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शुक्र का मिथुन में गोचर

आज यानी 14 मई को 20:46 के लगभग समस्त सांसारिक सुख, समृद्धि, विवाह, परिवार सुख, कला, शिल्प, सौन्दर्य, बौद्धिकता, राजनीति तथा समाज में मान प्रतिष्ठा में वृद्धि आदि के कारक शुक्र का अपने मित्र बुध की मिथुन राशि में प्रस्थान होगा | इस प्रस्थान के समय शुक्र मृगशिरा नक्षत्र में होगा तथा चतुष्पद करण और सौभाग्य योग होगा | यहाँ नौ जून तक निवास करने के बाद शुक्र आगे कर्क राशि में प्रविष्ट हो जाएगा | इस बीच बीस मई को आर्द्रा नक्षत्र में तथा 31 मई को पुनर्वसु नक्षत्र में शुक्र भ्रमण करेगा | इनमें से मृगशिरा के स्वामी मंगल के साथ न मित्रता है न शत्रुता | इसके अतिरिक्त बुध और शनि के साथ इसकी मित्रता है, तथा बृहस्पति के साथ यह तटस्थ भाव से रहता है | शनि और शुक्र एक दूसरे के लिए योगकारक भी हैं | इन्हीं सब आधारों पर आइये जानने का प्रयास करते हैं कि प्रत्येक राशि के लिए शुक्र के मिथुन में गोचर के सम्भावित परिणाम क्या रह सकते हैं…

मेष : शुक्र आपका द्वितीयेश और सप्तमेश होकर आपके तीसरे भाव में गोचर कर रहा है | एक ओर जहाँ आपके छोटे भाई बहनों के लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है वहीं दूसरी ओर परिवार में माँगलिक आयोजनों की भी सम्भावना है | कलाकारों और हाथ के कारीगरों के लिए भी समय अनुकूल प्रतीत होता है |

वृषभ : आपका राश्यधिपति तथा षष्ठेश होकर शुक्र आपके दूसरे भाव में गोचर कर रहा है | उत्साह में वृद्धि का समय प्रतीत होता है | आपकी वाणी का प्रभाव दूसरों पर पड़ेगा अतः इस समय का लाभ उठाएँ | किसी कोर्ट केस के माध्यम से धन लाभ की सम्भावना है | स्वास्थ्य का जहाँ तक प्रश्न है तो विशेष रूप से महिलाओं को अपनी Gynaecologist से Regular Check-up कराते रहना चाहिए |

मिथुन : आपका पंचमेश और द्वादशेश होकर शुक्र का गोचर लग्न में ही हो रहा है | आप स्वयं अथवा आपकी सन्तान कहीं बाहर से उच्च शिक्षा प्राप्त करके घर वापस आ सकते हैं | सन्तान के साथ सम्बन्धों में मधुरता बनी रहने की सम्भावना है | सन्तान तथा जीवन साथी के स्वास्थ्य का विशेष रूप से ध्यान रखने की आवश्यकता है |

कर्क : आपका चतुर्थेश और एकादशेश होकर शुक्र का गोचर आपके बारहवें भाव में हो रहा है | यदि आपका कार्य कहीं विदेश से सम्बन्धित है तो किसी महिला मित्र के माध्यम से आपको नवीन प्रोजेक्ट्स मिलने तथा र्थ्लाभ की सम्भावना है | आप अपने वर्तमान निवास बेचकर नया घर खरीदने की योजना भी बना सकते हैं | यदि आप कलाकार हैं तो आपको अपनी कला के प्रदर्शन के अवसर उपलब्ध होंगे जहाँ आपकी कला की प्रशंसा के साथ ही आपको आर्थिक लाभ तथा पुरूस्कार आदि भी प्राप्त होने की सम्भावना है | अपनी माता जी के स्वास्थ्य का विशेष रूप से ध्यान रखने की आवश्यकता है |

सिंह : आपका तृतीयेश और दशमेश होकर शुक्र का गोचर आपके लाभ स्थान में हो रहा है | यदि आप दस्कार हैं या गीत-संगीत-नृत्य के कलाकार हैं तो आपको अपनी कला के प्रदर्शन के अवसर उपलब्ध होंगे तथा आपके कार्य की प्रशंसा होगी | सौन्दर्य प्रसाधनों से सम्बन्धित कोई कार्य करते हैं अथवा ब्यूटी पार्लर का व्यवसाय है या Cosmetic Dentist हैं तो आपके लिए भी यह गोचर विशेष रूप से अनुकूल प्रतीत होता है | अपने कार्य में आपको विशेष रूप से महिलाओं सहकर्मियों का सहयोग प्राप्त होने की सम्भावना है |

