यह गोचर विशेष रूप से अनुकूल प्रतीत होता है |

अन्त में, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं | सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2019/05/14/sun-transit-in-taurus/

 

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सूर्य का वृषभ में गोचर

आज, यानी मंगलवार 15 मई 2018 को सूर्योदय से कुछ पूर्व लगभग पाँच बजकर चार मिनट पर भगवान् भास्कर ने अपने मित्र मंगल की राशि मेष से निकल कर अपने शत्रु ग्रह शुक्र की राशि वृषभ में प्रस्थान किया है | वृषभ राशि सूर्य की अपनी सिंह राशि से दशम भाव है तथा सूर्य की उच्च राशि मेष से द्वितीय भाव है | यहाँ वे शुक्रवार 15 जून को प्रातः लगभग ग्यारह बजकर सैंतीस मिनट तक भ्रमण करने के पश्चात मिथुन राशि में प्रस्थान कर जाएँगे | सूर्य आत्मा का कारक ग्रह है | इसका तत्व है अग्नि, वर्ण क्षत्रिय, लाल रंग का प्रतीक, पूर्व दिशा का स्वामी तथा स्वाभाविक दाहकत्व लिए हुए एक क्रूर ग्रह माना जाता है | चन्द्र, मंगल और गुरु सूर्य के मित्र ग्रह, शुक्र, शनि, राहु और केतु शत्रु ग्रह तथा बुध को सूर्य का सम ग्रह माना जाता है |

अपनी इस यात्रा के दौरान भगवान भास्कर 25 मई तक कृत्तिका नक्षत्र में, उसके बाद आठ जून तक रोहिणी में और अन्त में मृगशिरा नक्षत्रों में संचार करते रहेंगे | इनमें से कृत्तिका का स्वामी स्वयं सूर्य है तथा यह अधोमुखी कफ प्रकृति का सदा क्रियाशील रहने वाला स्त्री नक्षत्र है | रोहिणी का स्वामी सूर्य का मित्र चन्द्र है और यह सन्तुलन बनाकर चलने वाला कफ प्रकृति का ऊर्ध्वमुखी नक्षत्र है | मृगशिरा नक्षत्र का स्वामी मंगल भी सूर्य का मित्र ग्रह है तथा यह समानान्तर चलने वाला पित्त प्रकृति का धैर्यवान नक्षत्र है | अर्थात हम कह सकते हैं कि इस अवधि में जन साधारण में मौसम से सम्बन्धित कफ और पित्त प्रकृति की अधिकता रह सकती है | अतः इन तत्वों से सम्बन्धित रोगों से बचने के लिए अपने खान पान पर नियन्त्रण तथा जीवन शैली में परिवर्तन की आवश्यकता तो होगी ही | अधिकाँश लोग धैर्यपूर्वक कर्मशील तथा सन्तुलित भाव से अपना कर्म करते हुए आगे बढ़ते रहेंगे | इन्हीं समस्त तथ्यों को आधार बनाकर वृषभ राशि में सूर्य के संक्रमण के जनसाधारण पर होने वाले सम्भावित प्रभावों पर दृष्टिपात करने का प्रयास किया गया है…

मेष : आपका पंचमेश आपकी राशि से द्वितीय भाव में प्रवेश करेगा | आपके लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आर्थिक स्तर में दृढ़ता आने के संकेत हैं | कार्य में उन्नति तथा धन सम्पत्ति में वृद्द्धि के योग हैं | पिता का सहयोग प्राप्त रहेगा | साथ ही आपकी सन्तान की ओर से भी आपको शुभ समाचार प्राप्त हो सकते हैं | किन्तु कार्याधिक्य के कारण परिवार की उपेक्षा उचित नहीं होगी |

वृषभ : आपकी तो राशि में ही आपके चतुर्थेश का गोचर हो रहा है | यदि आप अपने लिए नई प्रॉपर्टी खरीदना चाहते हैं तो आपका वह सपना पूर्ण हो सकता है | किन्तु इस कार्य के लिए कहीं से भी लोन लेना उचित नहीं होगा | आत्मविश्वास में वृद्धि के संकेत हैं | कार्य की दृष्टि से भी समय अनुकूल ही प्रतीत होता है | किन्तु माइग्रेन, ज्वर, पित्त आदि से सम्बन्धित समस्याएँ हो सकती हैं, अतः गर्मी से बचने का प्रयास करें और अधिक मात्रा में पेय पदार्थों का सेवन करें | अधिक मिर्च मसाले वाले भोजन से परहेज़ करें |

मिथुन : आपके लिए समय उतना अधिक उत्साहवर्द्धक नहीं प्रतीत होता | एक ओर जहाँ यात्राओं में वृद्धि के संकेत हैं वहीं दूसरी ओर यह आवश्यक नहीं कि यात्राओं से आपको लाभ हो ही जाए | साथ ही यात्राओं पर पैसा भी अधिक खर्च हो सकता है | यात्राओं के दौरान अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान रखने की आवश्यकता है – विशेष रूप से आँखों के इन्फेक्शन के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता है |

कर्क : आपका द्वितीयेश आपके लाभ स्थान में गोचर कर रहा है, वास्तव में आपके कार्य तथा आर्थिक दृष्टि से बहुत अच्छे संकेत प्रतीत होते हैं | नवीन प्रोजेक्ट्स आपको प्राप्त हो सकते हैं जो लम्बे समय तक आपको व्यस्त रखते हुए धनलाभ कराने में सक्षम होंगे | साथ ही नौकरी में प्रमोशन, मान सम्मान में वृद्धि तथा व्यवसाय में उन्नति के भी संकेत हैं | कोई नया कार्य भी आप इस अवधि में आरम्भ कर सकते हैं | परिवार, मित्रों, बड़े भाई, पिता तथा अधिकारियों का सहयोग भी प्राप्त रहेगा | आपकी सन्तान के लिए भी अनुकूल समय प्रतीत होता है |

