सूर्य का वृषभ में गोचर

सूर्य का वृषभ में गोचर 

कल, यानी बुधवार 15 मई 2019 को प्रातः ग्यारह बजकर एक मिनट के लगभग आत्मा के कारक भगवान भास्कर ने अपने मित्र मंगल की राशि मेष से निकल कर अपने शत्रु ग्रह शुक्र की राशि वृषभ में प्रस्थान करेंगे | यद्यपि कल सूर्योदय के समय वैशाख शुक्ल एकादशी है, किन्तु सूर्य के वृषभ राशि में प्रस्थान के समय द्वादशी तिथि, बव करण तथा वज्र योग होगा तथा सूर्यदेव कृत्तिका नक्षत्र पर होंगे | वृषभ राशि सूर्य की अपनी सिंह राशि से दशम भाव है तथा सूर्य की उच्च राशि मेष से द्वितीय भाव है | अपनी इस यात्रा के दौरान भगवान भास्कर 25 मई को रोहिणी नक्षत्र में तथा आठ जून को मृगशिरा नक्षत्रों पर संचार करते हुए शनिवार 15 जून को सायं 5:39 के लगभग मिथुन राशि में प्रस्थान कर जाएँगे | सूर्यदेव की इस यात्रा के दौरान निरन्तर गुरुदेव की दृष्टि इन पर रहेगी जिसके कारण सम सप्तक राजयोग भी बन रहा है | देवगुरु बृहस्पति और आत्मा का कारक सूर्य जब परस्पर सप्तम भाव में हों तो यह योग बनता है जो अत्यन्त शुभ माना जाता है |

साथ ही 18 मई को रात्रि ग्यारह बजकर पैंतीस मिनट के लगभग बुध का प्रस्थान वृषभ में हो जाएगा जो दो जून तक वहीं विचरण करेगा | उसके बाद चार जून को प्रातः ग्यारह बजकर इक्कीस मिनट के लगभग शुक्र वृषभ राशि में प्रस्थान कर जाएगा | वृषभ राशि सूर्य की अपनी राशि सिंह से दशम भाव तथा सूर्य की उच्च राशि मेष से दूसरा भाव है | इन्हीं समस्त तथ्यों के आधार पर जानने का प्रयास करते हैं कि समस्त राशियों के जातको पर वृषभ राशि में सूर्य के संक्रमण के क्या सम्भावित परिणाम हो सकते हैं…

किन्तु ध्यान रहे, उपरोक्त परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु किसी योग्य और अनुभवी Astrologer के द्वारा उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है |

मेष : आपका पंचमेश आपकी राशि से द्वितीय भाव में प्रवेश करेगा | आपके लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आर्थिक स्तर में दृढ़ता आने के संकेत हैं | कार्य में उन्नति तथा धन सम्पत्ति में वृद्धि के योग हैं | पिता अथवा / तथा सन्तान का सहयोग प्राप्त रहेगा | साथ ही आपकी सन्तान की ओर से भी आपको शुभ समाचार प्राप्त हो सकते हैं | आपकी वाणी प्रभावशाली बनी रहेगी जिसका लाभ आपको अपने कार्य में अवश्य प्राप्त होगा | अविवाहित हैं तो अनुकूल जीवन साथी की खोज भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है | सम्बन्धों में माधुर्य बनाए रखने के लिए आपको अपनी वाणी और Temperament पर नियन्त्रण रखने की आवश्यकता है |

वृषभ : आपकी तो राशि में ही आपके चतुर्थेश का गोचर हो रहा है | यदि आप अपने लिए नई प्रॉपर्टी खरीदना चाहते हैं तो आपका वह सपना पूर्ण हो सकता है | किन्तु इस कार्य के लिए कहीं से भी लोन लेना उचित नहीं होगा | आत्मविश्वास में वृद्धि के संकेत हैं | परिवार में आनन्द का वातावरण बना रहा सकता है | कार्य की दृष्टि से भी समय अनुकूल ही प्रतीत होता है | किन्तु माइग्रेन, ज्वर, पित्त आदि से सम्बन्धित समस्याएँ हो सकती हैं, अतः गर्मी से बचने का प्रयास करें और अधिक मात्रा में पेय पदार्थों का सेवन करें | अधिक मिर्च मसाले वाले भोजन से परहेज़ करें |

मिथुन : आपका तृतीयेश आपके द्वादश भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए समय उतना अधिक उत्साहवर्द्धक नहीं प्रतीत होता | एक ओर जहाँ यात्राओं में वृद्धि के संकेत हैं वहीं दूसरी ओर यह आवश्यक नहीं कि यात्राओं से आपको लाभ हो ही जाए | साथ ही यात्राओं पर पैसा भी अधिक खर्च हो सकता है | यात्राओं के दौरान अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान रखने की आवश्यकता है – विशेष रूप से आँखों के इन्फेक्शन के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता है | आपके छोटे भाई बहनों के लिए कार्य की दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है तथा उनके साथ आपके सम्बन्धों में भी माधुर्य बना रहने की सम्भावना है |

कर्क : आपका द्वितीयेश आपके लाभ स्थान में गोचर कर रहा है, वास्तव में आपके कार्य तथा आर्थिक दृष्टि से बहुत अच्छे संकेत प्रतीत होते हैं | नवीन प्रोजेक्ट्स आपको प्राप्त हो सकते हैं जो लम्बे समय तक आपको व्यस्त रखते हुए धनलाभ कराने में सक्षम होंगे | साथ ही नौकरी में प्रमोशन, मान सम्मान में वृद्धि तथा व्यवसाय में उन्नति के भी संकेत हैं | वर्तमान कार्य के साथ ही कोई अन्य प्रकार का नया कार्य भी आप इस अवधि में आरम्भ कर सकते हैं | परिवार, मित्रों, बड़े भाई, पिता तथा अधिकारियों का सहयोग भी प्राप्त रहेगा | आपकी सन्तान के लिए भी अनुकूल समय प्रतीत होता है |

सिंह : आपका राश्यधिपति आपके कर्म स्थान में गोचर कर रहा है | निश्चित रूप से कार्य की दृष्टि से समय अत्यन्त उत्साहवर्द्धक प्रतीत होता है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति, अपना स्वयं का व्यवसाय है तो उसमें भी उन्नति तथा नए क्लायिन्ट्स बनने की सम्भावना है | आत्मविश्वास में वृद्धि का समय है | आपके कार्य की प्रशंसा होगी तथा धनलाभ भी होने की सम्भावना है | कार्यक्षेत्र में आपके उत्तम प्रदर्शन के लिए आपको किसी पुरूस्कार आदि का लाभ भी हो सकता है | माता पिता तथा परिवार के अन्य लोगों के साथ साथ सहकर्मियों का भी सहयोग प्राप्त होता रहेगा |

कन्या : आपका द्वादशेश आपके भाग्य स्थान में गोचर कर रहा है | निश्चित रूप से भाग्योन्नति का समय प्रतीत होता है | सुख समृद्धि में वृद्धि के संकेत हैं | जिन जातकों का कार्य विदेश से किसी प्रकार सम्बद्ध है उनके लिए विशेष रूप से भाग्यवर्द्धक समय प्रतीत होता है | विदेश यात्राओं में वृद्धि के भी संकेत हैं | अतः आलस्य का त्याग करके अवसर का लाभ उठाने की आवश्यकता है | यदि स्वास्थ्य सम्बन्धी कोई समस्या चल रही है तो उससे भी मुक्ति इस अवधि में सम्भव है | साथ ही आप सपरिवार किसी तीर्थ स्थान की यात्रा के लिए भी जा सकते हैं |

तुला : आपका एकादशेश अष्टम भाव में गोचर कर रहा है | आर्थिक दृष्टि से तो समय अनुकूल है किन्तु स्वास्थ्य की दृष्टि से समय उतना अनुकूल नहीं प्रतीत होता | गुप्त शत्रुओं के प्रति भी सावधान रहने की आवश्यकता है | अपने बॉस से किसी प्रकार का पंगा लेना इस अवधि में उचित नहीं रहेगा | स्वास्थ्य समस्याओं तथा विरोधियों के कारण आप अपने मनोबल में भी कमी का अनुभव कर सकते हैं | किन्तु कार्यस्थल पर आपको अपने सहकर्मियों का सहयोग प्राप्त रहेगा जिसके कारण आप अपने कार्य समय पर पूर्ण करने में सक्षम हो सकते हैं |

वृश्चिक : आपकी राशि से दशमेश आपके सप्तम भाव में गोचर कर रहा है | आपके तथा आपके जीवन साथी के लिए कार्य की दृष्टि से समय विशेष रूप से अनुकूल प्रतीत होता है | कार्य में उन्नति के संकेत हैं | आर्थिक स्थिति में दृढ़ता के संकेत हैं | किसी घनिष्ठ मित्र के माध्यम से आपके कार्य में लाभ की सम्भावना है | किसी पैतृक सम्पत्ति के लाभ की भी सम्भावना है | आपकी सन्तान के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है तथा उसकी ओर से कोई शुभ समाचार आपको प्राप्त हो सकता है | जो लोग पॉलिटिक्स से जुड़े हैं उनके लिए भी समय उत्साहवर्द्धक प्रतीत होता है | अविवाहित हैं तो जीवन साथी की खोज भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है |

धनु : आपका भाग्येश छठे भाव में गोचर कर रहा है | एक ओर विदेश यात्राओं के योग हैं तो वहीं दूसरी ओर कार्य की दृष्टि से भी समय भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | सम्भव है आपको अपने कार्य में किसी प्रकार के व्यवधान का अनुभव हो, किन्तु आप अपने बुद्धिबल से उस व्यवधान को दूर कर सकते हैं | आप इस समय अपने प्रतियोगियों को परास्त करने में सक्षम हैं इसलिए अवसर का लाभ उठाकर अपने लक्ष्य के प्रति अग्रसर होना ही उचित रहेगा | स्वास्थ्य की दृष्टि से भी समय अनुकूल प्रतीत होता है | किसी पुरानी बीमारी के भी इस अवधि में ठीक हो जाने की सम्भावना है |

मकर : आपका अष्टमेश आपके पञ्चम भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए सूर्य का यह गोचर मिश्रित फल देने वाला प्रतीत होता है | व्यावसायिक रूप से आपके कार्य में तथा मान सम्मान में वृद्धि के संकेत हैं | पॉलिटिक्स से सम्बद्ध लोगों के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आपकी सन्तान के लिए विशेष रूप से यह गोचर भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आपकी सन्तान उच्च शिक्षा के लिए विदेश भी जा सकती है और यदि नौकरी की तलाश में है तो वह भी पूर्ण हो सकती है | किन्तु सन्तान के स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता होगी | साथ ही सन्तान के साथ बहस सम्बन्धों के लिए हानिकारक भी हो सकती है |

कुम्भ : आपकी राशि से सप्तमेश का आपके चतुर्थ भाव में गोचर है | आप अथवा आपका जीवन साथी यदि नया वाहन अथवा घर खरीदना चाहते हैं तो इस अवधि में आपका वह सपना सत्य हो सकता है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति के संकेत भी हैं | पॉलिटिक्स में हैं तो आपको कोई पद भी प्राप्त हो सकता है | मान सम्मान में वृद्धि के संकेत हैं | यदि किसी प्रतियोगी परीक्षा के परिणाम की प्रतीक्षा है तो वह आपके पक्ष में आ सकता है | परिवार में किसी बच्चे का जन्म भी हो सकता है |