कन्या : आपका द्वितीयेश और भाग्येश होकर शुक्र दशम भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए भी समय भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आर्थिक रूप से स्थिति में दृढ़ता आने के साथ ही आपके लिए कार्य से सम्बन्धित लम्बी विदेश यात्राओं के योग भी प्रतीत होते हैं | आपको महिला मित्रों के माध्यम से कुछ नवीन प्रोजेक्ट्स भी प्राप्त हो सकते हैं जिनके कारण आप बहुत समय तक व्यस्त रह सकते हैं | साथ ही धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में आपकी रूचि में वृद्धि हो सकती है |

तुला : लग्नेश और अष्टमेश होकर शुक्र आपकी राशि से भाग्य स्थान में गोचर कर रहा है | अप्रत्याशित लाभ की सम्भावना इस अवधि में की जा सकती है | कार्य से सम्बन्धित यात्राओं में वृद्धि के संकेत प्रतीत होते है | साथ ही आपकी रूचि धार्मिक तथा आध्यात्मिक गतिविधियों में बढ़ सकती है | स्वास्थ्य की दृष्टि से भी समय अनुकूल प्रतीत होता है |

वृश्चिक : आपके लिए आपका सप्तमेश और द्वादशेश होकर शुक्र का गोचर आपके अष्टम भाव में हो रहा है | जीवन साथी के स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहने की आवश्यकता है | स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं पर अप्रत्याशित व्यय की भी सम्भावना है | अतः नियमित रूप से चेकअप कराने तथा खान पान के प्रति सजग रहने की स्स्वश्यकता है |

धनु : आपका षष्ठेश और एकादशेश आपके सप्तम भाव में अपनी ही राशि में गोचर कर रहा है | यदि आपका कोई कोर्ट केस चल रहा है तो उसका परिणाम आपके पक्ष में आ सकता है तथा उसके माध्यम से भी आपको अर्थलाभ हो सकता है | यदि आप किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं तो उसमें सफलता प्राप्त होने की सम्भावना है | आपके जीवन साथी के लिए भी कार्य में लाभ की सम्भावना है |

मकर : आपका योगकारक आपके छठे भाव में गोचर कर रहा है | उत्साह में वृद्धि के संकेत हैं | एक ओर जहाँ आपके अपने कार्य के लिए यह गोचर अत्यधिक अनुकूल प्रतीत होता है वहीं दूसरी ओर आपकी सन्तान के लिए भी भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आप यदि वर्तमान कार्य छोड़कर कोई नया कार्य आरम्भ करना चाहते हैं तो उसके लिए भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है |

कुम्भ : आपका भी योगकारक शुक्र आपके पंचम भाव में गोचर कर रहा है | आपके तथा आपकी सन्तान के लिए अत्यन्त भाग्यवर्द्धक समय प्रतीत होता है | परिवार में माँगलिक आयोजन जैसे किसी का विवाह आदि हो सकते हैं जिनके कारण परिवार में उत्सव का वातावरण बन सकता है | परिवार में किसी नए सदस्य का आगमन – जैसे बच्चे का जन्म आदि – भी हो सकता है | साथ ही धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में आपकी रूचि बढ़ सकती है |

मीन : आपके लिए तृतीयेश और अष्टमेश होकर शुक्र का गोचर आपके चतुर्थ भाव में हो रहा है | आपके लिए पारिवारिक दृष्टि से यह गोचर बहुत अधिक अनुकूल नहीं प्रतीत होता | छोटे भाई बहनों के कारण किसी प्रकार का विवाद सम्भव है | किन्तु अपनी माता जी अथवा परिवार किसी बड़ी महिला सदस्य की मध्यस्थता से आप वह विवाद सुलझा सकते हैं | साथ ही परिवार के लोगों का – विशेष रूप से अपनी माता जी के स्वास्थ्य का ध्यान रखने की भी आवश्यकता है |

किन्तु जैसा कि सदा लिखते आए हैं, उपरोक्त परिणाम सामान्य परिणाम हैं, आवश्यक नहीं कि सबके लिए ये बातें सत्य सिद्ध हो जाएँ | किसी व्यक्ति की कुण्डली का अध्ययन केवल ग्रहों के गोचर के आधार पर नहीं किया जा सकता, अपितु बहुत से सूत्रों के आधार पर किसी कुण्डली का अध्ययन किया जाता है तब किसी सम्भावित परिणाम पर पहुँच सकते हैं | इसलिए अधिक सत्य फलकथन के लिए तो आपको किसी Vedic Astrologer से स्वयं मिलकर ही कुण्डली का समग्र अध्ययन कराना होगा…

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