सिंह : आपका राश्यधिपति आपके कर्म स्थान में गोचर कर रहा है | निश्चित रूप से कार्य की दृष्टि से समय अत्यन्त उत्साहवर्द्धक प्रतीत होता है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति, अपना स्वयं का व्यवसाय है तो उसमें भी उन्नति तथा नए क्लायिन्ट्स बनने की सम्भावना है | आत्मविश्वास में वृद्धि का समय है | आपके कार्य की प्रशंसा होगी तथा धनलाभ भी होने की सम्भावना है | माता पिता तथा परिवार के अन्य लोगों के साथ साथ सहकर्मियों का भी सहयोग प्राप्त होता रहेगा |

कन्या : आपका द्वादशेश आपके भाग्य स्थान में गोचर कर रहा है | निश्चित रूप से भाग्योन्नति का समय प्रतीत होता है | सुख समृद्धि में वृद्धि के संकेत हैं | जिन जातकों का कार्य विदेश से किसी प्रकार सम्बद्ध है उनके लिए विशेष रूप से भाग्यवर्द्धक समय प्रतीत होता है | विदेश यात्राओं में वृद्धि के भी संकेत हैं | अतः अवसर का लाभ उठाने की आवश्यकता है | यदि स्वास्थ्य सम्बन्धी कोई समस्या चल रही है तो उससे भी मुक्ति इस अवधि में सम्भव है |

तुला : आपका एकादशेश अष्टम भाव में गोचर कर रहा है | आर्थिक दृष्टि से तो समय अनुकूल है किन्तु स्वास्थ्य की दृष्टि से समय उतना अनुकूल नहीं प्रतीत होता | गुप्त शत्रुओं के प्रति भी सावधान रहने की आवश्यकता है | अपने बॉस से किसी प्रकार का पंगा लेना इस अवधि में उचित नहीं रहेगा | स्वास्थ्य समस्याओं तथा विरोधियों के कारण आप अपने मनोबल में भी कमी का अनुभव कर सकते हैं |

वृश्चिक : आपकी राशि से दशमेश आपके सप्तम भाव में गोचर कर रहा है | आपके तथा आपके जीवन साथी के लिए कार्य की दृष्टि से समय अनुकूल प्रतीत होता है | कार्य में उन्नति के संकेत हैं | जो लोग पॉलिटिक्स से जुड़े हैं उनके लिए भी समय उत्साहवर्द्धक प्रतीत होता है | किन्तु दाम्पत्य जीवन तथा प्रेम सम्बन्धों के लिए समय अनुकूल नहीं प्रतीत होता | आपके जीवन साथी अथवा प्रेमी / प्रेमिका के उग्र स्वभाव के कारण समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है | अपने व्यवहार को सन्तुलित रखने के लिए प्राणायाम और ध्यान का सहारा लीजिये |

धनु : आपका भाग्येश छठे भाव में गोचर कर रहा है | एक ओर विदेश यात्राओं के योग हैं तो वहीं दूसरी ओर कार्य की दृष्टि से समय भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आप इस समय अपने प्रतियोगियों को परास्त करने में सक्षम हैं इसलिए अवसर का लाभ उठाकर अपने लक्ष्य के प्रति अग्रसर होना ही उचित रहेगा | स्वास्थ्य की दृष्टि से भी समय अनुकूल प्रतीत होता है | किसी पुरानी बीमारी के भी इस अवधि में ठीक हो जाने की सम्भावना है |

मकर : आपके लिए सूर्य का यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | व्यावसायिक रूप से आपके कार्य में तथा मान सम्मान में वृद्धि के संकेत हैं | पॉलिटिक्स से सम्बद्ध लोगों के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आपकी सन्तान के लिए विशेष रूप से यह गोचर भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आपकी सन्तान उच्च शिक्षा के लिए विदेश भी जा सकती है और यदि नौकरी की तलाश में है तो वह भी पूर्ण हो सकती है |

कुम्भ : सप्तमेश का चतुर्थ भाव में गोचर है | आप अथवा आपका जीवन साथी यदि नया वाहन अथवा घर खरीदना चाहते हैं तो इस अवधि में आपका वह सपना सत्य हो सकता है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति के संकेत भी हैं | पॉलिटिक्स में हैं तो आपको कोई पद भी प्राप्त हो सकता है | मान सम्मान में वृद्धि के संकेत हैं | यदि किसी प्रतियोगी परीक्षा के परिणाम की प्रतीक्षा है तो वह आपके पक्ष में आ सकता है | परिवार में किसी बच्चे का जन्म भी हो सकता है |

मीन : षष्ठेश का तृतीय भाव में गोचर आपके लिए भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | छोटे भाई बहनों के साथ सम्बन्धों में सुधार की सम्भावना है | पराक्रम में वृद्धि के संकेत हैं | आप अपने विरोधियों को परास्त करने में समर्थ हो सकते हैं | किसी कोर्ट केस का परिणाम भी आपके पक्ष में आ सकता है | आपके भाई बहनों के लिए भी यह गोचर भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है |

अन्त में, उपरोक्त परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है |

साथ ही, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं | सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

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