मीन : आपके षष्ठेश आपके तृतीय भाव में गोचर आपके लिए अनुकूल प्रतीत होता है | छोटे भाई बहनों के साथ सम्बन्धों में सुधार की सम्भावना है | पराक्रम में वृद्धि के संकेत हैं | आप अपने विरोधियों को परास्त करने में समर्थ हो सकते हैं | किसी कोर्ट केस का परिणाम भी आपके पक्ष में आ सकता है | आपके भाई बहनों के लिए भी यह गोचर भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | साथ ही यदि आप हाथ के कारीगर हैं अथवा Engineer, Architect, Doctor हैं अथवा मीडिया से सम्बन्ध रखते हैं तो आपके लिए यह गोचर विशेष रूप से अनुकूल प्रतीत होता है |

अन्त में, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं | सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2019/05/14/sun-transit-in-taurus/

 

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सूर्य का मेष में गोचर

सूर्य के मेष राशि में संचार अर्थात मेष संक्रान्ति के विषय में चर्चा आरम्भ करने से पूर्व – कल बैसाखी का उल्लासमय पर्व है, जिसके लिए सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ…

कल, रविवार 14 अप्रेल को अपराह्न दो बजकर नौ मिनट पर भगवान् भास्कर अपने एक मित्र गुरु की राशि मीन से निकल कर दूसरे मित्र मंगल की राशि मेष तथा अश्विनी नक्षत्र पर भ्रमण करने के लिए प्रस्थान करेंगे – अर्थात इस दिन मेष संक्रान्ति होगी | मेष उनकी उच्च राशि भी है तथा सूर्य की अपनी सिंह राशि से नवम भाव है, जहाँ बुधवार 15 मई को प्रातः लगभग ग्यारह बजकर एक मिनट तक विश्राम करेंगे और फिर वृषभ राशि में प्रस्थान कर जाएँगे | मेष राशिचक्र की प्रथम राशि भी है और सूर्य का मेष में गोचर सौर वर्ष का प्रथम दिवस भी होता है | यों प्रत्येक गृह के गोचर से जीवन में कुछ न कुछ परिवर्तन अवश्य आ सकता है, किन्तु सूर्य क्योंकि आत्मा का कारक ग्रह है, इसलिए सूर्य का गोचर यानी संक्रान्ति का विशेष महत्त्व होता है |

कल ही बैसाखी का उल्लासमय पर्व भी है जो फसल काटने के बाद नए साल के आरम्भ के रूप में मनाया जाता है बैसाखीऔर समस्त भारत में अलग अलग नामों से मनाया जाता है, जैसे: केरल में इसे “विशू” के रूप में जाना जाता है, बंगाल में “पोइला बैसाख”, असम में “रोंगाली बिहू” तथा तमिलनाडु में “पुथांडू” के रूप में इसे मनाया जाता है | कहने का तात्पर्य यही है कि सूर्य का मेष राशि में संक्रमण इतना अधिक महत्त्वपूर्ण है कि इस अवसर को लगभग पूरे देश में उत्साह के साथ एक विशेष पर्व के रूप में अलग अलग नामों से मनाया जाता है |

इस वर्ष मेष संक्रान्ति के समय सिंह लग्न, अश्विनी नक्षत्र, चैत्र शुक्ल दशमी (पूर्णा) तिथि, तैतिल करण तथा शूल योग होगा | अपनी इस यात्रा के दौरान भगवान भास्कर अश्विनी नक्षत्र के बाद 28 अप्रेल से भरणी तथा 12 मई से कृत्तिका नक्षत्र में भ्रमण करेंगे | इन्हीं समस्त तथ्यों को आधार बनाकर मेष राशि में सूर्य के संक्रमण के जनसाधारण पर होने वाले सम्भावित परिणामों पर दृष्टिपात करने का प्रयास किया गया है…

किन्तु ध्यान रहे, ये परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु किसी योग्य Astrologer द्वारा उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है |

मेष : आपकी राशि में आपका पंचमेश उच्च का हो जाता है, जो स्वयं में एक शुभ गोचर है | यह समय विशेष रूप से विद्यार्थियों के लिए और आपकी सन्तान के लिए अत्यन्त भाग्यवर्द्धक माना जा सकता है | सन्तान की ओर से कोई शुभ समाचार इस अवधि में प्राप्त हो सकता है | स्वास्थ्य के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | इस अवधि में आपके कार्य में उन्नति तथा मान सम्मान में वृद्धि की और किसी प्रकार के पुरूस्कार आदि प्राप्त होने की भी सम्भावना की जा सकती है | आपके उत्साह तथा आत्मविश्वास में वृद्धि होने के साथ ही कार्य के नवीन प्रस्ताव भी आपको प्राप्त हो सकते हैं | आप स्वयं किसी विषय में निपुणता प्राप्त करने का प्रयास कर सकते हैं | इसके अतिरिक्त आपके पिता के लिए भी यह गोचर अनुकूल फल देने वाला प्रतीत होता है |

वृषभ : आपका चतुर्थेश होकर सूर्य आपके द्वादश भाव में गोचर कर रहा है | परिवार की ओर से शुभ समाचार प्राप्त हो सकते हैं | परिवार का कोई सदस्य किसी कार्य के लिए कहीं बाहर भी जा सकता है | आपके आत्मविश्वास में वृद्धि का समय है, किन्तु अतिविश्वास उचित नहीं होगा | कार्य के सिलसिले में अथवा केवल भ्रमण के लिए ही सपरिवार कहीं विदेश यात्रा पर भी जा सकते हैं | आप किसी सम्पत्ति को बेचने का भी निर्णय इस अवधि में ले सकते हैं | इससे आपको धनलाभ तो होगा, किन्तु इसके कारण परिवार में किसी प्रकार का क्लेश भी सम्भव है | अतः जो भी निर्णय लें परिवार के सदस्यों को विशवास में लेकर ही आगे बढ़ें | पेट से सम्बन्धित कोई समस्या भी हो सकती है, अतः खान पर नियन्त्रण आवश्यक है |

मिथुन : आपका तृतीयेश आपके लाभ स्थान में गोचर कर रहा है | विशेष रूप से आपके भाई बहनों के लिए भाग्यवर्द्धक समय प्रतीत होता है | आप स्वयं भी किसी नौकरी में हैं तो पदोन्नति की सम्भावना है | अपना स्वयं का कार्य है तो उसमें भी लाभ की सम्भावना की जा सकती है | आप कोई नया व्यवसाय आरम्भ करना चाहते हैं तो उसके लिए समय अनुकूल प्रतीत होता है | साथ ही नई नौकरी की तलाश में हैं तो इस अवधि में वह तलाश भी आपकी पूर्ण हो सकती है | आपको अपने भाई बहनों का सहयोग प्राप्त होता रहेगा |

कर्क : आपका द्वितीयेश आपके कर्मस्थान में गोचर कर रहा है | एक ओर जहाँ इस अवधि में कार्य की अधिकता रह सकती है वहीं दूसरी ओर उसके द्वारा आर्थिक लाभ भी होता रहने की सम्भावना है | आप कोई नया कार्य इस अवधि में करना चाहते हैं तो उसके लिए समय अनुकूल है | साथ ही आपके मान सम्मान में भी वृद्धि के संकेत हैं | आपके पिता तथा परिवार के बुजुर्गों का पूर्ण सहयोग आपको इस अवधि में प्राप्त होता रहेगा | कुछ नए प्रोजेक्ट्स भी आपको इस अवधि में प्राप्त हो सकते हैं जिनके कारण बहुत समय तक आप व्यस्त रह सकते हैं और धनोपार्जन कर सकते हैं | सूर्य का यह गोचर कर्क राशि के जातकों को विशेष रूप से कर्मयोगी तथा यशस्वी बनाता है | यदि आप राजनीति में हैं तो आपके लिए समय अत्यन्त सफलता देने वाला प्रतीत होता है |

सिंह : आपका राश्यधिपति सूर्य उच्च का होकर आपके भाग्य स्थान में प्रवेश कर रहा है | निश्चित रूप से भाग्यवर्द्धक समय है | यदि पिछले कुछ समय से आप अपने कार्य को लेकर अथवा किसी अन्य कारण से चिन्तित हैं तो इस अवधि में वह चिन्ता आपकी दूर हो सकती है | कार्य स्थल में आपके मान सम्मान में वृद्धि के संकेत हैं हैं तथा कुछ ऐसे प्रोजेक्ट्स आपको मिल सकते हैं जिनके कारण आप बहुत समय तक व्यस्त रह सकते हैं और अर्थलाभ कर सकते हैं | साथ ही कार्य स्थल में किसी व्यक्ति की ओर आपका झुकाव भी इस अवधि में हो सकता है | स्वास्थ्य सम्बन्धी कोई समस्या भी यदि है तो इस अवधि में उस समस्या से भी मुक्ति की सम्भावना है | धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में भी आपकी रूचि बढ़ सकती है | दूर पास की यात्राओं के योग भी बन रहे हैं | यात्राएँ आपके लिए सुखद रहेंगी |

कन्या : आपका द्वादशेश आपके अष्टम भाव में गोचर कर रहा है | एक ओर जहाँ अचानक ही आपकी विदेश यात्राओं में वृद्धि हो सकती है, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता है | आपको गर्मी तथा पेट से सम्बन्धित कोई समस्या हो सकती है, अतः जितना सम्भव हो गर्मी से बचने का प्रयास करें तथा पानी अधिक मात्रा में पियें | पाइल्स की समस्या भी हो सकती है, अतः तेज़ मिर्च मसाले वाले भोजन से यथा सम्भव बचने का प्रयास करें | कार्य की दृष्टि से समय अनुकूल रहने की सम्भावना है और विदेश यात्रा के दौरान किसी महिला मित्र की सहायता से आपको कुछ नया कार्य भी प्राप्त हो सकता है | यदि आपका कोई कोर्ट केस चल रहा है तो इस अवधि में या तो अनुकूल दिशा में उस केस में प्रगति हो सकती है अथवा उसका निर्णय आपके पक्ष में आ सकता है |

तुला : आपका एकादशेश होकर सूर्य आपके सप्तम भाव में गोचर कर रहा है | आपका अपना व्यवसाय है अथवा पार्टनरशिप में कार्य कर रहे हैं तो उसमें उन्नति के साथ साथ आय में वृद्धि की भी सम्भावना है | बड़े भाई बहनों तथा जीवन साथी के माध्यम से भी आपको अर्थलाभ हो सकता है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की सम्भावना है | बहुत समय से यदि आपके अथवा आपके जीवन साथी के कार्य से सम्बन्धित कोई समस्या चल रही है तो उसका निराकरण इस अवधि में सम्भव है | कोई बड़ा परिवर्तन इस अवधि में आपके जीवन में हो सकता है, जो आपके हित में होगा | किन्तु जीवन साथी अथवा प्रेमी / प्रेमिका के स्वभाव में कुछ तेज़ी आ सकती है, अतः स्वयं पर नियन्त्रण रखना आवश्यक है |

वृश्चिक : आपका दशमेश आपके छठे भाव में गोचर कर रहा है, जो दशम भाव से नवम भाव है | यदि किसी कारणवश कार्यक्षेत्र में आपको विरोध का सामना करना पड़ा है तो अब उन विरोधियों के परास्त होने की सम्भावना प्रतीत होती है | कार्यक्षेत्र में आपको नई पहचान मिलने की तथा यश में वृद्धि की सम्भावना है | साथ ही जो विद्यार्थी किसी प्रकार की प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग ले रहे हैं उन्हें भी इस अवधि में सफलता प्राप्त हो सकती है | स्पोर्ट्स के लोगों का प्रदर्शन आत्मविश्वास से भरपूर रहने की सम्भावना है | हो सकता है आपके किसी प्रश्न पर बहुत से लोगों की अलग अलग राय हों और आप उस कारण द्विविधा में पड़ जाएँ | अतः अपनी योजनाओं के विषय में दूसरे लोगों से कम ही बात करें तथा अपनी बुद्धि का उपयोग अधिक करें | पिता के स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है |

