हृदय पटल पर नाम तुम्हारा

(एक रचना “चेहरों की क़िताब” के स्मृति पटल से)

(A poem from the memory of fecebook)

720107725_40105श्वास श्वास में गीत तुम्हारा, हर धड़कन में नाम तुम्हारा

मलय पवन की हरेक छुअन में मिलता है स्पर्श तुम्हारा ||

तुमसे ही जीवन में गति है, मन में तुमसे ही लय भरती

भावों के ज्योतित दीपक में एक भरा बस नेह तुम्हारा ||

सावन की मधु बरसातों में, पावस की मीठी रातों में

इन्द्रधनुष के सप्तरंग में भरा हुआ अनुराग तुम्हारा ||

सूरज की तपती किरणों ने तुमसे ही ये दाहकता ली

चन्दा की इस शुभ्र ज्योत्स्ना में भी है मधु हास तुम्हारा ||

तुमसे मिलकर रजनीगन्धा शरमाती, निज शीश झुकाती

चम्पा और चमेली में है भरा हुआ आह्लाद तुम्हारा ||

मेरे व्याकुल नयन निरखते तुमही को हर कण हर पल में

क्यों न कहो फिर ह्रदय पटल पर लिख कर रक्खूँ नाम तुम्हारा ||