धनु : आपके लिए सूर्य का यह गोचर अत्यन्त महत्त्व का है | आपका नवमेश आपके पञ्चम भाव में गोचर कर रहा है | आपके स्वयं के लिए तो यह गोचर भाग्यवर्द्धक है ही, आपकी सन्तान के लिए तथा विद्यार्थियों के लिए भी यह समय विशेष रूप से भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आपके तथा आपकी सन्तान के जीवन में अनेक सकारात्मक परिवर्तनों की सम्भावना इस अवधि में की जा सकती है तथा सन्तान की ओर से कोई शुभ समाचार भी प्राप्त हो सकता है | आपकी निर्णायक क्षमता इस अवधि में बहुत प्रखर होगी तथा आपका ध्यान केवल अपने लक्ष्य पर ही केन्द्रित रहेगा | आपकी रूचि धार्मिक तथा आध्यात्मिक गतिविधियों में बढ़ सकती है | सामाजिक जीवन में आपके यश में वृद्धि की सम्भावना है | आप कार्य के सिलसिले में अथवा यों ही घूमने के लिए दूर पास की यात्रा पर भी जा सकते हैं | आपके बड़े भाई बहनों के लिए यह गोचर कुछ समस्याएँ उत्पन्न कर सकता है |

मकर : आपका अष्टमेश आपके चतुर्थ भाव में गोचर कर रहा है | एक ओर जहाँ पारिवारिक स्तर पर कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, वहीं दूसरी ओर परिवार के किसी सदस्य की ओर से किसी प्रकार के शुभ समाचार भी आपको प्राप्त हो सकते हैं जिसके कारण परिवार में उत्सव का सा माहौल बन सकता है | यदि बहुत समय से आप अपने लिए नया घर बनाने का अथवा खरीदने का प्रयास कर रहा हैं तो वह सपना आपका इस अवधि में पूर्ण हो सकता है | आपको किसी पैतृक सम्पत्ति का लाभ भी होने की सम्भावना है | कार्यक्षेत्र में वातावरण अनुकूल रहने की तथा आपका प्रदर्शन अच्छा रहने की सम्भावना है | किन्तु आपको पेट से सम्बन्धित कोई समस्या हो सकती है | साथ ही अपनी माता जी के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखने की आवश्यकता है |

कुम्भ : आपका सप्तमेश तृतीय भाव में गोचर कर रहा है | पराक्रम में वृद्धि का समय प्रतीत होता है | यद्यपि कुछ चुनौतियों का सामना भी करना पड़ सकता है | इसके अतिरिक्त शरीर में आलस्य तथा थकान आदि की समस्या भी हो सकती है | अतः स्वास्थ्य का ध्यान रखने की विशेष आवश्यकता है | विवाहित हैं तो दाम्पत्य जीवन मधुर बना रह सकता है और यदि अविवाहित हैं और प्रेम सम्बन्ध किसी एक साथ चल रहा है तो उसमें भी प्रगाढ़ता आने की सम्भावना है | आपके छोटे भाई बहनों के लिए समय अधिक भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | साथ ही हाथ के कारीगरों के लिए विशेष रूप से अनुकूल समय है |

मीन : आपका षष्ठेश होकर सूर्य आपके द्वितीय भाव में गोचर कर रहा है | यदि कोई लीगल केस इस समय चल रहा है तो उसके अनुकूल दिशा में प्रगति की सम्भावना है | सम्भव है इस अवधि में किसी कोर्ट केस का निर्णय आपके पक्ष में आ जाए और उसके माध्यम से आपको धनलाभ भी हो जाए | लम्बे समय से चली आ रही किसी बीमारी से मुक्ति की भी सम्भावना है | किसी दूर देश की यात्रा की सम्भावना है | यह यात्रा आपके कार्य के लिए भी भाग्यवर्धक सिद्ध हो सकती है | आपको परिवार के सदस्यों का तथा पिता का सहयोग इस अवधि में प्राप्त होता रहेगा | यदि कहीं आपकी कोई पेमेण्ट रुकी हुई है तो प्रयास करने पर वह भी इस अवधि में आपको प्राप्त हो सकती है | किन्तु आपके क्रोध में वृद्धि की सम्भावना है जिसके कारण आपके सम्बन्धों में कड़वाहट भी उत्पन्न हो सकती है | अतः वाणी तथा स्वभाव पर नियन्त्रण रखने की आवश्यकता है | साथ ही सर में दर्द, ज्वर आदि की समस्या भी हो सकती है |

अन्त में, ग्रहों के गोचर तथा उनके मार्गी, वक्री अथवा अतिगामी होने का क्रम तो अपने नियत समय पर चलता ही रहेगा | सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2019/04/13/sun-transit-in-aries-2019/

 

सूर्य का मीन में गोचर 2019

कल यानी शुक्रवार 15 मार्च 2019 को सूर्योदय से पूर्व पाँच बजकर चालीस मिनट के लगभग पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र पर भ्रमण करते हुए ही भगवान् भास्कर अपने शत्रु ग्रह शनि की राशि मीन से निकल कर मित्र ग्रह गुरु की राशि में भ्रमण करने के लिए प्रस्थान करेंगे, जहाँ एक माह तक विचरण करने के पश्चात रविवार 14 अप्रेल को दोपहर दो बजकर नौ मिनट के लगभग मेष राशि में प्रस्थान कर जाएँगे | सूर्य के मीन राशि में प्रस्थान के समय फाल्गुन शुक्ल नवमी तिथि, कुम्भ लग्न, बालव करण और आयुष्मान योग रहेगा | सूर्य की अपनी राशि सिंह से मीन राशि अष्टम भाव में आती है तथा सूर्य की उच्च राशि मेष से द्वादश भाव में आती है | मीन राशि में विचरण करते हुए सूर्यदेव 18 मार्च से उत्तर भाद्रपद तथा पहली अप्रेल से रेवती नक्षत्र पर भ्रमण करेंगे |

पूर्वा भाद्रपद अधोगामी, उग्र और वात प्रकृति का, सहनशीलता तथा धैर्य आदि गुणों से युक्त सात्विक नक्षत्र है | कर्म उसका स्वभाव है | इसका देवता अजैकपाद और अधिपति ग्रह गुरु है | उत्तरभाद्रपद ऊर्ध्वगामी, स्थिर और पित्त प्रकृति तामसी नक्षत्र है तथा सन्तुलन रखना इसका गुण है | इसका देवता अहिर्बुन्ध्य तथा अधिपति ग्रह शनि है | रेवती नक्षत्र की चाल समानान्तर, मधुर और कफ प्रकृति का सात्विक नक्षत्र है | इसका गुण भी सन्तुलन स्थापित करना है | इसका देवता पूषा तथा अधिपति ग्रह बुध को माना जाता है |

सूर्य क्योंकि आत्मा का कारक माना जाता है, वक्री बुध वहाँ पहले से ही है, अतः कह सकते हैं कि इस अवधि में जन साधारण में वात-पित्त-कफ का सन्तुलन कुछ गड़बड़ा सकता है – जो कि मौसम बदलने पर प्रायः होता भी है | अतः मौसम से सम्बन्धित रोगों से बचने के लिए अपने खान पान पर नियन्त्रण तथा जीवन शैली में परिवर्तन की आवश्यकता तो होगी ही | अधिकाँश लोग कर्मशील तथा सन्तुलित भाव से अपना कर्म करते हुए आगे बढ़ते रहेंगे |

इन्हीं समस्त तथ्यों को आधार बनाकर मीन राशि में सूर्य के संक्रमण के जनसाधारण पर होने वाले सम्भावित परिणामों पर दृष्टिपात करने का प्रयास किया गया है…

किन्तु ध्यान रहे, ये परिणाम सामान्य यानी Common हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु किसी योग्य Astrologer द्वारा उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है |

मेष : आपके लिए पंचमेश होकर सूर्य का गोचर आपकी राशि से बारहवें भाव में हो रहा है | आपके लिए उत्साह तथा प्रतियोगी क्षमता में व्रीही के योग प्रतीत होते हैं | कार्य में उन्नति की दृष्टि से यह समय विशेष रूप से अनुकूल प्रतीत होता है | साथ ही जो लोग उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाना चाहते हैं उनके लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | साथ ही इस यात्रा के दौरान उन्हें विदेश भ्रमण का अवसर भी प्राप्त हो सकता है | कार्य के क्षेत्र में आपके लिए परिवर्तन का समय प्रतीत होता है | सम्भव है आपका कहीं ट्रांसफर हो जाए या आप वर्तमान नौकरी को छोड़कर किसी नई नौकरी में नए स्थान पर चले जाएँ | आँखों के इन्फेक्शन की ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है | सन्तान के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखने की आवश्यकता है | छोटे भाई बहनों के साथ मन मुटाव सम्भव है | पॉलिटिक्स से सम्बद्ध लोगों के लिए काफी हलचल भरा समय प्रतीत होता है |

वृषभ : सूर्य आपके लिए चतुर्थेश है और लाभ स्थान में गोचर करने जा रहा है | किसी प्रकार की सम्पत्ति का लाभ हो सकता है | आप अपने वर्तमान निवास को बेचकर कोई नया घर भी खरीद सकते हैं | यदि आप प्रॉपर्टी से सम्बन्धित किसी व्यवसाय में हैं तो उसमें भी आपको लाभ हो सकता है | प्रॉपर्टी से सम्बन्धित आवश्यक कार्यों का निबटारा भी आप इस अवधि में कर सकते हैं | मित्रगणों तथा अधिकारीगणों का साथ और सहयोग दोनों इस अवधि में प्राप्त रहने की सम्भावना है | हाँ आपके बड़े भाई अथवा पिता के कारण किसी प्रकार की चिन्ता हो सकती है | राजनीति से सम्बद्द्ध लोगों के लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है |

मिथुन : आपका तृतीयेश होकर सूर्य आपके दशम भाव में प्रस्थान करने जा रहा है | यदि आप हाथ के कारीगर हैं, सर्जन हैं, डॉक्टर हैं या मीडिया अथवा आई टी से सम्बन्धित किसी कार्य में संलग्न हैं तो आपके लिए तो समय विशेष रूप से लाभदायक प्रतीत होता है | नौकरी में हैं तो आपका प्रदर्शन इस अवधि में बहुत अच्छा रहने की सम्भावना है, जिसके कारण आपके अधिकारी आपसे प्रसन्न रहेंगे आपको अपने पिता तथा प्रभावशाली लोगों की ओर से प्रशंसा तथा सहयोग प्राप्त होता रहेगा, किन्तु छोटे भाई बहनों तथा अधीनस्थ कर्मचारियों के कारण परिवार में अथवा कार्यस्थल पर वातावरण तनावपूर्ण हो सकता है |

कर्क : आपके लिए आपका द्वितीयेश होकर सूर्य आपके नवम भाव में प्रस्थान करने जा रहा है | जो वास्तव में भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आपकी आय में वृद्धि की सम्भावना के साथ साथ आपके लिए यश और प्रतिष्ठा में वृद्धि के भी योग बन रहे हैं | ऐसा भी हो सकता है कि आप आध्यात्मिक और धार्मिक कारणों से किसी तीर्थ स्थान की यात्रा के लिए चले जाएँ अथवा अपने कार्य के सिलसिले में किसी लम्बी यात्रा पर निकल जाएँ | रुके हुए कार्य पूर्ण होने की सम्भावना है | किन्तु इस अवधि में आपकी वाणी में कुछ तीखापन आ सकता है जिसके कारण आपके पिता के साथ सम्बन्धों में तनाव की स्थिति आ सकती है | अतः अपनी वाणी पर नियन्त्रण रखने की आवश्यकता है | साथ ही आँखों में इन्फेक्शन, हाई ब्लड प्रेशर अथवा मानसिक तनाव की समस्या भी हो सकती है |

सिंह : आपका लग्नेश होकर सूर्य आपके अष्टम भाव में संचार करने जा रहा है | यह समय स्वास्थ्य की दृष्टि से कुछ अनुकूल नहीं प्रतीत होता | सरदर्द या माइग्रेन यदि रहता है तो उसमें वृद्धि भी हो सकती है | साथ ही शरीर में आलस्य की वृद्धि भी हो सकती है जिसके कारण आपका कार्य में मन नहीं लगेगा | साथ ही आपके कुछ गुप्त विरोधी भी इस समय मुखर हो सकते हैं अतः हर किसी के सामने अपनी योजना के विषय में न बताएँ | पहले सम्बन्धित व्यक्ति के में जाँच पड़ताल कर लें उसके बाद ही अपना प्रस्ताव प्रस्तुत करें | आप कहीं भ्रमण के लिए भी जाने का मन इस अवधि में बना सकते हैं जो आपके जीवन की एकरसता को दूर करने के लिए उचित रहेगा |

कन्या : आपका द्वादशेश आपके सप्तम भाव में गोचर करने जा रहा है | आपके जीवन साथी के स्वभाव में कुछ चिडचिडापन आ सकता है अतः उनके साथ व्यर्थ के विवाद से बचने का प्रयास करें | आप किसी विदेशी कम्पनी अथवा बाहर बसे हुए किसी मित्र के साथ कोई नया कार्य आरम्भ कर सकते हैं अथवा उसके निमन्त्रण पर वहाँ जाकर स्वयं कोई कार्य तलाश सकते हैं | आप अपने परिश्रम तथा ज्ञान के बल पर उपलब्ध कार्य को समय पर पूर्ण करने में समर्थ हो सकते हैं | किन्तु साथ ही अपने स्वयं के व्यवसाय में किसी भी नई डील को अभी कुछ समय के लिए स्थगित कर देंगे तो अच्छा रहेगा | पार्टनरशिप में कोई कार्य कर रहे हैं तो वहाँ संयम से काम लेने की आवश्यकता है | अपने जीवन साथी के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखने की आवश्यकता है |

तुला : आपका एकादशेश होकर सूर्य आपके छठे भाव में गोचर करने वाला है | आर्थिक दृष्टि से यह समय कुछ समस्याओं से युक्त हो सकता है | धन की हानि की सम्भावना है | घर तथा ऑफिस में काम कर रहे लोगों की ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है | साथ ही नई नियुक्तियाँ करने से पूर्व सारे सम्बन्धित Documents को अच्छी तरह जाँच लें | आपको अपने बड़े भाई अथवा पिता से किसी प्रकार धनलाभ की सम्भावना है | यदि कोई कोर्ट केस चल रहा है तो उसका भी निर्णय आपके पक्ष में आ सकता है और उसके द्वारा भी आपको धनलाभ हो सकता है | अपने तथा अपने बड़े भाई और पिता के भी स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है |

वृश्चिक : आपका दशमेश आपके पंचम भाव में गोचर करने जा रहा है | जीवन में कुछ बड़े परिवर्तन इस अवधि में हो सकते हैं | सम्भव है आप जिस नौकरी में हैं उसे छोड़कर कोई दूसरी नौकरी कर लें, या व्यवसाय में हैं तो वर्तमान व्यवसाय को छोड़कर अथवा उसके साथ ही कोई नया व्यवसाय भी आरम्भ कर लें | आपके जीवन साथी के लिए भी किसी नवीन व्यवसाय के आरम्भ होने की सम्भावना है | अचानक ही आपको अपनी पदोन्नति का समाचार भी प्राप्त हो सकता है अथवा परिवार में नवशिशु का आगमन हो सकता है अथवा किसी मंगलकार्य का आयोजन हो सकता है | आपकी रूचि अध्ययन में बढ़ सकती है | आपकी सन्तान की ओर से भी आपको शुभ समाचार प्राप्त होने की सम्भावना है | किन्तु सन्तान के स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है | साथ ही अपने व्यवहार पर नियन्त्रण नहीं रखा तो जीवन साथी के साथ भी सम्बन्धों में कड़वाहट भी आ सकती है |

धनु : सूर्य आपकी राशि के लिए भाग्येश है तथा आपके चतुर्थ भाव में गोचर करने जा रहा है | आर्थिक दृष्टि से भी और पारिवारिक स्तर भी समय लाभदायक प्रतीत होता है | यद्यपि परिवार समाज में आपका सम्मान और प्रतिष्ठा इस अवधि में बढ़ सकती है, किन्तु आपके स्वभाव की उग्रता परिवार की शान्ति भंग कर सकती है | ध्यान प्राणायाम आदि के द्वारा आप अपने व्यवहार को नियन्त्रित कर सकते हैं | परिवार में किसी मंगल कार्य की सम्भावना भी इस अवधि में की जा सकती है | आप यदि कोई शोध कार्य कर रहे हैं तो उसमें अनुकूल दिशा में प्रगति की सम्भावना है | इसके अतिरिक्त प्रॉपर्टी के व्यवसाय में भी लाभ की सम्भावना है | आपको अपने पिता की ओर से वाहन अथवा घर भी उपहारस्वरूप प्राप्त हो सकता है | पॉलिटिक्स से सम्बद्ध लोगों के लिए भी समय अनुकूल प्रतीत होता है | माता पिता का स्वास्थ्य चिन्ता का विषय हो सकता है |

मकर : आपका अष्टमेश होकर सूर्य तृतीय भाव में गोचर करने वाला है | लक्ष्य के प्रति आपकी एकाग्रता में इस अवधि में और अधिक दृढ़ता आने की और उत्साह तथा मनोबल में और अधिक वृद्धि होने की सम्भावना है जिसके कारण आपके कार्य समय पूर्ण होते रहने की सम्भावना है | आप अपनी वर्तमान नौकरी को छोड़कर कोई नई नौकरी करने का विचार भी बना सकते हैं | अपना स्वयं का व्यवसाय है तो कोई नया कार्य आरम्भ कर सकते हैं | यदि ऐसा है तो आपको उसमें सफलता प्राप्त होने की भी सम्भावना है | किन्तु छोटे भाई बहन अथवा पिता के स्वास्थ्य के विषय में चिन्ता हो सकती है | साथ ही छोटे भाई बहनों के साथ किसी प्रकार विवाद भी बड़ा रूप ले सकता है | कार्यक्षेत्र में अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ व्यर्थ की बहस की सम्भावना है | इससे बचने का एक ही उपाय है – अतः अपनी वाणी और व्यवहार पर नियन्त्रण रखना |

कुम्भ : आपका सप्तमेश आपके द्वितीय भाव में गोचर करने वाला है | आपके जीवन साथी के माध्यम से आपको अर्थलाभ की सम्भावना है | किन्तु आपके स्वभाव में इस समय उग्रता अधिक बढ़ी हुई है जिसके कारण परिवार की शान्ति भंग होने की सम्भावना है | अतः अपनी उग्रता पर नियन्त्रण रखें और इसके लिए ध्यान, योग तथा प्राणायाम आदि का नियमित अभ्यास अवश्य करें | पारिवारिक तनावों का दुष्प्रभाव आपके तथा आपके जीवन साथी के स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है और आपके पिता अथवा परिवार के किसी बुज़ुर्ग व्यक्ति का स्वास्थ्य भी इसी कारण प्रभावित हो सकता है | अतः यथासम्भव इस प्रकार के विवादों से बचने का प्रयास करें |

मीन : आपका षष्ठेश होकर सूर्य आपकी ही राशि में गोचर करने वाला है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त महत्त्व रखता है | यदि आप किसी सरकारी नौकरी में हैं, कोर्ट कचहरी से सम्बन्धित किसी कार्य में हैं, स्पोर्ट्स में हैं अथवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में हैं तो आपके लिए समय उत्साहवर्द्धक प्रतीत होता है | सामाजिक गतिविधियों में वृद्धि की सम्भावना भी है | यदि कोई कोर्ट केस चल रहा है तो उसका भी निर्णय इस अवधि में आपके पक्ष में आ सकता है | आपका जीवन साथी आपके लिए पूर्ण रूप से समर्पित है, आवश्यकता है आप अपने Temperament पर नियन्त्रण रखें | साथ ही सर में दर्द, ज्वर आदि की समस्या भी हो सकती है |

अन्त में, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं | सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2019/03/14/sun-transit-in-pisces-2019/

 

 

सूर्य का कुम्भ राशि में संक्रमण

बुधवार 13 फरवरी माघ शुक्ल अष्टमी को प्रातः आठ बजकर 49 मिनट के लगभग बव करण और ब्रह्म योग में सूर्यदेव मकर राशि में अपना भ्रमण पूर्ण करके कुम्भ राशि में प्रस्थान कर जाएँगे | जहाँ वे शुक्रवार 15 मार्च को प्रातः 5:40 तक विचरण करने के बाद मीन राशि में प्रस्थान कर जाएँगे | अपनी इस यात्रा के दौरान भगवान भास्कर 19 फरवरी तक धनिष्ठा नक्षत्र पर, उसके बाद 5 मार्च तक शतभिषज पर और अन्त में पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र पर भ्रमण करेंगे | इस यात्रा के दौरान सूर्य पर निरन्तर अपने राश्यधिपति शनि की दृष्टि रहेगी | सूर्य का गोचर इस समय सूर्य की अपनी उच्च राशि मेष से ग्यारहवें भाव में हो रहा है – जो मेष राशि के लिए लाभ स्थान है, तथा अपनी राशि सिंह से सप्तम भाव में गोचर करेंगे | इन दोनों राशियों के जातको के लिए निश्चित रूप से यह अवधि शुभ फल देने वाली कही जा सकती है | आइये जानने का प्रयास करते हैं सूर्य के कुम्भ में गोचर के सभी राशियों के जातकों पर क्या सम्भावित प्रभाव हो सकते हैं…

मेष : जैसा ऊपर ही लिखा है, मेष राशि के जातकों के लिए सूर्य का यह गोचर शुभ फलदायी प्रतीत होता है | मेष सूर्य की उच्च राशि है और कुम्भ राशि वहाँ से ग्यारहवें भाव में आती है | ग्यारहवाँ भाव लाभ का भाव कहलाता है | इस अवधि में आपको इस प्रकार के लाभ हो सकते हैं जिनके लिए आप बहुत समय से प्रतीक्षारत थे | आपको कुछ नए प्रोजेक्ट्स प्राप्त हो सकते हैं जिनके कारण आपकी आर्थिक स्थति भी पहले से मज़बूत हो सकती है | आपके मित्र, अधिकारीगण आपके अनुकूल रहेंगे तथा उनका सहयोग आपको प्राप्त होता रहेगा | आपकी पदोन्नति भी हो सकती है और किसी प्रकार का सम्मान, पुरूस्कार आदि भी इस अवधि में प्राप्त हो सकता है | सिंह आपका पंचम भाव है सन्तान के विवाह के लिए चिन्तित हैं तो इस अवधि में उस चिन्ता से भी मुक्ति प्राप्त हो सकती है | साथ ही धार्मिक तथा आध्यात्मिक गतिविधियों में आपकी रूचि बढ़ सकती है | आपके पिता के लिए भी यह गोचर भाग्यशाली प्रतीत होता है |

वृषभ : आपका चतुर्थेश होकर सूर्य आपके दशम भाव में गोचर कर रहा है | सूर्य के इस गोचर के दौरान वृषभ राशि के जातकों के पारिवारिक जीवन में कुछ महत्त्वपूर्ण परिवर्तन हो सकते हैं | आप जिस घर में हैं उसे बेचकर कोई नया घर ख़रीद सकते हैं | यदि आप प्रॉपर्टी से सम्बन्धित किसी व्यवसाय में तो उसमें भी आपके लिए लाभ की आशा की जा सकती है | आपके जीवन साथी के लिए भी यह समय आर्थिक दृष्टि से अनुकूल प्रतीत होता है | विदेशों से भी धनलाभ की आशा की जा सकती है | हाँ स्वास्थ्य की दृष्टि से सावधान रहने की आवश्यकता है | पेट अथवा लिवर आदि से सम्बन्धित किसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है |

मिथुन : मिथुन राशि के जातकों के लिए भी सूर्य का यह गोचर भाग्यवर्धक प्रतीत होता है | आपके लिए आपका तृतीयेश होकर सूर्य भाग्य स्थान में गोचर कर रहा है | यदि आप किसी नौकरी में हैं तो इस दौरान आपकी योजनाओं का लाभ आपको प्राप्त हो सकता है | साथ ही धार्मिक गतिविधियों में आपकी रूचि बढ़ सकती है | किन्तु अष्टमेश शनि के प्रभाव को भी नकारा नहीं जा सकता | आपको कुछ गुप्त शत्रुओं से सावधान रहने के लिए अपनी आँखें और कान खुले रखकर कार्य करना होगा | कोई ऐसा व्यक्ति आपके साथ धोखा कर सकता है जिस पर आप बहुत अधिक विश्वास रखते हैं | इसके अतिरिक्त पिता के साथ भी किसी प्रकार का मतभेद हो सकता है अथवा पिता का स्वास्थ्य आपके लिए चिन्ता का विषय हो सकता है | छोटे भाई बहनों के लिए समय अनुकूल प्रतीत होता है | सम्भव है इस अवधि में आपके छोटे भाई बहनों में सी किसी का विवाह सम्बन्ध भी पक्का हो जाए |

कर्क : आपके लिए सिंह द्वितीय भाव है और वहाँ का स्वामी होकर सूर्य अष्टम भाव में गोचर कर रहा है | आपके लये यह गोचर उतना अनुकूल नहीं प्रतीत होता | आपके लिए किसी प्रकार की आर्थिक हानि होने की सम्भावना प्रतीत होती है | इस स्थिति में आपके जीवन साथी के पिता की ओर से आपको सहायता प्राप्त हो सकती है | साथ ही परिवार में किसी प्रकार का विवाद भी उत्पन्न हो सकता है जिसके कारण आपकी मानसिक शान्ति भंग हो सकती है | परिवार का कोई बुज़ुर्ग व्यक्ति आपके विरुद्ध हो सकता है और उसे मनाने के लिए आपको कोई ऐसा कार्य करना पड़ सकता है जिसके कारण आपके सम्मान को ठेस पहुँच सकती है | अकारण ही यात्रा करनी पड़ सकती है | खान पान में सावधानी नहीं रखेंगे तो स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता है | किन्तु इस सब बातों से घबराने की आवश्यकता नहीं है | अपने विचार सकारात्मक रखेंगे और भगवान भास्कर को प्रतिदिन अर्घ्य समर्पित करेंगे तो बहुत सी समस्याओं से बच सकते हैं |

सिंह : आपके लिए लग्न का अधिपति होकर सूर्य आपके सप्तम भाव में गोचर कर रहा है | लाभदायक समय प्रतीत होता है | इस अवधि में आर्थिक लाभ की सम्भावना प्रतीत होती है | रुके हुए कार्य भी इस अवधि में पूर्ण होने की सम्भावना है | कोई नया कार्य भी आप आरम्भ कर सकते हैं जो भविष्य में आपके लिए लाभदायक सिद्ध हो सकता है | आपके सम्मान में वृद्धि तथा कुछ पुरूस्कार आदि प्राप्त होने की भी सम्भावना है | यदि अविवाहित हैं तो कोई ऐसा व्यक्ति आपको मिल सकता है जिसके साथ आप जीवन व्यतीत करने का निश्चय कर लेंगे और आपका विवाह सम्बन्ध पक्का हो सकता है | किन्तु साथ ही यदि विवाहित हैं तो दामपत्य जीवन में आपके बढे हुए क्रोध के कारण तनाव की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है | साथ ही आपके जीवन साथी का स्वास्थ्य भी चिन्ता का विषय हो सकता है | यदि पार्टनरशिप में कोई कार्य करना चाहते हैं तो उसके लिए समय अभी अनुकूल नहीं है, अतः उस विचार को कुछ समय के लिए स्थगित करना ही हित में होगा | अपने स्वभाव की उग्रता पर नियन्त्रण रखने के लिए नित्य सूर्य को अर्घ्य प्रदान करें तथा ध्यान और प्राणायाम आदि का नियमित अभ्यास करें |

कन्या : आपका द्वादशेश होकर सूर्य आपके छठे भाव में गोचर कर रहा है | आपके विरोधियों के लिए समय प्रतिकूल जान पड़ता है | सूर्य के प्रभाव से आप अपने विरोधियों पर भारी पड़ सकते हैं | यदि किसी प्रकार का कोई कोर्ट केस चल रहा है तो उसमें भी प्रगति की अथवा अनुकूल परिणाम प्राप्त होने की सम्भावना की जा सकती है | किसी प्रकार की प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं अथवा नौकरी के लिए इंटरव्यू की तैयारी में हैं तो उसमें भी अनुकूल परिणाम प्राप्त होने की सम्भावना है | स्पोर्ट्स के क्षेत्र से सम्बद्ध लोगों के लिए भी समय अनुकूल प्रतीत होता है | इस अवधि में आप अपने लक्ष्य को बड़ी सहजता से प्राप्त कर सकते हैं | विदेश यात्राओं में आपको लाभ प्राप्त होने की सम्भावना है तथा कुछ नए सम्बन्ध भी स्थापित हो सकते हैं जिनके कारण आपको निरन्तर नवीन प्रोजेक्ट्स प्राप्त होते रह सकते हैं और उनसे आपकी आर्थिक स्थिति भी निरन्तर दृढ़ होती रह सकती है | स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहने की आवश्यकता है | किसी प्रकार के इन्फेक्शन अथवा ज्वर आदि से पीड़ित हो सकते हैं |

तुला : आपका एकादशेश होकर सूर्य आपके पंचम भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त लाभकारी तथा अनुकूल प्रतीत होता है | आपकी आय में वृद्धि की सम्भावना है | आपकी पदोन्नति के भी अवसर प्रतीत होते हैं जिसके कारण आपको आर्थिक लाभ भी प्राप्त होगा | आपके अधिकारी गण आपसे प्रसन्न रहेंगे | आपका अपना व्यवसाय है तो उसमें भी प्रगति की सम्भावना है | आप अपनी बुद्धि तथा उचित दिशा में किये गए प्रयासों के बल से अपने लक्ष्य को इस अवधि में प्राप्त कर सकते हैं | किन्तु छात्रों के लिए समय अधिक अनुकूल नहीं प्रतीत होता | उन्हें सफलता प्राप्ति के लिए परिश्रम अधिक करना पड़ेगा | नौकरी की खोज में हैं तो उसमें सफलता प्राप्त होने की सम्भावना है | आपके उग्र स्वभाव के कारण आपके दाम्पत्य जीवन में तनाव हो सकता है अतः अपने स्वभाव के प्रति सावधान रहें | किसी के साथ प्रेम सम्बन्ध है तो वहाँ भी सम्बन्धों में कटुता उत्पन्न हो सकती है | ध्यान रहे अकारण ही सन्देह सम्बन्धों में दरार उत्पन्न करता है | आपकी सन्तान की शिक्षा आदि के लिए एक ओर जहाँ लाभ का समय प्रतीत  होता है वहीं उसके स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहने की आवश्यकता है |

वृश्चिक : आपके लिए सूर्य दशमेश होकर चतुर्थ भाव में प्रवेश कर रहा है | कार्य क्षेत्र में आपके लिए अनुकूलता का समय प्रतीत होता है | आपके प्रोजेक्ट्स समय पर पूर्ण होते रहने की सम्भावना है जिनके कारण आपका यश में भी वृद्धि की सम्भावना है | अपने सहकर्मियों का साथ आपको प्राप्त होता रहेगा | साथ ही ऐसा भी हो सकता है कि आपको कई लोगों सलाह देने वाले मिल जाएँ और उनके कारण आपके मन में असमंजस अथवा द्विविधा की स्थिति बन जाए | अतः बहत अधिक लोगों से अपने काम के विषय में सलाह न करें | आप कोई नया घर भी ख़रीद सकते हैं अथवा इसी घर को रेनोवेट भी करा सकते हैं | किन्तु इस सबमें मानसिक तनाव में भी वृद्धि हो सकती है | प्रॉपर्टी के व्यवसाय से सम्बन्धित लोगों के लिए लाभदायक समय प्रतीत होता है | आपके जीवन साथी के लिए भी आर्थिक तथा कार्य की दृष्टि से समय अनुकूल प्रतीत होता है | परिवार में किसी प्रकार का तनाव उत्पन्न हो सकता है | साथ ही अपनी माता जी के स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है |

धनु : आपका नवमेश होकर सूर्य आपके तृतीय भाव में गोचर कर रहा है | आप जो भी कार्य इस अवधि में करेंगे भली भाँती सोच समझ कर ही करेंगे क्योंकि आपकी निर्णय क्षमता में स्पष्टता की सम्भावना है | सामाजिक स्तर पर आपके सम्मान में वृद्धि की सम्भावना है | आप दूर पास की यात्राओं पर भी भ्रमण हेतु जा सकते हैं | साथ ही धार्मिक कार्यों के प्रति भी आपकी रूचि बढ़ेगी | आपके किसी भाई अथवा बहन का विवाह सम्बन्ध भी इस अवधि में पक्का हो सकता है | किन्तु भाई बहनों के स्वास्थ्य के लिए समय अनुकूल नहीं प्रतीत होता |

मकर : आपका अष्टमेश आपके द्वितीय भाव में गोचर कर रहा है | अचानक ही किसी ऐसे स्रोत से धनलाभ हो सकता है जिसके विषय में आपने सोचा भी नहीं होगा | आपमें से कुछ जातकों को पैतृक सम्पत्ति का लाभ भी हो सकता है | दर्शन शास्त्र, आत्म चिन्तन तथा आध्यात्मिकता की दिशा में आपकी रूचि में वृद्धि हो सकती है | आपके कार्य में प्रगति की सम्भावना है | लेकिन यदि आपने अपनी वाणी पर संयम नहीं रखा तो आपके व्यावसायिक और पारिवारिक दोनों स्तरों पर आपको नुकसान पहुँच सकता है | अतः संयमित भाषा का प्रयोग करें | यदि परिवार मीब किसी के साथ कुछ अत्भेद हो जाए तो परिबार के किसी बुज़ुर्ग व्यक्ति से उस विषय पर राय लेकर उस विवाद को सुलझाने का प्रयास कीजिए | पित्त, सरदर्द जैसी समस्याओं से बचने के लिए खान पान भी सन्तुलित रखने की आवश्यकता है | किसी बुज़ुर्ग का स्वास्थ्य भी चिन्ता का विषय हो सकता है |

कुम्भ : आपके लिए तो आपका सप्तमेश लग्न में गोचर कर रहा है | कार्यस्थल में आपका प्रदर्शन सन्तोषजनक रहेगा जिसके कारण आपके पदोन्नति की भी आशा की जा सकती है | राजनीति से जुड़े लोगों के लिए भी समय अनुकूल प्रतीत होता है | सम्भव है कोई नया पदभार भी आपको सौंप दिया जाए जिसके कारण आपकी व्यस्तताएँ भी बढ़ सकती है | सामाजिक रूप से आप काफ़ी सक्रिय तथा प्रभावशाली बने रह सकते हैं | ऐसा करना आपके कार्य के लिए भी अच्छा रहेगा और इसके दूरगामी अनुकूल परिणाम भी प्राप्त होने की सम्भावना है | प्रेम सम्बन्ध चल रहा है तो वहाँ भी सम्बन्धों में अन्तरंगता बढ़ सकती है | दाम्पत्य जीवन में भी सम्बन्धों में मधुरता की सम्भावना की जा सकती है | किन्तु इस गोचर के कारण आपके क्रोध में वृद्धि भी हो सकती है जिसके कारण सम्बन्धों में तनाव भी उत्पन्न हो सकता है | अतः अपने अकारण क्रोध पर संयम रखने के लिए ध्यान प्राणायाम आदि का अभ्यास अवश्य करते रहें और सूर्य को अर्घ्य प्रदान करते रहें | सरदर्द, ज्वर अथवा किसी प्रकार के इन्फेक्शन के कारण आपका स्वास्थ्य ख़राब हो सकता है अतः इस ओर से सावधान रहें |

मीन : सूर्य आपकी राशि के लिए षष्ठेश होकर द्वादश भाव में गोचर कर रहा है | जो लोग किसी नौकरी में हैं, विशेष रूप से सरकारी नौकरी में – उनके लिए समय विशेष रूप से अनुकूल जान पड़ता है | कोई शुभ समाचार भी इस अवधि में प्राप्त हो सकता है | पदोन्नति के साथ कहीं ट्रांसफर भी हो सकता है | सम्भव है लम्बे समय तक विदेश में प्रवास करना पड़ जाए | आप किहीं बैंक आदि से किसी आवश्यक कार्य के लों लेने पर विचार कर सकते हैं | यदि कोई कोर्ट केस चल रहा है तो उसमें भी प्रगति की सम्भावना है | सम्भव है किसी कोर्ट केस का फैसला भी आपके पक्ष में ही हो जाए | आपको अपनी माता के स्वास्थ्य का विशेष रूप से ध्यान रखने की आवश्यकता है | साथ ही यात्रा आदि के समय अपने Documents को भी सम्भाल कर रखने की आवश्यकता | यात्राओं में अपने भी स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहने की आवश्यकता है |

किन्तु अन्त में, उपरोक्त परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है |

साथ ही, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं | सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2019/02/12/sun-transit-in-aquarius/

 

 

 

सूर्य का धनु में गोचर

रविवार, 16 दिसम्बर, मार्गशीर्ष शुक्ल नवमी को प्रातः नौ बजकर दस मिनट के लगभग भगवान भास्कर बालव करण और व्यातिपत योग में अपने मित्र ग्रह मंगल की वृश्चिक राशि से निकल कर दूसरे मित्र गृह गुरु की धनु राशि और मूल नक्षत्र में प्रविष्ट हो जाएँगे जहाँ शनिदेव पहले से ही विराजमान हैं | यहाँ लगभग एक माह तक भ्रमण करने के पश्चात 14 जनवरी को रात्रि 07:51 के लगभग मकर राशि में केतु के साथ पहुँच जाएँगे | अपनी इस यात्रा के दौरान सूर्यदेव 29 दिसम्बर से पूर्वाषाढ़ तथा 11 जनवरी से उत्तराषाढ़ नक्षत्र पर भ्रमण करेंगे | धनु राशि से सूर्य भाग्येश भी है तथा अपनी स्वयं की राशि सिंह से पंचम भाव और अपनी उच्च की राशि मेष से भाग्य स्थान में सूर्य का गोचर रहेगा | इन्हीं सब तथ्यों के आधार पर संक्षेप में जानने का प्रयास करते हैं कि वृश्चिक राशि में सूर्य के संक्रमण के जनसाधारण पर क्या सम्भावित प्रभाव हो सकते हैं…

मेष : आपकी राशि से पंचमेश आपके भाग्य स्थान में गोचर कर रहा है | निश्चित रूप से आपके लिए यह गोचर भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आपको अपने पिता का सहयोग और समर्थन इस अवधि में निरन्तर उपलब्ध रहेगा | आप अपने व्यवसाय से सम्बन्धित कोई Advance Course भी इस अवधि में कर सकते हैं | कुछ नवीन प्रोजेक्ट्स इस अवधि में आपको प्राप्त हो सकते हैं जिनके कारण आपकी व्यस्तताएँ भी बढ़ सकती हैं | आपकी सन्तान तथा आपके पिता के लिओये भी यह गोचर अनुकूल फल देने वाला प्रतीत होता है | इसके साथ ही धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों की ओर आपका रुझान बढ़ सकता है | समाज में मान प्रतिष्ठा तथा किसी प्रकार पुरूस्कार आदि प्राप्त होने की भी सम्भावना है |

वृषभ : आपकी राशि से चतुर्थेश आपके अष्टम भाव में गोचर कर रहा है | परिवार में अचानक ही किसी प्रकार का तनाव उत्पन्न हो सकता है | किन्तु अपने पिता के सहयोग से आप उस तनाव को दूर करने में भी समर्थ हो सकते हैं | अपने पिता का सहयोग आपकी प्राप्त रहेगा किन्तु गुप्त शत्रुओं की ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है | परिवार में बच्चे के जन्म की ही समभावना इस अवधि में है जिसके कारण परिवार में आनन्द का वातावरण बन सकता है | सामाजिक गतिविधियों में वृद्धि की भी सम्भावना है | साथ ही ड्राइविंग के समय आपको सावधान रहने की आवश्यकता है |

मिथुन : आपकी राशि से तृतीयेश का गोचर आपके सप्तम भाव में हो रहा है | छोटे भाई बहनों के कारण जीवन साथी के साथ किसी प्रकार का तनाव सम्भव है | कार्यस्थल में सहकर्मियों का सहयोग आपको प्राप्त रहेगा | किसी घनिष्ठ मित्र के साथ भी कोई समस्या हो सकती है जिसके निराकरण में आप व्यस्त रह सकते हैं | यदि आप गर्भवती महिला हैं तो आपके लिए विशेष रूप से सावधान रहने की आवश्यकता है | साथ ही यात्राओं में भी स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है | सूर्य की उपासना आपके लिए उचित रहेगी |

कर्क : आपकी राशि से द्वितीयेश का गोचर आपके छठे भाव में हो रहा है | एक ओर जहाँ आपके उत्साह में वृद्धि की सम्भावना है, जिसके कारण आप अपने कार्य समय पर पूर्ण करने में सक्षम हो सकते हैं | आय में वृद्धि के भी संकेत हैं | नौकरी में हैं तो पदोन्नति भी सम्भव है | पॉलिटिक्स में हैं तो आपको किसी पद की प्राप्ति हो सकती है | वहीं दूसरी ओर आपके अपने Temperament के कारण आपके शत्रुओं में भी वृद्धि हो सकती है, अतः इस ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है | पिता का सहयोग आपको प्राप्त रहेगा किन्तु पिता के साथ अकारण बहस आपके हित में नहीं रहेगी |

सिंह : आपके लिए आपके राश्यधिपति का अपनी राशि से पञ्चम भाव में गोचर हो रहा है | कार्य की दृष्टि से, आर्थिक दृष्टि से तथा पारिवारिक स्तर पर यह गोचर आपके लिए अनुकूल प्रतीत होता है | आपकी सन्तान का सहयोग आपको उपलब्ध रहेगा तथा आप अपनी सन्तान के किसी कार्य में व्यस्त रह सकते हैं अथवा आपके पिता को आपके किसी कार्य में व्यस्त रहना पड़ सकता है | आपका यदि स्वयं का व्यवसाय है अथवा मीडिया या आई टी से आपका कोई सम्बन्ध है अथवा किसी प्रकार की Alternative Healing से सम्बन्धित कोई कार्य करते हैं तो आपके लिए उन्नति का समय प्रतीत होता है |

कन्या : आपके लिए आपके द्वादशेश का गोचर आपकी राशि से चतुर्थ भाव में गोचर हो रहा है | आपके लिए कार्य से सम्बन्धित विदेश यात्राओं के योग प्रतीत होते हैं | ये यात्राएँ आपके लिए अनुकूल फल देने वाली सिद्ध हो सकती हैं | तथा इनके कारण आपके कार्य में उन्नति की सम्भावना की जा सकती है | परिवार का कोई अन्य सदस्य भी कहीं भ्रमण के लिए जा सकता है अथवा आप भी सपरिवार कहीं भ्रमण के लिए जा सकते हैं | कार्यस्थल पर सहकर्मियों का सहयोग आपको प्राप्त रहेगा | आप इस अवधि में अपना निवास अथवा कार्यालय भी बदल सकते हैं |

तुला : आपके एकादशेश का गोचर आपके तीसरे भाव में हो रहा है | आर्थिक दृष्टि से तथा कार्य की दृष्टि से आपके लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आपको अपने कार्य के सिलसिले में किसी मित्र के माध्यम से सहायता प्राप्त हो सकती है | आय में वृद्धि के संकेत हैं | भाई बहनों का सहयोग आपको अपने कार्य में प्राप्त हो सकता है | नौकरी में हैं तो अधिकारियों का सहयोग भी आपको प्राप्त रह सकता है | साथ ही किसी सम्मान प्राप्ति की सम्भावना भी है | धार्मिक गतिविधियों में वृद्धि की सम्भावना है | किसी तीर्थ स्थान की यात्रा के लिए भी जा सकते हैं |

वृश्चिक : आपकी राशि से दशमेश का गोचर आपके द्द्वितीय भाव में हो रहा है | कार्य की दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | कुछ नवीन प्रोजेक्ट्स भी आपको इस अवधि में प्राप्त हो सकते हैं जिनके कारण आप दीर्घ समय तक व्यस्त रह सकते हैं तथा अर्थलाभ कर सकते हैं | बड़े भाई तथा अधिकारीगणों का सहयोग आपकोई उपलब्ध रहेगा जिसके कारण आपके कार्य समय पर पूर्ण होते रह सकते हैं | आपकी वाणी इस समय प्रभावशाली बनी हुई है, उसका प्रभाव दूसरों पर अवश्य पड़ेगा | आपके पिता अथवा बड़े भाई के लिए भी यह गोचर भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है |

धनु : आपकी राशि के लिए आपका भाग्येश आपकी लग्न में ही गोचर कर रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आपके कार्य में उन्नति तथा उसके कारण अर्थलाभ की समभावना प्रतीत होती है | सामाजिक गतिविधियों में वृद्धि के साथ ही कुछ नवीन सम्पर्क भी स्थापित हो सकते हैं जिनके कारण आपको अपने कार्य में लाभ प्राप्त हो सकता है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति की सम्भावना इस अवधि में की जा सकती है है | धार्मिक स्थलों की यात्रा के लिए जा सकते हैं | परिवार में आनन्द का वातावरण बना रह सकता है | प्रेम सम्बन्धों में प्रगाढ़ता के संकेत प्रतीत होते हैं | जीवन साथी की तलाश भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है |

मकर : आपकी राशि से अष्टमेश का गोचर आपके द्वादश भाव में हो रहा है | एक ओर यात्राओं में वृद्धि की सम्भावना है तो वहीं दूसरी ओर इन यात्राओं के दौरान आपको दुर्घटनाओं आदि के प्रति भी सावधान रहने की आवश्यकता है | गुप्त शत्रुओं की ओर से भी सावधान रहने की आवश्यकता है | किन्तु यदि समझदारी से काम लिया तो कुछ नया कार्य आरम्भ करके उसे आगे भी बढ़ा सकते हैं | स्वास्थ्य की ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है | गर्भवती महिला हैं और डिलीवरी निकट है तो आपको विशेष रूप से अपनी चिकित्सक के सम्पर्क में रहने की आवश्यकता है |

कुम्भ : आपके सप्तमेश का गोचर आपके लाभ स्थान में हो रहा है | पार्टनरशिप में जिन लोगों का कार्य है उनके लिए यह गोचर भाग्यवर्धक प्रतीत होता है | साथ ही आपको अपने बड़े भाई अथवा अधिकारियों का सहयोग भी इस अवधि में उपलब्ध रह सकता है | साथ ही पॉलिटिक्स से जो लोग सम्बन्ध रखते हैं उन लोगों के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | उन्हें किसी पद की प्राप्ति भी हो सकती है | अविवाहित हैं तो जीवन साथी की तलाश इस अवधि में पूर्ण हो सकती है | आपके बड़े भाई का भी विवाह इस अवधि में सम्पन्न हो सकता है |

मीन : आपका षष्ठेश होकर सूर्य का गोचर आपके दशम भाव में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर मिश्रित फल देने वाला प्रतीत होता है | एक ओर आपके उत्साह में वृद्धि की सम्भावना है तो वहीं कार्य स्थल पर किसी प्रकार का तनाव भी उत्पन्न हो सकता है | किन्तु आप स्वयं ही अपनी बुद्धि से उस तनाव को दूर भी कर सकते हैं | प्रतियोगी परिक्षा की तैयारी जो लोग कर रहे हैं उनके लिए यह गोचर अधिक भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | यदि कोई कोर्ट केस चल रहा है तो उसमें भी अनुकूल दिशा में प्रगति की सम्भावना है | किन्तु साथ ही अपनी माता जी के स्वास्थ्य का विशेष रूप से ध्यान रखने की आवश्यकता है |

अन्त में, उपरोक्त परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है |

साथ ही, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं | सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2018/12/14/sun-transit-in-sagittarius/

 

सूर्य का वृश्चिक में गोचर

आज कार्तिक शुक्ल नवमी को 18:32 के लगभग भगवान भास्कर विशाखा नक्षत्र पर रहते हुए ही बालव करण और व्याघात योग में तुला राशि से निकल कर अपने मित्र ग्रह मंगल की वृश्चिक राशि में प्रस्थान करेंगे, जहाँ पहले से भ्रमण कर रहे उनके मित्र देवगुरु बृहस्पति उनका स्वागत करेंगे | साथ ही इस पूरी यात्रा में सोमसुत बुध भी साथ रहेंगे | यहाँ 16 दिसम्बर को लगभग प्रातः नौ बजकर आठ मिनट तक भ्रमण करने के पश्चात गुरुदेव की ही राशि धनु और मूल नक्षत्र में प्रविष्ट हो जाएँगे | अपनी इस यात्रा के दौरान सूर्यदेव 20 नवम्बर से अनुराधा तथा 03 दिसम्बर से ज्येष्ठा नक्षत्र पर भ्रमण करेंगे | वृश्चिक राशि से सूर्य दशमेश है, गुरु द्वितीयेश तथा पंचमेश और बुध अष्टमेश तथा लाभेश है | इन्हीं सब तथ्यों के आधार पर संक्षेप में जानने का प्रयास करते हैं कि वृश्चिक राशि में सूर्य के संक्रमण के जनसाधारण पर क्या सम्भावित प्रभाव हो सकते हैं…

मेष : आपकी राशि से पंचमेश आपके अष्टम भाव में गोचर कर रहा है | अकारण ही आपके स्वभाव में चिडचिडापन आ सकता है जो सम्बन्धों के लिए उचित नहीं होगा, अतः सावधान रहने की आवश्यकता है | किसी भी स्थिति में आपके माता पिता का सहयोग और समर्थन दोनों आपको प्राप्त रहेंगे | साथ ही नौकरी में हैं तो आपके अधिकारीगणों का सहयोग भी आपको प्राप्त रह सकता है | अचानक ही कुछ नवीन प्रोजेक्ट्स आपको इस अवधि में प्राप्त हो सकते हैं जिनके कारण आपकी व्यस्तताएँ भी बढ़ सकती हैं और आर्थिक स्थिति भी और अधिक दृढ़ हो सकती है | आपकी सन्तान तथा आपके पिता के लिए यह गोचर अनुकूल फल देने वाला प्रतीत होता है |

वृषभ : आपकी राशि से चतुर्थेश सप्तम भाव में गोचर कर रहा है | यदि आपने अपने Temperament पर नियन्त्रण रखा तो आपके लिए यह गोचर अनुकूल फल देने वाला प्रतीत होता है | परिवार में आनन्द का वातावरण बना रह सकता है | परिवारजनों तथा मित्रों का का सहयोग आपको उपलब्ध रहेगा | आप सपरिवार कहीं भ्रमण के लिए जाने का कार्यक्रम भी इस अवाही में बना सकते हैं | अविवाहित हैं तो जीवन साथी की आपकी तलाश भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है |

मिथुन : आपकी राशि से तृतीयेश का गोचर आपके छठे भाव में हो रहा है | सम्पत्ति विषयक कोई विवाद आपके लिए समस्या उत्पन्न कर सकता है | छोटे भाई बहनों के साथ कोई विवाद गंभीर रूप ले सकता है | किन्तु अपने पिता की मध्यस्थता से आप उस विवाद को सुलझाने में समर्थ हो सकते हैं | कार्यस्थल में सहकर्मियों का सहयोग आपको प्राप्त रहेगा | यदि आप गर्भवती महिला हैं तो आपके लिए विशेष रूप से सावधान रहने की आवश्यकता है | साथ ही यात्राओं में भी स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है | सूर्य की उपासना आपके लिए उचित रहेगी |

कर्क : आपकी राशि से द्वितीयेश का गोचर आपके पञ्चम भाव में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आपके उत्साह में वृद्धि की सम्भावना है | जिसके कारण आप अपने कार्य समय पर पूर्ण करने में सक्षम हो सकते हैं | आप अथवा आपकी सन्तान अपने कार्य से सम्बन्धित कोई Short Term Advance Course भी इस अवधि में कर सकते हैं | आय में वृद्धि के भी संकेत हैं | नौकरी में हैं तो पदोन्नति भी सम्भव है | पॉलिटिक्स में हैं तो आपको किसी पद की प्राप्ति हो सकती है | आपके भाई बहनों के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है तथा उनका सहयोग भी आपको उपलब्ध रहेगा |

सिंह : आपके लिए आपके राश्यधिपति का अपनी राशि से चतुर्थ भाव में हो रहा है | कार्य की दृष्टि से, आर्थिक दृष्टि से तथा पारिवारिक स्तर पर यह गोचर आपके लिए अनुकूल प्रतीत होता है | आपके माता पिता तथा सहकर्मियों का सहयोग भी आपको प्राप्त रहेगा | आपका यदि स्वयं का व्यवसाय है अथवा मीडिया या आई टी से आपका कोई सम्बन्ध है अथवा किसी प्रकार की Alternative Healing से सम्बन्धित कोई कार्य करते हैं तो आपके लिए उन्नति का समय प्रतीत होता है | आप इस अवधि में नया घर अथवा वाहन खरीदने की योजना भी बना सकते हैं | किन्तु अपनी माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है |

कन्या : आपके लिए आपके द्वादशेश का गोचर आपकी राशि से तीसरे भाव में गोचर हो रहा है | आपका कार्य विदेश से सम्बन्धित है तो आपकी आय में वृद्धि की सम्भावना की जा सकती है | किसी पुराने मित्र से भी इस अवधि में भेंट हो सकती है और उसके माध्यम से भी आपके कार्य में उन्नति की सम्भावना की जा सकती है | कार्य से सम्बन्धित यात्रा करनी पड़ सकती है | यह भी सम्भव है कि आप सपरिवार कहीं भ्रमण के लिए चले जाएँ | छोटे भाई बहनों के साथ सम्बन्धों में किसी प्रकार के तनाव का अनुभव कर सकते हैं | छोटे भाई बहनों के लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है |

तुला : आपके एकादशेश का गोचर आपके दूसरे भाव में हो रहा है | आर्थिक दृष्टि से तथा कार्य की दृष्टि से आपके लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | आपको अपने कार्य के सिलसिले में किसी मित्र के माध्यम से सहायता प्राप्त हो सकती है | आय में वृद्धि के संकेत हैं | बड़े भाई तथा पिता का सहयोग आपको अपने कार्य में प्राप्त हो सकता है | नौकरी में हैं तो अधिकारियों का सहयोग भी आपको प्राप्त रह सकता है | साथ ही किसी सम्मान प्राप्ति की सम्भावना भी है | स्वस्थ रहने तथा सम्बन्धों में मधुरता बनाए रखने के लिए खान पान पर तथा वाणी पर नियन्त्रण रखने की आवश्यकता है |

वृश्चिक : आपकी राशि से दशमेश का गोचर आपकी लग्न में ही हो रहा है | कार्य की दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | कुछ नवीन प्रोजेक्ट्स भी आपको इस अवधि में प्राप्त हो सकते हैं जिनके कारण आप दीर्घ समय तक व्यस्त रह सकते हैं | आपकी सन्तान के लिए भी यह समय भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आपकी वाणी इस समय प्रभावशाली बनी हुई है, उसका प्रभाव दूसरों पर अवश्य पड़ेगा | किन्तु प्रेम सम्बन्धों के लिए यह गोचर अनुकूल नहीं प्रतीत होता है | प्रेम सम्बन्धों में तनाव उत्पन्न हो सकता है अथवा प्रेम सम्बन्ध टूट भी सकता है | अपना व्यवहार सन्तुलित नहीं रखा तो जीवन साथी के साथ भी सम्बन्धों में दरार उत्पन्न हो सकती है |

धनु : आपकी राशि के लिए आपका भाग्येश आपके बारहवें भाव में गोचर कर रहा है | कार्य से सम्बन्धित विदेश यात्राओं में वृद्धि की सम्भावना है | इन यात्राओं के दौरान कुछ नवीन सम्पर्क भी स्थापित हो सकते हैं जिनके कारण आपको अपने कार्य में लाभ प्राप्त हो सकता है | आप अपना निवास बदल सकते हैं | नौकरी में हैं तो पदोन्नति के साथ स्थानान्तरण भी सम्भव है | धार्मिक स्थलों की यात्रा के लिए जा सकते हैं | परिवार में आनन्द का वातावरण बना रह सकता है | किन्तु ड्राइविंग करते समय सावधान रहने की आवश्यकता है | साथ ही स्वास्थ्य का ध्यान रखने की भी आवश्यकता है |

मकर : आपकी राशि से अष्टमेश का गोचर आपके एकादश भाव में हो रहा है | एकादश भाव में गोचर कर रहा है | कार्य में अकस्मात् किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न होने की सम्भावना है | किसी मित्र अथवा बड़े भाई के साथ सम्बन्धों में कुछ तनाव भी उत्पन्न हो सकता है | गुप्त शत्रुओं की ओर से भी सावधान रहने की आवश्यकता है | किन्तु यदि समझदारी से काम लिया तो कुछ नया कार्य आरम्भ करके उसे आगे भी बढ़ा सकते हैं | स्वास्थ्य की ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है |

कुम्भ : आपके सप्तमेश का गोचर आपके दशम भाव में हो रहा है | पार्टनरशिप में जिन लोगों का कार्य है उनके लिए यह गोचर भाग्यवर्धक प्रतीत होता है | साथ ही पॉलिटिक्स से जो लोग सम्बन्ध रखते हैं उन लोगों के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | उन्हें किसी पद की प्राप्ति भी हो सकती है | परिवार में किसी बच्चे के जन्म की भी सम्भावना इस अवधि में है | साथ ही परिवार में कुछ तनाव की भी स्थिति उत्पन्न हो सकती है | माता पिता के स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है |

मीन : आपका षष्ठेश होकर सूर्य का गोचर आपके नवम भाव में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | यदि कोई कोर्ट केस चल रहा है तो उसमें अनुकूल दिशा में प्रगति की सम्भावना है | किसी पुराने रोग से भी मुक्ति इस अवधि में सम्भव है – अथवा ऐसा भी सम्भव है कि किसी रोग की पहचान होकर उसके उचित दिशा में इलाज़ का मार्ग प्रशस्त हो जाए | यात्राओं में वृद्धि की सम्भावना है | किन्तु ये यात्राएँ सम्भव है आपके लिए बहुत अधिक सुगम्य न हों |

अन्त में, उपरोक्त परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है |

साथ ही, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं | सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2018/11/16/sun-transit-in-scorpio/

 

सूर्य का तुला में गोचर

सूर्य का तुला में गोचर

आज आश्विन शुक्ल अष्टमी/नवमी – शारदीय नवरात्र का एक अत्यन्त महत्त्वपूर्ण दिन – जब सन्धि पूजा की जाती है | दिन में जिस समय भी महाष्टमी और महानवमी का मिलन होता है उस समय यह पूजा सम्पन्न की जाती है | आज 12:49 तक अष्टमी तिथि है और उसके बाद नवमी तिथि आ जाएगी | इस प्रकार यशी काल सन्धि काल है | इस समय से लगभग 24 मिनट पूर्व और 24 मिनट बाद यानी लगभग दो गाढ़ी का मुहूर्त होता है सन्धि पूजा के लिए समर्पित | मान्यता है कि इसी समय चामुण्डा ने चण्ड और मुण्ड का वध किया था | साथ ही आज सरस्वती पूजा का भी अन्तिम दिन है | सर्वप्रथम सभी को महाष्टमी और महा नवमी की हार्दिक शुभकामनाएँ…

आज तुला संक्रान्ति भी है | आज 18:44 के लगभग नवमी तिथि में सूर्यदेव चित्रा नक्षत्र में रहते हुए ही बालव करण और धृति योग में कन्या राशि से निकल कर तुला राशि में प्रस्थान करेंगे | जहाँ 16 नवम्बर को लगभग 18:32 तक भ्रमण करने के पश्चात वृश्चिक राशि में प्रविष्ट हो जाएँगे | सूर्यदेव जिस भी राशि में जाते हैं, कुछ समय के लिए शुक्र और बुध का साथ उन्हें प्राप्त होता ही है | तुला राशि में भी यही स्थिति रहेगी | ध्यान देने योग्य बात है कि तुला राशि सूर्य की नीच की राशि है | अपनी इस यात्रा के दौरान सूर्यदेव 24 अक्टूबर से स्वाति तथा 06 नवम्बर से विशाखा नक्षत्र में भ्रमण करेंगे | तो जानने का प्रयास करते हैं कि तुला राशि में सूर्य के संक्रमण के जनसाधारण पर क्या सम्भावित प्रभाव हो सकते हैं…

मेष : आपकी राशि से पंचमेश आपके सप्तम भाव में गोचर कर रहा है | अकारण ही आपके स्वभाव में चिडचिडापन आ सकता है जो सम्बन्धों के लिए उचित नहीं होगा, अतः सावधान रहने की आवश्यकता है | विशेष रूप से दाम्पत्य जीवन में तथा प्रेम सम्बन्धों में किसी प्रकार की तनाव की सम्भावना हो सकती है | सूर्य की उपासना तथा सूर्य के मन्त्र का जाप आपको बहुत सी समस्याओं से बचा सकता है | साथ ही आपकी सन्तान का स्वभाव भी कुछ उग्र हो सकता है, किन्तु उसका सहयोग आपको प्राप्त होता रहेगा |

वृषभ : आपकी राशि से चतुर्थेश छठे भाव में गोचर कर रहा है | यदि आपने अपने Temperament पर नियन्त्रण नहीं रखा तो प्रेम सम्बन्धों अथवा पारिवारिक सम्बन्धों में दरार की भी सम्भावना है | सम्पत्ति विषयक कोई विवाद आपके लिए समस्या उत्पन्न कर सकता है | यदि आप गर्भवती महिला हैं तो आपके लिए विशेष रूप से सावधान रहने की आवश्यकता है | साथ ही यात्राओं में भी स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है | सूर्य की उपासना आपके लिए उचित रहेगी |

मिथुन : आपकी राशि से तृतीयेश का गोचर आपके पञ्चम भाव में हो रहा है | आपके उत्साह में वृद्धि की सम्भावना है | जिसके कारण आप अपने कार्य समय पर पूर्ण करने में सक्षम हो सकते हैं | आपके भाई बहनों के लिए भी यह गोचर यों तो अनुकूल प्रतीत होता है, किन्तु उनके अपने स्वभाव के कारण उन्हें मानसिक और शारीरिक कष्ट का सामना करना पड़ सकता है जिसके कारण उनके कार्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है | साथ ही आपके साथ भी भाई बहनों का किसी प्रकार का मतभेद इस अवधि में हो सकता है |

कर्क : आपकी राशि से द्वितीयेश का गोचर आपके चतुर्थ भाव में हो रहा है | भाई बहनों के साथ सम्बन्धों में सुधार की सम्भावना की जा सकती है | आर्थिक दृष्टि से यह गोचर आपके लिए अनुकूल प्रतीत होता है | आपके पिता तथा सहकर्मियों का सहयोग भी आपको प्राप्त रहेगा | आपका यदि स्वयं का व्यवसाय है अथवा मीडिया या आई टी से आपका कोई सम्बन्ध है तो आपके लिए उन्नति का समय प्रतीत होता है | आप इस अवधि में नया घर अथवा वाहन खरीदने की योजना भी बना सकते हैं |

सिंह : आपके लिए आपके राश्यधिपति का अपनी राशि से तीसरे भाव में गोचर हो रहा है | आपको किसी घनिष्ठ मित्र के माध्यम से कुछ नवीन प्रोजेक्ट्स इस अवधि में प्राप्त हो सकते हैं | किसी पुराने मित्र से भी इस अवधि में भेंट हो सकती है और उसके माध्यम से भी आपके कार्य में उन्नति की सम्भावना की जा सकती है | किसी प्रकार के पुरूस्कार, सम्मान अथवा पदोन्नति की सम्भावना इस अवधि में की जा सकती है | छोटे भाई बहनों के साथ समय अच्छा व्यतीत होने की सम्भावना है |

कन्या : आपके लिए आपके द्वादशेश का गोचर आपके दूसरे में हो रहा है | आपको अपने कार्य के सिलसिले में किसी विदेशी मित्र के माध्यम से सहायता प्राप्त हो सकती है | यदि आप किसी सरकारी नौकरी में हैं तो आपका ट्रांसफर किसी ऐसे स्थान पर हो सकता है जो आपके मन के अनुकूल न हो | आपका कार्य विदेश से सम्बन्धित है तो आपकी आय में वृद्धि की सम्भावना भी की जा सकती है | किन्तु खर्चों में भी वृद्धि हो सकती है | अतः बजट बनाकर चलना उचित रहेगा | साथ ही स्वास्थ्य की ओर से भी सावधान रहने की आवश्यकता है |

तुला : आपकी लग्न में ही आपके एकादशेश का गोचर आय में वृद्धि के संकेत दे रहा है | आपके लिए यह गोचर कार्य की दृष्टि से भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है, किन्तु साथ ही किसी घनिष्ठ मित्र अथवा बड़े भाई के विरोध का भी सामना करना पड़ सकता है | जीवन साथी के साथ किसी प्रकार का विवाद भी सम्भव है | आवश्यक है कि आप अपने स्वभाव को नियन्त्रण में रखें | प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास आपके लिए सहायक हो सकते हैं |

वृश्चिक : आपकी राशि से दशमेश का गोचर आपके द्वादश में हो रहा है | कार्य से सम्बन्धित विदेश यात्राओं में वृद्धि की सम्भावना है | किन्तु इन यात्राओं के दौरान आपको किसी प्रकार की समस्या का भी सामना करना पड़ सकता है | दूसरी ओर यात्राओं के दौरान कुछ नवीन सम्पर्क भी स्थापित हो सकते हैं जिनके कारण आपको अपने कार्य में लाभ प्राप्त हो सकता है | ड्राइविंग करते समय सावधान रहने की आवश्यकता है | साथ ही स्वास्थ्य का ध्यान रखने की भी आवश्यकता है |

धनु : आपकी राशि के लिए आपका भाग्येश आपके एकादश भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए वास्तव में यह गोचर भाग्यवर्धक प्रतीत होता है | नौकरी में हैं तो पदोन्नति के अवसर प्रतीत होते हैं | अपना स्वयं का कार्य है तो उसमें भी लाभ की सम्भावना है | आपके लिए पराक्रम और मान सम्मान में वृद्धि के संकेत प्रतीत होते हैं | किसी प्रकार का अवार्ड या सम्मान आदि भी आपको इस अवधि में प्राप्त हो सकता है | धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में रूचि बढ़ सकती है |

मकर : आपकी राशि से अष्टमेश का गोचर आपके दशम भाव में हो रहा है | आपके लिए मिश्रित फल देने वाला गोचर प्रतीत होता है | एक ओर अचानक ही किसी ऐसे स्थान से लाभ हो सकता है जहाँ के विषय में आपने सोचा भी नहीं होगा, तो वहीं दूसरी ओर कार्यक्षेत्र में किसी प्रकार के विरोध का भी सामना करना पड़ सकता है | वक़ीलों और डॉक्टर्स के लिये यह गोचर भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | किसी कारणवश आपको निराशा का अनुभव भी हो सकता है | गुप्त शत्रुओं की ओर से भी सावधान रहने की आवश्यकता है |

कुम्भ : पार्टनरशिप में जिन लोगों का कार्य है उनके लिए यह गोचर भाग्यवर्धक प्रतीत होता है | साथ ही पॉलिटिक्स से जो लोग सम्बन्ध रखते हैं उन लोगों के लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | उन्हें किसी पद की प्राप्ति भी हो सकती है | लेकिन किसी महिला सहकर्मी के विरोध का सामना भी करना पड़ सकता है | आप जीवन साथी के साथ कहीं तीर्थ यात्रा के लिए भी जा सकते हैं |

मीन : आपका षष्ठेश होकर सूर्य का गोचर आपके अष्टम भाव में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर अनुकूल नहीं प्रतीत होता | किसी कोर्ट केस के कारण भी आपको समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है | नौकरी में हैं तो किसी विरोध के कारण उसमें भी समस्या उत्पन्न हो सकती है | तनाव के कारण स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है | सूर्य की उपासना आपके लिए आवश्यक प्रतीत होती है |

अन्त में, उपरोक्त परिणाम सामान्य हैं | किसी कुण्डली के विस्तृत फलादेश के लिए केवल एक ही ग्रह के गोचर को नहीं देखा जाता अपितु उस कुण्डली का विभिन्न सूत्रों के आधार पर विस्तृत अध्ययन आवश्यक है |

साथ ही, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं | सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2018/10/17/sun-transit-in-libra/